कैरवां मैग्जीन का खुलासा- डोभाल के बेटे की कंपनी टैक्स हेवन में!

Ravish Kumar : टैक्स हेवन के ख़िलाफ़ डोभाल मगर उनके बेटे की कंपनी टैक्स हेवन में.. कैरवां पत्रिका का खुलासा… डी-कंपनी का अभी तक दाऊद का गैंग ही होता था। भारत में एक और डी कंपनी आ गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उनके बेटे विवेक और शौर्य के कारनामों को उजागर करने …

हिंदी अख़बार कूड़े के ढेर में बदलते जा रहे हैं : रवीश कुमार

Ravish Kumar : आलोक वर्मा के घर किसकी सिफ़ारिश करने गए थे केंद्रीय सतर्कता आयुक्त चौधरी? हिन्दी अख़बारों के संपादकों ने अपने पाठकों की हत्या का प्लान बना लिया है। अख़बार कूड़े के ढेर में बदलते जा रहे हैं। हिन्दी के अख़बार अब ज़्यादातर प्रोपेगैंडा का ही सामान ढोते नज़र आते हैं। पिछले साढ़े चार …

क्रिएटिव हेडिंग के मामले में टेलीग्राफ अव्वल, देखें सुप्रीम कोर्ट के टाइपिंग एरर वाले मुद्दे पर मुख्य शीर्षक

Ravish Kumar : मैं टाइप करता गया, एरर होता गया… CAG GAC ACG AGC CGA PAC CAP PCA APC ACP…. IS, WILL, HAS BEEN…. BEEN WILL, IS, HAS, मैं क्या जानूँ रे, जानू तो बस मैं इतना जानू, मैं कुछ ना जानू रे। हुज़ूर की शान में अंग्रेज़ी जो हो ग़लत… ये कौन सी बात …

1984 के नरसंहार को समझना है तो जरनैल सिंह की किताब ‘कब कटेगी चौरासी’ पढ़ें

Ravish Kumar : कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को 84 के नरसंहार के मामले में उम्र क़ैद हुई है। 1984 के नरसंहार को समझना है तो जरनैल सिंह की किताब ‘कब कटेगी चौरासी’ को पढ़ सकते हैं। बल्कि पढ़नी ही चाहिए। यह किताब हिन्दी में है। जब आई थी तब समीक्षा की थी। 84 पर इस …

टेलीग्राफ ने तो कमाल कर दिया, लीड हेडिंग में केवल क्वेश्चन मार्क! देखें

Ravish Kumar एक अख़बार यह भी है। कोर्ट इतनी बड़ी ग़लती कैसे कर सकता है? या सरकार से ये ग़लती हुई? कौन सी CAG की रिपोर्ट की बात लिखी है जो पब्लिक अकाउंट कमेटी में जमा हुई? पब्लिक अकाउंट कमेटी को तो क़ीमतों पर सीएजी की किसी रिपोर्ट की जानकारी ही नहीं। कृपया हमें अनुसरण …

रवीश ने पूछा- पुलिस अफ़सर जब अपने IPS साथी के प्रति ईमानदार न हो सके तो इंस्पेक्टर के हत्यारों को पकड़ने में ईमानदारी बरतेंगे?

Ravish Kumar इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को नफ़रत से प्रोग्राम्ड रोबो-रिपब्लिक ने मारा है… कल यूपी पुलिस के जवानों और अफसरों के घर क्या खाना बना होगा? मुझे नहीं मालूम। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की तस्वीर उन्हें झकझोरती ही होगी। नौकरी की निर्ममता ने भले ही पुलिस बल को ज़िंदगी और मौत से उदासीन बना …

मोहम्मद अज़ीज़ के गुजरने पर रवीश ने जैसे उन्हें याद किया, वैसा शायद ही कोई लिख पाए!

Ravish Kumar गानों की दुनिया का अज़ीम सितारा था,मोहम्मद अज़ीज़ प्यारा था. काम की व्यस्तता के बीच हमारे अज़ीज़ मोहम्मद अज़ीज़ दुनिया को विदा कर गए। मोहम्मद रफ़ी के क़रीब इनकी आवाज़ पहचानी गई लेकिन अज़ीज़ का अपना मक़ाम रहा। अज़ीज़ अपने वर्तमान में रफ़ी साहब के अतीत को जीते रहे या जीते हुए देखे …

अमित शाह का पीछा करती फ़र्ज़ी एनकाउंटर की ख़बरें और ख़बरों से भागता मीडिया

अमित शाह का पीछा करती फ़र्ज़ी एनकाउंटर की ख़बरें और ख़बरों से भागता मीडिया… नहीं छपने से ख़बर मर नहीं जाती है। छप जाने से अमर भी नहीं हो जाती है। मरी हुई ख़बरें ज़िंदा हो जाती हैं। क्योंकि ख़बरें मैनेज होती हैं, मरती नहीं हैं। बस ऐसी ख़बरों को ज़िंदा होने के इंतज़ार में …

भास्कर ग्रुप ने रवीश कुमार से प्रायोजित सवाल पूछे!

Girish Malviya कल देश के तथाकथित सबसे बड़े अखबार दैनिक भास्कर में पत्रकार रवीश कुमार से जो प्रायोजित 10 से 12 सवाल पूछे गए, उनमें से चार सवाल देखिए… कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

रवीश कुमार ने पूछा- सीबीआई की ‘पार्वती’ और ‘पारो’ में से किसे चुनेंगे देवदास हुज़ूर!

आपने फ़िल्म देवदास में पारो और पार्वती के किरदार को देखा होगा। नहीं देख सके तो कोई बात नहीं। सीबीआई में देख लीजिए। सरकार के हाथ की कठपुतली दो अफ़सर उसके इशारे पर नाचते नाचते आपस में टकराने लगे हैं। इन दोनों को इशारे पर नचाने वाले देवदास सत्ता के मद में चूर हैं। नौकरशाही …

रवीश कुमार ने पूछा- ‘प्रधानमंत्रीजी जवाब दीजिए, एमजे अकबर अभी तक क्यों आपके साथ है?’

Ravish Kumar मेरा अकबर महान ! कारनामा ऐसा कि कायनात शर्मा जाए… सवाल अकबर के इस्तीफ़े का नहीं है। इस्तीफ़ा लेकर कोई महान नहीं बन जाएगा। वो तो होगा ही। मगर जवाब देना पडेगा कि इस अकबर में क्या ख़ूबी थी कि राज्य सभा का सदस्य बनाया, बीजेपी का सदस्य बनाया और मंत्री बनाया। इसके …

‘मिरर नाऊ’ की पत्रकार सांतिया ने लिखा- ‘मुंबई का वो ब्यूरो चीफ लगातार मेरे स्तन घूरे जा रहा था!’

Ravish Kumar : सांतिया ‘मिरर नाऊ’ की पत्रकार हैं। कई चैनलों में काम कर चुकी हैं। उनका पोस्ट पढ़िए और ख़ुद में झांकिए। ख़ासकर वो लोग जो नौकरी देने के ओहदे में रहे हैं। बैंकों पर सीरीज़ के दौरान वहाँ काम करने वाली औरतों ने इस तरह के और इससे भी भयानक अनुभव बताए थे। …

अखिलेश यादव के साथ सेल्फी लेकर रवीश कुमार भी आ गए ‘सेल्फीबाज चिरकुट पत्रकार’ की कैटगरी में!

Vivek Kumar : रवीश कुमार बहुत बड़े वाले हिप्पोक्रेट हैं. जब सुधीर चौधरी और अन्य पत्रकारों ने पीएम नरेंद्र मोदी संग सेल्फी लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया तो उन्हें कोसा गया. रवीश ने भी ऐसे सेल्फीबाज पत्रकारों को बुरा-भला कहा. लेकिन उन्होंने अखिलेश यादव के साथ सेल्फी लेकर खुद को ‘सेल्फीबाज चिरकुट पत्रकार’ की कैटगरी …

रवीश कुमार ने जेटली का बचाव करने वाले पत्रकारों को ‘चंपू’ कह दिया!

Ravish Kumar मैं नहीं चाहता कि जेटली इस्तीफ़ा दें। मैं इसलिए ये चाहता हूं कि मुझे चांस ही नहीं मिला उनका बचाव करने के लिए। बहुत से पत्रकारों को जब जेटली का बचाव करते देखा तो उस दिन पहली बार लगा कि लाइफ में पीछे रह गया। मगर फिर लगा कि जब जेटली को भी …

रवीश कुमार को बदनाम करने वाले BJP आईटी सेल के हेड अमित मालवीय की ‘बदमाशी’ पकड़ी गई

Sanjaya Kumar Singh : भाजपा आईटी सेल के प्रमुख की कारगुजारी देखिए। पकौड़े बेचने की तरह करियर यहां भी है। ना गटर गैस की जरूरत और ना गटर के पास खड़े रहने की जरूरत। एयर कंडीशन की नौकरी है, अगर आपको पसंद आए। किसी को बदनाम कैसे किया जाता है, इनसे सीखिए। झूठ के उस्ताद …

क्या आपको आपके हिन्दी के अख़बार ने ये सब बताया?

Ravish Kumar क्या आपको आपके हिन्दी के अख़बार ने ये सब बताया? नोटबंदी ने लघु व मध्यम उद्योगों की कमर तोड़ दी है। हिन्दू मुस्लिम ज़हर के असर में और सरकार के डर से आवाज़ नहीं उठ रही है लेकिन आंकड़े रोज़ पर्दा उठा रहे हैं कि भीतर मरीज़ की हालत ख़राब है। भारतीय रिज़र्व …

रवीश कुमार ने पूछा- क्या चौकीदार जी ने अंबानी के लिए चौकीदारी की है?

Ravish Kumar  क्या चौकीदार जी ने अंबानी के लिए चौकीदारी की है? उपरोक्त संदर्भ में चौकीदार कौन है, नाम लेने की ज़रूरत नहीं है। वर्ना छापे पड़ जाएंगे और ट्विटर पर ट्रोल कहने लगेंगे कि कानून में विश्वास है तो केस जीत कर दिखाइये। जैसे भारत में फर्ज़ी केस ही नहीं बनता है और इंसाफ़ …

अभूतपूर्व : अमेरिका में एक ही दिन 300 अखबारों ने प्रेस की स्वतंत्रता पर संपादकीय लिखा

Ravish Kumar : प्रेस की आज़ादी पर 300 अमरीकी अख़बारों के संपादकीय… अमरीकी प्रेस के इतिहास में एक शानदार घटना हुई है। 146 पुराने अख़बार दी बोस्टन ग्लोब के नेतृत्व में 300 से अखबारों ने एक ही दिन अपने अखबार में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर संपादकीय छापे हैं। आप बोस्टल ग्लोब की साइट पर …

बाउंसर्स के साए में चलने लगे रवीश कुमार! देखें वीडियो

क्या रवीश कुमार ने अपनी जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए बाउंसर रख लिया है? पिछले दिनों उऩ्हें बाउंसर्स के साये में चलते देखा गया. रविन्द्र भवन में आयोजित एक कार्यक्रम से रवीश जब निकले तो कुछ लोगों ने उनसे बातचीत की कोशिश की. पर रविश के बाउंसर ने रोक दिया. कृपया हमें अनुसरण …

रवीश कुमार के एफबी पेज की रेटिंग जीरो करने में जुटे हैं ‘मोदी भक्त’!

ख़र्चा मोदी जी के समर्थकों का और चर्चा रवीश कुमार का! ध्यातव्य और ज्ञातव्य हो कि….. आई टी सेल मेरे फ़ेसबुक पेज Ravish Kumar की रेटिंग ज़ीरो करने में लगा है। उन्हें लगता है रेटिंग ज़ीरो होने से फ़ेसबुक मुझे फ्री 1.5 जीबी का दैनिक भत्ता बंद कर देगा।  इसलिए मेरी रेटिंग ज़ीरों करने में …

रवीश की ‘नौकरी सीरीज’ का इंपैक्ट- हजारों युवाओं को इनकम टैक्स इंस्पेक्टर का नियुक्ति पत्र मिला

Ravish Kumar : एनडीटीवी के प्राइम टाइम के लिए जब उस नौजवान ने वीडियो मेसेज भेजा था, तब उसमें उदासी थी। नियुक्ति पत्र न मिलने की कम होती आस थी। जैसे ही वित्त मंत्रालय की शीर्ष संस्था सीबीडीटी ने 505 इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के नाम वेबसाइट पर डाले, उसका चेहरा खिल उठा। चहक उठा। ये …

पेट्रोल की कीमत रिकार्ड स्तर पर होने के बावजूद गोदी मीडिया में संपूर्ण खामोशी : रवीश कुमार

Ravish Kumar : 2013-14 के साल जितना अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमत अभी उछली भी नहीं है लेकिन उस दौरान बीजेपी ने देश को पोस्टरों से भर दिया था बहुत हुई जनता पर डीज़ल पेट्रोल की मार, अबकी बार बीजेपी सरकार। तब जनता भी आक्रोशित थी। कारण वही थे जो आज केंद्रीय मंत्री …

ये एंकर अब जन विरोधी गुंडे हैं : रवीश कुमार

…पुण्य प्रसून वाजपेयी ने हाल ही में कहा है कि ख़बरों को चलाने और गिराने के लिए पीएमओ से फोन आते हैं। कोबरा पोस्ट के स्टिंग में आपने देखा ही कैसे पैसे लेकर हिन्दू मुस्लिम किए जाते हैं। इस सिस्टम के मुकाबले आप दर्शकों ने जाने अनजाने में ही एक न्यूज़ रूम विकसित कर दिया है जिसे मैं पब्लिक न्यूज़ रूम कहता हूं। बस इसे ट्रोल और ट्रेंड की मानसिकता से बचाए रखिएगा ताकि खबरों को जगह मिले न कि एक ही ख़बर भीड़ बन जाए…

मेरे आदर्श संपादक प्रभाष जोशी का मानना था- सत्ता और व्यवस्था विरोध हर पत्रकार का एजेंडा होना चाहिए

Devpriya Awasthi : अपने देश और समाज को समझना है तो एनडीटीवी पर रवीश कुमार और फेसबुक पर हिमांशु कुमार को फालो कीजिए. आपको रवीश के बारे में अपनी राय बनाने और रखने का पूरा अधिकार है लेकिन, सत्ता और व्यवस्था प्रतिष्ठान के विरोध में उनका नजरिया मुझे और मुझ सरीखे बहुत से लोगों को पसंद आता है. मेरे आदर्श संपादक प्रभाष जोशी का मानना था कि सत्ता और व्यवस्था विरोध हर पत्रकार का एजेंडा होना चाहिए.

पीएम मोदी का पीएनबी घोटाले के एक आरोपी मेहुल भाई से कनेक्शन! देखें वीडियो

Ravish Kumar : प्रधानमंत्री के हमारे मेहुल भाई और रविशंकर प्रसाद की जेंटलमैन चौकसी… ये शब्द प्रधानमंत्री के हैं- ”कितना ही बड़ा शो रूम होगा, हमारे मेहुल भाई यहां बैठे हैं लेकिन वो जाएगा अपने सुनार के पास ज़रा चेक करो।” ये वाक्य यूट्यूब पर हैं। यूट्यूब पर ”PM Narendra Modi at the launch of Indian Gold Coin and Gold Related Schemes” नाम से टाइप कीजिए, प्रधानमंत्री का भाषण निकलेगा। इस वीडियो के 27वें मिनट से सुनना शुरू कीजिए। प्रधानमंत्री हमारे मेहुल भाई का ज़िक्र कर रहे हैं। ये वही मेहुल भाई हैं जिन पर नीरव बैंक के साथ पंजाब नेशनल बैंक को 11 हज़ार करोड़ का चूना लगाने का आरोप लगा है। उनके पार्टनर हैं।

अपनी शामों को मीडिया के खंडहर से निकाल लाइये : रवीश कुमार

Ravish Kumar : अपनी शामों को मीडिया के खंडहर से निकाल लाइये…. 21 नवंबर को कैरवान (carvan) पत्रिका ने जज बीएच लोया की मौत पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट छापी थी। उसके बाद से 14 जनवरी तक इस पत्रिका ने कुल दस रिपोर्ट छापे हैं। हर रिपोर्ट में संदर्भ है, दस्तावेज़ हैं और बयान हैं। जब पहली बार जज लोया की करीबी बहन ने सवाल उठाया था और वीडियो बयान जारी किया था तब सरकार की तरफ से बहादुर बनने वाले गोदी मीडिया चुप रह गया।

तीन सौ मुकदमों में गवाह है यह एक शख्स!

Ravish Kumar : 300 मामले में गवाह बना सोमेश आपके हर भरोसे पर सवाल है…. क्या ऐसा संभव है कि कोई एक बंदा 250-300 केस में चश्मदीद गवाह हो? उसके 300 केस में फर्ज़ी गवाह होने के क्या मायने हैं? क्या इतना आसान है कि किसी के ख़िलाफ़ फर्ज़ी मामले बनाकर, फ़र्ज़ी गवाब जुटा कर अदालतों के चक्कर लगवा देना और कई मामलों में सज़ा भी दिलवा देना? आसान नहीं होता तो छत्तीसगढ़ का सोमेश पाणिग्रही 250-300 मामलों में गवाह कैसे बन जाता?

Artificial intelligence के कारण मध्यम और निम्न दर्जे की ढेर सारी नौकरियां विलुप्त हो जाएंगी

Ravish Kumar : नौकरियों के घटते और बदलते अवसरों पर चर्चा कीजिए…  FICCI और NASSCOM ने 2022 में नौकरियों के भविष्य और स्वरूर पर एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसके बारे में बिजनेस स्टैंडर्ड में छपा है। लिखा है कि इस साल आई टी और कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने जा रहे छात्र जब चार साल बाद निकलेंगे तो दुनिया बदल चुकी होगी। उनके सामने 20 प्रतिशत ऐसी नौकरियां होंगी जो आज मौजूद ही नहीं हैं और जो आज मौजूद हैं उनमें से 65 प्रतिशत का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका होगा। ज़रूरी है कि आप अपनी दैनिक समझ की सामग्री में BIG DATA, ARTIFICIAL INTELLEGENCE, ROBOTIC को शामिल करें। इनके कारण पुरानी नौकरियां जाएंगी और नई नौकरियां आएंगी। क्या होंगी और किस स्तर की होंगी, इसकी समझ बनानी बहुत ज़रूरी है।

रवीश कुमार ने पूछा- मीडिया क्यों सरकार से दलाली खा रहा है?

Ravish Kumar : नागरिक निहत्था होता जा रहा है…. राजस्थान के डॉक्टरों की हड़ताल की ख़बर पर देर से नज़र पड़ी। सरकार ने वादा पूरा नहीं किया है।हमने प्रयास भी किया कि किसी तरह से प्राइम टाइम का हिस्सा बना सकें। मगर हम सब ख़ुद ही अपने साथियों से बिछड़ने की उदासी से घिरे हुए थे। हर दूसरे दिन संसाधन कम होते जा रहे हैं। हम कम तो हुए ही हैं, ख़ाली भी हो गए हैं। साथियों को जाते देखना आसान नहीं था। वर्ना डॉक्टरों को इनबाक्स और व्हाट्स अप में इतने संदेश भेजने की ज़रूरत नहीं होती। आगरा से आलू किसान और दुग्ध उत्पादक भी इसी तरह परेशान हैं। दूध का दाम गिर गया है और आलू का मूल्य शून्य हो गया है। इन ख़बरों को न कर पाना गहरे अफसोस से भर देता है। कोई इंदौर से लगातार फोन कर रहा है।

भारत के न्यूज़ एंकर रोबोट के पत्रकार बनने से पहले ही सरकार के रोबोट बन गए हैं : रवीश कुमार

Ravish Kumar : भले मत जागिए मगर जानते रहिए… अमरीका में एक अद्भुत गिनती हुई है। नए राष्ट्रपति ट्रंप ने दस महीने के कार्यकाल में झूठ बोलने के मामले में शतक बना लिया है। ओबामा ने आठ साल के कार्यकाल में कुल 18 झूठ बोले थे। न्यूयार्क टाइम्स ने भारत के प्रधानमंत्री का झूठ नहीं गिना है। यहाँ भी गिना जाना चाहिए। नेताओं के झूठ की गिनती हो रही है।