भड़ासी तेवर वाली पत्रकारिता जिंदा रखने के लिए मदद करें

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के संचालन पर आने वाले खर्च को मिल बांट कर पूरा करने के मकसद से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चंदा मांगो अभियान शुरू किया जा रहा है. जैसे आप अखबार पढ़ने के लिए हर महीने पैसे देते हैं, टीवी देखने के लिए हर महीने पैसे देते हैं, वैसे ही …

इस महिला पत्रकार को आपके समर्थन की जरूरत, थोड़ा-सा वक्त निकाल पढ़ लें ये हकीकत!

अपने आसपास की दुनिया देखता हूँ तो लगता है कि मेरा दुख कितना कम है! बिजनेस स्टैंडर्ड में पत्रकार हैं अजंता कृष्णमूर्ति। एक पखवाड़े पहले पता चला कि उसके पिता को कैंसर है। अचानक एक रोज एक सहकर्मी से जानकारी मिली कि उस लड़की को 2012 में कैंसर हुआ, वह भी चौथे स्टेज का, जब …

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार संतोष बाल्मीकि के पुत्र का जीवन मुश्किल में, आर्थिक मदद की जरूरत

Dinesh Pathak : कृपया मदद करें। शेयर करें। एक नौजवान के जीवन का सवाल है। हजार रुपए देने वाले सिर्फ 300, दो हजार देने वाले सिर्फ 150 या पाँच हजार देने वाले सिर्फ 60 दानवीरों की जरूरत है। मतलब सिर्फ तीन लाख रुपया। मैं जानता हूँ कि यह रकम बड़ी नहीं है लेकिन तब जब …

साहसी पत्रकारिता को सपोर्ट करें, भड़ास के संचालन में सहयोग करें

भड़ास4मीडिया एक ऐसा न्यू मीडिया प्लेटफार्म है जो विशेष तौर पर मीडिया के अंदरखाने चलने वाले स्याह-सफेद को उजागर करता है, आम मीडियाकर्मियों के दुख-सुख का प्रतिनिधित्व करता है, साथ ही मुख्य धारा की कारपोरेट मीडिया द्वारा दबाई-छिपाई गई खबरों को प्रमुखता के साथ प्रकाशित प्रसारित कर पूरे मीडिया जगत का माइंडसेट तय करता है. पिछले आठ वर्षों से चंदे, डोनेशन और आर्थिक मदद के जरिए संचालित यह चर्चित पोर्टल खबरों को लेकर कभी किसी के सामने न झुका, न डरा.

एक गरीब बिटिया फूलवंती की शादी के लिए आर्थिक मदद जुटाने का भड़ासी अभियान हो रहा सफल

भड़ास के एडिटर यशवंत ने फेसबुक पर अपने जिले की एक गरीब बिटिया फूलवंती की शादी के लिए आर्थिक मदद जुटाने का अभियान शुरू किया और देखते ही देखते जो टारगेट था, पचास हजार रुपये इकट्ठा करने का, उसके करीब पहुंच रहे हैं. इसमें बीस हजार रुपये एक ऐसे शख्स ने दिए हैं जो आजकल …

अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय की इस संवेदनशीलता को आप भी सलाम कहेंगे

आमतौर पर पुलिस महकमे से जुड़े लोगों को रुखा-सूखा और कठोर भाव-भंगिमाओं वाला आदमी माना जाता है. लेकिन इन्हीं के बीच बहुतेरे ऐसे शख्स पाए जाते हैं जिनके भीतर न सिर्फ भरपूर संवेदनशीलता होती है बल्कि वे अपने समय के साहित्य से लेकर कला और जनसरोकारों से बेहद नजदीक से जुड़े होते हैं. किसी जिले का पुलिस कप्तान वैसे तो अपने आप में दिन भर लूट हत्या मर्डर घेराव आग आदि तरह-तरह के नए पुराने अपराधों-केसों में उलझ कर रह जाने के लिए मजबूर होता है लेकिन वह इस सबके बीच अपने जिले की साहित्य की किसी बड़ी शख्सियत से इसलिए मिलने के लिए समय निकाल ले कि उनकी सेहत नासाज़ है तो यह प्रशंसनीय बात है.

एम्स दिल्ली में एडमिट झारखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग को मानसिक और आर्थिक मदद की जरूरत

झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग

झारखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग जी, दिल्ली के एम्स अस्पताल में किडनी रोग से पीड़ित अपने इलाज के लिए अकेले ज़िन्दगी की जंग लड़ रहे है। ये जानकारी मुझे संतोष मानव जी (पूर्व संपादक – हरिभूम एवं दैनिक भास्कर) के फेसबुक वाल से प्राप्त हुई। संतोष सर के द्वारा ये जानकारी पोस्ट करने के बाद हालाँकि कुछ ही देर बाद में देश के कई मीडियाकर्मियों तक पहुँच गयी लेकिन फिर भी शायद अभी तक यह खबर सही रूप से मीडियाकर्मियों उनके आन्दोलन के दिनों के साथियों तक नहीं पहुँच पाई है।

आयरलैंड में प्रोफेसर ने भारतीय छात्र को जबरन मनोरोगी बता बंधक बनवाया

आयरलैंड में एक भारतीय पीएच डी छात्र का कहना है कि उसे अपने गाइड के गलत बातों का विरोध करने की सजा मिल रही है. लखनऊ निवासी आईआईटी कानपुर के बी टेक स्नातक गोकरण शुक्ला ट्रिनिटी कॉलेज, डबलिन (आयरलैंड) में डॉ स्तेफानो संवितोस के अन्दर फिजिक्स में टनेलिंग मैग्नेटो रेजिस्टेंस (टीएमआर) विषय पर पीएच डी कर रहे हैं, जहाँ वे ज़िरकोनियम ऑक्साइड, कैल्शियम नाइट्राइड, एल्युमीनियम नाइट्राइड जैसी वस्तुओं पर असर का अध्ययन कर रहे हैं.

कैंसर पीड़ित देवघर के वरिष्ठ पत्रकार आलोक संतोषी को मदद की जरूरत

झारखण्ड के देवघर जिला के एक वरिष्ठ पत्रकार आलोक संतोषी गंभीर रूप से बीमार हैं। कैंसर से पीड़ित हैं। साल भर पहले पैंक्रियाज कैंसर की सर्जरी हुई थी। उसके बाद रिकवर कर रहे थे। फिर यकायक बीमार ही गए। लखनऊ के पीजीआई में साल भर से ईलाज करा रहे आलोक संतोषी अब टूटने लगे हैं, हारने लगे है। अपनी उदासी और बेबसी को उन्होंने अपने फेसबुक के माध्यम से उकेरा है। साथ ही इस बुरे दौर में पत्रकारों के साथ नहीं देने का दुःख भी प्रकट किया है।

इलाहाबाद के फोटो जर्नलिस्ट वसीमुल हक़ को मदद की जरूरत

इलाहाबाद में अस्सी साल के बुजुर्ग पत्रकार / प्रेस फोटोग्राफर वसीमुल हक़ इन दिनों काफी परेशान हैं। वह पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्हें दो महीने तक नली लगी हुई थी और दस दिन पहले उनके दो आपरेशन हुए हैं। उनका एक आपरेशन और होना है। वह पिछले दो हफ्ते से एक प्राइवेट अस्पताल (आलम हास्पिटल, नूरउल्ला रोड बैरियर तिराहा) में भर्ती हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और पास में अब फूटी कौड़ी भी नहीं बची है।

ट्रांसफर-टर्मिनेशन से कानूनी बचाव के लिए एडवोकेट उमेश शर्मा ने जारी किया फार्मेट

इसे सभी लोग अपने अनुसार सुधार / संशोधित कर संबंधित श्रम अधिकारी को दें….

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट में देश भर के पत्रकारों के पक्ष में लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट उमेश शर्मा ने आज एक और फार्मेट जारी किया है। जिन मीडिया कर्मियों ने मजीठिया वेज बोर्ड के तहत प्रबंधन के खिलाफ लेबर विभाग में 17 (1) का क्लेम लगाया है, वे सभी लोग इस फार्मेट को भरकर तत्काल अपने-अपने लेबर विभाग में जमा करा दें। इस फार्मेट के बाद अगर आपका प्रबंधन आपका ट्रांसफर या टर्मिनेशन या सस्पेंशन करता है तो आगे की कानूनी लड़ाई में यह काम आयेगा। यही नहीं, इससे मीडियाकर्मियों का प्रबंधन द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।

पत्रकार एसपी भाटिया का जीवन खतरे में, आर्थिक मदद की अपील

मैं जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा हूँ. अभी कितने दिन और लड़ सकता हूं मौत से, मालूम नहीं. वैंटिलेटर पर कार्डियोलोजी आईसीयू पीजीआई में मुझे रखा गया था, जहां सिर्फ़ मौत के सिवा मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया. कल देर शाम मुझे डिस्चार्ज किया गया. डॉक्टर ने यह कहा कि अगर हृदय का दर्द रुक गया, बीपी नार्मल हुया और इन्फेक्शन के साथ साथ हृदय व चेस्ट की इन्फेक्शन नियंत्रित हो गयी तो एक माह देखने के बाद मेरी ऑपन हार्ट सर्जरी कर देंगे वरना मौत के सफ़र की तैयारी शुरू हो गयी है.

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद वरिष्ठ पत्रकार अनूप भटनागर आर्थिक संकट में, करें मदद

कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके और इन दिनों न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अनूप भटनागर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. वे किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और कई वर्षों से डायलिसिस के जरिए जिंदा रहकर पत्रकारिता कर रहे हैं. हाल फिलहाल उनका किडनी ट्रांसप्लांट एम्स में किया गया लेकिन आपरेशन के बाद सेहत संबंधी कई समस्याएं सामने आ रही हैं. अनूप भटनागर अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं. वे डायलसिसि के बावजूद पीटीआई में नौकरी करते रहे.

पत्रकार धीरेंद्र मिश्रा की बेटी कोमा में, मदद की जरूरत

Sharad Tripathi : अगर हम एकजुट हो सकें तो किसी भी बुरे वक़्त का सामना करने की शक्ति मिलती है। हमारे मेहनती, लोकप्रिय, मृदुभाषी, प्रतिभावान, साफ़ सुथरी छवि के पत्रकार Dhirendra Mishra को शायद आज हम सबके सहयोग की ज़रूरत है। करीब 15 दिन पूर्व उनकी 11 वर्षीय बेटी अचानक बेहोश हो गयी थी और कोमा में चली गयी थी। तब से वेअपोलो अस्पताल दिल्ली में वेंटीलेटर पर आश्रित थी। करीब दो दिन पहले हताश माँ-पिता को उम्मीद की झलक मिली है जब बिटिया मुस्कुराई। भगवान् बिटिया को शीघ्र स्वस्थ करे।

संवाददाता समिति ने दी वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सिंह के परिजनों को 55 हजार की मदद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने लम्बे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सिंह के परिजनों से आज मुलाकात कर उनके इलाज के लिए 55 हजार की फौरी मदद प्रदान की। इसी के साथ समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह श्री सिंह के इलाज के लिए दस लाख रूपये देने की उसकी मांग पर शीघ्र निर्णय करे।

ईटीवी के पत्रकार ऋतुराज ने खून देकर आदिवासी भाई-बहन की जान बचायी

देवघर में ईटीवी बिहार के पत्रकार ऋतुराज सिन्हा ने रक्षाबंधन के दिन खून देकर आदिवासी भाई बहन की जान बचायी. प्राप्त सूचना के अनुसार देवघर के एक अस्पताल कुंडा सेवा सदन में एक आदिवासी भाई बहन जिनकी उम्र सात साल एवं नौ साल बतायी जा रही है, सेरेब्रल मलेरिया से ग्रसित होकर भर्ती थे. वहाँ उन बच्चों का हीमोग्लोबिन काफी नीचे गिर गया था. उन बच्चों की जान खून के अभाव में जा भी सकती थी. ईटीवी के पत्रकार ऋतुराज को इस संबंध में जानकारी मिली तो उन्होंने उन बच्चों को खून देने का निर्णय लिया.

मृत पत्रकार के परिवार को आर्थिक मदद मंजूर, भुगतान शीघ्र

वाराणसी : समाज कल्याण अधिकारी से सूचना के मुताबिक पिछली जाड़ा के दिनों में मृत पत्रकार मदन पाण्डेय के परिवार के लिए आर्थिक सहायता मंज़ूर हो गई है। धनराशि एक सप्ताह में पत्रकार की विधवा के खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। 

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार उदय यादव की दोनों किडनी खराब, ट्रांसप्लांट का खर्च 15 लाख रुपये, आइए मदद करें

Yashwant Singh : अभी-अभी मेरी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार उदय यादव जी से उनके मोबाइल नंबर 09415754483 पर बात हुई. उनकी सेहत और बीमारी के बाबत चर्चा हुई. वे बता रहे थे कि कानपुर से संचालित यूपी केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल ”के. न्यूज” ने उनकी बामारी को लेकर एक पैनल डिस्कशन का आयोजन किया था जिसका विषय कुछ यूं था कि सरोकारों की पत्रकारिता करने वाले इमानदार पत्रकारों के साथ उनके मुश्किल वक्त में यूपी की अखिलेश यादव की सरकार क्यों नहीं खड़ी होती. यह सरकार हमेशा दलाल पत्रकारों को ही क्यों बढ़ावा देती है और उन्हें तरह-तरह से उपकृत करती-रहती है. इसी बहस में कानपुर के विधायक सत्यदेव पचौरी भी मौजूद थे. उन्होंने कार्यक्रम के दौरान लाइव ही बीस हजार रुपये देने की घोषणा की और अगले दिन संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) जाकर डायलिसीस करा रहे वरिष्ठ पत्रकार उदय यादव को पैसा दे भी आए.


(उदय यादव)

बेटी की हत्या से मर्माहत दरभंगा जिले के जयकुमार झा का खुला पत्र… कृपया इनकी मदद करें…

Sub: Seeking your immediate attention towards the brutal murder of my daughter by her own husband

Respected Sir,

As I have taken a pen in my hand to convey the magnitude of my anguish to you, I am observing that my fingers are trembling and the rivulets of tears are gushing forth, drenching my whole face. Sir, I am a helpless father whose daughter had been hacked to death by her husband Dharmendra Jha purportedly on 2nd of March 2015. My daughter Puja Kumari was barely of 25 years old when the ugly clutches of death had taken her away from us. Uglier still, the murderer Dharmendra Jha still remains at large till date despite police conducting ostensible raids to trace him and other members of his family.

पत्रकार चंचल भट्टाचार्य को सीएम राहत कोष से एक लाख की सहायता

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राँची एक्सप्रेस के वरीय खेल पत्रकार एवं फुटबाल के ख्याति प्राप्त खिलाड़ी और पत्रकार चंचल भट्टाचार्या के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उनके आवास गए। वे विगत लगभग एक साल से बीमार हैं और अब चलने में भी लाचार हैं।

कोयलांचल के पत्रकार वेद प्रकाश जिंदगी-मौत से जूझ रहे, मदद की जरूरत

कोयलांचल के जुझारू पत्रकार वेद प्रकाश आज जिंदगी और मौत से जब जूझ रहे हैं तो कोयलांचल के बहुत कम साथी हैं जिन्हें वह याद आते हैं. करीब दो दशक पहले भारतीय खनि विद्यापीठ की निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने के बाद धनबाद के एक स्थानीय दैनिक ने अपने यहां काम करने का अवसर दिया. और यहीं से शुरू हुई उसकी पत्रकारिता. दस साल पहले ‘प्रभात खबर’ के धनबाद संस्करण में काम करते हुए गिरिडीह राइफल लूट कांड, महेंद्र सिंह हत्याकांड और भेलवाघाटी उग्रवादी घटना की रिपोर्टिग के लिए काम निबटाकर रात तीन बजे धनबाद से गिरिडीह जाना हम साथी भूल नहीं सकते.

UP govt announces financial assistance to scribes’ families

Uttar Pradesh government today announced financial assistance to the families of the three journalists who passed away recently, a senior official said. Principal Secretary, Information, Navneet Sehgal said a financial assistance of Rs 20 lakh to the families of each of the scribes (Amresh Mishra-Hindustan, Manoj Srivastava-Amar Ujala and Tahir Abbas-Rashtriya Sahara) who passed away recently will be provided.

समाचार प्लस के सीईओ उमेश कुमार ने एक दुखी परिवार को हर माह पांच हजार रुपये देने का वादा किया

समाचार प्लस के सीईओ उमेश कुमार ने एक लाचार, बेसहारा और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की मदद के लिए हर महीने पांच हजार रुपये देने का वादा किया है. उन्होंने शुरुआत पांच हजार रुपये देकर कर दी है. इस परिवार के खाते में उन्होंने पांच हजार रुपए डाल दिए. उन्होंने प्रतिमाह इस परिवार को पांच हजार रुपए देने की बात कही है. असहाय महिला राजी देवी का कहना है कि उमेश जी का शुक्रिया अदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है. इस आर्थिक मदद से अब उनके परिवार को दो वक्त की रोटी मिल पाएगी.  उमेश इससे पूर्व विकलांग जगदीश की भी मदद कर चुके हैं. इस परिवार की भी उमेश जी पांच हजार रुपए प्रतिमाह मदद कर रहे हैं.

पत्रकार गोपाल ठाकुर के मामले में काशी पत्रकार संघ की भयावह चुप्पी के मायने

: …दर्द से तेरे कोई न तड़पा आंख किसी की न रोयी :

पत्थर के सनम
पत्थर के खुदा
पत्थर के ही इंसा पाये है,
तुम शह-रे मोहब्बत कहते हो
हम जान बचा के आये हैं…

शूट के दौरान जिया न्यूज की पत्रकार स्नेहल पटरियों पर गिरीं, दोनों पैर कटे, चैनल की तरफ से कोई मदद नहीं

कल एक फेसबुक मित्र से हाय हैलो हुयी. पहले वो रियल4न्यूज मे काम करती थीं. उसके बाद कल हालचाल पूछा तो पता चला कि जिया न्यूज में है. मैंने पूछा किस स्टोरी पर क़ाम चल रहा है तो बोलीं- फिलहाल रेस्ट पर हूं. मैंने कहा- कब तक. बोलीं- पता नही. मजाक में मैंने कहा- आफिसियल हालीडे. वो बोलीं- नो. मैंने कहा- शादी या प्रेग्नेन्सी. बोलीं- नहीं. फिर दिलचस्पी ली. एक और कयास लगाया की शूट के दौरान घायल? उसने कहा- हां.

बनारस के वरिष्ठ पत्रकार गोपाल ठाकुर खुले आसमान के नीचे मौत का कर रहे हैं इंतजार…

क्या पता कब मारेगी
कहां से मारेगी
कि जिदंगी से डरता हूं
मौत का क्या, वो तो
बस एक रोज मारेगी

कभी धर्मयुग जैसे प्रतिष्ठित पत्रिका से जुड़े रहे बुर्जुग पत्रकार गोपाल ठाकुर को जिदंगी रोज मार रही है, फिर भी जिंदा हैं… सिर पर छत फिलहाल नहीं है…. जो अपने थे, वक्त के बदलते रौ में वो अपने नहीं रहे… बेबसी, बेकारी हालात के शिकार गोपाल जी का नया ठिकाना फिलहाल रविन्द्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम आश्रम का चबूतरा है, जहां लेट कर आसमान को निहारते हाथों को ऐसे ही हिलाकर शायद अपने गुजरे वक्त का हिसाब-किताब करते मिले… लेकिन इतने बुरे वक्त में भी उनके चेहरे पर शिकन नहीं दिखी…

अमर उजाला के पत्रकार दिलीप का लीवर ट्रांसप्लांट होगा, 25 लाख लगेंगे, मदद की अपील

अमर उजाला ग्रेटर नोएडा के ब्यूरो ऑफिस में तैनात मुख्य उपसंपादक दिलीप कुमार चतुर्वेदी लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। लम्बे उपचार के बाद भी उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार न देखकर अब डॉक्टरों ने उन्हें नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में लीवर प्रत्यारोपण की सलाह दी है। इसमें लगभग 25 लाख रुपए का खर्च आएगा।