पटेल की मूर्ति के बहाने आदिवासियों का दमन

आदिवासी, किसान बहुल गांव केवाडिया में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्‍टूबर को नर्मदा तट पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 138वीं जयंती के मौके पर विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ’स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का शिलान्यास करते हुए गर्व से घोषणा की थी कि भारत को श्रेष्ठ बनाने के लिए एकता की शक्ति से जोड़ने का यह अभियान नर्मदा के तट पर एक नई ऐतिहासिक घटना है. वे एक तरफ तो ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माण के उनके सपने को साकार करने के लिए सभी का सहयोग, समर्थन और मार्गदर्शन की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्हीं के अधिकारियों द्वारा परियोजना के कारण हो रहे विस्‍थापितों के पुर्नवास के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासियों और गैर-आदिवासी किसानों को उनके ही घरों में नजरबंद कर दिया जा रहा है. देशभर से लोहा मांगकर सरदार की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने का दावा करनेवाले मोदी किसी को यह नहीं बता रहे हैं कि वास्तव में इस प्रतिमा के बहाने वे सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाना चाहते हैं और बांध के आस पास पर्यटन विकास के काम के लिए पर्यटन कारीडोर को विकसित करना चाहते हैं.

अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी

दुनिया भर में महिलाओं की स्थिति को देखकर आज राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त द्वारा लिखी गई कविता “अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी, आंचल में है दूध और आंखों में पानी” याद आ गयी. कितनी प्रासंगिक लगती है ये कविता आज भी. जिस समय लिखी गयी थी उस समय की बात तो समझ में आती है कि उस समय की स्थितियां ऐसी रही होंगी. पर अगर आज भी ये उतनी प्रासंगिक है तो सवाल बन जाती है. एक ऐसा सवाल जो आज खड़ा हो गया है. आखिर महिलाओं कि स्थिति में कब सुधार होगा, क्या महिलाएं निकट भविष्य में भी बाबा आदम के जमाने में जीती रहेंगी? और भी न जाने कितने ही सवाल है महिलाओं से जुड़े जो यहाँ खड़े हो जाते हैं. निरंतर विकास के नए सोपानों को छूती दुनिया में महिलाओं कि स्थिति आज भी उतनी ही दयनीय है जितनी आज से दो सौ-तीन सौ साल पहले थी जो बड़ी विडम्बना की बात है.

प्रधान संपादक का वेतन अपने सहायक से कम!

शंभूनाथ शुक्ल : गणेश शंकर विद्यार्थी ने आज से सौ साल पहले प्रताप अखबार निकाला था। पहले वह साप्ताहिक था फिर डेली हुआ। विद्यार्थी जी उसके संस्थापक संपादक थे। प्रताप निकालने के लिए धन का जुगाड़ नारायण दास अरोड़ा समेत कई नामी गिरामी लोगों ने किया था। जिसमें तारा अग्रवाल भी शरीक थीं। बाद में प्रताप डेली हो गया। विद्यार्थी जी उस समय कांग्रेस के गरम दल के नेता थे और क्रांतिकारियों को भी मदद करते रहते थे।

आईबीएन7 वालों ने ‘अमित शाह महिला जासूसी’ प्रकरण की जो खबर वेबसाइट से हटा दी, उसे यहां पढ़ें

मोदी, अंबानी, सीएनएन-आईबीएन, आईबीएन7, राजदीप सरदेसाई, आशुतोष… इन सभी के बीच रिश्तों में जो 'आपसी समझदारी' को लेकर खबरें, जानकारियां, आलेख, विश्लेषण पिछले दिनों सोशल मीडिया व कुछ अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए सामने आई, उसके अब पुख्ता होने के दिन आ गए हैं. किन्हीं 'साहेब' के कहने पर अमित शाह ने किसी युवती के पीछे पुलिस वालों को लगा दिया, उससे संबंधित कोबरा पोस्ट और गुलेल डाट काम द्वारा जारी आडियो टेप पर खबर को पहले तो आईबीएन7 की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया लेकिन जाने क्यों उसे हटा दिया गया. लेकिन युवा पत्रकार मयंक सक्सेना ने रिमूव की गई खबर को गूगल द्वारा प्रदान की गई तकनीक (web cache) से दुबारा हासिल कर फेसबुक पर प्रकाशित कर दिया है. उस खबर को नीचे पढ़ें. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

अमित शाह, साहेब, आईपीएस, महिला, जासूसी… (सुनें टेप)

गुजरात के गृह राज्य मंत्री रह चुके और इन दिनों यूपी में बीजेपी के चुनाव प्रभारी के रूप में सक्रिय अमित शाह पर कोबरा पोस्ट और गुलेल डाट काम ने एक आडियो टेप जारी कर आरोप लगाया है कि गुजरात का गृह राज्य मंत्री रहते हुए अमित शाह ने सीनियर पुलिस अधिकारियों से एक ऐसी युवती का पीछा करवाया जो न तो किसी केस में आरोपी थी और न ही कानून व्यवस्था के लिए किसी प्रकार का खतरा थी. उस लड़की का पीछा सिर्फ इसलिए करवाया गया क्योंकि अमित शाह के 'साहेब' ऐसा चाहते थे.

क्या आरएसएस एक इस्लामी चैनल लांच करने जा रहा है?

Wasim Akram Tyagi : सावधान क्रूसेडी चालू आहो… खबर मिली है कि आरएसएस एक इस्लामी चैनल लांच करने जा रहा है जिसके द्वारा इस्लाम को लोगों तक पहुंचाया जायेगा। गौरतलब है कि संघ परिवार (मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जिसकी स्थापना संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार ने की थी ) पहले से ही मुसलमानों को मुख्यधारा में लाने के लिये काम कर रहा है। संघ परिवार टीवी चैनल के साथ साथ उर्दू अखबार और एक एफएम रेडियो चैनल भी लांच करने जा रहा है। अगले महीने मुंबई में होने वाली मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सम्मेलन में इसको अमली जामा पहनाया जा सकता है।

पुण्य प्रसून जी ने सचिन को देश के लिए रोटी से बड़ा कर दिया…

Mayank Saxena :  आप में से कई लोगों को आलू बहुत पसंद होगा…कई लोगों को पनीर…कई लोगों को मुर्गा…कईयों को बकरा…कुछ को करेला भी पसंद होगा…कुछ को लौकी भी…आप बड़े चाव से ये खाते होंगे…आपका मेज़बान या घरवाले इसका ध्यान भी रखते होंगे…

‘आलमी सहारा उर्दू’ का नाम ‘आलमी समय’ हुआ, सनम तसदुक बने जम्मू-कश्मीर के ब्यूरो चीफ

'आलमी सहारा उर्दू' चैनल का नाम बदलने के बाद इसको 'आलमी समय' के नाम से जाना जा रहा है. चैनल को उर्दू सेगमेंट में बेहतर चैनल बनाने की कवायद शरू कर दी गई है. जम्मू कश्मीर ब्यूरो के लिए कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार सनम तसदुक को जिम्मेदारी दी गई है.

जागरण पूर्वी दिल्ली प्रमुख राजीव अग्रवाल हटाए गए, कई और पर गिरेजी गाज

विष्णु प्रकाश त्रिपाठी के पूरी तरह से पावर में आने के बाद दैनिक जागरण, एनसीआर में नए दौर की शुरुआत हो गई है. अखबार में नई उमंग और ताजगी आ गई है. वे पूरी तरह से प्रोफेशनल तरीके से काम कर रहे हैं. अखबार में खबर के नाम पर धंधा करने वालों पर गाज गिर रही है. सबसे पहली गाज दिल्ली प्रमुख कविलाश मिश्रा पर गिरी थी. उनके बाद अब पूर्वी दिल्ली के चीफ राजीव अग्रवाल से भी इस्तीफा ले लिया गया है.

महुआ न्यूज से कई सूचनाएं : नवीन जिंदल, किशोर मालवीय, अरविंद कुमार पांडेय से संबंधित

महुआ न्यूज से कई खबरें हैं. पहली चर्चा तो ये है कि किशोर मालवीय फिर से संपादक के रूप में महुआ से जुड़ गए हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. दूसरी खबर झारखण्ड से. पता चला है कि महुआ न्यूज चैनल के स्टेट ब्यूरो हेड अरविन्द कुमार पाण्डेय अब इस चैनल के साथ नहीं हैं. इनकी जगह चैनल के सीनियर रिपोर्टर पंकज भूषण पाठक को यह जिम्मेवारी सौंपी गयी है. प्रबंधन ने पंकज भूषण पाठक को स्टेट ब्यूरो हेड बनाया है.

सरकार मजीठिया वेज बोर्ड के पक्ष में पर प्रबंधन कर रहा विरोध

पत्रकारों और समाचार कर्मचारियों के वेतन रिवीजन के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के लिए सरकार तो इसके पक्ष में है लेकिन मीडिया मालिकों का समूह इसे लागू करने का विरोध कर रहा है. जबकि सरकार ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में इसको लागू करने के पक्ष में अपने विचार स्पष्ट कर चुकी है. ये बातें श्रम राज्य मंत्री कोडिकुन्निल सुरेश ने पत्रकारों से बातचीत में कही. 

शिवानी पांडेय की छायाचित्र प्रदर्शनी का कल मनीष तिवारी करेंगे उद्घाटन

ट्रैवेल राइटर और फोटोग्राफर शिवानी पांडेय की प्रदर्शनी लाइफ….. सा रे गा मा का का उद्घाटन कल केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी करेंगे. उद्घाटन कल 16 नवम्बर को शाम पांच बजे इंडिया हैबीबेट सेंटर के पामकोर्ट में आयोजित किया गया है. प्रदर्शनी का आयोजन 16 से 19 नवम्बर तक चलेगी. इस अवसर पर देश के सुदूर हिस्सों में काम करने वाले कलाकारों को राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य पर लाने और उनकी कला को संरक्षित करने वाली वेबसाइट www.kalaok.com का उद्घाटन भी किया जायेगा. इस कार्यक्रम में भारत में श्रीलंका के उच्चायुक्त प्रसाद करियावासम, ग्लोबल मार्च अगेन्स्ट चाइल्ड लेबर के कैलाश सत्यार्थी और एनडीटीवी के कार्यकारी सम्पादक रवीश कुमार अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे.

एसओ द्वारा पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज पर एफआइआर से मना, क्या एसएसपी कार्यवाही करेंगे?

थानाध्यक्ष गोमतीनगर, लखनऊ ने सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज के विरुद्ध दो विधि स्नातकों द्वारा अपने पद और स्थिति का पूर्णतया नाजायज़ फायदा उठाते हुए यौन उत्पीडन करने के आरोपों के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रार्थनापत्र पर एफआइआर दर्ज काटने से मना कर दिया. उन्होंने मात्र शिकायती प्रार्थनापत्र रसीद संख्या 28310 दिया.

राजनीतिक प्रदूषण के बावजूद टक्कर कांग्रेस-भाजपा में ही

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सामने हैं और राजनेता राजनीतिक भाषणबाजी के प्रदूषण की लपेट में मतदाता को गुमराह करने में पीछे नहीं हैं। किसी भी जनतान्त्रिक शासन व्यवस्था में चुनाव लोकतंत्र का वो पावन पर्व होता है, जिसमें जनता को अपने पिछले चुने हुए प्रतिनिधियों से पांच वर्ष के कार्यकाल का लेखाजोखा पूछने का एक संवैधानिक अवसर होता है, जबकि अगले पांच वर्ष के लिये अपने क्षेत्र की जरूरतों और अपने क्षेत्र की समस्याओं के निदान के लिये जनप्रतिनिधि चुनने का अवसर होता है। लेकिन इस बार के इन पांच राज्यों के चुनावों पर राष्ट्रीय दलों की आपसी बयानबाजी का प्रदूषण इतना प्रभावी होता जा रहा है कि असल मुद्दे और जनता की लोकतान्त्रिक इच्छाएं गौण होती जा रही हैं। जनता क्या चाहती है, इस बात से किसी भी दल को कोई मतलब नहीं है। हाँ हर कोई सामने वाले को खुद से अधिक निकम्मा सिद्ध करने का भरसक प्रयास करने में जरूर लगा हुआ है, जिसके लिये झूठ का भी जमकर उपयोग किया जा रहा है। तथ्यों को तोड़ा और मरोड़ा भी जा रहा है।

क्या दर्शको के साथ न्यूज़ चैनल धोखा नहीं कर रहे हैं?

आप खुद देखिये लगभग सभी समाचार चैनल स्पीड न्यूज़, शतक न्यूज़ ,न्यूज़ सेंचुरी जैसे बुलेटन में पच्चीस से तीस खबरों को सौ खबरें बनाकर पेश कर रहे हैं जबकि दावा शीर्षक में सौ खबरों का बड़े जोर शोर से किया जा रहा है. ये खबरें देखने वालों के साथ धोखा नहीं तो क्या है? 

पटना में जागरण भी ढाई रुपये का, अब क्या करे प्रभात खबर?

Gyaneshwar : जागरण भी सस्‍ता… हिन्‍दुस्‍तान के बाद दैनिक जागरण, पटना ने भी अखबार सस्‍ता कर दिया है। पटना में दैनिक जागरण आज शुक्रवार से ढाई रुपये में मिलने लगा है। परेशानी प्रभात खबर के सामने है। पहले से हिन्‍दुस्‍तान-दैनिक जागरण से कम तीन रुपये का आमंत्रण मूल्‍य था। अब क्‍या करे प्रभात खबर।

छह साल की विस्फोट यात्रा और बौने लोगों के बीच बड़ा होने का दर्द

Sanjay Tiwari : सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी के ब्लाग पर अचानक आज यह फोटो मिल गई। वे भी अक्सर मेरा अतीत कुरेदते हैं। कुछ लोग अक्सर मेरा अतीत जानना चाहते हैं। यह मेरा अतीत है। तीन साल पुराना। आनलाइन दुनिया में कुछ कर लेने के बाद बहुत कुछ कमा लिया होगा। फटी शर्ट। वह भी दो तीन साल पुरानी। यही कमाई थी और यही प्राप्ति। हालात बहुत बदल गये हों ऐसा नहीं है। लेकिन वह शर्ट जरूर बदल गई है।

हरतोष सिंह बल का ट्वीट पढ़ कर अफसोस नहीं हुआ बल्कि अच्छा लगा

Vineet Kumar : 2 जी स्पेक्ट्रम के दौरान हरतोष सिंह बल को गौर से पढ़ना शुरू किया तो फिर एक भी स्टोरी नहीं छूटी. इनके बहाने ओपन मैगजीन के प्रति खास किस्म का लगाव हो गया. अब जब उनकी ये ट्वीट पढ़ी तो अफसोस नहीं हुआ बल्कि अच्छा लगा कि सब खत्म नहीं हो गया है.

बात-बात पर मेरा रोना और शंभूजी का यूं ही छेड़ना : संजय सिन्हा

शंभूनाथ शुक्ल : संजय सिन्हा आज तक न्यूज चैनल के बड़े पत्रकार हैं। जनसत्ता के दिनों में वे साथ काम करने आए। तब वो जिस तरह के परिवार से आए थे, ऐसे परिवार तब भी हिंदी में दुर्लभ थे। उनके पिता बिहार बिजली बोर्ड के निदेशक, उनके चाचा का अपना शिपिंग का मुंबई में कारोबार, उनके मामा मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक और उनके दादा को राय बहादुर का खिताब मिला था, जो अंग्रेजों के वक्त में कानपुर के जिला मजिस्ट्रेट हुआ करते थे। एक ऐसे परिवार से आया लड़का, जिसकी खुद की शिक्षा विदेशों से हुई हो हिंदी में काम करने लगे, तो अटपटा तो लगता ही था।

अरविंद केजरीवाल से असहमति

Vineet Kumar :  अरविंद केजरीवालजी, माफ कीजिएगा..अब आपके विज्ञापनों की शक्ल में आत्मश्लाघा से घिन आने लगी है. आप अपनी तारीफ में इतना कुछ कैसे बोल लेते हैं, हम दिन-रात आपको इस तरह एफ एम में बोलते सुनते हैं तो कभी-कभी तो हंसी आती है लेकिन ज्यादातर बात पर झुंझलाहट होती है कि माध्यम के स्तर पर आप भी वही सब कर रहे हैं जिसके लिए कांग्रेस और बीजेपी शुरू से बदनाम रही है.

हम लोग बारूद के ढेर पर बैठे हैं, जमशेदपुर कभी भी दूसरा भोपाल बन जाएगा!

Mayank Saxena : चलिए मान लीजिए टाटा का बयान ही सच है…जमशेदपुर प्लांट में हुए धमाके में किसी की जान नहीं गई, सिर्फ 5 लोग घायल हैं…लेकिन ये भी सच है कि इसी प्लांट में 2008 में इस प्लांट में हुए हादसे में एक कर्मचारी की जान भी गई थी… क्या ये साफ नहीं है कि इस प्लांट में सुरक्षा को लेकर लापरवाही हो रही है…ऑफ द रेकॉर्ड जमशेदपुर के एक साथी पत्रकार की मानें तो "हम लोग बारूद के ढेर पर बैठे हैं…कभी भी जमशेदपुर दूसरा भोपाल बन जाएगा…"

पाणिनी आनंद की आजी का निधन

Panini Anand : आज मेरी आजी (पिता की मां) का हमारे पैतृक गांव- परसदेपुर, रायबरेली में देहांत हो गया. वो 106 बरस की थीं. उनका जाना एक सदी का खामोश हो जाना है. मुझे उनका विशेष स्नेह हमेशा मिला क्योंकि बचपन से पूजा-पाठ और कर्मकांड में विशेष ध्यान रहता था मेरा. मेरे कान में सोने की जो पहली बाली पड़ी वो आजी ने ही बनवाई थी. मेरे बढ़े बालों और दाढ़ी को देखकर वो आखिर तक यह समझती रहीं कि मैं महंत ही बनूंगा. उनको समझा नहीं पाया कभी कि इंसान बनना सबसे मुश्किल काम है. लड़कों के लिए जो स्नेह उनके मन में था, लड़कियों के लिए नहीं रहा. न मेरी मां के प्रति, जो कि एक ब्राह्मण परिवार में आई क्षत्रिय महिला हैं. नाती परनाती, पोते-परपोते खिलाते चली गईं.

लखनऊ की शान और इन गरीबों की जान

Anil Singh : यह लोकतंत्र है या सरकार की टेढ़ी नाक!…लखनऊ की रात लगातार सर्द होती जा रही है. देर शाम जब आफिस से निकला हूं तो ठंडी हवाएं नसों में बहती हुई प्रतीत होने लगती हैं. बगल से निकलती कोई सनसनाती कार हवाओं को रूह तक पैबस्‍त कर देती है. विधानसभा के गुंदब को देखकर लोकतंत्र जिंदा होने का एहसास तो होता है, लेकिन ठंड पर इस एहसास का कोई असर नहीं पड़ता.

कल आजतक पर पुण्य प्रसून समझा रहे थे कि…

Zafar Irshad : कसम खायी थी कि सचिन पर कुछ नहीं लिखेंगे..न ही किसी कि पोस्ट पर कमेंट करेंगे, लेकिन कल रात 10 बजे आज तक न्यूज़ चैनल पर सचिन और देश की साख देख कर लिखने पर मजबूर होना पड़ा..आधे घंटे में पुण्य प्रसून जी यह समझाते रहे कि पिछले 24 साल में जो देश की साख बनी है, वो सचिन की वजह से बनी है, वरना तो देश के नेताओं ने तो देश को गर्त में धकेल दिया था… दुनिया में हम आज जो मुंह दिखाने लायक है, वो सचिन की वजह से है…

टाटा इस्पात कारखाने में गैस रिसने की खबर कॉरपोरेट मीडिया ने रोक दी?

Sanjaya Kumar Singh : जमशेदपुर स्थित टाटा के इस्पात कारखाने में गैस रिसने की खबर मुख्य मीडिया (मुख्य रूप से टेलीविजन। अखबार तो सुबह आएंगे) पर नहीं दिखने से सोशल मीडिया में यह आशंका जताई जा रही है कि कॉरपोरेट मीडिया ने खबर रोक दी। पता नहीं सच्चाई क्या है। पर मैं यह जानता हूं कि जमशेदपुर छोटा शहर है, रांची से कोई सवा सौ किलोमीटर और कोलकाता से 250 किलोमीटर दूर।

‘न्यूज नेशन’ ने एनडीटीवी और आईबीएन7 को पछाड़ा

शैलेश देर आये लेकिन दुरुस्त आए. 'न्यूज नेशन' ने टैम वालों की टीआरपी सब्सक्राइव की तो पता चला कि यह चैनल तो एनडीटीवी और आईबीएन7 जैसे चैनलों को पछाड़ चुका है. अब इसके निशाने पर न्यूज24 है. उधर, दीपक चौरसिया के नेतृत्व में इंडिया न्यूज सतत नंबर चार पर कायम है. कह सकते हैं कि इस साल हिंदी न्यूज चैनलों की दुनिया में टीआरपी के मामले में दो लोगों ने धमाल मचा रखा है और वो हैं दीपक चौरसिया और शैलेष. दोनों ही आजतक में रह चुके हैं.

वाराणसी में मानवाधिकार कार्यकर्ता को पहले पिटवाया फिर चौकी से भी भगा दिया

वाराणसी में मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता को पहले पुलिस चौकी के सामने पिटवाया और जब वह कम्प्लेन लिखाने चौकी में गया तो वहां से भी चौकी इंचार्ज ने गाली देकर भगा दिया. घटना कल रात 10:40 की है जब अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता चेग्वेवारा रघुवंशी अपने निजी कार्य से घर वापस आ रहे थे तो पाण्डेयपुर पुलिस चौकी के पास लोगों की भीड़ देखकर अपनी मोटरसाइकिल धीमी कर लिए तभी चौकी इंचार्ज मुकेश बाबू ने उन्हें रोककर पूछा कि कहां से आ रहे हो. वे कुछ जवाब देते इतने में ही मुंह पर गमछा बांधे हुए एक व्यक्ति ने पीछे से आकर उनके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया और कहा कि वकील व मानवाधिकार कार्यकर्ता हो तो तुम्हारी इतनी हिम्मत कि पुलिस के खिलाफ लिखोगे, मारकर जेल में डाल दूंगा, वहीं पड़े रहोगे और ये कहते हुए भाग गया.

चलती गाड़ी से फेंककर जलगांव के पत्रकार की निर्मम हत्या

महारा्ष्ट्र। जलगांव जिले के चालीसगांव के युवा पत्रकार नरेश सोनार की कल दोपहर दादर-अमृतसर चलती गाड़ी से बाहर फेककर निर्मम हत्या कर दी गयी. सोनार मायके गई अपनी पत्नी को लाने रावेर जा रहे थे. गाड़ी में कुछ असामाजिक तत्वों के साथ उनका झगडा हुआ. यह झगडा इतना बढ़ गया कि बरहानपुर रेलवे स्टेशन के पास गुंडो ने उन्हें चलती गाड़ी के बाहर फेंक दिया. जिनकी वजह से उन्हें गहरी चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. 

भड़ास पर भाजपा का विज्ञापन : फेसबुक पर बवाल (पार्ट पांच)

Sanjay Kumar Singh :  पश्यंति शुक्ल ने जो सवाल उठाए हैं वो निराधार और यूं ही खारिज कर दिए जाने योग्य नहीं हैं और विरोध की अथवा प्रतिकूल आवाज को न दबाया जाना चाहिए और न नजरअंदाज किया जाना चाहिए। आपने राय मांगी है तो वह इस प्रकार है –

‘खबर फास्ट’ से इस्तीफा देकर ‘राष्ट्र खबर’ से जुड़े नीरज सेठी

पिछले काफी समय से लॉचिंग की जद्दोजहद में जुटा रोहतक से संचालित न्यूज़ चैनल ख़बर फास्ट को एक और झटका लगा है..चैनल से प्रोड्यूसर और एंकर नीरज सेठी ने इस्तीफा दे दिया है..नीरज ने अपनी नई पारी फरीदाबाद से लांच होने जा रहे राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल राष्ट्र ख़बर से शुरू की है.. प्रबंधन ने उन्हें चैनल में आउटपुट हेड और सीनियर एंकर की जिम्मेदारी सौंपी है.. साथ ही नीरज के कंधों पर चैनल को आन एयर करवाने की भी जिम्मेदारी है.. ख़बर फास्ट से पहले नीरज विज़न वर्ल्ड और सी न्यूज़ में आउटपुट डेस्क पर अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

आनंद शर्मा पर निशाना साधते हुए दैनिक जागरण, मैनपुरी के ब्यूरो चीफ अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

दैनिक जागरण, मैनपुरी में लम्बे समय से ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफ़ा प्रबंधन को सौंप दिया है. यूँ तो पहले भी एक बार अनिल मिश्रा को मैनपुरी ब्यूरो से हटाने की कवायद दैनिक जागरण आगरा के समाचार संपादक आनंद शर्मा द्वारा की जा चुकी थी किन्तु अपनी मजबूत राजनीतिक पैठ के कारण अनिल मिश्रा समाचार संपादक को पटखनी दे अपनी कुर्सी पर जमे रहे.

सहारा समूह भारी आर्थिक संकट में, सहारा मीडिया को बेचने की तैयारी!

सहारा समूह से खबर है कि यह ग्रुप भारी आर्थिक संकट में आने के कारण अब सहारा मीडिया को बेचने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक सहारा मीडिया से परमानेंट और भारी सेलरी वालों की छंटनी की जा रही है. खासकर चैनलों में अब ज्यादातर नए व लो सेलरी वालों को कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा. कवायद ये है कि चैनल लाभ में दिखें. चैनलों के नाम में से सहारा हटाकर सिर्फ समय कर दिया गया है ताकि ये दूसरी कंपनी दिखे और इसका सहारा से कोई नाता न लगे. इस कारण इन चैनलों का विक्रय मूल्य बढ़ जाएगा.

आजतक से अरुण सिंह और हरीश शर्मा का इस्तीफा, जी न्यूज गए

आजतक न्यूज चैनल की स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) में कार्यरत रहे दो तेजतर्रार खोजी पत्रकारों ने इस्तीफा दे दिया है. इनके नाम हैं हरीश शर्मा और अरुण सिंह. दोनों प्रिंसिपल करेस्पांडेंट के पद पर कार्यरत थे. ये दोनों ही जी न्यूज में स्पेशल करेस्पांडेंट बनकर जा रहे हैं और ये एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी को रिपोर्ट करेंगे.

टीवी टुडे ग्रुप से राहुल कंवल के जाने की खबर निराधार

राहुल कंवल के टीवी टुडे ग्रुप से जाने की चर्चाएं निराधार हैं. यह कहना है का राहुल कंवल के कुछ करीबियों का. भड़ास4मीडिया से बात करते हुए राहुल कंवल के एक करीबी ने बताया कि राहुल कंवल टीवी टुडे ग्रुप से कहीं नहीं जा रहे. वे पूरी निष्ठा और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और आगे भी करेंगे. उनके इंडिया टीवी ज्वाइन करने संबंधी भड़ास पर प्रकाशित गासिप तथ्यों से परे है.

अनूप गैरोला ‘समाचार प्लस’ चैनल के साथ जुड़े

देहरादून से खबर है कि अनूप गैरोला ने नई पारी की शुरुआत 'समाचार प्लस' न्यूज चैनल के साथ की है. गैरोला श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष हैं. पिछले दिनों उनसे राष्ट्रीय सहारा, देहरादून प्रबंधन ने इस्तीफा ले लिया था. अनूप गैरोला लंबे समय से मीडिया में सक्रिय हैं कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं.

चुनावी फंडिंग का झमेला

चुनावी फंडिंग यानी राजनीतिक चंदा जिसको लेकर दशकों से सियासी हल्कों में बहस चली आ रही है। राजनीतिक दल इस प्रकरण में एक-दूसरे पर जमकर कीचड़ भी उछालते रहे हैं। ये तथ्य भी सामने आए हैं कि तमाम औद्योगिक घराने प्रमुख राजनीतिक दलों को गुपचुप ढंग से भारी भरकम चुनावी फंड देते हैं। अक्सर ये फंड ‘ब्लैक मनी’ के रूप में दिया जाता है। 

संजीव समीर को मिला झारखंड मीडिया फेलोशिप

कोडरमा, झारखंड। जिले के वरीय पत्रकार संजीव समीर को 'झारखंड मीडिया फेलोशिप' अवार्ड मिला है. संजीव को ये फेलोशिप 'झारखंड की गायब होती बेटियां ' विषय पर शोध के लिए दी गयी. राज्य सरकार के द्वारा दिये जाने वाले इस फेलोशिप के तहत 50 हजार रूपये की राशि मिलती है. संजीव समीर पिछले दो दशक से कोडरमा जिले में पत्रकारिता कर रहे हैं. कई चर्चित रिपोर्ट के अलावा उनकी कवितायें और रचनायें भी विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं. 

रूबी सरकार और हिमांशु शेखर मिश्र माजा कोयने सोशल जर्नलिस्ट अवार्ड से सम्मानित

गांधी मेमोरियल म्यूजियम एवं सेंटर फॉर एक्सपीरियंसिंग सोशियो कल्चरल इंटरऐक्शन (सीईएससीआई) के संयुक्त तत्वावधान में मुदुरै (तमिलनाडु) में पिछले दिनों माजा कोयने 2013 अवार्ड सम्मान समारोह आयोजित किया गया. माजा कोयने सोशल जर्नलिस्ट अवार्ड एनडीटीवी, नई दिल्ली के हिमांशु शेखर मिश्र और भोपाल की वरिष्ठ पत्रकार रूबी सरकार को प्रदान किया गया. 

अविनाश कुमार की ‘आई विटनेस न्यूज’ के साथ नई पारी

अविनाश कुमार ने खबरें अभी तक को बाय-बाय कहते हुए आई विटनेस न्यूज के साथ नई पारी शुरु की है. यहां उन्होंने बतौर स्पेशल न्यूज करेसपोंडेंट कम एंकर ज्वाइन किया है. उन्हें प्राइम टाइम की भी जिम्मेदारी दी गई है. खबरे अभी तक में अविनाश यही जिम्मेदारी निभा रहे थे. 

रैपिड मेट्रो के ट्रायल में क्‍यों जुट गई मीडियाकर्मियों की इतनी भीड़?

गुडग़ांव : लंगर व भंडारा में आप ने लोगों की भारी भीड़ लगी तो देखी होगी, लेकिन गिफ्ट के लिए शायद ही कहीं भीड़ देखी होगी? पर यह नजारा पत्रकारों ने दिखाया। मामला कहीं और का नहीं बल्कि गुडग़ांव का है। बीते बुधवार को रैपिड मेट्रो को मीडिया के सामने ट्रायल के लिए ट्रैक पर दौड़ाया गया। इस के लिए गुडग़ांव व दिल्ली के मीडियावालों को बुलाया गया।

चंदौली में हाइवे पर पत्रकार से लूट का प्रयास

चंदौली जिले में एक पत्रकार के साथ लूट का प्रयास किया गया। परन्‍तु पत्रकार की हिम्‍मत से लुटेरे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। घटना चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र की है, जहां एनएच 2 पर स्थित चौपाल सागर के समीप दो बाइक पर सवार चार हथियारबंद लुटेरों ने वाराणसी से चंदौली की तरफ वापस घर लौट रहे पायनियर संवाददाता अश्वनी सिंह उर्फ़ पिन्टू की बाइक रोक ली तथा उनको मारपीटकर उनसे लूट का प्रयास भी करने लगे। पिंटू सिंह किसी प्रकार शोर मचाते हुवे वहां से भागने लगे, तभी लोगों को अपनी ओर आता देख लुटेरे भी उन्हें छोड़ कर वहां से भाग निकले। पीड़ित पत्रकार ने मोबाइल से पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गयी है।

भूटान जाने वाले यूपी के 56 पत्रकारों ने की सीएम से मुलाकात

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पड़ोसी देशों, विशेष रूप से हिमालय क्षेत्र के देशों से बेहतर और मजबूत सम्बन्ध बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हम अपना मित्र बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी देश नहीं। इसलिए हर स्तर पर पड़ोसी देशों से अच्छे रिश्ते बनाने का प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता से लोकतंत्र को मजबूती मिली है। उन्होंने पत्रकारों को हर सम्भव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।

जाने-माने बाल साहित्यकार और संपादक हरिकृष्ण देवसरे का निधन

पत्रिका पराग के पूर्व संपादक हरिकृष्‍ण देवसरे का आज गाजियाबाद के इंदिरापुरम में निधन हो गया है. वे के एक अस्पताल में भर्ती थे. हिंदी के जाने-माने बाल साहित्‍यकार और संपादक थे. उनकी सैकड़ों किताबें छप चुकी हैं. वे हिंदी साहित्‍य अकादमी का बाल साहित्‍य पुरस्‍कार भी पा चुके हैं. उनके निधन पर साहित्य और पत्रकारिता जगत के कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है.

‘न्यूज नेशन’ के साथ चंद्रभान और पीनाज की नई पारी

चंद्रभान सोलंकी ने आज तक को अलविदा कहने के बाद न्यूज नेशन चैनल के साथ नई पारी की शुरुआत की है. चंद्रभान को आजतक के आउटपुट की इवनिंग शिफ्ट से हटा दिया गया था जिससे वे नाराज थे. न्यूज नेशन में चंद्रभान को आउटपुट में सेकंड मैन बनाया गया है.

पंद्रह लाख लेकर चुपचाप चले जाने से इनकार करने पर ओपन मैग्जीन के पोलिटिकल एडिटर किए गए बर्खास्त

ओपन मैगजीन के राजनीतिक संपादक हरतोष सिंह बल ने पंद्रह लाख रुपये चुपचाप चले जाने के बदला बर्खास्तगी को ज्यादा पसंद किया. जब उन्हें टर्मिनेशन का लेटर दिया गया तो उन्होंने प्रबंधन के मुंह पर इस्तीफा दे मारा. हरतोष सिंह बल ओपन मैग्जीन के मैनेजमेंट से नाराज चल रहे थे.

शिक्षिका सोनी सोरी और पत्रकार लिंगाराम जेल से रिहा, देखें शुरुआती तस्वीरें

सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासी शिक्षिका सोनी सोरी और पत्रकार लिंगाराम को जमानत पर रिहा करने का जो आदेश दिया था, उस पर अमल करते हुए और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आज दोनों को जगदलपुर जेल से रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद सोनी सोरी को संवाददाताओं ने घेर लिया और सवालों की बौछार कर दी. पत्रकार लिंगाराम भी खुद को आजाद पाकर काफी खुश महसूस कर रहे थे.

भास्कर के पटना आने के पहले ही हिंदुस्तान ने चार रुपये का अखबार ढाई रुपये में कर दिया

Gyaneshwar : दैनिक भास्‍कर अभी पटना आया नहीं है। कुछ समय और लगेगा। लेकिन इसके पहले ही भास्‍कर इफेक्‍ट दिखने लगा है। बिहार के सबसे बड़े अखबार 'हिन्‍दुस्‍तान' ने स्‍कीम और बुकिंग में फंसने की जगह पहले ही कवर प्राइस कम कर दिया है।

दिग्विजय गुट से मप्र कांग्रेस फिर भंवर में

मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा. 10 वर्षों के दिग्विजयी शासन को प्रदेश की आम जनता याद करना नहीं चाहती उस पर से दिग्विजय गुट के नेता कांग्रेस की बुरी गत करने से बाज नहीं आ रहे. यूं तो प्रदेश में दिग्विजय सिंह का गुट बहुत बड़ा माना जाता है किन्तु प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और उज्जैन सांसद प्रेमचंद गुड्डू दिग्विजय सिंह के ख़ास सिपहसालारों की भूमिका निभा रहे हैं. हाल ही में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस में हुए टिकट वितरण के चलते विरोध के स्वर अधिक मुखरता से सामने आए हैं और सभी में कमोबेश खलनायक की पदवी भूरिया और गुड्डू को दी जा रही है जो सीधे-सीधे दिग्विजय सिंह के पठ्ठे हैं. यानि दिग्विजय सिंह की शह से दोनों ही नेता प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर करने की नीति पर काम कर रहे हैं. 

वीरेन डंगवाल की रेडियोथिरेपी का दौर पूरा, कल बरेली जाएंगे

Yashwant Singh : कैंसर से जूझ रहे Virendra Dangwal जी की रेडियोथिरेपी का दौर खत्म हुआ. कल वो रेल पकड़ कर दिल्ली से बरेली चले जाएंगे. कुल 28 दिन तक यह चक्कर चला. उनकी हालत के बारे में खुद उन्हीं के शब्दों में : ''गाल और गर्दन झुलसे हुए हैं. हंसुली की खाल उधड़ रही है. जीभ पर छाले तो पहले से ही पड़े हुए थे. शायद से सब दो हफ्ते में ठीक हो''

Hindu right’s hand in glove with the English media

A lot of people might be surprised to know that the principal sponsor of the two topmost prime-time shows on English television ie The Newshour hosted by Arnab Goswami on Times Now and India @ 9 hosted by Rajdeep Sardesai on CNN-IBN is one single entity ie Amity University. The interesting thing over here is that this is the same university which was founded by Mr Ashok Chauhan and he continues till date as the President of Amity Group of Institutions. 

इम्वा अवार्ड-2014 की तैयारी शुरू, नाम आमंत्रित

इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन(IMWA) ने वर्ष 2013 की तरह वर्ष 2014 के इम्वा (IMWA) अवार्ड दिये जाने की तैयारी शुरू कर दी है. इम्वा अवार्ड से देश के उन पत्रकार साथियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने पत्रकारिता का नाम रोशन किया हो और साथ ही समाज के हित में अपना योगदान भी दिया हो.

भड़ास पर भाजपा का विज्ञापन : फेसबुक पर बवाल (पार्ट चार)

शंभूनाथ शुक्ल : इसी दिल्ली में भी एक आदमी है Yashwant Singh जो वह लड़ाई लड़ रहा है जिसे बड़े-बड़े धुरंधर और तीसमार खाँ पत्रकार भी नहीं लड़ पाते। बड़े-बड़े घोटालों का पर्दाफाश करने वाले, अत्याचारों की पोल खोलने वाले पत्रकार अपनी पगार तक नहीं मांग पाते। यह आदमी उन लोगों की भी लड़ाई लड़ रहा है बिना किसी से कुछ मांगे। अपनी धुन का पक्का। लेकिन पत्रकार तो किसी के भी साथी नहीं होते। आज किसी ने एक पोस्ट फेसबुक पर लिख डाली कि कामरेड की बात करने से क्या होता है अपने पोर्टल पर छापते तो आप भी भाजपा के विज्ञापन हो।

भड़ास पर भाजपा का विज्ञापन : फेसबुक पर बवाल (पार्ट तीन)

Yashwant Singh : मैं कुछ वरिष्ठ पत्रकारों और मित्रों से जानना चाहूंगा कि क्या किसी पोर्टल पर अगर भाजपा का चुनावी विज्ञापन चल रहा है तो इससे वो पोर्टल और उसका एडिटर विचारधारा के लेवल पर भाजपाई मान लिया जाएगा? आप सभी की प्रतिक्रिया का इंतजार है..

भड़ास पर भाजपा का विज्ञापन : फेसबुक पर बवाल (पार्ट दो)

Haseen Rahmani : देखो भाई… कॉमरेड होना अलग बात है और एक वेबसाइट चलाना एक अलग बात…. और ये जो दिमाग में जनसरोकारी की बाते भरी पड़ी उसे निकाल दो. 2014 तक। एक साल तक अच्छा मौका है। लूट लो जितना चाहो…चुनाव के बाद करेंगे झण्डा बुलंद. खूब चिल्लाएंगे.. शेम शेम, डाउन डाउन …. पूंजीवाद के खिलाफ… राष्ट्रवाद के खिलाफ..

भड़ास पर भाजपा का विज्ञापन : फेसबुक पर बवाल (पार्ट एक)

Pashyanti Shukla : माफ कीजिएगा Yashwant Singh जी… लेकिन आपकी वेबसाइट http://bhadas4media.com/ पर छपा बीजेपी का ये AD कुछ हज़म नहीं हुआ… अब इसे हम क्या समझें….. यकीन नहीं होता कि मोदी सत्ता में नहीं आयेंगे..और उनका न आना देश का परम सौभाग्य होगा ऐसी भविष्यवाणी करने वाले ये आप ही हैं….

महाराष्ट्र में निषेध दिवस के रूप में मनाया जाएगा पत्रकारिता दिवस

16 नवम्बर को मनाया जा रहा राष्ट्रीय पत्रकार दिवस महाराष्ट्र में निषेध दिवस के तौर पर मनाने का फैसला लिया गया है. इस दिन के उपलक्ष्य में संपन्न हो रहे सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने और ब्लैक रिबन लगाकर काम करने का फैसला लिया गया है. पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति के निमंत्रक एस.एम.देशमुख ने मराठी पत्रकार परिषद के औरंगाबाद अधिवेशन में ही यह ऐलान किया था. महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर हो रहे हमलों के विरोध में ये फैसला लिया गया है.

माखनलाल पत्रकारिता विवि के कैम्पस में खुला भाजपा कार्यालय

ये तस्वीर किसी भाजपा कार्यालय की नहीं हालांकि इस पर भाजयुमो कार्यालय लिखा जरूर है मगर असल में ये माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्विद्यालय का नोएडा कैंपस है, जहां पर पत्रकारिता के गुर सिखाये जाते हैं. उन्हें नारद से लेकर प्रभाष जोशी तक को पढ़ाया जाया जाता है. संचार और प्रोपेगेंडा, प्रसार, विज्ञापन यानी हर वो विषय जो पत्रकारिता से संबंधित है, पढ़ाया जाता है. कैंपस के प्रथम तल पर बड़ी सी लाइब्रेरी है जिसमें जनसत्ता से लेकर पाचंजन्य तक इंडियन एक्स्प्रेस से लेकर ऑब्जर्वर तक समाचार पत्र आते हैं. मैंने पढ़ाई के दौरान इच्छा जाहिर की थी कि उर्दू अखबार, रोजनामा सहारा, और हिंदी मैग्जीन कान्ति को भी कैंपस की लाईब्रेरी में मंगाना चाहिये लेकिन इसको यह कहकर टाल दिया गया था कि कल को कोई बंगाली या फिर कन्नड छात्र यहां पर अपनी भाषा के अखबार मंगाने के लिये भी आवेदन कर सकता है. हालांकि उर्दू अखबार तो कैंपस में नहीं आ पाया लेकिन कान्ति जरूर आना शुरु हो गई थी.

श्रीकांत अस्थाना का नोएडा तबादला, सुभाष बने नए एडिटर, वकुल अग्रवाल ने जागरण छोड़ा

मेरठ से खबर है कि नेशनल दुनिया अखबार के रेजीडेंट एडिटर श्रीकान्त अस्थाना का ट्रांसफर नोएडा हो गया है. उनकी जगह मेरठ में सुभाष को नया एडिटर बनाकर भेजा गया है. सुभाष सिंह की नेशनल दुनिया जयपुर की लांचिंग कराने में प्रमुख भूमिका रही है. पिछले दस दिनों से मेरठ और वेस्ट यूपी एडिसन को समझ रहे सुभाष सिंह ने 10 नवम्बर को मेरठ एडिशन का चार्ज संभाल लिया. श्रीकांत अस्थाना ने मेरठ आफिस का चार्ज सौंपने के बाद उन्हें अपनी टीम से मिलवाया.

न्यूज चैनलों को केंद्र सरकार की तरफ से जारी एडवाइजरी के खिलाफ पीआईएल (पढ़ें एडवाइजरी)

: मामला पीएम और मोदी की तुलना खा : लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने प्रधान मंत्री को अन्य राजनैतिक नेताओं से तुलना किये जाने पर न्यूज़ चैनलों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उनके लाइसेंस निरस्त किये जाने की धमकी भरे ऐडवाइजरी के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में पीआईएल दायर किया है.

न्यूज एडिटर से बदतमीजी करने वाले सब एडिटर ने माफी मांगी

खबर है कि पंजाब केसरी के जिस न्यूज एडिटर संदीप मिश्रा से सब एडिटर ललित मोहन ने बदतमीजी की थी, उनसे बुधवार को माफी मांगी. ललित ने पूरे स्टाफ के सामने संदीप के पैर छुए और गाली देने पर माफी मांगी. पंजाब केसरी के मालिक अविनाश चोपड़ा मंगलवार को शहर से बाहर थे. बुधवार को वो वापस लौटे तो उन्हें सारे मामले की जानकारी दी गई.

जींद में 16 नवंबर को पत्रकार मनायेंगे विरोध दिवस

जींद, हरियाणा। आगामी 16 नवंबर को जिले के सभी पत्रकारों द्वारा विरोध दिवस मनाया जाएगा। इसमें सभी पत्रकार स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में सुबह 11 बजे दो घंटे का सांकेतिक धरना देंगे। धरने के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम उपायुक्त राजीव रतन को सौंपा जाएगा। जींद में पत्रकारों की हुई एक बैठक मेंये फैसला लिया गया।

जादूगोड़ा के पूर्व थाना प्रभारी दाडेल की मुश्किलें और बढ़ीं

डीआईजी एवं सीआईडी की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद, जादूगोड़ा थाना के पूर्व थाना प्रभारी नयन सुख दाडेल की मुश्किलें और बढ़ गयी है. पूर्व थाना प्रभारी नयन सुख दाडेल, जादूगोड़ा थाना के छोटा बाबू सुशिल डांगा, सिपाही संजय राम एवं मौभण्डार थाना के छोटा बाबू सीताराम सिंह पर जादूगोड़ा थाना में धारा 307/326/325/147/149/42/379/363/387/34 के तहत मामला दर्ज हो गया है. इन सभी पर जादूगोड़ा निवाषी संतोष कुमार अग्रवाल ने घाटशिला न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी. 

महाराष्ट्र के हदगाव में पत्रकार के उपर हमला

महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर हो रहे हमले रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं. दो दिन पहले नांदेड जिले के हदगाव में गावकरी के संवाददाता शिवाजी देशमुख पर जानलेवा हमला हुआ. अपने काम से लौट रहे शिवाजी को चार गुंडों ने पकड़ लिया और उनकी मारा पीटा. उन्हें चाकू से मारने की कोशिश की गयी लेकिन वार मोटरसाईकल पर लगने से शिवाजी बाल-बाल बच गये. तब तक स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े. लोगों को आता देखकर बदमाश भाग निकले. पता चला है कि एक शुगर फैक्टरी के कार्यक्रम में किसानो को नहीं बुलाने के खिलाफ खबर देने से इलाके के कुछ राजनेता नाराज थे. इसी कारण यह हमला किया गया. 

मैंने शर्मा जी की बात गांठ बांध ली और धार्मिक विषयों से तौबा कर ली

लेखन के पहले दौर में ही मुझे काफिर बना दिया गया था। एक लेख सरिता में लिखा था और एक पांचजन्य में लिखा था। कानपुर में इन दोनो लेखों पर बवाल हो गया। प्रदर्शन भी हुआ और अखबारों की प्रतियां भी जलाई गईं। यहां तक तो ठीक रहा मगर एक सांसद ने यह मामला लोकसभा में उठा दिया तो सरकार को लगा कि वास्तव में मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस लगी है।

विपक्ष के बाद अब सत्ताधीशों के निशाने पर सीबीआई

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इधर लगातार चर्चा में बना हुआ है। आम तौर पर राजनीतिक कारणों से इसकी ज्यादा चर्चा विपक्ष करता रहा है। मुख्य विपक्षी दल, भाजपा का नेतृत्व लंबे समय से कहता आया है कि सीबीआई अब ‘कांग्रेस जांच ब्यूरो’ की तरह काम कर रही है। क्योंकि, कांग्रेस का नेतृत्व अपनी सुविधा की राजनीति करने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल बड़ी बेशर्मी से करने लगा है। सीबीआई के तौर-तरीकों पर कई बार अदालतों ने तीखी नाराजगी जाहिर की है।

शुक्ला जी, यहां पीए सिर्फ समूह संपादक को ही मिलता है

अपने पास टेबल कुर्सी कभी नहीं रही पर लिखता बहुत था। एक काठ की बकसिया के ऊपर कागज रखता और चालू हो जाता। रोजाना एक या दो लेख तो लिखता ही। फिर जब संपादक हो गया तो स्टेनो मिल गया और कलम बंद। बोला और लिखा दिया। कंप्यूटर का युग आया तो उसके की बोर्ड को चलाना तक नहीं सीखा आखिर अपने पास पीए जो था। लेकिन जब चंडीगढ़, कोलकाता और कानपुर में संपादकी करने के बाद दोबारा दिल्ली आया तब पीए नहीं दिया गया। मैने तब के अपने समूह संपादक श्री शशिशेखर से कहा कि मुझे पीए दिया जाए वर्ना मैं लिखूंगा कहां से? उन्होंने कहा कि शुक्ला जी, यहां पीए सिर्फ समूह संपादक को ही मिलता है। देखिए किसी भी अन्य संपादक के पास नहीं है।

राडिया टैप केस : सुप्रीम कोर्ट के जज और ओपेन मैग्जीन के वकील के बीच वाकयुद्ध

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कल केंद्र और सीबीआई से उस अपील पर जवाब मांगा, जिसमें सरकार को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के निष्कर्षों पर कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग की गई है। एसएफआईओ ने नीरा राडिया के टेप प्रकरण की जांच के बाद कुछ कारोबारी लेनदेन में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा की पीठ ने टाटा समूह के पूर्व प्रमुख रतन टाटा से भी एक सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

अमर उजाला में इंक्रीमेंट : लखनऊ वालों पर मेहरबानी से बाकी यूनिटों के कर्मी नाराज

अमर उजाला में इंक्रीमेंट बंट गया है। वरिष्ठ उप संपादक से लेकर न्यूज एडिटर तक को। अमर उजाला उत्तर प्रदेश में तो स्टेट हेट इंदु शेखर पंचोली की ही चली है। उन्होंने लखनऊ यूनिट में 10 से 15 प्रतिशत इंक्रीमेंट करवाया है जबकि अन्य यूनिटों में दो से चार प्रतिशत ही इंक्रीमेंट मिला है। इस दोहरे व्यवहार से अमर उजाला के संपादतीय में उथल-पुथल की नौबत है। कई लोग इधर-उधर मुंह मार रहे हैं।

‘खबरें अभी तक’ से मीडियाकर्मियों के जाने का क्रम जारी

'खबरें अभी तक' नामक रीजनल चैनल से सूचना है कि यहां से मीडियाकर्मियों के जाने का सिलसिला लगातार जारी है. एसोसिएट प्रोड्यूसर अमित और एंकर रिपोर्टर अविनाश के चैनल छोड़ जाने के बाद एसाइनमेंट पर कार्यरत मुकेश मंडल ने भी इस्तीफा दे दिया. सीनियर एंकर सुंदर सोलंकी चैनल से आफ एयर हैं और वो आफिस नहीं आ रही हैं. उनके भी चैनल छोड़ने की खबर है. एंकर अनामिका पांडेय के भी जाने की चर्चाएं हैं.

वायस आफ लखनऊ में छंटनी व फेरबदल, अवंतिका और अश्विनी कुमार की नई पारी

वायस आफ लखनऊ अखबार से खबर है कि यहां प्रिंसिपल करेस्पांडेंट जयदीप भल्ला का ट्रांसफर कर उन्हें हेड आफिस से अटैच कर दिया गया है. साथ ही न्यूज एडिटर आलोक मेहरोत्रा, डीएनई एसपी सिंह, मीनाक्षी निगम और चेतन शुक्ला के बारे में जानकारी मिली है कि इनसे इस्तीफा ले लिया गया है.

हरियाणा के पत्रकार संगठन ने प्रेस दिवस को रोष दिवस के रूप में मनाने की अपील की

सिरसा। हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष बलजीत सिंह ने प्रदेश भर के पत्रकारों से आहवान किया है कि 16 नवंबर (प्रेस दिवस) को रोष दिवस के रूप में मनाया जाए। ह्यूज नेता बलजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले लंबे समय से पत्रकारों की मांगों पर गौर करने का कोरा आश्वासन देते आ रहे हैं, लेकिन जब अमली जामा पहनाने की बात आती है तो अपने अधिकारियों पर छोड़ देते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रहे पत्रकारों पर हमले सरकार की नाकामी का प्रतीक हैं, इसलिए सरकार को मीडिया प्रोटैक्शन एक्ट बनाना चाहिए और पत्रकार पर हमले को संज्ञेय अपराध घोषित करना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व भाजपा सांसद दीनानाथ मिश्र का निधन

भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य और लेखक दीनानाथ मिश्र का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 76 वर्ष के थे. वह पिछले कुछ समय से बीमार थे और उन्हें हाल में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मिश्र वर्ष 1998 से 2004 तक सांसद रहे थे. उन्होंने अपना करियर पत्रकार के तौर पर शुरू किया था और वह वर्ष 1971 से 1974 तक आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य के संपादक रहे थे. बाद में वह नवभारत टाइम्स के संपादक भी रहे.

‘ए-वन तहलका’ नामक क्षेत्रीय चैनल पर से हरियाणा सरकार ने पाबंदी हटाई

पंचकूला : हरियाणा के क्षेत्रीय चैनल ए-वन तहलका हरियाणा से सरकारी पाबंदी हट गई है। प्रदेश के केबल आपरेटरों ने दोबारा इस चैनल का प्रसारण शुरू कर दिया है। दस नवम्बर की गोहाना रैली की समीक्षा से नाराज प्रदेश सरकार ने पुलिस तंत्र के जरिए इस चैनल का प्रसारण बंद करवा दिया था। हालांकि सरकार और चैनल प्रबंधन के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनी है, यह ज्ञात नहीं हो पाया है। अब यह तो प्रबंधन और सरकार के नुमाइंदे ही बेहतर बता सकते हैं कि जब दोनों पक्ष बातचीत के लिए बैठे तो किन-किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चाएं हुई। सवाल यह भी है कि क्या चैनल दोबारा उसी धार से समाचारों का प्रसारण और विश्लेषण करेगा,जैसा पहले करता था या फिर धार कुछ कम रहेगी।

आई विटनेस न्यूज से संजय द्विवेदी गए, विनोद मेहता के आने की चर्चाएं

गुड़गांव : वरिष्ठ पत्रकार संजय द्विवेदी ने आई विटनेस न्यूज को टाटा-बाय बाय कर दिया है। वे इस चैनल में बतौर संपादकीय प्रमुख कार्य कर रहे थे। यह चैनल हरियाणा के कांग्रेसी विधायक रघुबीर सिंह कादियान का है। द्विवेदी के जाने के बाद एक बार फिर विनोद मेहता के आने की चर्चाएं चल पड़ी हैं। मेहता ने चार माह पहले ही 'खबरें अभी तक' चैनल से विदाई ली है।

राहुल कंवल भी इंडिया टीवी जाने की तैयारी में!

टीवी टुडे ग्रुप में बहुत तेज चर्चा है कि राहुल कंवल भी अब इंडिया टीवी जाने की तैयारी में हैं. पिछले कुछ समय से राहुल कंवल लगभग पैदल की स्थिति में हैं. उनसे हेडलाइंस टुडे का कामकाज ले लिया गया है. वो हेडलाइंस टुडे जिसके बारे में कहा जाता है कि वो आज जहां भी है, राहुल कंवल की बदौलत है. कहा जा रहा है कि इंडिया टीवी वाले अंग्रेजी चैनल भी लाने की तैयारी में हैं. संभवतः उसके लिए राहुल कंवल का नाम फाइनल किया गया है.

अमर उजाला कानपुर में न्यूज एडिटर बने संजय त्यागी, आजतक मुंबई से अमित त्यागी का इस्तीफा

दो सूचनाएं हैं. एक कानपुर से और दूसरी मुंबई से. कानपुर में अमर उजाला अखबार में संजय त्यागी ने न्यूज एडिटर के पद पर ज्वाइन कर लिया है. संजय दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण समेत कई अखबारों में और कई प्रदेशों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं.

हिंदुस्तान का पौड़ी कार्यालय लावारिस, प्रभारी लंबी छुट्टी पर

हिन्दुस्तान जिला मुख्यालय पौड़ी कार्यालय लावारिस हो गया है. इसके कामचलाऊ प्रभारी लंबी छुट्टी पर हैं. पौड़ी सहित धुमाकोट,लैसडौन, सतपुली, थलीसैण, बीरोंखाल की खबरों को एडिट करने के लिए पौड़ी के कामचलाऊ प्रभारी की जगह ऐसा आदमी काम कर रहा है जो कि पिछले पांच माह पहले ही पत्रकारिता के काम में आया है.

आजतक वाले दीपक शर्मा से उस दलाल पत्रकार ने क्या कहा….!

Deepak Sharma : सेर हैं तो सवा सेर भी हैं… राजनीति किसी मनमोहन, मोदी या मुलायम से नहीं चलती …..पत्रकारिता किसी अर्नब किसी बरखा से नहीं चलती… कहीं हुंकार भरता कोई केजरीवाल है, कहीं भड़ास निकालता कोई यशवंत और कहीं… पर कतरता कोई अनस भी है इस व्यवस्था में. जब ये हारने लगते हैं तो कोई जेठमलानी, कोई भूषण अदालत में उतर आता है… और जब अदालतें रुकती-सरकती हैं तो पीछे से कोई CAG कोई CBI में ही मर्द निकलकर झूठ के पांव पकड़ लेता है.

मीडिया से आजम खां ने की बदसुलूकी, सम्मेलन से मीडिया वालों को बाहर निकाला

लखनऊ : अपनी तुनकमिजाजी और विवादों के कारण चर्चाओं में रहने वाले नगरीय विकास मंत्री आजम खां अब मीडिया से बदसुलूकी से भी बाज नहीं आ रहे। मंगलवार को उन्होंने लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश भर के निकाय अध्यक्षों के सम्मेलन में मीडियाकर्मियों को बाहर करवा दिया। हालांकि, बाद में उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और मीडियाकर्मियों को सम्मान के साथ अंदर आने की अनुमति दे दी गई।

महिला पत्रकार ने शरद यादव की बोलती की बंद (देखें वीडियो)

बहुत सही जवाब दिया महिला पत्रकार ने.. शरद यादव की बोलती कर दी बंद.. ये महिला पत्रकार कौन हैं, मुझे नाम तो नहीं पता लेकिन ये जो भी हैं, बधाई के काबिल हैं… ऐसी ही आवाज, तेवर, विजन व खनक की जरूरत है… मध्य प्रदेश में डिंडोरी के बोंदर गांव में चुनावी सभा के बाद जब शरद यादव गाड़ी पर बैठकर चलने को हुए तो पत्रकारों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी.

जन टीवी राजस्थान में रिपोर्टरों को छः महीने से वेतन नहीं

यशवंत जी नमस्कार, भड़ास पर महुआ प्रबन्धन द्वारा कर्मचारियों के शोषण की खबर पढ़ी जिसे आपने प्रमुखता से उठाया था. ये हाल केवल महुआ का ही नहीं बल्कि सभी चैनलों का लगभग यही हाल है. मैं राजस्थान के एक चैनल जन टीवी में रिपोर्टर हूं. ये चैनल राजस्थान का है लेकिन इसमें चार पांच बुलेटिन बिहार और झारखंड के चलते हैं जिनमें बिहार और झारखंड के कुल मिलाकर 64 रिपोर्टर हैं. छः महीने से हम लोगों को एक भी पैसा ना तो वेतन मिला है ना ही किसी त्यौहार पर ही कोई राशि दी गयी है. ये चैनल जिस कंपनी का है वो जयपुर में कैम्पयू काम कम्पनी की सिस्टर कंसर्न है और पूरे बिहार झरखंड में ये सरकारी स्कूलो में कम्प्यूटर लगाती है और जयपुर में एक इजीनियरिंग कालेज भी चलाती है.

बिहार में शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में वर्ष 06-08 में हुए शिक्षक नियोजन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की खबर है. इसका खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी से हुआ है. जिसके तहत हिन्दुस्तान दैनिक में खबर प्रकाशित होते ही डीपीओ, स्थापना भूषण कुमार के द्वारा संदिग्ध 26 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी गई. इनके साथ ही शिक्षा विभाग के निदेशक, पटना के निर्देश पर जिले के सभी 27 प्रखंडों के नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की कवायद शुरु हो गई है.

क्या ‘आधार’ का कुछ आधार था?

कुछ समय पहले तक यानी सर्वोच्च न्यायालय का महत्त्वपूर्ण आदेश आने  से पहले पूरे देश में आधार कार्ड को लेकर बड़ी उथल  पुथल मची। कहा गया कि आधार कार्ड हर सरकारी कार्य  के लिए जरुरी है। मामले  मे सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप  करने तक युआईडी (आधार कार्ड) को लेकर सरकार का रवैया  अजीबोगरीब बना हुआ था, संसद में सरकार कुछ कह रही थी, मीडिया के सामने कुछ और न्यायालय में कुछ और, सरकार ऐसा क्यूँ कर रही थी यह तो आज भी एक पहेली है। जिसका जवाब न जनता को मिला और न ही मीडिया कुछ तलाश कर पायी। बस सवाल, सवाल और सवाल।

चुनावी सियासत हुई तेज: मोदी और कांग्रेस के बीच चलने लगे जहरबुझे तीर

चार राज्यों में विधानसभा चुनावों की राजनीतिक गहमा-गहमी ने जोर पकड़ा है। छत्तीसगढ़ में तो पहले चरण का मतदान कल हो भी गया। माओवादियों की तमाम चुनौतियों के बावजूद बस्तर इलाके में 60 प्रतिशत से ऊपर मतदान हो गया। इसको लेकर कहा जा रहा है कि बैलेट, बुलेट पर भारी पड़ा। तमाम धमकियों को ठेंगा दिखाकर स्थानीय आदिवासियों ने मतदान करने का जज्बा दिखाया है। इस अद्भुत साहस की सबको मिलकर सराहना करनी चाहिए। लेकिन, जान हथेली पर लेकर वोट डालने की हिम्मत दिखाने वालों को मिलकर सलाम करने की बजाए, भाजपा और कांग्रेस में इसका खुद श्रेय लेने की होड़ लग गई है। 

मोदी-बीजेपी के करीब होने संबंधी मेल व खबरों का कुमार केतकर ने खंडन किया

दिव्य मराठी के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार कुमार केतकर ने उस मेल को फर्जी बताया है जिसमें कहा गया है कि वे मोदी और भाजपा के करीब हो गए हैं. उन्होंने बताया है कि वे मोदी से मिले लेकिन भाजपा के करीब जाने या भाजपा ज्वाइन करने के लिए नहीं बल्कि दिव्य भास्कर में प्रकाशित एक भ्रामक खबर को लेकर खेद प्रकट करने के लिए. किसी ने जब कुमार केतकर को मेल करके भाजपा-मोदी से नजदीकी संबंधी मेल व खबरों के बारे में पूछा तो केतकर ने जो जवाब दिया वो यूं है…

आजतक में अंदरखाने काफी कुछ उठापटक, शम्स दंडित, अमिताभ कहेंगे गुडबॉय

खबर है कि आज तक क्राइम टीम के हेड पद से शम्स ताहिर खान को हटाकर प्रोग्रामिंग टीम में भेज दिया गया है. उनकी रिपोर्टिंग प्रोग्रामिंग टीम हेड संजय सिन्हा को होगी. शम्स की जगह सुप्रितम बेनर्जी को क्राइम टीम का हेड बना दिया गया है. बताया जाता है कि शम्स को दाउद व सट्टेबाजी की एक खबर एबीपी न्यूज पर ब्रेक हो जाने का दंड दिया गया है.

रामगोपाल यादव को ऐसा महसूस हो रहा है कि न्यूज चैनल और अखबार वाले बिक गए हैं!

फीरोजाबाद : मीडिया को भ्रष्ट करने में बड़ा योगदान देने वाले नेताओं की भी तीसरी आंख कभी कभी खुल जाया करती है और वे दिव्य वचन बोल दिया करते हैं. अब देखिए न रामगोपाल यादव को. उनको अचानक ये लगने लगा है कि न्यूज चैनल वाले और अखबार वाले बिक गए हैं. सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने देश भर के अखबारों और न्यूज चैनलों के खास दल के हाथों ‘बिक’ जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे फिलहाल चुनाव तक इन्हें पढ़ना और देखना छोड़ दें.

भास्कर, जयपुर व चंडीगढ़ आफिस से दिलीप, नरेंद्र व भारत का इस्तीफा

दैनिक भास्कर के अलग-अलग आफिसों से कई लोगों के इस्तीफे की सूचना है. जयपुर कार्यालय में कार्यरत उपसंपादक दिलीप शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है. वो अब खुद की पत्रिका संचालित करेंगे. सूचना के अनुसार दिलीप ने हाल ही में अपनी नयी मासिक पत्रिका "राहें.. सफलता की" के प्रथम अंक का विमोचन कराया था. विमोचन के ठीक बाद उन्होंने स्थानीय संपादक लक्ष्मी प्रसाद पन्त और प्रादेशिक प्रभारी शक्ति सिंह से मिलकर पत्रिका का प्रकाशन करने की बात बताते हुए अपना इस्तीफा दे दिया. उल्लेखनीय है की वर्ष 2008 से भास्कर में कार्यरत दिलीप वर्तमान में टोंक प्रभारी के रूप में काम कर रहे थे. दैनिक भास्कर से पूर्व उन्होंने पंजाब केसरी में काम किया था.

आजतक से बालकृष्ण व प्रतीक त्रिवेदी और एनडीटीवी डाट काम से धर्मेंद्र का इस्तीफा

टीवी टुडे ग्रुप के न्यूज चैनलों से सूचना है कि बालाकृष्ण और प्रतीक त्रिवेदी ने इस्तीफा दे दिया है. प्रतीक त्रिवेदी दिल्ली आज तक में कार्यरत थे. प्रतीक त्रिवेदी इंडिया टीवी से जुड़ गए हैं. प्रतीक त्रिवेदी को इंडिया टीवी के चुनावी डिसकशन शो ‘घमासान लाइव’ को होस्ट करने की जिम्मेदारी दी गई है.

‘जय हिंद’ कहता हुए वो शराबी चश्मा लगाए मेट्रो पर सवार होकर ड्यूटी बजाने निकल गया

'तमंचे पर डिस्को..' बज रहा था लेकिन मंदिर के बगल में लुढके पड़े शराबी के पैर बिलकुल नहीं हिल रहे थे… उसके मुंह को सूंघते हुए दो कुत्ते थोड़े आगे थोड़े पीछे हो रहे थे, जाने भय में, या 'स्टॉफ' के सदस्य को देखकर अपनी सक्रियता-सलामी शो करने के वास्ते या मन ही मन कोई नुसरत फतेह अली मार्का लंबा आलाप ''…पड़े ही रहने दो चौखट पर..'' लेने में आई मजबूरन लंबी हिलडुल को सहेजने में… तभी रात दस बजे के बाद नशे में उन्मुक्त दिल्ली को सैल्यूट मारती एक तेज रफ्तार कार हाई वाल्यूम म्यूजिक '''…दिल तू ही बता…'' अपनी सभी खुली खड़कियों से थ्रो करते पूरी मार्केट पूरी रोड को दनदनाते आई गई हो गई…

लॉ ग्रेजुएट छात्रा ने सुप्रीम कोर्ट जज पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, जांच समिति गठित

सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज पर कानून की स्नातक एक छात्रा ने अपने साथ यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम ने इस मामले की जांच के लिए जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांट कमेटी का गठन किया है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके. जांच कमेटी में जस्टिस रंजना पी देसाई तथा एचएल दत्तू भी हैं.

Samruddha Jeevan के फर्जीवाड़े पर SEBI की रोक से संबंधित खबर PTI ने की जारी

मीडिया क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सक्रिय हो रहे 'समृद्ध जीवन' समूह की कंपनियों द्वारा जनता को लालच देकर बड़े पैमाने पर अवैश निवेश स्कीमों में पैसे लगवाने के प्रकरण में सेबी ने जो रोक का आदेश दिया है, उससे संबंधित खबर समाचार एजेंसी पीटीआई उर्फ प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया की तरफ से जारी की गई है.

समृद्ध जीवन परिवार के खिलाफ सीबीआई जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे, गोवा से भी आई शिकायत

समृद्ध जीवन परिवार की कई कंपनियां जनता को भरमाकर पैसे उगाहने के खेल में लिप्त हैं और इसके जरिए अरबों का साम्राज्य खड़ा कर चुकी हैं. इन कंपनियों के खिलाफ देश के कई हिस्सों से शिकायतें मिली हैं और कई एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं. पणजी (गोवा) में सीआईडी की इकानामिक आफेंसेज सेल की तरफ से सेबी को एक रिफरेंस पत्र भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि यहां कंपनी जनता को कई तरह के लालच देकर पैसे लगवा रही है.

‘समृद्ध जीवन’ और इसके मालिकों महेश मोतेवार व अन्य से पंद्रह दिनों में सेबी ने जवाब मांगा

लाइव इंडिया न्यूज चैनल, अखबार, मैग्जीन संचालित करने वाले समृद्ध जीवन के पैसे उगाहने के फ्रॉड पर रोक लगाने के बाद सेबी ने इस कंपनी और इसके मालिकों महेश मोतेवार, वैशाली मोतेवार, घनश्याम जस भाई पटेल से पंद्रह दिनों के भीतर जवाब मांगा है. इस कंपनी के खिलाफ सेबी को शिकायत मिली थी कि ये पशु और बकरी फार्म्स के नाम पर निवेश योजना के तहत जनता से बारह प्रतिशत से ज्यादा फिक्स्ड रिटर्न का प्रलोभन देकर पैसे उगाह रहे हैं.

‘लाइव इंडिया’ संचालित करने वाले ‘समृद्ध जीवन’ समूह पर जनता से पैसे उगाहने पर सेबी ने लगाई रोक

खबर है कि मार्केट रेगुलेटर 'सेबी' (सेक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया) ने 'लाइव इंडिया' नामक न्यूज चैनल, अखबार आदि संचालित करने वाले समूह 'समृद्ध जीवन परिवार' की कंपनी ''समृद्ध जीवन फूड्स'' और इसके निदेशकों को बाजार, जनता और निवेशकों से पैसे उगाहने पर रोक लगा दी है. सेबी की तरफ से निर्देश जारी  किया गया है कि 'समृद्ध जीवन' किसी भी तरह की योजना के जरिए जनता से पैसे नहीं लेगी. साथ ही जनता से उठाए गए पैसे व इस पैसे से बनाई गई किसी भी संपत्ति के क्रम-विक्रय या हस्तांतरण पर भी रोक लगा दी गई है.

आखिर टीवी में खबरों का टोटा क्यों है?

खबर के लिए मैं कभी किसी एक माध्यम पर निर्भर नहीं होता. जब-जैसी जरूरत होती है, उस चीज का सहारा ले लेता हूं. इंटरनेट, टीवी, रेडियो, अखबार, सोशल मीडिया और मित्रगण. ऐसा भी नहीं है कि इनमें से कोई एक चीज किसी दिन ना देखूं-सुनूं तो खाना हजम नहीं होगा, बेचैनी बढ़ जाएगी, बीपी बढ़ जाएगा.

बनर्जी होंगे यूपी के नये डीजीपी

जैसा अब तक होता आया है कि प्रदेश के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी का चयन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ही किया है। अगर यही परंपरा जारी रही तो आनंद लाल बनर्जी यूपी के नये डीजीपी बनने जा रहे हैं। बस यह तय होना बाकी है कि मौजूदा डीजीपी देवराज नागर को उनके रिटायरमेंट के बचे हुए दो महीने गुजारने दिये जायें या फिर जल्दी ही श्री बनर्जी की तैनाती कर दी जाये। पूरी नौकरशाही में इस बात की चर्चा है कि चुनावी साल में अगला डीजीपी कौन होगा।

कथाक्रम और शुतुरमुर्गी अदा के मारे लफ़्फ़ाज़ रणबांकुरे

कथाक्रम के दो दिवसीय सम्मेलन में इस बार हिंदी लेखकों की लफ़्फ़ाज़ी के क्या कहने? अजब नज़ारा था। यह जो हिंदी लेखक किसी प्रकाशक से रायल्टी की बात करने के सपने से भी डर जाते हैं, उलटे पैसा दे कर किताब छपवाने के उपक्रम में लगे रहते हैं। संपादकों की इच्छा कहिए डिक्टेशन कहिए अपनी रचना में शीर्षासन कर पूरी करते हैं। तीन सौ या पांच सौ किताब छपने का रोना रोते हैं। गरज यह कि पाठकों से वंचित और कुंठित यह लेखक खुद ही पाद कर खुद ही खुश हो लेते हैं। (दूसरों को इस से दिक्कत हो या बदबू आए, इस से उन को फ़र्क नहीं पड़ता।) ऐसे लेखक भूमंडलीकृत समाज और साहित्य की मशाल विषय पर धुंआंधार लफ़्फ़ाज़ी का धुंआ ऐसे छोड़ रहे थे गोया कोयले वाला इंजन हों। साबित यही हुआ कि जैसी बांझ रचनाएं यह हिंदी लेखक करते हैं, वैसी ही बांझ बहस भी वह करते हैं। कि बताइए दू ठो पाठक बटोर नहीं सकते, चार ठो श्रोता बटोर नहीं सकते और लड़ेंगे भूमंडलीकरण से। आग लगा देंगे समूची व्यवस्था में। 

पटना में ‘मैनाघाट के सिद्ध एवं अन्य कथाएँ’ पर विमर्श

पटना: पटना प्रगतिशील लेखक संघ ने वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’ द्वारा रचित ‘मैनाघाट के सिद्ध एवं अन्य कथाएँ’ पर विमर्श आयोजित किया। शुभारंभ करते हुए साहित्यकार राजकिशोर राजन ने इस कथा संग्रह का परिचय देते हुए कहा कि कथाकार ने ‘आम्रपाली’ और ‘कुणाल’ को नए आयाम में प्रस्तुत कर प्राचीनता में नवीनता का आभास कराया है। यह हिन्दी कथा की बड़ी उपलब्धि है।

‘रामलीला’ फिल्म से हिंदुओं की धार्मिक आस्था, विश्वास और भावनाओं को ठेस

प्रिय मित्र, मेरे पत्र लिखने के लगभग डेढ़ माह बाद भी भारत सरकार और सेंसर बोर्ड की ओर से फ़िल्म के नाम में से 'रामलीला' शब्द हटाने के सम्बन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की गयी है और आर टी आई के पत्र पर सूचना भी नहीं दी गयी है अतः मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री से अनुरोध किया है कि वे ही जन-भावनाओं का सम्मान करते हुए इस फ़िल्म को वर्तमान नाम “गोलियों की रासलीला–रामलीला” से उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन न होने देना सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्यवाही करने का कष्ट करेंl मेरा यह मानना है कि यदि यह हिंदी फ़िल्म उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन से बैन कर दी जाती है तो निर्माता निर्देशक को मजबूरन फ़िल्म का नाम बदलना ही पड़ेगा l

बहुजन मानवाधिकार संरक्षण संघ ने उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित किया

नागपुर, महाराष्ट्र: बहुजन मानवाधिकार संरक्षण संघ नागपुर द्वारा 6 नवम्बर को शहर के राजाराम सीताराम दीक्षित वाचनालय, धरमपेठ में कला के विभिन्न क्षेत्रों तथा पत्रकारिता में अपना अमूल्य योगदान देने वालों का सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. साथ ही नागपुर में दीवाली स्नेह मिलन एवं बहुजन मानवाधिकार संरक्षण संघ के युवा आघाडी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति दी गयी.

ओवर कान्फिडेंस में है दिल्ली बीजेपी

फॉरमेलिटी के लिए चुनाव लड़ रही है कई सीटों पर: विधानसभा चुनावों के लिए पहली लिस्ट घोषित होते ही बीजेपी ओवर कान्फिडेंस में आ गई है। इससे लगने लगा है कि बीजेपी चुनाव जीता हुआ मान कर बैठ गई है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बहुत सारी सीटें ऐसी हैं, जहां पर यदि कांग्रेस ठीक से उम्मीदवार उतार दे तो उसकी जीत निश्चित हो जाएगी। यदि दूसरे शब्दों में कहें तो जनता बीजेपी को जिताना चाहती है, लेकिन बीजेपी खुद ही जीतना नहीं चाहती।

डा. इसरार को मिली जमानत, जेल से पत्र लिखा, पुलिस ने दी खूब यातनाएं

बरेली से डा. इसरार खान को लेकर कई सूचनाएं हैं. सबसे बड़ी खुशखबरी ये कि उनकी आज जमानत हो गई. मतलब ये कि कानूनी-न्यायिक औपचारिकताएं एक-दो दिन में पूरी होते ही डा. इसरार खान जेल से बाहर होंगे. दूसरी शर्मसार करने वाली खबर ये है कि डा. इसरार खान को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद कई तरह की यातनाएं दीं.

आजतक को झटका, संदीप सोनवलकर ने इस्तीफा देकर ‘इंडिया टीवी’ ज्वाइन किया, शमशेर भी पहुंचे

आजतक न्यूज चैनल में लंबे समय से कार्यरत और नेशनल ब्यूरो के तहत कई महत्वपूर्ण बीटों को कवर कर रहे पत्रकार संदीप सोनवलकर ने इस्तीफा दे दिया है. चुनावों के इस मौसम में संबंधों-संपर्कों के धनी संदीप का इस्तीफा आजतक के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है. बताया जाता है कि इंडिया टीवी में संदीप डिप्टी एडिटर के पद पर गए हैं. कमर वहीद नकवी ने इंडिया टीवी ज्वाइन करने के बाद आजतक को निशाने पर ले लिया है और एक-एक कर कई लोगों को अपने यहां ज्वाइन करा दिया है.

ओपेन मैग्जीन में ‘मोदी और मीडिया’ पर लेख में आजतक व पुण्य प्रसून की भी खबर ली गई

'Modi, Media and Money' शीर्षक से ओपेन मैग्जीन में प्रकाशित एक स्टोरी आजकल मीडिया में खूब चर्चा का विषय है. इसे संदीप भूषण ने लिखा है, जो खुद कई चैनलों में पत्रकार रह चुके हैं. इसमें पुण्य प्रसून बाजपेयी का भी इशारों इशारों में जिक्र किया गया है…  मोदी को किस तरह मीडिया अपने एजेंडे में रखकर प्रमोट कर रहा है, और इस काम में ढेर सारे बड़े पत्रकार जाने-अनजाने लगे हुए हैं, कुछ नौकरी के कारण और कुछ मालिक के निर्देश पर… इसका बारीकी से विश्लेषण ओपेन मैग्जीन की इस स्टोरी में किया गया है. आजतक के रात दस बजे के शो का जिक्र करते हुए इस स्टोरी में इशारे इशारे में पुण्य प्रसून बाजपेयी की भी खबर ली गई है… देखिए ओपेन की स्टोरी में प्रकाशित आजतक व पुण्य प्रसून बाजपेयी के जिक्र वाला वो अंश… नीचे बोल्ड किया गया है…

के न्यूज कानपुर के रामगोपाल का डाइरेक्टर के नाम पत्र

श्रद्धेय धर्मेश, अंशुल और संजीव जी ,
डायरेक्टरगण
के न्यूज, कानपुर 
 
सभी का संयुक्त प्रणाम स्वीकार करें. 
महोदय, आपके शुभ चिंतक होने के नाते लगभग सात माह से काम कर रहे डेस्क और फील्ड के कर्मचारी बिना नियुक्ति पत्र, परिचय पत्र, पीएफ और बिना ईएसआई कटौती के काम कर रहे हैं और 8 घंटे के बजाए 10 घंटे काम करने से भी नहीं कतरा रहे हैं. तभी तो सभी लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द आप चैनल के समर्पित और नियमित रुप से काम कर रहे कर्मचारियों को ये सारी चीजें उपलब्ध कराकर चैनल के कर्मचारियों के मन में मौजूद इनसिक्योरिटी फीलिंग को खत्म करने में मदद करेंगे. वैसे तो आप से सीधे तौर पर कई बार इन सारी चीजों की मांग कर्मचारी कर चुके हैं पर इस मामले पर आप सभी ने कोई निर्णय नहीं लिया है. उसके पीछे क्या मजबूरी है ये आप ही जानते हैं. 

पंजाब केसरी जालंधर के न्यूज एडिटर को सब एडिटर ने गाली दी

खबर है कि दैनिक पंजाब केसरी के जालंधर के डेस्क इंचार्ज, जो न्यूज एडिटर हैं, को एक सब एडिटर ने गाली दे दी. मामला छुट्टी को लेकर था. उसने आरोप लगाया कि मिश्रा सिर्फ अपने लोगों को छुट्टी देते हैं जिससे बहस बढ़ गयी और संदीप मिश्रा को उसने आफिस में ही गाली दे दी. आफिस में इस गाली-गलौज पर खूब कानाफूसी हो रही है.

चार खंभे… तीन वैधानिक और एक जबर्दस्ती का… पर हम्माम में तीन तो निर्वस्त्र हो चुके..

फेसबुक पर वरिष्ठ पत्रकार और कई अखबारों में संपादक रह चुके शंभूनाथ शुक्ला समय-समय पर अच्छी बहस चलाते रहते हैं. साथ ही वे अपनी कुत्सित निजी आलोचनाओं की परवाह न करते हुए पूरी बहस को ट्रैक पर बनाए रखते हैं. भारत में चारों खंभों को लेकर एक बहस उन्होंने शुरू की. सिर्फ एक लाइन की उनकी बात पर लोगों ने काफी अच्छे ढंग से रिएक्ट किया. शंभूनाथ शुक्ल जी ने फेसबुक पर लिखा : '''चार खंभे। तीन वैधानिक और एक जबर्दस्ती का। पर हम्माम में तीन तो निर्वस्त्र हो चुके।'' इस पर कई लोगों ने कमेंट किया, मैंने भी. मेरा कमेंट यूं है…

मोदी का साथ और राहुल का हाथ

देश को लोकसभा चुनावों के लिए अभी गर्मियों का इंतजार करना है किंतु चुनावी पारा अभी से गर्म हो चुका है। नरेंद्र मोदी की सभाओं में उमड़ती भीड़, सोशल नेटवर्क में उनके समर्थन-विरोध की आंधी के बीच एक आम हिंदुस्तानी इस पूरे तमाशे को भौंचक होकर देख रहा है। पिछले दो लोकसभा चुनाव हार चुकी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए मोदी एक ऐसी नाव हैं, जिससे इस चुनाव की वैतरणी पार की जा सकती है तो वहीं देश की सेकुलर राजनीति के चैंपियन बनने में लगे दलों को मोदी से खासा खतरा महसूस हो रहा है। यह खतरा यहां तक है कि उन्हें रामरथ के सारथी और अयोध्या आंदोलन के नायक लालकृष्ण आडवानी भी अब ‘सेकुलर’ लगने लगे हैं। जाहिर तौर पर इस समय की राजनीति का केंद्र बिंदु चाहे-अनचाहे मोदी बन चुके हैं। अपनी भाषणकला और गर्जन-तर्जन के अंदाजे बयां से उन्होंने जो वातावरण बनाया है वह पब्लिक डिस्कोर्स में खासी जगह पा रहा है।

सोनी सोरी और लिंगा कोडोपी को मिली जेल से मुक्ति, सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई के आदेश दिए

Himanshu Kumar : आज सोनी सोरी और लिंगा कोडोपी को सर्वोच्च न्यायालय ने अन्तरिम ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। ज़मानत याचिका पर अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी। सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को पुलिस इस बीच किसी अन्य फ़र्ज़ी मामले में ना फंसा सके इस लिए सर्वोच्च न्यायलय ने इस दौरान सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को छत्तीसगढ़ से बाहर रहने का आदेश दिया है।

जागरण के सोनीपत कार्यालय में निशिकांत के चेहेतों पर गिरेगी गाज?

दैनिक जागरण के सोनीपत कार्यालय में ब्यूरो चीफ संजय मिश्रा व रिपोर्टर ऋषि पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है. चर्चा है कि इनकी छुट्टी करने के लिए नोयडा से चन्द्र मोहन ठाकुर को यहाँ इनपुट हैड बनाकर भेजा गया है, जो कि 16 नवम्बर को ज्वायन करेंगे.

पत्रकार यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने चुपचाप इस्तीफा लिखा और सहारा से चलते बने!

जब पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष का ये हाल है तो बाकी पत्रकार क्यों प्रबंधन के खिलाफ बोलें और विरोध करें. श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष अनूप गैरोला राष्ट्रीय सहारा, देहरादून में कार्यरत थे. बीते दिनों उन्हें प्रबंधन ने इस्तीफा लिखने को कहा. उन्होंने चुपचाप इस्तीफा लिखा और चलते बने. अब लोग सवाल कर रहे हैं कि पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गैरोला अब किस मुंह से बाकी पत्रकारों से प्रबंधन से लड़ने व संघर्ष करने के लिए कहेंगे. दूसरों को भाषण देने से पहले अगर थोड़ा खुद वे संघर्ष कर लिए होता तो बाकियों को भी प्रेरणा मिल जाती.

जिया न्यूज के बारे में भड़ास पर छपी खबर को लेकर साइबर क्राइम सेल में कंप्लेन

पिछले दिनों जिया न्यूज चैनल की लांचिंग के बाद उसके फर्स्ट लुक एंड फील और इंटरनल पालिटिक्स को लेकर जो खबर भड़ास पर प्रकाशित हुई, उससे चैनल के कर्ताधर्ता ज्वाय सेबस्टियन इतने खफा हुए कि अपने एचआर को कहकर दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में भड़ास की कंप्लेन करा दी. साइबर सेल से एक पुलिस इंस्पेक्टर ने भड़ास को फोन कर कहा कि क्या ये खबर डिलीट की जा सकती है?

ज्वाय सेबस्टियन को रिप्लेस करने के लिए लाए गए हैं जेपी दीवान?

जिया न्यूज में वरिष्ठ पत्रकार जेपी दीवान ने मैनेजिंग एडिटर के बतौर ज्वाइन किया है. सूत्रों पर भरोसा करें तो उन्हें ज्वाय सेबस्टियन की जगह पर लाया गया है. प्रबंधन ने इसी मंशा के तहत जेपी दीवान को मैनेजिंग एडिटर के पद पर नियुक्त कर चैनल में इंट्री दी है. लेकिन ज्वाय सेबस्टियन के हाथ में चैनल की इतनी चाभियां हैं कि उन्हें तुरत-फुरत रिप्लेस कर पाना मुश्किल है. चैनल के लाइसेंस से लेकर कई सारी तकनीकी व गैर-तकीनीक चीजों में ज्वाय सेबस्टियन का नाम है. इसलिए जब तक सब कुछ एक मुकाम पर नहीं पहुंच जाता, प्रबंधन को ज्वाय सेबस्टियन को साथ लेकर चलना पड़ेगा.

साधना वालों से किराए पर लाइसेंस लेकर चल रहा है जिया न्यूज!

जिया न्यूज में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों झोल है, होल हैं. ये न्यूज चैनल अभी खुद के लाइसेंस पर नहीं बल्कि साधना वालों से किराए पर लिए गए लाइसेंस पर संचालित हो रहा है. जिस बिल्डिंग से यह न्यूज चैनल चलाया जा रहा है, उस बिल्डिंग से चैनल चलाए जाने की अनुमति नहीं है. चैनल का सेटअप ऐसा बनाया गया है कि कोई ढंग का नेशनल न्यूज चैनल इस सेटअप से सही से संचालित नहीं हो सकता. ओवी वैन से लेकर हर कुछ इस चैनल का किराए पर है.

जिया न्यूज में भगदड़, आशीष मिश्रा समेत दर्जनों पत्रकारों ने दिया इस्तीफा

जिया न्यूज की असलियत इतनी जल्दी सामने आ जाएगी, ये किसी को अंदेशा नहीं था. लेकिन हुआ वही जिसकी आशंका भड़ास4मीडिया ने बहुत पहले व्यक्त कर दी थी. जिया न्यूज के गुब्बारे में पिन लग चुकी है और सारी सच्चाई सामने आ गई है. ज्वाय सेबस्टियन के नेतृत्व में इस न्यूज चैनल की लांचिंग के कुछ ही महीने बाद कंटेंट टीम के बड़े हिस्से ने रिजाइन कर दिया. सबका आरोप ज्वाय सेबस्टियन पर ही है.

सहारा मीडिया में छंटनी : चैनल हेड रजनीकांत समेत 35 लोगों की छुट्टी

सहारा में जिस छंटनी की आशंका जतायी जा रही थी, उसकी शुरुआत हो चुकी है. चैनल के नेशनल हेड रजनीकांत को टर्मिनेट कर दिया गया है. रजनीकांत के साथ ही डिप्टी हेड देवेश शर्मा को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. सहारा के वेब पोर्टल को हेड कर रहे उपेन्द्र राय के करीबी दुर्गेश उपाध्याय को निकालकर उनकी जगह आलोक कुमार को फिर से पोर्टल का हेड बनाया गया है.

हरियाणा के एक और चैनल पर सरकारी कहर, प्रसारण कराया बंद

पंचकूला, हरियाणा। हरियाणा के एक और चैनल पर सरकार पर कहर बरपा है। इस बार ए-वन तहलका हरियाणा चैनल पर सरकारी कोड़ा चला है। कांग्रेस की गोहाना की शक्ति रैली की समीक्षा से नाराज सरकार ने प्रदेश के ज्यादातार जिलों में चैनल का प्रसारण बंद करवा दिया है। इस चैनल का मालिकाना हक ममता बनर्जी की टीएमसी पार्टी के नेता केडी सिंह के पास है, जो राज्यसभा सदस्य भी हैं। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसी चैनल पर डंडा चलाया हो, पिछली बार जनता टीवी सरकारी गुस्से का शिकार हुआ था। 

दैनिक जागरण से तसलीम अहमद ने इस्तीफा दिया

दैनिक जागरण, नोएडा से खबर है कि नोएडा कार्यालय में चीफ सब एडिटर के पद पर तैनात तसलीम अहमद ने इस्तीफा दे दिया है. वे जागरण के साथ पिछले तेरह सालों से काम कर रहे थे. बताया जा रहा है कि जागरण की आपसी खींचतान से तंग आकर उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया.

कन्नौज में बंटे पैसे और टैबलेट से फर्रुखाबाद के एक पत्रकार नाराज

कन्नौज में पत्रकारों को बंटे टैबलेट और पैसों की धमक फर्रुखाबाद तक पहुंच गयी है. खबर मिली है कि फर्रुखाबाद में तैनात जी न्यूज के एक पत्रकार इससे खासे नाराज हैं. उनकी नाराजगी की वजह यह है कि कन्नौज में जी न्यूज का कोई रिपोर्टर है नहीं तो पत्रकार महोदय कन्नौज की खबरों की रिपोर्टिंग भी फर्रुखाबाद से ही करते हैं. अब वो इस बात से बहुत नाराज हैं कि कन्नौज के कुछ पत्रकारों ने उनका पैसा और टैबलेट रख लिया है.

कमलेश्वर के लाए उस रेडियो पत्रकार की कमजोर नस मेरे हाथ लग गई थी

दिल्ली में शाह टाइम्स की धूमधाम से लांचिंग नहीं हो सकी तो कमलेश्वर जी ने कार्यालय आना बंद कर दिया क्योंकि उनके पास इसके लिए कोई जवाब नहीं था। दिल्ली के अखबार जगत में यह चर्चा भी चल पड़ी कि यह सब कुछ जान बूझ कर किया गया है। बात जो भी रही हो मगर अखबार मालिक और उनके परिवार को बहुत दुख हो रहा था क्योंकि वह इस अवसर पर भारी रकम खर्च कर दिल्ली में अपना जलवा दिखाना चाहते थे। उधर कमलेश्वर से उनका सम्पर्क नहीं हो पा रहा था। प्रोग्राम तो होना नहीं था इसलिए सब मन मसोस कर रह गए।

सहारा उर्दू चैनल में कार्यरत दो पत्रकार सेक्सुअल हैरसमेंट के दोषी पाए गए

सहारा मीडिया से खबर है कि ग्रुप के उर्दू चैनल में कार्यरत दो पत्रकार सेक्सुअल हैरसमेंट के दोषी पाए गए हैं. इनके खिलाफ एक महिला मीडियाकर्मी ने सहारा प्रबंधन को लिखित शिकायत भेजी थी. सहारा ने आरोपों की जांच के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया था. समिति ने अपनी जो रिपोर्ट दी है उसमें इन दोनों पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं.

ओपेन मैग्जीन में मोदी, अंबानी और नेटवर्क18 के बीच रिश्तों की पड़ताल

कहा जाता है कि नेटवर्क18 समूह, जिसके मालिक अब मुकेश अंबानी है, ने अपने मीडिया वालों को कह रखा है कि मोदी को लेकर साफ्ट रहें. इसी बात की पड़ताल अंग्रेजी मैग्जीन ओपेन ने इस बार के अंक में की है. एनडीटीवी और हेडलाइंस टुडे में काम कर चुके पत्रकार संदीप भूषण ने ओपेन में अपने विश्लेषण में पता करने की कोशिश की है कि टीवी मीडिया किस तरीके से बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को कवर कर रहा है. संदीप भूषण टाइम्स नाऊ के मोदी के कवरेज के तरीके का भी विश्लेषण करते हैं. वे ओपेन मैग्जीन में लिखते हैं…

जागरण वाले मुस्लिमों के खिलाफ छापने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते, देखें दो खबरें

दैनिक जागरण वाले कोई ऐसा मौका नहीं चूकते जिसके तहत मुस्लिमों को नीचा दिखाया जा सके. नीचे दी गई दो खबरें पढ़िए. पहले तो जागरण ने जोरशोर से छाप दिया कि मस्जिद में जुआ चल रहा था. बाद में जब लोगों ने इस पर जमकर बवाल काटा तो खंडन छापा कि मस्जिद में नहीं बल्कि मोहल्ले में जुआ चल रहा था. इसे आप क्या कहेंगे? क्या खबर लिखने वाले को पता नहीं कि मस्जिद में जुआ खेलने जैसी शर्मनाक घटना संभव नहीं है. पर जागरण वालों को मुस्लिमों को बदनाम करना है, नीचा दिखाना है, इसलिए कुछ भी छाप सकते हैं.

कमलेश्वरजी, पत्रिका स्त्री होती है और अखबार पुरुष होता है

कुछ लोग शाहनवाज राणा से मिल कर बार बार आग्रह कर रहे थे कि अगर मुजफ्फरनगर से प्रकाशित अखबार 'शाह टाइम्स' को दिल्ली में जमाना है तो कमलेश्वर जी को प्रधान संपादक बना दें। अखबार की दिल्ली में लांचिंग का प्रोग्राम बन रहा था। शाहनवाज ने मुझ से पूछा तो मैंने कहा कि लेखन में उनका अच्छा नाम है, रख लें तो अखबार की प्रतिष्ठा ही बढेगी। कमलेश्वर जी दिल्ली कार्यालय आ गए अपने पूरे ताम झाम के साथ। जिस प्रकार दुल्हन अपने साथ दहेज का सामान ले कर आती है उसी प्रकार कमलेश्वर जी भी अपने साथ सहायक संपादक, समाचार संपादक, पत्रिका संपादक, रिपोर्टर और ब्यूरो चीफ ही नहीं, विज्ञापन मैनेजर भी साथ ले कर आए। वेतन भी सब का ठीक ठाक तय कराया।

बलराज साहनी और नरेंद्र दाभोलकर की याद में आजमगढ़ में ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ : दूसरे फिल्म फेस्टिवल की रिपोर्ट

18, 19 और 20 अक्टूबर, 2013 को ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ का 33वाँ आयोजन नेहरू हाल आज़मगढ़ में दूसरे आज़मगढ़ फिल्मोत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ। द ग्रुप, जन संस्कृति मंच और आजमगढ़ फिल्म सोसाइटी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बार ‘इप्टा’ के संस्थापकों में से एक और महान अभिनेता बलराज साहनी के शतवार्षिकी तथा अन्ध आस्था के खिलाफ वैज्ञानिक चेतना के लिए संघर्ष करने वाले डॉ. नरेन्द्र दाभोलकर की स्मृति को समर्पित किया गया।

मुख्यधारा मीडिया से क्यों गायब है पूर्वोत्तर

मुख्यधारा मीडिया ने पूर्वोत्तर भारत को लगभग भुला ही रखा है। देश के पांच राज्यों में विधान सभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हैं, लेकिन मीडिया में केवल चार राज्यों के चुनावों के बारे में ही चर्चाएं हो रही हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्य मिजोरम का न तो कोई ओपिनियन पोल दिखाया जा रहा है न ही वहां विधान चुनाव की कोई खबरें। टीआरपी के अनुसार चलने वाले मुख्यधारा के मीडिया को मिजोरम की चुनावी गर्मी प्रभावित नहीं कर पा रही हैं।

राजनीतिक पार्टियां सामंतवादी सोच का परिचायक हैं

सबसे पहले मैं प्रभु से सभी को सुख समृद्धि व जागरूकता प्रदान करने की कामना करता हूँ। स्वतंत्रता के पहले राजनीतिक पार्टियों का गठन देश को स्वतंत्र करने के उददेश्य से किया गया था पर अब राजनीतिक पार्टियों के गठन का कोई मतलब नहीं है क्योंकि अब इन पार्टियों को देश में कोई ऐसे कारण के लिये नही लड़ना है जहाँ भीड़ की जरूरत हो। क्योंकि भीड़ एक ताकत होती है जिसकी अपनी कोई सोच नहीं होती व हिंसक प्रारूप का परिचायक है जबकि लोकतंत्र में हिंसा यानी दिमागी जड़ता की कोई जगह नहीं होती यहाँ पर अहिंसा यानि बौद्धिकता से सही निर्णय लेने की जरूरत होती है।

जादूगोड़ा चिटफंड घोटाला: डेढ़ महीने हो गये एक भी गिरफ्तारी नहीं

प्रिय यशवंत जी, झारखंड पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा कमल सिंह चिटफंड घोटाले में संचालक कमल सिंह उसका भाई दीपक सिंह एवं लगभग बीसियों एजेंट डेढ़ माह से अधिक समय से फरार हैं. उनके ऊपर वारंट भी निकाला जा चुका है. इसके बावजूद भी अभी तक पुलिस प्रशासन द्वारा किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. यह बहुत ही आश्चर्यजनक लगता है कि पन्द्रह सौ करोड़ रुपयों के घोटालेबाजों को पकड़ने में पुलिस इतनी ढिलाई बरत रही है. 

कन्नौज में पत्रकारों को बांटी गयी नकदी और टैबलेट

कन्नौज, उत्तर प्रदेश: 31 अक्टूबर को कन्नौज में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद डिम्पल यादव ने लैपटाप बांटे जिसमें लगातार 6 घंटे तक पंडाल में भूखे प्यासे बैठे रहने से कई छात्र बेहोश होकर गिर पड़े. सभा समाप्त होने के कुछ ही देर बाद कुछ पत्रकारों के नंबर पर काल आयी और उन्हें अलग बुलाया गया. वहां सैमसंग का टैबलेट और बीस हजार से लेकर पचास हजार की नगदी भी पत्रकारों उनकी वरीयता के अनुसार दी गयी ताकि कवरेज अच्छा रहे. ऐसा इसलिए भी किया गया है क्यूंकि डिम्पल यादव फिर से यहां से लोकसभा का चुनाव लड़ने वाली हैं तो मीडिया उनके पक्ष में रहे. अब दिक्कत ये है कि जिनको तोहफा मिला वो तो खुश हैं लेकिन जिनको नहीं मिला वे नाराज हो गये हैं.

भड़ास पर मेरी पीड़ा प्रकाशित होते ही अमर उजाला ने अपनी सेवा विवरण की साइट मेरे लिए बंद कर दी

यशवंत भाई, आपकी साइट पर मेरा मामला आते ही बहुत तेज रिएक्शन हुआ है पिछले डेढ़ साल से न तो मुझे काम दिया न ही वेतन और न ही पत्रों का कोई जवाब दिया मगर आपके जरिये मामला उठाते ही अमर उजाला ने मेरे लिए उनकी अपनी कर्मचारियों के सेवा विवरण वाली वेबसाइट ही बंद कर दी। मैंने स्वयं यह साइट खोलकर अपने बकाया पैसे और छुट्टियों के भुगतान के लिए आवेदन किया था। इसके पहले करीब एक साल से भी ज्यादा समय से बिना किसी कारण के कार्य से अलग रखते हुए भी यह साइट मेरे लिए बंद नहीं थी, पर आपके द्वारा डाले गए मेरे अनुत्तरित पत्रों से तिलमिलाए उस काकस की ही तिलमिलाहट है जो मेरे अमरउजाला ज्वाइन करते ही सदमे में आ गया था। 

ये दो बातें आप पर भी लागू होती हैं

मेरा मानना है कि दुनिया के ज्यादातर लोगों पर दो बातें जरूर लागू होती हैं। पहली – इस दुनिया के किसी भी हिस्से में आपका कोई हमशक्ल मौजूद है, और दूसरी – आपके असली नाम के अलावा कोई और नाम भी जरूर है। भले ही आप घर से बाहर यह नाम किसी को बताने से हिचकिचाएं। मैं नहीं जानता कि किस व्यक्ति पर ये बातें कितनी लागू होती हैं, लेकिन मुझ पर ये सौ फीसदी लागू हो चुकी हैं। यहां तक कि मैंने खुद भी एक व्यक्ति का हमशक्ल देखा है। वे राजस्थान के एक गांव में पनवाड़ी हैं, वहीं गुजरात के एक शहर में बांसुरी भी बजाते हैं। असल में दोनों ही व्यक्ति अलग हैं और शायद दोनों इस जीवन में कभी मिलेंगे भी नहीं। उन्हें देखना बहुत रोचक अनुभव रहा।

हर्षवर्धन द्विवेदी जी न्यूज यूपी-यूके और बिहार-झारखण्ड के नेशनल सेल्स हेड बने

खबर है कि हर्षवर्धन द्विवेदी ने जी मीडिया कार्प ज्वाइन कर लिया है. बड़ी जिम्मेदारी के तहत उन्हें जी उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड और जी बिहार/झारखंड का नेशनल सेल्स हेड बनाया गया है. वे जी मीडिया के चीफ सेल्स आफिसर जितेश राजदेव को रिपोर्ट करेंगे. जी टीवी ग्रुप के साथ ये उनकी दूसरी पारी है, इसके पहले वे 2006 से 2009 तक जी न्यूज तथा जी टीवी में सेल्स मैनेजर के पद पर काम कर चुके हैं.

सहारा समूह में अशोक ओहरी की वापसी, मीडिया एडवाइजर बने

: संजय बहादुर भी जुड़े : सहारा समूह में एक तरफ से तमाम मीडियाकर्मियों को निकालने की तैयारी है तो दूसरी तरफ कुछ पुराने लोगों को समूह में ज्‍वाइन कराया जा रहा है. अब तक सहारा की पॉलिसी रही है कि यहां से छोड़कर जाने वालों की वापसी नहीं होती है, लेकिन मुश्किलों से घिरे सहारा श्री ने इस निमय को शायद बदल दिया है. सहारा में मैनेजर के पद पर काम कर चुके अशोक ओहरी की वापसी हुई है. उन्‍हें प्रबंधन ने मीडिया एडवाइजर के पद पर नियुक्‍त किया है. इन्‍होंने कुछ दिन पहले ही लखनऊ स्थित सहारा शहर में ज्‍वाइन किया है.

हे छठी मईया जे हमनी स्ट्रिंगर के सालों से रुलइले बा ओकरो रुलावह माई!

दुर्गापूजा गया, दीपावली गई और अब छठ भी चली गयी. दीपावली के समय महुआ न्यूज़ के कर्मियों ने सेलरी ना मिलने के कारण मैनेजमेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया उसी महुआ न्यूज़ में स्ट्रिंगरों के साल साल भर के पैसे बाकी हैं उसके बारे में किसी नहीं सोचा. सब अपना-अपना पेट भरने में लगे हैं. अरे महुआ न्यूज़ में काम करने वालों! एक दीपावली में पेमेंट नहीं मिलता देख विद्रोह कर दिए, ऐसी कई दीपावली स्ट्रिंगरो ने बिना पैसे मनाई है क्यों नहीं उनके लिए आप लोगों की मानवीय संवेदना जगी.

जागरण, लखनऊ के लोकल इंचार्ज के व्‍यवहार से रो पड़ी महिला पत्रकार

दैनिक जागरण, लखनऊ के लोकल रिपोर्टरों का असंतोष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में लोकल इंचार्ज अजय श्रीवास्तव के व्‍यवहार से तंग आकर कई युवा पत्रकारों ने दैनिक जागरण से को अलविदा कह दिया। इसके बावजूद उनके व्‍यवहार में कोई परिवर्तन नहीं दिख रहा है। कई वरिष्‍ठों का हाथ सिर पर होने से जागरण में उनकी तूती बोल रही है। अजय श्रीवास्‍तव और अजय शुक्‍ला की आपसी अदावत रिपोर्टरों पर भारी पड़ रही है। 

बबलू शर्मा ने दैनिक जागरण ज्‍वाइन किया, नीरज रावत देंगे साधना न्‍यूज से इस्‍तीफा

नेशनल दुनिया के लखनऊ ब्‍यूरो से खबर है कि बबलू शर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर फोटो जर्नलिस्‍ट हैं. बबलू अपनी नई पारी लखनऊ में दैनिक जागरण से शुरू करने जा रहे हैं. इनकी गिनती लखनऊ के तेजतर्रार फोटोग्राफरों में होती है. बबलू ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में फ्रीलांस फोटोग्राफर के रूप में शुरू की थी. सन 2000 में टाइम्‍स ऑफ इंडिया के साथ कानपुर में जुड़ गए. यहां से इस्‍तीफा देने के बाद लखनऊ में हिंदुस्‍तान टाइम्‍स ज्‍वाइन कर लिया. हिंदुस्‍तान से इस्‍तीफा देने के बाद ये लखनऊ में ही डेली न्‍यूज एक्टिविस्‍ट के साथ जुड़ गए. यहां चार साल काम करने के बाद इस्‍तीफा देकर नेशनल दुनिया सक जुड़ गए थे.

बड़े पैमाने पर छंटनी से सहारा मीडिया में कोहराम

Yashwant Singh :  सहारा मीडिया में वैसा ही कुछ उपद्रव चल रहा है जैसा आईबीएन7 में हुआ… जैसा महुआ में हुआ.. सैकड़ों लोगों की छंटनी हो रही है… कई साथियों ने फोन कर पूरा वृत्तांत बताया… एक साथी की पत्नी की डिलीवरी कुछ रोज पहले हुई है, सिजेरियन. वो अभी अस्पताल में हैं. इधर छंटनी की चिट्ठी पकड़ा दी गई. जो नहीं इस्तीफा देना चाह रहा, उसे सहारा वाले कह रहे हैं कि तुमसे निपट लिया जाएगा. सीधे सीधे धमका रहे हैं देख लेने की. काम करने वाले खुद को बेहद कमजोर और तनहा पा रहे हैं… प्रिंट, हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, चैनल, मैग्जीन.. सभी जगह से मीडिया वाले निकाले जा रहे हैं…

हिन्दुस्तान अखबार ने पीड़ितों के खिलाफ ही जांच बिठा दी

हिन्दुस्तान, कानपुर नित नये नये तरीके से अपने कर्मचारियों का शोषण जारी रखे हुए है. इसके लिए उसे किसी कानून का पालन करने की भी परवाह नहीं है. जो हिन्दुस्तान ने अपने कर्मियों को कह दिया वही कानून हो गया. हिन्दुस्तान, कानपुर ने अपने चार कर्मचारियों पारस नाथ शाह, नवीन प्रसाद, अंजनी कुमार और संजय दूबे को श्रम मंत्रालय के रूल्स और रेगुलेशन की धज्जियां उड़ाते हुए नौकरी से निकाल दिया था. अब उसने इन पीड़ितों के खिलाफ ही जांच बिठा दी और इन चारों को जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दे दिया. 

अब ना तो नेहरू चाहिए, ना ही पटेल

कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही पार्टियां आजकल एक छद्म-युद्ध में उलझी हुई हैं। इस वाक्युद्ध का मुद्दा है, ‘जवाहरलाल नेहरू बनाम सरदार वल्लभभाई पटेल'। कांग्रेस इन दोनों नेताओं पर अपना कब्जा दिखाना चाहती है और भाजपा सरदार पटेल को नेहरू के मुकाबले बड़ा बताना चाहती है। पटेल गुजराती थे और नरेंद्र मोदी भी। यदि पटेल को बड़ा बनाया जाए तो उसका सीधा फायदा मोदी को मिलता है, लेकिन पटेल के मामले में कांग्रेस भी पीछे क्यों रहे? वह पटेल को संघ पर प्रतिबंध लगाने और उसकी कड़ी निंदा करने का श्रेय देती है। दोनों पार्टियों के नेता आजकल गड़े मुर्दे उखाडऩे में व्यस्त हैं।

क्या शब्द अल्लाह केवल इस्लाम के लिए आरक्षित है

मलेशिया में एक अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि गैर मुस्लिम भगवान के लिये शब्द 'अल्लाह' का उपयोग नहीं कर सकते. अदालत ने फैसले में कहा कि गैर मुस्लिमों को शब्द अल्लाह के उपयोग की अनुमति देने से समाज और मुल्क में अराजकता फैल सकती है. ईसाइयों का कहना है कि मलाई भाषा में गॉड की जगह वे अल्लाह शब्द का प्रयोग करते आ रहे हैं और ऐसा फैसला उन के अघिकारों का हनन है.

भोपाल में दीपक चौरसिया लाइव : पैर में चप्प्ल, मुंह में गुटखा!

भोपाल : मीडिया इंडस्ट्री के प्रसिद्ध टीवी पत्रकार और इंडिया न्यूज़ के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया चप्पल पहन के न्यूज़ पढते हैं, ऐसा मैंने तब देखा जब दीपक इंडिया न्यूज़ के एक कार्यक्रम में भोपाल आए हुए थे. दीपक चौरसिया भोपाल से लाइव न्यूज़ पढ रहे थे. घटना 08 Nov 2013 की रात 8 से 10 के बीच की है, जब वो भोपाल के मिंटो हाल (पुरानी विधान सभा) में इंडिया न्यूज़ के कार्यक्रम 'किस्सा कुर्सी का' में आए हुए थे. वहां वो पैरों में चप्पल पहने न्यूज़ पढने में मशगूल थे. ऊपर से शर्ट और कोट पहने दीपक आकर्षक लग रहे थे. 

जनसंदेश टाइम्स के कर्मियों को बकाया सेलरी मिली

पिछले काफी समय से वेतन विसंगतियो के शिकार रहे जनसंदेश टाईम्स अख़बार में वेतन रेगुलर हो गया है. अक्टूबर तक की सैलेरी इस माह के शुरुआती दिनों में दी जा चुकी है. पीएफ और ईएसआई के फ्रंट पर भी इस माह में कुछ निर्णायक होने की उम्मीद लोगों को है. गोरखपुर की यूनिट से मेरा संबंध रहा है, हालाँकि पिछले तीन माह से व्यक्तिगत कारण से छुट्टी पर हूँ, इसलिए इस यूनिट की बात करूँ तो एक दिन पहले जब मैं आफिस गया तो वहाँ का माहौल ऊर्जावान दिखा.

चंद्रमोहन ठाकुर और सर्वेश कुमार के बारे में सूचनाएं

दैनिक जागरण, नोएडा से खबर है कि यूपी प्रभारी चंद्रमोहन ठाकुर ने सोनीपत में इनपुट हेड के तौर पर कामकाज संभाला है. बताया जाता है कि संजय मिश्रा अब चंद्रमोहन ठाकुर के अंडर में काम करेंगे.

अवैध खनन के संचालकों से पैसे लेकर गुटों में बंट चुके हैं पत्रकार!

विकासनगर (देहरादून)। पत्रकारिता के क्षेत्र में विकासनगर में इन दिनों काफी हलचल मची हुई है। यमुना नदी में खनन के लिए आवंटित पट्टों के संचालकों से पैसे लेने को लेकर पत्रकार अलग अलग गुटों में बंट चुके हैं। आए दिन पैसे नहीं मिलने पर पत्रकार एक दूसरे के उपर टीका टिप्पणी और गाली गलौच करते नजर आ रहे हैं।

जलता उत्तर प्रदेश और अफसरों की अमेरिकी मौज

लखनऊ : कभी-कभी तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सबको तरस भी आता है। जिस समय प्रदेश बारूद के ढेर पर बैठा हो उस समय प्रदेश का प्रमुख सचिव गृह अमेरिका में दीपावली मना रहा हो तो क्या संदेश लोगों को दिया जा सकता है। मुजफ्फरनगर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में जबरदस्त सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का सामना कर रहे हैं। ऐसे में जो अफसर उनके साथ दिन रात जुटकर प्रदेश की कानून व्यवस्था के विषय में सोंचे उसकी जगह अफसर दीपावली की छुट्टियां कहां मनायें, इस पर विचार कर रहे हैं। पूरी नौकरशाही में इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है कि क्या प्रदेश का गृह विभाग पहले की तरह उसी ढर्रे पर चलेगा या फिर इसमें कोई सकारात्मक बदलाव सामने आयेगा।

अहिंसा और शाकाहार के लिए समर्पित शफीक खान को जैन मुनि ने किया सम्मानित

शफीक खान ऐसे मुसलमान हैं जिनके जीवन का लक्ष्य देश-दुनिया में अहिंसा और शाकाहार का प्रचार करना है. इस नेक काम के लिए उन्हें भारत सरकार की तरफ से महावीर एवार्ड पहले ही मिल चुका है. पिछले दिनों उन्हें एक जैन मुनि ने अपनी तरफ से सम्मानित किया. शफीक खान मध्य प्रदेश के सागर जिले के निवासी हैं. वे विचार संस्था के उपाध्यक्ष भी हैं. 108 आचार्य वर्धमानसागर महाराज जी, जो दिगम्बर तीर्थ क्षेत्र कुण्डलगिरी कुण्डलपुर जी दमोह म0प्र0 में चातुर्मास हेतु विराजे हैं, के सानिध्य में कुण्डलपुर तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्यों एवं आचार्य श्री के भक्तों ने अहिंसा व शाकाहार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए शफीक खान को सम्मानित किया. 

हिंदी दैनिक लोकसत्य को दिल्ली में मीडियाकर्मियों की जरूरत

नई दिल्ली : हिंदी दैनिक लोकसत्य अखबार को कई मीडियाकर्मियों की जरूरत है. अखबार की तरफ से प्रकाशित कराए गए एक विज्ञापन के मुताबिक पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अखबार को ब्यूरो चीफ, रिपोर्टर, सब एडिटर, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव्स, सर्कुलेशन एक्जीक्यूटिव्स और आफिस ब्वाय की जरूरत है.

सरकार को बरेली बड़ा बाईपास का विरोध बर्दाश्त नहीं

बरेली के प्रोफेसर इसरार खान को जिस मामले में पुलिस ने अरेस्ट किया, जेल भेजा और रस्सी से बांधकर कोर्ट में पेश किया, वह मामला बरेली जिले के बाइपास से संबंधित है। बरेली जिले में बड़े बाइपास का मुद्दा एक बड़े किसान संघर्ष के रूप में उभरा है। इन्हीं किसानों को समर्थन देने के कारण प्रोफेसर इसरार खान को गिरफ्ता किया गया।

दिलीप मंडल ने ओम थानवी को समझाया- संपादन के लिए किसी विशेष प्रतिभा की जरूरत नहीं होती

फेसबुक पर कुछ जोरदार पढ़ने को मिल जाता है. अजित राय और दृश्यांतर मैग्जीन को लेकर शुरू हुई एक बहस में दिलीप मंडल (इंडिया टुडे वाले) ने ओम थानवी (जनसत्ता वाले) को समझाया कि संपादन के लिए किसी विशेष प्रतिभा की जरूरत नहीं होती. इस पर ओम थानवी ने चुटकी ली कि पत्रकारिता में आपका यह कथन किसी सूत्र-वाक्य की मानिंद मशहूर हो सकता है. लीजिए, उन कमेंट्स को आप भी पढ़िए.

-एडिटर, भड़ास4मीडिया

जी न्यूज के पत्रकार की पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा कर मौत को गले लगाया

दिल्ली के मयूर विहार इलाके में दहेज ने एक बेटी की जान ले ली। ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने मौत को गले लगा लिया लेकिन 45 पन्नों के अपने सुसाइड नोट में उसने खोल दी अपने बीते हर जुल्म की दास्तां। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार के डीडीए फ्लैट में रहने वाली 28 साल मंजू की शादी मयूर विहार के पत्रकार मनोज विश्‍वकर्मा के साथ फरवरी 2012 में हुई थी।

भारतीय लोकतंत्र में ये मोदी उन्माद बहुत दिनों तक नहीं रहने वाला

यह दावा कोई नहीं कर सकता कि हमारे देश में चुनाव पूर्व सर्वेक्षण पूरी तरह विश्वसनीय होते हैं। दरअसल यह एक व्यावसायिक कर्म है जो किसी चैनल या अखबार को दर्शक या पाठक मुहैया कराता है। सर्वेक्षक अपनी अध्ययन पद्धति को ठीक से घोषित नहीं करते। किसी के पास समय नहीं होता कि उनकी टेब्युलेशन शीट्स को जाँचा-परखा जाए। विधानसभा चुनाव पांच राज्यों में होने हैं लेकिन मीडिया सर्वेक्षण चार राज्यों पर ही केंद्रित कर रखा है। 

पत्रकारिता के नाम पर तुम धब्बा हो बेहूदों

Vinay Sultan : किसी लड़की को आप आंकड़ा बताते है कि "25 फीसदी लड़कियां स्कूली जीवन के दौरान सेक्स कर लेती हैं" इस पर वो एक लड़की कहती है "ये आंकड़े गलत हैं, दरसल सही आंकड़ा 75 फीसदी है।"

आप यूरेका-यूरेका कहते हुए इसे हेडलाइन बना डालते हैं।

सुधीश पचौरी का वीरेन डंगवाल और राजेंद्र यादव के बारे में अश्लील व अशोभनीय लेखन निंदनीय

Dilip C Mandal : सुधीश पचौरी ने वीरेन डंगवाल और राजेंद्र यादव के बारे में जिस तरह का अश्लील और अशोभनीय लेखन किया है, वह निंदनीय है. निंदनीय इसलिए नहीं कि वीरेनदा और राजेंद्र जी का जीवन और लेखन मुझे प्रिय है. सुधीश ने इन दोनों पर ऐसे समय में हमला किया, जब वे अशक्त हैं/थे.

बराबर की झूठी दुनिया में मनीषा पांडेय का मर्म समझिए

Deepak Sharma : धर्म-भेद, जाती-भेद और वर्ग भेद से बड़ा है लिंग भेद जहाँ आप आधी आबादी बीच से दो फाड़ कर देते है. एक बार मैंने एक पोस्ट में कौमार्य शब्द का प्रयोग किया तो यशवंत (भड़ास वाले) ने पहली बार मुझे बुरी तरह कोसा …उन्होंने कहा दीपक भाई आप भी सामंतवादी मानसिकता से पीड़ित हो…आप भी बेहद छोटी सोच के निकले ..आपने निराश किया.

धनंजय जैसा हो धनंजय दंपत्ति का हश्र

करीब एक दशक पहले राष्ट्रीय परिदृश्य में एक नाम सहसा सुर्खियों में छा गया। नाम था धनंजय चटर्जी। मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का था। धनंजय के सुर्खियों में आने के पीछे वजह अदालत द्वारा उसे फांसी की सजा सुनाया जाना था। जिस पर अमल भी शुरू हो गया। धनंजय को फांसी पर लटकाए जाने का दिन निर्धारित हो गया। इस बीच उच्चत्तम न्यायालय और तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उसकी दया याचिका दो बार खारिज कर दी।

संपादक जिसने पद्मभूषण ठुकरा दिया

आज जब लोग पद्मभूषण या सरकारी सुविधाओं के लिए लाइन लगाये खड़े दिख जाते हैं निखिल चक्रवर्ती जैसे लोग याद आते हैं जिन्होंने मूल्यों की रक्षा के लिए इसे ठुकरा दिया था. निखिल चक्रवर्ती जिन्हें उनके चाहने वाले निखिल दा के नाम से पुकारते थे भारत में खोजी पत्रकारिता के मजबूत स्तम्भ के रूप में जाने जाते हैं. निखिल दा वही पत्रकार थे जिन्होंने सन् 1959 में मथाई ट्रस्ट घोटाले का पर्दाफाश कर नेहरू के आदर्शवादी सरकार की चूलें हिला दी थी. निखिल दा के इस खुलासे के बाद तत्कालीन वित्तमंत्री टी टी कृष्णमाचारी और नेहरू के निजी सचिव एम ओ मथाई को इस्तीफा देना पड़ा था. बीते 3 नवम्बर को निखिल चक्रवर्ती की सौंवी जयन्ती थी.

सहारा मीडिया में 120 लोगों की छंटनी की लिस्ट तैयार, आज से इस्तीफा मांगा जाना शुरू

सहारा मीडिया से एक बड़ी खबर है. बताया जा रहा है कि करीब 120 लोगों की छंटनी करने का अभियान शुरू कर दिया गया है. लिस्ट बन चुकी है. सूत्रों के मुताबिक इस लिस्ट में उपेंद्र राय समर्थक बड़ी संख्या में हैं. एचआर ने आज से बुला-बुला कर इस्तीफा लेना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि यह लिस्ट जयब्रत राय की देखरेख में तैयार कराई गई है.

बाप रे बाप, NBT Mumbai में इतनी गल्तियां!

8 नवम्बर के नवभारत टाइम्स, मुंबई के पेज 3 पर छपी खबरों में गल्तियों की भरमार है। बासी खबरें देने वाले एनबीटी में अब फ्रूफ भी नहीं पढ़ा जाता। ''इनके टिकट पक्के है'' खबर में मुकुल वासनिक को मुकुल वासिनक, आनंदराव को आनंदवार, वर्धा को वधार, फ़िलहाल की जगह फलिहाल छपा है। एक दूसरी न्यूज़ 'सायकल से देश भ्रमण' में छपा है झारखण्ड के नेपाल तक (नेपाल झारखण्ड में कब शामिल हुआ), करके रहेंगे की जगह करे और तो की जगह को छपा है।

भदोही के पत्रकार सुरेश गांधी का उत्पीड़न करने वाला कोतवाल निलंबित

भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी का उत्पीड़न करने वाले कोतवाल संजयनाथ तिवारी को वाराणसी जोन से हटाकर लखनऊ जोन भेज दिया गया है। यह कार्रवाई श्री गांधी द्वारा दायर की गई याचिका की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद की डबल बेंच के न्यायमूर्ति द्वारा प्रमुख गृह सचिव व भदोही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित कोतवाल को नोटिस भेजकर जवाब तलब करने व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा एसपी भदोही से कार्रवाई रिपोर्ट मांग जाने के बाद की गयी है।

नवीन पांडेय बने चैनल वन के मैनेजिंग एडिटर, शिवेंद्र कुमार सिंह एबीपी न्यूज से इंडिया टीवी पहुंचे

टीवी जगत से दो सूचनाएं हैं. इंडिया टीवी से इस्तीफा देने वाले नवीन पांडेय के बारे में जानकारी मिली है कि उन्होंने चैनल वन में बतौर मैनेजिंग एडिटर ज्वाइन कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कल ज्वाइन करने के बाद चैनल वन कर्मियों की मीटिंग भी ली. पर चैनल वन वालों का कहना है कि मालिकों के अनप्रोफेशनल रवैये के कारण यहां कोई नहीं टिका तो नवीन पांडेय कितने दिन टिक पाएंगे. कहा जा रहा है कि नवीन पांडेय ने इंडिया टीवी जैसा ब्रांड छोड़कर चैनल वन ज्वाइन कर अपने करियर के लिए बड़ा रिस्क लिया है.

चंडीगढ़ से प्रसारित धार्मिक चैनल ‘दिव्य’ पर इनकम टैक्स की छापेमारी, काले धन की आशंका

वीरवार सुबह चंडीगढ़ में आयकर विभाग की तरफ से शहर के बड़े कारोबारी सम्राज्य 'पॉल मर्चेंट्स' और इसी ग्रुप द्वारा संचालित एक धार्मिक चैनल पर छापा मारा गया। छापे के फौरन बाद पॉल मर्चेंट्स में अफरा तफरी का माहौल हो गया। सुबह से चले इस छापे के दौरान किसी को बाहर या अन्दर आने की अनुमति नहीं दी गई। सूत्रों की मानें तो पॉल मर्चेंट्स पर आयकर विभाग की काफी दिनों से नजर थी। पॉल मर्चेंट्स ने वेस्टर्न यूनियन के साथ साथ ट्रेवल्स और रियल एस्टेट में भी पैसा लगाया हुआ है।

नारायण साईं ने भी बना ली राजनीतिक पार्टी, नाम है ‘ओजस्वी पार्टी’

नई दिल्ली : यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार कथावाचक आसाराम बापू के पुत्र नारायण साई ने ‘ओजस्वी पार्टी’ नाम से एक राजनीतिक पार्टी बना ली है। मीडिया रिपोर्टों में गुरुवार को यह दावा किया गया। ‘ओजस्वी पार्टी’ के उपाध्यक्ष होने का दावा करने वाले स्वामी ओमजी ने ज़ी मीडिया से कहा कि साई पुलिस से भाग नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि साई अपनी पार्टी के प्रचार में जुटे हैं और लोगों से मिल रहे हैं।

आसाराम समर्थकों की शिकायत पर एनबीएसए ने इंडिया टीवी को फटकारा, पढ़ें पत्र

एनबीएसए की एक बैठक में आसाराम समर्थकों की उस शिकायत का संज्ञान लिया गया जिसमें कहा गया है कि 'बदनाम बापू' टाइटिल से कार्यक्रम का जो प्रसारण किया गया उसमें आसाराम के बारे में खराब शब्दों का इस्तेमाल किया गया. एनबीएसए ने इंडिया टीवी को फटाकर लगाते हुए कहा है कि उसे शब्दों के चयन में और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है. उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम 17 मार्च 2013 को दिखाया गया जो होली पर आसाराम द्वारा पानी के दुरुपयोग से संबंधित था. एनबीएसए की तरफ से इंडिया टीवी को भेजा गया पत्र यूं है…

रुबिका लियाकत, रोमाना इसार, सुहेल, राजीव रंजन, दुष्यंत, अमरमणि के बारे में सूचनाएं

न्यूज24 से रूबिका लियाकत ने इस्तीफा देकर जी न्यूज ज्वाइन कर लिया है. उधर, जी न्यूज से एंकर रोमाना इसार खान इस्तीफा देकर न्यूज24 ज्वाइन किया है. न्यूज24 के साथ एंकर सुहेल ने भी नई पारी की शुरुआत की है. सुहेल न्यूज नेशन, पी7न्यूज में काम कर चुके हैं. जी न्यूज से ही राजीव रंजन सिंह ने इस्तीफा देकर न्यूज24 का दामन थामा है.

जागरण जैसे सांप्रदायिक अखबार में नौकरी करने के बजाय पत्रकारिता से इस्तीफा देना ज्यादा मुनासिब समझूंगा

Wasim Akram Tyagi : जो लोग जागरण के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम को केवल मेरी मुहिम मान रहे हैं उन्हें समझाना जरा मुश्किल है, कुछ लोग यहां तक कह रहे हैं कि जागरण ने मुझे नौकरी से निकाल दिया होगा, या मुझे नौकरी नहीं दी होगी इसलिये मैं उसके खिलाफ लिख रहा हूं तो उनकी जानकारी के लिये बता दूं कि मैं जागरण जैसे सांप्रदायिक अखबार में नौकरी करने के बजाय पत्रकारिता से इस्तीफा देना ज्यादा मुनासिब समझूंगा।

नेशनल दुनिया, दिल्ली में वैकेंसी है, अप्लाई करें

नेशनल दुनिया अखबार के दिल्ली संस्करण में वैकेंसी है. इस बाबत अखबार में विज्ञापन का प्रकाशन किया गया है. नेशनल ब्यूरो से लेकर रिपोर्टिंग व फीचर तक के लिए आवेदन मांगे गए हैं. दस नवंबर तक आनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. बाकी डिटेल विज्ञापन में देखें, जो नीचे प्रकाशित किया गया है…

रामेश्वरम हिंदी पत्रकारिता के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

झांसी। गत वर्ष की भांति इस बार भी रामेश्वरम संस्थान, झांसी के तत्वावधान में दशम रामेश्वरम हिंदी पत्रकारिता के पुरस्कार हेतु पत्रकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। उक्त पुरस्कार हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय, विशिष्ट, महत्वपूर्ण योगदान लेखन के लिए दिया जाता है। उक्त पुरस्कार 17 दिसंबर 2013 को झांसी में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। उक्त पुरस्कार झांसी के प्रतिष्ठित पत्रकार समाजसेवी स्व. रामेश्वर दयाल त्रिपाठी की पुण्य स्मृति में संस्थान द्वारा स्थापित किया गया है।

अजीत अंजुम को कांग्रेस वाले चंचल ने दिया जवाब

Chanchal Bhu : भाई अजित अंजुम के लिए -बहस का मुद्दा -एक- महगाई. बुलाइए सभी दलों को. पूछिए कहां है महंगाई? किन किन पदार्थों के दाम बढे हैं?
एक रटा रटाया जवाब आएगा -दाल, मूली , आलू , प्याज .पेट्रोल.
और ?
बस.
बस क्यों?

चैनलों के ‘जनतंत्र’ में दलितों के लिए जगह नहीं है

एक ऐसे दौर में जब कई न्यूज चैनल देश की ‘अंतरात्मा की आवाज़’ होने का दावा कर रहे हैं, स्टूडियो में रोजाना प्राइम टाइम अदालतें लगा रहे हैं, देश की स्वयंभू आवाज़ बनकर जोरशोर से सवाल पूछ रहे हैं, भ्रष्टाचार से लेकर बलात्कार तक के खिलाफ लड़ाई में खुद को सबसे बड़े धर्मयोद्धा घोषित कर चुके हैं, उस समय यह जानते हुए भी कि वे खुद से सवाल पूछा जाना पसंद नहीं करते हैं और अपने को हर सवाल से ऊपर मानते हैं, उनसे भी सवाल पूछने और कटघरे में खड़े करने का समय आ गया है.

मायावती के प्रशंसकों-समर्थकों की जानकारी के लिए मायावती द्वारा यूपी में दलित हित में किये गए कुछ कार्य यूं हैं…

S.r. Darapuri : मायावती के प्रशंसकों/समर्थकों की जानकारी के लिए मायावती द्वारा उत्तर प्रदेश में दलित हित में किये गए कार्य :

१. मायावती ने अपने शासनकाल में अपने बहुत बड़े प्रशंसक और समर्थक बुद्ध शरण हंस की पुस्तक "ब्राह्मणवाद से बचो" को उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया था.

विनोद कापड़ी की फिल्म ‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ की शूटिंग के कुछ दृश्य

पत्रकारिता के बाद अब फिल्म जगत में सक्रिय विनोद कापड़ी इन दिनों अपनी फिल्म 'मिस टनकपुर हाजिर हो' की शूटिंग में व्यस्त हैं. सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म में ओम पुरी, अन्नू कपूर, रवि किशन, संजय मिश्रा, ऋशिता भट्ट, राहुल बग्गा जैसे सिने कलाकार काम कर रहे हैं. फिल्म की शूटिंग हापुड़ में चल रही है. फिल्म को 40 दिनों के अंदर पूरा कर लेने की योजना है. विनोद कापड़ी ट्विटर के जरिए फिल्म शूटिंग के कुछ अपडेट लगातार दे रहे हैं और कुछ तस्वीरें भी शेयर कर रहे हैं. पेश है उनके कुछ ट्वीट और कुछ तस्वीरें….

हम शर्मिंदा हैं प्रोफेसर इसरार खान साहब

Samar Anarya :  हम शर्मिंदा हैं प्रोफ़ेसर इसरार खान साहब. और पता नहीं शर्मिन्दा हैं भी या नहीं क्योंकि हम मर गए लोग हैं और मुझे पता नहीं कि मर गए लोगों को शर्म आती भी है या नहीं. ऐसे लोग जिनके सामने पुलिस हत्यारों को माननीय सांसद/मंत्री जी कहती है और जनता के लिए लड़ने वाले एक बुजुर्ग प्रोफ़ेसर को रस्सियों में बाँध घसीटते हुए अदालत लाती है.

रस्सी में बंधा ये व्यक्ति रुहेलखंड विवि के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डा. इसरार खान हैं
http://bhadas4media.com/state/up/bareilly/15663-2013-11-07-12-02-14.html

हिंदी पत्रकारिता से गायब है विशेषज्ञ लेखन

हिंदी पत्रकारिता में विशेषज्ञ लेखन की स्थिति सोचनीय है। हिंदी प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रानिक मीडिया दोनों में ही विशेषज्ञ पत्रकारों की संख्या नगण्य है। विज्ञान, रक्षा, पर्यावरण, विदेश नीति, अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक मामलों का कवरेज करते समय अक्सर गुणवत्ता में कमी देखने को मिलती है। भारत के मंगल अभियान कवरेज के दौरान भी हिंदी अखबारों और न्यूज चैनलों में विज्ञान पत्रकारिता के संबंध में विशेषज्ञता की कमी दिखाई दी।

“Journalism, one thought was for educating the people, not for satisfying their curiosity”

नीचे जो लेख दिया जा रहा है वह प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन रहे पूर्व जस्टिस पी बी सावंत के द्वारा भेजे गये संदेश का संक्षिप्त पाठ है. यह संदेश उन्होंने दो नवम्बर को नई दिल्ली में भारत के एडिटर्स गिल्ड एसोशिएशन द्वारा मेनस्ट्रीम पत्रिका के संपादक रहे और पत्रकारिता के शिखर पुरुष स्व निखिल चक्रवर्ती की सौवीं जयंती के अवसर पर आयोजित मीडिया की स्थिति पर एक संगोष्ठी में भेजा था.

प्रभाषजी की चौथी पुण्यतिथि दस को, कालूराम बामनिया और उनके साथी गाएंगे कबीर भजन

जाने माने पत्रकार प्रभाष जोशी की चौथी पुण्यतिथि 10 नवंबर 2013 दिन रविवार को है. इस मौके पर शाम चार बजे गाजियाबाद के वसुंधरा में सेक्टर 4 c स्थित मेवाड़ संस्थान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इसमें देवास से कबीर गायक कालूराम बामनिया और उनके साथियों का गायन भी होगा. आप सभी को इस आयोजन में शामिल होने के लिए प्रभास न्यास की तरफ से आमंत्रित किया जा रहा है.

रायगढ़ जिले के अखबारों में छपी सात खबरों को चुनाव आयोग ने ‘पेड न्यूज’ माना

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चुनाव आयोग ने मीडिया में छपे सात समाचारों को पेड न्यूज मानते हुए इनके व्यय को राजनैतिक दलों के खाते में जोड़ने के लिए कहा है. आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने अभी तक चार स्थानीय हिंदी अखबारों में प्रकाशित सात समाचारों को पेड न्यूज मानते हुए इनके व्यय को राजनैतिक दलों के खाते में जोड़ने के लिए कहा है.

रस्सी में बंधे ये शख्स रुहेलखंड विवि के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डा. इसरार खान हैं

बरेली में इन दिनों बड़ा बाईपास का मसला गरमाया हुआ है. किसान आंदोलित हैं. इन किसानों को भड़काने के जुर्म में एक प्रोफेसर को पुलिस ने कई रोज पहले न सिर्फ गिरफ्तार कर लिया बल्कि ऐसी ऐसी धाराएं लगाईं कि उन्हें जेल जाना पड़ा. कल उन्हें जब अदालत में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था तो पुलिस ने उन्हें रस्सियों में बांध रखा था. जैसे कोई चोर उचक्के या आतंकवादी या हार्डकोर क्रिमिनल हों.

साधना न्यूज, लखनऊ में मचा हुआ है घमासान, मामला पुलिस तक पहुंचा

साधना न्यूज, लखनऊ में घमासान मचा हुआ है. बताया जाता है कि यहां वसूली, धमकी, छेड़खानी, उगाही का धंधा चरम पर है और इस कारण मामला पुलिस तक भी पहुंचा है. ये चैनल फ्रेंचाइजी मोड में है. पैसे देकर फ्रेंचाइजी लेने वाले मार्केट से पैसे निकालेंगे ही, सो माइक आईडी बेचने का खेल चल रहा है. एक महिला रिपोर्टर से छेड़खानी का भी मामला पता चला है जिसके बाद मार पिटाई और पुलिस में शिकायत तक का घटनाक्रम हुआ.

‘के. न्यूज’ चैनल में हालात हो रहे बद से बदतर, छह माह बाद भी नहीं मिले नियु्क्ति पत्र

: नहीं कटता पीएफ और ईएसआई : हनुमंत राव भी मालिकों की मनमानी से लाचार : कानपुर से चलने वाले चैनल 'के. न्यूज' में कई मालिकों के होने के कारण चैनल का बंटाधार होने की हालत बन गई है. 6 माह पहले शुरू हुए इस चैनल में हनुमंत राव अपने साथ कई लोगों को लेकर जुड़े तो लगा कि चैनल चल जाएगा, पर चैनल धीरे धीरे आगे बढ़ने को कौन कहे, गर्त में जाने लगा है.

इंडिया टीवी : नवीन पांडेय के जाने और सुकेश रंजन के आने की चर्चाएं

इंडिया टीवी में उठापटक का दौर जारी है. दो चर्चाएं भड़ास तक पहुंची हैं. एक तो ये कि लंबे समय से इंडिया टीवी के साथ वरिष्ठ पद पर कार्यरत नवीन पांडेय ने इस्तीफा दे दिया है. चर्चाओं के मुताबिक नवीन पांडेय जल्द ही किसी चैनल के साथ बड़े पद पर जुड़ने वाले हैं. नवीन पांडेय सहारा समय समेत कई न्यूज चैनलों में एंकर, प्रोड्यूसर, एडिटर रह चुके हैं. वे दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसे अखबारों के साथ भी काम कर चुके हैं.

अनधिकृत लोगों की सुरक्षा हटायें और उनसे पंद्रह दिन में वसूली करें : हाईकोर्ट

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर  द्वारा उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सुरक्षाकर्मी दिये जाने सम्बंधित पीआईएल में सरकार के हलफनामे से कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं. सुरक्षा शाखा के डिप्टी एसपी अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से प्रस्तुत हलफनामे के अनुसार वर्तमान में अधिकृत सूची के बाहर कुल 830 लोगों को सरकार द्वारा सुरक्षा दी गयी है.

नेता ने पत्रकार से कुबूल किया- तीस-तीस रुपये लेकर अवैध झुग्गियों को संरक्षण देता हूं

Sandeip Agrawal : मुजफ्फरनगर दंगों में आज तक के स्टिंग उबरने के संदर्भ में, मैं अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत का एक अनुभव साझा करना चाहूंगा…हम एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय दैनिक के लिए दिल्ली के इलाकों में 'आपके विधायक आपकी नजर' श्रंखला के लिए काम कर रहे थे. इसमें हर विधानसभा क्षेत्र की जनता से बात और फिर उनकी कही बातों पर विधायक की प्रतिक्रिया को शामिल करना था.

जितेन ठाकुर, संतराम पांडेय, ब्रजेश व्यास, छगन तिवाड़ी, कमल अग्रवाल, सुनील शर्मा की नई पारी

भास्कर ग्रुप अपना टी वी चैनल लेकर आने वाला है. बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में इस चैनल की जितेन ठाकुर को सौंपी गई है. उधर मेरठ से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार संतराम पांडेय जनसंदेश टाइम्स, मेरठ के संपादक बन गए हैं. इसके पूर्व संतराम पांडेय सुभारती मीडिया लिमिटेड के दैनिक प्रभात से जुड़े थे. पाण्डेय जी की पत्रकारिता जगत में एक भले मानुष की छवि है. वे बीते तीन दशक से पत्रकारिता से जुड़े हैं.

दैनिक जागरण और इसके सारे प्रकाशनों का बहिष्कार करना होगा

Wasim Akram Tyagi : पत्रकारिता के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने वाले अखबार दैनिक जागरण में काम करने वाले मुस्लिम पत्रकार भी उसी श्रेणी में आते हैं जिस श्रेणी में मीर सादिक और मीर जाफर आते हैं। उन्होंने उस वक्त अंग्रेजों के साथ मिलकर सिराजुद्दौला और टीपू सुल्तान के साथ गद्दारी की थी और ये संघ परस्त पांचजन्य के मुखौटे दैनिक जागरण के साथ मिलकर देश को सांप्रदायिक आग के हवाले करने के मंसूबे को खाद पानी दे रहे हैं।

छठ उत्सव में रवि किशन ने गाया ”मोबाइल चोली में रखबू त सिम लॉक हो जाई”

अभी अभी प्रवासी महासंघ नोएडा का छठ उत्सव 2013 देखकर घर लौटा हूँ। भोजपुरी सुपर स्टार रवि किशन, गायिका कल्पना और देवी मुख्य आकर्षण थे और सच पूछिए तो नोएडा स्टेडियम में भारी भीड़ इन्ही को देखने सुनने इकट्ठी हुई थी। ये तीनों मेरे मित्र हैं और प्रिय भी हैं। देवी के कई Interview कर चुका हूँ और मंचो पर इनके साथ स्टेज शोज भी होस्ट कर चुका हूँ। इसलिए इनकी रुचि जानता हूँ।

‘शाह टाइम्स’ की चौकड़ी और शाहनवाज राणा की गालियां

मुजफ्फरनगर में 'शाह टाइम्स' के अखबार का दफ्तर था मगर वातावरण अखबार जैसा नहीं था। पत्रकार और गैर पत्रकार आपस में गाली गलौच की भाषा का प्रयोग खुल कर करते थे। अखबार के कार्यालय का माहौल सब्जी मंडी जैसा था। कोलाहल इतना कि कान पड़ी सुनाई नहीं देती थी। शुरू शुरू में बड़ा डर लगा। सोचा कहां आ कर फंस गया। मगर बाद में तय किया कि इस माहौल को तो बदलना ही होगा।

पत्रकारों की हत्या की जिम्मेदारी अलकायदा ने ली

डकार (सेनेगल) : उत्तरी अफ्रीका में अलकायदा की शाखा ने उन दो फ्रांसीसी रेडियो पत्रकारों की हत्या की जिम्मेदारी ली है जिनका पिछले सप्ताह के आखिर में उत्तरी माली से अपहरण कर लिया गया था। यह जानकारी सहारा मीडिया की वेबसाइट पर ऑनलाइन जारी किए गए एक बयान में दी गई है। पहले इस पोर्टल का उपयोग जिहादी करते थे।

रितुल जोशी छुट्टी पर, आजतक में तरह-तरह की चर्चाएं

खबर है कि आजतक न्यूज चैनल की स्टार एंकर रितुल जोशी इन दिनों छुट्टी पर चल रही हैं. संभवतः विदेश गई हुई हैं. डिप्टी एडिटर पद पर कार्यरत रितुल को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं. कोई कह रहा है कि वो इंडिया टीवी जाने वाली हैं तो कोई उनका नाम न्यूज नेशन चैनल से जोड़ रहा है. कभी शैलेश जी न्यूज में हुआ करते थे और रितुल जोशी भी. इसी कारण न्यूज नेशन की चर्चा चल रही है लेकिन न्यूज नेशन जिस तरह से फ्लाप शो साबित हुआ है तो कोई आजतक न्यूज चैनल छोड़कर इस चैनल से क्यों जुड़ने जाएगा.

भड़ास पर मेरे यानि नीरज पटेल को लेकर छपी खबर के संबंध में…

आदरणीय यशवंत जी, आपकी रिपोर्ट एक है मुझसे यानि नीरज पटेल से संबंधित. इसे पढ़कर मुझे अच्छा नहीं लगा. बल्कि दिल दुखा इसे पढ़कर. कम से कम मेरे बारे में लिखने से पहले मुझसे एक बार बात तो कर लेते. इससे खबर में जो तथ्यों की कमी हुई है वो न होती… मुझे खुशी है कि आपने मेरे बहाने कारपोरेट मीडिया की हकीकत दिखाने की कोशिश की लेकिन आपको नहीं लगता कि आपने इस लेख के द्वारा अपने इस भाई को मुसीबत में डाल दिया है….

एक हैं नीरज पटेल : वे संपादकों को खटकने लगे, संपादक उन्हें पटकने लगे

एक हैं नीरज पटेल. नाम से जाहिर है कि पिछड़ी जाति के हैं. सो, यकीन के साथ कोई भी कह सकता है कि इन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मास कम्युनिकेशन यानि आईआईएमसी तक पहुंचने में कितनी जद्दोजहद करनी पड़ी होगी. नीरज पटेल न सिर्फ आईआईएमसी पहुंचे बल्कि अपनी प्रतिभा से सबको लोहा मनवाया. लगातार नए नए एंगल से सोचने, लिखने, बात करने वाले नीरज पटेल की नियुक्ति एक दिन हिंदी दैनिक हिंदुस्तान के आगरा संस्करण में हो गई. वहां उन्हें नगर निगम समेत कई बीट कवर करने को थमा दिया गया. नीरज पटेल रिपोर्टिंग करने लगे.

मौसमी कीड़ों-मकोड़ों से घबराना नहीं चाहिए, मौसम बदलते ही ये खुद ब खुद गायब हो जाएंगे…

Yashwant Singh :  'इंटरनेट हिंदुओं' उर्फ 'साइबर हिंदुओं' को बिलकुल ठीक-ठीक पहचान कर खोज निकालने वाले और ऐसे 'प्राणियों' से बाकियों को एलर्ट करने वाले इंडिया टुडे के एडिटर Dilip C Mandal बधाई के पात्र हैं… कृपया 'साइबर हिंदुओं' की पहचान को आप भी ठीक से जान लें ताकि इन्हें बूझने में कोई चूक न हो…

एक चैनल का मालिक, जो संपादक भी है, उसकी फोटू ओवी वैन पर है, लेकिन उसका चेहरा सलामत नहीं

Yashwant Singh : जब चैनल का मालिक ही चैनल का संपादक हो तो ओवी वैन पर खुद की फोटू क्यों न लगाए… आखिर घर की मुर्गी साग बराबर ही तो होती है… पर बुरा हो मुएं उन पत्रकारों-कर्मचारियों का जिन्हें ये नहीं दिख रहा कि मालिक का मुंह आंख चेहरा कट कुटा गया है…

तो इसलिए विनोद कापड़ी को बाहर कर खुद प्राइम टाइम की एंकरिंग कर रहे हैं रजत शर्मा!

कहानी अब साफ हो रही है. असल में विनोद कापड़ी टीआरपीबाज कलाकार है, इसलिए चुनावों के इस मौसम में उसकी कोई जरूरत रजत शर्मा के इंडिया टीवी को थी नहीं. कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव. इतने दिनों तक पूरा देश पोलिटिसाइज हुआ रहेगा. लोग राजनीतिक मसलों को ज्यादा ध्यान से देखेंगे, सुनेंगे. ऐसे में दुनिया के खत्म हो जाने सरीखी फर्जी स्टोरी और इस स्टोरी से जुड़ी गुफा के नीचे से निकलती नाक दबाई आवाज की कोई जरूरत रह नहीं गई थी.

इंडिया टुडे वालों ने बहुत कायदे से ‘इंटरनेट हिंदू’ को पहचाना-पकड़ा है

इंडिया टुडे वालों ने बहुत कायदे से 'इंटरनेट हिंदू' को पहचाना-पकड़ा है… इन 'साइबर हिंदुओं' ने इतना जहर घोल दिया है नेट पर, इतना कुतर्क फैला दिया है सोशल मीडिया में कि उर्दू, इस्लाम, अल्पसंख्यक, सेकुलर आदि के पक्ष में सदाशयता व ईमानदारी से बात करने वाले कई सारे लोग धीरे-धीरे अब चुप्पी साधने लगे हैं… इस डर से कि कहीं ये 'इंटरनेट हिंदू' गिरोह उन पर 'साइबर अटैक' न कर दे और अंडबंडसंड लिख लिख कर उनकी फजीहत न करा दे…

अपनी किस्मत पर आंसू बहाते रहे कस्बे के टाकीज अब नहीं रहे

1982 की बात है….उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मेरे ननिहाल के नजदीकी कस्बे बैरिया में एक सिनेमा हॉल खुला। उसके मैनेजर बनाए गए थे हमारे रिश्ते के एक चाचा। उन दिनों पूर्वी उत्तर प्रदेश के गांवों में सिनेमा देखने को चरित्र से जोड़कर देखा जाता था। ऐसी मान्यता थी कि जो सिनेमा देखता है और खासकर अगर वह छात्र हुआ तो समझो उसकी पढ़ाई-लिखाई गई तेल लेने…शायद शिक्षा से सिनेमा के बने इसी आंखमिचौली वाले रिश्ते की वजह से उन दिनों गांवों में सिनेमा देखने को चरित्रहीनता की तरह देखा जाता था.।

पहले राजेंद्र यादव, फिर केपी सक्सेना और अब डा. परमानंद श्रीवास्तव….

हम अभी कथाकार व ‘हंस’ के संपादक राजेन्द्र यादव तथा व्यंग्य लेखक के पी सक्सेना के बिछुड़ जाने के दुख से उबरे भी नहीं थे कि जाने माने कवि व वरिष्ठ आलोचक डा0 परमानन्द श्रीवास्तव के निधन ने उदासी को और गहरा कर दिया है। पिछले सप्ताह से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उन्हें वेटिलेटर पर रखा गया था। हम कामना कर रहे थे कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो जाय। हमने यह आशा भी लगा रखी थी कि शायद कोई चमत्कार हो जाय। लेकिन यह सब मन का भ्रम ही साबित हुआ। आखिरकार उन्होंने हमारा साथ छोड़ दिया।

खाने के बिल संबंधी नोटिस पर चंडीगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने महासचिव व सभी सदस्यों को भेजा जवाब (पढ़ें पत्र)

Dear Members,  I would like to bring to your attention, a recent notice issued to me by the Secretary General that accused me of having two outstanding bills in my name. The first bill pertains to a party on the eve of the Club Elections and second to the victory party after election results were declared. The Governing Council in its meeting on October 31, 2013 reviewed the notice and recorded its observations that have been e-mailed to you and copy of the same have been put up on the club notice board.  

महिला पत्रकार ने पास मांगे तो डीपीआरओ बोले- साथ घूमने चलो

खबर करीब महीने भर पुरानी है. बीते नवरात्र के आसपास की. ये खबर भड़ास के मेलबाक्स में पड़ी रह गई थी, ढेर सारी मेल के बीच में दब-छिप कर. पर आज जब इस पर नजर पड़ी तो लगा कि इसे पाठकों के समक्ष लाया जाना चाहिए. आखिर महिला पत्रकार से ऐसा कहने की हिम्मत भला कैसे कर सकता है कोई डीपीआरओ. पर इससे बड़ी बात ये कि अपने घरों के मामले में घनघोर चुप्पी साधे रखने वाले मीडिया हाउसेज दूसरों के घरों में चलने वाले मामलों को कितने चटखारे लेकर छापते हैं, वो भी इस खबर से आप समझ सकते हैं. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

क्या दैनिक जागरण, बुलंदरशहर की यह खबर पेड न्यूज कैटगरी की है?

बुलंदशहर से भड़ास के एक पाठक ने दैनिक जागरण अखबार में प्रकाशित एक न्यूज की कटिंग भेजकर इसे पेड न्यूज श्रेणी की खबर बताया है. इस पाठक का कहना है कि पूरी खबर एक नेता के होर्डिंग पर आधारित है. यह विज्ञापन फ्री में छप गया और उसके बहाने इतनी बड़ी खबर भी छप गई, इससे नेता को काफी चुनावी लाभ मिल सकता है. मेल में कहा गया है कि ये खबर पेड न्यूज कैटगरी की है. आप भी पढ़िए और सोचिए कि ये पेड न्यूज है या नहीं….

टाइम्स नाऊ से निकाले गए बोरिया मजूमदार इंडिया टुडे ग्रुप में कंसल्टिंग एडिटर (स्पोर्ट्स) बने

खबर है कि टाइम्स नाऊ न्यूज चैनल से हटाए गए बोरिया मजूमदार को अरुण पुरी ने अपने यहां रख लिया है. उन्हें इंडिया टुडे ग्रुप में कंसल्टिंग एडिटर (स्पोर्ट्स) बनाया गया है. इस बारे में जारी इनटरनल मेल में कहा गया है कि बोरिया मजूमदार हेडलाइंस टुडे के साथ जुड़कर काम करेंगे और अपनी दक्षता से पूरे ग्रुप को लाभान्वित करेंगे. मजूमदार ने आक्सफोर्ड से स्पोर्ट्स में डाक्टोरल डिग्री ली है. उनके नाम कई तरह के एवार्ड और फेलोशिप हैं.

पत्रकार भाइयों पर फर्जी मुकदमा लगाने में जादूगोड़ा के पूर्व थाना प्रभारी दाडेल सीआईडी जांच में भी दोषी

आदरणीय यशवंत भाई, आपको जानकार बहुत खुशी होगी कि झारखंड जमशेदपुर के जादूगोड़ा थाना के पूर्व थाना प्रभारी नयन सुख दाडेल, जिन्होंने मुझे और मेरे भाई को झूठा मामला दर्ज कराकर जेल भेज दिया था, पर विभागीय गाज गिरनी शुरू हो गयी है. जहां पुलिस प्रशासन में दाडेल जैसे भ्रष्ट अधिकारी हैं वहीं बहुत से ऐसे अधिकारी भी हैं जिनकी वजह से जनता का विश्वास कानून व्यवस्था पर टिका हुआ है.

: स्मृतिशेष : बसंत कुमार तिवारी यानि स्वाभिमानी जीवन की पाठशाला

छत्तीसगढ़ के जाने-माने पत्रकार और ‘देशबंधु’ के पूर्व संपादक बसंत कुमार तिवारी का न होना जो शून्य रच है उसे लंबे समय तक भरना कठिन है। वे एक ऐसे साधक पत्रकार रहे हैं, जिन्होंने निरंतर चलते हुए, लिखते हुए, धैर्य न खोते हुए, परिस्थितियों के आगे घुटने न टेकते हुए न सिर्फ विपुल लेखन किया ,वरन एक स्वाभिमानी जीवन भी जिया । उनके जीवन में भी एक नैतिक अनुशासन दिखता रहा है। छत्तीसगढ़ की मूल्य आधारित पत्रकारिता के सबसे महत्वपूर्ण हस्ताक्षर बसंत कुमार तिवारी राज्य के एक ऐसे विचारक, लेखक और वरिष्ठ पत्रकार के रूप में सामने आते हैं, जिसने अपनी पूरी जिंदगी कलम की साधना में गुजारी।

जालौन के पत्रकार नीलेंद्र को मातृ शोक

जालौन /उरई। इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार नीलेन्द्र प्रताप सिंह की मां का आज लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनकी आयु लगभग 50 वर्ष थी। बताया जाता है कि वे कैंसर से पीड़ित थीं और कुछ दिनों पहले ही डाक्टरों ने जवाब देकर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था जिसके बाद घर में ही परिजन उनकी देखभाल कर रहे थे।

प्रणय यादव मुंबई से दिल्ली लौटे, सुशांत घाटे की नई पारी

दो सूचनाएं हैं. सूत्रों से मिली खबर के अनुसार प्रणय यादव का टीवी9, मुंबई से नाता टूट चुका है और वो दिल्ली की ओर रवाना हो गए हैं. ये नहीं पता चला है कि वे दिल्ली में किसी नए न्यूज चैनल के साथ जुड़ रहे हैं या फिलहाल आराम फरमाने के मूड में हैं. प्रणय कई न्यूज चैनलों में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं.

सीबीआई ने आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड में गुजरात के भाजपा सांसद को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली : सीबीआई ने आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की हत्या के सिलसिले में मंगलवार को गुजरात से भाजपा सांसद दीनू बोघा सोलंकी को गिरफ्तार किया। जेठवा ने राज्य के गिर जंगलों तथा एशियाई शेरों के अंतिम आवास स्थल में गैर-कानूनी खनन के विरुद्ध अभियान छेड़ रखा था। गुजरात के जूनागढ़ से लोकसभा सदस्य सोलंकी आज सुबह सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। उनसे दिन भर पूछताछ के बाद सीबीआई के एक दल ने उन्हें गिरफ्तार किया है। सीबीआई के प्रवक्ता कंचन प्रसाद ने कहा, ‘जूनागढ़ से लोकसभा सांसद को आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा के हत्या मामले में हिरासत में लिया गया है।’

‘न्यूज एक्सप्रेस’ चैनल प्राफिट में आया

जब बड़े-बड़े चैनल घाटे में जा रहे हों और न्यूज चैनल चलाना घाटे का धंधा बन गया हो तब किसी न्यूज चैनल की तरफ से ये ऐलान किया जाए कि उनका चैनल लाभ में आ गया है तो यह बड़ी बात है. जी हां. साईं प्रसाद मीडिया के नेशनल न्यूज चैनल 'न्यूज एक्सप्रेस' के एडिटर (आपरेशंस) प्रसून शुक्ला ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि न्यूज एक्सप्रेस चैनल अब प्राफिट में आ गया है.

तौकीर पर दंगे का आरोप लगाने वाले ज्यादा बड़े सांप्रदायिक

Sanjay Sharma : तौकीर रजा और अरविन्द केजरीवाल की मुलाकात के बाद हंगामा मचा हुआ हैं. मैंने बरेली में लगभग तीन साल तक ईटीवी और स्टार न्यूज़ में काम किया है… तौकीर पहली बार स्टार पर चली मेरी खबर से ही सुर्ख़ियों में आये… यह खबर विहिप द्वारा त्रिशूल बांटने के बाद तौकीर रजा द्वारा कटार बांटने पर तैयार की गई थी… जब विहिप त्रिशूल बांटने को जायज ठहरा सकती है तो तौकीर को किस आधार पर रोका जा सकता है…

केजरीवाल-तौकीर की मुलाकात से परेशानी किसे है?

Nadim S. Akhter : इस देश के मुसलमानों को पॉलिटिकल पार्टियों ने समझ क्या रखा है?? बिना लाठी की भैंस, कि जिधर खदेड़ो, उधर दौड़ लगा देंगे?? अगर नहीं तो बार-बार ये पार्टियां क्यों तथाकथित मुस्लिम धर्मगुरुओं के चक्कर लगाती रहती हैं?? अरे भाई, आजादी के 60 से ज्यादा साल बीत गए लेकिन पॉलिटिकल पार्टियों के रहनुमा लगता है अभी भी नहीं समझ पाए कि इस देश का मुसलमान किसी एक मौलाना-धार्मिक नेता के कहने पर उन्हें वोट नहीं दे देगा. अगर सारे के सारे मौलाना-मुफ्ती-काजी-मुस्लिम धर्मगुरू भी एक मंच पर आकर कह दें कि फलां पार्टी को वोट दे दो तो लिख के रख लीजिए. उस पार्टी को एक भी मुसलमान वोट नहीं करेगा.

कानपुर में दर्जन भर से ज्यादा सफेदपोश जुआ खेलते पकड़े गए, माडिया मालिकों के नाम की भी चर्चाएं

कानपुर से खबर है कि स्वरूप नगर और ग्वाल टोली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर शहर के दर्जन भर से ज्यादा सफेदपोशों को जुआ खेलते पकड़ा. ये लोग दिल्ली और मुंबई के तर्ज पर कसीनो वाले टोकेन सिस्टम के जरिए जुआ खेल रहे थे. एक-एक टोकेन का दाम लाखों-करोड़ों रुपये में होता है. बताया जाता है कि स्वरूप नगर थाने में 15 लोगों के खिलाफ नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ जुआ खेलने का मामला दर्ज किया गया है. इसी तरह ग्वालटोली पुलिस ने छह नामजद और दर्जन भर से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

प्रभात खबर देवघर के छायाकार को पुलिस ने पीटा

प्रभात खबर देवघर संस्करण के छायाकार अंग्रेज दास को पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह पीटा। घटना के सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी के अनुसार देवघर में इन दिनों ट्रैफिक की समस्या नासूर बन गयी है। हर मिनट में रोड जाम होना इन दिनों आम बात हो गयी है। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण यह समस्या काफी बढ़ गयी है। प्रभात खबर इस मुद्दे को लेकर लगातार मुहिम के तौर पर ख़बरों को प्रकाशित कर रहा है।

आशीष अग्रवाल को जवाब क्यों नहीं दे रहे राजुल माहेश्वरी? (पढ़ें दो मेल)

श्री राजुल माहेश्वरी जी
प्रबंध निदेशक
अमर उजाला पब्लिकेशन लिमिटेड
नोएडा

आदरणीय भाई साहब
सादर नमस्ते

सलीम सैफी ने समाचार प्लस के साथ नई पारी की शुरुआत की

उत्तराखंड और वेस्ट यूपी में सक्रिय रहे पत्रकार सलीम सैफी के बारे में सूचना है कि वे समाचार प्लस न्यूज चैनल के साथ जुड़ गए हैं. उन्हें एडिटर (स्पेशल एसाइनमेंट) का पद दिया गया है. सलीम आजतक, न्यूज24 समेत कई चैनलों में काम कर चुके हैं. बीच में वे अपना प्रोडक्शन हाउस चला रहे थे. फिर दूसरे चैनलों पर टाइम किराए पर लेकर अपना इंटरव्यू का एक प्रोग्राम संचालित कर रहे थे. उन्हें अब फिर से उमेश कुमार के झंडे तले आना पड़ा है.

ओपिनियन पोल पर रोक प्रेस की आजादी पर हमला नहीं

जो काम पेड न्यूज करती हैं वही काम तो ओपिनियन पोल्स कर रहे हैं. करोड़ों रुपये में ओपिनियन खरीद कर आम वोटर की धारणा को बदलने का खेल खुल्लम खुल्ला खेल कर चुनाव आयोग को ठेंगा दिखाया जा रहा है और मतदाताओं को भ्रमित किया जा रहा है. ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल के द्वारा …

अरे, यह दाढ़ी-मूंछों वाला हीरो, भारी आवाज वाली गायिका.!

यह कैसी फिल्म है, इसके हीरो के दाढ़ी-मूछें हैं, कोई नई-अंजान नायिका और भारी-भरकम आवाज वाली अपिरिचत गायिका। 1983 की सर्दियों में सुभाष घई की फिल्म हीरो का गाना गली-गली में गूंजता था। तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है, लंबी जुदाई… चार दिनों का… प्यार ओ रब्बा.. जैसे गाने हर तरफ छाए थे। लोग फिल्म का नाम जानने को उत्सुक रहते थे। तब जमाना लाउडस्पीकर व बड़े-बड़े रिकार्डों का था। जैसे ही लोगों की निगाह फिल्म हीरो के रिकार्ड कवर पर जाती, लोग चौंक कर कुछ इसी प्रकार की प्रतिक्रिया व्यक्त करते थे। क्योंकि उस दौर में लोग दाढ़ी-मूछ वाले रफ-टफ होरी की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। हीरो मतलब चिकना-चुपड़ा, क्लीन शेव। हीरोइन मीनाक्षी शेषाद्री जिससे लोग पूरी तरह से अंजान थे।

पुतला दहन, पटाखा और प्रदूषण की आत्मघाती परम्परा

दीपावली से पूर्व टीवी चैनलों-अखबारों ने जमकर जागरूकता अभियान चलाया कि हम पटाखे न छोड़ें. स्कूलों-कॉलेजों में बच्चों को संकल्प दिलाया गया कि वे पटाखे नहीं छोड़ेंगे. और तो और, हरियाणा में पटाखामुक्त दीपावली के लिये महायज्ञ भी किया गया जिसकी यजमानी गिनीज बुक रिकार्डधारी डॉ. अशोक गर्ग ने की लेकिन हुआ वही जिसकी आशंका थी. इन सबके बावजूद देश की राजधानी में लोगों ने दीपावली पर जमकर पटाखे छोड़े. दीपावली के बाद केन्द्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जो आंकड़े जारी किये उसके अनुसार कुछ राज्य के शहरों में प्रदूषण में कमी आई लेकिन काफी शहरों में पिछले साल की अपेक्षा प्रदूषण बढ़ा ही है. 

भास्कर वालों ने मोदी का फर्जी इंटरव्यू छापा, मोदी ने जब डांटा तो खंडन छापा

सच है कि मीडिया का जितना पतन-क्षरण इस दौर में हुआ है, उतना कभी नहीं हुआ. बड़े बड़े अखबार और चैनल भी ढेर सारे फर्जी, अनैतिक, समाज विरोधी काम करने लगे हैं. ताजा मामला दैनिक भास्कर अखबार का है. इसने मोदी का एक फर्जी इंटरव्यू पहले पन्ने पर छापा. जब इस इंटरव्यू के कंटेंट, तथ्य पर विवाद बढ़ा तो मोदी ने भास्कर वालों को डटप दिया. तब भास्कर को डर कर खंडन प्रकाशन करना पड़ा कि उनके रिपोर्टर ने बिना मोदी से बात किए ही मोदी का इंटरव्यू छाप दिया.

जब मीडिया हाउसेज के भी स्वार्थ होते हैं, तो ओपिनियन पोल्स पर बैन क्यों ना लगे

Nadim S. Akhter : बहुत-बहुत अच्छा होगा, अगर बेसिर-पैर के टेढ़े-मेढ़े ओपिनियन पोल पर पाबंदी लग जाए. इस लोकतंत्र का भला होगा. हां, ऐसे सर्वे कराने वाले बहुत से संस्थानों की दुकानदारी बंद हो जाएगी, टीवी चैनलों पर एक high profile TRP मसाला कम हो जाएगा, उनकी 'Bargaining' की ताकत कम हो जाएगी, टीवी स्क्रीन पर चुनाव परिणाम का ज्ञान देने वाले विद्वतजनों की कमाई थोड़ी घट जाएगी और टीवी से लेकर प्रिंट मीडिया तक किसी पार्टी-व्यक्ति विशेष को चुनाव में आगे दिखाकर मतदाताओं को गुमराह करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी.

‘महुआ न्यूज’ के न्यूज रूम में पुलिस घुसने से संबंधित दो वीडियो

ये वीडियो इस मायने में देखने योग्य हैं कि अभी तक किसी न्यूज रूम में पुलिस की हिम्मत नहीं होती थी घुसने की और वहां कार्यरत पत्रकारों से बहस करने की. लेकिन ऐसा हुआ और इसके पीछे कारण बने पीके तिवारी. वही प्रमोद कुमार तिवारी जो महुआ के मालिक हैं. इन्होंने अपने पत्रकारों को सेलरी जब कई महीनों तक नहीं दी तो पत्रकारों ने न्यूज रूम कब्जा लिया और कहा कि घर नहीं जाएंगे, काम नहीं करेंगे, पहले सेलरी दो.

रतन दीक्षित उपजा के अध्यक्ष रमेश जैन महामंत्री चुने गए

लखनऊ।  उ.प्र. जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) के द्विार्षिक चुनाव में रतन दीक्षित (इलाहाबाद) अध्यक्ष और रमेश चन्द्र जैन (बागपत) महामंत्री चुने गए हैं। दीक्षित दूसरी बार उपजा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। उपजा की प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव गत शनिवार को इलाहाबाद स्थित केपी कम्युनिटी सेंटर में सम्पन्न हुआ। निर्वाचन मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीर विक्रम बहादुर मिश्र और निर्वाचन अधिकारी प्रमोद गोस्वामी ने सम्पन्न कराया।

ब्रांड मैनेजर तब माथुर साहब के पीए से उनसे मिलने का समय लेता था

मैं केवल लिखता था, पर पत्रकारिता क्या होती है, यह माथुर साहब से ही सीखा। हालांकि लेखन पत्रकारिता और कविता एवं व्यंग्य में मेरा कोई गॉड फादर नहीं है। दादरी जैसे पिछड़े इलाके में हो भी कौन सकता था। हमारे लिए तो हिंदी का अघ्यापक ही हिंदी का विद्वान होता था। माथुर साहब के सानिध्य में यह जाना कि पत्रकारिता क्या होती है। लेखन अपनी जगह है और पत्रकरिता अपनी जगह। माथुर साहब कहा करते थे कि हर लेखन पत्रकारिता नहीं होता।

जेल को भी जानेमन बना लेने का यह हुनर कोई आपसे सीखे

प्रिय यशवंत भाई, पिछले दिनों जानेमन जेल मेरे पास पहुंची और इसे पढ़ रहा हूं. ''स्थितियां बुरी नहीं होती उसे हम अच्छा बुरा महसूस करते हैं''… पेज नंबर 23… और पेज नंबर 25 पर ये लाइन… "सोचता हूं जेल सरीखा जीवन फिर से बाहर की इस दुनिया में स्टार्ट कर दूं. क्या मुक्ति इसी में है"… वाकई दिल को छू गई. जेल की दुनिया की कहानी भी और दर्शन भी. वाकई शब्दों को पिरोना कोई आपसे सीखे. वैसे आपकी रचनात्मकता का मैं हमेशा से कायल रहा हूं.

वरिष्ठ साहित्यकार परमानंद श्रीवास्तव ने गोरखपुर के अस्पताल में ली अंतिम सांस

फिर एक दुखद खबर है। हमारे समय के एक बड़े आलोचक, कवि और कहानीकार परमानंद श्रीवास्तव नहीं रहे। आज सुबह गोखपुर के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वरिष्ठ साहित्यकार और आलोचक प्राध्यापक परमानंद श्रीवास्तव 80 वर्ष के थे।

प्रभात खबर को लेकर काहें फर्जीवाड़ा फैला रहे हैं विनायक विजेता!

Vinayak Vijeta : एक विस्फोटक खबर यह मिल रही है के रांची से गिरफ्तार हुए उजैर अहमद ने अपने कई व्यक्तियों जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हैं को हिन्दी दैनिक ‘प्रभात खबर’ खबर के विभिन्न कार्यालयों में इलेक्ट्रीशियन के पद पर बहाल कराया। ऐसे कार्यालयों में बिहार का पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर सहित झारखंड के कई कार्यालय हैं। पटना स्थित ‘प्रभात खबर’ कार्यालय में बतौर इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत कार्यरत मोनम जाहिर उर्फ मोनू जो उजैर अहमद का भतीजा है ने जांच एजेंसी को बताया कि बोधगया ब्लास्ट के बाद उसे उजैर मियां ने फोन कर अपना नंबर बदल लेने को कहा था।

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार बसंत तिवारी नहीं रहे

रायपुर : प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार बसंत तिवारी का राजधानी के सुयश अस्पताल में निधन हो गया।  उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। प्रदेश के नेताओं सहित सभी पत्रसमूह के प्रधान संपादकों व पत्रकारों ने उनके निधन पर संवेदना प्रकट की है। श्री तिवारी ने देशबन्धु पत्र समूह को 11 वर्षों तक अपनी सेवाएं प्रदान की है।

दीपावली और छठ के आसपास के दिनों में एक अजीब सी मुलायमियत होती है

Rana Yashwant : दीपावली और छठ के आसपास के दिनों में एक अजीब सी मुलायमियत होती है। धान की बालियों सी धूप, तालाब के आसपास की सीली हवा सी सांझ, आहिस्ता आहिस्ता सर्द होती रात औऱ ओस-ओस पिघलती सुबह। दिवाली से ठीक पहले गांव के हर मुहल्ले में एक अजीब सी खुशबू तैरती रहती है। संदूक, पेटियों और कोने-अतरे में जितनी चीजें साल भर रखी रहतीं, सबको निकालकर धूप में बाहर पसार दिया जाता। घर दालान की पुताई चलती रहती । आंगन-दुआर की लिपाई होती रहती । सुराजी कुम्हार घर-घर दीया और कोसी पहुंचाते रहते ।

वाइडेमर का यह साक्षात्‍कार पूरे अमेरिकी मीडिया में दबाया गया है

Abhishek Srivastava : पान की दुकान सूचना का अदभुत संसार है। अभी-अभी कुछ देर पहले वहां कोई बता रहा था कि अपने मोहल्‍ले में एक हरामखोर ने पांच लाख के पटाखे जला डाले। कौन है भाई? पता चला एक शेयर दलाल है। सेंसेक्‍स के 21000 पार होने से जिंदगी भर की दीवाली एक साथ मना लिया। अब अगले साल डूबने की तैयारी कर रहा है। हो सकता है उसे सुसाइड भी करना पड़े। क्‍यों?

भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक समरपाल सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत

मेरठ: उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले के भावनपुर क्षेत्र में आज तडके सडक दुर्घटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं पूर्व विधायक समरपाल सिंह की मृत्यु हो गयी और चालक समेत दो लोग घायल हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ओंकार सिंह ने यहां बताया कि तड़के करीब चार बजे सिंह की कार मेरठ-किठोर मार्ग पर छोटा हसनपुर गांव के पास सड़क पर खडे ट्रक से टकरा गर्इ।

हमारे देश के ऐसे नेतागण किस चक्‍की का आटा खाते हैं और किस कोल्‍हू का तेल लगाते हैं?

Kumar Sauvir : पहले मधुमिता-बाज अमरमणि त्रिपाठी जी, फिर हैदराबाद के राजभवन-बाज नारायण दत्‍त त्रिपाठी जी, फिर यूपी के चूजा-बाज मंत्री रामबाबू यादव जी, फिर एमपी के नौकरबाज राघवजी। और अब ताजा खबर आयी है दक्षिण से जहां फिल्‍म अभिनेत्री श्‍वेता मेनन-बाज कांग्रेस के सांसद एन पीताम्‍बर कुरूप जी ऐसा बेहूदा लफड़-झपड़ में आ गये हैं।

फेसबुक पर नहीं मिल पाएंगी खोई हुई सहेलियां

Manisha Pandey :  लड‍़कियों के लिए फेसबुक पर अपनी पुरानी स्‍कूल और कॉलेज की दोस्‍तों को खोजना आसान नहीं। मैं कई बार फेसबुक पर उन पुरानी सहेलियों को खोजने की कोशिश करती हूं, जो मेरे साथ स्‍कूल में पढ़ती थीं। जिनके साथ मैंने एक्‍खट-दुक्‍खट खेली है, क्‍लास में मुर्गा बनी हूं, शैतानी करने पर कान पकड़कर खड़ी रही हूं, एक-दूसरे का टिफिन चुराकर खाया है, टेंथ क्‍लास में चुपके से एक-दूसरे के कान में बताया है कि देखो, आज मैंने भी शमीज के नीचे ब्रा पहनी है। लाइफ की फर्स्‍ट ब्रा और फर्स्‍ट पीरियड्स का सीक्रेट चुपके से शेयर किया है। मैं आज भी कई बार उन सहेलियों को फेसबुक पर ढूंढा करती हूं।

मीडिया की काली कमाई का एक बड़ा जरिया ओपीनियन पोल हुआ करते हैं

Sheetal P Singh : उन ख़बरों और संपादकीयों पर भी रोक लगनी चाहिये जिनमें कांग्रेस की संभावित पराजय का ज़िक्र हो। या सीधे ऐसे खबरचियों पर ही बैन लगवा दें दिग्गी राजा। आख़िर में मतदान के बाद उन सभी नतीजों पर रोक का प्रावधान करा दें राजा साहब जो कांग्रेस को पराजित बताते हों। (दिग्गी राजा की चुनाव सर्वेक्षणों पर बैन की मांग से उत्साहित होकर)

भास्कर डॉट कॉम ऑफिस में दीवाली सेलीब्रेशन, पुरुष पत्रकार ने यूं किया ‘गुत्थी’ का अभिनय (देखें वीडियो)

दि‍वाली के मौके पर सभी संस्‍थानों में सेलीब्रेशन होता है पर भास्‍कर.कॉम अपने खुलेपन के कारण इसे काफी शानदार और मजेदार तरीके से सेलीब्रेट करता है। दफ्तर में कोशि‍श की जाती है कि गूगल के दफ्तर सा खुला माहौल कर्मचारि‍यों को मि‍ले. और, सही मायनों में कर्मचारि‍यों को इतना खुला माहौल उपलब्‍ध कराने वाला मीडि‍या ऑफि‍स शायद ही कोई दूसरा होगा। इस वीडियो में मनमोहक डांस करने वाली लड़की असल मायनों में मन से लड़की है लेकिन तन से एक लड़का।

मोदी ने पूछा- क्या किसी ने गेस्ट के रूप में आने से मना कर दिया है इसलिए मुझे बुलाया गया है?

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने अपनी किताब “इंडिया फ्रॉम मिडनाईट टू द मिलेनियम’’ के पेज नंबर 40 पर अपना अनुभव साझा किया है कि कैसे अप्रैल,1975 में 19 वर्ष की उम्र में एक फ्रीलान्स पत्रकार रहते हुए उन्होंने युवाओं की एक पत्रिका के लिए बेरोकटोक सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय जाकर इंदिरा गांधी का इंटरव्यू किया था. इतना ही नहीं एक मित्र जो उनके साथ यूं ही जाना चाहता था उसने एक बैग में दिखाने के लिए एक टेप रेकॉर्डर रख लिया ताकि सब को लगे कि वो भी काम से आया है. जब गांधी के प्रेस सेक्रेटरी एच वाई शारदा प्रसाद से थरूर ने पूछा कि क्या उनका मित्र भी उनके साथ अन्दर जा सकता है तो उन्होंने जवाब दिया – क्यूं नहीं?

कार्तिक शर्मा और दीपक चौरसिया ने ये भेदभाव क्यों किया?

इंडिया न्यूज नेशनल के कर्मियों को तो दिवाली बोनस के नाम पर साढ़े पांच हजार रुपये सभी को दिए गए लेकिन इंडिया न्यूज रीजनल चैनलों के कर्मियों को एक पैसा तक नहीं दिया गया. इससे रीजनल न्यूज चैनल में काम करने वाले मीडियाकर्मी खासे ख़फा हैं. इनका कहना है कि आखिर चैनल के मालिक कार्तिक शर्मा और संपादक दीपक चौरसिया ने ये भेदभाव क्यों किया, क्या इसलिए कि नेशनल चैनल की टीआरपी अच्छी आ रही है और रीजनल की नहीं आ रही है?

बोनस को तरसे दैनिक नवज्योति के रिपोर्टर, मालिकों ने सिर्फ मिठाई खिलाई

जयपुर से प्रकाशित दैनिक नवज्योति के रिपोर्टर हर दिवाली की तरह इस दिवाली भी बोनस को तरसे, जिसके चलते इन सब को यह फेस्टिवल रुपए उधार लेकर मनाना पड़ा। बोनस तो छोड़िए, मालिकों ने रिपोर्टरों को मासिक वेतन भी तय तारीख, जो माह की दस तारीख होती है, को दिवाली से पहले देने से मना कर दिया।

इस बार लड्डू का डिब्बा तक नहीं दिया दैनिक जागरण वालों ने

कहने को तो दैनिक जागरण नंबर वन अखबार है लेकिन ये कंजूसी और कर्मचारियों का खून पीने के मामले में भी नंबर वन है. कानपुर यूनिट में हर साल दिवाली पर कर्मचारियों को मिठाई का डिब्बा दिया जाता था. लेकिन इस बार तो मालिकों ने लड्डू भी देने से मना कर दिया. कायदे से दिवाली पर बोनस व गिफ्ट आदि देना चाहिए. लेकिन दैनिक जागरण में यह सब नहीं किया जाता.

क्या हिन्दू सिर्फ मरने के लिए है? : डॉ सुधा मलैया (देखें वीडियो)

भोपाल : मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को हैं. चुनाव के पहले बीजेपी और कांग्रेस के नेता बड़े बड़े बयान देने लगे हैं. हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में सेवानिवृत्त आयुक्त और कांग्रेस नेता ने यह खुलासा किया था कि चुनाव में दो करोड़ रुपये देने होते हैं,  तभी चुनाव लड़ सकते हैं.

पैकअप के मूड में ‘पुष्प सवेरा’!

आगरा से प्रकाशित पुष्पांजलि बिल्डर समूह का अख़बार 'पुष्प सवेरा' अब पैक अप करने की जुगत में है. बताया जा रहा है कि कास्ट कटिंग के नाम पर सिर्फ अब कांटेक्ट बेस पत्रकारों को ही लगाया जाएगा जिन्हें खबरों के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इसका कारण यहाँ आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया बताया जा रहा है.

दैनिक सवेरा ने दीपावली पर 170 पेज छाप बनाया रेकार्ड

'कंबल किंग' कहे जाने वाले उद्योगपति शीतल विज की ओर से 'पंजाब केसरी' के खुंदक में निकाला गया हिंदी दैनिक 'दैनिक सवेरा' ने इस दीवाली करीब 170 पेज सप्लीमेंट का प्रकाशन किया. लुधियाना और जालंधर में क्रमश: 40 से 45 पेज का दीपावली सप्लीमेंट प्रकाशित किए गए. पठानकोट में 20 पेज का सप्लीमेंट निकाला गया. पटियाला और चंडीगढ़ में विज्ञापन का टोटा रहा है, जबकि बठिंडा से भी 10 पेज निकाले गए हैं.

मुंगेर की वयोवृद्ध महिला पत्रकार की मृत्यु

मुंगेर (बिहार) : मुंगेर सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सकों ने जिस मरीज को ब्रेन-हैमरेज के आघात के बाद कुछ घंटों का मेहमान बताया, वह मरीज तीन वर्षों तक मृत्यु से सफलता पूर्वक संघर्ष करती रहीं। चिकित्सकों ने मरीज को ईश्वर की दया पर छोड़ देने की सलाह दी थी। लेकिन मरीज के पति, पुत्र, पुत्र-वधू, समाजसेवी और पैरामेडिकल स्टाफ ने स्वयं चिकित्सक की भूमिका निभाई और अभूतपूर्व सफलता हासिल की।

‘रफ्तार टाइम्स न्यूज’ चैनल के संचालन का जिम्मा ‘पायनियर विजन कंसल्टेंट’ को मिला

खबर है कि 'रफ्तार टाइम्स न्यूज' चैनल को संचालित करने का जिम्मा मुंबई की एक कंपनी 'पायनियर विजन कंसल्टेंट' को मिल गया है. इस बारे में दोनों पक्षों में समझौता हो चुका है. 'रफ्तार टाइम्स न्यूज' चैनल को अभी तक संचालित करने वाली कंपनी 'रफ्तार मीडिया प्राइवेट लिमिटेड' और मुंबई बेस्ड कंपनी 'पायनियर विजन कंसल्टेंट' के बीच हुए समझौते के मुताबिक अब चैनल के कंटेंट, डिस्ट्रीव्यूशन, स्टाफ आदि का सारा कामकाज 'पायनियर विजन कंसल्टेंट' के लोग देखेंगे. बदले में 'रफ्तार मीडिया प्राइवेट लिमिटेड' को चैनल से होने वाले लाभ का पचास फीसदी हिस्सा दिया जाएगा.

प्रसार भारती में कार्यरत कैजुअल कलाकारों-पत्रकारों को माह में अधिकतम सात बुकिंग देने का फरमान

भारत सरकार मनरेगा में कम से कम 100 दिन और औसतन 200 दिन के काम की गारंटी दे रही है….दूसरी ओर प्रसार भारती ने एक आदेश निकाल कर कैजुअल काम करने वाले कलाकारों, पत्रकारों, न्यूज रीडरों, एनाउन्सरों, वीडियो एडिटरों जैसे कर्मियों को माह में अधिकतम 7 बुकिंग देने का फरमान जारी कर दिया…. अर्थात साल में अधिकतम 84 दिन के काम की गारंटी…. क्या थके हुए दूरदर्शन-आकाशवाणी को धक्का देकर चलाने वाले ये लोग मनरेगा के मजदूर से भी गए बीते हैं…

गौरव नौड़ियाल, नवीन नेगी, अनुज शर्मा, हिमांशु दीक्षित, विजय मिश्रा की नई पारी

गौरव नौड़ियाल आगरा से प्रकाशित होने वाले कल्पतरू एक्सप्रेस में बतौर सब एडिटर अपनी अगली पारी शुरू करने जा रहे हैं. गौरव कई अखबारों-पत्रिकाओं में काम कर चुके हैं. गौरव ने गढ़वाल मंडल के मुख्यालय पौड़ी गढ़वाल से अपनी पत्रकारिता की शुरुवात की थी. गौरव नौड़ियाल के साथ  उनके कालेज के साथी नवीन नेगी ने भी कल्पतरू एक्सप्रेस ज्वाइन किया है. नवीन अभी तक फ्रीलांस पत्रकारिता कर रहे थे.

भास्कर, भोपाल से दो और गए, चार महीनों में बीस से ज्यादा इस्तीफे

दैनिक भास्कर, भोपाल से खबर है कि दिवाली से एक दिन पहले दो और लोगों ने इस्तीफा दे दिया. शत्रुघन गुप्ता जो सिटी डेस्क पर चीफ सब एडिटर हुआ करते थे और रीजनल डेस्क पर सब एडिटर रोहित वर्मा ने भास्कर प्रबंधन को रिजाइन देकर पत्रिका अखबार ज्वाइन कर लिया. शत्रुघन गुप्ता पत्रिका, ग्वालियर में सिटी डेस्क इंचार्ज बन चुके हैं और रोहित वर्मा पत्रिका, भोपाल में नई पारी शुरू कर चुके हैं. लगातार इस्तीफों से भास्कर, भोपाल में सिटी डेस्क और सेंट्रल डेस्क खाली हो गया है.

माली में अपहरण के बाद फ्रांस के दो पत्रकारों की हत्या

बामाको : माली में सशस्त्र लोगों द्वारा अपहृत किए गए रेडियो फ्रांस इंटरनेशनल (आरएफआई) के दो पत्रकार मृत पाए गए हैं। आरएफआई ने बताया कि गिस्लेने दूपों और क्लाउड वलरें एक अलगाववादी संगठन नेशनल मूवमेंट फोर द लिबरेशन ऑफ अजावाद के प्रवक्ता के साक्षात्कार के लिए शनिवार को किदाल गए थे जहां प्रवक्ता के घर के बाहर उनका अपहरण कर लिया गया।

‘लाइव इंडिया’ में दिवाली की धूम, देखें तस्वीरें

रोशनी से सराबोर था मंच और जारी था कलाकारों का एक से बढ़कर एक प्रदर्शन। आप तक देश और दुनिया की तमाम खबरों को पहुंचाने वाले 'लाइव इंडिया' में भी दीवाली की धूम नज़र आई। यहां हुए दिलकश समारोह में लाइव इंडिया के कर्मचारियों ने समां बांध दिया। लाइव इंडिया में आयोजित समारोह में कई रंग मौजूद थे। हास्य-व्यंग्य और खुशियों के अलावा ऐसे प्रदर्शन भी हुए जिसे देखकर दर्शक सोचने पर मजबूर हो जाएं।

भारतीय यहूदी लौट रहे स्वदेश

भारतीय ज्यू यानी यहूदी खुश हैं। सताईस सौ साल बाद स्वदेश लौट रहे हैं। इजराइल में इनके स्वागत की तैयारी जोरों पर है। साल के अंत तक दो सौ भारतीय यहूदियों का जत्था इजराइल विस्थापित होगा। इजराइल पहुंच रहे भारतीय यहूदी “बनाई मिनाशी” जनजाति के हैं। मिजोरम और मणिपुर में मिली “बनाई मिनाशी” जनजाति के लोग यहूदियों की उन दस जनजातियों में शामिल है जो लुप्त मान ली गई थीं। इनके महत्व को समझते हुए तल अवीव ने इनके लौटने की मंजूरी दे दी है।

हम लोग किसी कलाकार, साहित्यकार, खिलाड़ी के कहने पर वोट नहीं देंगे

लता मंगेशकर अच्छा गा लेती रही हैं। हेमा मालिनी बहुत अच्छी नर्तकी हैं, अमिताभ और शाहरुख अच्छे कलाकार हैं, सचिन अच्छे क्रिकेटर हैं, यह उनकी कारोबारी सफलता है कि जिस क्षेत्र में हैं वहां शिखर पर पहुंचे। पर उनके कहे पर हम वोट थोड़े ही डालेंगे। कुछ लोग खामखाँ जामे से बाहर हुए जा रहे हैं।

जब केपी ने कहा, यार पूरा नाम मत पूछो

उनकी भाषा में भी हसोड़पन साफ दिखाई देता था. सीधा और सरल जीवन जीना ही उन्हें अच्छा लगता था. उनके बातचीत के लहजे में हमेशा खुलेपन व स्वतंत्र जीवन का अक्स देखने को मिलता था. जी हां मैं बात कर रहा हूं मशहूर व्यंग्यकार केपी सक्सेना यानी कालिका प्रसाद सक्सेना जी की जो अब हमारे बीच नहीं हैं. कोई चार साल पहले मेरी उनसे एक मुलाकात लखनऊ के कृष्णा नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी. हांलाकि फोन से परिचित बहुत पहले से था.

केपी सक्सेना : व्यंग्य का कबीर

हिंदी व्यंग्य का विकास पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से ही हुआ. व्यंग्यकारों ने नवजागरण के समय समाज में व्याप्त अन्धविश्वास, अशिक्षा, जाति-प्रथा, किसान-मजदूरों पर जुल्म-अत्याचार, टैक्स, चुंगी आदि पर कलम चलाई. फिर युग बदला, तो व्यंग्य के विषय भी बदल गए.

राजनीति से समाज सुधार का काम नहीं होता : दिलीप चौबे

: देश को सामाजिक नेता की जरूरत, मुख्यधारा का मीडिया साम्प्रदायिक नहीं : हरिद्वार : वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रीय सहारा देहरादून के सम्पादक दिलीप चौबे का मानना है कि राजनीति से समाज का सुधार नहीं होता. इसके लिए स्वयं समाज को आगे आना होगा. जब समाज में चेतना पैदा होगी और सामाजिक नेता उभरेंगे तो समाज सुधर जाएगा और बहुत सारी बुराइयां खुद-ब-खुद खत्म हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि समाज को दिशा देने का कार्य पत्रकारों का है जिसे निष्ठापूर्वक किया जाना चाहिए. श्री चौबे यहां गणेश शंकर विद्यार्थी की जयन्ती पर एक विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर को यूपी सरकार ने भेजा कारण बताओ नोटिस

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार उसके कर्मचारियों द्वारा जनहित याचिका दायर करना कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. मई 2013 में आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश की विभिन्न जांच एजेंसियों- सतर्कता अधिष्ठान, सीबी-सीआईडी आदि द्वारा अपनी जांच पूरी करके शासन के पास अनुमति के लिए भेजे जाने और शासन की अनुमति के बाद ही अग्रिम कार्यवाही किये जाने को दंड प्रक्रिया संहिता के विरुद्ध बताते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक पीआईएल दायर किया था.

‘जानो दुनिया’ नामक एक कथित नेशनल चैनल की हकीकत जानो दुनिया वालों

खीचो ना कमानो को न तलवार निकालो
गर तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो

पत्रकारिता और जन संचार की पढाई करने के दौरान अल्लामा इकबाल की शायरी मुझे एक ताकत देती थी औऱ खूब मेहनत से पढता था लेकिन हकीकत तो पढाई खत्म होने के बाद समझ मे आयी… जनसंचार की पढाई खत्म करने के बाद एक न खत्म होने वाला सफर शुरू हुआ… उसकी कोई मंजिल पहले तो नजर नही आई और हम तो चलते रहे जान बेमंजिल मगर मुड़कर देखे नहीं पैर के छाले हमने…

इंडिया टीवी के पत्रकार मोहसिन हैदर पर हमले के खिलाफ और मुआवजे के लिए पत्र

लखनऊ : इंडिया टीवी के पत्रकार मोहसिन हैदर के साथ लखनऊ पुलिस के कर्मचारियों द्वारा किये गए आपराधिक हमले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और प्रेस काउन्सिल ऑफ़ इंडिया को की गयी है. सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने रुमा यादव, चौकी इंचार्ज चौक, सुनील यादव और सियाराम यादव, आरक्षी चौक, थाना चौक द्वारा मोहसिन हैदर और महिलाओं सहित उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ किये गए अकारण गाली-गलौज और श्री हैदर के साथ की गयी मारपीट को मानवाधिकार उत्पीडन की एक गंभीर घटना बताते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की है.

महुआ के मीडियाकर्मियों की एकजुटता और जीत : इसके मायने, सबक और निहितार्थ क्या हैं?

इस दिवाली पर मीडियाकर्मियों के लिए अगर कोई सबसे बड़ा संदेश हो सकता है तो वो यही कि … जलिए और जगमगाइए. यहां जलना शब्द प्रतीक में है, संकेत में है. यह संघर्ष का प्रतीक है. यह एकजुटता और हिम्मत का संकेत है. यह साहस का इशारा है. महुआ न्यूज चैनल के मीडियाकर्मियों की एकजुटता और जीत से अंधेरे की गुफाओं और पतन के पातालों में चकरघिन्नी की तरह अकबकाया लुढक रहा चौथा स्तंभ थोड़ी उम्मीद की रोशनी से नहाया है.

कमाई और टीआरपी के लिये पूर्वोत्तर की उपेक्षा करता है मीडिया

चुनावी माहौल है. वातावरण में नमी है लेकिन माहौल में गर्मी है. कारण स्प्ष्ट है, पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है. इसे लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल राउंड माना जा रहा है. पांच राज्यों में से एक राज्य पूर्वोत्तर का भी है. लेकिन जितना फोकस मध्यप्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ व राजस्थान पर है इतना मिजोरम पर नहीं. मिजोरम पर भी फोकस होना चाहिए था, मिजोरम भी भारत में ही है. खैर यह तो चुनावी बात हुई.

मैनेजमेंट के इशारे पर महुआ न्यूज के भीतर पुलिस वालों के घुसने की कुछ तस्वीरें और वीडियो

कल दोपहर बारह बजे जब दर्जनों पत्रकार महुआ को घेर कर घंटों नारेबाजी व भाषणबाजी करने लगे और महुआ आफिस के भीतर न्यूज रूम कब्जाए मीडियाकर्मियों के समर्थन में ललकारने लगे तो महुआ प्रबंधन यानि पीके तिवारी व मीना तिवारी के पैरों के तले से जमीन खिसक गई. उन्हें अंदाजा नहीं था कि फिल्म सिटी में लोग आकर महुआ के सामने खड़े होकर नारे भी लगाएंगे और घंटों सभा करेंगे.

वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी को बाहुबली विधायक से जान का खतरा

ज्ञानपुर-भदोही। पहले गुंडा एक्ट, जिलाबदर, कमरे का ताला तोड़वाकर लाखों की गृहस्थी लूट, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई चौपट और अब जान का खतरा. यह रामकहानी वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी की है. आरोप है कि सब कुछ बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के साजिश में हो रहा है. अनर्गल तरीके से दर्ज मुकदमों पर हाईकोर्ट की रोक के बावजूद गिरफ्तार कर सरेराह मारने-पीटने वाले कोतवाल को तो हटा दिया गया लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. लूट के आरोपी खुलेआम पुलिस संरक्षण में घूम रहे हैं. पीड़ित पत्रकार ने सूबे के मुख्यमंत्री, प्रमुख गृह सचिव, राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री समेत केन्द्रीय गृहमंत्री और उच्च न्यायालय इलाहाबाद में प्रार्थना पत्र देकर जान-माल के सुरक्षा की गुहार लगाई है.

आज लता जी के एक बयान के बाद पूरी कांग्रेस रो रही है

आशीष कुमार 'अंशु' : सुना है कि लता मंगेशकर जब एक बार ‘अय मेरे वतन के लोगों …..’ गीत गा रहीं थीं, इसे, सुनकर जवाहर लाल नेहरू रो पड़े थे और आज लता जी के एक बयान के बाद पूरी कांग्रेस रो रही है।

मैं जानता हूं कि राजकिशोर दलित-स्त्री विरोधी हैं, पर यह नहीं जानता था कि वह राजेंद्र यादव विरोधी भी है

Kanwal Bharti : राजकिशोर ने 'जनसत्ता' में लिखा है कि अगर राजेन्द्र यादव नहीं होते, तो कँवल भारती और ……(अमुक अमुक) को कौन छापता? मैं यह तो जानता हूँ कि राजकिशोर दलित-स्त्री विरोधी हैं, पर मैं यह नहीं जानता था कि वह राजेन्द्र विरोधी भी है. इसीलिए उन्होंने राजेन्द्र यादव को दलित-स्त्री के दायरे में ही समझा, उन्हें लोकतान्त्रिक विचारक के रूप में समझना ही नहीं चाहा.

महुआ के मीडियाकर्मियों की संघर्षशीलता प्रणम्‍य है, पत्रकारिता जगत में एक मिसाल है

संजीव सिन्हा : भाई Yashwant Singh के सूचना देने पर आज दोपहर 12 बजे मित्रवर शिवानन्द द्विवेदी सहर के साथ नोएडा स्थित महुआ चैनल के कार्यालय पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुआ। बताते चलें कि गत तीन महीने से महुआ के 150 मीडियाकर्मियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है और इससे आक्रोशित होकर चैनल में कार्यरत मीडियाकर्मियों ने काम करना बंद कर दिया है और वे तीन दिन से महुआ के कार्यालय में ही डेरा जमाए हुए हैं।

द हिंदू की विद्या सुब्रमण्यम की शिकायत पर हत्या की धमकी का मामला दर्ज

दिल्ली पुलिस ने द हिंदू अखबार की महिला पत्रकार विद्या सुब्रमण्यम को सरदार पटेल पर लिखे उनके लेख के लिए जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है. विद्या सुब्रमण्यम ने अज्ञात लोगों द्वारा धमकी देने के लिए अलग-अलग फोन नंबरों से करीब ढाई सौ कॉल करने की शिकायत संसद मार्ग थाना पुलिस से की है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार पत्रकार ने 15 अक्टूबर को अपनी शिकायत दी.

महुआ वालों को सेलरी दिलाने के बाद अब नौकरी दिलाने का प्रयास करें

Vikas Mishra :  हैप्पी एंडिंग…। महुआ न्यूज के साथियों को तनख्वाह मिल गई, कुछ नकद और कुछ पोस्ट डेटेड चेक्स के तौर पर। आंदोलन रंग लाया, प्रबंधन झुकने पर मजबूर हुआ। लेकिन तमाम साथी बेरोजगार भी हुए हैं। मीडिया में बड़े पदों पर बैठे लोगों से गुजारिश है कि हो सके तो इन्हें अपने अखबार/चैनल/वेबसाइट में मौका दिलाएं। महुआ न्यूज में तपे हुए लोग हैं, एक एक शख्स तीन तीन का काम करता रहा है वहां।

इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए विधिक नियामक जरूरी : हाईकोर्ट (पढ़ें पूरा आदेश)

एक महत्वपूर्ण निर्णय में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा है कि भारत सरकार को इलेक्ट्रोनिक मीडिया के नियंत्रण के लिए एक विधिक नियामक बनाना चाहिए जहां लोग जा कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हों. सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा याचिका में जस्टिस देवी प्रसाद सिंह और जस्टिस अशोक पाल सिंह की बेंच ने कहा कि प्रिंटिंग मीडिया की गड़बड़ियों पर नियंत्रण के लिए भारत का प्रेस परिषद है पर इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए ऐसा कोई फोरम नहीं दीखता है जो नियमों से संचालित भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में उचित नहीं जान पड़ता, अतः सरकार को इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए कोई विधिक नियामक संस्था बनानी चाहिए.

भारतीय प्रेस परिषद के राजा राम मोहन राय उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार के लिए चुने गए संतोष कुमार

नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद की ओर से दिया जाने वाला राजाराम मोहन राय उत्कृष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार के लिए इस वर्ष इंडिया टुडे के प्रिंसिपल कॉरसपॉडेंस संतोष कुमार को चुना गया है। जिस रिपोर्ट पर संतोष कुमार को पुरस्कृत किया जाएगा उस रिपोर्ट का शीर्षक है, 'भारतीय मुसलमान : देश में कम, जेल में ज्यादा'।

रोहतक में पत्रकारों को दिवाली पर ‘सरकारी’ तोहफा, सैमसंग टच स्क्रीन फोन बांटे

रोहतक । हरियाणा में इन दिनों पत्रकारों की हर रोज दिवाली है। हर रोज किसी न किसी को तोहफा मिल रहा है। बेशक किसी को दस दिन पहले मिला हो या फिर पंद्रह दिन पहले। पर खास बात यह है कि मिल सो काल्ड पत्रकारों को ही रहा है। सो काल्ड का प्रयोग आजकल मैं इसलिए करता हूं क्योंकि इससे सीधे तौर पर मकसद सवाल उठाना है। वरना सो काल्ड कह लो या फिर तथाकथित बात एक ही है, हालांकि इन सो काल्ड की संख्या काफी कम है।

पूर्व मंत्री राजाराम पांडेय और प्रोफेसर डा. पंकज सिंह की मौत पर कुछ बातें

Kumar Sauvir : प्रतापगढ़ के बेहद बुजुर्ग और पांच महीना पहले प्रदेश सरकार द्वारा मंत्री पद से बर्खास्‍त किये गये राजाराम पांडेय अब नहीं रहे हैं। वैसे उनका काम-तमाम तो उसी दिन हो गया था जब मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्‍हें मंत्री का ताज छीन कर उन्‍हें बाकायदा पैदल कर दिया था। यह दीगर बात है कि पांडेय जी के आवास के हर कमरे में मुलायम सिंह यादव की फोटो लगी हुई हैं।

जब भास्कर को ढाई करोड़ का सरकारी आर्डर मिला तो पत्रिका हुआ नाराज, तब उसे भी मिला डेढ़ करोड़ का आर्डर

गहलोत सरकार की 5 साल की उपलब्धियों के प्रचार के लिए पिछले दिनों लम्बा अभियान चला था…प्रचार की जिम्मेदारी निःसंदेह जनसंपर्क विभाग की थी..निदेशक ने दैनिक भास्कर को उपलब्धियों की पुस्तिका बांटने का ढाई करोड का डायरेक्ट आर्डर दे दिया..उनकी इस इनायत पर.. पत्रिका समूह नाराज हो गया…बाद में पत्रिका को उपलब्धियों का टेबलायड बांटने का डेढ करोड का आर्डर संवाद के माध्यम से दे दिया..अब इस बंदरबांट पर सवाल उठ रहे हैं कि एक ही तरह के दो अलग अलग आदेशों में अलग अलग प्रक्रिया क्यों अपनाई गई…

मेरी तस्वीर वीडियो जारी करना बिल्कुल दुष्कर्म की श्रेणी जैसा : शोभन सरकार

शोभन सरकार बिना नाम लिए इंडिया टीवी को कोसते नजर आए. उन्होंने कहा कि उनकी तस्वीर व वीडियो सबके सामने लाने का जो व्यवहार किया गया, वह बिलकुल दुष्कर्म की श्रेणी जैसा है. शोभन सरकार की कोई तस्वीर किसी के पास नहीं रही है लेकिन पिछले दिनों इंडिया टीवी ने संत का स्टिंग कर पूरा वीडियो जारी कर दिया. इससे शोभन सरकार खासे नाराज और विशेषकर इलेक्ट्रानिक मीडिया से चिढ़े हुए हैं.

‘खबर भारती’ में भी सेलरी के लिए संघर्ष शुरू, पूर्व कर्मचारियों ने थाने में की लिखित शिकायत

भोपाल : साईं प्रकाश टेलीकम्यूनिकेशन जो कि मूल रूप से एक चिटफंड कंपनी है, मध्यप्रदेश छत्तीसगढ में 'ख़बर भारती' के नाम से रीजनल चैनल संचालित करती है. इस कंपनी के कई पूर्व कर्मचारी कंपनी की लगातार वादाखिलाफी के खिलाफ थाने पहुंच गये हैं. कंपनी ने कर्मचारियों को रिलीव तो कर दिया लेकिन दो से 6 महीने तक की बकाया सैलरी, समेत अन्य भत्ते और पीएफ, नोडयूज़ नहीं दिया. इससे परेशान होकर अब कर्मचारियों ने पुलिस का रूख कर लिया है.

महुआ के अंदर-बाहर प्रदर्शन, भाषण, आंदोलन की कुछ तस्वीरें और कुछ बातें

जब पता चला कि महुआ न्यूज रूम पर यहीं के मीडियाकर्मियों ने सेलरी न मिलने के विरोध में कब्जा कर लिया है तो तुरंत यह महसूस हुआ कि आफिस के अंदर हड़ताल पर बैठे इन साथियों के समर्थन में आफिस के बाहर भी कुछ लोगों को खड़ा होना चाहिए. परसों दोपहर करीब एक या दो बजे कुछ एक साथियों से फोन पर बात की और भड़ास पर 'महुआ को घेर लो' का आह्वान कर बैठा. फेसबुक, फोन और वेब. इन तीन साधनों के जरिए बहुत लोगों तक अपनी बात पहुंचाई कि महुआ के सामने 12 बजे पहुंचना जरूरी क्यों है.

जीत गए महुआ के हड़ताली मीडियाकर्मी, सेलरी बांटने पर मजबूर हुआ महुआ मैनेजमेंट

महुआ न्यूज से बड़ी खबर आ रही है. पिछले बहत्तर घंटे से न्यूज रूम पर कब्जा जमाए आंदोलनकारियों की एकजुटता और दबाव के आगे महुआ मैनेजमेंट को झुकना पड़ा. इस वक्त महुआ आफिस में सभी कर्मियों को सेलरी देने का काम चल रहा है. दस हजार रुपए कैश और दो पोस्टडेटेड चेक. इस तरह पूरे तीन महीने का भुगतान महुआ मैनेजमेंट ने कर दिया है. बाकी कंपनसेशन की मांग पर महुआ मैनेजमेंट का कहना है कि उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वो कंपनसेशन दे सकें. मीडियाकर्मी इसके लिए कोर्ट और लेबर डिपार्टमेंट जाने के लिए स्वतंत्र हैं.

पीके तिवारी और पुलिस ने बहुत कोशिश की पर महुआ न्यूजरूम से बाहर नहीं निकले आंदोलनकारी

Yashwant Singh : महुआ पर प्रदर्शन का एक नतीजा हुआ कि महुआ का मालिक पीके तिवारी पुलिस वालों को पैसा देकर ले आया, बकाया सेलरी के लिए हड़ताल कर रहे कर्मियों को बाहर निकालने के लिए… लेकिन उसका दांव उल्टा पड़ गया… महुआ के साथियों का फोन आते ही इतनी जगह रायता बिखेरा गया कि पुलिस डांट सुनकर उल्टे पांव वापस लौट गई और एक मजिस्ट्रेट आया हड़ताली कर्मियों का बयान लेने.. लेकिन सबका टोन कर्मियों के खिलाफ था… जैसे लग रहा था कि कर्मियों को आफिस से बाहर नहीं निकालेंगे तो जाने क्या हो जाएगा…

महुआ का हाल : भूखे-प्यासे आंदोलनकारी… गर्मी के वक्त एसी बंद… सुबह ठंढ में एसी फुलस्पीड

Vikas Mishra : महुआ न्यूज में कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। महुआ प्रशासन ने लाख कोशिशें कर लीं, लेकिन तमाम लोग अभी दफ्तर में ही हैं। एक लड़की का फोन आया, सुनकर रोंगटे खड़े हो गए। 24 घंटों से लड़के-लड़कियों ने खाना नहीं खाया था। दफ्तर में बिजली, पानी का कनेक्शन काट दिया है। शाम से रात तक जब गरमी रहती है तो एसी ऑफ रहता है। सुबह चार-पांच बजे जब थोड़ी ठंड हो जाती है तो एसी चलवा दिया जा रहा है। मकसद यही कि चाहे ठंड से, चाहे डर से, चाहे ऊबकर ये सभी चले जाएं तो मालिकान चैन की सांस ले सकें और दीपावली मना सकें।