ठाकुर की तरह मैंने भी मुलायम से तंग आकर नौकरी छोड़ी थी : आईपीएस शैलेंद्र सिंह

वाराणसी : एसटीएफ के पूर्व डिप्‍टी एसपी रहे शैलेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह की वजह से ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। मुलायम की सरकार गुंडों से बनी है और यही कारण है कि सबसे पहले पुलिस को कंट्रोल में लिया जाता है। वर्ष 2004 में बाहुबली मुख्तार अंसारी पर पोटा की कार्रवाई के कारण उन्हें मुलायम सिंह सरकार ने परेशान किया था। उसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

शैलेंद्र शर्मा आत्महत्या कांड : ‘दबंग दुनिया’ के सीईओ समेत चार पर लटकी कार्रवाई की तलवार

खंडवा (म.प्र.) : दबंग दुनिया अखबार के मार्केटिंग विभाग से जुड़े रहे शैलेंद्र शर्मा ने काम के दबाव के चलते तीन माह पहले खंडवा के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब उस मामले में खंडवा पुलिस ने दबंग दुनिया के सीईओ सहित चार लोगों के खिलाफ धारा 304 के तहत प्रकरण दर्ज करने की तैयारी कर ली है। 

गुजराती होकर गुजरात में शराब पीने की अनुमित क्यों नहीं ?

गुजरात में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद शराब तस्करों का मजबूत तंत्र कार्य कर रहा है। तीन बार सत्ता में आने और मुख्यमंत्री रहने के बावजूद मोदी जी शराब के अवैध धंधे को रोक नहीं सके। गौरतलब है कि गुजरात में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक है लेकिन फिर भी लोग शराब का अवैध धंधा चल रहा है।

मेरा दाह संस्कार मेरे मित्र भगत सिंह की समाधि के पास किया जाए

सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी बटुकेश्वर दत्त का जन्म 18 नवम्बर, 1910 को बंगाली कायस्थ परिवार में ग्राम-औरी, जिला नानी बेदवान (बंगाल) में हुआ था; परंतु पिता ‘गोष्ठ बिहारी दत्त’ कानपुर में नौकरी करते थे। बटुकेश्वर ने 1925 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। उन्हीं दिनों उनके माता एवं पिता दोनों का देहांत हो गया। इसी समय वे सरदार भगतसिंह और चंद्रशेखर आजाद के संपर्क में आए और क्रान्तिकारी संगठन ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन’ के सदस्य बन गए। सुखदेव और राजगुरु के साथ भी उन्होंने विभिन्न स्थानों पर काम किया । इसी क्रम में बम बनाना भी सीखा। 

काम की जगह बीजेपी कर रही है टोटके

दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का सपना संजोए भाजपा अपने सदस्यता अभियान को लेकर नए सिरे से सक्रिय हो गई है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने निर्देश दिया है कि गत लोकसभा चुनावों में पार्टी के पक्ष में मतदान करने वाले 17.3 करोड़ मतदाताओं में से ज्यादातर लोगों से संपर्क साधा जाए। मिस्ड कॉल के जरिये सदस्यता अभियान चला रही भाजपा अपनी  साख बचाने के लिए जूझ रही है।