मुलायम से पंगा लेने वाले आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भाजपा में शामिल होंगी

मैंने आज भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है. राजनीति में आने के मेरे फैसले का मुख्य कारण है कि मैंने अपने सामाजिक कार्यों के दौरान यह अनुभव किया कि वृहत्तर स्तर पर समाज की सेवा कर पाने और अधिक प्रभाव के सामने अपनी बात रख पाने के लिए एक राजनैतिक पार्टी के मजबूत संबल की बहुत अधिक जरुरत है. भाजपा में शामिल होने के मुख्य कारण यह हैं कि इस पार्टी में वंशवाद नहीं है, इसमें सर्वाधिक आतंरिक प्रजातंत्र है, यह विभिन्न वगों में विभेद नहीं करता है, एक अखिल भारतीय पार्टी है और राष्ट्रीयता की भावना पर आधारित है. जल्द ही मैं औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करुँगी.

मैंने अमिताभ ठाकुर को फोन पर समझाया था, मेरा आशय डराना या धमकाना नहीं था : मुलायम सिंह यादव

Amitabh Thakur : मेरे केस में श्री मुलायम सिंह का कथित बयान जो विवेचक श्री के एन तिवारी, थाना हजरतगंज ने कथित तौर पर 30 सितम्बर 2015 को उनके 05 विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर जा कर लिया था-

एक जनपक्षधर आईपीएस के सामने बौनी साबित हो गई देश के सबसे बड़े सूबे की पूर्ण बहुमत वाली सरकार

इसे कहते हैं जनपक्षधरता की ताकत. लोग कहते हैं कि अगर आप नियम कानून पर चलेंगे, ईमानदारी व सत्य की वकालत करेंगे, आम जन के हितों को देखकर काम करेंगे तो आजकल का भ्रष्ट सिस्टम आपको कहीं का नहीं छोड़ेगा. लेकिन बात जब अमिताभ ठाकुर जैसे आईपीएस की हो तो लगता है कि नहीं, अब भी लड़ने वाले लोग अकेले होकर भी पूरे सिस्टम को अपने सामने झुकने, बौना दिखने के लिए मजबूर कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों और भ्रष्ट नीतियों की पोल खोलने वाले जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को यूपी की पूर्ण बहुमत वाली सपा सरकार लाख कोशिश करके भी अरेस्ट नहीं कर पा रही है.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर हजरतगंज थाने के सामने धरने पर बैठे, मुलायम के खिलाफ एफआईआर लिखने की मांग

यूपी में जंगलराज चरम पर है. सीएम अखिलेश के पिताजी मुलायम सिंह यादव एक आईपीएस अफसर को फोन पर धमकाते हैं तो उस अफसर ने थाने में धमकी के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए अप्लीकेशन दिया. थाना पुलिस ने एफआईआर जब दर्ज नहीं किया तो आईपीएस अफसर कोर्ट जाता है और कोर्ट की तरफ से थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए आदेशित किया जाता है. बावजूद इसके पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे बैठे रहता है. इन हालात से दुखी आईपीएस अफसर थाने के सामने धरने पर बैठ जाता है.

मुलायम के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने से दुखी आईपीएस अमिताभ ठाकुर थाने के सामने धरने पर बैठेंगे

Amitabh Thakur : श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा 10 जुलाई 2015 को फोन पर धमकी देने के मामले में कोर्ट द्वारा 14 सितम्बर को समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद भी लखनऊ पुलिस द्वारा अब तक उसका पालन नहीं किये जाने के प्रति अपना कष्ट प्रकट करने हेतु मैं 01 अक्टूबर से थाना हजरतगंज के सामने अनिश्चितकालीन रूप से बैठूँगा. I shall be sitting indefinitely before Hazratganj police station from 01 October to show my pain at non-registration of FIR against Sri Mulayam Singh Yadav for phone threat on 10 July, despite the Court order passed on 14 September to register an FIR under appropriate sections.

मुलायम का अंत भी अब करीब आ गया है, वह भी अमिताभ ठाकुर के हाथों : दयानंद पांडेय

Dayanand Pandey : एक समय कंस और रावण जैसों को भी लगता था कि उन का कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। और वह अत्याचार पर अत्याचार करते जाते थे। लेकिन एक दिन उन का अंत हुआ। गोरी, गजनवी, चंगेज खां, बाबर, औरंगज़ेब आदि के हश्र भी हमारे सामने हैं। ब्रिटिश राज में तो एक समय सूरज भी नहीं डूबता था, पर एक दिन आया कि डूब गया। तो मुलायम सिंह यादव कौन सी चीज़ हैं? मुलायम सिंह यादव के पाप और कुकर्म का घड़ा भी अब भर जाने की राह पर है।

कैट ने दिया फैसला, ब्यूरोक्रेट्स की अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबन्ध आवश्यक

एक महत्वपूर्ण फैसले में केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने आज आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के किसी भी सरकारी कार्य की आलोचना करने पर लगे प्रतिबन्ध को समाप्त किये जाने हेतु दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया. नवनीत कुमार और ओपीएस मालिक की बेंच ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुछ अपरिहार्य प्रतिबन्ध आवश्यक हैं और चूँकि अखिल भारतीय सेवा के अफसर सरकार में उच्च पदों पर तैनात रहते हैं, अतः उन पर यह प्रतिबन्ध और भी कड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा अनुशासन और नियंत्रित गवर्नेंस के लिए ये प्रतिबंध आवश्यक हैं.

अगर अमिताभ ठाकुर सभी आरोपों से बरी हो गए तो कहीं एनजीओ वाले शर्मा जी को हार्ट अटैक न आ जाय!

Vinay Maurya : एक हैं सजय शर्मा जी…. मैं पहले ही स्पष्ट कर देना चाहूँगा की जिस लखनऊ के संजय शर्मा जी का मैं यहां उल्लेख कर रहा हूं और जिनके बारे में आगे लिख रहा हूं, वो एक एनजीओ संचालित करते हैं… लखनऊ से सांध्य दैनिक वाले संजय भैया तो अच्छे इंसान हैं मेरी नजर से…. मुझे लगा कि नाम से भ्रम न हो इसलिए स्पष्टीकरण दे रहा हूँ… अब आता हूं मूल मुद्दे पर. एनजीओ वाले संजय शर्मा को यादव सिंह घोटाला नहीं दीखता. उन्हें विनोद पण्डित की गाली नहीं सुनाई देती. उन्हें राममूर्ति का पत्रकार उत्पीड़न नहीं दीखता. उन्हें प्रदेश के अन्य अधिकारियों की बेहिसाब सम्पत्तियों का हिसाब नहीं मिलता. उन्हें सिर्फ अमिताभ और नूतन ठाकुर में ही सारा भरष्टाचार और बुराई नजर आती है.

हर माह सपा के शीर्ष तक जाते हैं अवैध खनन के 500 करोड़ रुपए : अमिताभ ठाकुर

निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने एक मीडिया रिपोर्टर से विशेष बातचीत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव की फोन पर धमकी सीधे तौर पर अवैध खनन के मामले से जुड़ी है और इस खनन में हर माह लगभग 500 करोड़ की कमाई ‘टॉप’ तक जाती है।

चंचल जी, आपके समाजवादी नेता ने जुझारू अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड करवा दिया!

Dayanand Pandey : उत्तर प्रदेश की फासिस्ट सरकार ने आख़िर हमारे जुझारू और संघर्षशील मित्र अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड कर दिया है। अब अमिताभ ठाकुर के विरोधियों की ईद अच्छी मनेगी। जातिवादी समाजवादी नेता ने सारा लोकतांत्रिक लोक लाज भस्म कर अमिताभ को सस्पेंड करवा दिया है अपने मुख्य मंत्री बेटे से रो गा कर। ईद मनाईये, दीवाली और होली मनाईये सरकार की इस फासिस्ट कार्रवाई पर और सेक्यूलरिज्म के खोखले गीत गाईए, और मस्त हो जाईए!

यूपी सरकार ने आईजी अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड किया, पढ़ें सस्पेंसन लेटर

आज देर शाम उत्तर प्रदेश सरकार ने आईजी सिविल डिफेंस अमिताभ ठाकुर को सस्पेंड कर दिया. इस बाबत उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग के मीडिया सेल की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी की गई है जो इस प्रकार है-

सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर अमिताभ ठाकुर को राज्य की प्रताड़ना से बचाए

सर्वोच्च न्यायालय से गुहार. यूपी के आईजी अमिताभ ठाकुर के मामले में दखल दीजिए. सरकार की प्रताड़ना से बचायें, वरना सभी जनवादी और लोकतंत्र के नायक कालकोठरी में होंगे. अब जरा भी देरी न्यायिक प्रक्रिया का मजाक बना देगी. यूपी सरकार से भरोसा उठ रहा है. सुप्रीम कोर्ट से आस है. पूरा मामला देश के लोकतंत्र और कानूनी प्रक्रिया का माखौल उड़ाते साफ दिख रहा है. अब तो हर पत्रकार और अफसर को डर लगने लगा है कि जो यूपी सरकार के खिलाफ आवाज उठायेगा, वो फर्जी मुकदमे झेलेगा, जेल जायेगा. ये देश की सबसे बड़ी अदालत, अब जनता इंसाफ के लिए आप की तरफ टकटकी लगाये बैठी है. दखल दीजिए. 

मुलायम-अमिताभ प्रकरण : दैनिक हिन्‍दुस्‍तान लखनऊ ने पहली खबर दबा दिया, दूसरी खिलाफ खबर छाप दिया!

अच्‍छा, इस हालत को क्‍या कहा-माना जाए कि एक खबर को दबा लिया गया है। इतना ही नहीं, इस असल खबर से जुड़ी एक दूसरी खबर उस खबर के खिलाफ छाप दी गयी। इतना भी होता तो बर्दाश्‍त कर लिया जाता। सम्‍पादक ने उससे जुड़ा एक साक्षात्‍कार छाप दिया है। सम्‍पादक है। यह कमाल किया है दैनिक हिन्‍दुस्‍तान के सम्‍पादक केके उपाध्‍याय ने। अरे जनाब, यह करने से पहले आप जरा इतना तो सोच लेते कि आप सम्‍पादन कर रहे हैं या तेल-चटाई का धन्‍धा खोले बैठे हैं। 

वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने मुलायम यादव के खिलाफ धमकाने की लिखित कंप्लेन दी, पढ़ें पूरा लेटर

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आज लखनऊ के हजरतगंज थाने में सपा मुखिया मुलायम यादव के खिलाफ लिखित कंप्लेन दी है. इस कंप्लने में उन्होंने फोन पर धमकाने को लेकर विस्तार से सारी बाती बताई हैं. अमिताभ ठाकुर जब रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उनके साथ मीडिया के भी काफी लोग थे. अमिताभ और मुलायम की बातचीत का टेप कल जारी होने के बाद से यूपी की राजधानी लखनऊ में हलचल तेज हो गई.

अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

Himanshu Dwivedi : इमानदार आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी से संबंधित ऑडियो टेप में ‪‎मुलायम‬ ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ का जिक्र करके कह रहा है कि “क्या वो भूल गए?” और अंत में कहता है कि अबकी बार उससे ज्यादा हो जाएगा! क्या है ये ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’? दरअसल ये जिक्र था एक घटना का जब समाजवादी पार्टी की पिछली से पिछली सरकार के समय श्री अमिताभ ठाकुर फीरोजाबाद जिले में पुलिस कप्तान के रूप में तैनात थे! तब सीएम मुलायम सिंह यादव हुआ करते थे. ‎फीरोजाबाद‬, इटावा, मैनपुरी यादव बेल्ट होने के कारण मुलायम परिवार का राजनीतिक गढ़ रही है और स्वाभाविक सी बात है कि इनकी दबंगई और गुंडागर्दी का केंद्र भी!

लखनऊ के अखबार दबा कर बैठ गए ‘मुलायम धमकी’ वाला टेप, कहीं कोई खबर नहीं

Yashwant Singh : लखनऊ के अखबार दबा के बैठ गए मुलायम धमकी वाली न्यूज़। सिर्फ nbt lucknow में सिंगल कॉलम खबर है। दैनिक जागरण अमर उजाला हिंदुस्तान समेत सैकड़ों छोटे बड़े अखबारों के नपुंसक संपादकों को लानत भेजिए। शेम शेम। ये धमकी वाला टेप किन न्यूज़ चैनलों पर चला, किनपे नहीं चला, कृपया अवगत कराइए। और हाँ, अगर आपने अब तक इस टेप को अपने fb वाल पर शेयर नहीं किया तो अब कर लीजिये। चैनल वाले अखबार वाले ये टेप दबा के बैठे हुवे हैं। लग रहा बारगेनिंग चल रही है या डील हो चुकी है। ऐसे में हमको आपको इस लिंक को फैलाना होगा ताकि खबर दब ना सके और बारगेनिंग फेल हो सके। लिंक ये है: https://www.youtube.com/watch?v=qks3tJxKNsI

मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकाने संबंधी एफआईआर लिखाएंगे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

Amitabh Thakur : मैं आज 11 बजे थाना हजरतगंज जा कर श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा मुझे दी गयी धमकी के सम्बन्ध में एआईआर प्रस्तुत करूँगा. साथ ही वरिष्ठ अफसरों को अपनी और पत्नी नूतन की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना करूँगा. Today I shall be presenting an FIR before Hazratganj police station at 11 AM regarding Sri Mulayam Singh Yadav’s yesterday threat. I shall also be presenting my application to senior officers for my and wife Nutan’s security. यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के फेसबुक वॉल से.

आईपीएस को धमकाने वाला टेप सुनकर मुलायम के प्रति जो मन में थोड़ी बहुत इज्जत थी, वो भी खत्म हो गई….

Senior IPS officer Amitabh Thakur alleges Mulayam Singh Yadav threatened him on phone

एक समाजवादी पुरोधा का चरम पतन… सुनिए ये टेप जिसमें मुलायम सिंह यादव धमका रहे हैं आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को… अब तक हम लोग सोचा करते थे कि आखिर यूपी में जंगल राज का असली राज क्या है.. पर अब पता चला कि जब मुखिया ही एक आईपीएस को ऐसे सीधे धमका सकता है तो उनके चेले चमचे क्या करते होंगे… यही कारण है कि पूरे यूपी में आग लगी हुई है… बजाय आग बुझाने के, मुलायम सिंह यादव अब उन्हें धमका रहे हैं जो जनहित में सक्रिय रहते हुए सरकार की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश कर रहे हैं…

ये है वो टेप जिसमें मुलायम एक आईपीएस अफसर को ‘सुधर जाने’ की धमकी दे रहे हैं… (सुनें)

उत्तर प्रदेश में जंगलराज का आलम ये है कि अब खुद नेताजी यानि मुलायम सिंह यादव एक आईपीएस अफसर को धमका रहे हैं. अखिलेश यादव भले मुख्यमंत्री हों उत्तर प्रदेश के लेकिन असली राजा तो मुलायम सिंह यादव ही हैं. उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, अनाचार और जंगल राज का जो आलम है, उसमें प्रदेश की जनता पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के खिलाफ हो गई है. बजाय जनता के बीच छवि ठीक करने और कानून व्यवस्था सुधारने के, समाजवादी पार्टी के नेता उन एक्टिविस्ट अफसरों को धमका रहे हैं जो शासन की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करने में लगे हैं.

मुलायम सिंह ने आईपीएस को कहा- सुधर जाओ, नहीं तो….!

आज 10 जुलाई 2015 को दिन में फोन नंबर 0522-2235477 से मुलायम सिंह यादव का फोन आईपीएस अमिताभ ठाकुर उनके मोबाइल नंबर नंबर 094155-34526 पर आया. वक्त था शाम चार बजकर 43 मिनट. कुल दो मिनट 10 सेकेंड बात हई. पूरी बातचीत का ट्रांसक्रिप्ट इस प्रकार है…

मुलायम सिंह यादव ने फोन कर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाया!

एक बड़ी खबर लखनऊ से आ रही है. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि उन्हें मुलायम सिंह यादव ने फोन कर धमकाया और सुधर जाने की नसीहत दी. अमिताभ ने पूरी धमकी को रिकार्ड कर लिया है और जल्द ही इसे पब्लिक डोमेन में लाने जा रहे हैं.  अमिताभ ठाकुर का कहना है कि उनके पास जो फोन आया तो कहा गया कि मुलायम सिंह यादव बात करेंगे. जब मुलायम सिंह यादव लाइन पर आए तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि पिछली बार से ज्यादा बुरी गत बनाउंगा. सुधर जाओ. अमिताभ ठाकुर ने इस तरह की धमकी को बेहद अलोकतांत्रिक बताते हुए पूरे मामले को जनता की अदालत में ले जाने का फैसला किया है.

लोकायुक्त ने यूपी के मंत्री गायत्री प्रजापति को दोषमुक्त करार दिया, नूतन ठाकुर को धमकी मिली

Amitabh Thakur : जय हिन्द नूतन ठाकुर…  पत्नी नूतन ठाकुर को मंत्री श्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ अवैध खनन की शिकायत के बाद लोकायुक्त द्वारा फटकार लगाने पर कोटिश सैल्यूट. मेरी दृष्टि में अवैध खनन और उसके द्वारा अवैध संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की “बड़ी गलती” पर उन्हें यह दंड मिलना ही चाहिए था क्योंकि सच्चाई तो यही है कि प्रदेश में कहीं अवैध खनन नहीं हो रहा है और यदि किसी को ऐसा होता दिख रहा है तो यह उस व्यक्ति का दृष्टि-दोष और भ्रम है. नूतन द्वारा इस लम्बी लड़ाई को बहुत ईमानदारी से लड़ने और उसके बदले फटकार और दंड की धमकी पाने की स्थिति ने व्यवस्था-विषयक बहुत सारी बातें बिना कहे स्वयं कह दीं और हमें अपने पथ पर अविचलित चलने की एक नयी उर्जा और प्रेरणा भी दी.

Asaram supporters zeroing on an IPS

IPS officer Amitabh Thakur, who is pursuing the murder case of Asaram follower Akhil Kumar Gupta in Muzaffarnagar, seems to have come in the target-zone of Asaram Bapu followers. Sri Thakur got a message on Facebook from a New Delhi swami that Asaram’s followers are eliciting information about him through a lady Police Circle Officer posted in Meerut. The message talked ofmany organizers of these Ashrams being criminal elements.

‘Holiday politics’ challenged in HC

IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur today filed a Petition in Allahabad High Court, Lucknow Bench as regards the ‘holiday politics’ being played by the Uttar Pradesh government for the last few years. The petition says that the State government declares ‘public holidays’ under section 25 of Negotiable Instruments Act but for the last few years such holidays are being declared in a completely arbitrary manner solely for political considerations.

IPS seeks end of colonial era ‘Guard of honour”

IPS officer Amitabh Thakur has sought end of the ceremonial Guard of honour being given to senior police and administrative officers and political persons. In his letter to Chief Secretary, he said that an IG and senior officers are given guard of honour by 1 SI, 2 Head Constables and 8 constables while others are given such honour by 1 Head constable and 4 constables.

यूपी के दो परम भ्रष्टाचारियों यादव और प्रजापति को गुस्सा क्यों आता है?

Amitabh Thakur : मेरी पत्नी नूतन ठाकुर ने पिछले दिनों कई गलत काम किये हैं लेकिन उनमे सबसे गलत काम निश्चित रूप से नॉएडा के भले शेर अभियंता और देश के पूर्व युवराज के जिले के खनन बाबा के खिलाफ शिकायतें हैं. ये दोनों ऐसे लोग हैं जिनके सम्बन्ध में बच्चा-बच्चा यह मानता है कि उन पर साक्षात् लक्ष्मी की कृपा है, साथ ही यह भी मान्यता है कि इन दोनों ने तंत्र का मन्त्र पूरी तरह समझ लिया है और ऊपर से नीचे तक सभी जगह इनके पत्ते फिट हैं, और जो व्यवस्था में फिट है, जाहिर है वह हिट है. इसीलिए यादव प्रजापति बंधू पूरी तरह और बुरी तरह हिट हैं, सुपरहिट. इस तरह हिट कि इनके लिए स्वयं व्यवस्था खड़ी हो जाती है यह कहते हुए कि ये भोले हैं और भले भी.

रामपुर में ‘नए नवाब’ का इशारा मिलते ही ‘चरस वाले बाबा’ नाम से कुख्यात एक सीनियर पुलिस अफसर जेल भेज देता है…

(आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर)


: एक आईपीएस अफसर की जुबानी, रामपुर में एक नेता के दहशत, आतंक और अत्याचार की कहानी : मैं और नूतन दो दिन के लिए रामपुर गए. वजह थी यह जानकारी कि वहां करीब 80 वाल्मीकि परिवार, जो लगभग 60 वर्षों से घर बना कर रह रहे थे, को जिला प्रशासन द्वारा अचानक उजाड़े जाने की बात कही जा रही है. हम 11 अप्रैल की शाम लगभग 5 बजे रामपुर पहुंचे और 12 को लगभग 12 बजे तक वहां रहे. इस दौरान हमने मौके को भलीभांति देखा और देखते ही यह बात समझ में आ गयी कि वाल्मीकि बस्ती के लोगों की बात पूरी तरह जायज़ है. कई दशकों से ये लोग पक्के मकान बना कर रह रहे हैं, पूरे के पूरे परिवार. उनके वोटर आईडी हैं, सभी सरकारी दस्तावेज़ हैं, नगर पालिका ने मकान नंबर दिए हैं.

Save us from these IAS officers : IPS Amitabh Thakur

Amitabh Thakur : Save us from these IAS officers… I have realized that a reasonable proportion of IAS officers have become so career oriented that they are willing to make any kind of compromise and keep quite against any wrong-doings, including that of their personal dignity and harassment, solely for their career gains, as was our personal experience once again, when my wife Nutan Thakur raised a sensitive and shocking matter related with a woman IAS officer, she along with her IAS husband, instead of standing for the cause, started pressurizing her to withdraw the complaint immediately, claiming that nothing of that sort has happened, when we have enough reason and facts to say that there was definite truth in the complaint. How will such IAS officers save the dignity of others if they cannot stand for their own cause?  

सपा अध्यक्ष ने दरोगा की जीभ काट लेने की धमकी दी, आईपीएस अमिताभ ने की डीजीपी से जांच की मांग

वाराणसी : सपा सरकार के जमाने में जो न हो जाए, कम ही है. वाराणसी जिले के सिगरा थाने के लल्लापुर चौकी के दारोगा रामसरीख को पहले तो समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष राज कुमार जायसवाल ने फोन पर जीभ काटने की धमकी दी। इसके बाद एसएसपी ने कार्य की लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी को लाइनहाजिर कर दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक रिकॉर्ड आडियो वायरल हो गया। रिकार्ड में सुनाई दे रहा है कि सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जयसवाल दरोगा की जुबान काटने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही कई एसओ के जिला कार्यालय में बैठे होने की  बात कहते हुए बता रहे हैं कि कई दरोगा तुम्हारी शिकायत कर रहे हैं। तुम्हे लाइन में बैठा दूंगा। 

पुलिस विभाग में “लीडरशिप” को कुत्सित प्रयास बताने पर आईपीएस का विरोध

लखनऊ पुलिस लाइन्स के मुख्य आरक्षी बिशन स्वरुप शर्मा ने अपने सेवा-सम्बन्धी मामले में एक शासनादेश की प्रति लगा कर अनुरोध किया कि उन्हें इस बात का अपार दुःख और कष्ट है कि शासनादेश जारी होने के 33 साल बाद भी इसका पूर्ण लाभ पुलिस कर्मचारियों को नहीं दिया गया. पुलिस विभाग के सीनियर अफसरों को श्री शर्मा की यह बात बहुत नागवार लगी कि “उसने विभाग के पुलिस कर्मचारियों की सहानुभूति प्राप्त करने का एक प्रयास किया है” और पुलिस विभाग के कर्मचारियों को लाभ दिलाने की सामूहिक बात लिखित रूप से प्रकट की है.