नोएडा में अकेले रह रहे सत्तर बरस के बुजुर्ग पत्रकार का भड़ास संपादक ने यूं मनाया जन्मदिन (देखें वीडियो)

दैनिक जागरण, अमर उजाला समेत कई अखबारों में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार विनय श्रीकर ने छह जनवरी 2019 को अपनी उम्र के सत्तर बरस पूरे किए. नोएडा में अपनी पत्नी के साथ रह रहे विनय का इकलौता पुत्र इन दिनों में विदेश में आईटी कंपनी में कार्यरत हैं. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और …

44 के हुए यशवंत को वरिष्ठ पत्रकार दयानंद पांडेय ने यूं दी बधाई

Dayanand Pandey : आज हमारे जानेमन यारों के यार यशवंत सिंह का शुभ जन्म-दिन है। व्यवस्था से किसी को टकराना सीखना हो तो वह यशवंत सिंह से सीखे। अपनों से भी किसी को टकराना सीखना हो तो वह यशवंत से सीखे। यहां तक कि अपने-आप से भी किसी को टकराना सीखना हो तो भी वह यशवंत से सीखे। अपने आप को गाली सुनाने और सुनने की क्षमता भी किसी को पानी हो तो यशवंत से पाए। पारदर्शिता की इंतिहा भी हैं यशवंत सिंह।

मुद्राराक्षस ने सत्ताओं, शक्ति केंद्रों को ठेंगे पर रखा

बेबाक, बेलौस शख्सियत, तीखी असहमतियों, आलोचनाओं को भी पचा कर मुस्कराते रहने वाले, अपने आलोचक को सर्वाधिक प्रिय मानने वाले, अपनी उपस्थिति से ही सबको ऊर्जस्वित करने की क्षमता से संपन्न मुद्राराक्षस लखनऊ  में  अपनों से रुबरू थे। उनके जन्मदिन की पूर्वसंध्या पर लखनऊ  के जयशंकर सभागार में २०  जून  दिन शनिवार को उन्हें सुनने, उनसे मिलने, उनके बारे में अपनी यादें बांटने तमाम लोग जुटे थे।  वे 82 साल के हो गये। सबने अपने-अपने ढंग से अपनी बातें कहीं। 

वरिष्ठ पत्रकार जेपी गुप्ता का 85वां जन्मदिन मनाया

अजमेर : अजमेरू प्रेस क्लब में शुक्रवार को वरिष्ठ पत्रकार जेपी गुप्ता का 85 वां जन्मदिन मनाया गया। क्लब अध्यक्ष डा. रमेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष एसपी मित्तल, राजेंद्र हाड़ा, प्रताप सनकत, सूर्य प्रकाश गांधी, हरीश वरयानी, कमल वरयानी के अतिरिक्त उनके सहयोगी पत्रकार रहे राजेंद्र गुंजल, फोटोग्राफर रहे सत्यनारायण जाला, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सहायक …

अजमेर से निकलने वाले दैनिक भास्कर को क्या हो गया है? जरा इस न्यूज को तो देखिए

: मंत्री के सादगी से मनाए जन्मदिन में दो हजार का जीमण? : अजमेर से निकलने वाले दैनिक भास्कर को क्या हो गया है? खबर बनाते, उसका सम्पादन करते, पेज जांचते समय कोई यह देखने वाला नहीं है कि खबर क्या जा रही है। एक-दो साल पुरानी खबरों को ज्यों की त्यों छापने से भी जब पेट नहीं भरा तो अब भास्कर ने सारे शहर की आंखों में धूल झोंकने का काम शुरू कर दिया है। रविवार, 11 जनवरी 2015 का दिन था। वसुंधरा सरकार के एक मंत्री का जन्मदिन। मंत्री ने एक दिन पहले सारे अखबारों को प्रेस नोट भिजवा दिया, मंत्री जी सादगी से मनाएंगे जन्मदिन। पत्रकारों को मंत्री ने खुद फोन किया। गद्गद पत्रकार नतमस्तक हो गए। अब जरा मंत्री की सादगी पर गौर कीजिए।

25 नवम्बर नजीर बनारसी की जंयती पर : …हम अपना घर न जलाते तो क्या करते?

हदों-सरहदों की घेराबन्दी से परे कविता होती है, या यूं कहे आपस की दूरियों को पाटने, दिवारों को गिराने का काम कविता ही करती है। शायर नजीर बनारसी अपनी गजलों, कविताओं के जरिए इसी काम को अंजाम देते रहे है। एक मुकम्मल इंसान और इंसानियत को गढ़ने का काम करने वाली नजीर को इस बात से बेहद रंज था कि…

मुलायम के जन्मदिन जश्न के लिए स्कूली बच्चों को घंटों खड़ा रखा, बाल अधिकार आयोग को शिकायत

रामपुर में मुलायम सिंह के जन्मदिन समारोह के लिए स्कूलों की बंदी और बच्चों को मुलायम सिंह के नारे लगाने के लिए घंटों खड़ा रखने को बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ नूतन ठाकुर ने इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी है. शिकायत संख्या 201400001016 पर दर्ज इस ऑनलाइन शिकायत में कहा गया है कि एक नेता, जिन्हें ये बच्चे संभवतः जानते तक नही थे, के लिए नारे लगाने को इन बच्चों को घंटों खड़ा रखना आईपीसी की धारा 342 में अपराध है.

कलम का एक सिपाही जो छा गया उत्तराखण्ड के पटल पर

: डा० रमेश पोखरियाल निशंक के 15 अगस्त जन्म दिवस पर विशेष : हिमालय में जनपद पौडी के सुदूर प्रकृति की गोद में बसे अत्यन्त रमणीक गाँव पिनानी में श्री परमानन्द पोखरियाल एवं श्रीमति बिश्वम्भरी देवी पोखरियाल के अति निर्धन परिवार में १५ अगस्त सन् १९५९ ई. को एक महान शख्यित का जन्म हुआ जो आगे चलकर डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के रूप में  विख्यात हुए। डा० निशंक बचपन से ही प्रखर बुद्धि के साथ-साथ ओजस्वी विचारों के धनी रहे है। अहर्निश संघर्षशील निशंक के मन में समाज के लिये कुछ कर गुजरने की छटपटाहट बाल्यावस्था से ही रही है।