जब नरेंद्र भाई मोदी के सपने में गांधी जी आए… चुटकुला

Yashwant Singh : जब मनमोहन पीएम हुआ करते थे तो एक चुटकुला मैंने फेसबुक पर डाला था.. उन दिनों जो संघी और भक्त टाइप लोग थे, उनने जी भर वाह वाह किया था… अब इसी चुटकुले को ‘मोदीफाई’ कर देते हैं… कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

भड़ासी चुटकुला : वो नर्स अब तक कोमा में है….

एक आदमी अस्पताल में आखिरी सांसें गिन रहा था। एक नर्स और उसके परिवार वाले उसके बिस्तर के पास खड़े थे।

आदमी अपने बड़े बेटे से बोला: -बेटा, तू मेरे मिलेनियम सिटी वाले 15 बंगले ले ले।

बेटी से बोला: -बेटी, तू सोनीपत सेक्टर 14 के बंगले ले ले।

ये Joke फिलहाल किस ‘महान’ नेता के लिए हो रहा है वायरल? पढ़ें और बताएं

कृपया खाली स्थान में सही नेता का नाम भरें…. सही नाम गेस करने के लिए पूरा प्रसंग ध्यान से पढ़िए…

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भड़ासी चुटकुला : मजीठिया, मंदी, महंगाई और मीडियाकर्मी

पत्रकार (सिटी इंचार्ज से) – सर, कल से मैं सात बजे घर चला जाऊंगा..

सिटी इंचार्ज :- क्यों?

कंजूस मीडिया मालिक की मौत पर एक चुटकुला

एक मीडिया मालिक ने जिंदगी भर अपने कर्मचारियों का शोषण करके खूब पैसा कमाया… लेकिन वह महा कंजूस था… अपार धन इकट्ठा हो गया… जब मरने लगा तो Wife को बुला कर अपनी अंतिम इच्छा का इजहार किया- ”एक वादा करो… यह सारा पैसा दाह-संस्कार के समय मेरे साथ ही रख देना ताकि ऊपर जा कर मैं खर्च कर सकूं…”

बेटा, यह है पत्रकारिता, जो हमारे जमाने में व्हाट्सएप, फेसबुक से नहीं होती थी…

Riyaz Hashmi : हर जगह यह स्थिति है। जिलों में तो हालात भयंकर हैं। समझाने की कोशिश भर की है कि पत्रकार को क्या बात अलग करती है। संदेश पहुंचे तो वरिष्ठजन आशीर्वाद दें। कहानी कुछ यूं है। क्लास रूम में एक वरिष्ठ पत्रकार पत्रकारिता के विद्यार्थियों से एक सीरियस टॉपिक पर चर्चा करने पहुंचा, तभी एक शरारती छात्र ने सीटी बजाई।

भड़ासी चुटकुला : किसी भी घर में घुस जाओ…

1985 का दौर-
भाई पत्रकार साहब का घर कहां है?
यहां से आगे 2 km दूर है, चलो छोड़ देता हूँ….

1995 का दौर-
भाई पत्रकार साहब का घर कहां है?
आगे जाकर बायीं ओर का दूसरा मकान।

झूठ, घंटा और मोदी (चुटकुला)

यमराज : हे चित्रगुप्त, हर आदमी के नाम पर एक ऐसी मशीन बना जो झूठ बोलने पर बजने लगे ताकि पता चल सके कौन बदमाश झूठ बोल रहा है…!!

चित्रगुप्त : ठीक है प्रभु…!!

चित्रगुप्त ने एक घंटा बनवाया. उसमें लाई-डिटेक्टर समेत कई तरह के एप इंस्टाल किए. प्रत्येक घंटा का सेंसर संबंधित व्यक्ति से ब्लूटूथ-वाईफाई के जरिए मैनुवली कनेक्ट-अटैच किया.