CMS Lucknow कैंपस में छात्रा से छेड़छाड़, जगदीश गांधी ने अभिभावकों को डराने के लिए गुंडे बुलाए

लखनऊ से खबर है कि सिटी मांटेसरी स्कूल (CMS) कैंपस के अंदर कक्षा तीन की एक छात्रा से यौन दुर्व्यवाहर किया गया. यह हरकत एक सीनियर छात्र ने ही की. बच्ची के साथ यौन दुर्व्यवहार की सूचना से नाराज अभिभावकों ने स्कूल पर धावा बोल दिया. पर स्कूल संचालक जगदीश गांधी ने बजाय अभिभावकों से माफी मांगने और भविष्य में ऐसी घटना न होने देने के लिए आश्वस्त करने के, अभिभावकों से निपटने व डराने धमकाने के लिए गुंडे बुला लिए. वे भी एक नहीं बल्कि सौ गुंडे. ये गुंडे पैसे देकर बुलाए गए. Continue reading

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Loot in private schools

Hon’ble District Magistrate Madam,

With a lot of grief and pain I am writing to you that my two daughters are studying in Adharsheela Global School, Sector – 3, Vasundhara, Ghaziabad in class 6th & 7th respectively. The problem of school’s compulsion to buy BOOKS & STATIONERY” from school only, persists this year too.

Today my wife went to school to buy the text books for the new session from the book counter which is situated in school campus only as communicated by them on result’s day that if anybody who want only books they can come on 3rd April but today they refused to give books to her saying that we do not sell only books, you have to buy stationery also as it is COMPULSORY for every parent to buy books as well as stationery from school only.

School is not only forcing to buy books & stationery from the school but they are also charging for providing annual syllabus which is supposed to be provided FREE to every student. Moreover, the lady at reception also refused my wife to meet coordinator stating that nobody can meet coordinator in working days or working time.

THOUGH AFTER A LONG WAIT OF MORE THAN 2 HRS & DISCUSSION SCHOOL AUTHORITIES ALLOWED TO BUY BOOKS ONLY BUT ALSO THREATENED TO MY WIFE SAYING THAT IF YOU WILL NOT BUY STATIONERY FROM US, ANY OF THE NOTE BOOK WOULD NEITHER BE INSPECTED NOR SIGNED BY THE TEACHER.

Madam, it is my humble request with folded hands to please take action against the school management and save parent’s skin.

With best Regards

Ashish Goel
9310016364
ashish.goel73@gmail.com

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दीपावली सांग के लिए इस स्कूल प्रेयर से भला अच्छा क्या हो सकता है (सुनें)

Yashwant Singh : दिवाली सांग… मेरठ में मेरे एक मित्र हैं Vishal Jain जी. कई स्कूलों के संचालक हैं. खुद काफी इन्नोवेटिव हैं. नया नया खोजते रचते रहते हैं. इन्होंने अपने स्कूल प्रेयर के लिए अदभुत गीत तैयार कराया है. सुबह सुबह इनके स्कूलों में जो प्रार्थना बच्चे गाते हैं, उसे सुनकर खुद ब खुद बच्चों संग गाने का मन करने लगता है.

यह प्रेयर भारत के गंगा जमुनी तहजीब, सर्व धर्म समभाव का अदभुत उदाहरण है. आइए दिवाली के दिन यह प्रेयर हम सब सुनें और हर तरफ शांति समृद्धि समझदारी हो, इसके लिए प्रार्थना करें.

प्रेयर लिंक ये है : https://www.youtube.com/watch?v=4bZjvdc149g

आप इसे सुनते हुए यह भी सोचिए कि बचपन के दिनों में अपने स्कूल में कौन सा प्रेयर गाते थे.. अगर याद आए तो उसे भी गुनगुनाइए और सबको सुनाइए.

आप सभी को दीपाावली की ढेरों शुभकामनाएं.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

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एक मैग्जीन ऐसी भी… इंटरव्यू विशाल जैन (एडिटर इन चीफ)

Vishal Jain

Yashwant Singh : एक मेरे पुराने मित्र हैं. विशाल जैन. आजकल वे एजुकेशन और स्कूलिंग के फील्ड में कई नए प्रयोग कर रहे हैं. एक रोज उनसे मुलाकात हुई तो सामने टेबल पर रखी उनकी मैग्जीन पर भी नजर चली गई. इसके पन्ने पलटने लगा. लगा कि इसके बारे में सबको बताना चाहिए. क्या खूब हो कि आपका बच्चा स्कूल पढ़ने गया हो और एक दिन वह कमिश्नर का इंटरव्यू कर लाए और उसे एक मैग्जीन में छाप भी दिया जाए. विशाल अपने स्कूल के बच्चों से ऐसे कई क्रिएटिव काम कराते हैं.

आपको ये मैग्जीन आनलाइन फ्री में मिल सकती है, वीडियो के अंत में बताए दिखाए गए मेल आईडी पर मेल करने पर. या फिर चाहें तो Vishal Jain को एफबी पर पकड़ कर उनके इनबाक्स में अपनी मेल आईडी मैसेज कर मैग्जीन की मांग कर सकते हैं. मैग्जीन के बारे में विशाल से बातचीत का वीडियो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके देख सुन सकते हैं…

एक मैग्जीन ऐसी भी… इंटरव्यू विशाल जैन (एडिटर इन चीफ) 

https://www.youtube.com/watch?v=4wjrNM25pNQ

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

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शायद वो अखिलेश था

खास मित्र से क्षमायाचना सहित। …….शायद वो सन 1990 था। मैं होली पर जयपुर से भरतपुर गया था। वहां पहुंचने पर पत्रकार मित्रों से पता चला कि मुलायम सिंह यादव का पुत्र धौलपुर के मिलिट्री स्कूल में पढ़ता है और उसने वहां कोई कांड कर दिया है। इस खबर की डिटेल कहीं नहीं छपी थी पर इसने मेरे मन में क्लिक किया, हर कीमत पर की जाने वाली स्टोरी की तरह।

धौलपुर मेरा परिचित इलाका नहीं था। मैंने मास्टर हरभान सिंह को अपने साथ धौलपुर चलने के लिए मनाया। उनका खर्चा उठाने की जिम्मेदारी भी ली। वे सीपीआई के कर्मठ कार्यकर्ता थे और पार्टी के अखबार के संवाददाता भी। वो साथ चलने के लिए तैयार हो गए।

हम दोनों धौलपुर पहुंचे। अपनी परंपरागत प्रैक्टिस के तहत वहां के स्थानीय अखबारों के ऑफिस में जाकर जानकारी चाही। ये अद्भुत अनुभव था। अखबारों के संपादकों की जुबानें बंद थीं। वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। प्रदुम्नसिंह और बनवारी के बारे में पूछने पर तो जुबान, क्या शरीर भी साथ देने से मना कर देते थे। इतने डरे हुए पत्रकार मैंने जिंदगी में नहीं देखे, पर जिस काम को करने गया था, उसकी यथासंभव जानकारी जुटाई।

पता चला कि मुलायम सिंह के पुत्र ने स्कूल की कैंटीन में किसी बात पर नाराज होकर हंगामा किया है। बाद में स्कूल से बाहर निकल कर शहर में भी कुछ हंगामा किया। मिलिट्री स्कूल ने उसे तुरंत निकाल दिया है और जानकारी मिलने पर मुलायमसिंह यादव उसे वापस ले गए। ये खबर जब मैंने अपने तत्कालीन प्रिय अखबार को दी तो तमाम प्रशंसा के बाद संपादकजी ने छापने से इंकार कर दिया था।

कारण था सिर्फ, यूपी से विज्ञापन आने की उम्मीद पर धौलपुर मुझे आज भी याद है तो सिर्फ डरे हुए पत्रकारों और छोले वाले उबले अंडों के कारण। बाद में यह स्टोरी मैंने कल्पित के आग्रह पर ‘खबरनवीस’ के पुनर्प्रवेशांक को सौंप दी थी। यह उस अंक की कवर स्टोरी बनी, जिसका पारिश्रमिक मिला सिर्फ 50 रूपए, यानि कि खर्च का हिस्साभर भी नहीं। उसका चैक भी मैंने कभी बैंक में जमा ही नहीं कराया।

धीरज कुलश्रेष्ठ के एफबी वॉल से

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जेपी स्कूल के निदेशक बने पंकज पचौरी

टीवी पत्रकारिता से मशहूर हुए पत्रकार पंकज पचौरी ने नोएडा में जेपी बिजनेस स्कूल के निदेशक बनाए गए हैं।

जेबीएस नोएडा के एफबी वॉल पर लिखा है – Jaypee Business School welcomes Shri Pankaj Pachauri as the new Director, JBS Noida. Mr. Pachauri has been associated with NDTV, the BBC, India Today, The Sunday Observer and the Patriot newspaper.Mr Pachauri was Former Communications Adviser to Prime Minister Dr Manmohan Singh and has worked as News Anchor and Managing Editor with NDTV. We are humbled to have you on board and look forward to a zealous journey with us. पंकज पचौरी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार के अलावा ‘एनडीटीवी’, ‘द संडे ऑब्जर्वर’, ‘इंडिया टुडे’, ‘बीबीसी’ में भी सेवारत रहे हैं।

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सावन स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सीएम से फरियाद

दिल्ली के भट्ठी माइन रोड स्थित सावन पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री से मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है। बताया गया है कि प्रबंधन के अनुचित कदम से स्टॉफ और छात्र ही नहीं, पूरे स्कूल का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। 

 

जलज सेन, एसडी पचौरी, आनंद कुमार, बीके झा और आरके गुप्ता का कहना है कि वर्ष 1974 में उद्योगपति सीताराम जिंदल ने इस स्कूल की स्थापना की थी। जब वह स्कूल का संचालन करने में असमर्थ रहे तो 1987 में उसका प्रबंधन भारतीय विद्याभवन को सौंप दिया गया। बाद में सीताराम जिंदल ट्रस्ट ने दोबारा प्रबंधन हस्तांतरित कर लिया लेकिन 1993 में उसे पुनः भारतीय विद्याभवन के हवाले कर दिया। वर्ष 2012 में जिंदल ट्रस्ट ने फिर से प्रबंधन लौटाने की चेतावनी दी। इस दौरान विद्याभवन प्रबंधन ने छात्रों एवं स्टॉफ को भ्रामक जानकारी दी कि स्कूल का संचालन जिंदल ट्रस्ट कर रहा है, जबकि संचालन राधास्वामी सत्संग चला रहा है। 

उन्होंने कहा है कि यह सब उच्चस्तरीय जांच का मामला है। स्कूल से कई कर्मी हटा दिए गए हैं। कई को फोर्स लीव पर भेज दिया गया है। बच्चों की संख्या में भी लगातार गिरावट हो रही है। स्कूल के लिए गांव की 11 एकड़ जमीन दी गई थी। आरोप है कि राधास्वामी सत्संग के लोगों की निगाह स्कूल पर नहीं, बल्कि उस जमीन पर लगी हुई है। मीडिया में भी ये मामला चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि तुरंत स्कूल के हित में पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। 

 

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मुलायम के जन्मदिन जश्न के लिए स्कूली बच्चों को घंटों खड़ा रखा, बाल अधिकार आयोग को शिकायत

रामपुर में मुलायम सिंह के जन्मदिन समारोह के लिए स्कूलों की बंदी और बच्चों को मुलायम सिंह के नारे लगाने के लिए घंटों खड़ा रखने को बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ नूतन ठाकुर ने इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी है. शिकायत संख्या 201400001016 पर दर्ज इस ऑनलाइन शिकायत में कहा गया है कि एक नेता, जिन्हें ये बच्चे संभवतः जानते तक नही थे, के लिए नारे लगाने को इन बच्चों को घंटों खड़ा रखना आईपीसी की धारा 342 में अपराध है.

इस प्रकार 21 और 22 नवम्बर को डीएम रामपुर सी पी त्रिपाठी के आदेशों पर इस जश्न के लिए कई स्कूलों को बंद करने का आदेश देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम के खिलाफ है. अतः डॉ ठाकुर ने आयोग से इन दोनों बिन्दुओं पर जांच कर डीएम रामपुर सहित जिला प्रशासन की जिम्मेदारी नियत करने का आग्रह किया है ताकि यह भविष्य में बाल अधिकारों का हनन करने वालों के लिए एक उदाहरण बन सके.

Email from Child Rights Commission—

Dear Sir/Madam,

Your complaint has been registered with NCPCR and your complaint ID is : 201400001016 .To know details and action taken, please visit http://eBaalNidan.nic.in
Thanks.

Letter for Child Rights Commission—

To,
Chairperson
National Commission for Protection of Child Rights,
5th Floor, Chanderlok Building,
36, Janpath,
New Delhi – 110 001

Subject- Enquiry into the closure of schools and use and extreme harassment of children for a political program in Rampur

Respected Sir,

The petitioner Dr Nutan Thakur, a luck now based social activist working in the field of transparency and accountability in governance and Human Rights issues presents an extremely sad and disgusting incidence that happened in Rampur (UP) yesterday (21/11/2014) during the 75th birthday celebrations of Samajwadi Party President Sri Mulayam Singh Yadav.

While the pomp and show and the alleged misuse of government machinery for private and political event is a separate matter and not exactly the concern of the Child Rights Commission, but there are two specific aspects which the petitioner like to bring in the notice of this Commission.

The first is that children were used, in all certainty against this wish, along the 12 kilometre from Ambedkar Park to Mohd Ali Jauhar University campus, to line up and cheer for a leader whom they possibly did not even know.  As per the news items from various respected media sources, children from 20 schools were transported to line the route where the children had to remain stranded for hours to cheer a political leader, in all certainty in a forced manner because it can be almost naturally presumed that no school-going child will himself line up for hours for cheering a political leader.

The second aspect is that many schools in Rampur were closed on 21/11/2014 and 22/11/2014 on the orders of Sri CP Tripathi, District Magistrate, Rampur, who is presumed to have said- “All departments have been working to ensure that Netaji’s 75th birthday is celebrated in a grand manner.” These schools were asked to declare a holiday for two days as school buildings are used to provide accommodation to the security forces.

There is no need saying that both the above aspects are serious actions against the interest of children and clearly comes under the category of infringement of child rights. The Commission, which emphasizes the principle of universality and inviolability of child rights, needs to immediately take up this issue and enquire into the manner in which the district administration under DM Rampur harped upon the child rights of these children by making them forcibly stand for hours and by closing their schools for political celebrations.

This Commission has been mandated under Section 31 of the Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 to inquire into complaints relating to violation of child’s right to free and compulsory education and to take necessary steps as provided under Section 15 of the Commission for Protection of Child Rights, 2005.

In addition, the forcible attendance of the children and their restrain for this purpose seems to come under the category of offence under section 342 IPC, if through enquiry it is proved that the children were made to stand as cheer-leaders against their will.

Thus, from the above facts, it seems imperative to enquire into the above facts/complaints so as to arrive at the truth as regards the child rights deprived in the above incidents and the role of District administration, including that of DM, Rampur Sri C P Tripathi in this.

This issue seems extremely important because of the gross insensitivity shown here to child rights and because any appropriate action in this administration sponsored mega- event will set an example for all others to refrain from doing similar acts of child rights violation in future.

Lt No- NT/Compliant/22/14                                                                   
Dated- 22/11/2014                                                                                                                      
Regards,
Yours,                                                                                                                                               
(Dr Nutan Thakur),
5/426, Viram Khand,
Gomti Nagar, Lucknow
# 94155-34525
nutanthakurlko@gmail.com

 

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