दैनिक जागरण ने गंगेश मिश्र को बनाया बिहार स्टेट हेड, सदगुरु शरण अवस्थी नोएडा बुलाए गए

एक बड़ी खबर दैनिक जागरण से आ रही है. बिहार के स्टेट हेड के रूप में गंगेश मिश्र की ताजपोशी की गई है. अब तक बिहार स्टेट हेड के रूप में काम देख रहे सदगुरु शरण अवस्थी को नोएडा बुला लिया गया है. गंगेश मिश्र अभी तक नोएडा में सेंट्रल डेस्क इंचार्ज के रूप में काम देख रहे थे. गंगेश मिश्र ईमानदार, विनम्र और कर्मठ पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं.

गंगेश ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत प्रभाष जोशी के नेतृत्व में जनसत्ता से 1988 में की. आठ साल बाद अमर उजाला पहुंचे. वहाँ से हिन्दुस्तान अखबार में समाचार संपादक बनकर आए. मृणाल पांडेय के नेतृत्व में हिन्दुस्तान ने जब झंडे गाड़े तो उसमें बड़ा योगदान गंगेश मिश्र का माना गया. दिल्ली में 2009 में जब दैनिक भास्कर की रिलांचिंग हुई तो वहाँ डिप्टी एडिटर के रूप में थे.

गंगेश मिश्र 2012 में जागरण समूह के हिस्से बने. तब उन्हें जागरण के सहयोगी प्रकाशन नईदुनिया में इंदौर का स्थानीय संपादक बनाया गया. नईदुनिया से 2014 में नोएडा जागरण में स्थानांतरित होकर आए. बताया जा रहा है कि अभी तक बिहार के स्टेट हेड के रूप में काम देख रहे सदगुरु शरण अवस्थी अब नोएडा में सेंट्रल डेस्क के प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

बिहार में दैनिक जागरण कर रहा अपने कर्मियों का शोषण, श्रम आयुक्त ने जांच के आदेश दिए

दैनिक जागरण, गया (बिहार) के पत्रकार पंकज कुमार ने श्रम आयुक्त बिहार गोपाल मीणा के यहाँ एक आवेदन दिनांक लगाया था. पिछले महीने 26 जुलाई को दिए गए इस आवेदन में पंकज ने आरोप लगाया था कि गया जिले सहित जागरण के बिहार के सभी चार प्रकाशन केंद्र में श्रम कानून के तहत मीडियाकर्मियों और गैर-मीडियाकर्मियों को कई किस्म का लाभ नहीं दिया जा रहा है. यहां 90 प्रतिशत से अधिक पत्रकार एवं गैर पत्रकारों का प्राविडेंट फंड, स्वास्थ्य बीमा, सर्विस बुक सहित कई सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है. साथ ही माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी, पद और ग्रेड की जो घोषणा की जानी थी, उसे भी नहीं नहीं किया गया है.

श्रम आयुक्त गोपाल मीणा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एक आदेश (3 / डी-96 / 2015 श्र० स० 4142 दिनांक 04-08-17) जारी कर दिया है. आदेश के माध्यम से कहा गया है कि दैनिक जागरण में कार्य के माहौल, श्रम नियमों और मजीठिया वेज बोर्ड आदि के अनुपालन की नियमानुकूल आवश्यक जांच की जाए तथा कृत कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को तुरंत उपलब्ध कराया जाए. ये आदेश मगध प्रमंडल के उप श्रमायुक्त को दिया गया है.

पंकज कुमार ने इसके पूर्व माननीय उच्चतम न्यायालय में अवमानना वाद दायर किया था. पंकज का गया से जम्मू विद्वेष के कारण तबादला कर दिया गया था. इस तबादला को स्टे करने तथा मजीठिया वेज बोर्ड की अनुसंशा के आलोक में वेतन सहित अन्य सुविधा देने की मांग पंकज ने की थी. माननीय उच्चतम न्यायालय ने सभी आवेदकों को श्रम आयुक्त के पास इंडस्ट्रियल डिस्पुट एक्ट के तहत आवेदन दायर करने का आदेश दिया है. पंकज कुमार द्वारा दायर अवमानना वाद की खबर भड़ास ने प्रमुखता से एक मई को प्रकाशित किया था. श्रम आयुक्त गोपाल मीणा के ताजे आदेश का लाभ हजारों मीडियाकर्मियों और गैर-मीडियाकर्मियों को मिलेगा जो दैनिक जागरण सहित अन्य प्रकाशन संस्थानों में काम कर रहे हैं.

गया से जाने माने वकील और पत्रकार मदन तिवारी की रिपोर्ट. संपर्क : 8797006594

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

दैनिक जागरण का एक और विकेट दैनिक भास्कर ने गिराया, मधुरेश की नई पारी

बिहार में जागरण के लिए एक और बुरी खबर। बिहार-झारखंड से प्रकाशित दैनिक भास्कर के निशाने पर आ गया है दैनिक जागरण। जागरण के पटना एडीशन के ब्यूरो चीफ मधुरेश ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी नई पारी भास्कर पटना के साथ शुरू की है। मधुरेश के पूर्व जागरण से भास्कर में जाने वालों में शशिभूषण और अरूण अशेष प्रमुख है। जागरण से कुछ और लोगों को भास्कर प्रबंधन तोड़़ने में जुटा है।

भास्कर द्वारा अधिक वेतन देने के कारण जागरण से लोग टूटते जा रहे हैं। उपरोक्त तीनों व्यक्ति जागरण में वरीय पदों पर थे। हालांकि दैनिक भास्कर का इतिहास रहा है कि वह पहले तो ज्यादा सेलरी में दूसरे अखबारों से लोगों को तोड़ता है लेकिन कुछ ही समय बाद अपने यहां से ट्रांसफर और टर्मिनेशन की कार्यवाही भी शुरू कर देता है.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: