फोकस टीवी से संजीव श्रीवास्तव के जाने और शैलेश या संजीव पालीवाल के आने की चर्चा

The situation at Focus News has become more precarious and talks of exit of Group Editor Sanjeev Srivastava Ji are getting stronger. If Srivastava Ji goes, then the entire core team of focus will be in jeopardy as the main person behind the establishment of the news channel will go. There are talks of search for a new editor and it is rumored that sailesh ji or Sanjeev Paliwal Ji may take role of Srivastava ji. Indications (though remote possibility) say that Jindal company has finally offered to patch up with Sandeep Bamzai Ji, who had become whistleblower after his exit.

पिछले कुछ माह से फोकस टीवी के विभीषण एक्टिव हो गए हैं!

फोकस न्यूज चैनल को अभी लॉन्च हुए लम्बा वक्त नहीं हुआ है।  कम समय में बहुत तेजी से इस चैनल ने बाजार में अपनी जगह बनायी है। लेकिन पिछले कुछ महीनों से चैनल को जानबूझ कर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। और ये काम अंदर बैठे विभीषण कर रहे हैं। चैनल की कामयाबी का हिसाब इस बात से लगाया जा सकता है कि चैनल की टीआरपी तेजी से बढ़ी है और उसका टाइम सपेंड भी आईबीएन 7 से ज्यादा है। पिछले महीने ये टाइम स्पेंड ज़ी न्यूज से भी ज्यादा था।

The situation inside Focus office at noida is very grim… All colleagues are scared of loosing their jobs…

Dear Bhadaas4Media team, The recent happenings at Focus News and regional channels have been carried by your website, especially the closure of the regional channels and clouds of uncertainities on the 2 balance channels. The fate of the 2 channels is also heading to a closure in few weeks as the whistle blown by veteran journalist Sandeep bamzai has made agencies like CBI take note of relation between Matang Sinh ji and Naveen Jindal considering the funding of channels of Focus group owned by Matang Sinh Ji on paper.

फोकस न्यूज़ नेशनल पर पहचान का संकट

लॉन्चिंग के बाद से ही जिंदल ग्रुप का फोकस न्यूज़ चैनल पहचान के संकट से गुज़र रहा है। चैनल पर भारी-भरकम खर्च और डिस्ट्रीब्यूशन पर पानी की तरह पैसा बहाए जाने के बाद भी ये चैनल टीआरपी में अपनी जगह नहीं बना पाया है। इस ग्रुप का एक चैनल फोकस हरियाणा जबरन तालाबंदी के चलते पहले ही विवादों में है। अब फोकस नेशनल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। संजीव श्रीवास्तव के  नेतृत्व में लांच हुआ ये चैनल पूरी तरह से घाटे में चल रहा है। चैनल के कार्यक्रमों के स्तरीय ना होने की वजह से चैनल टीआरपी में कहीं नहीं है। जिसके चलते विज्ञापनों का भी अभाव है। चैनल पर हर ब्रेक में जिंदल समूह का अपना निजी विज्ञापन ही चलता है।

फोकस चैनल के मालिक नवीन जिंदल और उनके बेटे-बेटी-पत्नी के खिलाफ ईडी ने फेमा के तहत केस दर्ज किया

फोकस न्यूज चैनल के मालिक और कांग्रेस नेता नवीन जिंदल पर इनफोरसमेंट डायरेक्टोरेट यानि ईडी ने केस दर्ज कर लिया है. इनके चार परिजनों के खिलाफ भी ईडी ने मामला दर्ज किया है. ऐसा रिजर्व बैंक को जानकारी दिए बिना सिंगापुर के बैंक में बैंक खाता खोलने के कारण किया गया है. निदेशालय जल्द ही इन सभी को पूछताछ के लिए नोटिस भेजेगा. जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उनमें नवीन जिंदल के अलावा उनकी पत्नी शालू जिंदल, बेटी यशस्विनी और बेटे वेंकटेश हैं. इन सभी के खिलाफ फेमा के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.

फोकस टीवी से शैलेष कुमार का इस्तीफा

फोकस टीवी के मैनेजिंग एडिटर वरिष्ठ पत्रकार शैलेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह वह नवभारत टाइम्स, रविवार, अमृत प्रभात जैसे अखबारों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।  कई वर्षों तक ‘टीवी टुडे’ ग्रुप के हिंदी चैनल ‘आजतक’  में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार शैलेष कुमार भारतीय मीडिया में एक …

मतंग सिंह की बुढ़ौती वैसे ही खराब हो गई जैसे महुआ वाले तिवारी जी की खराब हुई….

Yashwant Singh : तभी तो कहूं कि ये कथित राजा साहब उर्फ मतंग सिंह इतना मौज कइसे मारता रहा लाइफ में. एक लाइन शुद्ध हिंदी बोल न पाने वाला मतंग सिंह अपने करामाती हरामी दिमाग से अरबों खरबों अपने चरणों में गिराता रहा और सत्ता के बड़े बड़े लोगों को अपने कोठे पर बुलाकर ओबलाइज करता कराता रहा… इसने अपने घर आफिस हरम में तब्दील कर रखा था.. दर्जनों लड़कियों महिलाओं पर इसकी नजरें एक साथ होती थी.. गंदी गंदी बातें करता था … अंदरखाने राजनीति इस कदर खेलता कि बड़े बड़े खिलाड़ियों को पसीना छूटने लगता… अब पता चला है कि इसने काफी काला पीला किया था… चलो, जवानी तो इस बंदे ने लूटते हुए हंसी खुशी काट दी लेकिन बुढ़ौती बेचारे की बर्बाद हो गई… कुछ कुछ वैसे ही जैसे महुआ चैनल वाले तिवारी जी आजकल बुढ़ौती में तिहाड़ की रोटी खा रहे हैं… मीडिया के पापियों का नाश होने लगा है… सचमुच.

कई चैनलों के मालिक पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह सारधा घोटाले में अरेस्‍ट
https://bhadas4media.com/article-comment/3530-matang-arrest

नवीन जिंदल ने जो टीम फोकस में बनाई है वो सारी कि सारी ज़ी न्यूज से उठाई गई है

यशवंत भाई नमस्कार… मैं फोकस टीवी में काम करता हूं… पिछले कुछ समय से हमारे ऊपर सिर्फ ज़ी और सुभाष चंद्रा के खिलाफ खबरें दिखाने का भारी दबाव है…. हम जो खबर बाकी चैनलों पर चल रही हैं उसको दिखाने जाते हैं तो ज़ी के खिलाफ कुछ करने को कहा जाता है… इस चैनल में पत्रकारिता का मजाक बना दिया है। अपना दुख एक खबर के तौर पर लिखा है… उचित समझे तो छाप देना…

शैलेष बने फोकस न्यूज के सलाहकार, ईटीवी में मुकेश राजपूत को प्रमोशन

हिंदी न्यूज चैनलों से दो खबरें हैं. न्यूज नेशन चैनल के संस्थापक और एडिटर इन चीफ रहे शैलेष ने नई पारी की शुरुआत ‘फोकस न्यूज’ के साथ की है. शैलेष इस चैनल में बतौर सलाहकार जुड़े हैं. सूत्रों के मुताबिक नवीन जिंदल अपने न्यूज चैनल फोकस न्यूज को टाप टेन न्यूज चैनलों में लाना चाहते हैं. इसके लिए वह कई तरह के बदलाव कर रहे हैं. इसी क्रम में जाने-माने पत्रकार शैलेष को चैनल के साथ जोड़ा गया है. शैलेष नवभारत टाइम्स और आजतक में लंबे समय तक रहे हैं. न्यूज नेशन नामक चैनल को लांच कर कंटेंट के दम पर टाप फाइव न्यूज चैनलों में पहुंचाने वाले शैलेष ने कुछ माह पहले अचानक न्यूज नेशन से नाता तोड़ा लिया और घर बैठ गए.

जिंदल के चैनल ‘फोकस’ ने राहुल गांधी को बीजेपी उपाध्यक्ष घोषित किया

लाइव इंडिया नामक न्यूज चैनल अपने मालिक के घर के पार्टी फंक्शन को लाइव प्रसारित करने के कारण बदनाम है तो फोकस नामक चैनल नवीन जिंदल के निजी खेल, समारोह, चुनाव आदि को दिन भर लाइव दिखाने के लिए कुख्यात हो चुका है. इसी जिंदल के फोकस नामक चैनल ने अब तो राहुल गांधी को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित कर दिया है. इतनी बड़ी गलती फोकस टीवी पर लाइव चली लेकिन किसी वरिष्ठ पत्रकार की नजर इस पर नहीं पड़ी.

लौट के रितेश लक्खी फिर से फोकस न्यूज हरियाणा आए

नोएडा : लौट के बुद्धू घर को आए-यह कहावत रितेश लक्खी पर सही बैठती है। ई टीवी हिमाचल-हरियाणा में बात नहीं बनी तो फिर फोकस न्यूज हरियाणा में लौटने को मजबूर होना पड़ा। लगता है कि वहां दाल न गली, इसलिए घर वापसी कर ली। जो सपने लेकर गए थे, शायद वे पूरे नहीं हुए। इसलिए एक माह भी नहीं टिक पाए और किसी तरह फिर जुगाड़ कर वापस आ गए।