सैकड़ों करोड़ रुपये देख कल्ली पुरी ‘इंडिया टुडे’ समेत सभी प्लेटफार्म्स पर ‘एजेंडा’ पत्रकारिता के लिए तैयार हो गईं, देखें वीडियो

टीवी टुडे नेटवर्क हिन्दी और न्यूज़ टेलिविजन नेटवर्क इंग्लिश है। बीएसई और एनएसई में लिस्टेड टीवी टुडे नेटवर्क के आजतक, इंडिया टुडे टेलीविजन, तेज़ और दिल्ली आजतक जैसे कई न्यूज़ चैनल है। व्यापक रूप से टीवी टुडे नेटवर्क का स्वामित्व अरुण पुरी नियंत्रित लिविंग मीडिया इंक के पास है जो इंडिया टुडे, बिज़नस टुडे मैगज़ीन …

संबित पात्रा ‘आजतक’ न्यूज चैनल में एंकर बन गए… मुझे तो शर्म आई… आपको?

आजतक के मालिक साहब अरुण पुरी जी कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में हैं और मीडिया पर हमले हो रहे हैं… दूसरी तरफ वे अपने ही चैनल में एंकर की कुर्सी पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को बिठा देते हैं. कैसा दौर आ गया है जब मीडिया वालों को टीआरपी के कारण सिर के बल चलना पड़ रहा है. टीवी वाले तो वैसे भी सत्ताधारियों और नेताओं के रहमोकरम पर जीते-खाते हैं लेकिन वे शर्म हया बेच कर नेताओं-प्रवक्ताओं को ही एंकर बनाने लगेंगे, भले ही गेस्ट एंकर के नाम पर तो, इनकी बची-खुची साख वैसे ही खत्म हो जाएगी.

नफरत फैलाने वाले एंकरों पर मुक़दमा चलाने की मांग करने वाली महिला पत्रकार को अरुण पुरी ने नौकरी से निकाला

Shweta R Rashmi : शर्मनाक और घटिया शुरुआत है ये… टीवी टुडे की पत्रकार को इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उसने पत्रकारिता में सिखाये ऊसूल को याद रखते हुए आस पास देख कर सच लिखा और ट्वीट किया। प्रबंधन ने उस पर दवाब डाला कि वो ट्वीट डिलीट करे। ऐसा न करने पर नौकरी से टर्मिनेट कर दिया गया। टीवी टुडे ग्रुप में घटी इस घटना से पहले बॉबी घोष को भी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि एक खबर पर सत्ता पक्ष को ऐतराज़ था। अब सवाल ये है कि टीवी टुडे के, या अन्य मीडिया संस्थानों के मैनेजमेंट को दंगा करवाने पर आमादा, बिक़े और गलत सूचना फ़ैलाने वाले झींगुर क्यों नहीं दिखते।

अरुण पुरी की बेटी कोयल पुरी ने डायरेक्टर पद से दिया इस्तीफा

इंडिया टुडे ग्रुप और टीवी टुडे ग्रुप में पिछले कुछ दिनों से शीर्ष स्तर पर उथल पुथल चल रहा है. इन कंपनियों के चेयरमैन अरुण पुरी अब धीरे धीरे कमान अपनी बेटियों के हाथों सौंपते जा रहे हैं. इंडिया टुडे ग्रुप के सीईओ आशीष बग्गा के इस्तीफा देने के बाद कली पुरी कंपनी के रोजना …

‘लल्लनटॉप’ वाले हिटलर का लिंग नाप आए, अब अरुण पुरी का नापेंगे!

Wasim Akram Tyagi : टीवी टुडे ग्रुप का एक न्यूज पोर्टल है लल्लनटाप. इसकी एक ‘स्पेशल स्टोरी’ का स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर घूम रहा है. इसकी हेडिंग कुछ यूं हैं ‘छोटा लिंग, निराश क्यों? हिटलर का भी छोटा था’. पत्रकारित का स्तर देख लीजिये साहब, कहां पहुंच गया है? ‘लल्लनटाप’ वाले से मेरा एक सवाल है कि हिटलर का लिंग छोटा था या बड़ा, लेकिन यह बताईये कि उसके लिंग को इंच टेप लेकर नापा किसने था?

71 साल की उम्र में अरुण पुरी शायद अपनी ही कही बातों को भुला चुके हैं!

Deepak Sharma : १३-१४ साल पहले जब मै प्रिंट से टीवी पत्रकारिता में आया, तो आजतक के मुख्य संपादक अरुण पुरी कहा करते थे कि नेताओं के बयान नही खबर दिखाईये. उनका मानना था कि जिनके पास समस्या का हल नहीं है, उन नेताओं की फालतू बहस दर्शक को सुनाने का क्या फायदा. पुरी साहब …

अरुण पुरी के खिलाफ विहिप नेता द्वारा दायर मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई

बिजनेस टुडे मैग्जीन के कवर फोटो पर महेंद्र सिंह धोनी को भगवान विष्णु के रूप में प्रकाशित करने के खिलाफ बेंगलुरु में एक विहिप नेता ने इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था. इस मुकदमें पर रोक के लिए अरुण पुरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने अरुण पुरी को राहत दे दी है. पढ़िए इस संबंध में रिलीज हुई खबर….

Will India Today’s gamble to rebrand its Headlines Today television channel pay off?

Media watchers and market analysts are observing the recent rebranding of Headlines Today as India Today TV with keen interest. As rebrandings go, this exercise is undoubtedly bold, running many risks. Is India Today a strong enough brand to work magic in the visual and print media together? Can a print brand’s appeal be superimposed on a television network to get better TRPs? Will core readers of India Today, the flagship 30-year-old magazine, switch to watching the India Today TV channel, snubbing NDTV and Times Now or News X?

अरुण पुरी ने बेटी कली पुरी को बना दिया ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर

अरुण पुरी यानि आजतक, इंडिया टुडे समेत कई चैनलों पत्रिकाओं के मालिक ने अब अपनी बेटी कली पुरी को ग्रुप का एडिटोरियल डायरेक्टर बना दिया है. इंडिया टुडे ग्रुप में कली पुरी अब ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्‍टर के बतौर ब्रॉडकास्‍ट और न्‍यू मीडिया का काम देखेंगी. इससे पहले कली पुरी ग्रुप सिनर्जी और क्रिएटिव ऑफिसर पद पर थीं.

prize money received by Aroon Purie is not taxable : Delhi HC

In a significant decision, the Delhi High Court has held that prize money received by India Today Editor Aroon Purie was not directly relatable to his carrying on vocation as a journalist, but linked with his personality and it would be a capital receipt and hence not taxable under the Income Tax (I-T) Act. The HC explained that every receipt, which is not explicitly exempt would not be an income and its taxability would depend on particular situation, says Taxsutra.com a website that provides, on a real-time basis, updates and analysis of all income tax rulings.

भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

अरुण पुरी को पत्रकारिता से प्रेम होता तो इंडिया टुडे के दक्षिण भारत के तीन एडिशन्स क्यों बंद करते!

एक बुरी खबर इंडिया टुडे ग्रुप से है. इंडिया टुडे पत्रिका के दक्षिण भारत के तीन एडिशन्स बंद कर दिए गए हैं. अब इंडिया टुडे को तमिल, तेलगु और मलायलम भाषी लोग नहीं पढ़ सकेंगे. इन तीन एडिशन्स के बंद होने के बाद इंडिया टुडे सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी में बची है. लोग कहने लगे हैं कि अगर अरुण पुरी को सच में पत्रकारिता से प्रेम होता या मीडिया के सरोकार से कोई लेना-देना होता तो वह दक्षिण भारत के तीन एडिशन्स बंद नहीं करता.

एक करोड़ का मानहानि प्रकरण : अरुण पुरी और सलमान खुर्शीद में समझौता, हफ्ते भर तक माफीनामा चलेगा ‘आजतक’ वेबसाइट पर

India Today, Aroon Purie settle Salman Khurshid defamation claim

The India Today group’s TV channel Aaj Tak has published a small note of mutual regret on the bottom right-hand corner of its website, in its settlement of a Rs 1 crore defamation suit brought in 2012 by Louise Khurshid, the wife of Salman Khurshid, who was then law minister.

‘आजतक’ और ‘हेडलाइंस टुडे’ में क्या दलित विरोधी मानसिकता वाले सवर्ण भरे पड़े हैं?

Ajitesh Mridul : This is how Headlines Today depicted Bihar’s CM Jiten Manjhi. I just want to tell them that sucking up to Bhajappa and all is OK, but at least hire people who understand the social construct. Mushars, don’t eat rats just for the heck of it. Read and learn about their sufferings.

Aroon Purie को शर्म मगर आती नहीं….

जिस रोज पेशावर में मासूमों का कत्लेआम किया जा रहा था, जिस शाम पूरी दुनिया इस जघन्यतम बाल संहार से स्तब्ध होकर आंसू बहा रही थी, उसी रोज और उसी शाम अरुण पुरी अपनी पूरी टीम के साथ नोएडा फिल्म सिटी में पार्टी इंज्वाय कर रहे थे. बैंड बाजा लाइंटिंग डांस खाना पीना मस्ती.. फुल टाइट व्यवस्था थी और सबने जी भर कर इंज्वाय किया.. पार्टी India Today मैग्जीन की वर्षगांठ के मौके पर तय थी और हुई भी. एक बार भी अरुण पुरी का दिल पेशावर के बच्चों के लिए दर्द से नहीं भरा. सरोकारी पत्रकारिता और संवेदनशील पत्रकारिता का दावा करने वाले टीवी टुडे ग्रुप और लीविंग मीडिया कंपनी के मालिक अरुण पुरी से कम से कम ये उम्मीद तो हम सभी कर सकते हैं कि वह देश दुनिया की नब्ज, संवेदना, सरोकार को पकड़ेंगे, समझेंगे और उसके हिसाब से बिहैव करेंगे. फिल्म सिटी में काम करने वाले दर्जनों पत्रकारों ने भड़ास को फोन कर इस जघन्य पार्टी के बारे में जानकारी दी.

बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाया अरुण पुरी अब ‘पत्रकारीय वेश्यावृत्ति’ पर उतर आया है…

Yashwant Singh : फेसबुक पर लिखने वालों, ब्लाग लिखने वालों, भड़ास जैसा पोर्टल चलाने वालों को अक्सर पत्रकारिता और तमीज की दुहाई देने वाले बड़े-बड़े लेकिन परम चिरकुट पत्रकार इस मुद्दे पर पक्का कुछ न बोलेंगे क्योंकि मामला कथित बड़े मीडिया समूह इंडिया टुडे से जुड़ा है. बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाए अरुण पुरी क्या यह बता सकेगा कि वह इस फर्जी सर्वे के लिए बीजेपी या किसी अन्य दल या कार्पोरेट से कितने रुपये हासिल किए हैं… इंडिया टुडे वाले तो सर्वे कराने वाली साइट के पेजेज को खुलेआम अपने एफबी और ट्विटर पेजों पर शेयर कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि मामला सच है और इंडिया टुडे वालों ने केजरीवाल को हराने के लिए किसी बड़े धनपशु से अच्छे खासे पैसे हासिल किए हैं.

राजदीप सरदेसाई टीवी टुडे समूह के साथ जुड़े, पढ़िए अरुण पुरी का वेलकम लेटर

Dear all,

I am pleased to welcome Rajdeep Sardesai to the India Today Group. He will join us in the capacity of Consulting Editor. Rajdeep needs no introduction: he has been an asset to whichever team he has belonged to, including the cricketing ones. Oxford and St. Xavier’s educated, Rajdeep started his television career in 1994 and was a founding member of NDTV and, subsequently, CNN-IBN. Prior to TV, he worked with TOI for 6 years and was the city editor of its Mumbai edition. Rajdeep has served as the Editor-in-Chief of IBN18 Network, including CNN-IBN, IBN-7 and IBN-Lokmat for the last 9 years.

इंडिया टुडे में बस दो महीने ही रह पाए शेखर गुप्ता

बड़ी खबर इंडिया टुडे से आ रही है. शेखर गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है. वे इंडिया टुडे के एडिटर इन चीफ थे. शेखर दो महीने पहले ही इंडियन एक्सप्रेस छोड़कर इंडिया टुडे के हिस्से बने थे. जब शेखर ने इंडिया टुडे ज्वाइन किया था तब अरुण पुरी ने लंबा चौड़ा मेल करके शेखर गुप्ता का स्वागत किया था और शेखर की तारीफ में बहुत कुछ लिखा था.

#ShekharGupta