हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन घोटाला : स्टे आर्डर की अवहेलना करने वाले और शोभना भरतिया व शशि शेखर को बचाने में जुटे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए याचिका

नई दिल्ली, 13 जून। 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन घोटाले से जुड़े फौजदारी मुकदमे में प्रमुख अभियुक्त शोभना भरतीया की ओर से दर्ज स्पेशल लीव पीटिशन में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की संभावित तारीख 01 जुलाई 2016 मुकर्रर की है। 08 जून, 2016 को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट ने तारीख की यह तिथि अपडेट की है। बिहार के मुंगेर जिले के कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी में हिन्दुस्तान प्रकाशन समूह की अध्यक्ष शोभना भरतीया से लेकर प्रधान संपादक शशि शेखर समेत कई लोग नामजद अभियुक्त हैं।

सरकारी विज्ञापन घोटाला कांड के सूचक मन्टू शर्मा जो सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पीटिशन में रिस्पान्डेन्ट नंबर दो हैं, की ओर से बिहार के मुंगेर के वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने 18 अप्रैल, 2016 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी0एस0ठाकुर के समक्ष उपस्थित होकर ‘स्पेशल मेंशन‘ कर बिहार सरकार के ‘काउन्टर- ऐफिडेविट‘ और पीटिशनर शोभना भरतीया के ‘रिज्वाईंडर‘ का ‘रिप्लाई‘ जमा करने की अनुमति देने की प्रार्थना की। मुख्य न्यायाधीश टी0एस0ठाकुर की अनुमति के बाद अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट में रिस्पान्डेन्ट मन्टू शर्मा की ओर से ‘रिप्लाई‘ जमा कर दिया।

मन्टू शर्मा ने रिप्लाई में सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक इस मामले में आगे की कानूनी काररवाई पर अंतरिम स्थगन दिया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम स्थगन आदेश के बावजूद बिहार सरकार जो कि रिस्पान्डेन्ट नंबर एक है, ने मुकदमे की पीटिशनर शोभना भरतीया को मदद करने के इरादे से पुलिस अनुसंधान पुनः शुरू कर दिया और सुप्रीम कोर्ट के 05 मार्च, 2013 के अंतरिम स्थगन आदेश की न केवल अवहेलना की वरन् कलंकित करने का काम किया जबकि पीटिशनर शोभना भरतीया मुंगेर के कोतवाली में प्रमुख नामजद अभियुक्त हैं। मन्टू शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में बिहार सरकार के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को मुकदमे की अगली तिथि को सशरीर उपस्थित होने और सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम स्थगन आदेश की अवहेलना करने और  पीटिशनर शोभना भरतीय को मदद करने के लिए पुनः पुलिस अनुसंधान शुरू करने का दुस्साहस करने के लिए कारण-पृच्छा पूछने की प्रार्थना की है।

बिहार के मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट.

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राजनीतिक कार्यकर्ता को डंडा खिलवाने व फर्जी आरोप में जेल भिजवाने का ठेका लेता है प्रभात खबर का यह पत्रकार

अधिवक्ता व पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट

पटना । बिहार में विगत दशकों में पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक चेहरे देखने को मिल रहे हैं। सीवान के राजदेव रंजन जैसे पत्रकार देश, समाज और अपने मीडिया हाउस के हित और सुरक्षा में अपनी कीमती जिन्दगी की कुर्बानी दे रहे हैं। दूसरी ओर, बिहार के ही मुंगेर जिले के दैनिक ‘प्रभात खबर‘ के पत्रकार विजय शंकर सिंह अपने आपराधिक कारनामों से पत्रकारिता के पेशे को कलंकित कर रहे हैं। पुलिस अनुसंधान में इस पत्रकार के षड़यंत्र में नाम आने के बाद भी दैनिक प्रभात खबर, दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर का प्रबंधन व संपादकीय विभाग मामले को उजागर नहीं कर रहा है।

उल्टे, इन अखबारों के मुंगेर प्रमंडलीय कार्यालयों के प्रमुख दोषी पत्रकार, पुलिस पदाधिकारी और एनजीओ के सचिव को कानून की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐड़ी-चोटी एक कर रहा है। प्रमाण यह है कि पत्रकार विजय शंकर सिंह के आपराधिक कुकृत्यों को व्यूरो प्रमुख अपने संपादकों और प्रबंधन के इशारे पर अपने-अपने अखबारों में प्रकाशित नहीं कर रहे हैं।

मामला क्या है

जनता दल यू के मुंगेर जिला के पूर्व जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा एक गीतकार हैं। एनजीओ ‘हक‘ ने नरेन्द्र कुशवाहा सहित तीन कलाकारों को नुक्कड़ नाटक केमंचन के लिए अनुबंध किया। परन्तु जब हक संस्था के सचिव पंकज कुमार सिंह ने नाटक मंचन के एवज में 22 हजार रूपया मजदूरी के रूप में नहीं दी तो श्री कुशवहा ने मुंगेर के डीएम से इसकी लिखित शिकायत की। डीएम के आदेश पर मुंगेर कोतवाली ने सूचक जनता दल यू नेता नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा के आवेदन पर हक के सचिव पंकज कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जांचोपरांत कोतवाली पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर हक संस्था के सचिव पंकज कुमार सिंह के विरूद्ध आरोप-पत्र मुंगेर न्यायालय में सुपुर्द कर दिया। अभी भी मामला न्यायालय में लंबित है।

जान मारने की कोशिश की गई

आरोप-पत्र समर्पित होने के डेढ़ माह बाद मुंगेर की कासिम बाजार पुलिस ने जनता दल यू के तात्कालीक जिला सचिव नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को 15 जून, 2013 की शाम धोखा में बुलाकर गिरफ्तार किया। उसे कासिम बाजार थाना उठा ले गई पुलिस और पुलिस पदाधिकारियों व होमगार्ड्स के जवानों ने श्री कुशवाहा को थाना के गाछ में रस्सी से बांधकर तब तक पिटाई की जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। जब होश आया तो वह भागलपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में बेड में अपने को पाया। उसने अपने साथ घटी घटना को भागलपुर से मुंगेर के डीएम, एसपी, आयुक्त, डीआईजी और अन्य को बता दिया। किसी ने उसके आवेदन पर सुनवाई नहीं की।

पहले जान से मारने की कोशिश हुई, बाद में भेजे गए जेल

भागलपुर में इलाज के दौरान ही मुंगेर के कासिम बाजार थाना की पुलिस पहुंची और पुलिस ने चार जिन्दा कारतूस पाकेट में रखने के आरोप में इलाजरत श्री कुशवाहा को मुंगेर जेल न्यायिक हिरासत में भेज दिया। लगभग तीन महीनों तक जेल में रहे कुशवाहा। पहले थाना में गाछ से बांध कर पिटाई और फिर जीवित कारतूस रखने के जुर्म में जेल जाने के बाद भी कुशवाहा ने हिम्मत नहीं हारी। उसने न्याय के लिए मुंगेर मंडल कारा में आमरण-अनशन शुरू कर दिया। पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिलने तक कुशवाहा मुंगेर जेल में महीनों आमरण-अनशन पर रहे। परन्तु बिहार के मीडिया हाउस दैनिक प्रभात खबर, दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर ने उनके आमरण अनशन की खबर को केवल दबाने का काम किया।  एक राजनीतिक व्यक्ति के जीवन को समाप्त कर देने की अनोखी मुहिम मुंगेर के मीडिया हाउस के लोगों ने चलाई।

मुख्यमंत्री निरीह बने रहे

पुलिस जुल्म की फरियाद लेकर जद यू नेता की भतीजी मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के जनता दरबार में अकेले तीन बार पहुंची लेकिन परन्तु मुख्यमंत्री भी निरीह प्रमाणित हुए। अंत में मुंगेर जेल से ही श्री कुशवाहा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखित आवेदन भेजा। उसकी भतीजी मुक्ता कुमारी अकेले नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यालय में पहुंचीं और अपने चाचा पर हो रहे बिहार पुलिस के जुल्म की दास्तान कह सुनाईं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान और बिहार सरकार को पूरे मामले में जांच का आदेश दिया। बिहार सरकार ने मामले को अपराध अनुसंधान विभाग के पुलिस अधीक्षक एसपी शुक्ला को सुपुर्द कर दिया। शुक्ला ने जो जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली और मुंगेर पुलिस अधीक्षक को सुपुर्द की, उस रिपोर्ट ने कलम, खाकी और सफदेपोश अपराधियों के संगठित षड़यंत्र को पूरी तरह बेनकाव बेनकाब कर दिया। मुंगेर पुलिस ने कुशवाहा को गोली रखने के आरोप से अनुसंधान में मुक्त कर दिया है। अब कुशवाहा अपने कंधे के थैला में अब तक की सभी पुलिस रिपोर्ट लेकर मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के जनता दरबार की दौड़ लगा रहे हैं और भीख मांग रहे हैं कि -‘हुजूर, पिटाई और गोली के आरोप में निर्दोष होकर जेल जाने से बचा नहीं सके। अब तो दोषी पत्रकार, पुलिस पदाधिकारी और एनजीओ के सचिव के विरूद्ध कानूनी काररवाई कीजिए। अपने हक के लिए आवाज उठाने के जुर्म में पुलिस ने गाछ में बांध कर पिटाई की और महीनों जेल की सजा काट ली। अब तो हुजूर, दोषी को जेल भेजने का काम कीजिए।‘

मुख्यमंत्री नीतिश कुमार हो गए गंभीर

पटना के जनता दरबार में जब श्री कुशवाहा ने पूरे दस्तावेजी साक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री को सारी बातें बताई तो मुख्यमंत्री गंभीर हो गए। उन्होंने भागलपुर के आरक्षी महानिरीक्षक सुशील खोपडे को इस मामले में कानूनी पक्षों के अध्ययन कर दोषी पत्रकार, पुलिस पदाधिकारी और एन0जी0ओ0 के सचिव के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आरक्षी महानिरीक्षक सुशील खोपडे ने श्री कुशवाहा को इस सप्ताह भागलपुर स्थित कार्यालय में बुलाया और एक घंटा तक पूरी घटना की जानकारी ली और पुलिस अनुसंधान में आए दस्तावेजी साक्ष्यों का गंभीरता से अध्ययन किया। श्री कुशवाहा ने आई0जी0 को स्पष्ट कर दिया है कि मुंगेर के डी0आई0जी0 वरूण कुमार सिन्हा दोषी पत्रकार, पुलिस पदाधिकारी और एन0जी0ओ0 के सचिव के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई में रोड़ा बने हुए हैं।

इस बीच, मुंगेर पुलिस अधीक्षक के पुलिस प्रतिवेदन-04 में पुलिस अधीक्षक ने मंतव्य दिय है कि -‘‘एन0जी0ओ0 हक के सचिव पंकज कुमार सिंह और प्रभात खबर के पत्रकार विजय शंकर सिंह ने षड़यंत्र कर पुलिस पदाधिकारियों की मदद से गोली नरेन्द्र कु0 सिंह कुशवाहा के थैला में रखवा दिया था और उसकी गिरफ्तारी कराई गईं। इस प्रकार यह प्रमाणित हो जाता है कि पत्रकार पुलिस की नजदीकियों का फायदा उठाते हैं और पुलिस के हाथों राजनीतिक कार्यकर्ता और नेता को डंडा खिलवाने और फर्जी आरोप में जेल भिजवाने का ठेका लेने का भी काम कर रहे हैं जो काम समाज के नामी-गिरामी अपराधी कर रहे हैं।‘‘

पुलिस अधीक्षक ने अपने पुलिस प्रतिवेदन संख्या-04 में आगे लिखा है कि ‘‘पुलिस अनुसंधानकर्ता साक्ष्यानुसार एन0जी0ओ0 ‘‘हक‘‘ के सचिव पंकज कुमार सिंह और दैनिक प्रभात खबर के पत्रकार विजय शंकर सिंह की गिरफ्तारी की कार्रवाई करेंगे।‘‘

इस बीच, मुंगेर के पूर्व के पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकरण में कासिम बाजार थाना के पूर्व थाना ध्यक्ष दीपक कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक सफदर अली  के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई के तहत उनकी सेवा पुस्तिकाओं में एक ‘‘कलांक‘‘ की सजा दी है और छः माह के वेतन वृद्धि पर रोक लगाई है। दोनों पुलिस पदाधिकारियों की सेवा पुस्तिकाओं में कलांक की सजा को अंकित कर दिया गया है।

जनता दल यू नेता नरेन्द्र कु0 सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतिश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से प्रार्थना की है कि – ‘‘यदि दोषी पुलिस पदाधिकारी दीपक कुमार और सफदर अली, पत्रकार विजय शंकर सिंह और एन0जी0ओ0 सचिव पंकज कुमार सिंह के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सरकार नहीं करती है, तो पुलिस, पत्रकार और एन0जी0ओ0 का गठजोड़ उसकी हत्या करा देगा। फिर आप लोग जांच पर जांच कराते रह जाएंगे।‘‘

इस बीच, दैनिक प्रभात खबर, दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर के मुंगेर कार्यालयों के ब्यूरो प्रमुख ने ठान लिया है कि नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा पर हुए पुलिस जुल्म की खबर को कतई प्रकाशित प्रसारित नहीं किया जाएगा। नरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा के साथ हुए पुलिस उत्पीड़न की खबर को जिस तरह तीन वर्षों तक हिन्दी अखबारों और न्यूज चैनलों ने दबा कर रखा, ऐसी ही चट्टानी एकता आगे भी बरकरार रखने की कोशिश की जाती रहेगी।

मुंगेर से अधिवक्ता व पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट. संपर्क: मो. 09470400813

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Rs 200 cr ADVT Scam : Supreme court will hear Shobhana Bhartia’s SLP No.1603 on 14 July 2015

New Delhi, June 25. In the globally talked Rs.200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement Scandal, the Supreme Court of India on June 24,2015, has notified  through its website  that it is likely that the Supreme Court of India (New Delhi) will list ”the Special Leave Petition(Criminal) No-1603 of 2013 for hearing on July 14, 2015 next.

“It is Smt. Shobhana Bhartia, w/o Shri Shyam Sunder Bhartia, a resident of 19, Friends Colony(West), New Delhi -110065, who has filed the S.L.P(Criminal) No-1603 of 2013 in the Supreme Court of India,praying the supreme court to quash the Munger(Bihar) Kotwali P.S case No.445 of 2011,dated 18-11-2011).

It is important to note that Smt. Shobhana Bharatia is the  Chairperson of Mess. Hindustan Media Ventures Limited(New Delhi).Smt.Shobhana Bhartia’s company  prints, publishes and  distributes the popular Hindi daily ‘Dainik Hindustan’. What is in the Munger (Bihar) Kotwali P.S CaseNo.445 /20111(dated 18 Nov.2011) ? In the F.I.R No.445/2011, dt 18 Nov.2011,one social worker, Mantoo Sharma, a resident of Puraniganj locality of the Munger town has accused (1) the Principal accused Shobhana Bhartia (Chairperson, Hindustan Publication Group-Mess. Hindustan Media Ventres Limited, Head Office- 18-20, Kasturba Gandhi Marg, New Delhi, (2) Shashi Shekhar(Chief Editor, Dainik Hindustan, New Delhi, (3)Aakku Srivastawa(Acting Editor, Dainik Hindustan, Patna Edition), (4) Binod Bandhu(Regional Editor, Dainik Hindustan,Bhagalpur edititon,Bhagalpur) and (5) Amit Chopra, Printer & Publisher , Mess. Hindustan Media Ventures Limited,Lower Nathnagar Road, Parbatti,Bhagalpur of violating different provisions of the Press & Registration of Books Act, 1867 and the IPC,printing  and publishing the Bhagalpur and Munger editions of Dainik Hindustan (A Hindi daily) using the wrong registration No. and obtaining the govt. advertisements of the Union and the State governments upto Rs. 200 crore  approximately in the advertisement head by presenting the forged documents of registration before the Bihar and the Union governments.

The Munger(Bihar)Kotwali police have lodged a criminal case(F.I.R No.445/2011) u/s  8(B),14 &15 of the Press and Registration of Books Act, 1867 and sections 420,471 & 476 of the Indian Penal Code against (1) Shobhana Bhartia,(2) Shashi Shekhar,(3) Aakku Srivastawa,(4) Binod Bandhu and (5) Amit Chopra on Nov, 18,2011 .All five are named accused persons in this criminal case of forgery and cheatings.

The present status of the police investigation in this case:  The Deputy Police Superintendent(Munger) ,A.K.Panchlar and the Police Superintendent(Munger) ,P.Kannan have submitted the ” Supervision Report No.01 ” and ” the Supervision Report No.02” in this criminal case.In the Supervision Report No.01 & 02,the Dy.S.P and the S.P  have concluded the following facts:

“On the basis of facts, coming in course of investigation and supervisions , and available documents, the Kotwali P.S case No.445/2011 is prima-facie true.”

Patna High Court Order: It is worth mentioning that the Hon’ble Justice, Smt. Anjana Prakash , in the Criminal Miscellaneous No. 2951 of 2012( Smt. Shobhana Bhartia, Petitioner Vs (1) State of Bihar,(2) Mantoo Sharma,Munger & others)  on Dec, 17, 2012, has passed an order and has directed the Munger Investigating Police officer to expedite the investigation and  conclude the  same within a period of three months from the date of receipt of this order.

By ShriKrishna Prasad, Munger, Bihar

M-09470400813

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Dainik Hindustan 200 cr Government Advt Scam : SC to hear SLP of Shobhana Bharatia on 24 March

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement scandal, the Supreme Court of India(New Delhi) has listed the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 / 2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for hearing on March, twenty four 2015 next. Meanwhile, the Superintendent of Police, Munger (Bihar), Mr. Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013. Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh has to file the Counter-Affidavit in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

Reliable sources in New Delhi said that the Police Superintendent, Munger (Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha, in the Counter-Affidavit to the Supreme Court, had clearly exposed the financial scandal of M/S. H.T.Media Ventures Limited (New Delhi). The Police Superintendent,Munger (Bihar) in his Counter-Affidavit said,” During police investigation and supervision, the Munger(Bihar) police have found ”facts” crystal -clear that theMunger edition of Dainik Hindustan is being printed and published, violating the rules and provisions of the Press & Registration of Books Act, 1867 and getting the government advertisements illegally. On the basis of facts ,coming in course of investigations,supervisions and available documents, the police find sufficient evidences against all the named accused persons in the Munger Kotwali Police Case No.445/2011 including the Chairperson of M/S. H.T.Media Ventures Limited (New Delhi) Shobhana Bhartia. I pray to the Hon’ble Supreme Court to reject the petition of the petitioner,Shobhana Bhartia in this instant case.”

It is worth mentioning that the senior lawyer of Bihar,ShriKrishna Prasad on January 13,2014 last, appearing on behalf of the O.P No.02, Mantoo Sharma (Munger, Bihar), had completed his argument in the court of Hon’ble Mr.Justice H.L.Dattu and Hon’ble Mr.Justice S.A.Bobde. The lawyer, ShriKrishna Prasad told the court of Hon’ble Mr.Justice H.L.Dattu and Hon’ble Mr.Justice S.A Bobde,” My Lord, this is one of the rarest cases of forgery,cheating and loot of the government revenue on behalf of the powerful media house of India,M/S H.T.Media Ventures Limited (New Delhi).On the order of the Munger Chief Judicial Magistrate, an F.I.R has been lodged with the Munger Kotwali P.S.,bearing case No.445/2011.After investigations and supervisions, the Dy.S.P and the S.P,Munger(Bihar) have submitted their ”Supervision- Reports No.01 & 02 in which they have found all charges against the named accused persons ‘prima-facie true’ And the investigations in this instant case is in full progress.The Hon’ble High Court of Patna has also rejected the prayer of the Chairperson of M/S H.T.Media Ventures Limited,Shobhana Bhartia in the Criminal Miscellaneous Case No.2951 and 16763 of 2012.So, I pray to the Hon’ble Court to reject the prayer of the petitioner,Shobhana Bhartia, and direct the Munger police to expedite the police investigations in this instant case.”

What is the F.I.R ?- On the basis of a Munger court complainant No.993(C)/2011 of the complainant,Mantoo Sharma,s/o Late Ganesh Sharma, resident -Puraniganj,P.S.- Kasim Bazar,District-Munger, an F.I.R has been lodged against (1) the Principal accused Shobhana Bhartia(Chairperson ,Hindustan Publication Group,Hindustan Media Ventures Limited,Head Office,18-20,Kasturba Gandhi Marg, New Delhi,(2) Shashi Shekhar,the Chief Editor, Dainik Hindustan(New Delhi), (3) Aakku Srivastawa,Acting Editor, Patna edition of Dainik Hindustan, (4) Binod Bandhu, Regional Editor, Bhagalpur edition of Dainik Hindustan and (5) Amit Chopra,Printer & Publisher of M/S Hindustan Media Ventures Limited,New Delhi.All of them have been accused of violating sections 8(B),14 & 15 of the Press & Registration of Books Act, 1867, and Sections 420/471 & 476 of Indian Penal Code, printing and publishing Bhagalpur and Munger editions of Dainik Hindustan ,using wrong Registration No. and obtaining the government advertisements of the Union and the State governments in crores in the Advertisement Head by presenting the forged documents of registration.

Statements under section 164 of Cr.P.C in the Munger Judicial Court: In the process of investigation, the Investigating Police Officer,Munger Kotwali,Bihar, has got the statements of the complainant,Mantoo Sharma, and other witnesses,(1) ShriKrishna Prasad,(2) Kashi Prasad,(3) Bipin Kumar Mandal under section 164 of Cr.P.C in the Munger judicial court on April, 14,1012.All the witnesses in their statements before the court have fully supported the allegations against the accused persons in the F.I.R ,bearing No. Munger Kotwali P.S Case No.445/2011.

I, here, annex  the court documents that   have been submitted to the Hon’ble Supreme Court by the Respondent No.02 of the S.L.P(Criminal) No.1603/2013,Mantoo Sharma of Munger(Bihar)

Here, I have annexed the (1)the Synopsis,(2) The List of Important Dates and(3)  the Counter-Affidavit of the Respondent No.02,Mantoo Sharma,Munger,Bihar in PDF files. 

By ShriKrishna Prasad
a senior advocate
Munger
Bihar
M-09470400813                                     

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Dainik Hindustan Advt Scam : next hearing date 13 January

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement  scandal, the Supreme Court has listed the Special Leave Petition (Criminal) No.1603/2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for  hearing on January thirteen, 2015 next. Meanwhile, the  Superintendent of Police,Munger(Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel  for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013 .Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh  has to  file the Counter-Affidavit  in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

Meanwhile, reliable sources  in New Delhi said that the Police Superintendent, Munger (Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha, in the Counter-Affidavit to the Supreme Court, had clearly exposed the financial scandal of  M/S. H.T. Media Ventures Limited (New Delhi).

The Police Superintendent, Munger(Bihar) in his Counter-Affidavit said, “During police investigation and supervision, the Munger (Bihar) police have found ”facts”  crystal -clear that the Munger edition of Dainik Hindustan is being printed and published, violating the rules and provisions of the Press & Registration of Books Act, 1867 and getting the government advertisements illegally. On the basis of facts, coming in course of investigations,supervisions and available documents, the police  find sufficient evidences against all the named accused persons  in the Munger Kotwali Police Case No.445/2011 including the Chairperson of M/S. H.T.Media Ventures Limited(NewDelhi) Shobhana Bhartia. I pray  to the Hon’ble Supreme Court  to reject the petition of the petitioner,Shobhana Bhartia in this instant case.”

It is worth mentioning that the senior lawyer of Bihar, ShriKrishna Prasad on January 13,2014 last, appearing on behalf of the O.P No.02, Mantoo Sharma (Munger, Bihar),  had completed his argument in the court of Hon’ble Mr.Justice H.L.Dattu and Hon’ble Mr.Justice S.A.Bobde.

The lawyer,ShriKrishna Prasad told  the court of Hon’ble Mr.Justice H.L.Dattu and Hon’ble Mr.Justice S.A Bobde,” My Lord, this is one of the rarest cases of forgery,cheating and loot of the government revenue on behalf of the powerful media house of India,M/S  H.T.Media Ventures Limited( New Delhi).On the order of the Munger Chief Judicial Magistrate, an F.I.R has been lodged with the Munger Kotwali P.S.,bearing case No.445/2011.After investigations and supervisions, the Dy.S.P and the SP Munger (Bihar) have submitted  their ”Supervision- Reports No.01 & 02 in which  they have found  all charges against the named accused persons ‘prima-facie true’ And the investigations in this instant case is in full progress.The Hon’ble High Court of Patna has also rejected the prayer of the Chairperson of M/S H.T.Media Ventures Limited,Shobhana Bhartia  in the Criminal Miscellaneous Case No.2951 and 16763 of 2012.So, I pray to the Hon’ble Court to reject the prayer of the petitioner,Shobhana Bhartia, and direct the Munger police to expedite the police investigations in this instant case.”

What is the F.I.R ?- On the basis of a Munger court complainant No.993(C)/2011 of the complainant,Mantoo Sharma, s/o Late Ganesh  Sharma, resident -Puraniganj, P.S.- Kasim Bazar,District-Munger, an F.I.R has been  lodged against (1) the Principal accused Shobhana Bhartia (Chairperson, Hindustan Publication Group, Hindustan Media Ventures Limited,Head Office,18-20,Kasturba Gandhi Marg, New Delhi, (2) Shashi Shekhar,the Chief Editor, Dainik Hindustan (New Delhi), (3) Aakku Srivastawa,Acting Editor, Patna edition of Dainik Hindustan, (4) Binod Bandhu, Regional Editor, Bhagalpur  edition of Dainik Hindustan and (5)  Amit Chopra,Printer & Publisher of M/S Hindustan Media Ventures Limited,New Delhi. All of them have been accused of violating  sections  8(B),14 & 15  of the Press & Registration of Books Act, 1867,  and Sections 420/471 & 476 of Indian   Penal Code, printing and publishing  Bhagalpur and  Munger editions of Dainik Hindustan ,using wrong  Registration No. and obtaining  the government advertisements of the Union and the State governments in crores in the Advertisement Head  by presenting the forged  documents of registration.
Statements under section  164 of Cr.P.C in the Munger Judicial Court: In the process of  investigation, the Investigating Police Officer,Munger Kotwali,Bihar,    has got the statements of the complainant,Mantoo Sharma, and other witnesses,(1) ShriKrishna Prasad,(2) Kashi Prasad,(3) Bipin Kumar Mandal under section 164 of  Cr.P.C  in the Munger judicial court on April, 14,1012.All the witnesses   in their statements   before the court  have fully supported  the allegations against  the accused  persons  in the F.I.R ,bearing No. Munger Kotwali P.S Case No.445/2011.(EOM)

By ShriKrishna Prasad
senior advocate
Munger
Bihar
Mob: 09470400813

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