राज्यसभा टीवी के बाद गुरदीप सिंह सप्पल ने लांच किया नया वेंचर- ‘हिंद किसान’

गुरदीप सिंह सप्पल

आज के दौर में जब मुख्यधारा की मीडिया नान-इशूज पर फोकस कर जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से हटाने के सत्ता-तंत्र के खेल में पूरी तरह लिप्त हो गया है, कुछ साहसी किस्म के लोग आम जन के प्रति मीडिया की प्रतिबद्धता को जीने में लगे हुए हैं. गुरदीप सिंह सप्पल के नेतृत्व में राज्यसभा टीवी लांच हुआ और देखते ही देखते यह चैनल पत्रकारिता के असल मानकों का प्रतीक बन गया. इंटरव्यूज हों या ग्राउंड रिपोर्टिंग… आदिवासियों का मसला हो या किसानों का जीवन हो… सब कुछ को बेहद संजीदगी और सरोकार के साथ चैनल पर प्रसारित किया गया. कई आईएएस सेलेक्ट हुए छात्रों ने कुबूल किया कि वे सिविल सर्विस की तैयारी के दिनों में न्यूज चैनलों में केवल राज्यसभा टीवी देखते थे.

कई पत्रकार तो राज्यसभा के अपने शोज के जरिए मीडिया के चर्चित चेहरे बन गए.  सीईओ और एडिटर इन चीफ के रूप में गुरदीप सिंह सप्पल ने राज्यसभा टीवी में जो संपादकीय आजादी दी और बहस-विमर्श का जो लोकतांत्रिक माहौल कायम किया, उसकी आज भी मिसाल दी जाती है. फिलहाल नए उप राष्ट्रपति के शपथ लेने के साथ ही गुरदीप सिंह सप्पल ने राज्यसभा टीवी को गुडबॉय बोल दिया और चुपचाप अपने नए वेंचर की तैयारी में लग गए.

गुरदीप सिंह सप्पल कहते हैं-

”ये भारत देश गांवों का देश है. किसानों का देश है. यह डायलाग बोलता तो हर कोई है लेकिन ज्यादातर लोग / संस्थाएं / मीडिया हाउसेज इमानदारी से गांव-किसान की बात नहीं करते. किसान की असल समस्या क्या है. उनकी जमीनी पीड़ा-मुश्किलें-दिक्कतें क्या हैं. इन सब पर आज कोई मीडिया हाउस फोकस नहीं करता. यही कारण है कि हम लोगों ने ‘हिंद किसान’ वेब टीवी शुरू किया है. यह वेब टीवी भविष्य में सैटेलाइट चैनल के रूप में भी लांच हो सकने की संभावना से भरा है. लेकिन अभी हम लोगों का ध्यान सोशल मीडिया पर है. फेसबुक, ट्विटर से लेकर ह्वाट्सअप, यूट्यूब आदि माध्यमों के जरिए हम गांव-गांव तक ‘हिंद किसान’ को पहुंचाएंगे. इस ‘हिंद किसान’ वेब चैनल को सभी का प्यार चाहिए. ये किसी एक व्यक्ति का चैनल नहीं है. यह हर उस शख्स का चैनल है जो दिल से चाहता है कि मीडिया अब बुनियादी मुद्दों पर बात करे, ग्रामीण भारत की बात करे, देश के किसानों-मजदूरों की बात करे. ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि ‘हिंद किसान’ चैनल के प्रचार-प्रसार में जुट जाएं. इसके फेसबुक पेज, इसके वीडियोज को लाइक शेयर करें. अगले कुछ महीने में हम लोग चैनल को एक ठोस रूप दे पाएंगे, यह विश्वास है.”


‘हिंद किसान’ वेब चैनल को छब्बीस जनवरी यानि गणतंत्र दिवस के दिन लांच करते हुए इसके एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल ने सोशल मीडिया पर हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जो प्रेस रिलीज जारी की है, वह इस प्रकार है…

दोस्तों,

आज हमारा 69वां गणतंत्र दिवस हैं और इस शुभ दिन हम अपना नया मीडिया मंच शुरू कर रहे हैं। राज्य सभा टीवी के बाद आज हम खबरों की दुनिया में एक नया सफर शुरू कर रहे हैं। महानगर केंद्रित खबरों तक खुद को सीमित रखने वाले मेनस्ट्रीम मीडिया से अलग… हमारा इरादा ग्रामीण और कस्बाई भारत के धूल-धक्कड़ भरे रास्तों पर चलने और देश के दूर-दराज की खबरों को आप तक पहुंचाने का है। हमारा उद्देश्य है ग्रामीण भारत की खूबसूरती और चुनौतियों को समझना और उसके संकट, सम्भावनाओँ, पीड़ा एवं आकांक्षाओं को सामने लाना है। हमारी योजना मीडिया के बुनियादी सिद्धांतों का पालन करते हुए खबर देने, मुद्दों पर चर्चा एवं बहस करने और सरकारों को जवाबदेह बनाने की है। हम उस लोकतांत्रिक मान्यता का अनुकरण करना चाहते हैं, जिसके तहत मीडिया को लोकतंत्र का एक मज़बूत स्तम्भ माना जाता है। हमारा सपना तटस्थ, जिम्मेदार और निडर पत्रकारिता करने का है।

यह हमारे प्रयास का पहला चरण है। इसमें हम सोशल मीडिया की शक्ति और संभावनाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे। आज हम फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल शुरू कर रहे हैं। हमारी वेबसाइट का बीटा वर्जन एक फरवरी 2018 को आपके सामने आएगा। अगले कुछ महीनों में हम एक पूर्ण न्यूज वेब टीवी के रूपमें आपके सामने होंगे।
खबरों के इच्छुक सभी भारतवासियों से संवाद करने की आकांक्षा रखते हुए हमने अपनी पहल का नाम – ‘हिंद किसान’ रखा है। यह ग्रामीण भारत से हमारे लगाव और उससे जुड़ी हमारी चिंताओं का संकेत है। आप हमें निम्नलिखित लिंक्स पर फॉलो कर सकते हैं…

Facebook: https://Facebook.com/HindKisan

Twitter: https://twitter.com/hindkisan_in

Dear Friends,

As we celebrate the 69th Republic Day, I want to share the news of our new media venture. After RSTV, we embark upon a new journey in world of news. Unlike the mainstream media, which is largely confined to metro centric issues and narratives, our journey would progress on the dusty pathways and landscapes of rural India and mufassil towns. Our aim is to capture the beauty and the challenges; the distress and the resilience; the pains and the aspirations of rural India.

Abiding by the classical tenets of media, we plan to look for news, discuss & debate issues and work to hold governments accountable. We wish to follow the democratic scheme that defines media as one of the pillars. Neutral, responsible, fearless journalism is our cherished dream.

In phase one of our venture, we will try to harness the power and potential of social media to reach out to people. Today we launch our Facebook page and YouTube Channel. The beta version of website will be up on February 1, 2018 and in another few months, we plan to become fully functional News WebTV. Aspiring to communicate with all news lovers in India, we have named our initiative as ‘Hind Kisan’, symbolising our affinity and our concern for rural India. I would like to welcome you all to follow us on:

Facebook: https://Facebook.com/HindKisan

Twitter: https://twitter.com/hindkisan_in

Gurdeep Singh Sappal

एडिटर-इन-चीफ

हिंद किसान


ट्विटर पर ‘हिंद किसान’ वेब टीवी को इंट्रोड्यूस कुछ यूं किया गया है :

Hind Kisan @hindkisan_in : Former Rajya Sabha TV CEO and Editor-in-Chief @gurdeepsappal introduces his new venture. Read his message.


हिंद किसान वेब चैनल के शुरुआती दो वीडियोज देखें….

गणतंत्र के धूमधड़ाके में कहां खड़ा किसान..देखिए हिंद किसान की पहली डिबेट…. नीचे क्लिक करें

https://www.facebook.com/hindkisan/videos/895228003992420/

भारी पड़ा भावान्तर… क्यों फिर से ठगा महसूस कर रहा है मध्य प्रदेश का किसान? क्यों खेती बन चुकी है घाटे का सौदा? क्यों पड़ गया भवान्तर भारी? देखिये इस रिपोर्ट मैं, सीधे प्रदेश के खेतों और मंडियों से ज़मीनी हक़ीक़त…

https://www.facebook.com/hindkisan/videos/895177620664125/

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राज्यसभा टीवी के सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल निर्मित फिल्म ‘रागदेश’ का पोस्टर जारी, रिलीज 28 जुलाई को

राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. उन्होंने फिल्म निर्माण जैसा बड़ा काम कर दिखाया है. बतौर प्रोड्यूसर सप्पल ने जो फिल्म ‘रागदेश’ बनाई है, उसका निर्देशन जाने माने फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया ने किया. फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया गया है. फिल्म सिनेमाघरों में 28 जुलाई को पहुंचेगी.

The film is on Lal Quila Trial of officers of INA.

फिल्म के पोस्टर को जीएस सप्पल ने अपने एफबी वॉल पर जारी करते हुए जो लिखा है, वह इस प्रकार है :

Gurdeep Singh Sappal : First look of the poster of our film RaagDesh, releasing all over India in cinema halls near you on July 28, 2017. Presented by: Rajya Sabha Television , Director: Tigmanshu Dhulia , Producer : Gurdeep Sappal, Cinematography: Rishi Punjabi, Featuring: Kunal Kapoor, Amit Sadh, Mohit Marwah, Kenneth Desai, Mridula Murali #raagdeshthefilm

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राज्यसभा टीवी के पांच साल होने पर चैनल के एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल क्या कह रहे, पढ़िए

FIVE YEARS OF RSTV

Gurdeep Singh Sappal

Today we complete five years of Rajya Sabha Television. It’s been a satisfying journey. We have been able to set a benchmark in public broadcasting, despite all the usual constraints. In this journey, my colleagues, fellow editors, executive producers, anchors, guest participants and invisible faces working behind cameras and at the desk have contributed in equal measure. I thank all of them in persevering and working against odds and earning a name for the institution.

While developing RSTV, we were always conscious to establish the classical role of the institution of Editor, ensure the freedom exercised by individual journalist, bring in objectivity & candour in discussions and strive for non-sensational, serious journalism. We hope, you too will agree that we have achieved it to some degree of satisfaction.

Now, as we continue to carve a niche space for ourselves, we have moved into documenting history of contemporary India through films and series. We are confident that just like our series Samvidhan, the fruits of this effort will also find a privileged place on the bookshelves of thinking people for the decades to come.

This journey wouldn’t have been possible without complete autonomy granted by the Vice President of India. It was his intellectual depth and conviction, as also the innate belief in values and principles, that set the stage and direction for us to deliver.

Also, the autonomy could be realised in practice only due to unqualified support of the successive Secretary Generals of Rajya Sabha, viz. Dr. VK Agnihotri & Shumsher Sheriff and the Secretary Dr. DB Singh. Credit also goes to my colleagues in administration, who continuously innovated to make best use of government rules and regulations in favour of exercising the autonomy. I thank all of them.

I also got full support of all parties in Rajya Sabha and almost all prominent leaders, as well as, successive Deputy Chairmen viz. K Rehman Khan and Prof. PJ Kurien. Their appreciation is the best reward we have for our collective labour and application.

But above all this, I would thank our viewers who have kept us going. We started with a belief to built a credible media institution. Now as we stand amongst the most popular YouTube channels in news and current affairs category and are daily featured in the WhatsApp groups of lakhs of students preparing for civil and other exams, we know that we have been able to do something right.

Our policy of allowing everyone to use all our content for free has led to sharing of our programmes on innumerable websites and channels. This free and often unacknowledged sharing of our content does not add to our viewer count, but as a public broadcaster, it helps us to fulfil our mission.

Our decision to provide highest time share amongst all channels to areas dealing with culture, science, foreign policy and security forces etc. has won us a dedicated viewership and we thank you all with complete gratitude.

In the end, I would like to use the opportunity to share my response with those who keep on asking what makes RSTV tick despite the constraints of government rules and general pressures. It is because we do believe that robust institutions can only be developed ‘when we have no past to hide, no self interest in present and no expectations from future’, coupled with clarity of conviction and self-belief.

Thanking you all,

Gurdeep Singh Sappal
CEO & Editor-in-Chief
Rajya Sabha Television

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