संगीत से भरे इस शख्स को सुनिए तो जरा! (देखें वीडियो)

जेएनयू से पढ़े लिखे प्रत्यूष पुष्कर बहुमुखी प्रतिभा के धनी है. वे संगीत, कविता, अध्यात्म, कला, साहित्य, विज्ञान, मनोविज्ञान, स्पेस, समुद्र, जीव, प्रकृति हर क्षेत्र के बारे में जानते हैं, और ज्यादा जानने के लिए उत्सुक रहते हैं. प्रत्यूष बिना साज-सज्जा, बिना तैयारी भी विलक्षण होते हैं, गाते-बजाते-सुनाते.

यशवंत की कुछ एफबी पोस्ट्स : चींटी-केंचुआ युद्ध, दक्षिण का पंथ, मार्क्स का बर्थडे और उदय प्रकाश से पहली मुलाकात

Yashwant Singh : आज मैं और Pratyush Pushkar जी दिल्ली के हौज खास विलेज इलाके में स्थित डिअर पार्क में यूं ही दोपहर के वक्त टहल रहे थे. बाद में एक बेंच पर बैठकर सुस्ताते हुए आपस में प्रकृति अध्यात्म ब्रह्मांड आदि की बातें कर रहे थे. तभी नीचे अपने पैर के पास देखा तो एक बिल में से निकल रहे केंचुए को चींटियों ने दौड़ा दौड़ा कर काटना शुरू किया और केंचुआ दर्द के मारे बिलबिलाता हुआ लगा.

जेएनयू से निकला एक संत, प्रत्यूष पुष्कर को सलाम करो (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : जेएनयू से लोग अफसर बनकर निकलते हैं, नेता बनकर निकलते हैं, इतिहासकार बनकर निकलते हैं, शिक्षक बन जाते हैं, पर बहुत कम लोग संत बनते हैं. प्रत्यूष पुष्कर उनमें से एक हैं. ये शुरुआती दिनों में मीडिया में रहे हैं. आशीष खेतान के साथ काम कर चुके हैं. फ्रीलांस फोटो जर्नलिस्ट के बतौर पूरा देश घूम चुके हैं. इन दिनों वे आर्ट और अध्यात्म पर काम कर रहे हैं.