पंजाब केसरी के मालिक विजय चोपड़ा को जज ने दिखाई औकात, कोर्ट रूम से बाहर निकाला

मीडिया के मालिकों की ऐंठन को ठीक करने का काम कई ईमानदार किस्म के न्यायाधीश कर डालते हैं. ऐसा ही एक मामला पंजाब के होशियारपुर का है. यहां गलत खबर छापने के एक मामले में निजी पेशी हेतु आए पंजाब केसरी के मालिक विजय चोपड़ा सीधे कोर्ट रूम में घुस गए. तब जज ने उन्हें फटकारते हुए कोर्ट रूम के बाहर जाने को कहा और आवाज लगने पर ही अंदर आने के आदेश दिए.

ट्विटर : मोदी पर मजाकिया मैटर साझा करने वाले पत्रकारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग

न्यूज एजेंसी एएनआई उस व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करेगी, जिसने उसके ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाने के लिए किया है। ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाता हुआ ट्वीट किया गया है। इस बीच ट्विटर पर इस तस्वीर को शेयर करने वाले एक पार्टी के नेता और कई पत्रकारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के 25 कर्मचारी मजीठिया के लिए गए हाईकोर्ट, नोटिस जारी

दैनिक भास्कर से सबसे ज्यादा मीडियाकर्मी मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी एरियर पाने के लिए कोर्ट की शरण में गए हैं. ये संख्या हजारों में हो सकती है. ताजी सूचना होशंगाबाद यूनिट से है. यहां के करीब 25 मीडियाकर्मियों ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. जब इसकी खबर भास्कर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को मिली तो इन्होंने हाईकोर्ट जाने वालों कर्मियों को एक एक कर अलग अलग केबिन में बुलाया और धमकाना शुरू कर दिया. इन्हें नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी भी दी गई है. कर्मचारियों से कहा गया कि उन्हें सात दिन गैर-हाजिर दिखाकर नौकरी से टर्मिनेट कर दिया जाएगा.

मजीठिया वेज बोर्ड : खुलकर और गोपनीय रूप से लड़ने का रास्ता अब भी है खुला

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील उमेश शर्मा का कहना है कि मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर ढेर सारे मीडियाकर्मियों को फोन और सवाल आ रहे हैं. सभी ये जानना चाहते हैं कि क्या अब खुलकर या गोपनीय रूप से लड़ने का रास्ता बंद हो चुका है या कोई विकल्प है. ऐसे में सबको बताया जाना चाहिए कि अब भी रास्ता खुला हुआ है. जो लोग खुलकर लड़ना चाहते हैं उनकी लड़ाई हाईकोर्ट के जरिए लड़ी जाएगी. जो लोग गोपनीय रूप से लड़ना चाहते हैं, उसके लिए भड़ास पर दुबारा मुहिम शुरू किया जा रहा है.

रेप-उत्पीड़न की शिकार मेडिकल छात्रा का केस सुप्रीम कोर्ट के वकील उमेश शर्मा लड़ेंगे, पीड़िता ने जारी की रेपिस्ट की तस्वीरें

(पीड़ित मेडिकल छात्रा द्वारा न्याय के लिए बनाए गए फेसबुक पेज के लैटेस्ट स्टेटस का स्क्रीनशाट जिसमें उसने रेपिस्ट की तस्वीरें जारी की हैं.)


भड़ास पर प्रकाशित दिल्ली की एक मेडिकल छात्रा के रेप-उत्पीड़न की खबर पढ़कर सुप्रीम कोर्ट के वकील उमेश शर्मा ने अपनी तरफ से पहल करते हुए पूरे मामले की कानूनी लड़ाई को अपने हाथ में ले लिया है. इस सार्थक पहल से न्याय के लिए दर-दर भटक रही छात्रा के मन में उत्साह का संचार हुआ है और अब उसे यकीन है कि रेपिस्ट और चीटर मनोज कुमार को दंड मिलेगा.

7 फरवरी के बाद मजीठिया के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकेंगे, भड़ास आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार

जी हां. ये सच है. जो लोग चुप्पी साध कर बैठे हैं वे जान लें कि सात फरवरी के बाद आप मजीठिया के लिए अपने प्रबंधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं जा पाएंगे. सात फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक साल पूरे हो जाएंगे और एक साल के भीतर पीड़ित पक्ष आदेश के अनुपालन को लेकर याचिका दायर कर सकता है. उसके बाद नहीं. इसलिए दोस्तों अब तैयार होइए. भड़ास4मीडिया ने मजीठिया को लेकर आर-पार की लड़ाई के लिए कमर कस ली है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील उमेश शर्मा की सेवाएं भड़ास ने ली है.

( File Photo Umesh Sharma Advocate )

देहरादून में आज तक और आईबीएन7 के रिपोर्टरों दिलीप सिंह राठौर व संजीव शर्मा पर मुकदमा दर्ज

देहरादून से एक बड़ी खबर आ रही है. दो न्यूज चैनलों के स्थानीय रिपोर्टरों पर मुकदमा दर्ज हो गया है. ये दो हैं आजतक के रिपोर्टर दिलीप राठौर और आईबीएन7 के रिपोर्टर संजीव शर्मा. आरोप है कि आज तक के रिपोर्टर ने बीते दिनों मीडिया सेंटर में एक-दूसरे व्यक्ति के साथ मार-पीट व गाली-गलोच कर दी थी.  बीच-बचाव करने आये दूसरे पत्रकारों को भी नहीं बख्शा. इस कारण कई लोग दिलीप से नाराज हो गए. पीड़ित विरेंदर सिंह द्वारा दी गई शिकायत पर धारा चौकी में पुलिस ने आजतक और आईबीएन7 के रिपोर्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.