यूपी पुलिस के सीओ आशुतोष मिश्रा की कारस्तानी : पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेंद्र तिवारी को छह साल जेल कटवा दिया

04 सितम्बर 2009 को क़स्बा अनंतराम, थाना अजीतमल, जिला औरैया में महेंद्र कुमार की हत्या हुई जिसमे अनिल कुमार त्रिपाठी नामजद हुए और पिच्चू मिश्रा आरोपों के घेरे में आये. विवेचना के दौरान विवेचक सीओ अजीतमल आशुतोष मिश्रा ने जबरदस्ती पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेन्द्र कुमार तिवारी पुत्र चंद्रशेखर को पुच्ची मिश्रा बताते हुए 11 सितम्बर 2006 को गिरफ्तार कर इटावा जेल भेज दिया जबकि वे जानते थे कि यह पिच्चू मिश्रा नहीं है.

गौरी हत्याकांड : यूपी पुलिस पर गंभीर मानवाधिकार हनन का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने कल अपने पति अमिताभ ठाकुर के साथ गौरी हत्याकांड के कथित घटनास्थल पर अभियुक्त की बहन डॉली से बातचीत के आधार पर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग और यूपी के डीजीपी को अभियुक्त के परिवार वालों के मानवाधिकार उल्लंघन के सम्बन्ध में शिकायत की है. डॉली ने इन्हें बताया था कि पुलिस गिरफ़्तारी की रात 12 बजे और फिर 4 बजे सुबह बिना महिला पुलिस के आई थी और उन लोगों ने डॉली सहित महिलाओं से अभद्रता की थी.

यूपी के डीजी कमलेन्द्र प्रसाद के खिलाफ गवाही देंगे आईजी अमिताभ ठाकुर

आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर अपने ही डीजी कमलेन्द्र प्रसाद के खिलाफ मशहूर गीतकार संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद आत्महत्या मामले में पुलिस के सामने गवाही देंगे. उन्होंने आज प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को पत्र लिख कर इस बात से अवगत कराया है. पत्र में उन्होंने यह कहा है कि श्री प्रसाद के साथ पिछले लगभग डेढ़ माह में काम करते हुए उन्होंने उनकी कार्यप्रणाली में वे सभी बातें देखीं जो संकल्प आनंद ने अपने सुसाइड नोट में कहा था.

यूपी में जंगलराज : आधी रात दरवाजा तोड़कर घर में घुसी पुलिस ने पत्रकार को हवालात में बंद कर धमकाया

बरेली से खबर है कि मीडियाकर्मी योगेन्द सिंह पर कार सवार बदमाशों ने हमला बोल दिया. इस प्रकरण को लेकर मुकदमा नवम्बर 115 /014 थाना देवरनिया बरेली में दर्ज है. योगेंद्र का आरोप है कि पुलिस ने हमलावरों के साथ मिलकर सांठगांठ कर लिया है. पुलिस मामले के गवाहों को धमका रही है. गवाही करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कह रही है. बाद में पुलिस ने मामले में एफआर लगवा दी. इस मामले के विवेचना अधिकारी सीओ बहेड़ी बनाए गए थे. योगेंद्र ने बताया कि विवेचना अधिकारी के ऑफिस के एक कर्मचारी ने फोन कर जानकारी दी कि डीआईजी ने मुकदमे को विवेचना के दौरान ही खत्म करवा दिया. इस तरह आला अधिकारियों के दबाव में मुकदमे में एफआर लग गई. आरोपियों विनय अग्रवाल उर्फ गुड्डू, डा०पंकज अग्रवाल, मनोज, विनीत अग्रवाल आदि पर कई अलग-अलग थानों व जिलों में निम्न अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं…

यूपी में जंगलराज : जौनपुर में पुलिस द्वारा एक युवक की बेरहमी से पिटाई का लाइव वीडियो देखें

पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर गये देश के प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में भले ही फिल्मों में पुलिस की ख़राब छवि दिखाए जाने की बात कही और पुलिस को स्मार्ट बनने के लिए मन्त्र भी दे डाले लेकिन पुलिस सुधरने को कतई तैयार नहीं है. इस वीडियो को देख लीजिए. इसके दृश्य देख कर एक बार सोचने पर मजबूर हो जाएंगे. ये किसी निर्माता निर्देशक द्वारा बनाई गयी फिल्मी सीन नहीं है. ये रीयल वीडियो है. बीच सड़क पर पुलिस के दो जवान एक युवक को डंडे से पीटते हुए ले जा रहे हैं.

थाने का दरोगा है इनका संपादक, इसीलिए ये कर रहे हैं वाहन चेकिंग, देखें आप भी…

: अपनी कमी छिपाने के लिए मीडिया को  राजदार बना रही है यूपी पुलिस : उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी कमी छिपाने के लिए अपनी लापरवाही का राजदार मीडिया कर्मियों को बना रही है। इसका उदाहरण सहारनपुर में देखने को मिला। सहारनपुर के डीआईजी ने यातायात माह की कमजोरी छिपाने के लिए पत्रकारों के जरिए वाहन चैक कराए। यह चैकिंग यातायात पुलिस की मौजूदगी में कुछ तथाकथित (अपना पत्र झोले में लेकर चलने वालों से) पत्रकारों से कराए। ऐसे पत्रकारों का यहां एक गिरोह है जो पुलिस में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए सुबह से शाम तक डीआईजी से लेकर थाने तक का चक्कर काटता है।

बिहार कैडर के आईपीएस अमिताभ दास के समर्थन में मुखर हुए यूपी कैडर के आईपीएस अमिताभ ठाकुर

To,
Hon’ble Justice Bilal Nazki,
Chairman,
Bihar Human Rights Commission,
Patna

Subject- Regarding certain report about Sri Amitabh Kumar Das, IPS currently posted as SP, BHRC, Patna

Respected Sir,

गाजीपुर से तीन खबरें : बाजरा बनाम डाई, गो तस्कर बनाम भाजपा नेता, मंत्री बनाम ठाकुर साहब

Yashwant Singh : गाजीपुर से तीन खबरें सुना रहा हूं. पहली खेती किसानी की. बाजड़ा पिछले साल 1100 रुयये क्विंटल था, इस साल 900 रुपये हो गया है. वहीं, डाई खाद का दाम 600 रुपये बोरी से बढ़कर 1150 रुपये हो गया है. कितनी तेज देश तरक्की कर रहा है और कितना तेज गांवों किसानों का विकास हो रहा है, इसकी ये एक बानगी है. ये जानकारी मुझे पिताजी ने दी, चिंतिंत लहजे में ये कहते हुए कि ”अब खेती-किसानी में कुछ रक्खा नहीं है”.

दिल्ली और एमपी पुलिस से घूम कर शिकायत यूपी पुलिस को

19 अगस्त 2014 को इंदिरानगर, लखनऊ की शुचिता श्रीवास्तव मेरे पास आयीं और उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन से एलेग्जेंडर जिओर्जी नामक एक व्यक्ति सीरिया निवासी बताते उन्हें भारत में अस्पताल खोलने के नाम पर संपर्क कर रहा था. एक लम्बे समय तक शुचिता और एलेग्जेंडर की इस बारे में फेसबुक पर बातचीत होती रही. शुचिता ने बताया कि यद्यपि वे समझ गयी थीं कि एलेग्जेंडर ठग है पर वे मामले की तह तक पहुँचने के लिए उसका विश्वास जीतने को उससे बात करती रहीं.

अखिलेश, ये हाल है तुम्हारे (जंगल)राज में… पुलिस रिश्वत लेकर देती है डेडबाडी!

Harendra Singh : बीती (23 सितंबर 2014) रात मेरे बेटे हर्षित का करीब 1.45 am पर फोन आया। मैंने फोन उठाया, तो घबराहट में बोला, पापा मैं चारबाग स्टेशन पर हूँ, आप जानते हैं सनबीम में मेरा सहपाठी आशीष था, वह अपने पापा को इलाज के लिए पटना से एम्स दिल्ली ले जा रहा था, पर रास्ते चारबाग से पहले ही अंकल का देहांत हो गया है, और जीआरपी पुलिस के लोग उनकी डेडबाडी नहीं दे रहे हैं, जबकि अंकल का treatment file व reference form मैं दिखा रहा हूं।

यूपी में जंगलराज : पुलिस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले को जान के लाले

मुंबई से अपने गाँव ओटिया, थाना शिवरतनगंज, जनपद अमेठी आये नफीस खान से आम का एक हरा पेड़ कटता नहीं देखा गया. उन्होंने 02 अक्टूबर 12 बजे एएसपी अमेठी मुन्ना लाल के सीयूजी नंबर 1977 पर इसकी सूचना दी और कोई कार्यवाही नहीं होने पर 03 तारीख को सुबह 10 बजे फिर से बताया. करीब 1.30 बजे पुलिस चौकी इन्होना, थाना शिवरतनगंज की पुलिस आई और ठेकेदार ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ को पकड़ कर ले गयी. तजऊ चौकी इंचार्ज महेश चंद्रा को 15,000 रुपये दे कर छूटा और उसने पुलिस द्वारा बताये नफीस के फोन पर उसे भला-बुरा कहा.

नूतन ठाकुर के धरने की सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही शुरू की

हमारे घर हुई चोरी में भारी पुलिस निष्क्रियता के विरुद्ध मेरे द्वारा डीजीपी कार्यालय के धरने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग यकायक तेजी में आ गया. 15 अक्टूबर की रात हुई इस चोरी के बाद किसी पुलिस वाले ने मामले की सुध नहीं ली थी. घटना के दिन से ही मामले के विवेचक छुट्टी पर चले गए थे. पांच लाख से ऊपर की चोरी होने के बावजूद मामले में एसआर केस दर्ज नहीं किया गया था और एसएसपी लखनऊ सहित किसी भी वरिष्ठ पुलिस अफसर ने नियमानुसार घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया था.