अजित अंजुम ने असहमति जताई तो मृणाल पांडे ने ब्लॉक कर दिया!

Ajit Anjum :  मृणाल जी, आपने ये क्या कर दिया? कल पीएम मोदी का जन्मदिन था. देश-दुनिया में उनके समर्थक / चाहने वाले / नेता / कार्यकर्ता / जनता / मंत्री / सासंद / विधायक जश्न मना रहे थे. उन्हें अपने-अपने ढंग से शुभकामनाएँ दे रहे थे. ये उन सबका हक़ है जो पीएम मोदी को मानते-चाहते हैं. ट्वीटर पर जन्मदिन की बधाई मैंने भी दी. ममता बनर्जी और राहुल गांधी से लेकर तमाम विरोधी नेताओं ने भी दी. आप न देना चाहें तो न दें, ये आपका हक़ है. भारत का संविधान आपको पीएम का जन्मदिन मनाने या शुभकामनाएँ देने के लिए बाध्य नहीं करता.

मृणाल पांडेय का वो ट्वीट जिस पर बवाल मचा है.

आप जश्न के ऐसे माहौल से नाख़ुश हों, ये भी आपका हक़ है. लेकिन पीएम मोदी या उनके जन्मदिन पर जश्न मनाने वाले उनके समर्थकों के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करें, ये क़तई ठीक नहीं… हम-आप लोकतंत्र की बात करते हैं. आलोचना और विरोध के लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करते हैं.. लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल के वक्त आप जैसी ज़हीन पत्रकार / लेखिका और संपादक अगर अपनी नाख़ुशी या नापसंदगी ज़ाहिर कहने के लिए ऐसे शब्दों और चित्रों का प्रयोग करेगा.. पीएम के समर्थकों की तुलना गधों से करेगा तो कल को दूसरा पक्ष भी मर्यादाओं की सारी सीमाएँ लाँघकर हमले करेगा तो उन्हें ग़लत किस मुँह से कहेंगे…

सीमा टूटी तो टूटी. कितनी टूटी, इसे नापने का कोई इंची-टेप नहीं है… सोशल मीडिया पर हर रोज असहमत आवाजों या विरोधियों की खाल उतारने और मान मर्दन करने के लिए हज़ारों ट्रोल मौजूद हैं.. हर तरफ़ / हर खेमे में ऐसे ट्रोल हैं. ट्रोल और आप में फ़र्क़ होना चाहिए… आप साप्ताहिक हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तान की संपादक रही हैं. हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा पर आपकी ज़बरदस्त पकड़ है. फिर अभिव्यक्ति के लिए ऐसी भाषा और ऐसे प्रतीक क्यों चुने आपने? सवाल आपके आक्रोश या आपकी नाराज़गी का नहीं है. अभिव्यक्ति के तरीक़े पर है.

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शुक्रिया मृणाल जी …मुझे ब्लॉक करने के लिए… अब देखिए.. मृणाल जी मुझे भी ब्लॉक कर दिया… मैंने तो शब्दों की मर्यादा नहीं खोई थी.. उन्हें लिखे पर मर्यादित ढंग से असहमति ही जताई थी… शुक्रिया मृणाल जी, आपने मुझे ब्लॉक करने के क़ाबिल समझा… अपनी इस पात्रता का अंदाज़ा नहीं था मुझे… फिर मैं आपके लोकतांत्रिक अधिकारों की क़द्र करता हूँ… आपको हक़ है ये तय करने का कि कौन आपको फ़ॉलो करे. किसे आप फ़ॉलो करें. लेकिन आप अगर अपनी थोड़ी भी आलोचना पर इतनी बौखला जाती हैं तो मैं समझ सकता हूँ कि एक संपादक के तौर पर कितनी लोकतांत्रिक रही होंगी..

अब ये बात तो ठीक नहीं न कि आप अपने लिए अभिव्यक्ति की आज़ादी के पैमाने ख़ुद करके उसका इस्तेमाल इस हद तक करें कि मोदी समर्थकों को गधा घोषित कर दें और मेरा जैसा कोई आदमी मर्यादित ढंग से आपको ऐसा न करने की नसीहत दे तो आप पट से ब्लॉक कर दें… नहीं.. नहीं.. मृणाल जी.. मुझे तकलीफ़ इस बात से नहीं कि आपने मुझे ब्लॉक किया. ग़ुस्सा इस बात का है कि आप सिर्फ़ अपने लिखे पर सिर्फ़ वाह-वाह क्यों चाहती हैं? किस-किस को ब्लॉक करेंगी आप? सुना है जो भी आपसे थोड़ा भी असहमत होता है, उसे तुरंत ब्लॉक कर देती हैं..

आज मैं शिकार हुआ. इससे पहले राहुल देव सरीखे वरिष्ठों को भी आप ब्लॉक कर चुकी हैं.. जबकि वो तो इतने तमीज़ से लिखते हैं कि कई बार असहमत होकर भी मैं उनसे कुछ सीखता ही हूँ… इसका मतलब ये हुआ कि आप थोड़ी भी आलोचना नहीं सकती हैं… अगर आप अपने लिखे / बोले को ब्रह्मवाक्य मानती हैं.. अपने को आलोचनाओं से परे मानती हैं तो आपको दूसरे की आलोचना का हक़ नहीं…

वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम की एफबी वॉल से.

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फेसबुक अपनी तरफ से कर रहा मेरा प्रचार, मैंने एक पैसा खर्च नहीं किया : बरखा दत्त

बरखा दत्त के स्पांसर्ड फेसबुकी पेज के बारे में भड़ास4मीडिया पर छपी खबर को लेकर ट्विटर पर बरखा दत्त ने अपना बयान ट्वीट के माध्यम से जारी किया. उन्होंने लोगों के सवाल उठाने पर अलग-अलग ट्वीट्स के जरिए जवाब देकर बताया कि उनकी बिना जानकारी के फेसबुक उनके पेज को अपने तरीके से प्रमोट कर रहा है. उन्होंने बताया कि फेसबुक की तरफ से उनके पास फोन आया था जिसमें ट्विटर की तरह एफबी पर भी सक्रिय होने के लिए अनुरोध किया गया. तब मैंने उन्हें कहा कि कोशिश करूंगी. ऐसे में एक भी पैसा देने का सवाल ही नहीं उठता. बिलकुल निराधार खबर भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हुई है. 

 

बरखा दत्ता का कहना है कि उन्हें बताया गया कि फेसबुक कई पब्लिक पर्सनाल्टीज जिनमें पत्रकारों भी शामिल हैं, को अपनी तरफ से प्रमोट करता है, जैसे राहुल कंवल, शेखर गुप्ता, फिल्म स्टार्स शाहरुख खान, आमिर खान आदि. बरखा दत्त ने अपने फेसबुक पेज पर उनके नाम के नीचे स्पांसर्ड लिखे होने को लेकर उठाए गए सवाल पर भी जवाब दिया. इस संबंध में बरखा दत्त के जितने भी ट्वीट्स हैं, नीचे दिए जा रहे हैं.

barkha dutt ‏@BDUTT

rubbish. I have not paid anyone a single paisa. what are you talking about?

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FB team asked me to be active on FB like on Twitter & I said sure, would try. No question of Money. Rubbish story.

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It’s Facebook’s call  to underline our presence on its medium. I am owed an apology NOW.

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FB promoting our presence – many of us who are journalists. Check it out.

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It is appplicable to ALL public personalities being promoted by them including many journalists. These include, I am told many journos- rahul, Shekhar, me, film stars, SRK, Aamir.

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just asked facebook why it says sponsored. They say Facebook is promoting public personalities.

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शादी की खबर फैलते ही Amrita Rai ट्विटर ट्रेंड्स में सबसे टॉप पर पहुंचीं

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से शादी कर लेने की सूचना को पत्रकार अमृता राय ने फेसबुक पर पोस्ट किया और इस तरह शादी की अटकलों की पुष्टि कर दी. इसके कुछ घंटे के भीतर ही यह खबर मीडिया जगत में फैलने लगी. इस वक्त Amrita Rai शब्द ट्विटर पर ट्रेंडिंग में सबसे शीर्ष पर है. दरअसल आज अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपने सूत्रों के हवाले से दिग्विजय और अमृता की शादी की खबर पब्लिश की है.

अखबार के मुताबिक दिग्विजय के करीबी सूत्रों ने इस बात का खुलासा किया की शादी हो गई है और दिग्विजय सिंह यूएस में हैं. पता चला है कि अमृता राय भी अपने दफ्तर से इन दिनों छुट्टी पर चल रही हैं. इंडियन एक्सप्रेस में सूत्रों के हवाले से अटकलों भरी शादी की खबर छपने के बाद Amrita Rai खुद सामने आईं और फेसबुक पर पोस्ट लिखकर रीति-रिवाजों से शादी कर लेने की बात की पुष्टि की. इसके बाद ट्विटर पर Amrita Rai एक नंबर पर ट्रेंड करने लगीं. यहां ढेर सारे लोगों ने इन दोनों को जमकर बधाई दी, वहीं विघ्नसंतोषियों ने किसिम किसिम के दुष्प्रचार भी शुरू कर दिया है.

ज्ञात हो कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पिछले साल महिला पत्रकार अमृता राय से अपने रिश्‍ते की बात कबूल की थी. सोशल मीडिया पर इस संबंध में चर्चा गहराने के बाद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया था और अमृता राय से अपना रिश्‍ता कबूल कर लिया था. साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि अमृता राय से रिश्‍ता कबूलने में उन्‍हें कोई हिचक नहीं है. इसके बाद से ही ऐसे कयास लगाये जा रहे थे कि दिग्विजय और अमृता जल्‍द शादी के बंधन में बंधेंगे. अमृता राय ने भी तब ट्विटर के जरिए रिश्‍ते की बात कबूली थी और कहा है कि अपने पति से तलाक का फैसला हो जाने पर दिग्विजय सिंह के साथ शादी करेंगी. दरअसल सोशल मीडिया में दोनों की कुछ तस्वीरें जारी होने के बाद दोनों के बीच अंतरंग संबंध का खुलासा हुआ था.

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दिग्विजय सिंह और अमृता राय की शादी ने समाज को नया रास्ता दिखाया है

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केंद्र सरकार बताए, सामग्री अपलोड करने का अधिकार फेसबुक, ट्विटर को है या नहीं – दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह उस अनुबंध को अदालत के समक्ष पेश करे जिससे यह पता लगाया जा सके कि फेसबुक (एफबी) व ट्विटर के पास सामग्री अपलोड करने का बौद्धिक संपदा अधिकार (आइपीआर) है। न्यायमूर्ति बीडी अहमद व संजीव सचदेव की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील संजय जैन ने इस बारे में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अगली सुनवाई 19 अगस्त को है। पेश मामले में भाजपा नेता केएन गोविंदाचार्य ने याचिका दायर की थी। याचिका में प्रधानमंत्री कार्यालय समेत अन्य मंत्रालयों के सोशल मीडिया का उपयोग करने पर आपत्ति जताई गई थी।

फेसबुक (एफबी) व ट्विटर के पास इससे पूर्व 7 मई को अदालत ने कहा था कि ऐसा लगता है कि जब सोशल मीडिया पर कोई सामग्री अपलोड होती है तो वेबसाइट को बिना रॉयल्टी दिए उसका आइपीआर मिल जाता है। अदालत ने कहा था कि क्या केंद्र सरकार को इस बात की जानकारी है कि सोशल मीडिया में ऐसे विकल्प होते हैं जिन्हें चुनने से उपयोग करने वाला आइपीआर को रोक सकता है। 

अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि सामग्री अपलोड करने में आइपीआर का लाइसेंस दिया जा सकता है। जब सरकार ने बिना किसी रॉयल्टी के मुफ्त में लाइसेंस दे ही दिया है तो इसे सरकार की उदारता ही कहा जाएगा। अदालत ने कहा था कि तकनीक का इतनी तेजी के साथ विकास हो रहा है कि लोग व सरकार इसे नहीं समझ पा रहे हैं और अगर वे इसे नहीं समझ पाएंगे तो वे पीछे छूट जाएंगे। 

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बजरंगी भाईजान की धमकी, नकारात्मक बातें होती रहीं तो ट्विटर छोड़ दूंगा

‘बजरंगी भाईजान’ यानी सलमान खान ने ट्विटर छोड़ने की धमकी दी है। अपने फैन्स को जमकर लताड़ लगाई है। सलमान के फैंस जितना उन्हें प्यार करते हैं, उतना ही वह भी अपने फैंस पर जान छिड़कते हैं, लेकिन कुछ फैंस ने सल्लू को नाराज कर दिया है। उनकी कुछ ऐसी हरकतें हैं, जो सलमान को बिलकुल पसंद नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट कर अपने इन फैंस को कहा है कि ऐसे लोग उनके प्रशंसक नहीं हो सकते हैं, जो फर्जी अकाउंट बनाते हैं। 

सलमान खान ने ट्वीट करके कहा है कि ऐसे फैंस जो फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल कर दूसरे सितारों को गाली-गलौच वाले संदेश पोस्ट करते हैं, उन्हें मैं बिलकुल सपोर्ट नहीं करता और ना ही वो मेरे फैन कभी हो सकते हैं। इससे पहले सलमान ने एक और ट्वीट कर फैंस से पूछा था, ‘आप में से कितनों के फर्जी अकाउंट हैं और क्यों?

मंगलवार देर रात सलमान ने कुल 23 ट्वीट्स कर अपने उन फैन्स को खूब खरी-खटी सुनाई जो सलमान, शाहरुख और आमिर में नंबर 1 की जंग चलाते रहते हैं। 

सलमान ने कहा कि अगर इस मीडियम पर इतनी ही नकारात्मक बातें होती रहीं तो मैं ट्विटर छोड़ दूंगा। इन सबके बीच ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा #BhaiRoxx। सलमान खान जो करते हैं उनका एक अलग ही  अपने ही अंदाज में करते हैं। ट्विटर पर अपने फैन्स को नसीहतें देने के लिए उन्होंने 23 ट्वीट्स खर्च कर दिए।

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टि्वटर हैंडलर मेहदी के 1.22 लाख ट्वीट्स, रीट्वीट्स, उस पर 3700 पेज की चार्जशीट दाखिल

 आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए टि्वटर हैंडल चलाने के आरोप में छह महीने पहले गिरफ्तार किए गए मेहदी मसरूर बिस्वास के खिलाफ सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने 37 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की है। ब्रिटेन के एक निजी न्यूज चैनल ने गत वर्ष मेहदी की पहचान जारी कर दी थी , जिसके बाद गत वर्ष 13 दिसंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। कोलकाता में पैदा हुए 25 वर्षीय मेहदी पेशे से इंजीनियर है और वह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करता था।

चार्जशीट के मुताबिक, वह भारत में बैठकर आईएसआईएस ज्वाइन करने में विदेशी लड़ाकों की मदद करता था। वह उनको बताता था कि तुर्की की सीमा पार करके सीरिया में आईएसआईएस के गढ़ तक कैसे पहुंचा जाए। मसरूर के टि्वटर हैंडल से उसके और 18 हजार फॉलोअर्स द्वारा किए गए 1 लाख 22 हजार ट्वीट्स और रीट्वीट्स के आधार पर उस पर देश के खिलाफ जंग छेड़ने और आतंक को बढ़ावा देने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, विदेशी धरती पर आतंकवाद के मामले में मेहदी के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी केंद्र सरकार ने बीते हफ्ते ही दी है। दो महीने पहले उसकी जमानत याचिका रद्द हो चुकी है।

मेहदी मसरूर बिस्वास द्वारा एक ब्रिटिश चैनल को इंटरव्यू दिए जाने के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां हरकत में आई थीं, जिसके बाद उसे 13 दिसंबर, 2014 गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। ब्रिटेन के चैनल फोर ने उसकी पहचान आईएसआईएस के टि्वटर हैंडलर के तौर पर सार्वजनिक की थी। गिरफ्तारी के वक्त वह एक मल्टी नेशनल फूड कंपनी में काम कर रहा था। वह बेंगलुरु के झलाहल्ली इलाके में एक अपार्टमेंट में रहता था।

जांच में पता चला है कि एक सीरियाई आईएसआईएस फाइटर ने विस्वास से तुर्की के रास्ते सीरिया में दखल होने का तरीका पूछा था। वह कुछ ब्रिटिश आईएस लड़ाकों के सीधे संपर्क में भी था। वह बंधकों के वीडियोज को सोशल मीडिया पर डालकर आईएसआईएस के प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देता था।

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डीडी न्यूज वालों का सामान्य ज्ञान देखिए, राजनाथ सिंह को भाजपा अध्यक्ष बता दिया

दूरदर्शन वाले सुधरेंगे नहीं. डीडी न्यूज की तरफ से झारखंड इलेक्शन को लेकर जो ट्वीट किया गया है उसमें राजनाथ सिंह को भाजपा अध्यक्ष बताया गया है. ट्विटर का स्क्रीनशाट देखिए.

अमित शाह भाजपा अध्यक्ष हैं और राजनाथ सिंह गृहमंत्री, इतनी सामान्य सी बात अगर डीडी न्यूज के बंदों को नहीं पता तो उनकी योग्यता पर क्या कहना.

 

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अपनी जाति बताने के लिये शुक्रिया राजदीप सरदेसाई

Vineet Kumar : राजदीप की इस ट्वीट से पहले मुझे इनकी जाति पता नहीं थी..इनकी ही तरह उन दर्जनों प्रोग्रेसिव मीडियाकर्मी, लेखक और अकादमिक जगत के सूरमाओं की जाति को लेकर कोई आईडिया नहीं है..इनमे से कुछ वक्त-वेवक्त मुझसे जाति पूछकर अपनी जाति का परिचय दे जाते हैं..और तब हम उनकी जाति भी जान लेते हैं.

वैसे तो इस देश में जहाँ अधिकाँश चीजें जाति से ही तय होती है,ऐसे में अपने परिचित क्या,राह चलते किसी भी व्यक्ति की जाति जान लेना बेहद आसान काम है लेकिन उतना ही मुश्किल है किसी प्रोग्रेसिव की जान लेना..वो बताते तो हैं और बरतते भी हैं,बस अपने को उस नॉक पॉइंट को पकड़ना आना चाहिये..और तब आप जो उनकी जाति जानेंगे वो सामाजिक रूप से तो आपके किसी काम का नहीं होगा लेकिन आपकी समझदारी बढ़ाने के बहुत काम आयेगा..आपको क्या लगता है, राजदीप का शुक्रिया अपनी जाति सारस्वत ब्राह्मण बताने पर अदा किया है?

युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.

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अपने निजी फेसबुक और ट्विटर एकाउंट का विज्ञापन करने में जनता का पैसा लुटा रहे हैं अखिलेश यादव

सेवा में, श्री अखिलेश यादव,

मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ

विषय- सरकारी विज्ञापनों में आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट के प्रचार विषयक

महोदय,

कृपया दिनांक 04/11/2014 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित तीन विज्ञापनों का सन्दर्भ ग्रहण करें जो दिनांक 04/11/2014 को 100 पुलिस भवन तथा 2 उपरिगामी सेतुओं तथा दिनांक 05/11/2014 को समाजवादी पेंशन योजना के उद्घाटन से सम्बंधित हैं.  इन सभी विज्ञापनों में अन्य तथ्यों के अलावा एक ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh, एक फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh तथा एक यू-ट्यूब एकाउंट youtube.com/user/upgovtofficial भी अंकित है. ये फेसबुक और ट्विटर एकाउंट आपके अर्थात श्री अखिलेश यादव के व्यक्तिगत एकाउंट हैं जिसके भारी संख्या में फौलोवर हैं. इन दोनों एकाउंट में आपका वेबसाइट samajwadiparty.in  अंकित है जो समाजवादी पार्टी का आधिकारिक वेबसाइट है.

चूंकि आप समाजवादी पार्टी के नेता हैं और उसी पार्टी के नेता के रूप में आपने मुख्यमंत्री पद प्राप्त किया, अतः अपने निजी फेसबुक और ट्विटर एकाउंट पर उस राजनैतिक पार्टी का वेबसाइट रखना स्वाभाविक है. आप वर्तमान में समाजवादी पार्टी के नेता के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं और इस रूप में आप द्वारा ये दोनों एकाउंट अपनी इच्छानुसार कभी सपा नेता और कभी प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रयोग किया जाता है जिसमे आप अपनी पार्टी के लोगों और प्रदेश की जनता से अपनी बात कहते हैं और उनसे इस माध्यम से संवाद करते हैं. लोग आपकी बात सुनते हैं और उसके जरिये आपसे जुड़े हैं और यह आपका पूर्ण अधिकार है.

इस पूरी प्रक्रिया में समस्या तब आ रही है जब उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक विज्ञापनों में आपके इन व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट का उल्लेख किया जा रहा है और सरकारी तौर पर बताया जा रहा है कि आपका ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh और फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh है. इस तरह सराकर के खर्च पर आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर का विज्ञापन हो रहा है.

यह अपने आप में अनुचित और नियमविरुद्ध है क्योंकि सरकारी खर्च पर किसी व्यक्ति विशेष के फेसबुक आदि का और उनके व्यक्तिगत कार्यों, व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रचार नहीं किया जा सकता. इससे भी अनुचित और विधिविरुद्ध यह तथ्य है कि आपके फेसबुक और ट्विटर एकाउंट में तमाम राजनैतिक बातें भी लिखी गयी हैं. इसमें समाजवादी पार्टी का प्रचार, समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम, सपा को वोट देने के लिए आमंत्रित करना, श्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में आने से रोकने जैसी तमाम बातें लिखी हुई हैं. जाहिर है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस तरह की बातें आधिकारिक रूप से प्रचारित नहीं कर सकती. सरकार किसी पार्टी विशेष के कार्यक्रम, उसकी उपलब्धियां, किसी पार्टी को वोट देने, किसी अन्य पार्टी को वोट नहीं देने जैसी बातें आधिकारिक रूप से नहीं कर सकती.

इसके बावजूद ऐसा इसीलिए हो रहा है क्योंकि सरकार में बैठे कुछ अफसर नियमों को ताक पर रख कर इस प्रकार के विधिविरुद्ध कार्य कर रहे हैं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये चापलूस अफसर आपको खुश करने के लिए नियमों को ताक पर रख ऐसे नियमविरुद्ध कार्य कर रहे हैं जिससे आप व्यक्तिगत रूप से आरोपित हो रहे हैं और यह विधिविरुद्ध कार्य सीधे आपके नाम और आपके व्यक्तित्व से जुड़ा हुआ है. इसी प्रकार यूट्यूब पर सरकार के कथित आधिकारिक चैनेल पर आपके समाजवादी पार्टी पर झंडा फहराने जैसे पूर्णतया राजनैतिक कार्यक्रमों को भी प्रचारित किया जा रहा है.

मैं ऐसे तमाम राजनैतिक टिप्पणी यहाँ तारीख सहित प्रस्तुत कर रही हूँ जिसमे आपने राजनैतिक बातें कही हैं जो आप सपा नेता के रूप में कह सकते हैं पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं लेकिन इन चापलूस अफसरों के चक्कर में आपकी ये राजनैतिक बातें भी आपके फेसबुक और ट्विटर के प्रचार से सरकारी अभिलेख और सरकारी प्रचार का हिस्सा बन जा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है. मैं जानती हूँ कि जब ये बातें आपके संज्ञान में आएँगी तो आप यह स्थिति तत्काल रुकवाने के आदेश देंगे क्योंकि आप कभी भी अपने नाम पर इस प्रकार के गैरकानूनी काम नहीं होने या करने देंगे जिसमे आगे चल कर आपको अपयश मिले और आप सरकारी धन के व्यक्तिगत हित में उपयोग करने के दोषी करार दिए जाएँ.

अतः मैं उपरोक्त समस्त तःयों के दृष्टिगत आपसे निम्न दो निवेदन करती हूँ-

1.  कृपया तत्काल यह स्थिति रोकने के आदेश देने की कृपा करें ताकि आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट आधिकारिक प्रचारों में सम्मिलित नहीं हों और आप सरकारी धन से अपना प्रचार करने के दोषी नहीं कहे जाएँ

2.  इस प्रकार का अनुचित और अवैध कार्य करने और इसके जरिये आपकी स्थिति खराब करने वाले सभी चापलूस अफसरों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही करने की कृपा करें ताकि भविष्य में कोई आपको ऐसी असहज स्थिति में ना लाने की हिमाकत करे

पत्र संख्या- NT/Complaint/13/14
दिनांक-06/11/2014

भवदीय
(डॉ नूतन ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
# 94155-34525
nutanthakurlko@gmail.com

वर्ष 2014 में अब तक फेसबुक पर लिखी तमाम राजनैतिक टिप्पणियाँ (तारीख सहित)

23/02/2014 Today, I flagged off our Cycle Rally from Jantar Mantar, Delhi.

07/03/2014 http://www.ndtv.com/video/player/candidates-2014/the-whole-country-knows-bjp-s-character-says-akhilesh-yadav/312172?hp

15/03/2014 Today, I have completed two years in office. During this time, one of my most important objective was to empower the women of Uttar Pradesh. We have launched many schemes to achieve this goal.  Today, I am proud to present our first commercial for the Lok Saba election, honoring the women of India. (samajwadi party)

25/03/2014 Metro Rail Projects, IT Cities, Expressways, Parks, Hospitals, Medical Colleges, Stadiums
Samajwadi Party-रोज़ नया कदम

02/04/2014 Today we released our party’s manifesto for the upcoming Lok Sabha elections

17/04/2014, 24/04/2014, 12/05/2014- समाजवादी पार्टी को वोट देने का आह्वान

09/05/2014 Last few hours of campaigning.

20/05/2014 Hindi, Urdu and all National languages are a part of our cultural heritage. Samajwadi Party believes in all the National languages.

27/07/2014 www.samajwadiparty.in

13/09/2014 Vote for Cycle. Vote for Samajwadi Party.

07/10/2014 Socialism = Prosperity + Equality- The start of the Samajwadi Party Convention 2014 will be marked by the inauguration of the Janeshwar Mishra statue.

08/10/2014 Day One of Samajwadi Party’s 9th Conclave.

09/10/2014 Day Two of Samajwadi Party’s 9th Conclave.

10/10/2014 Final Day of Samajwadi Party’s 9th Conclave.

19/10/2014 Congratulations to the Samajwadi Party workers for their win in Kairana.

उपरोक्त टिप्पणी ट्विटर पर भी हैं. इसके अतिरिक्त ट्विटर पर वर्ष 2014 में कुछ अन्य अतिरिक्त राजनैतिक टिप्पणियाँ (तारीख सहित)

21/03/2014 Samajwadi Party initiates, India’s largest Social Security movement with Samajwadi Pension Scheme.

07/04/2014 ‘We will do better than 2009 elections’ – Akhilesh Yadav, Hindustan Times

23/04/2014 Happy to see the Samajwadi Party flag flying high all the way in Seattle, USA. Thank you for sharing.

01/05/2014 Samajwadi Party would stop Modi’s model in UP. His model of dividing India.

यू-ट्यूब पर कथित UP Government Official Channel पर प्रस्तुत आपके द्वारा सपा कार्यालय पर झंडारोहण का वीडियो है जिसमें लिखा गया है कि- ”मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा स0पा0 कार्यालय में झण्डा रोहण करते हुए। दिनांक 15 08 2014”

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