काला कानून वापस लेने तक ‘पत्रिका’ अखबार में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़ी खबरें नहीं छपेंगी

Pushya Mitra : राजस्थान की रानी के आगे रीढ़ सीधी करके खड़े होने के लिये पत्रिका समूह का शुक्रिया। आजकल यह संपादकीय परंपरा विलुप्त होती जा रही है। मगर एक बात मैं कभी भूल नहीं सकता कोठारी जी, आप अपने ही कर्मियों के तन कर खड़े होने को पसंद नहीं करते। मजीठिया वेतनमान मांगने वाले हमारे पत्रकार साथियों को पिछले दो साल से आप जिस तरह प्रताड़ित कर रहे हैं, किसी को नौकरी से निकाल रहे हैं, किसी का दूरदराज तबादला कर रहे हैं। यह जाहिर करता है कि आपमें भी उसी तानाशाही के लक्षण हैं, जो राजस्थान की महारानी में हैं।

‘राजस्थान पत्रिका’ अखबार का एक और कारनामा… ‘श्रीमती राहुल गांधी’ छाप डाला!

सीधी बात तो यह है कि ‘पत्रिका’ अखबार खुद में ब्लंडर्स का स्पेशल एडिशन है। इसी फेहरिस्त में चुरु से निकलने वाला ‘पत्रिका’ का एडिशन भी पीछे नहीं रह गया है। दरअसल 15 अगस्त के मौके पर कांग्रेस पार्टी की ओर से मिले बड़े से विज्ञापन में वहां के होनहार कर्मियों ने सोनिया गांधी के साथ राहुल गांधी को भी “श्रीमती” लगाकर बड़े में छाप दिया। अब पत्रिका या कोठारी जी को गलतियां भूलकर आगे बढ़ने की आदत होगी लेकिन उनका क्या, जिनको लगता है कि गलतियां सबक लेने के लिए होती हैं, न कि एक लेवल ऊपर होकर फिर से करने की चीज।

राजस्थान पत्रिका प्रबंधन से श्रम विभाग ने पूछा- क्यों नहीं दिया मजीठिया, कारण बताओ

राजस्थान पत्रिका के एमडी को श्रम विभाग ने नोटिस भेजकर उपस्थित होने को कहा

जयपुर। सर्वोच्च न्यायालय के मजीठिया वेज बोर्ड के मामले में 19 जून को दिए गए फैसले के बाद पत्रकारों की उम्मीदों को झटका जरूर लगा था, लेकिन इस फैसले के बाद पत्रकारों की उम्मीदों को नए पंख भी मिल गए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर के श्रम कार्यालयों में मजीठिया वेज बोर्ड को हल्के में नहीं ले रहे हैं। लेबर विभाग को लेकर आम धारणा है कि यहां सालों साल मामले ​खिंचते चले जाते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद श्रम विभाग को लेकर मजबूरी में ही सही सक्रिय होना पड़ रहा है।

‘पत्रिका’ अखबार ने जिंदा मंत्री को ‘मार’ कर श्रद्धांजलि तक दिलवा दिया!

राजस्थान पत्रिका के जालोर एडिशन में 10 अगस्त को ‘पूर्व केन्द्रीय मंत्री को श्रद्धांजलि दी’’ शीर्षक से एक खबर प्रकाशित हुई. इसमें राजस्थान के जीते-जागते विधायक व मंत्री को भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धांजलि दी जाने संबंधी खबर प्रकाशित कर दी गई. गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली में अजमेर सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांवर लाल जाट का निधन हो गया. इसकी खबरें सभी टीवी न्यूज चैनल्स पर पूरे दिन चलीं और सभी अखबारों में फ्रंट पेज पर भी छपीं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया पत्रकार गिरिराज शर्मा पर मानहानि का मामला दर्ज करने का आदेश

रायपुर। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन सिंह तथा उनकी पत्नी के विरूद्ध तथ्यहीन तथा दुराग्रहपूर्ण समाचार प्रकाशित करने के आरोप में रायपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र ”पत्रिका” के तत्कालीन संपादक गिरिराज शर्मा के विरूद्ध मानहानि का फौजदारी प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया. कोर्ट ने न्यायायिक दंडाधिकारी रायपुर को प्रकरण दर्ज कर प्रतिवादी, को सम्मन जारी करने के लिये आदेशित किया है.

पत्रिका, मंदसौर आफिस में कार्यरत मुरली मनोहर शर्मा की अमानवीय और घटिया हरकत

Shri Maan ji, mei Mandsaur Patrika me circulation back office or account ka work dekhta thha. 25.01.2016 Ko muje Murli Manohar Sharma davra cabin me Bulaya Gaya. Khaa Gaya ki kal se aap Ko nokari par nahi aana he. Mene uska reson puchha to bole koi reson nahi hei. Mene Khaa thik hei, mujhe letter de do aap to me kal se office nahi ayunga. Lekin letter Dene se bhi Mana kar diya.