देखें भड़ासी डाक्यूमेंट्री : क्रांतिकारी अशफ़ाक़ उल्ला खां – ‘जरा याद करो कुर्बानी’

Yashwant Singh : कल पूरा दिन एक डाक्यूमेंट्री बनाने में लगा दिया. शाहजहांपुर जब रंग महोत्सव में गया था तो अपने मोबाइल से कई फुटेज शूट कर लैपटाप में रख लिया था. काफी समय बाद आज इसे इत्मीनान से तैयार किया. इसे मुझसे बनवा लेने में दादा Kabeer Up का सबसे ज्यादा योगदान है क्योंकि …

यशवंत का भड़ासी चिंतन : कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है…

Yashwant Singh मुझे कभी कभी लगता है कि हम सब एक बेहतर सभ्यता लाए जाने से ठीक पहले के अराजक और असुंदर दौर के जीव-जंतु हैं जो जल्द खुद को अपनी करनी से विलुप्त कर लेंगे। उसके काफी समय बाद धरती पर फिर से जीवन प्रकट होगा और उस दौर के मनुष्य टाइप सबसे बुद्धिमान …

”दादी अम्मा जिंदा हैं!” ..देखें भड़ास निर्मित एक Documentary Film

ये सड़ा गला भ्रष्ट सिस्टम एक बुजुर्ग महिला को जीते जी कागजों में मार चुका है लेकिन सच यह है कि ”…दादी अम्मा जिंदा हैं…”.  आगरा के वीडियो जर्नलिस्ट फरहान खान की मदद से तैयार और भड़ास के यशवंत द्वारा संयोजित-संपादित इस डाक्यूमेंट्री से पता चलता है कि यह तंत्र अपने बुजुर्गों के प्रति भी कितना असंवेदनशील और अमानवीय हो चुका है. सत्तर साल की एक बुजुर्ग महिला खुद को जिंदा साबित करने के लिए साल भर से संघर्ष कर रही है. जब हर दफ्तर और हर अफसर से निराश हुई तो अब सीएम योगी से गुहार करने के वास्ते जिला मुख्यालय पहुंची. पूरी डाक्यूमेंट्री एक मैसेज देती है…. प्लीज, अपने सीनियर सिटीजन्स के साथ संवेदनशील रहें… उनके साथ हो रहे अन्याय को फौरन दूर करें….