राजनीति में आपके लिए ये चुनौतियां हैं यशवंत भाई

यशवंत भाई, 

राजनीतिक पार्टी शुरू करने के लिए बधाई। आपके जन सरोकारी विचारों का हम आदर करते हैं। लेकिन मेरे मन में कुछ बातें हैं जिन्हें साझा करना चाहता हूं। पहला तो यह कि यदि आप ईमानदारी से आगे बढ़ेंगे तो बेईमान प्रजाति के लोग आपके ऊपर हमला करने से नहीं चूकेंगे। आपको मटियामेट कर देना चाहेंगे ताकि उनका खेल चलता रहे,  बेहिसाब गति से अकूत संपत्ति आती रहे और वे ताकतवर भी बने रहें। 

आपसी मतभेद भुलाकर अब भड़ास के मंच पर आएं सभी वामपंथी

प्रिय भाई यशवंत जी, आपकी नई पार्टी बनाने की योजना का स्वागत करता हूँ लेकिन एक विचार मन में उत्पन्न हुआ, जो लिख रहा हूँ। यदि अच्छा लगे तो उस पर चिंतन और मनन करते हुए एक विचार गोष्ठी के लिए सभी गणमान्य लोगों आमंत्रित करें और उस पर कार्य हो। हम लोग आरम्भ से ही वामपंथ से जुड़े रहे और आज आवश्यकता है देश के सभी वामपंथी सभी भेदभाव भूलकर एक मंच पर आयें, सभी लोग मिलकर एक ही पार्टी बनायें। 

‘आप’ के बागी अभी अलग पार्टी नहीं बनाएंगे, छह माह तक देशव्यापी अभियान का फैसला

गुड़गांव : आम आदमी पार्टी की चेतावनी के बावजूद मंगलवार को यहां योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण गुट के ‘स्वराज संवाद’ में हजारों कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। कार्यकर्ताओं का मत था कि आम आदमी पार्टी में रहते हुए योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को ‘स्वराज’ के लिए संघर्ष करते रहना चाहिए। फैसला किया गया है कि आप से अलग होकर नई पार्टी नहीं बनाई जाएगी। पार्टी में रहकर ही स्वराज के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। अब आगामी छह महीने तक पार्टी का यह असंतुष्ट धड़ा देशव्यापी अभियान चलाएगा।

Aroon Purie को शर्म मगर आती नहीं….

जिस रोज पेशावर में मासूमों का कत्लेआम किया जा रहा था, जिस शाम पूरी दुनिया इस जघन्यतम बाल संहार से स्तब्ध होकर आंसू बहा रही थी, उसी रोज और उसी शाम अरुण पुरी अपनी पूरी टीम के साथ नोएडा फिल्म सिटी में पार्टी इंज्वाय कर रहे थे. बैंड बाजा लाइंटिंग डांस खाना पीना मस्ती.. फुल टाइट व्यवस्था थी और सबने जी भर कर इंज्वाय किया.. पार्टी India Today मैग्जीन की वर्षगांठ के मौके पर तय थी और हुई भी. एक बार भी अरुण पुरी का दिल पेशावर के बच्चों के लिए दर्द से नहीं भरा. सरोकारी पत्रकारिता और संवेदनशील पत्रकारिता का दावा करने वाले टीवी टुडे ग्रुप और लीविंग मीडिया कंपनी के मालिक अरुण पुरी से कम से कम ये उम्मीद तो हम सभी कर सकते हैं कि वह देश दुनिया की नब्ज, संवेदना, सरोकार को पकड़ेंगे, समझेंगे और उसके हिसाब से बिहैव करेंगे. फिल्म सिटी में काम करने वाले दर्जनों पत्रकारों ने भड़ास को फोन कर इस जघन्य पार्टी के बारे में जानकारी दी.