”RSTV wasn’t possible without you, All the very best Gurdeep sir”

राज्यसभा टीवी के संस्थापक प्रधान संपादक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरदीप सिंह सप्पल ने अपना लंबा-चौड़ा इस्तीफानामा अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है, जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ज्यादातर लोगों ने गुरदीप सिंह सप्पल को राज्यसभा टीवी जैसा एक चैनल खड़ा करने के लिए बधाई दी और आगे के करियर की लिए शुभकामनाएं. पढ़िए सैकड़ों कमेंट्स में से कुछ चुनिंदा…

इतिहास रचने के बाद राज्यसभा के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से गुरदीप सिंह सप्पल ने दिया इस्तीफा

गुरदीप सिंह सप्पल भारतीय मीडिया में एक इतिहास रच चुके हैं. राज्यसभा टीवी के माध्यम से वे सरकारी और निजी, दोनों ब्राडकास्टर्स के लिए एक रोल माडल पेश कर गए हैं कि देखो, ऐसा होता है कोई चैनल. एडिटर इन चीफ और सीईओ के रूप में राज्यसभा टीवी की नींव रखकर उसे प्रतिष्ठा की बुलंदियों तक गुरदीप सिंह सप्पल ने पहुंचाया. उप राष्ट्रपति पद से हामिद अंसारी के इस्तीफा के बाद राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से जीएस सप्पल को जाना ही था.

नए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए नई नियुक्ति करेंगे. लेकिन जीएस सप्पल ने जो लकीर खींच दी है, उसके पार जा पाना किसी भी दूसरे एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए संभव न होगा. आईएएस में चयनित होने वाले प्रतिभागी जब कहते हैं कि वे राज्यसभा टीवी का ‘बिग पिक्चर’ डिबेट शो देखकर सम-सामयिक मामलों में अपनी सोच-समझ को निर्मित करते हैं, तो समझा जा सकता है कि इस चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम कितनी गहराई और प्रामाणिकता लिए हुए होते हैं.

गुरदीप सिंह सप्पल की सबसे बड़ी बात, जो उनके साथ काम करने वाले बताते हैं, कि ये आदमी बेहद डेमोक्रेटिक है. वे क्रिएटविटी और एडिटोरियल फ्रीडम को पूरी तरह जीने देते हैं. यही कारण है कि उन्होंने राज्यसभा टीवी के लिए ऐेसे मीडियाकर्मियों का चयन किया जिनके लिए पत्रकारिता जनसरोकार और एक मिशन रही है. गुरदीप सिंह सप्पल का अंदाज और तेवर उनके इस्तीफानामा में भी देखा जा सकता है, जो उन्होंने अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है. उनका इस्तीफानामा नीचे पढ़ा जा सकता है.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी उर्फ आईएनए और इसके जांबाजों पर आधारित है फिल्म ‘रागदेश’

The much awaited Tigmanshu Dhulia film ‘Raagdesh’ is all set to release on July 28th, 2017. Expected to be a crossover film, the film marries the historical authenticity with entertaining cinema, a genre much missed in Bollywood. Set in the backdrop of the famous ‘Red Fort Trials’, the film recreates the era of last days of freedom struggle in India, where the battles were being fought on borders, on streets, in media and curiously enough, in the court room.