बीकानेर में ‘वर्तमान पत्रकारिता का सामाजिक सरोकार’ पर संगोष्ठी 12 को

बीकानेर : अजितफाउंडेशन के सभागार में 12 अप्रैल की सुबह 11 बजे ‘वर्तमान पत्रकारिता का सामाजिक सरोकार’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई है। सनी सेबेस्टिन, उपकुलपति हरदेव जोशी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय जयपुर के संयोजन में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता पद्मभूषण प्रो. विजयशंकर व्यास करेंगे।  कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

न्यूज चैनल के रिपोर्टर पर अटैक, हमलावरों ने माइक और कैमरा तोड़ा

बहराइच : कुछ लोगों ने खबर प्रसारित कर दिए जाने से खुन्नस मानते हुए एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर जगदंबा सिंह पर हमला कर उनका कैमरा और माइक भी तोड़ दिया। हमले में रिपोर्टर को काफी चोटें आई हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

लोकपाल के नाम पर सत्ता में आए और सवाल उठाने पर लोकपाल की ही छुट्टी कर दी!

आम आदमी पार्टी में मची भयानक कलह के बाद भी हालांकि पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टी में “आल इज़ वेल”  है, लेकिन हर रोज़ हम सभी को जो देखने और सुनने को मिल रहा, उससे तो यही लगता है की केजरी हम सभी को बार बार “अप्रैल फूल” ही बना रहे हैं. हालांकि केजरी को अब इसकी ज़रूरत नहीं होनी चाहिए थी क्योंकि वह तो पहले ही हम दिल्ली वासियों को अप्रैल फूल बना कर ही दिल्ली की सत्ता पर क़ाबिज़ हुए हैं। 

भ्रष्टाचार की जांच के दौरान पत्रकारों पर सचिव ने किया लाठियों से हमला

रायसेन। जिले के बाड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत जामगढ़ और भगदेई में हुए व्यापक भ्रष्टाचार की जांच के दौरान सचिव, उसके पिता और परिजन इतने बौखला गए कि इन्होंने लाठियों से हितग्राहियों और पत्रकारों पर हमला कर दिया। इस हमले में पत्रकार कमल याज्ञवल्क्य सहित अन्य पत्रकार भी घायल हो गए।

केजरीवाल को ज्ञापन देने गए मजदूरों पर दिल्ली पुलिस का लाठी चार्ज

केजरीवाल सरकार को मज़दूरों से किये वादों की याद दिलाने दिल्‍ली सचिवालय पहुंचे दिल्‍ली के मज़दूरों पर दिल्‍ली पुलिस ने बुरी तरह लाठीचार्ज किया, बुरी तरह आंसू गैस के गोले छोड़े और दौड़ा-दौड़ाकर मज़दूरों, महिलाओं को पीटा। बहुत से लोगों को काफी चोटें आई हैं, कइयों के सिर फूट गये हैं। शांति पूर्वक अपनी बात को मुख्य मंत्री तक ले जाने के इरादे से आये दिल्ली भर के मजदूरों और आम मेहनतकश जनता को वहशी तरीके से पीटा गया।  

पंजाब केसरी के रिपोर्टर मालवा पर लगे कई गंभीर आरोप

जगराओं : पहले ही कई विवादों में फंसे जगबाणी-पंजाब केसरी के पत्रकार अमरजीत सिंह मालवा फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार अमरजीत सिंह पर प्लाट पर कब्जा करने, झूठी खबरें छाप ब्लैकमेल करने और झूठे केसों मे फंसाने की धमिकयां देने के सनसनी खेज आरोप लगे हैं।

पत्रकार ने लिखी सीएम शिवराज सिंह चौहान पर किताब

भोपाल : पत्रकार कृष्णमोहन झा ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर एक किताब लिखी है- ‘संकल्प सेवा समर्पण की त्रिवेणी शिवराज’। पुस्तक का प्रकाशन  सुदित पब्लिकेशन्स द्वारा किया जा रहा है। पुस्तक में अलग-अलग लेखों में मुख्यमंत्री के नौ वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का चित्रण किया गया है।

‘आप’ पर स्टिंग वार ; अब लड़ाई आर-पार

दिल्ली : अब तो सचमुच यकीन सा होने लगा है कि सियासत भी एक-की-तीन बातों से चलती है- इंटरटेनमेंट, इंटरटेनमेंट और इंटरटेनमेंट। देखिए न कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी में महाभारत गहराती जा रही है। केजरीवाल के खिलाफ ऑडियो टेप जारी होने के बाद पार्टी पूरी तरह से बिखरती दिख रही है। किसी ने खबर पर टिप्पणी की है – ‘हम तो नई, साफसुथरी राजनीति करने आये है जी, लेकिन क्या करें, हमाम में नंगा होना पडता है….

‘आप’ पर मयंक गांधी का एक और ब्लॉग-बम

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी में भूचाल मचाने वाले राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मयंक गांधी ने शनिवार को एक और ब्लॉग-बमबारी करते हुए लिखा है कि पार्टी छोड़ने के लिए उन्हें अपमानित किया जा रहा है। इस संबंध में योगेंद्र यादव का कहना है कि वह पार्टी के भीतर के ताजा हालात पर सार्वजनिक रूप में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। पार्टी की अपनी प्रतिष्ठा है। वह उस मर्यादा में रह कर काम करना चाहते हैं। 

बेगूसराय के नाम पर गंध फैला रहा सीरियल

(संपादक, भड़ास4मीडिया, भड़ास पर न्यूज चैनलों और प्रिंट के बारे में काफी सामग्री रहती है लेकिन आपको मुंबइया मनोरंजन चैनलों और उनकी करतूतों की भी पोल खोलनी चाहिए। इन चैनलों में जिस तरीके की कमीशनखोरी और कटेंट के नाम पर गंध फैलाया जा रही है, समाज में जहर घोलने के सिवाय और कुछ नहीं कर रही है। इनके ईपीओ ने कुछ ठेकेदार टाइप तथाकथित लेखकों का एक गिरोह बना रखा है, जो हर चैनल के हर सीरियल में घुसे हुए हैं। ये लोग खुद कुछ नहीं लिखते बल्कि अपना मोटा कमीशन काटकर दूसरों से लिखवाते हैं। हालत ये है कि पढ़े-लिखे टैलेंटेड लोग अपना खून पसीना एक कर कुछ लिखते हैं और ये कमीशनखोर उसमें सही गलत गोद-गादकर अपनी दुकान चला रहे हैं। न इन्हें समाज की समझ है, न इंसानी रिश्तों की। ये सीरियल क्या खाक लिखेंगे। आजकल सुभाषचंद्रा के नए चैनल एंड टीवी पर बेगूसराय के नाम पर गंध फैलाया जा रहा है। मैने इसके बारे में कुछ लिखा है। अगर उचित लगे तो इसे भड़ास पर जगह दे दीजिए। – अनुज जोशी)

हिंदी सीरियलों के निर्माता पता नही किस दुनिया में रहते हैं। इन्हें न समाज के बारे में पता होता है न समाजिक ताने-बाने के बारे में और ना ही सामाजिक संबन्धों के बारे में। फिर भी ये लोग सीरियल बनाए जा रहे हैं और मनोरंजन चैनलों में बैठे कूढ़मगज इन्हें मोटी धनराशि देकर इनकी सेवाएं ले भी रहे हैं। कुछ एक टीवी धारावाहिकों को छोड़ दें तो ज्यादातर का हाल इतना बुरा है कि कोई संजीदा इंसान जिसके पास थोड़ा बहुत भी भेजा है, इन्हें बर्दाश्त नहीं कर सकता। यही वजह है कि पिछले 10 सालों में न जाने कितने मनोरंजन चैनल आए और गए लेकिन हालत में सुधार कतई नहीं। उस पर तुर्रा ये कि ये सभी सीरियल निर्माता हमेशा ज्ञान बघारते रहते हैं कि यार टीवी में टैलेंटेड राइटर की बेहद कमी है। जबकि सच्चाई ये है कि ये फटीचर खुद लेखन और निर्माण के बारे में कुछ नहीं जानते।