मजीठिया मांगने पर भाजपा विधायक ने रिपोर्टर को अखबार के दफ्तर में घुसने से रोका, मामला पहुंचा पुलिस स्टेशन

मुंबई : खुद को उत्तर भारतीयों का रहनुमा समझने वाले भाजपा विधायक और हमारा महानगर अखबार के मालिक आरएन सिंह के अखबार में उत्तर भारतीय कर्मचारियों का सबसे ज्यादा शोषण किया जा रहा है। इस अखबार के सीनियर रिपोर्टर (क्राइम) केके मिश्रा को विधायक के पालतू गार्ड हमारा महानगर के दफ्तर में पिछले कुछ दिनों से नहीं घुसने दे रहे हैं।

कृष्णकांत सभापति मिश्रा उर्फ केके मिश्रा की गलती सिर्फ इतनी है कि उन्होंने विधायक जी से माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेशानुसार मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार अपने वेतन वृद्धि की मांग कर ली। हमारा महानगर अखबार के मालिक और भाजपा विधायक आर एन सिंह को ये बात नागवार गुजरी। उन्होंने अपनी निजी सुरक्षा कंपनी के गार्डों को हिदायत दे दिया कि केके मिश्रा को किसी भी तरह ऑफिस में घुसने मत दो।

उल्लेखनीय है कि केके मिश्रा पहले भी इस अखबार में काम कर चुके हैं और उसके बाद इस्तीफा देकर दूसरे अखबार में चले गए थे। मगर 2015  में अखबार मालिक आरएन सिंह ने फोन कर केके मिश्रा को वापस बुलाया और भरोसा दिया था कि अच्छा भुगतान किया जाएगा। मगर हुआ उल्टा। फिलहाल केके मिश्रा को विधायक जी के आदेश पर ऑफिस में नहीं आने दिया जा रहा है। के के मिश्रा ने  9 नवंबर 2017 को पुलिस स्टेशन और कामगार विभाग में विधायक जी के खिलाफ शिकायत दी है। केके मिश्रा के इस कदम से हमारा महानगर प्रबंधन में हड़कम्प का माहौल है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आर टी आई एक्सपर्ट
9322411335

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मुंबई के ‘हमारा महानगर’ ने एक अक्टूबर 2016 से लागू किया मजीठिया वेज बोर्ड

एरियर देने के लिये मांगा समय… 74 कर्मचारियों की सूची कामगार विभाग को सौंपी गयी…

मुंबई से खबर आ रही है कि यहां ‘हमारा महानगर’ अखबार ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की स्रिफारिश लागू कर दिया है। मुंबई के कामगार आयुक्त कार्यालय को सौंपी गयी अपनी रिपोर्ट में हमारा महानगर प्रबंधन ने एक एफिडेविट देकर यह जानकारी दिया है कि उसने अपने यहां कार्यरत 74 कर्मचारियों को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश का लाभ दे दिया है।

इस समाचार पत्र ने एक अक्टूबर 2016 से मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की जानकारी दी है जो कर्मचारियों को एक नवंबर 2016 को मिलने वाले वेतन के साथ दिया जा रहा है। हमारा महानगर समाचार पत्र के प्रबंधन ने एरियर देने के लिये कुछ समय की मांग की है और कहा है कि उसकी आर्थिक हालत बहुत खराब है और इसके लिये वह बकाये एरियर का भुगतान नहीं कर पाया है। इस समाचार पत्र में कुल 74 कर्मचारी हैं जिसमें वर्किंग जर्नलिस्ट में 14, प्रशासनिक विभाग में सबसे ज्यादा 43, फैक्ट्री स्टाफ में 17 कर्मचारी काम करते हैं।

इस कंपनी ने अपने रिकार्ड में बताया है कि उनके यहां एक भी कर्मचारी ठेकेदार के तहत या पार्ट टाईम काम नहीं करता है। हालांकि कई कर्मचारी हमारा महानगर के इस दावे को झूठ का पुलिंदा बता रहे हैं। हमारा महानगर प्रबंधन ने कर्मचारियों की जो सूची कामगार विभाग को सौंपी है उसकी प्रति आरटीआई के जरिये निकाली गयी है। वैसे सूत्रों का यहां तक कहना है कि हमारा महानगर ने कई ऐसे लोगों को भी मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव बताया है जो पत्रकार हैं और इस सूची में कई ऐसे नाम भी शमिल हैं जो रिटायर हो गये हैं मगर उनको भी कर्मचारी दिखाया गया है। यही नहीं, चर्चा तो यहां तक है कि बेचारे कई पत्रकारों को जूनियर र्क्लक भी बताया गया है। आप भी पढ़िये कर्मचारियों की पूरी सूची….

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टीविस्ट
मुंबई
९३२२४११३३५

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‘हमारा महानगर’ अखबार के मालिक आरएन सिंह की पिटाई

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना को वोट देना उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष आरएन सिंह उर्फ रामनिवास सिंह को भारी पड़ गया है. शिवसेना को वोट देने के मुद्दे पर गुस्साए कुछ लोगों ने सिंह की जमकर पिटाई कर दी और फरार हो गए. आरएन सिंह ‘हमारा महानगर’ अखबार के मालिक भी हैं.

बताया जाता है कि शिवसेना को वोट देने की अपील के मुद्दे पर उत्तर भारतीय संघ की कार्यकारिणी ने संघ के अध्यक्ष राम निवास सिंह को स्पष्टीकरण देने के लिए उत्तर भारतीय भवन में बैठक बुलाई थी. सिंह बैठक में भाग लेने इमारत गेट पर अपनी गाड़ी से उतरे. उसी समय कुछ अज्ञात लोगों ने सिंह की पिटाई कर दी और भाग खड़े हुए. इस प्रकरण को लेकर पंजाब केसरी अखबार ने विस्तार से खबर भी प्रकाशित की है.

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