जीएसटी के खिलाफ लगातार लिखने वाले पत्रकार संजय कुमार सिंह की फर्म का चालू खाता बैंक ने ब्लॉक किया

जीएसटी की प्रयोगशाला की अपनी अंतिम किस्त लिख चुका हैं. यह 100 वीं किस्त है. इसी दरम्यान पता चला कि एचडीएफसी बैंक ने केवाईसी के चक्कर में (मतलब, जीएसटी जैसा कोई पंजीकरण हो) मेरी फर्म का चालू खाता ब्लॉक कर दिया है जबकि नियमतः मुझे किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अब आयकर रिटर्न व टीडीएस चालू खाता चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। फिर भी हमें डिजिटल लेन-देन करना है। अभी उससे निपटना है।

ये तो आईसीआईसीआई बैंक वालों की गुंडागर्दी है! (सुनें टेप)

बिना आधार कार्ड बैंक एकाउंट नहीं खोल रहे आईसीआईसीआई वाले! ICICI Bank, sector 4, Gurgaon शाखा ने एकाउंट खोलने के लिए आधार मांगा और कहा कि RBI के निर्देशानुसार, आधार के बिना एकाउंट नहीं खोल सकते। जब उनसे RBI के निर्देशों की कॉपी मांगी गई तो बैंक की कर्मचारी रानी सिंह ने कहा कि वे निर्देशों की कॉपी ईमेल पर भेज देंगी। ईमेल पर नहीं भेजा तो फिर फोन बात हुई। उन्होंने बहाने बनाने शुरू कर दिए और निर्देशों की कॉपी नहीं दी।

देश में आर्थिक आपातकाल लगा जनता को बुरे हाल में छोड़ कर विदेश निकल लिए प्रधानमंत्री जी (देखें वीडियो)

Abhishek Sharma : मोदी जी, झांसा किसे? बहुत बड़ा अर्थशास्त्री नही हूँ, जितना आम आदमी को अर्थ की जानकारी है, हां, उससे थोड़ा 19-20 होगा ही। 24 घंटे का ड्रामा बहुत हो गया। अब आप जापान निकल लिए। ठीक है। जरुरी दौरे करें। देश तरक्की करे। आपके दौरों से इससे ज्यादा न मुझे न किसी और को कुछ चाहिए। बात अचानक नोट बंद करने की है। इतना तो मैं क्या आम आदमी भी जानता है कि देश के कुल धन का आधा टॉप 100 उद्योगपतियों के पास है। इनको सरकार नये इन्वेस्टमेंट में छूट देती है, लोन देती है, उनको कागजी मदद भी।

बड़ौदा ग्रामीण बैंक ने एक निजी कंपनी का बीमा अपने ग्राहकों को जबरन बेचना शुरू किया

अटल पेंशन योजना व प्रधानमन्त्री बीमा योजना को ठेंगा दिखाकर आजकल बड़ौदा ग्रामीण बैंक एक निजी कंपनी का बीमा अपने ग्राहकों को जबरन बेंच रही है। इसके लिये शाखा प्रबन्धकों पर जबरन पॉलिसी बेचने का दबाव है। जो प्रबन्धक इस बीमा कंपनी इंडिया फर्स्ट की पॉलिसी नहीं बेचेंगे उन्हें चार्जशीट मिलेगी। उत्पीड़न होगा और इन्क्रीमेंट रुकेगा। इस बीमा कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं, अधिकारी नहीं व अभी तक यूपी में कोई कार्यालय भी नहीं।

कर्जखोर माल्या पर सिस्टम की दरियादिली से दुखी वेस्ट यूपी के एक प्रगतिशील किसान ने सुनाई आपबीती

Mukesh Yadav : किसान Vs माल्याज : नीचे एक किसान की आपबीती है… यह पोस्ट इस व्यवस्था का आईना है, जरूर पढ़िए. अंधभक्त भी देखें कि ‘सीमा पर जवान, खेत में किसान’ शहादत दे रहे हैं और माल्या अम्बानी अडानी जैसे लुटेरे टैक्सपेयर्स का पैसा लूटकर प्रधामनंत्री टाइप के लोगों को किस तरह जेब में रखते हैं. संविधान इनकी डस्टबिन में पड़ा है और जज पुलिस इनकी ‘शुभ दीपावली’ की मिठाई खाकर जमीर इनके यहां गिरवी रख चुके हैं. अब आप बताइये कौन देशभक्त और कौन देशद्रोही?

वेब जर्नलिस्ट मुकेश यादव के फेसबुक वॉल से.

आजीविका और सामाजिक सुरक्षा के लिए अपराध, दहेज के लिए डकैती

एक थोड़ा चौंकानेवाला समाचार आया है। बिहार के भागलपुर जिले में एक पिता ने बेटी का दहेज जुटाने के लिए बैंक में डाका डाला। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों की गिरफ़्तारी की और उनके पास से छह लाख रुपये बरामद किए हैं।