राम बहादुर राय को वोटिंग का अधिकार देना पड़ा, प्रेस क्लब प्रबंधन झुका, देखें वीडियो

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव में राम बहादुर राय को वोट देने का अधिकार क्लब प्रबंधन को देने के लिए मजबूर होना पड़ा. ड्यूज न जमा करने का हवाला देकर राय साहब की सदस्यता रद्द कर दी गई थी. इसके खिलाफ राय साहब ने प्रेस क्लब चुनाव के दौरान विरोध का ऐलान कर दिया था. वे चुनाव के दिन मौके पर पहुंचे और वोट देने का अधिकार मांगा. इससे हड़बड़ाए क्लब प्रबंधन ने तुरंत उनका ड्यूज जमा कराने के बाद उन्हें वोटिंग का राइट दे दिया.

देखें मौके से तैयार किया गया वीडियो….

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

प्रेस क्लब आफ इंडिया : पत्रकारों की नौकरी जाने पर चुप्पी, मालिकों के यहां छापे पड़ते ही विरोध प्रदर्शन

संदीप ठाकुर


प्रेस क्लब आफ इंडिया ने एनडीटीवी के मालिक प्रणव रॉय और राधिका रॉय के
यहां पड़े सीबीआई छापे के विरोध में शुक्रवार यानी 9 जून यानि आज प्रोटेस्ट
मीटिंग बुलाई है। क्लब का मानना है कि सीबीआई की कार्रवाई देश के चौथे
स्तंभ यानी मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। क्या वाकई ऐसा है। सीबीआई
का छापा क्या किसी खबर को लेकर मारा गया था या फिर प्रणव राय की कई
कंपनियों में से एक कंपनी की करतूत की जांच के सिलसिले में मारा गया था।
आगे लिखने से पहले चंद उदाहरण…

1. बंगाल का Saradha Scam। सुदिप्तो सेन एक Ponzi Scheme चला लाखों गरीब
लोगों का 6000 करोड़ से ज़्यादा डकार गया। इस रकम से उसने Saradha Media
House की भी स्थापना की थी। उसका एक News Channel और एक अखबार भी निकलता
था । सुदिप्तो सेन आज जेल में है। ये कानूनी कार्यवाही प्रेस के खिलाफ
कार्यवाही मानी जायेगी क्या?

2. सहारा समूह के मालिक सुब्रत राय News Channel और अखबार चला रहे हैं और
20 हजार करोड़ के गबन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जेल में हैं। सुब्रत
राय के खिलाफ कार्यवाही प्रेस के उपर हमला माना जाएगा क्या?

3. न्यूज एक्सप्रेस चैनल का मालिक बालाजी भापकर परिवार सहित जेल में है।
चिट फंड कंपनी का मालिक था। करोड़ों का घोटाला किया। क्या यह प्रेस पर
हमला है?

4. लाइव इंडिया चैनल का मालिक महेश मुत्तेवार जो चिटफंड कंपनी चलाता
था, इन दिनों जेल में है। क्या यह भी प्रेस पर हमला है?

5. तहलका मैग्जीन का समूह संपादक तरुण तेजपाल सेक्सुअल हैरासमेंट में जेल
गया, क्या यह भी प्रेस पर हमला था?

6. सुदर्शन news का मालिक सुरेश चह्वाणके पिछले दिनों बलात्कार के आरोप में
गिरफ्तार हुआ था, क्या इसे भी प्रेस पर हमला कहेंगे?

7. देशभक्ति पर भाषण देने वाला जी न्यूज का एंकर सुधीर चौधरी 100 करोड़ की
वसूली के चक्कर में गिरफ्तार हुआ था, क्या यह भी प्रेस पर हमला था?

8. Star News का सीईओ रहा पीटर मुखर्जी अपनी बेटी की हत्या के जुर्म में
पत्नी इंद्राणी मुखर्जी के साथ जेल में बंद है, क्या यह भी फ्री प्रेस पर
हमला है?

9. कुबेर टाइम्स, जेवीजी टाइम्स नामक अखबार लाने वाले मालिकों को भी
चिटिंग व फॉड के मामले में गिरफ्तार किया गया था, क्या यह भी प्रेस पर
हमला था?

10. चैनल पी7, शुक्रवार और बिंदिया पत्रिका का मालिक निर्मल सिंह भंगू
28 हजार करोड़ के घोटाले में जेल में है। क्या इसे मीडिया के खिलाफ
कार्रवाई कहेंगे?

फेहरिश्त काफी लंबी है वैसे लाोगों की जो मीडिया की आड़ में अपना उल्टा
सीधा धंधा चलाते हैं और जब इन पर कोई कानूनी कार्रवाई होती है तो उसे
मीडिया पर हमला बता शोर मचाने लगते हैं। प्रणव राय के मामले में भी यही
हो रहा है।

एडिटर्स गिल्ड से लेकर प्रेस क्लब आफ इंडिया तक प्रेस की
आजादी के नाम पर रॉय के साथ खड़ा नजर आ रहा है। वैसे वर्तमान सरकार में
मीडिया भोंपू का काम कर रहा है। मानता हूं। साथ ही यह भी मानता हूं कि
एनडीटीवी भोंपू चैनलों से थोड़ा अलग है। लेकिन वह भी कोई दूध का धुला
नहीं। प्रणव राय के खिलाफ 7 मामले दर्ज हैं। क्या इन मामलों में होने
वाली हर कार्रवाई के बाद प्रेस क्लब विरोध मीटिंग बुलाएगा? प्रेस क्लब
पत्रकारों का क्लब है, न कि मालिकों का। जब पत्रकारों की नौकरी जाती
है तब प्रेस क्लब क्यों नहीं आगे आता है। आज तक कितने पत्रकारों की
नाौकरी के लिए प्रेस क्लब लड़ा है? जरा सोचिए।

लेखक संदीप ठाकुर प्रेस क्लब आफ इंडिया के सदस्य हैं और दिल्ली के कई अखबारों चैनलों में वरिष्ठ पद पर कार्य कर चुके हैं. उनसे संपर्क sandyy.thakur32@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.

संदीप ठाकुर का लिखा ये भी पढ़ें….

xxx

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

इन 315 पत्रकारों पर है प्रेस क्लब आफ इंडिया का बकाया, देखें लिस्ट

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के तीन सौ पंद्रह सदस्यों पर क्लब का पैसा बकाया है. क्लब की प्रबंधन समिति ने सभी को मेल भेज कर बकाया जमा करने का अनुरोध किया है. कुछ पत्रकारों पर क्लब की सालाना सदस्यता शुल्क बकाया है तो कइयों पर खाने-पीने का पैसा बाकी है.

प्रेस क्लब आफ इंडिया का कहना है-

” कुल 315 सदस्यों ने पत्र और फोन के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं की. पैसे न देने वाले डिफाल्टर सदस्यों की लिस्ट जारी की जा रही है. पिछले सालों के सदस्यता शुल्क चुकाने की आखिरी तारीख 15 अप्रैल 2017 है. अब वार्षिक सदस्यता शुल्क अप्रैल में ही देना होगा. जो सदस्य अप्रैल में वार्षिक सदस्यता शुल्क नहीं चुकाएंगे उन्हें क्लब की सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा.”

डिफाल्टर पत्रकारों के नाम और बकाया राशि देखें…

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

काक्रोच क्लब आफ इंडिया में तब्दील हो गया पीसीआई! (देखें वीडियो)

प्रेस क्लब आफ इंडिया को अगर काक्रोच क्लब आफ इंडिया भी कह लें तो कोई बुरा न मानेगा क्योंकि एक तो वैसे ही होली नजदीक है और दूजे प्रेस क्लब की टेबल पर सरेआम काक्रोच घूमते टहलते और आपके खाने में मुंह मारते मिल जाएंगे. सबकी दुर्व्यवस्था की खोज खबर रखने वाले पत्रकारों के अपने ही क्लब का क्या हाल है, इसे देखने लिखने वाला कोई नहीं.

पिछले दिनों भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह जो प्रेस क्लब आफ इंडिया के सदस्य भी हैं, क्लब पहुंचे और खाने-पीने का आर्डर किया तो देखा कि एक काक्रोच बार-बार टेबल के बीच में आकर उन्हें सलामी देकर वापस नीचे चला जा रहा है. कई बार जान-बूझ कर अनदेखा करने के बावजूद जब काक्रोच जिद पर अड़ा रहा कि वीडियो बनाकर न्यूज छापो तो यशवंत को मजबूरन अपना मोबाइल कैमरा आन करना पड़ा और गवाह के बतौर क्लब के एक वेटर को सामने खड़ा करके सवाल करना पड़ा ताकि कोई यह न कह सके कि वीडियो फेक है.

हालांकि खुद के घर की गंदगी को दबाने, तोपने, ढंकने की जिम्मेदारी घर के सदस्यों पर रहती है और घर की बात घर में ही रह जाए टाइप भावना जोर मारती रहती है, लेकिन जब गंदगी इतनी हो जाए कि बदबू आने लगे तो इसे दुनिया समाज के सामने लाना जरूरी हो जाता है ताकि गंदगी और बदबू की सफाई के लिए कोई अभियान चल सके.

भड़ास के एडिटर यशवंत ने फेसबुक पर कुछ यूं लिखा है :

Yashwant Singh : प्रेस क्लब इंडिया या काक्रोच क्लब आफ इंडिया! परसों प्रेस क्लब गया. खाने-पीने का आर्डर किया. अचानक एक छोटे जीव ने ध्यान खींचा. एक प्यारा-सा काक्रोच बार-बार टेबल के बीच में आकर मुझे सलामी देकर वापस नीचे चला जाता, इठलाते हुए. कई बार अनदेखा किया. पर नटखट और पब्लिसिटी का भूखा यह चुलबुल काक्रोच जिद पर अड़ा रहा कि हे यशवंत, वीडियो बनाकर मेरी न्यूज छापो, दुनिया को मेरे अस्तित्व और विकास के बारे में बताओ. आखिरकार मुझे मजबूरन अपना मोबाइल कैमरा आन करना पड़ा. गवाह के बतौर क्लब के एक वेटर को सामने खड़ा करके इस प्राणी के क्लब में ठाठ से वास करने के बारे में जानकारी हेतु सवाल किया. आप भी देखें वीडियो..

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

यूपी के हर जनपद में बनेंगे प्रेस क्लब… मुख्यमंत्री अखिलेश ने दिए निर्देश

अलीगढ़। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा प्रत्येक जनपद में एक प्रेस क्लब भवन का निर्माण कराये जाने के दिये गये निर्देशों का स्वागत करते हुये मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष सुबोध सुहृद व महामंत्री आर.पी. शर्मा ने कहा है कि देर आये दुरुस्त आये। अलीगढ़ से उठी प्रेस क्लब निर्माण की मांग को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पूरे प्रदेश के हर जनपद में लागू करना बेहद सराहनीय है और उन्होंने यह करके मीडिया के लिये बहुत अच्छा काम किया है।

महामंत्री आरपी शर्मा ने कहा है कि लगभग 22 माह पूर्व अक्टूबर 2013 में प्रान्तीय नेता राजेश सैनी द्वारा प्रेस क्लब निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले प्रेस क्लब निर्माण को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की गई थी। मुख्यमंत्री से अपील की गई थी कि सरकार द्वारा प्रदेश के हर जनपद में प्रेस क्लब बनवा देने से सरकार द्वारा लागू किये जाने वाली योजनाओं का आम जन तक प्रचार प्रसार हो सकेगा। सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव द्वारा अप्रैल 2015 में प्रेस क्लब बनाए जाने की मुख्यमंत्री से मांग करते हुये पत्राचार किया गया था। वहीं 4 जून 2015 को कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह खां द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में प्रेस क्लब निर्माण की लम्बे अरसे से चली आ रही मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का वायदा किया था।

गत 25 अगस्त को कोल विधयक द्वारा मुख्यमंत्री से पुनः प्रेस क्लब निर्माण की मांग की गई। इस दौरान उनके द्वारा अलीगढ़ के पत्रकारों के एक शिष्ट मंडल की मुलाकात का भी समय मांगा गया। इस प्रकरण को प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री द्वारा गंभीरता से लेते हुये शुक्रवार दोपहर प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल एवं निदेशक आशुतोष निरंजन के साथ बैठक कर पूरे प्रदेश के हर जनपद में प्रेस क्लब निर्माण कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के महामंत्री आर.पी शर्मा ने कहा है कि हर जनपद में प्रेस क्लब का निर्माण होने से पत्रकारों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों व राजनैतिक दलों, अधिकारियों को भी बड़ी राहत की सांस मिलेगी। वहीं अलीगढ़ के पत्रकारों की वर्षों से चली आ रही मांग भी पूरी होगी। 2012 में प्रेस क्लब निर्माण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना भी दिया गया था।

आर.पी शर्मा
महामंत्री
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति
अलीगढ़

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Clean up, removal of fake journalist from press club Jammu demanded

Jammu : After much hyped elections of Jammu Press club wherein Ashwani Kumar group made a clean sweep on the bases of the promises made by them including the promise of clean up of press club so as to restored its prestige and glory, senior journalist and Bureau Chief Sahara Samay Jammu and Kashmir Nirmal Singh Pachnanda alias Jyoti who secured 174 votes (For executive member post) in recently Press club election today demanded immediate clean up of Press club by immediate removal of fake journalists registered in Press club.

As per the details, Pachnanda write a detail letter to the management of the press club Jammu and draw the attention of the management towards unfortunate situation where under a hallowed institution like Press Club of Jammu which was founded with the high aims to protect and preserve the legal and constitutional rights of journalist members and with a view to provide Journalist members means of professional, educational, social, cultural and recreational activities and  to establish and/or support institutions and activities designed for training of working journalists and advancement of their professional skill and equipment and to promote and/or finance on its own or in co-operation with other institutions project for the education and training of journalists, in nutshell an institution for the journalists, of the journalists and by the journalists, has been reduced to a private club of illegal Press Club of Jammu members.

“These illegal Press Club of Jammu members are businessmen, managing directors, government employees, bank employees, commercial photographers, wine shop owners, property dealers, Proprietors and owners, and others. In nutshell there is induction of people who have no connection with journalism, who have virtually taken over this hallowed institution destroying its very purpose” stated Pachnanda in his letter, added that “I would like to bring to your kind notice the issue of fake journalist members in the club, which is not only contrary to the spirit and founding principles of Press Club of Jammu, but these fake journalist members have been made members contrary to the Memorandum and Articles of Association and Bye Laws of Press Club of Jammu”.

He stated that if going from above mentioned facts, it is clear that firstly only a full time journalist can be the ordinary members of the club; but you can clearly see many persons in the category of ordinary members in Press Club of Jammu have nothing to do with journalism, but still they have been surreptitiously made members. He stated that there can only be 500 members of the Club and if need is felt to increase it, then it should be only after the discussion and approval in the annual General body meeting, added that there has been no annual General body meeting in the last 6 years.

He stated that strangely the previous management approved membership up to 885 members without getting any approval from AGM and any membership beyond 500 is illegal.

“If there has been no annual General body meeting, not only the admission of the fresh members is illegal, but also there is an urgent need for the concerned persons to explain to the managing committee and members of the club over this. Clearly the financial transactions without AGM on this count are prima-facie illegal, shady and tainted and warrant an immediate action” said Pachnanda in his letter.

He also draw the attention of Press Club management towards the approximate  45 members who got the memberships during code of conduct i.e 21 days before the election which are per-se illegal and suspicious and tainted and warrant an immediate action.

He stated that the above actions are not only contrary to above Rules and Regulations of the Press Club of Jammu, but also amount to abuse of power, oppression and mismanagement under law and usurpation of powers by the concerned persons requiring immediate action.

“You will find many ordinary members who claim to be journalist members, who are not full time journalist, which is the criteria for ordinary membership and worst still some ordinary members are there who have nothing to do with the journalism, they are as explained above businessmen, managing directors, government employees, bank employees, commercial photographers, wines hop owners, property dealers, Proprietors and owners, and others” read the letter.

Pachnanda urged up on the club management to initiate immediate time bound steps for terminating the membership of all members, whose membership is illegal, and make the atmosphere of the club clean and restore the pristine glory of the Club.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

नदीम अहमद काजमी ने बिल्डर से कांट्रैक्ट साइन करने की इच्छा के कारण प्रेस क्लब इलेक्शन टलवाया?

: Raise a voice against delay in elections and demand immediate elections : New Delhi : On March 23, 2015, the office bearers and managing committee of the PRESS CLUB OF INDIA (PCI) held a meeting in which it was decided to postpone the Club’s elections, which were originally scheduled to take place in March. 

It is learnt that this is all the game-plan of the Club’s current Secretary General Nadeem Ahmad Kazmi, who wants to inordinately postpone the elections, so that he gets the chance to sign the contract with a builder to construct the new building for the Press Club, and, pocket hefty commission amount. I urge upon all the Press Club members to raise a voice against this (delay in elections), and demand immediate elections.

Press Club’s Assange… a whistle-blower…

(एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित)

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अब फिर रोज खुलने लगा अजमेर का अजयमेरू प्रेस क्लब

स्थापना के 14 सालों में कई साल बंद रहने के बाद अब अजयमेरू प्रेस क्लब फिर रोजाना खुलने लगा है। अजमेर नगर निगम की ऐतिहासिक बिलडिंग गांधी भवन के उपरी तले पर अगर आप किसी भी दिन सुबह दस से शाम 5 बजे तक जाते हैं तो वहां सेवा राम मिलता है। नाम का ही नहीं काम का भी सेवा राम। शुरूआत हुई है तो अब मात्र ढाई रूपए में चाय भी मिलने लगी है। यह व्यवस्था शुरू होने के बाद से तो याद नहीं कि वहां आने वाले किसी सदस्य ने अकेले चाय पी हो। पीछे स्थित मदार गेट पर हर तरह का नाश्ता मिलता ही है। वैसे बाजार में चाय के दाम दस से पंद्रह रूपए है। काफी लम्बा अरसा बंद रहने के बाद जुलाई 2014 में क्लब फिर शुरू हुआ।

बंद क्यों रहा यह किस्सा फिर कभी। स्टेशन रोड पर रेलवे स्टेशन से थोड़ा हटकर स्थित इस प्रेस क्लब के अब तक जिले भर से करीब दो सौ से अधिक सदस्य बन चुके हैं। पत्रकारों के साथ साहित्यकारों, लेखकों, प्रबुद्ध नागरिकों के लिए भी गुंजाइश रखी गई है। इसलिए सदस्यता के भी कुछ रूप दिए गए हैं। सन् 2000 में स्थापना हुई तब इसके पहले अध्यक्ष बने दैनिक भास्कर के स्थानीय संपादक डॉ. रमेश अग्रवाल। उनके बाद नवज्योति के नरेंद्र चौहान, राजेंद्र गुंजल, नरेन राजगुरू रहे। फिर क्लब बंद हो गया। अब फिर से लोग जुटे और सर्वसम्मति से एक बार फिर डॉ. रमेश अग्रवाल को इसका अध्यक्ष बना दिया गया।

महासचिव बने जी न्यूज मरूधरा के मनवीर, पंजाब केसरी के एसपी मित्तल और हिन्दू के कमल वर्यानी उपाध्यक्ष बने हैं। पर मानना पड़ेगा क्लब जिंदा रखने के लिए फोटोग्राफर सत्य नारायण जाला और दैनिक भास्कर के वरिष्ठ पत्रकार प्रताप सनकत को जो किसी ड्यूटी की तरह बिना नागा रोजाना क्लब आते हैं और इसके लिए संसाधन जुटाते हैं। छह सात महीने में, आधा दर्जन से ज्यादा दफा सदस्य सामूहिक भोज कर चुके हैं। यह भोज कराया कुछ सदस्यों ने स्वेच्छा से। दो दफा तिरंगा झंडा भी फहरा चुके हैं। कुछ अन्य गतिविधियों के लिए कमेटियों का गठन भी किया हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार गिरधर तेजवानी ने जहां सदस्यता छानबीन समिति संभाली है, वहीं राजेंद्र हाड़ा को विधि सलाहकार का जिम्मा दिया गया है। सबसे अधिक सक्रिय हैं लम्बे समय तक खेल खबरें देखने वाले विनीत लोहिया। लोहिया ने कैरम प्रतियोगिताओं का ऐसा आयोजन शुरू किया है कि प्रेस क्लब पर अब रोजाना दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक बीस-पच्चीस सदस्य जुट जाते हैं।

दैनिक भास्कर में प्रशासनिक बीट संभालने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुरेश कासलीवाल ने नए भवन की जिम्मेदारी ली है। काफी हद तक काम चल रहा है। केंद्र सरकार के जल संसाधन राज्य मंत्री सांवर लाल जाट, राज्य सरकार में महिला व बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी तीनों प्रेस क्लब आ चुके हैं और यहां की मानद सदस्यता ले चुके हैं। इनसे पहले 14 साल पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सबसे पहले मूर्धन्य पत्रकार प्रभाष जोशी इस क्लब की मानद सदस्यता ले चुके हैं।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा लगे और उन्हीं के नाम पर बने ऐतिहासिक गांधी भवन में इस क्लब का चलने और शाम 6 बजते तक ताले लग जाने से आप समझ ही चुके होंगे कि अन्य प्रेस क्लबों जैसी दारू की परम्परा यहां नहीं है। यूं ज्यादातर सदस्यों को दारू की लत भी नहीं है। प्रेस क्लबों में क्या यह अपवाद नहीं है। शायद इसीलिए ज्यादातर अमीरों से दारू की जगह प्रेस क्लब में नया फ्रिज, नई मेज-कुर्सिया, आलमारी, कारपेट, चमकती टाइलें, टीवी, कैरम, शतरंज, वाई फाई जुटा ली गई हैं। अब टेबिल टेनिस की नई टेबलें लाने की तैयारी हैं। आई तो चौदह साल पहले भी थीं पर अब वे कबाड़ जो हो चुकी हैं।

फोटो: अजयमेरू प्रेस क्लब में हुई कैरम प्रतियोगता के प्रथम चरण के विजेता प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ. रमेश अग्रवाल और हौंसलों की उडान समाचार पत्र के सुनील को चल वैजयंती प्रदान करते अखिल भारतीय टेबिल टेनिस महासंघ के सचिव धनराज चौधरी। साथ खडे़ हैं प्रेस क्लब के खेलकूद संयोजक विनीत लोहिया और उपाध्यक्ष एसपी मित्तल।

अजमेर से वरिष्ठ पत्रकार और वकील राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट. संपर्क: 09549155160 और 09829270160

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: