Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

All posts tagged "yaad"

सुख-दुख

एक दुर्भाग्यपूर्ण संयोग या दुर्योग, जो कहिए... मेरे ज्यादातर प्रिय पत्रकारों का समुदाय धीरे-धीरे सिकुड़ता छोटा होता जा रहा है... दो-तीन साल के भीतर...

सुख-दुख

मैं बनवारी जी से मिलने साढ़े चार सौ किमी की यात्रा तय कर दिल्ली आ गया वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल जब से विजुअल मीडिया...

साहित्य

वरिष्ठ पत्रकार बच्चन सिंह जी का अवसान हिंदी पत्रकारिता के एक युग का अंत है. बच्चन जी दरअसल पुरानी से लेकर अति आधुनिक पत्रकारिता...

सुख-दुख

सुनील छइयां की तीन तस्वीरें, तीन मुद्राएं... अब यादें शेष!   -पारस अमरोही- सुनील छइयां से पहली मुलाकात कब हुई, अब याद नहीं। शायद...

वेब-सिनेमा

Sant Sameer : रुडयार्ड किपलिंग की मशहूर रचना 'द जंगल बुक' पर बनी बहुप्रतीक्षित फ़िल्म आज रिलीज हो रही है। बनी कैसी है, यह...

सुख-दुख

Ashish Maheshwari : फेसबुक है कि याद दिला देता है... आज जब पत्रकारिता मैनेज करने और मैनेज होने भर का माध्यम बनकर रह गई...

सुख-दुख

(स्व. विनोद मेहता जी) Sumant Bhattacharya : विनोद मेहता की रुखसती का मतलब... मैं शायद उन चंद किस्मत वाले पत्रकारों में हूं, जिनका साक्षात्कार...

प्रिंट

(सुशील उपाध्याय)   मीडिया में विचार की कद्र रही है, ऐसा हमेशा से माना जाता रहा है। इस धंधे में विचार कोई बुरी चीज...

प्रिंट

(सुशील उपाध्याय) भुवनेश जखमोला एक सामान्य परिवार से आया हुआ आम लड़का था। वैसा ही, जैसे कि हम बाकी लोग थे। वो भी उन्हीं...

इंटरव्यू

मीडियासाथी डॉट कॉम नामक एक पोर्टल के कर्ताधर्ता महेन्द्र प्रताप सिंह ने 10 मार्च 2011 को भड़ास के संपादक यशवंत सिंह का एक इंटरव्यू...

प्रिंट

प्रातः स्मरणीय भाई साहब अतुल माहेश्वरी की आज चौथी पुण्य तिथि है। हां हम 'उन्हें भाई' साहब नाम से ही पुकारते रहे हैं। अमर...

सुख-दुख

अमरेंद्र कुमार वरिष्ठ पत्रकार अमरेंद्र कुमार अब हमारे बीच नहीं हैं। 10 मई, 1945 को जन्मे इस शख्स ने 13 दिसंबर, 2014 को आखिरी...

सुख-दुख

Dear Yashwant ji,  Still my hands are trembling , am shaken and eyes full of tears. Do not know how am I even writing...

Latest 100 भड़ास

Advertisement