भास्कर को झटके पर झटका, पत्रकार धर्मेंद्र के बाद अब रिसेप्शनिस्ट लतिका के भी ट्रांसफर पर कोर्ट ने लगाई रोक

भारत में ‘ज़िद करो दुनिया बदलो’ का नारा देने वाले डीबी कॉर्प को लगातार झटके लग रहे हैं, किंतु भास्कर प्रबंधन है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। दैनिक भास्कर ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर मांगने पर अपने प्रिंसिपल करेस्पॅान्डेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का मुम्बई से सीकर (राजस्थान) ट्रांसफर कर दिया। धर्मेन्द्र प्रताप सिंह अदालत की शरण में गए और इंडस्ट्रियल कोर्ट ने इस ट्रांसफर पर रोक लगा दी। इसके बाद अब भास्कर की सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) अक्षता करंगुटकर ने डी बी कॉर्प के मुम्बई के माहिम स्थित कार्यालय में कार्यरत महिला रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण का सोलापुर में ट्रांसफर कर दिया।

लतिका ने भी मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर तथा प्रमोशन की मांग को लेकर 17(1) के तहत कामगार आयुक्त कार्यालय में रिकवरी क्लेम लगाया हुआ है। इस बात का पता जैसे ही भास्कर प्रबंधन को चला कि लतिका ने रिकवरी क्लेम लगाया है, भास्कर प्रबंधन ने उन्हें कुछ ले-दे कर क्लेम वापस लेने को कहा। जब लतिका ने इनकार कर दिया तो अक्षता करंगुटकर ने उन्हें सीधे तौर पर धमकी दी कि ‘मैं तुम्हारा करियर बर्बाद कर दूंगी!’ यहां बताना आवश्यक है कि लतिका ने इसकी लिखित शिकायत कामगार विभाग में भी की है। यह बात और है कि लतिका के फैसले से गुस्साई अक्षता करंगुटकर ने उसी दिन उनका ट्रांसफर सोलापुर में कर दिया और घर पर ट्रांसफर लेटर भेज दिया।

यही नहीं, अगले दिन से लतिका चव्हाण के डीबी कॅार्प (माहिम) दफ्तर में प्रवेश पर रोक तक लगा दी गई! प्रबंधन के इस मनमाने रवैये से क्षुब्ध लतिका ने मजीठिया वेज बोर्ड हेतु पत्रकारों के पक्ष में लड़ाई लड़ रहे सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट उमेश शर्मा से बात की। तत्पश्चात उन्हीं की सलाह पर इंडस्ट्रियल कोर्ट में डीबी कॉर्प के एमडी सुधीर अग्रवाल और सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) अक्षता करंगुटकर के साथ-साथ डी बी कॉर्प को भी पार्टी बनाते हुए एक केस फ़ाइल कर दिया।

इस मामले में लतिका चव्हाण का इंडस्ट्रियल कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा युवा एडवोकेट महेश शुक्ला ने। मामले की सुनवाई न्यायाधीश सूर्यवंशी जी ने किया। न्यायाधीश ने लतिका आत्माराम चव्हाण के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनके ट्रांसफर पर रोक लगा दी। इस आदेश की जानकारी मिलते ही भास्कर कर्मियों में जहां एक बार फिर ख़ुशी फैल गई, वहीं भास्कर प्रबंधन इस दोहरे झटके से सकते में है! वैसे आपको बता दूं कि भास्कर प्रबंधन ने एक साल पहले भी अपने पत्रकार इंद्र कुमार जैन का ट्रांसफर किया था, मगर तब भी उसे मुंहकी खानी पड़ी थी। फिर 10 अक्टूबर को धर्मेन्द्र प्रताप सिंह के ट्रांसफर और उस पर लगी अदालती रोक के बाद तो भास्कर की पूरे भारत में थू-थू हो रही है!

शशिकान्त सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट
मोबाइल: 09322411335

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भास्कर कर्मियों की शिकायत पर हाइकोर्ट ने लेबर कोर्ट के जज अशोक जैन का तबादला किया

Sanjay Saini : भास्कर के कर्मचारियों की शिकायत पर हाइकोर्ट ने लेबर कोर्ट के जज अशोक जैन का तबादला किया। नए जज को लगाया। भास्कर प्रंबधन को नहीं मिली राहत। जज साहब ने आदेश से पहले ही बता दिया था। वो एम्पलाईज के केस करेंगे खारिज। भास्कर के एम्पलाईज में खुशी की लहर।

मजीठिया वेज बोर्ड की खुली लड़ाई लड़ रहे दैनिक भास्कर जयपुर में कार्यरत संजय सैनी के इस एफबी स्टेटस पर वरिष्ठ वकील परमानंद पांडेय की टिप्पणी यूं है….

Parmanand Pandey अगर लेबर कोर्ट के जज ने ऐसा कहा था तो निंदनीय है. हाईकोर्ट ने ठीक किया वरना लोगों का न्याय प्रक्रिया से विश्वास उठ जाएगा. भास्कर कर्मियों को बधाई.

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गोरखपुर आइ-नेक्स्ट इंचार्ज ने अपनी शिकायत होने पर रिपोर्टर का ट्रांसफर कर दिया

आइ-नेक्स्ट गोरखपुर के सीनियर रिपोर्टर अभिषेकI सिंह का मैनेजमेंट ने जमशेदपुर ट्रांसफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये ट्रांसफर आइ-नेक्स्ट इडिटोरियल इंचार्ज अश्विनी पांडेय ने किया है। अभिषेक सिंह ने संपादकीय प्रबंधन से अपने तबादले की वजह जाननी चाही है। पांडेय ने इस संबंध में उन्हें जानकारी देने से साफ मना कर दिया है। 

दिन प्रतिदिन गोरखपुर आइ-नेक्स्ट में गिर रहे विकेट से लखनऊ में बैठे अधिकारियों के भी माथे पर पसीने छूट रहे हैं। शर्मिष्ठा शर्मा ने भी अभिषेक के ट्रांसफर को ठीक नहीं माना है। अभिषेक पिछले पांच साल से आइनेक्स्ट गोकरखपुर में सेवारत रहे हैं। ट्रांसफर की मुख्य वजह एक शिकायती पत्र को माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक शिकायत अश्विनी पांडेय के खिलाफ हुई है। 

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

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उत्तर प्रदेश में 17 एडिश्नल एसपी बदले, सुभाषचन्द्र बने नए एटीएस एसएसपी

उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच जिलों के एसपी समेत 15 आईपीएस के तबादले कर दिए हैं। लखनऊ के एसएसपी की नियुक्ति पर ऊहापोह बना हुआ है। प्रदेश में कुल 17 एडिश्नल एसपी के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। सुभाष चन्द्र दुबे को एटीएस का एसएसपी नियुक्त किया गया है। 

गृह विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आईजी ट्रैफिक दीपक रतन को आईजी ईओडब्ल्यू बनाया गया है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद के आईजी दीपक शर्मा को आईजी राज्य मानवाधिकार बनाया गया है। डीआईजी रेंज फैजाबाद संजय कक्कड़ को डीआईजी भ्रष्टाचार निवारण संगठन बनाया गया है। उनके स्थान पर डीआईजी कार्मिक विजय कुमार गर्ग को फैजाबाद भेजा गया है। 

उपनिदेशक ट्रैफिक दीपक कुमार को 32वीं वाहिनी पीएसी का सेनानायक बनाया गया है। अभिसूचना मुख्यालय में तैनात सुभाष चन्द्र दुबे को एसएसपी एटीएस बनाया गया है। भर्ती बोर्ड में तैनात अनीस अहमद अंसारी को एसपी फतेहपुर बनाया गया है। एसपी एसटीएफ (वेस्ट) बबलू कुमार को एसपी शाहजहांपुर के पद पर तैनाती मिली है। यहां तैनात राजेन्द्र प्रसाद सिंह यादव को एसपी प्रतापगढ़ बनाया गया है। प्रतापगढ़ के एसपी बलिकरन सिंह यादव को इंटेलीजेंस मुख्यालय में तैनाती दी है। मैनपुरी के एसपी श्रीकांत सिंह को एसपी सीबी-सीआईडी लखनऊ बनाया गया हैं। उनकी जगह पर उदयशंकर जायसवाल को मैनपुरी की कमान सौंपी गई है। तकनीकी सेवाएं में तैनात नेहा पाण्डेय को एसपी बहराइच बनाया गया है। यहां तैनात रामलाल वर्मा को एसपी ईओडब्ल्यू बनाया गया है। एसपी फतेहपुर सालिक राम को गोरखपुर के पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय का एसपी बनाया गया है।

शाहजहांपुर के लिए स्थानांतरित एएसपी शफीक अहमद को एएसपी (वेस्ट) बाराबंकी बनाया गया है। यहां तैनात कुलदीप नारायण को एएसपी ग्रामीण फैजाबाद बनाया गया है। शाहजहांपुर के एएसपी सिटी राजेश कुमार का एएसपी प्रोटोकाल इलाहाबाद के लिए हुआ तबादला निरस्त कर दिया गया है। एएसपी प्रोटोकाल इलाहाबाद डॉ. एमपी सिंह को 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर का उपसेनानायक बनाया गया है। आगरा इंटेलीजेंस में तैनात विश्वजीत श्रीवास्तव को एएसपी क्राइम नोएडा बनाया गया है। जगदीश शर्मा को एएसपी ग्रामीण सहारनपुर बनाया गया है। बिजनौर के एएसपी ग्रामीण राधेश्याम को सीबी-सीआईडी मुख्यालय में तैनाती मिली है। 

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी के एएसपी सु्खराम भारती को एएसपी विजिलेंस लखनऊ बनाया गया है। फैजाबाद के एएसपी इंटेलीजेंस दिगम्बर कुशवाहा को एएसपी (गंगापार) इलाहाबाद बनाया गया है। फैजाबाद के एएसपी ग्रामीण पीयूष रंजन श्रीवास्तव को उनकी जगह एएसपी इंटेलीजेंस बनाया गया है। सहारनपुर के एएसपी ट्रैफिक संजय सिंह यादव को एएसपी ग्रामीण नोएडा बनाया गया है। यहां तैनात बृजेश कुमार सिंह को उनकी जगह सहारनपुर भेजा गया है। नोएडा की एएसपी क्राइम सुनीता सिंह को एएसपी इंटेलीजेंस आगरा बनाया गया है। पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद में तैनात आशुतोष मिश्रा को एएसपी यमुनापार इलाहाबाद बनाया गया है। यहां तैनात नीरज कुमार पाण्डेय को एएसपी प्रोटोकॉल इलाहाबाद बनाया गया है। सहारनपुर के एएसपी ग्रामीण धर्मवीर सिंह को एएसपी ग्रामीण बिजनौर के पद पर तैनाती मिली है।

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यूपी : अगले 48 घंटों में 48 से ज़्यादा IAS-IPS अफसरों के तबादले की संभावना

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अमले में एक बार फिर बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी चल रही है। सूबे के समाजवादी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अगले 48 घंटों में 48 से ज़्यादा IAS और IPS अफसरों का तबादला करने जा रहे हैं। 

सूत्रों के मुताबिक़ 20 से ज़्यादा जनपदों के DM और तक़रीबन इतने ही जनपदों के पुलिस प्रमुख यानी SSP/SP के तबादले किए जा सकते हैं। बताया जा रहा है की तबादलों के क्रम में कई मंडलों के कमिश्नर, IG-ज़ोन और DIG-रेंज पर भी गाज गिराने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक़ तबादलों की सूची में बड़ी संख्या में PCS अधिकारियों को भी इधर उधर किया जा सकता है।

दरअसल नवंबर में सूबे की मौजूदा निर्वाचित पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है जिसके चलते 6 महीने पहले ही पंचायतों के पुनर्गठन तथा मतदाता सूची पुनर्रीक्षण के कार्य को अंतिम रूप दिया जाना आवश्यक है। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश शासन को पत्र लिखकर कहा है कि इस प्रक्रिया में दो महीने का वक़्त लगेगा, इसलिए आचार संहिता के पालन के मद्देनज़र 15 मई के बाद किसी भी अफसर का तबादला ना किया जाए। 

ऐसे में समाजवादी सरकार के लिए 15 मई से पहले उन अफसरों को हटाना बेहद ज़रूरी हो गया है जिनके काम से अखिलेश सरकार ख़ुश नहीं है। सूत्रों के मुताबिक़ अगले 48 घंटों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का इशारा मिलते ही सूबे का नियुक्ति एंव गृह विभाग तबादलों का औपचारिक आदेश जारी कर देगा। पिछले दस दिनों से राजधानी लख़नऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पद भी ख़ाली है, जिसको फिलहाल DIG-रेंज आर.के चतुर्वेदी संभाल रहे हैं। तबादलों की इस कड़ी में इस पद पर भी नई तैनाती संभव है।

उस्मान सिद्दीक़ी उत्तर प्रदेश के युवा एवं जुझारू पत्रकार, नोएडा स्थित न्यूज़ चैनल में कार्यरत

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प्रजातंत्र लाइव में जबर्दस्त उथल-पुथल, रासबिहारी सहित दर्जन भर लोगों का मुंबई स्थानांतरण

लाइव इंडिया ग्रुप के अतिमहत्वकांक्षी अखबार ‘प्रजातंत्र लाइव’ की महज एक साल के अंदर ही ऐसी दुर्गति होगी, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। डा.प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में अखबार को पहले ही दिन से संभालने वाले वरिष्ठ पत्रकार अनूप झा की असामयिक मृत्यु के बाद अखबार की ऐसी दुर्गति हुई है। अब अखबार की बंद होने के कगार पर है। 

अनूप झा की मौत के बाद लाइव इंडिया का डिजिटल मीडिया संभालने वाले बसंत झा को आनन फानन में प्रजातंत्र लाइव अखबार की भी जिम्मेदारी सौंप दी गई और अखबार देख रहे डा प्रवीण तिवारी से अखबार से जुड़े सारे अधिकार ले लिए गए। सूत्रों का कहना है कि बसंत झा के कार्य संभालते ही अखबार को पूरी को तरह से कबाड़ बताया जाने लगा। पहले तो कुछ लोगों को दिल्ली से नोएडा आफिस बुला लिया गया और फिर धीरे-धीरे करके दिल्ली से आधा दर्जन लोगों को बाहर कर दिया गया। 

सूत्रों का कहना है, इस प्रकरण से डा प्रवीण तिवारी गुट और उनके द्वारा रखे गए लोग झटके में ही हाशिए पर आ गए। पत्रकारों के नेता माने जाने वाले जिस रासबिहारी को डा प्रवीण तिवारी ने रिपोर्टिंग का मुखिया बनाया था। उनके साथ उनके साथी हिरेंद्र राठौर, दिवाकर, दुष्यंत शर्मा, राकेश थपलियाल को मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया। इनके अलावा डेस्क इंचार्ज संजीव झा, रिपोर्टिंग से विवेकानंद चैधरी सहित कुछ और लोगों का स्थानांतरण मुबंई कर दिया गया है। इन सभी की लाइव इंडिया के एचआर हेड अजय मेहता के साथ तीखी झड़प भी हुई है। इस पूरे प्रकरण में अखबार के संपादक डा प्रवीण तिवारी मूक दर्शक बने हुए हैं।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित 

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हिंदुस्तान-जागरण से अनिल, गणेश और मनीष के बारे में सूचनाएं

दो हिंदी अखबारों दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक जागरण में तीन पत्रकारों के इधर से उधर किए जाने की सूचनाएं हैं। दैनिक हिंदुस्तान से खबर है कि अनिल शर्मा को हिंदुस्तान बुलंदशहर का ब्यूरो चीफ नियुक्त किया गया है। गणेश मेहता को मुजफ्फरपुर (बिहार) स्थानांतरित कर दिया गया है। इसी प्रकार दैनिक जागरण मेरठ में फेरबदल किया हुआ है। अखबार के मुजफ्फरनगर ब्यूरो से मनीष शर्मा को जागरण मुख्यालय मेरठ में डेस्क पर बुला लिया गया है। 

 

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वाराणसी अमर उजाला ने फिर पत्ते फेटे, कई ब्यूरो इंचार्ज इधर से उधर

वाराणसी अमर उजाला में ब्यूरो स्तर पर काफी उलटफेर की सूचना है। पता चला है कि पांच जनपदों गाजीपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही के ब्यूरो इंचार्ज बदल दिए गए हैं।  

नागेंद्र पंकज अमर उजाला गाजीपुर के ब्यूरो इंचार्ज थे। उन्हें बनारस मुख्यालय बुला लिया गया है। उनके स्थान पर शैलेंद्रमणि त्रिपाठी को बनारस से दोबारा भेजा गया है। नागेंद्र से पहले भी शैलेंद्र गाजीपुर ब्यूरो इंचार्ज रहे हैं। 

अमर उजाला सोनभद्र के ब्यूरो इंचार्ज पुष्कर पांडेय को आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है। आजमगढ़ ब्यूरो इंचार्ज भारतेंदु मिश्रा को सोनभद्र ब्यूरो की कमान सौंपी गई है। इसी तरह बनारस कार्यालय से विनोद तिवारी को जौनपुर ब्यूरो देखने को भेजा गया है। जौनपुर के ब्यूरो इंचार्ज पंकज चौबे अब भदोही ब्यूरो संभालेंगे। 

गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व अजय शंकर तिवारी को भी बनारस कार्यालय से आगरा स्थानांतरित कर दिया गया था। उसके बाद वह एक सड़क हादसे में गंभीर घायल हो गए थे। तभी से वह मेडिकल अवकाश पर हैं। उन्होंने आज तक अमर उजाला आगरा ज्वॉइन नहीं किया है।   

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यूपी अभिसूचना विभाग : ट्रान्सफर में भ्रष्टाचार, यौन उत्पीड़न की शिकायत

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अभिसूचना विभाग में होने वाली नियुक्तियों के सम्बन्ध में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा को पत्र लिखा है।

उन्होंने पांडा को बताया है कि अभिसूचना विभाग के सिपाहियों की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है पर दुर्भाग्य से वर्तमान समय में इस विभाग में होने वाली नियुक्तियों में कई तरह की अनियमितता की बात कही जा रही है। जैसे, 16 अक्टूबर 2014 को कई आरक्षीगण को जनपदीय पुलिस से अभिसूचना में ट्रांसफर किया गया और इसके अगले दिन ही उनमे 60 आरक्षी के ट्रान्सफर निरस्त कर दिए गए। फिर 27 अक्टूबर को पूर्व के 63 आरक्षी के अभिसूचना में हुए ट्रान्सफर निरस्त किये गए पर आश्चर्यजनक रूप से 23 नवम्बर के आदेश द्वारा इन दोनों आदेश को पुनः बदलते हुए इन सभी 123 आरक्षीगण को फिर से अभिसूचना विभाग में ले लिया गया।

श्री ठाकुर ने इसके अलावा एक आरक्षी पति-पत्नी का उदाहरण भी बहुत विस्तार में दिया है, जिनका यह कहना है कि चूँकि उन्होंने वांछित धनराशि देने से मना कर दिया, अतः पति को अभिसूचना से वापस जिले में भेज दिया गया और पत्नी को सुदूर जिले में ट्रान्सफर कर दिया गया जबकि उनके बाद भी कई लोगों को उनके वांछित स्थान पर भेजा गया। सबसे गंभीर बात यह है कि पुरुष आरक्षी ने अपनी पत्नी पर अभिसूचना विभाग के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा यौन शोषण की भी बात बताते हुए श्री ठाकुर से कार्यवाही की गुहार लगाई है। पुरुष आरक्षी ने इस मामले में व्हिसलब्लोवर बन कर सारे साक्ष्य सामने लाने की भी बात कही है, जिसपर श्री ठाकुर ने पति-पत्नी की पूरी सुरक्षा करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

यह सूचना अंग्रेजी में भी पढ़ें –

Enquiry in appointments and sexual harassment in Intelligence dept IPS officer Amitabh Thakur has sought enquiry regarding alleged corruption in appointments in State Intelligence department from district units. In his letter to Principal Secretary Home Sri Thakur has said that the role of constables in intelligence department is extremely critical but sadly specific allegations of corruption and arbitrariness in its appointments are being made. For instance, 116 constables were transferred to intelligence department on 16 October 2014, but out of them transfer of 60 constables got cancelled the next day on 17 October.

Similarly on 27 October transfer of 63 constables to intelligence was cancelled and they were repatriated back to district police. Surprisingly on 23 November these transfer orders were once again changed and all 123 were taken back to intelligence. In addition, Sri Thakur has given an specific example of husband-wife constable couple who say that they are being harassed for not paying the bribe money, where the husband was sent back to district police and wife sent to far away Varanasi district, while many people were posted to her sought place even after her. Most seriously, the male constable told Sri Thakur about the alleged sexual harassment of his wife by a senior IPS officer in Intelligence department, requesting for help. He has sought to be a whistleblower against this corruption on which Sri Thakur has asked for his complete security and high-level enquiry in this matter.

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जशोदा बेन की खबर दिखाने वाले डीडी अफसर को मिली ‘कालापानी’ की सजा, अंडमान द्वीप हुआ तबादला

इस देश में प्रेस आजाद है, शर्त बस यह है कि आप दूरदर्शन में काम न करते हों. और हां, खबर जशोदा बेन के बारे में न हो. अगर ये दोनों संयोग मिल जाएं तो फिर कोई गारंटी नहीं है. आपको पलक झपकते ‘कालापानी’ भेज दिया जाए तो भी कोई बड़ी बात नहीं. अहमदाबाद में तैनात दूरदर्शन अधिकारियों ने यही बात समझने में थोड़ी देर कर दी. जशोदा बेन की खबर दिखाने का नतीजा एक डीडी अधिकारी के तत्काल तबादले के रूप में सामने आ गया. बाकी अधिकारी भी सफाई देने में जुटे हैं.

मामला यह है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘परित्यक्ता’ पत्नी जसोदा बेन ने आरटीआई के जरिए यह जानना चाहा था कि उन्हें प्रशासन की ओर से जो सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है, वह किस हैसियत से दी जा रही है. क्या प्रधानमंत्री की पत्नी होने के नाते वह इस सुरक्षा की हकदार हैं या किसी अन्य रूप में. अगर पीएम की पत्नी होने की वजह से उन्हें सुरक्षा दी जा रही है, तो फिर वह ऐसी और किन-किन सुविधाओं की हकदार हैं?

प्रशासन ने जब इनका जवाब देने से 25 नवंबर 2014 को इनकार कर दिया तो जशोदा बेन ने इसके खिलाफ अपील दायर की. यह खबर देश के लगभग सभी अखबारों और टीवी चैनलों में दिखाई गई.  गलती से दूरदर्शन, अहमदाबाद केंद्र के भी कुछ अधिकारी इसे खबर मानने की ‘गुस्ताखी’ कर बैठे. दूरदर्शन अधिकारियों की इस ‘हिमाकत’ पर चकित सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ऑफिसरों ने तत्काल इसे संज्ञान में लिया. इस बुलेटिन के लिए जिम्मेदार असिस्टेंट डायरेक्टर वी एम वनोल का तबादला पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीप) कर दिया गया.

अहमदाबाद दूरदर्शन केंद्र के जॉइंट डायरेक्टर धर्मेंद्र तिवारी भी सफाई देते-देते परेशान हैं. सूचना और प्रसारण सचिव विमल जुल्का ने जानना चाहा है कि आखिर यह खबर चुनी ही क्यों गई/ इस यक्षप्रश्न का उत्तर तलाशने, जुल्का का यह लिखित नोटिस लेकर पिछले दिनों दूरदर्शन के डीजी (न्यूज) अक्षय रावत खुद अहमदाबाद पहुंचे हुए थे. एक की ‘लापरवाही’ सबकी आफत बन गई है.

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मेरे साथ न्याय नहीं हुआ, बुलाया गया तो मोदी के साथ रहने दिल्ली जाऊंगी : जसोदा बेन

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पत्रिका समूह में तबादलों की बयार, कई संपादक इधर उधर हुए

खबर है कि राजस्थान पत्रिका ने कई संपादकों को इधर उधर किया है. तबादले के दायरे में आए कुछ संपादकों को छह से नौ महीने पहले ही तैनात किया गया था. आखिर इतने कम महीनों में ही क्यों हटाना पड़ा है, यह सवाल चर्चा में है. नौ महीने पहले लगाए गए कोटा में अमित वाजपेयी, जोधपुर में राजेश नैन, उदयपुर में रमेश शर्मा को हटा दिया गया है. अमित वाजपेयी और राजेश नैन को जयपुर मुख्यालय में तलब किया गया है.

सीकर में चार महीने पहले लगे अनिल कैले को भी मुख्यालय बुलाया गया है. उदयपुर के रमेश शर्मा को रतलाम भेजा गया है. रतलाम के संपादक राजेश त्रिपाठी को सात महीने पहले ही लगाया था. उनको भी हटा कर सीकर भेजा गया है. अजमेर के मनीष उपाध्याय को जोधपुर भेजा गया है. वे भी आठ महीने पहले ही भेजे गए थे. उदयपुर में पत्रिका की हालत खराब होने के कारण नीहार कोठारी ने अपने खास आदमी राजेश कसेरा को उदयपुर भेजा है. अजमेर में उपेन्द्र शर्मा को भेजा गया है. खंडवा के मुधेश सक्सेना को और सतना के प्रदीप पांडे को भी हटा दिया गया है. पांडे को कोटा भेजा गया है. सक्सेना अभी ठंडे बस्ते में रहेंगे. पत्रिका समूह की तरफ से पहले ही अपने छह संपादकों को संपादक से मैनेजर बनाया जा चुका है.  इसी समूह के न्यूज टुडे से शैलेंद्र तिवारी का तबादला कर दिया गया है.

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सुदर्शन न्यूज से मैनेजिंग एडिटर नवीन पांडेय का इस्तीफा, दैनिक भास्कर दिल्ली के संपादक राजेश उपाध्याय का तबादला

सुदर्शन न्यूज से मिली जानकारी के अनुसार नवीन पांडेय ने चैनल से इस्तीफा दे दिया है. वे मैनेजिंग एडिटर के पद पर कार्यरत थे. नवीन पांडेय कई अखबारों और चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं. सुदर्शन न्यूज से पहले वह चैनल वन और उससे पहले इंडिया टीवी में कार्यरत थे. सुदर्शन न्यूज में लगातार उठापटक चलता रहता है. यहां लोगों के आने और जाने का सिलसिला जारी रहता है. असल में प्रबंधन अपने पत्रकारों को बिजनेस टारगेट देता है, जिसके कारण यहां ठीकठाक लोग टिक नहीं पाते. साथ ही  इस चैनल में अचानक किसी की भी सेलरी आधी कर दी जाती है ताकि वह इस्तीफा दे दे या फिर कम सेलरी में काम करता रहे. चैनल में सीईओ के रूप में आरपी सिंह के आने के बाद से नवीन पांडेय के जाने की चर्चाएं शुरू हो गई थी.

एक अन्य सूचना के मुताबिक दैनिक भास्कर, दिल्ली के संपादक राजेश उपाध्याय का तबादला छत्तीसगढ़ कर दिया गया है. राजेश को छत्तीसगढ़ का स्टेट हेड बनाया गया है. राजेश उपाध्याय की जगह दिल्ली में संपादक पद पर अभी किसी को भेजा नहीं गया है. कई नाम चर्चा में हैं पर किसका फाइनल होगा, यह स्पष्ट नहीं हो सका है.

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ईटीवी के मनीष का लखनऊ तबादला, रीतेश का हिन्दुस्तान से इस्तीफा

ईटीवी राजस्‍थान, जयपुर की मॉर्निंग शिफ्ट के डेस्‍क प्रभारी मनीष कुमार का तबादला लखनऊ कर दिया गया है। वे लखनऊ में पूर्व की भांति चीफ रिपोर्टर के पद पर तैनात होंगे। मनीष कुमार का इसी साल फरवरी में लखनऊ से जयपुर तबादला हुआ था।

हिन्दुस्तान कन्नौज के क्राइम रिपोर्टर रीतेश चतुर्वेदी ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है। वे पिछले तीन सालों से हिन्दुस्तान से जुड़े हुए थे। रीतेश के अगले कदम के बारे में जानकारी नहीं हो पाई है।

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