पत्रकारीय असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है यह शीर्षक

नवभारत टाइम्स में आज प्रकाशित इस खबर का यह शीर्षक घोर आपत्तिजनक है। “कुछ दिन भी नहीं गुजार सकते हैं गुजरात में?” शीर्षक “अपने देश में भी पराया होने का अहसास, सोमवार को भी पलायन” फ्लैग के साथ छापा गया है। इस शीर्षक में प्रश्नवाचक चिन्ह नहीं होता तो इसका मतलब बिल्कुल अलग होता। और …

नवभारत टाइम्स प्रबंधन, मधुसूदन आनंद और दिलबर गोठी बताएं अभिषेक श्रीवास्तव की वो स्टोरी कहां गई?

Abhishek Srivastava : ग़ाजि़याबाद-दिल्‍ली की सीमा से सटी एक भूषण स्‍टील कंपनी है। अगर सामूहिक याददाश्‍त शेष है, तो बताना चाहूंगा कि बरसों पहले वहां लोहे के स्‍क्रेप में रॉकेट लॉन्‍चर का विस्‍फोट हुआ था जिसमें कुछ मज़दूर मौके पर मारे गए थे। कुछ गायब हो गए थे। मैं उस वक्‍त नवभारत टाइम्‍स में था। मैंने संपादक मधुसूदन आनंद की अनुमति से छानबीन की तो पाया कि कुछ घायल मज़दूरों को पुलिस के आने से पहले मौके पर ही ब्‍वायलर में डालकर दफ़न कर दिया गया था। ऐसे लापता मज़दूरों के परिजनों के हलफ़नामे समेत कई सबूतों के साथ मैंने स्‍टोरी फाइल की।

टाइम्स समूह ने नहीं सौपा श्रम अधिकारी को कर्मचारियों की सूची और एरियर का डिटेल

शशिकांत सिंह

हो सकती है कानूनी कार्यवाई, आरटीआई से हुआ खुलासा…

मुंबई : देश के नंबर वन समाचार पत्र समूह बेनेट कोलमैन एन्ड कंपनी लिमिटेड अपने कर्मचारियों का ना सिर्फ जमकर शोसण कर रहा है बल्कि मजीठिया वेज बोर्ड मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को भी ठेंगे पर रखता है। इस समूह के समाचार पत्रों टाइम्स आफ इंडिया, मुम्बई मिरर, नवभारत टाइम्स और महाराष्ट्र टाइम्स में काम करने वाले हजारों लोग भले गर्व से कहते हों मैं टाइम्स समूह का कर्मचारी हूँ मगर इन्हें शायद ये जानकार काफी दुःख पहुंचेगा कि इस कंपनी ने श्रम अधिकारी को अपने कर्मचारियों की लिस्ट ही नहीं सौंपी है।

एनबीटी आनलाइन को ट्रेनी, कापी एडिटर और सीनियर कापी एडिटर की जरूरत

टाइम्स समूह के अखबार नवभारत टाइम्स के डिजिटल विंग एनबीटी आनलाइन को ट्रेनीज, कापी एडिटर और सीनियर कापी एडिटर चाहिए. हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद और सोशल मीडिया पर पकड़ होनी चाहिए. सीनियर कापी एडिटर के लिए 4 से छह साल का अनुभव चाहिए. कापी एडिटर के लिए 2 से चार साल. ट्रेनी के लिए किसी अनुभव की जरूरत नहीं. ग्रेजुएशन और जर्नलिज्म या मास कम्युनिकेशन में डिग्री या डिप्लोमा वालों को हर पद पर वरीयता दी जाएगी. सभी नियुक्तियां फिल्म सिटी, नोएडा आफिस के लिए हैं.

नभाटा डिजिटल के संपादक ने रवीश कुमार पर छापे गए घटिया जोक को हटाया और अफसोस जताया

नवभारत टाइम्स की आनलाइन विंग में एक से एक बुद्धिमान लोग आ गए लगता है. इनने हिट्स के चक्कर में जाने माने पत्रकार रवीश कुमार के उपर इतना घटिया चुटकुला बनाकर छाप दिया कि इसे जो भी पत्रकार पढ़ता, सन्न रह जाता. पत्रकारों की गरिमा से खिलवाड़ करने वाला यह चुटकुला जब रवीश कुमार के …

मुंबई के पत्रकारों के लिए नवभारत टाइम्स में मौका, 23 तक अप्लाई करें

मुंबई के उन पत्रकारों जिन्हें हिंदी ठीकठाक आती हो और मराठी / इंग्लिश के जानकार हों, के लिए नवभारत टाइम्स अखबार में वैकेंसी है. 23 तक अप्लाई कर सकते हैं. नभाटा मुंबई में छपे विज्ञापन के मुताबिक अखबार को अपनी संपादकीय टीम के लिए युवा और स्मार्ट पत्रकारों की तलाश है. अखबार को कॉपी एडिटर, सीनियर कॉपी एडिटर, संवाददाता, वरिष्ठ संवाददाता और ग्राफिक डिजाइनर की तलाश है.

‘भड़ास ने मुझे बदनाम कर दिया, माफी मांगो वरना मुकदमा करा दूंगी’

टीम भड़ास, आपकी वेबसाइट www.Bhadas4Media.com पर ‘नभाटा में नया फरमान- डेस्क नहीं करेगा किसी रिपोर्टर की कॉपी एडिट‘ नामक शीर्षक से 27 जून 2015 को एक आर्टिकल प्रकाशित किया गया है, जिसका लिंक है- https://bhadas4media.com/print/6225-nbt-farman इस आर्टिकल में मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई है। बगैर मेरी इजाजत के, बगैर मेरा कथन/पक्ष जाने मेरे नाम का इस्तेमाल यहां क्यों किया गया? आपने यहां बिना सच जाने मुझे ‘आरोपी’ करार दे दिया। किसी आपराधिक मामले से जुड़ी खबर को बनाते हुए भी प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों के आधार पर खबर लिखी जाती है।

दूरस्‍थ पत्रकारिता का असर : एनबीटी ने छापी चंदौली के चार युवकों के लापता होने की भ्रामक खबर

पत्रकारिता में गलाकाट प्रतिस्‍पर्धा के दौर में अपुष्‍ट खबरों को प्रकाशित करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इसका जीता जागता प्रमाण नवभारत टाइम्‍स यानी एनबीटी में देखने को मिला. नेपाल में आए भूकंप में चंदौली जिले के चार युवक भी फंसे थे, लेकिन शाम तक उन युवकों का संपर्क अपने परिजनों से हो गया, लेकिन खबर को बेचने के चक्‍कर में एनबीटी ने चारों युवकों के लापता होने की भ्रामक खबर छाप दी, जिसके चलते युवकों के परिजनों को परेशानी उठानी पड़ गई. 

50 से ज्यादा मासूमों-गरीबों के हत्यारे ये बोडो वाले ‘आतंकवादी’ ना होकर ‘उग्रवादी’ बने रहते हैं!

Nadim S. Akhter : सिर्फ पाकिस्तान, कश्मीर, अमेरिका और मुंबई जैसी जगहों पर लोगों के मरने पर इस देश के लोगों का खून खौलता है. बाकी टाइम देश में शांति छाई रहती है. अमन-चैन कायम रहता है. मीडिया-सरकार-सोशल मीडिया, हर जगह. कोई शर्मिंदिगी नहीं जताता, कोई अफसोस नहीं करता, कोई कविता नहीं लिखता, कोई मोमबत्ती की फोटुक नहीं लगाता, कोई अपनी जातीय-मजहबी पहचान को लेकर पश्चाताप-संताप नहीं करता.

नवभारत टाइम्स मुंबई के लिए दशहरा मतलब अच्छाई पर बुराई की जीत

अपने आप को बहुत ज्ञानी समझने वाले नवभारत टाइम्स मुंबई ने इस बार अच्छाई पर बुराई की विजय करवा दी। वह दिन दूर नहीं जब ये लोग राम के दहन का जश्न मनाएंगे। वैसे भी एनबीटी वाले हिंदी भाषा को अपनी दासी समझते है इसलिए कभी भी उसके साथ खिलवाड़ कर लेते हैं। हिंदी के बीच अंग्रेजी लिख देते हैं। एक ऐसा अखबार जहां के लोग खुद को बड़ा पंडित समझते हैं। एक दूसरे को पंडित जी कह कर जय जय करते है। ये लोग दशहरे के लिए तैयार हो रहे रावण के मुखौटे छापते हैं और लिखते है कि विजया दशमी के दिन उसे फूंक कर अच्छाई पर बुराई की जीत की रीत बखूबी निभाई जा सके। लगता है एनबीटी मुंबई वालों को रावण ही अच्छाई का प्रतिक लगता है।

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30 सितंबर, 2014 को प्रकाशित फोटो

एनबीटी के अनुसार कोई अमित शर्मा नामक शख्स भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष है

ऑन लाइन खबरों की भागम-भाग भरी दुनिया में ग़लतियां होना एक आम बात है। वर्तनी की अशुद्धियां, तथ्यातमक ग़लतियां अक्सर हो जाया करती हैं। एक बड़े ब्राण्ड से ये अपेक्षा की जाती है की उसका कंटेंट दोषमुक्त होगा और बाकियों के लिए एक उदाहरण होगा। लेकिन जब नवभारत टाइम्स की वेबसाइट के कंटेंट में ही तथ्यात्मक ग़लतियां होने लगें तो क्या कहा जाए। ग़लती भी ऐसी जिसे कोई बच्चा भी पकड़ ले। अंबाला में भाजपा चुनाव प्रचार की एक ख़बर में किसी अमित शर्मा नामक शख्स को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया। अब ये टाइपिंग की गलती है या सामान्य ज्ञान की कमी ये तो एनबीटी वाले ही बता सकते हैं। देखें स्क्रीनशॉटः

NBT mistake

मयंक राय ने समाचार प्‍लस तथा नवीन पांडेय ने नभाटा ज्‍वाइन किया

आई नेक्‍स्‍ट, देहरादून से खबर है कि मयंक राय ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर चीफ रिपोर्टर थे. कुणाल वर्मा के जाने के बाद मयंक ही आई नेक्‍स्‍ट की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. मयंक ने अपनी नहीं पारी देहरादून में ही समाचार प्‍लस चैनल के साथ शुरू की है. इन्‍हें यहां पर प्रिंसिपल करेस्‍पांडेंट बनाया गया है. मयंक कई और संस्‍थानों को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

यूपी में 12 की बजाय 11 विस सीटों को ही खाली बता रहा है नवभारत टाइम्‍स

नवभारत टाइम्‍स, लखनऊ में उसके रिपोर्टर की कम जानकारी अखबार की साख पर भारी पड़ी. उत्‍तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव को लेकर एक स्‍टोरी लखनऊ से प्रकाशित नवभारत टाइम्‍स के फ्रंट पेज पर छापी गई है. ‘बीजेपी का लिटमस व सपा का फिटनेस टेस्‍ट’ शीषर्क से प्रकाशित यह खबर भारतीय जनता पार्टी की बीट देखने वाले रिपोर्टर प्रेमशंकर मिश्र ने लिखी है.