शोभना भरतिया के हिन्दुस्तान अखबार में करोड़ों रुपये का पीएफ घोटाला!

प्रधानमंत्री व केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त करा रहे हैं पूरे मामले की जांच, मजीठिया क्रांतिकारी निर्मल कान्त शुक्ला ने की साक्ष्यों सहित पीएम, श्रम मंत्री, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त से शिकायत, जांच अधिकारी के नोटिस पर हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड ने दस्तावेज व रिकार्ड देने को मांगा समय Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें …

सुप्रीम कोर्ट ने ‘हिंदुस्तान’ की मालिकन शोभना भरतिया पर सवा लाख रुपये का हर्जाना ठोका

शोभना भरतिया

दैनिक हिन्दुस्तान फर्जी संस्करण और 200 करोड़ का सरकारी विज्ञापन घोटाला प्रकरण, सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल 2018 तय…. सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2018 को एक ऐतिहासिक आदेश में मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटे, नई दिल्ली की चेयरपर्सन व पूर्व कांग्रेस सांसद शोभना भरतिया को सवा लाख रूपए की हर्जाना राशि के भुगतान का आदेश दिया। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड नामक कंपनी देश में दैनिक हिन्दुस्तान नाम के हिन्दी दैनिक का प्रकाशन करती है।

दो सौ करोड़ रुपये के विज्ञापन फर्जीवाड़े मामले में हिंदुस्तान अखबार की मालकिन शोभना भरतिया के खिलाफ सुनवाई पांच दिसंबर को

Rs.200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement Scam of Bihar : Supreme court of India will hear Shobhana Bhartia’s Criminal Appeal No.-1216/2017 on Dec.05, 2017 next…

By ShriKrishna Prasad, advocate, Munger, Bihar

The order of  the court of Hon’ble Mr.Justice R.K.Agrawal and Hon’ble Mr.Justice Navin Sinha on Nov 28,2017

New Delhi : In the globally talked Rs.200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement Scandal, the Supreme Court of India, on Nov,28, 2017 , has notified  through its website  that the Supreme Court of India (New Delhi) will list Criminal Appeal No.1216/2017 {SLP(Criminal)No.1603/2013} for hearing in the court of Hon’ble Mr.Justice R.K.Agrawal on Dec 05, 2017 next.

महाभ्रष्टाचारी अरुण मिश्रा ने हिंदुस्तान टाइम्स की मालकिन शोभना भरतिया को भेज दिया लीगल नोटिस!

उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन (यूपीएसआईडीसी) के विवादित चीफ इंजीनियर अरुण मिश्रा ने हिंदुस्तान टाइम्स अखबार को लीगल नोटिस भेज दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स में कानपुर डेटलाइन से रिपोर्टर हैदर नकवी ने एक रिपोर्ट छापी कि कैसे एक लाख रुपये महीने तनख्वाह पाने वाला एक बाबू (यानि अरुण मिश्रा) देश के शीर्षस्थ वकीलों को अपना मुकदमा लड़ने के लिए हायर करने की क्षमता रखता है. ये शीर्षस्थ वकील हैं सोली सोराबजी, हरीश साल्वे, मुकुल रोहतगी और अन्य.

हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन रिलायंस से डील को लेकर अपना पक्ष क्यों नहीं रख रहा?

शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले हिंदुस्तान टाइम्स के मिंट और दिल्ली एडिशन के रिलायंस के मुकेश अम्बानी को बेचे जाने से सम्बंधित डील को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं. हर कोई ये जानना चाहता है कि क्या वाकई हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन और रिलायंस के बीच कोई डील हुयी है? हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन इस पर कुछ बोल नहीं रहा है और ना ही अपना पक्ष रख रहा है। ना ही इस खबर का खंडन किया जा रहा है। यानि कुछ न कुछ तो शोभना भरतिया और रिलायंस के बीच खिचड़ी पकी है।

प्रिंट मीडिया की अब तक की सबसे बड़ी डील : रिलायंस ने हजारों करोड़ रुपये में खरीदा हिंदुस्तान टाइम्स

मुकेश अंबानी होंगे एक अप्रैल से हिंदुस्तान टाइम्स के नए मालिक : शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले हिंदुस्तान टाइम्स के बारे में चर्चा है कि इस अखबार को हजारों करोड़ रुपये में देश के सबसे बड़े उद्योगपति रिलायंस के मुकेश अंबानी को बेच दिया गया है। कुल डील कितने में हुई है, इसका पता नहीं चल पाया है। चर्चा है कि प्रिंट मीडिया की इस सबसे बड़ी डील के बाद शोभना भरतिया 31 मार्च को अपना मालिकाना हक रिलायंस को सौंप देंगी और एक अप्रैल 2017 से हिंदुस्तान टाइम्स रिलायंस का अखबार हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो एक अप्रैल 2017 से रिलायंस प्रिंट मीडिया पर अपना कब्जा जमाने के लिए मुफ्त में ग्राहकों को हिंदुस्तान टाइम्स बांटेगा।

यह शख्स जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया!

Deshpal Singh Panwar : अगर ये खबर सच है कि हिंदुस्तान टाइम्स समूह को मुकेश अंबानी खरीद रहे हैं तो तय है कि अच्छे दिन (स्टाफ के लिए पीएम के वादे जैसे) आने वाले हैं। वैसे इतिहास खुद को दोहराता है… कानाफूसी के मुताबिक एक शख्स जो इस समूह के हिंदी अखबार में चोटी पर है वो जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया।

मुंबई के बाद अब दिल्ली एचटी को भी रिलायंस को बेचे जाने की चर्चा

देश भर के मीडियामालिकों में हड़कंप, कहीं मुफ्त में ना अखबार बांटने लगे रिलायंस…

देश के सबसे बड़े उद्योगपति रिलायंस वाले मुकेश अंबानी द्वारा मुंबई में एचटी ग्रुप के अखबार मिन्ट और फ्लैगशिप हिन्दुस्तान टाईम्स खरीदने की चर्चा के बाद अब यह चर्चा भी आज तेजी से देश भर के मीडियाजगत में फैली है कि मुकेश अंबानी ने दिल्ली में भी हिन्दुस्तान टाईम्स के संस्करण को खरीद लिया है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है। हिन्दुस्तान टाईम्स के दिल्ली संस्करण में कर्मचारियों के बीच आज इस बात की चर्चा तेजी से फैली कि रिलायंस प्रबंधन और हिन्दुस्तान टाईम्स प्रबंधन के बीच कोलकाता में इस खरीदारी को लेकर बातचीत हुयी जो लगभग सफल रही और जल्द ही हिन्दुस्तान टाईम्स पर रिलायंस का कब्जा होगा।

शोभना भरतिया ने एचटी ग्रुप को मुकेश अंबानी को बेचा!

मुंबई से एक बड़ी खबर आ रही है. हिंदुस्तान टाइम्स समूह को इसकी मालकिन शोभना भरतिया ने भारत के सबसे बड़े व्यापारी मुकेश अंबानी को बेच दिया है. हालांकि यह चर्चा कई दिनों से थी कि शोभना भरतिया एचटी समूह को बेच रही हैं लेकिन इस सूचना की पुष्टि नहीं हो पा रही थी. अब यह बात लगभग कनफर्म हो गई है कि मुकेश अंबानी सबसे बड़ा टीवी नेटवर्क खरीदने के बाद सबसे बड़ा प्रिंट नेटवर्क भी तैयार करने में लग गए हैं और इस कड़ी में एचटी ग्रुप को खरीद लिया है.

शोभना भरतिया ने कोई कार्यवाही न की तो हिंदुस्तान के पत्रकार ने पत्र किया सार्वजनिक, आप भी पढ़ें

मैंने एचएमवीएल की मुखिया और बिड़ला जी की उत्तराधिकारी श्रीमती शोभना भरतिया को यह रजिस्ट्री से भेजा गया पत्र और ई-मेल है। पत्र इस भरोसे से लिखा कि वह अपने प्रबंधतंत्र पर नकेल कसेंगी। लेकिन शोभना भरतिया भी अपने तंत्र के चंगुल में हैं और सभी अत्याचार और अनाचार को मौन सहमति दे रखा है। मैंने उन्हें तय समय देते हुये कहा था कि अगर उस अवधि में ठोस एक्शन नहीं हुआ तो मैं पत्र सार्वजनिक करने के लिये बाध्य होउंगा।

शोभना भरतिया की धोखाधड़ी जायज बताने के लिए राजीव वर्मा ने ‘प्रोजेक्ट बटरफ्लाई’ के नाम पर कर्मियों का किया ब्रेन वॉश

मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से अच्छी खासी सेलरी न देनी पड़े, कम पैसे में मीडियाकर्मियों का शोषण जारी रहे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मनमर्जी-मनमानी चलाई जा सके, इस उद्देश्य से अंग्रेजी और हिंदी अखबारों हिदुस्तान टाइम्स और हिंदुस्तान की मालकिन शोभना भरतिया ने अपने अखबारों के मीडियाकर्मियों को रातोंरात इंटरनेट कंपनी का इंप्लाई बना दिया और जबरन साइन करने के लिए मजबूर किया गया. मरता क्या न करता की तर्ज पर सभी ने साइन तो कर दिए लेकिन हर एक मीडियाकर्मी के दिल में यह सवाल उठने लगा कि आखिर हमारी मालकिन इतनी चीटर, फ्रॉड और बेशर्म क्यों है… आखिर हमारे संपादक इतने बेजुबान क्यों हैं… आखिर हमारे देश में कानून और न्याय की इज्जत क्यों नहीं है?

ऐसे सवालों से दो-चार हो रहे हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स के मीडियाकर्मियों को पिछले दिनों एक आंतरिक मेल मिला. यह मेल सीईओ राजीव वर्मा की तरफ से भेजा गया. मेल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में था ताकि हर एक का ब्रेन वाश ठीक से किया जा सके. पूरी मेल में कहीं भी मजीठिया वेज बोर्ड का हवाला नहीं था. कहीं भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने को लेकर जिक्र नहीं था, कहीं भी कर्मियों से जबरन नई कंपनी में शिफ्ट कराए जाने के लिए कराए गए हस्ताक्षर को लेकर उल्लेख नहीं था. बस, सुहाने सपने दिखाए गए, प्रोजेक्ट बटरफ्लाई का हवाला दिया गया और सबको बातों में उलझाने की कोशिश की गई है. नीचे राजीव वर्मा के हिंदी अंग्रेजी के मेल के पहले वो दस्तावेज दे रहे हैं जिसके जरिए एचटी व हिंदुस्तान के मैनेजमेंट ने अपने कर्मियों को नए टर्म कंडीशन के पेपर पर साइन कराकर रातोंरात नई कंपनी में ट्रांसफर कर डाला ताकि मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी देने की स्थिति ही न आए.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : शोभना भरतिया और शशि शेखर को शर्म मगर नहीं आती… देखिए इनका कुकर्म…

हिंदुस्तान अखबार और हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की मालकिन हैं शोभना भरतिया. सांसद भी हैं. बिड़ला खानदान की हैं. पैसे के प्रति इनकी भूख ऐसी है कि नियम-कानून तोड़कर और सुप्रीम कोर्ट को धता बताकर कमाने पर उतारू हैं. उनके इस काम में सहयोगी बने हैं स्वनामधन्य संपादक शशि शेखर. उनकी चुप्पी देखने लायक हैं. लंबी लंबी नैतिक बातें लिखने वाले शशि शेखर अपने घर में लगी आग पर चुप्पी क्यों साधे हैं और आंख क्यों बंद किए हुए हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए. आखिर वो कौन सी मजबूरी है जिसके कारण वह अपने संस्थान के मीडियाकर्मियों का रातोंरात पद व कंपनी जबरन बदले जाने पर शांत बने हुए हैं.

Dainik Hindustan 200 cr Government Advt Scam : SC to hear SLP of Shobhana Bharatia on 24 March

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement scandal, the Supreme Court of India(New Delhi) has listed the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 / 2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for hearing on March, twenty four 2015 next. Meanwhile, the Superintendent of Police, Munger (Bihar), Mr. Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013. Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh has to file the Counter-Affidavit in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

Dainik Hindustan Advt Scam : next hearing date 13 January

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement  scandal, the Supreme Court has listed the Special Leave Petition (Criminal) No.1603/2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for  hearing on January thirteen, 2015 next. Meanwhile, the  Superintendent of Police,Munger(Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel  for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013 .Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh  has to  file the Counter-Affidavit  in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

कारोबार जगत की टाप टेन सबसे शक्तिशाली महिलाओं में एचटी मीडिया की चेयरपर्सन शोभना भरतिया भी

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुखिया अरुंधती भट्टाचार्य को भारत में कारोबार जगत की सबसे शक्तिशाली महिला करार दिया गया है। फॉर्च्यून पत्रिका ने 50 सर्वाधिक शक्तिशाली कारोबारी महिलाओं की सूची में आईसीआईसीआई बैंक की चंदा कोचर को दूसरे और  एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को तीसरे पायदान पर रखा है। सूची में कम से कम आठ नए नाम शामिल हुए हैं। भट्टाचार्य को पहला स्थान डूबे कर्जों के खिलाफ उनके अथक प्रयासों को देखते हुए मिला है। लगभग एक वर्ष पूर्व कार्यभार संभालने  के बाद उन्होंने परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ लागत में कटौती और बैंक में नई पूंजी लाने का काम किया है। यह भी  महत्वपूर्ण है कि एसबीआई के विदेश में 190 कार्यालय, 1.9 लाख करोड़ का बाजार पूंजीकरण और 222033 कर्मचारी हैं।

कैसे-कैसे अखबार मालिक बन गए ऐसे-वैसे सांसद, पढ़िए इनकी कुंडली

आप सबको यह जानकर अवश्य आश्चर्य होगा कि अपने अखबारों के पत्रकारों और संपादकों के जरिये सांसदों और नेताओं के चरित्र और उनके कथित आपराधिक रिकार्ड की बखिया उधेड़ने वाले सांसद (पूर्व सांसद) सह अखबार मालिक संसद में क्या कहते हैं और अपने अखबार में क्या करते हैं। इस सीरिज के तहत हम राज्य‍सभा के तीन पूर्व सांसदों की संसद की गतिविधियों का जिक्र करेंगे। संसद में उनका क्या कहना है और जब वही बात उन्हें अपनी कंपनी पर लागू करनी होती है तो वे क्या करते हैं।

सांसद शोभना भरतिया के संसद में पूछे गए सवाल और उनकी कंपनी के अंदरखाने का बुरा हाल

फेसबुक पर ‘मजीठिया मंच‘ नाम से एक प्रोफाइल है जिसमें अखबारों से जुड़ी बातें, खबरें, सूचनाएं छापी जाती हैं. इसे दैनिक जागरण, नोएडा में लंबे समय से कार्यरत रहे एक पत्रकार चलाते हैं. इस ‘मजीठिया मंच’ पेज पर शोभना भरतिया को लेकर सीरिज में एक कहानी प्रकाशित की जा रही है. पेश है उस कहानी के कुछ अंश….

कोर्ट से भी नहीं डरती शोभना भरतिया, जीतने के बाद भी एचटी बिल्डिंग के बाहर बैठने को मजबूर हैं कर्मचारी

Respected Yashwant ji, हिन्दुस्तान टाइम्स के सैंकड़ों कर्मचारियों को शोभना भारतीया ने पिछले कई सालों से कंपनी के बाहर बैठाया है… ये कर्मचारी कोर्ट में केस जीत चुके हैं… कोर्ट ने इन्हें वापस लेने का आदेश भी दिया है… बावजूद इसके शोभना जी ने इन्हे अब तक वापस नहीं लिया है…