मीडिया और सरकार दोनो कॉरपोरेट के कब्जे में, अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरा

गोरखपुर : 10वें गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति राय ने देश में अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरों की ओर इशारा करते हुए सरकारी सेंसरशिप को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने महात्मा गांधी संबंधी अपने बयान के समर्थन में डॉ.अंबेडकर की किताब के कुछ अंश पढ़े। उन्होंने कहा कि गांधी हिंदुस्तान के पहले कॉरपोरेट एनजीओ थे। 

यादव सिंह केस : यूपी सरकार ने स्वीकारी सीबीआई जांच की चिट्ठी

लखनऊ : यादव सिंह मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा दायर पीआईएल में उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश को भेजे पत्र दिनांक 24 फ़रवरी 2015 की प्राप्ति मंजूर कर ली है, जिसमें भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से काले धन पर बने एसआईटी के आदेशों पर यादव सिंह मामले के सभी अभिलेख सीबीआई को देने के निर्देश दिए हैं.

किसानों की तबाही पर यूपी सरकार संजीदा नहीं : रिहाई मंच

लखनऊ : रिहाई मंच ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों की बर्बादी से आहत किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्या, दिल का दौरा पड़ने व सदमे से हो रही मौतों और मुआवजे के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा है। 11 सूत्रीय सवालों और 14 सूत्रीय मांगों वाले इस पत्र के माध्यम से प्रदेश सरकार की फसलों की बर्बादी की मुआवजा नीति और किसानों की आत्महत्या के बाद प्रदेश सरकार के गैरजिम्मेदाराना कार्यशैली पर सवाल उठाया गया है।

केंद्र सरकार की नजर अब क्षेत्रीय पत्रकारों पर

जयपुर : सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राजस्थान के जोबनेर में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों एवं स्ट्रिंगर्स को सम्बोधित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार में क्षेत्रीय पत्रकारों की राय को अब महत्व दिया जाएगा। सरकार गांवों, कस्बों और जिलों के पत्रकारों तक पहुंच बनाने जा रही है।

अखिलेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, अफसरों को जेल भेजने की चेतावनी

नई दिल्ली: ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीज़ेड) में पेड़ लगाने के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को जबरदस्त फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ी तो दोषी अफसरों को जेल भेज दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि इस मामले में दोषी अफसरों के खिलाफ जांच की जाए और यूपी सरकार एक रोडमैप लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट आए। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।