राज्य सभा टीवी- श्रम कानूनों की ऐसी तैसी

बंद दरवाजे के पीछे बहुत परदा है करीब एक साल बहुत लंबे इंतजार के बाद 7 मई 2018 को राज्यसभा टीवी में बंपर वैकेंसी आयी तो 43 पोस्टों के लिए 2500 से अधिक पत्रकारों ने अर्जी दे डाली। बड़ी संख्या में पत्रकार आखिरी तारीख यानि 21 मई को तालकटोरा स्टेडियम और गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर …

झूठ के कारोबार में अब ‘राज्यसभा टीवी’ भी शामिल

बीते 24 मार्च, 2018 को राज्य सभा टीवी की मुख्य ख़बर रही कि भाजपा अब राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है। सच ये है कि भाजपा पिछले साल से ही सदन में सबसे बड़ी पार्टी है। उसके अब तक 58 सदस्य हैं और कांग्रिस के 54 हैं।

राहुल महाजन बने राज्यसभा टीवी के प्रधान संपादक

गुरदीप सिंह सप्पल के इस्तीफा देने के काफी समय बाद राज्यसभा टीवी को नया प्रधान संपादक मिला है. प्रसार भारती में सलाहकार संपादक के रूप में कार्यरत राहुल महाजन की तैनाती आरएसटीवी के नए एडिटर इन चीफ के रूप में हुई है.

राजेश बादल ने राज्यसभा टीवी को नमस्ते करते हुए कहा- ”सौ फ़ीसदी निष्पक्षता नाम की कोई चीज़ नहीं होती”

Rajesh Badal : नमस्ते! राज्यसभा टीवी… एक न एक दिन तो जाना ही था। हाँ थोड़ा जल्दी जा रहा हूँ। सोचा था जून जुलाई तक और उस चैनल की सेवा कर लूँ, जिसे जन्म दिया है। लेकिन ज़िंदगी में सब कुछ हमारे चाहने से नहीं होता। कोई न कोई तीसरी शक्ति भी इसे नियंत्रित करती है। आप इसे नियति, क़िस्मत, भाग्य या भगवान-कुछ भी कह सकते हैं। सो यह अवसर फ़रवरी में ही आ गया।

राज्यसभा टीवी के बाद गुरदीप सिंह सप्पल ने लांच किया नया वेंचर- ‘हिंद किसान’

गुरदीप सिंह सप्पल

आज के दौर में जब मुख्यधारा की मीडिया नान-इशूज पर फोकस कर जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से हटाने के सत्ता-तंत्र के खेल में पूरी तरह लिप्त हो गया है, कुछ साहसी किस्म के लोग आम जन के प्रति मीडिया की प्रतिबद्धता को जीने में लगे हुए हैं. गुरदीप सिंह सप्पल के नेतृत्व में राज्यसभा टीवी लांच हुआ और देखते ही देखते यह चैनल पत्रकारिता के असल मानकों का प्रतीक बन गया. इंटरव्यूज हों या ग्राउंड रिपोर्टिंग… आदिवासियों का मसला हो या किसानों का जीवन हो… सब कुछ को बेहद संजीदगी और सरोकार के साथ चैनल पर प्रसारित किया गया. कई आईएएस सेलेक्ट हुए छात्रों ने कुबूल किया कि वे सिविल सर्विस की तैयारी के दिनों में न्यूज चैनलों में केवल राज्यसभा टीवी देखते थे.

Know How a Senior Editor is being FORCED to Leave RSTV

Rajya Sabha TV- Deceit, Deception, Dishonesty, Anything but Parliamentary

Rajya Sabha: How to SET Editor-in-Chief selection

The story of war for control at Rajya Sabha TV (RSTV) could make the most intriguing episode of Game of Thrones a run for TRPs. The channel has been in controversy for years now. There have been incessant allegations of misuse of public money, nepotism, corrupt practices in RSTV. There have been reports of CAG objections. Leading media organizations like DNA, Tehelka wrote articles alleging splurging of Rs 1700 crores. It another matter that both the organizations tendered apology for factually incorrect reporting to the Privileges Committee of Rajya Sabha, when nearly all political parties in the House, except BJP, collectively moved privilege motion against wrong reporting.

अफवाहों-दुष्प्रचारों के बीच राज्यसभा टीवी पर हुए खर्च की हक़ीक़त जानिए

भड़ास तहक़ीक़ात : राज्यसभा टीवी ने पिछले छः साल में एक धारदार और पेशेवर टीवी चैनल की पहचान बनायी है। लेकिन चैनल पर लगातार ख़र्च को ले कर आरोप लगते रहे हैं। WhatsApp पर लगातार मैसेज मिलते रहे हैं कि चैनल ने 1700 करोड़ रुपए ख़र्च कर दिए। लेकिन पिछले हफ़्ते स्वयं वेंकैय्या नायडू के ऑफ़िस के हवाले से ख़बर आयी कि राज्यसभा टीवी पर सात साल में 1700 करोड़ रुपए नहीं मात्र 375 करोड़ रुपए ख़र्च हुए हैं।

RSTV का वार्षिक बजट 62.50 करोड़ था, इसमें से 25 करोड़ रुपये एनडीएमसी को किराया जाता था

Gurdeep Singh Sappal : अब जब ये साफ़ कर दिया गया है कि RSTV का वार्षिक बजट केवल ₹62.50 करोड़ था और उसमें भी ₹25 करोड़ केवल NDMC को जाता था, मुझे उम्मीद है कि ₹1700 करोड़ -₹ 3000 करोड़ ख़र्च का झूठा प्रचार अब थम जाएगा। राज्य सभा टीवी ईमानदार नीयत और निष्ठा से एक असरकारक पब्लिक broadcaster के रूप में स्थापित किया गया था। मैं आशा करता हूँ कि इसकी दूसरी पारी भी शानदार रहेगी।

इतिहास रचने के बाद राज्यसभा के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से गुरदीप सिंह सप्पल ने दिया इस्तीफा

गुरदीप सिंह सप्पल भारतीय मीडिया में एक इतिहास रच चुके हैं. राज्यसभा टीवी के माध्यम से वे सरकारी और निजी, दोनों ब्राडकास्टर्स के लिए एक रोल माडल पेश कर गए हैं कि देखो, ऐसा होता है कोई चैनल. एडिटर इन चीफ और सीईओ के रूप में राज्यसभा टीवी की नींव रखकर उसे प्रतिष्ठा की बुलंदियों तक गुरदीप सिंह सप्पल ने पहुंचाया. उप राष्ट्रपति पद से हामिद अंसारी के इस्तीफा के बाद राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से जीएस सप्पल को जाना ही था.

नए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए नई नियुक्ति करेंगे. लेकिन जीएस सप्पल ने जो लकीर खींच दी है, उसके पार जा पाना किसी भी दूसरे एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए संभव न होगा. आईएएस में चयनित होने वाले प्रतिभागी जब कहते हैं कि वे राज्यसभा टीवी का ‘बिग पिक्चर’ डिबेट शो देखकर सम-सामयिक मामलों में अपनी सोच-समझ को निर्मित करते हैं, तो समझा जा सकता है कि इस चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम कितनी गहराई और प्रामाणिकता लिए हुए होते हैं.

गुरदीप सिंह सप्पल की सबसे बड़ी बात, जो उनके साथ काम करने वाले बताते हैं, कि ये आदमी बेहद डेमोक्रेटिक है. वे क्रिएटविटी और एडिटोरियल फ्रीडम को पूरी तरह जीने देते हैं. यही कारण है कि उन्होंने राज्यसभा टीवी के लिए ऐेसे मीडियाकर्मियों का चयन किया जिनके लिए पत्रकारिता जनसरोकार और एक मिशन रही है. गुरदीप सिंह सप्पल का अंदाज और तेवर उनके इस्तीफानामा में भी देखा जा सकता है, जो उन्होंने अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है. उनका इस्तीफानामा नीचे पढ़ा जा सकता है.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

वीपीआई हामिद अंसारी का विदाई समारोह : संजय राउत ने चुटकी ली- ‘राज्यसभा टीवी चलता रहे!’

Shambhu Nath Shukla : हामिद अंसारी साहब बहुत याद आएंगे। पूरे दस साल वे भारत के वाइस प्रेसीडेंट रहे और राज्य सभा में कड़क प्रिंसिपल की तरह। सबको डांटते रहे, लड़ियाते भी रहे। मगर आज विदाई के दिन उन्हें प्रिंसिपल का चोला उतार देना था। आज भी अपने सम्मान में वक्ताओं का समय भी उन्होंने ही तय किया और बीच-बीच में हड़काते भी रहे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी उर्फ आईएनए और इसके जांबाजों पर आधारित है फिल्म ‘रागदेश’

The much awaited Tigmanshu Dhulia film ‘Raagdesh’ is all set to release on July 28th, 2017. Expected to be a crossover film, the film marries the historical authenticity with entertaining cinema, a genre much missed in Bollywood. Set in the backdrop of the famous ‘Red Fort Trials’, the film recreates the era of last days of freedom struggle in India, where the battles were being fought on borders, on streets, in media and curiously enough, in the court room.

राज्यसभा टीवी के सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल निर्मित फिल्म ‘रागदेश’ का पोस्टर जारी, रिलीज 28 जुलाई को

राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. उन्होंने फिल्म निर्माण जैसा बड़ा काम कर दिखाया है. बतौर प्रोड्यूसर सप्पल ने जो फिल्म ‘रागदेश’ बनाई है, उसका निर्देशन जाने माने फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया ने किया. फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया गया है. फिल्म सिनेमाघरों में 28 जुलाई को पहुंचेगी.

The film is on Lal Quila Trial of officers of INA.