जिसे ‘संपादक’ नहीं लिखना आता, उस शख्स की कार का भौकाल देखिए…

Ambrish Kumar : अजीत अंजुम शुरू से मजाक उड़ाते रहे हैं, कार को लेकर. अपने पास कोई गाड़ी नहीं है. आमतौर पर रिक्शा, टेम्पो,  ऑटो या फिर उबर से चला जाता हूं. दिल्ली में अजीत अंजुम भारी सी गाड़ी रखते थे जब हम लोग डीटीसी वाली बस से चलते थे. तब भी वे कार की काफी चर्चा करते थे. कल लखनऊ आए तो मेरे पास कोई वाहन नहीं था जल्दी घर पहुंचने के लिए ताकि उन्हें बुला सकूं… Continue reading

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केरल में सिर्फ ईसाई शराब पी सकता है, बेच सकता है, हिन्दू नहीं!

Shameer Aameen Sheikh : यदि आपको लगता है कि भारत में सिर्फ एक ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ है तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। आइये जानते हैं भारत के कुछ अन्य पर्सनल लॉ के बारे में। इनको पढ़कर आप समझ जायेंगे कि भारत जैसे ‘अनेकता में एकता’ वाले देश में ‘कॉमन सिविल कोड’ अगले ढाई साल तो क्या ढाई सौ साल तक लागू नहीं हो सकता, यह सिर्फ राजनीतिक उछल-कूद है और कुछ भी नहीं –

1) गोवा के हिन्दू महिला को अगर 25 वर्ष की उम्र तक बच्चा नहीं हुआ या 30 वर्ष की उम्र तक बेटा नहीं हुआ तो उसका पति दूसरा विवाह कर सकता है (ये बेटा-बेटी में कानूनन भेद किया गया है)। लेकिन गोवा का मुस्लिम दूसरी शादी नहीं कर सकता।

2) कर्नाटक के ब्राह्मणों में सगे मामा-भांजी शादी कर सकते हैं, अन्य ब्राह्मण नहीं कर सकते।

3) बैंक में कोई हाथ में शेविंग ब्लेड भी ले जाये तो गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन सिक्ख सरदार तलवार भी ले जा सकते है।

4) सिक्ख महिला बगैर हेल्मेट के बाईक चला सकती है, क्योंकी सिक्ख धर्म में महिलाओं को टोपी पहनना अवैध है।

5) जैन पुरूष, निकोबारी हिन्दू पुरूष व महिलायें और हिन्दू नागा साधू पुरूष नग्न रह सकते हैं, लेकिन कोई दूसरे धर्म के लोग नग्न रहें तो पुलिस गिरफ्तार करती है। जैन महिलाओं को नग्न रहने का अधिकार नहीं है।

6) गोवा के चर्च में हुवे किसी कैथलिक के विवाह के बाद वो अदालत की मर्जी के बगैर तलाक दे सकता है, मुस्लिम नहीं।

7) सिक्ख फौजी दाढ़ी रख सकता है, मुस्लिम नहीं।

8) सिक्ख पायलट पगड़ी पहन सकता है, हिन्दू नहीं।

9) आसाम के ऐसे चार जिले हैं, जहाँ आदिवासी जगह खरीद सकता है, अन्य कोई नहीं।

10) काश्मीर कि तरह नागालैंड और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों को भी विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है।

11) केवल हिन्दू आदिवासी भाला, चाकू और दूसरे कुछ हथियार रख सकते है, दूसरे नहीं।

12) अज्ञारी (पारसी धर्मस्थल) में केवल पारसी जा सकते हैं, दूसरे नहीं।

13) सोमनाथ व पशुपतिनाथ मंदिर में केवल हिन्दू जा सकते हैं, दूसरे नहीं।

14) केरल में सिर्फ ईसाई शराब पी सकता है, बेच सकता है, हिन्दू नहीं।

ये ‘पर्सनल लॉ’ यहाँ सिर्फ उदाहरण के तौर पर बताये गये हैं, और भी बहुत हैं। तो ‘कॉमन सिविल कोड’ का गाना गाने वालों के न तो पुरखों की औकात थी, न इनकी है, न इनकी आगे आनेवाली पीढ़ियों की होगी, कि ‘कॉमन सिविल कोड’ लागू कर सकें, इसलिये बेकार में परेशान न हों।

शमीर आमीन शेख की एफबी वॉल से.

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आईआईटी का ये प्रोफेसर नौकरी छोड़ एक दिन चल पड़ा जंगल की ओर…

Rana Yashwant : आज एक स्टोरी आई. स्क्रिप्ट पढते ही मैं चौंक गया. कहा- कल इसको ठीक से करेंगे. अभी वही खबर दिख गई तो सोचा आपसे साझा कर लूं. शहाबुद्दीन जैसे लोगों के लिये सैकड़ों गाड़ियों का काफिला और हजारों की भीड़ चुटकियों में खड़ा हो जाते हैं, लेकिन एक आदमी इस देश की सेवा की बेहतरीन मिसाल खड़ी कर गया और हम उसको जानते तक नहीं. आलोक सागर, आईआईटी में प्रोफेसर हुआ करते थे. उनके छात्रों में रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी हैं.

एक दिन आलोक सागर को लगा कि सिर्फ पढाना, खाना, कमाना ही जीवन नहीं है, वह कुछ और भी है. इस आदमी ने आईआईटी की प्रोफेसरी छोड़ी और वे मध्यप्रदेश के आदिवासी इलाके में चले गए. बैतूल और होशंगाबाद में आलोक सागर ने आदिवासियों के बीच काम करना शुरु किया. पिछले २६ साल से यह आदमी एक ऐसे गांव में रहता है, जहां ना तो बिजली है और ना ही सड़क. वे अबतक पचास हजार से ज्यादा पेड़ लगा चुके हैं. उनको लोग बीज बांटते और पौधा बांटते ही देखते हैं. मैने सोचा कि एक बार सुन लूं कि यह आदमी कह क्या रहा है और सुना तो देर तक सोचता रहा कि इतना जीवट और ऐसी सोच आम इंसान की हो ही नहीं सकती.

आलोक कह रहे थे कि हम बस डिग्री दिखाने और अपनी काबलियत साबित करने में ही रह जाते हैं, हमने लोगों के लिए किया ही क्या- यह सोचते ही नहीं. सच तो यह है कि देश की सेवा जमीन पर उतरकर ही बेहतर तरीके से की जा सकती है. अब इससे भी बड़ी बात सुनिए. हाल में जब स्थानीय चुनाव हुए तो बैतूल के अधिकारियों ने कहा कि भाई आप ऐसे ही बीज बांटते, पेड़ लगाते रहते हैं- आपके बारे में लोग कम जानते हैं, सो फिलहाल आप जिले से बाहर जाइए, चुनाव है. तब उन्होंने अपनी डिग्री दिखाई और अपने बारे में बताया.

अधिकारियों ने जांच करवाई और सारी बातें सही पाई गईं. जो आदमी तीन कुर्ते और एक साइकिल पर जीवन काटता हो, कई भाषाएं फर्राटेदार बोलता हो , आदिवासियों का जीवन बेहतर करने में अपना जीवन खपाता हो, आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की हो और ह्यूस्टन से पीजी और पीेएचडी किए हुए हो वह कितना महान है, एक बार ठीक से सोचिएगा. आलोक सागर से मिलना ज़रूर है और वह भी जल्द.

इंडिया न्यूज चैनल के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत की एफबी वॉल से.

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जोड़ दी दो स्कार्पियो कार, तैयार किया चलता फिरता बीयर बार, अफसर भौचक, देखें तस्वीरें

मुंबई से सटे नवीमुंबई में आरटीओ के अधिकारियों ने गुजरात नंबर प्लेट की दो ऐसी अनोखी कारें बरामद की हैं जिसमें से एक कार में पूरा बीयर बार बनाया गया है। इस कार की लंबाई 21 फीट है।  इसे दो स्कॉर्पियो को जोड़कर बनाया गया है। आरटीओ के अधिकारियों ने इस कार को पकड़ा तो उन्हें लगा कि ये लिमोजिन कार होगी, लेकिन पता चला कि स्कॉर्पियो कार को जोड़कर ये लुक दिया गया है। इस कार में बार के साथ साथ संगीत और टेलीविजन की व्यवस्था भी है।

यहां आराम से पार्टी वगैरह की जा सकती है। इस तरह की कार अब तक विदेशों में या फिर फिल्मों में ही देखने को मिलती थी। फिलहाल कार मालिक से पूछताछ की जा रही है कि उसने इसकी इजाजत ली थी या नहीं। जब अफसरों ने इन कारों को पकड़ा और अंदर का जायजा लिया तो उनके होश उड़ गए। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि वह किसी कार में बैठे हैं या फिर बीयर बार में।

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