‘PACL’ की असलियत : परिपक्वता अवधि पूर्ण होने के बाद भी एजेंट का लाखों रुपये दाबे बैठी है कंपनी

लगता है पीएसीएल कंपनी भी धराशाई होने की कगार पर है. यही कारण है कि यह कंपनी अपने निवेशकों का धन उन्हें परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद लौटा नहीं रही है. भड़ास4मीडिया को भेजे एक मेल में पीएसीएल के एक निवेशक सुरेंद्र कुमार पुनिया ने बताया है कि उनका इस कंपनी में एजेंट कोड Agent Code 1950022771 है. इनके कुल आठ एकाउंट हैं जिसमें कुल चार लाख रुपये यानि 4,00,000/- जमा हैं. इनकी परिपक्वता अवधि दिसंबर 2013 और जनवरी-फरवरी 2014 थी. पर कंपनी पैसे लौटाने में आनाकानी कर रही है. सुरेंद्र ने PACL Amount Refund मामले में भड़ास से दखल देने की गुजारिश की है.

काले से गोरा बना देने का हिन्दुस्तान लीवर लिमिटेड का कारोबार यानि सबसे बड़ी ठगी

ज्योतिष के नाम पर ठगी का कारोबार काफी छोटा है. हम हमेशा अपनी आय का एक काफी-काफी छोटा अंश इस नाम पर खर्चते हैं. मसलन कोई दस हज़ार की नौकरी करने वाला होगा तो वो पंडित को 11 रुपया दक्षिणा देगा, कोई करोड़पति होगा तो एक-दो नीलम-पुखराज पहन लेगा. लेकिन इस ठगी के बरक्स ज़रा बड़े ठगों पर ध्यान दीजिये. आज हिन्दुस्तान लीवर लिमिटेड (दुनिया भर में उस देश का नाम और आगे लीवर लिमिटेड जोड़ दीजिये) का काले से गोरा बना देने का कारोबार किस हद तक ठगी का नायब नमूना है, उसे देखिये. ज़रा उसका टर्न ओवर देख लीजिये. कई देशों के जीडीपी से ज्यादा इनकी अकेले आमदनी है.

घोटालेबाज प्रफुल्ल माहेश्वरी के खिलाफ सेबी की तरफ से गिरफ्तारी वारंट जारी करने की तैयारी

ऐसी खबर है कि देश की प्रमुख समाचार एजेंसी यूएनआई के चेयरमैन प्रफुल्ल माहेश्वरी के खिलाफ सेबी की तरफ से गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है. प्रफुल्ल माहेश्वरी पर एनबी प्लांटेशन के नाम से करोड़ों की अवैध वसूली का आरोप है. चेयरमैन प्रफुल्ल माहेश्वरी एनबी प्लांटेशन के डायरेक्टर रह चुके हैं. सेबी वही सरकारी एजेंसी है जो सहारा और शारदा चिट फण्ड के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है.

हिंदी संस्थान ने लखकों को झूठा-फ्रॉड साबित कर अपनी फोरेंसिक लैबोरोट्री भी खोल ली है…

Dayanand Pandey : उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में इस बार पुरस्कार वितरण में धांधली भी खूब हुई है। इस धांधलेबाजी खातिर पहली बार उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने एक फर्जी फोरेंसिक लैब्रोटरी भी खोल ली है। तुर्रा यह कि बीते साल किसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में किसी ने याचिका दायर कर दी थी सो इस याचिका कर्ता के भय में लेब्रोटरी में खुद जांच लिया कि कौन सी किताब किस प्रेस से कैसे छपी है और इस बिना पर कई सारी किताबों को समीक्षा खातिर ही नहीं भेजा समीक्षकों को। और इस तरह उन्हें पुरस्कार दौड़ से बाहर कर दिया। क्या तो वर्ष 2014 की छपाई है कि पहले की है कि बाद की है। खुद जांच लिया, खुद तय कर लिया। ज़िक्र ज़रूरी है कि इस बाबत लेखक की घोषणा भी हिंदी संस्थान लेता ही है हर बार।

सावधान रहें इस फर्जी कंपनी से… किराये के तीन कमरे में चल रही कंपनी में 1555 लोगों को रोजगार देने की कवायद

इंदिरानगर, लखनऊ में तीन कमरे किराये पर ले कर 1555  व्यक्तियों को रोजगार देने का दावा करने वाली एक कंपनी का मामला सामने आया है. प्रा कृषि विपणन विकास लिमिटेड नाम की इस कंपनी ने जिला विपणन अधिकारी, खंड विपणन अधिकारी, केंद्र प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पदनाम बना कर 4800 से 20900 रुपये वेतन के कुल 1555 पदों की भर्ती का विज्ञापन दिया है. विज्ञापन को यथासंभव सरकारी स्वरुप दिया गया है जिसमें पिछड़ी जाति, एससी/एसटी के लिए आरक्षण, आयु में छूट आदि की बात है.

ऋतिक रोशन को पहचानने के लिए तीन लाख रुपए खर्च कर दिए!

Mohammad Anas : बैंग बैंग फिल्म में किसने निभाया है हीरो का किरदार. जल्दी से मैसेज करके बताइए और जीतिए एक टाटा सूमो कार. यह विज्ञापन एक चैनल पर आ रहा था. इलाहाबाद के एक लड़के ने खुद को महा ज्ञानी और सबसे झकास किस्मत का धनी समझ कर मैसेज किया- ऋतिक रोशन. कंपनी ने वापस फोन किया और कहा, मुबारक हो आप जीत गए टाटा सूमो. लेकिन उससे पहले आपको कागज़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक लाख रुपए हमारे बताये बैंक अकाउंट में भेजना होगा.

दैनिक भास्कर के धर्मेंद्र अत्री गिरफ्तार, गलत दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने का आरोप

दैनिक भास्कर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत धर्मेंद्र अत्री के बारे में खबर मिल रही है कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अत्री पर पासपोर्ट को लेकर गलतबयानी करने का आरोप है. उनके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट के सेक्शन 12 के तहत जालंधर के बारादरी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है. इसके पहले छह अक्टूबर को जालंधर सेशन कोर्ट ने उनकी जमानत की याचिका खारिज कर दी थी.

टीवी24 में एक और फ्राड : विज्ञापन चलाने के नाम पर तीस हजार रुपये आकाश सिंह चंदेल ने हड़प लिया!

सेवा में, 

श्रीमान डायरेक्टर
टीवी24 न्यूज चैनल
चंडीगढ पंजाब,

विषय-आकाश सिंह चंदेन्ल मंडल प्रमुख इलाहाबाद द्वारा चैनल पर विज्ञापन चलाने के नाम पर तीस हजार रुपयों की ठगी करने के संम्बन्ध में… 

‘पुष्पांजलि’ ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के फ्राड मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा

मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाइवे थाने में पुष्पांजलि ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के मालिक बीडी अग्रवाल उनके बेटे मयंक और पुनीत अग्रवाल समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इन फ्राड टाइप के बाप-बेटों ने किसी के नाम का प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. पुलिस के अनुसार पुष्पांजलि उपवन स्थित कालोनी राधा नगर निवासी महेंद्र खत्री की पत्नी सुषमा ने १२ सितंबर २००६ को २०० वर्ग गज के एक भूखण्ड का खरीदने के लिए अनुबंध कराया था.

galgotia के पाप का घड़ा फूटा, धोखाधड़ी में ध्रुव गलगोटिया और पद्मिनी गलगोटिया गिरफ्तार

कई वर्षों से और कई तरह के फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और बेईमानी करने करने वाले ‘गलगोटियाज’ के पाप का घड़ा भर गया दिखता है. खबर है कि तगड़ा विज्ञापन देकर मीडिया का मुंह बंद रखने वाले गलगोटिया पर 122 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई हुई और galgotia universityके निदेशक ध्रुव गलगोटिया और पद्मिनी गलगोटिया को गिरफ्तार कर लिया गया. गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चेयरमैन का पुत्र है ध्रुव गलगोटिया और पत्नी हैं पद्यमिनी गलगोटिया. गिरफ्तारी की कार्रवाई आगरा पुलिस ने की. आगरा के थाना हरीपर्वत की पुलिस ने गलगोटिया विश्वविद्यालय के दोनों निदेशकों मां-बेटे पद्मिनी और ध्रुव को गुड़गांव से गिरफ्तार किया.  शंकुतला एजूकेशनल सोसाइटी के चेयरमैन सुनील गलगोटिया की पत्नी हैं पद्मिनी. उनके खिलाफ आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था.

एलआईसी पालिसी और बोनस के नाम पर ठगने वालों के जाल में फंसते फंसते बच गए पत्रकार विकास मिश्र

Vikas Mishra : हफ्ते भर पहले किसी राज सिन्हा का फोन आया था। उन्होंने खुद को एलआईसी का सीनियर एक्जीक्यूटिव बताया। बोले-मुंबई से अभी ट्रांसफर होकर दिल्ली आया हूं। आपकी पॉलिसी का स्टेटस देखा, तो पता चला कि आपको सालाना बोनस अभी एक भी साल का नहीं मिला है। क्या आपको एजेंट ने बताया नहीं था कि हर साल साढ़े सात हजार रुपये बोनस मिलेगा..? मैंने कहा नहीं ये तो नहीं पता था। तब वे बोले कि ऐसा है कि आप दिसंबर की बजाय अक्टूबर के पहले हफ्ते प्रीमियम जमा करवा दें, हम आपका बोनस जो अब तक करीब 32 हजार हो चुका है, उसे आपको दिलवा देंगे। प्रीमियम भी आपको 36 हजार की जगह सिर्फ 34 हजार 610 रुपये देना होगा।

पंजाब केसरी के संपादक अश्विनी कुमार ने अनुवाद कर परिवार का पेट पाल रहे पत्रकार के साथ की धोखाधड़ी (पार्ट एक)

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आदरणीय यशवंत जी

संपादक

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम। 

यशवंत जी मेरे साथ हुई धोखाधड़ी के एक मामले की जानकारी आपको देना चाह रहा हूं, इस निवेदन के साथ कि आप इसे अपनी प्रतिष्ठित साइट पर प्रकाशित करें, ताकि मेरे साथ न्याय हो सके।  मैं दिल्ली में ट्रांसलेशन एजेंसी चलाता हूं। मैने पंजाब केसरी के संपादक अश्विनी कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘क्या हिंदुस्तान में हिंदू होना गुनाह है’ का भारत की नौ विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करवाया है। लेकिन मुझे करीब एक साल बाद भी पूरा भुगतान नहीं मिला है। ट्रांसलेशन के संबंध में मुझसे हिंदू साहित्य सभा के पदाधिकारी महेश समीर ने संपर्क किया था, जो कि पुस्तक का संपादक भी है। उस समय समीर ने यही कहा कि धन की कोई कमी नहीं है और पूरा भुगतान सही समय पर होगा। इसी कारण मैंने कुछ एडवांस भी नहीं लिया।