इंडिया टुडे समूह को लल्लनटॉप टाइप पत्रकारों की जरूरत

इंडिया टुडे समूह की वेबसाइट ‘लल्‍लनटॉप’ को लल्लनटाप टाइप पत्रकार चाहिए. कुल छह पद हैं. कार्यस्थल होगा फिल्‍म सिटी, नोएडा. सोशल मीडिया एडिटर (असिस्टेंट एडिटर लेवल), न्यूज प्रॅड्यूसर (असिस्टेंट एडिटर लेवल), सिनेमा राइटर (चीफ सब एडिटर लेवल), दो ट्रेनी, न्यूज (पॉलिटिक्स, स्पोर्ट्स, टेक, इकॉनमिक्स या फिर बिहार में खास दिलचस्पी हो तो अच्‍छा) और एंकर …

सैकड़ों करोड़ रुपये देख कल्ली पुरी ‘इंडिया टुडे’ समेत सभी प्लेटफार्म्स पर ‘एजेंडा’ पत्रकारिता के लिए तैयार हो गईं, देखें वीडियो

टीवी टुडे नेटवर्क हिन्दी और न्यूज़ टेलिविजन नेटवर्क इंग्लिश है। बीएसई और एनएसई में लिस्टेड टीवी टुडे नेटवर्क के आजतक, इंडिया टुडे टेलीविजन, तेज़ और दिल्ली आजतक जैसे कई न्यूज़ चैनल है। व्यापक रूप से टीवी टुडे नेटवर्क का स्वामित्व अरुण पुरी नियंत्रित लिविंग मीडिया इंक के पास है जो इंडिया टुडे, बिज़नस टुडे मैगज़ीन …

‘गौ आतंकी’ शीर्षक से कार्यक्रम प्रसारित करने पर इंडिया टुडे ग्रुप को विहिप ने लीगल नोटिस भिजवाया

विश्व हिंदू परिषद ने इंडिया टुडे ग्रुप को एक लीगल नोटिस भिजवाया है. यह नोटिस ‘गौ आतंकी’ नाम से एक कार्यक्रम ‘इंडिया टुडे’ पर प्रसारित करने को लेकर था. लीगल नोटिस में कहा गया है कि इस कार्यक्रम के जरिए विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा बजरंग दल की छवि को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया गया है. लीगल नोटिस की एक कापी सूचना और प्रसारण मंत्रालय को भी भेज दिया गया है.

‘इंडिया टुडे’ में ‘हत्यारोपी’ वंजारा को हीरो बनाने वाला संपादक वीएचपी का सलाहकार!

क्या आपने इंडिया टुडे (अंग्रेज़ी) का 9 मई का अंक देखा है। इसमें सोहराबुद्दीन और इशरत जहाँ फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में फँसे पूर्व आईपीएस डी.जी.वंजारा पर एक स्टोरी है। तमाम किंतु-परंतु के बीच यह बताती है कि कैसे वंजारा देशद्रोही ताक़तों के शिकार हुए हैं और जल्दी ही वे राजनीति में शामिल होकर हिसाब बराबर करेंगे। वंजारा लंबे समय से जेल के बाद अब पैरोल पर हैं। करीब नौ साल बाद पिछले दिनों जब वे अहमदाबाद पहुँचे तो उनके भव्य स्वागत से आह्लादित इंडिया टुडे के सीनियर एडिटर उदय महूरकर ने अपने “ड्रेसिंग फॉर बैटेल” शीर्षक लेख में उन्हें किसी हीरो की तरह पेश किया। साथ में एक तस्वीर भी लगाई जिसमें राजसी मेहराब के बैकग्राउंड में वंजारा अपनी तलवार के साथ किसी सेनानायक की तरह लग रहे हैं। लेकिन कारवाँ पत्रिका से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हरतोष सिंह बल ने बताया है कि यह संयोग नहीं है। उदय महूरकर दरअसल वीएचपी के पुराने सलाहकार रहे हैं। सुनिये हरतोष सिंह बल की ज़ुबानी, उदय महूरकर और इंडिया टुडे की कहानी– 

इंडिया टुडे ग्रुप ने बिहार में जंगलराज-2 घोषित कर दिया!

Nadim S. Akhter : इंडिया टुडे ग्रुप ने बिहार में जंगलराज-2 घोषित कर दिया है। हेडिंग देखिये। ये कहकर कि ये लेखक के निजी विचार हैं। संपादकीय पतन की निर्लज्ज पराकाष्ठा देखिये। यदि ऐसा है तो आरजेडी, बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम दलों को अपने ऑनलाइन भक्तों वाली सेना को ichowk के लिए लगा देना चाहिए ताकि वे पानी पी-पी कर विरोधियों को रावण और अपने नेता को हीरो बनाते रहें और पब्लिक इसे एक बड़े मीडिया संस्थान का निष्पक्ष प्रकाशन मानती रहे।

Will India Today’s gamble to rebrand its Headlines Today television channel pay off?

Media watchers and market analysts are observing the recent rebranding of Headlines Today as India Today TV with keen interest. As rebrandings go, this exercise is undoubtedly bold, running many risks. Is India Today a strong enough brand to work magic in the visual and print media together? Can a print brand’s appeal be superimposed on a television network to get better TRPs? Will core readers of India Today, the flagship 30-year-old magazine, switch to watching the India Today TV channel, snubbing NDTV and Times Now or News X?

अरुण पुरी ने बेटी कली पुरी को बना दिया ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर

अरुण पुरी यानि आजतक, इंडिया टुडे समेत कई चैनलों पत्रिकाओं के मालिक ने अब अपनी बेटी कली पुरी को ग्रुप का एडिटोरियल डायरेक्टर बना दिया है. इंडिया टुडे ग्रुप में कली पुरी अब ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्‍टर के बतौर ब्रॉडकास्‍ट और न्‍यू मीडिया का काम देखेंगी. इससे पहले कली पुरी ग्रुप सिनर्जी और क्रिएटिव ऑफिसर पद पर थीं.

जल्द आ रहा है अंग्रेजी न्यूज चैनल India Today

हिंदी समाचार चैनलों में ‘आजतक’ के तौर पर अपनी बादशाहत कायम करने के बाद टीवी टुडे ग्रुप अब अंग्रेजी में भी दमदार दस्तक के लिए तैयार है. अंग्रेजी माध्यम में सबसे तेज और सबसे बेहतर खबरों के प्रसारण और विश्लेषण के लिए जल्द ही India Today के नाम से अंग्रेजी न्यूज चैनल लॉन्च होने वाला है.

अरुण पुरी को पत्रकारिता से प्रेम होता तो इंडिया टुडे के दक्षिण भारत के तीन एडिशन्स क्यों बंद करते!

एक बुरी खबर इंडिया टुडे ग्रुप से है. इंडिया टुडे पत्रिका के दक्षिण भारत के तीन एडिशन्स बंद कर दिए गए हैं. अब इंडिया टुडे को तमिल, तेलगु और मलायलम भाषी लोग नहीं पढ़ सकेंगे. इन तीन एडिशन्स के बंद होने के बाद इंडिया टुडे सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी में बची है. लोग कहने लगे हैं कि अगर अरुण पुरी को सच में पत्रकारिता से प्रेम होता या मीडिया के सरोकार से कोई लेना-देना होता तो वह दक्षिण भारत के तीन एडिशन्स बंद नहीं करता.

Aroon Purie को शर्म मगर आती नहीं….

जिस रोज पेशावर में मासूमों का कत्लेआम किया जा रहा था, जिस शाम पूरी दुनिया इस जघन्यतम बाल संहार से स्तब्ध होकर आंसू बहा रही थी, उसी रोज और उसी शाम अरुण पुरी अपनी पूरी टीम के साथ नोएडा फिल्म सिटी में पार्टी इंज्वाय कर रहे थे. बैंड बाजा लाइंटिंग डांस खाना पीना मस्ती.. फुल टाइट व्यवस्था थी और सबने जी भर कर इंज्वाय किया.. पार्टी India Today मैग्जीन की वर्षगांठ के मौके पर तय थी और हुई भी. एक बार भी अरुण पुरी का दिल पेशावर के बच्चों के लिए दर्द से नहीं भरा. सरोकारी पत्रकारिता और संवेदनशील पत्रकारिता का दावा करने वाले टीवी टुडे ग्रुप और लीविंग मीडिया कंपनी के मालिक अरुण पुरी से कम से कम ये उम्मीद तो हम सभी कर सकते हैं कि वह देश दुनिया की नब्ज, संवेदना, सरोकार को पकड़ेंगे, समझेंगे और उसके हिसाब से बिहैव करेंगे. फिल्म सिटी में काम करने वाले दर्जनों पत्रकारों ने भड़ास को फोन कर इस जघन्य पार्टी के बारे में जानकारी दी.

बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाया अरुण पुरी अब ‘पत्रकारीय वेश्यावृत्ति’ पर उतर आया है…

Yashwant Singh : फेसबुक पर लिखने वालों, ब्लाग लिखने वालों, भड़ास जैसा पोर्टल चलाने वालों को अक्सर पत्रकारिता और तमीज की दुहाई देने वाले बड़े-बड़े लेकिन परम चिरकुट पत्रकार इस मुद्दे पर पक्का कुछ न बोलेंगे क्योंकि मामला कथित बड़े मीडिया समूह इंडिया टुडे से जुड़ा है. बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाए अरुण पुरी क्या यह बता सकेगा कि वह इस फर्जी सर्वे के लिए बीजेपी या किसी अन्य दल या कार्पोरेट से कितने रुपये हासिल किए हैं… इंडिया टुडे वाले तो सर्वे कराने वाली साइट के पेजेज को खुलेआम अपने एफबी और ट्विटर पेजों पर शेयर कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि मामला सच है और इंडिया टुडे वालों ने केजरीवाल को हराने के लिए किसी बड़े धनपशु से अच्छे खासे पैसे हासिल किए हैं.

इंडिया टुडे वालों के फर्जी सर्वे की खुली पोल, केजरीवाल ने पूछा- क्या यही है पत्रकारिता?

इंडिया टुडे समूह के फर्जी सर्वे और घटिया पत्रकारिता से अरविंद केजरीवाल नाराज हैं. अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्टवीट करके लोगों से पूछा है कि क्या इसे ही पत्रकारिता कहते हैं? साथ ही केजरीवाल ने एक वीडियो लिंक दिया है जिसमें इंडिया टुडे के फर्जी सर्वे की असलियत बताई गई है. अरविंद केजरीवाल के पेज पर शेयर किए गए लिंक से यू-ट्यूब पेज पर जाने पर एक वीडियो मिलता है. इस वीडियो में दिखाया गया है ‌कि देश का नामी इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा न्यूजफिल्क्स डाट काम नामक एक वेबसाइट के जरिए एक सर्वे कराया रहा है जिसमें लोगों से पूछा गया है कि वह केजरीवाल को कितना नापसंद करते हैं और ये कि क्या आप केजरीवाल को दोबारा मौका देंगे?