गुरदीप सिंह सप्पल ला रहे हैं नया न्यूज चैनल- ‘न्यूज प्लेटफार्म’

राज्यसभा टीवी के संस्थापक गुरदीप सिंह सप्पल एक नया न्यूज चैनल लांच करने जा रहे हैं. नाम है ‘न्यूज प्लेटफार्म’. चर्चा है कि यह न्यूज चैनल इस महीने के आखिर या अगले महीने के पहले सप्ताह तक लांच हो जाएगा.

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”RSTV wasn’t possible without you, All the very best Gurdeep sir”

राज्यसभा टीवी के संस्थापक प्रधान संपादक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरदीप सिंह सप्पल ने अपना लंबा-चौड़ा इस्तीफानामा अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है, जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ज्यादातर लोगों ने गुरदीप सिंह सप्पल को राज्यसभा टीवी जैसा एक चैनल खड़ा करने के लिए बधाई दी और आगे के करियर की लिए शुभकामनाएं. पढ़िए सैकड़ों कमेंट्स में से कुछ चुनिंदा…

Amit Ahluwalia The way you and your team managed, sourced and shaped the RS TV … really showed which rather looked unachievable a few years back … Having a News /info/knowledge Channel of our very own …. Indian in spirit … Sir you did beautifully and admirably …. You left a vast media library invaluable in content and incomparable in quality …. Hats off to you and your team …. Your able stewardships will be missed …. Hats off to you. Jai Hind !

Mahendra Mishra आप और आपकी टीम ने इतिहास रचा है। आपने न केवल एक संस्था खड़ी की बल्कि उसने मीडिया के अंधकार युग में उजाला फैलाने का काम किया। उसकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। आप ने दिखाया है एक हिमालयी, उम्दा, और सफल संस्थान खड़ा किया जा सकता है। बशर्ते इच्छा शक्ति और विजन हो। बहुत-बहुत शुभकामनाएं भविष्य के लिए।

Fuzail Ahmad Saddened to know about your move..nodoubt you people made this channel amongst the few best in india…now doubt what will happen to this public broadcaster.. All the best sir

Yuvraj Shekhar सर निश्चित तौर पर आपके महत्वपूर्ण व सफल प्रयासों से राज्यसभा टीवी को आज वो पहचान मिली है, जिसकी राह पर अब देश के अन्य मीडिया संस्थान भी चलना चाहते हैं… मेरा ये सौभाग्य रहा कि मुझे भी आपके सानिध्य में काम करने का अवसर मिला.. मैं, भविष्य में आपके और सफल होने की कामना करता हूं…

Shavez Ahmed RSTV wasn’t possible without you… All the very best Gurdeep sir.

Mohan Chauhan बहुत खूब। आपका 6 वर्षों का कार्यकाल सराहनीय रहा। इस दौर में चैनल ने जिन मापदण्डों को गढा है, उम्मीद की जानी चाहिए कि वे आगे भी बरकरार रहेंगे। आपके जज्बे और चीजों को देखने के नजरिए के साथ ही रिश्तों के प्रति संवेदनशीलता और समर्पण से आपका हम सभी मित्रों के बीच एक खास मुकाम हमेशा रहेगा। मुझे आशा है आपने भविष्य के लिए जो भी भूमिका अपने लिए तय की है, उसे भी आप हमेशा की तरह एक नया आयाम देंगे। ढेर सारी शुभकामनायें।

Yogesh Dabra Yes, I agree you changed the face of RS TV. Best of luck for your future assignment.

Vivekanand Singh राज्यसभा टीवी मेरे लिए घर की तरह रहा है। मैं कई चैनल ट्यून करते हुए अक्सर राज्यसभा टीवी पर ठहर जाता हूं। शायद अब ऐसा न हो पाए। सबसे पहले गिरीश सर के जाने का दुख हुआ, फिर अमृता मैम और अब आप भी छोड़ रहे हैं। सरोकार में कई मर्तबा ऑडिएंस में बैठ कर भी आपको सुना। आप सरल और सहज लगे। आपको ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं। हां अभी इरफ़ान सर गुफ्तगू देखने जरूर आऊंगा।

Sumedha Verma Sir u hv been a true inspiration. We had a great learning experience wth you. I wish u all the best for your future.

Virender Singh Khurana Advocate यह अन्त नही शुरूआत है एक नया कदम एक नये मुकाम की ओर। वाहेगुरू जी सदैव आप पर कृपा बनाये रखे और हमेशा ही हम कहते रहे कि गुरदीप सप्पल जी हमारे शहर देहरादून से है। आप देहरादून की शान है। भविष्य मे नयी ऊचाईया इन्तजार मे है छू लो उन मंजिलो को जो सिर्फ आपके इन्तजार में है।
Anand Pandey Sir you have made a brilliant institution, I always get inspired by the contents of RSTV programs…thank you very much. And one last thing, I hope RSTV will grow in the right direction. We’ll miss you sir…

Asif Jah U established RSTV as one of the reputed channel with limited resources tht u have …

Vijay Bhatt मैं स्वयं राज्यसभा टीवी का दर्शक रहा हूँ। आज गोदी मीडिया के ज़माने में तुम्हारे और तुम्हारी टीम के कुशल नेतृत्व में राज्यसभा टीवी ने मेरे जैसे दर्शकों के मन में एक ख़ास जगह बनाई है। अब आगे क्या होगा पता नहीं। ख़ैर नई पारी की शुरूआत के लिये शुभकामनायें।

Babita Dogra U did wonderful things till date now my best wishes for your new journey

Ashutosh Deshmukh एक शानदार पारी खेलने के बाद एक शतकवीर बल्लेबाज़ के चेहरे पर जो संतुष्टि नज़र आती है, वो आपके विदाई संदेश में है। सारे मिथक तोड़ते हुए भारतीय टेलिविज़न में एक नयी कहानी रचने के लिए धन्यवाद। आशा है, विश्वास है और प्रार्थना है कि नए हाथों में भी राज्यसभा टीवी की ऊर्जा और मूल्य बरक़रार रहे। आपके लिए अनन्य शुभकामनाएँ।

Amitaabh Srivastava Good luck for the future Gurdeep Singh Sappal . You are leaving a proud legacy behind.

Yashpal Jagotta RSTV से आपके प्रस्थान का पढ़ कर दुख तो हुआ लेकिन RSTV का regular viewer होने के नाते आपके सफल एवं सुखद भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामना।

Lotty Alaric I just want to say one thing dat it will be difficult for RSTV to fill your shoes. Best wishes for your journey ahead.

Ameeque Jamei हकूमत के हाथ रहते हुये भी आपने फ्री फेयर बनाया, डीडी के सच से आपने इसे आगे निकाला, आपको याद किया जाएगा आईएनए पर आपकी बनवाई फिल्म के लिये भी जो शायद हकूमत के हाथो इतिहास पर आधारित आखरी फिल्म होगी… आगे क्या बनेगा… क्या होगा राज्यसभा टीवी का… हम नहीं जानते… लेकिन नस्लें आप जैसों को याद करेंगी!

Vinod Sharma “दो-दो रुख हैं दोगली है जिंदगी….” one of the line written by Gulzar Sahib for my produced serial दाने अनार के about 25 years ago is still relevant- you are an inspiration to today generation, I have been your silent observer since long, I wish u all the very best, regards Always.

Yogesh Ranta स्टेट फंडिंड चैनल के बारे में हमेशा ये धारणा रही है कि वो सरकार के भोंपू की तरह काम करता है लेकिन आपके नेतृत्व में अब तक के सफर में राज्यसभा चैनल ने आम लोगों की आवाज़ उठाई और संविधान में निहित वैज्ञानिक तर्कशीलता को बढ़ावा देने काम किया। आगे सफर के लिए आपको शुभकामनाएं।

Sohail Hashmi Well done, you built an institution that set several examples, unfortunately the calibans who will be brought in, as they are being brought in everywhere will besmirch this hard earned reputation.

Arun Khare एक ईमानदार फैसला। Gurdeep Singh Sappal जी आपके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं। आप राज्यसभा टीवी के इतिहास का “सुनहरा पन्ना” के रूप में याद रखे जाएंगे।

Onkar Singh I presume Waheguru has sth better for you in the times ahead. and lets not forget the most important goal of the life is to merge with truth. may Guru Nana bless you Sir.

Rajesh Ranjan वाकई राज्यसभा टीवी का कंटेट देखने लायक था। सम्पूर्ण खबर और डिबेट के मामले में पारदर्शिता ही राज्यसभा टीवी की पहचान है। आगे देखते हैं क्या होता है। आपका धन्यवाद सर।

Om Dundy The services you have rendered by you to RSTV will be a foot mark for the followers in coming future….

Jagmohan Bangani मैं आपको अपने अगले उद्यम के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं जानता हूँ कि आप एक निशान बना रहे होंगे, जहां आप नेतृत्व करेंगे… मेरी सहृदय शुभकामनायें।

Syed Mohd Irfan Thanks for your guidance and also putting faith in all my little efforts. Will always love to work with you. Goodluck.

Subhash Gupta आप इतने सक्षम और योग्य हैं …जिधर चलेंगे मंजिल खुद रास्ता बना देगी।


उपरोक्त कमेंट्स गुरदीप सिंह सप्पल के जिस इस्तीफानामा पर आया है, उसे पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें…

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इतिहास रचने के बाद राज्यसभा के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से गुरदीप सिंह सप्पल ने दिया इस्तीफा

गुरदीप सिंह सप्पल भारतीय मीडिया में एक इतिहास रच चुके हैं. राज्यसभा टीवी के माध्यम से वे सरकारी और निजी, दोनों ब्राडकास्टर्स के लिए एक रोल माडल पेश कर गए हैं कि देखो, ऐसा होता है कोई चैनल. एडिटर इन चीफ और सीईओ के रूप में राज्यसभा टीवी की नींव रखकर उसे प्रतिष्ठा की बुलंदियों तक गुरदीप सिंह सप्पल ने पहुंचाया. उप राष्ट्रपति पद से हामिद अंसारी के इस्तीफा के बाद राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से जीएस सप्पल को जाना ही था.

नए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए नई नियुक्ति करेंगे. लेकिन जीएस सप्पल ने जो लकीर खींच दी है, उसके पार जा पाना किसी भी दूसरे एडिटर इन चीफ और सीईओ के लिए संभव न होगा. आईएएस में चयनित होने वाले प्रतिभागी जब कहते हैं कि वे राज्यसभा टीवी का ‘बिग पिक्चर’ डिबेट शो देखकर सम-सामयिक मामलों में अपनी सोच-समझ को निर्मित करते हैं, तो समझा जा सकता है कि इस चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम कितनी गहराई और प्रामाणिकता लिए हुए होते हैं.

गुरदीप सिंह सप्पल की सबसे बड़ी बात, जो उनके साथ काम करने वाले बताते हैं, कि ये आदमी बेहद डेमोक्रेटिक है. वे क्रिएटविटी और एडिटोरियल फ्रीडम को पूरी तरह जीने देते हैं. यही कारण है कि उन्होंने राज्यसभा टीवी के लिए ऐेसे मीडियाकर्मियों का चयन किया जिनके लिए पत्रकारिता जनसरोकार और एक मिशन रही है. गुरदीप सिंह सप्पल का अंदाज और तेवर उनके इस्तीफानामा में भी देखा जा सकता है, जो उन्होंने अपने एफबी वॉल पर पोस्ट किया है. उनका इस्तीफानामा नीचे पढ़ा जा सकता है.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया


Gurdeep Singh Sappal : राज्यसभा टीवी से मेरा इस्तीफ़ा….

‘चलो कि इक उम्र तमाम हुई
उठो कि महफ़िल की शाम हुई
जुड़ेंगे नए रिंद, अब नए साज़ सजेंगे
मिलेंगे उस पार, कि नए ख़्वाब बुनेंगे।’

राज्यसभा टीवी के साथ मेरा रिश्ता आज ख़त्म होता है। लेकिन संतोष है कि जो चैनल हमने सजाया है, उसकी चमक दूर से भी दिखायी देती रहेगी। आज मुड़ कर देखूँ तो एक सुखद अहसास ज़रूर है कि जो ज़िम्मेदारी मजबूरी में स्वीकार की थी, वो कुछ हद तक पूरी हुई। सच कहूँ तो ये काम मुश्किल ज़रूर था, लेकिन विश्वास था कि ‘अगर अतीत ब्लैकमेल योग्य न हो, आज कोई भय न हो और भविष्य से कोई आरज़ू न हो’, तो जीवंत संस्थाएँ बनाना सम्भव है।

जब हमने ये चैनल डिज़ाइन किया तो दो टैग लाइन चुनी: Knowledge Channel of India और Democracy at Work. आज छः साल बाद ये एक निर्विवाद सच है कि देशभर में छात्र, प्रशासक, बुद्धिजीवी RSTV देखते हैं। तथ्य तो गूगल सभी दे देता है, लेकिन विश्लेषण, अंत:दृष्टि और हाशिए पर रहे विषयों के लिए राज्य सभा टीवी ने अपनी अलग जगह बनायी है।इसकी डिबेट में सभी राजनैतिक रंग, सभी विचारधाराएँ बराबर खिली हैं। शायद, कुछ हद तक ही सही, हम अपनी दोनों टैग लाइन पर खरे ज़रूर उतरे हैं।

मैं जानता हूँ कि हमारे कुछ आलोचक, या कहूँ कि निंदक भी रहे हैं। लेकिन शायद उनमें से ज़्यादातर हमारा चैनल देखते नहीं थे, क्योंकि उनकी आलोचना के बारे सोचते ही एक शेर बेसाख़्ता याद हो आता था :

‘वो बात जिसका सारे फ़साने में ज़िक्र न था,
वो बात उनको बहुत ही नागवार गुज़री।’

हाँ, इन्फ़ॉर्म्ड आलोचना को हमने हमेशा स्वीकारा और उस पर अमल किया।

ख़ैर, ये दास्ताँ बस इतनी ही। मैं शुक्रगुज़ार हूँ माननीय उपराष्ट्रपति श्री वेंकैय्या नायडू जी का, जिन्होंने मेरा आग्रह मान कर मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार किया।

लोग संस्था को गढ़ते हैं और संस्था लोगों को गढ़ती है। मैं चैनल के अपने सभी साथियों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने मेरे साथ मिल कर ये चैनल गढ़ा और उसे ऊँचाइयों तक पहुँचाया। और अंत में, धन्यवाद उस शख़्सियत का, जिसकी निस्वार्थ मौजूदगी, बौद्धिक विश्वास और स्वायत्ता में नैसर्गिक यक़ीन RSTV की बुनियाद रहा। शुक्रिया श्री हामिद अंसारी, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति का। सम्पादक के पद को वे हमेशा एक महत्वपूर्ण संस्था मानते आए हैं और मुझे ख़ुशी है कि मैं उनके विश्वास पर खरा उतर सका। मेरी कामना है कि आने वाले दिनों में RSTV यूँ ही उत्तरोत्तर तरक़्क़ी के पथ पर आगे बढ़ता रहे।

Resignation from RSTV

Today, as I stand relieved from the posts of CEO and Editor-in-Chief of Rajya Sabha Television, I thank Hon’ble Sh. Venkaiah Naidu, the Vice President of India for accepting my request relieving me from the responsibility. I have always held a principled view that if one has been nominated, rather than having been elected in polls or selected through exams, one must move out with the principal.

As I move ahead in life, I look back in satisfaction at the success we had in creating a vibrant public broadcaster. RSTV, indeed, has made its mark. Having nurtured it since its conception, developing a free and fair public broadcaster was indeed a difficult task. But there was a certain belief that ‘if the past cannot be blackmailed, the present doesn’t scare and there are no expectations from the future’, then it is possible to build robust institutions.

We conceptualised RSTV with two tag lines, viz. ‘Knowledge Channel of India’ and ‘Democracy at Work’. Today, it’s an undisputed fact that students preparing for competitive exams, intellectuals, administrators and thinking population watch the channel. In today’s day and age, facts can all be googled, but RSTV carved a special place for itself by featuring comprehensive analysis & insights and giving space to marginalised, yet significant, subjects. It’s debates gave equal place to views and ideologies of all hues. I believe that we have been able to justify our both tag lines.

I know that we have our share of critics and castigators. But after going through their objections for so many years, I can surely say that most of them don’t watch RSTV regularly. I can only say to them: ‘वो बात सारे फ़साने में जिसका ज़िक्र न था, वो बात उनको बहुत नागवार गुज़री है।’

Whenever we received constructive criticism, we always took its cognizance and strived to accommodate it. Friends, institutions are crafted by people and then institutions craft them back. I was backed by a wonderful set of professionals, who made RSTV what it is today. I thank them all for being my co-passengers on this roller-coaster ride. I thank my Editorial Team for believing in an idea and delivering it.

I also thank my team in administration, who minimized the lethargy and constraints of our public funded systems and delivered a vibrant institution. And above all, I would like to thank one person whose selfless presence, intellectually driven sense of security and innate faith in autonomy was the foundation of Rajya Sabha Television. I profusely thank Sh. Hamid Ansari, the former Vice President of India. He believed in the institution of the Editor and allowed me to live up to it. I wish the channel a bright future, always 🙂

गुरदीप सिंह सप्पल की एफबी वॉल से.

उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए सैकड़ों कमेंट्स में से कुछ चुनिंदा पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें…


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