पूर्व आईएएस और भाजपा नेता सूर्य प्रताप सिंह अबकी ‘नोटा’ का सोटा चलवाएंगे, सोशल मीडिया पर बना रहे माहौल

बोले- ‘नोटा’ का विरोध करने वाले किसी पार्टी विशेष की IT सेल के पालतू शिकारी हैं… ये दिनभर यही काम करते हैं, सावधान रहें इनसे!

Surya Pratap Singh : ग़ुलाम न बनों, अपनी शक्ति का एहसास कराओ…. NOTA का सोटा चलाओ… सावधान! झूठ बोलने/धोखा देने वालों ने अपने आईटी सेल के Paid Workers (शिकारी-कुत्तों) के माध्यम से सोशल मीडिया पर NOTA का विरोध किया जा रहा है….. NOTA के सोशल मीडिया पर विरोध के लिए करोड़ों रुपए ख़र्च किए जा रहे हैं। कोई भी राजनीतिक दल किसी बड़े ‘जन-वर्ग’ को अपना ‘ग़ुलाम’ वोट बैंक समझकर जूते की नौंक पर नहीं रख सकता …. Continue reading

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जिन्हें जेल भेजना चाहिए, उन्हें सुपर सीएम सुनील बंसल जैसों की कृपा से उपकृत कर दिया गया!

Surya Pratap Singh

‘स्वर्ण की परत’ वाली सड़क का अर्धसत्य… हमाम-में-सभी नंगे निकले! ‘इस हाथ दे-और-उस हाथ दे’ वाला ‘Gang-of-Four’: आगरा के जैन बंधुओं का गैंग… पूंजीपतियों के जूते की नोंक पर आज की लोकसत्ता…. आज का लोकतंत्र भ्रष्टाचारी पूँजीपतियों के रहमो-करम पर! Continue reading

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भ्रष्ट सुनील बंसल ने मेरे खिलाफ FIR दर्ज करायी है, जेल जाने को हूं तैयार : सूर्य प्रताप सिंह

Surya Pratap Singh : भ्रष्ट सुनील बंसल ने मेरे ख़िलाफ़ गोमतीनगर थाने, लखनऊ में FIR दर्ज करायी है… अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकर्ता (अब भाजपा में) के नाम से छल से यह FIR दर्ज कराके यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि यह अखिलेश यादव की शय पर लिखी गयी है। जबकि अपने मुख्यमंत्री काल में अखिलेश यादव किसी से भी FIR दर्ज कराके मुझे जेल भेज सकते थे, मगर ऐसा नहीं किया और न ही मेरी security हटायी थी। Continue reading

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जानिए भंसाली का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन…

Surya Pratap Singh : भंसाली का ‘अंडरवर्ल्ड कनेक्शन’….. अंडरवर्ल्ड ने रखी भंसाली के सामने ‘सनातन मान्यताओं’ को ध्वस्त करने की शर्त… भंसाली ने कहा- ’क़ुबूल है, क़ुबूल है, क़ुबूल है’……..१ लाख की पैड-अप कैपिटल वाली कम्पनी बना रही सैकड़ों करोड़ वाले बजट की फ़िल्म… ये सिर्फ़ इस देश में ही सम्भव है जहाँ रातों-रात मालदार होने वालों से सवाल पूछना जुर्म ही नहीं यहाँ तक कि राष्ट्रद्रोह भी घोषित हो सकता है। फ़िल्म निर्माता विधू विनोद चोपड़ा के सहायक की हैसियत से कैसे अंडर वर्ल्ड ने ‘भंसाली’ को बना दिया इतना बड़ा ‘फ़िल्म निर्माता’?

संजय लीला भंसाली की कम्पनी Bhansali Productions Private Limited जो 8 मई 2003 को रजिस्टर हुई थी, की authorized share capital मात्र रु. 5 लाख है और paid up capital मात्र रु. 1 लाख है, के पास रु. 200 करोड़ की लागत की फ़िल्म पद्मावत बनाने के लिए कहाँ से पैसा आया? यह एक अहम् प्रश्न है। इस कम्पनी ने रु. 16.50 करोड़ का ऋण वर्ष 2003 में लिया था जो कभी Pay back नहीं किया गया। 2015 के बाद से इसने कोई बैलेन्स शीट भी रजिस्ट्रार कम्पनीज़ के यहाँ फ़ाइल नहीं की है। भंसाली की उक्त कम्पनी प्रथमदृष्ट्या एक Ponzi (Fraudulent) कम्पनी है। मोदी सरकार द्वारा अन्य ऐसी कम्पनियों के ख़िलाफ़ जाँच की जा रही है तो भंसाली की कम्पनी के ख़िलाफ़ क्यों नहीं?

भंसाली की कम्पनी का CIN No. U92110MH2003PTC140367 और registration number: 140367 है। भंसाली की कम्पनी में स्वमं भंसाली के अलावा इसकी बहिन बेला दीपक सहगल व इसकी माँ लीला भंसाली ही Directors हैं। इसकी कम्पनी का CA दीपक पारिख है जिसके अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद अब्राहम से सम्बंध पूरा बॉलीवुड जानता है। फ़िल्म पद्मावत में अम्बानी की कम्पनी Viacom 18 Media Pvt. Limited का केवल 50% पैसा ही लगा है। शेष पैसा भंसाली के पास कहाँ से आया… पूर्ण आशंका है कि इसमें अंडर वर्ल्ड का पैसा लगा हो। ऐसे भंसाली के लिए कुछ टीवी ऐंकरर्स को ख़रीदना कौन सी बड़ी बात होगी… सब कुछ बिकाऊ है इस बाज़ार में…आज तो न्याय का भी बोली लगती है। भंसाली की उक्त ‘पॉंज़ी (Ponzi) कम्पनी अर्थात टैक्स चोरी व दो नम्बर/हवाला/अंडर वर्ल्ड के पैसे से बिज़्नेस करने वाली कम्पनी है। सरकार को इसकी ED/इंकम टैक्स विभाग द्वारा जाँच की जानी चाहिए।

यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकरी रहे सूर्य प्रताप सिंह की एफबी वॉल से.

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सुदर्शन न्यूज़ का मालिक सुरेश चव्हाण भी ‘भंसाली’ के हाथों बिका : सूर्य प्रताप सिंह

Surya Pratap Singh : पद्मावत की रिलीज़ से पहले की रात तक ख़ूब बिके कई लोग….! नेताओं के मुँह तो अम्बानी की लँगोटी से बँधे हैं …. ऐन मौक़े पर नंगा होता, सुदर्शन न्यूज़ का मालिक सुरेश चव्हाण भी ‘भंसाली’ के हाथों बिका …कल तक जो पद्मावत का विरोध करने वालों को ‘धर्म रक्षक’ कहकर सम्बोधित कर रहा था, आज उसके सुर बदल गए….

ग़द्दारी के खेल का इंजीनियर निकला ‘पलटीमार’ सुरेश चव्हाण …..भंसाली ने बड़े-२ को ख़रीद लिया… ये है भंसाली का ‘सब का साथ -सब का विकास’ का फोर्मूला…..राजनीतिक दल, ख़ासकर बड़े राजपूत नेता, तो मौन होकर नज़ारा देख रहे हैं… अम्बानी की लँगोटी जो लगी है, मुँह पर… कहते हैं कि पत्रक़ारिता के पेशे में ‘बिकाऊ’ ही ज़्यादा ‘टिकाऊ’ होता है…. देखते नहीं, कुछ टीवी डिबेटों में भ्रष्ट जोकरों के साथ/द्वारा बेसिर-पैर की बहस और उसमें सत्ताओं की बेशर्मीपूर्ण चाटुक़ारिता….. जय भवानी-जय भारत!

यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे सूर्य प्रताप सिंह की एफबी वॉल से.

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