बधाई हो, तिलकधारी ISIS ने जन्म ले लिया…

Gourav Sagwal : राजस्थान की “लाइव हत्याकांड” का वीडियो जिस भी शख़्स ने देखा होगा, जरूर रूह कांप गयी होगी. मारने वाले के चेहरे पर ना कोई ड़र, ना कोई पश्चाताप, ना ही कोई आत्मगिलानी. इस क्रूर और विकृत मानसिकता की हद़ पार कर ये कृतज्ञ करने वाला ख़ुद को हिंदूवादी माफ़ कीजिए तिलकधारी हिंदूवादी कह रहा हैं. जिस हिंदुत्व और सनातनी धर्म का हवाला देकर ये “नीच मानसिकता” के लोग “मानव हत्या” कर रहें हैं, ये इस धर्म का हिस्सा नहीं हैं। एक कीड़ा भी हमारे हाथों मर जाये तो हमें पीड़ा होती है. यहां तो एक जीवित इंसान को सरेआम कुदाली से काट दिया.

आज ठेकेदार बहुत खुश होंगे. जश्न चल रहा होगा. दीये लगाये जा रहें होंगे. मिठाईयां बांट रहें होंगे. बधाई हो, तिलकधारी ISIS ने जन्म ले लिया. अब ये भी सीरिया, इराक वाले ISIS के गुंडों के माफ़िक भारत के सभी अल्पसंख्यकों को मारेगा. अब देश में तिलकधारी ISIS आ गया है. शर्म करो ! इस वीभत्सता पर शर्म करो… इसे ज़ायज मत ठहराओ.
मैंने वीडियो को काफी बार देखा. दो बेहद चौंकाने वाली बात या मर्म करने वाली बात सामने आई. पहली- आप पीठ पर वार कर रहे हो. धोखे से ज़िहाद पर हमला करोगे? उस मजदूर की पीठ पर वार.. छी!! धोखे से बुलाकर खुदाली से पीठ पर वार करते हुए हाथ ना कांपे? दिल नहीं पसीजा. वो मरता मरता भी ‘मां’ ‘मां’ कहकर ‘बचाओ बचाओ’ कर रहा था. अरे तिलकधारी ISIS उस मां का तो ख़याल किया होता.

दूसरी- वो वीडियो बनाने वाला. सलाम है उसके कठोर हृदय को. जो सामने ये होने पर भी ना पसीजा, और वीडियो बनाते चला गया. ये करेंगे रक्षा हिंदूत्व की. ऐसे बचाएंगे धर्म को. अगर ऐसा है तो ओशो  की एक बात आज सही मालूम पड़ती है कि धर्म एक बदबू का घर है जहां हम शोषण के अलावा कुछ नहीं करते। इसी भारत की शायद हम कल्पना कर रहे थे? या ऐसे हिंदुत्व की?

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मैं डर रहा हूँ… जी हाँ मैं आज डर रहा हूँ। नहीं उठानी कोई आवाज़… नहीं करनी कोई आलोचना… डर लगता है अब! क्या पता अगला मैं हूँ, या आप हो?  जो भी हो पर चुप्पी बेहतर है. कौन लड़ेगा इन क्रूर मानसिकता के गुलाम लोगों से। ऐसा करके हम कौन-सा भारत बनाने का सपना देख रहे हैं? किस हिंदुस्तान की कल्पना मैं करूँ। नहीं, अब नहीं, बस! जिहाद के नाम पर दुनिया जल रही है तो जरूरी नहीं अब हिंदुत्व को भी आंतकवाद का सहारा लेना पड़े। किस हिंदुत्व की कल्पना करोगे… राजस्थान में एक मुस्लिम बुजुर्ग को पीछे से एक हिंदू आतंकवादी ने (क्यूँकि यहां आतंक का सहारा लिया गया हैं) जिहाद के नाम पर सरेआम कुदाली से काट कर जिंदा जला दिया. बेशर्मी का आलम इस कदर है कि लोग इसको समर्थन दे रहे हैं। धिक्कार है ऐसे लोगों पर… उनको सही बताने वालों पर… किस बात की नफ़रत है… किस बात का गुमान है। इस कट्टरता से किसको फ़ायदा है… हाँ आज मैं डर रहा हूँ… शायद अगला मैं हो सकता हूँ या आप ?

पत्रकार गौरव सगवाल की एफबी वॉल से.

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यूपी की चुनावी तैयारियों का हिस्सा न बन जायें isis के हरामखोर!

ये तो नही पता कि isis के लोगों का धर्म क्या है… किसी को तो छोड़ दो isis के हरामखोरों…

हाँलाकि उनके संगठन के नाम में ‘इस्लाम’ नाम का शब्द जुड़ा है, जैसा कि मथुरा के कंस रामवृक्ष ने नेता जी सुभाषचंद्र बोस जी की आजाद हिन्द फौज के नाम से दहशतगर्दो का कुनबा तैयार करने की गुस्ताखी की थी। पर हाँ इस बात में कोई दो राय नही है कि इन्सानियत के दुश्मन इन वहशी दरिन्दों ने अब तक सबसे ज्यादा नुकसान मुसलमानों को ही पहुँचाया है। आकड़े बताते है कि इन हरामखोरों (Isis) ने  ईसाइयों, यहूदियो, कुर्दों, यजीदियों इत्यादि से ज्यादा जान-माल का नुकसान मुसलमानों को ही पहुँचाया है। यही नहीं, मुसलमानो के धार्मिक स्थल (मुख्य तीर्थ स्थल भी) तोड़ना isis का मुख्य लक्ष्य है।

भारतीय मुसलमानों शुक्र करो कि तुम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी और महात्मा बुद्ध के संस्कारों वाले देश भारत मे महफूज हो। तुम आजादी और सहयोग के साथ अपने धार्मिक फरीजे अदा करते हो और इस देश मे तम्हारे करोड़ों धार्मिक स्थल ( औसतन हर दो किलो मीटर के दायरे मे एक मस्जिद या दूसरे धार्मिक स्थल) है। यहाँ कोई Isis तुम पर जुल्म नहीं ढा सकता।

और हाँ, एक बात ध्यान से सुन लो मुसलमान भाईयो।

आत्म रक्षा के लिये…युद्ध कौशल मे दक्ष होने के लिये ..हथियार चलाना सीखने के लिये जो कभी-कभी प्रशिक्षण शिविर लगते है, उस पर तुम लोग आइन्दा कभी ऐतराज का हल्ला मत मचाना। तुम्हारे ये भाई ही isis को कुत्तों की मौत मारेंगे और उनसे तम्हारी जान बचायेंगे।

वैसे इन सुअरो (Isis) की मजाल नहीं है कि वो हमारे देश भारत की तरफ नजर उठाकर भी देखें।

लेकिन हाँ, हम बहुत मुतमईन (निश्चित) होकर भी नहीं बैठना चाहिए है।

यूपी का चुनाव नजदीक है। अपनी हारी हुई बाजी जीतने के प्रयासों में हो सकता है उनका यहाँ छोटा-मोटा टूर लगवाने के लिये कोई TA-DA भिजवा दे।

इन दरिन्दो के अमानवीय कृत्यों से जिनका लाभ होता होगा वैसी तमाम शैतानी शक्तियाँ ही इन शैतानों की आर्थिक सहायता करती ही होगी। तबाही मचाने की सुपारी से ही तो ये वित्त पोषित होते होगे।

आप सब तो समझदार हो.. जानते हो.. इस किस्म की. अमानवीय नापाक हरकतों वाली घटनाओं के माहौल में कहाँ-कहाँ, किसका-किसका, कब-कब और किस मौके पर किस किस्म का  फायदा होता है।

लेखक नवेद शिकोगह लखनऊ के युवा और बेबाक पत्रकार हैं. उनसे संपर्क उनकी मेल आईडी Navedshikoh84@gmail.com या उनके मोबाइल नंबर 08090180256 / 09369670660 से किया जा सकता है.

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दक्षिण भारतीय पत्रकार कुख्यात आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल

मीडिया सूचनाओं के मुताबिक पालाक्‍कड के एक मलयालम समाचारपत्र से इस्तीफा दे चुके एक पत्रकार के कुख्यात आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में सक्रिय होने की जानकारी मिली है।

आईबी और केरल गृह मंत्रालय स्तर पर मामले की छानबीन चल रही है। उस पर आईबी पिछले एक साल से नजर रखे हुए है। इन दिनो उसके सीरिया में होने का अंदेशा है। वह गया तो था खाड़ी देश नौकरी करने के लिए लेकिन आतंकी संगठनों के संपर्क में पहुंच गया। घर वालो के मना करने के बावजूद वह आईएसआईएस में सक्रिय हो गया है। 

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आतंकी संगठन आईएसआईएस की मैगजीन ‘दबिक’ ऑनलाइन बेच रहा ऐमजॉन

विश्व के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस की मैगजीन ‘दबिक’ यूरोप के कई देशों और अमेरिका में ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन की वेबसाइट पर ऑनलाइन बेची जा रही है। यह मैगजीन ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी और इटली में बेची जा रही है। वेबसाइट पर इस मैगजीन की कीमत 27 पाउंड रखी गई है। पत्रिका के प्रकाशक के तौर पर आईएसआईएस की मीडिया शाखा अल-हयात मीडिया सेंटर का नाम दिया गया है। 

हालांकि अब मैगजीन की बिक्री के विज्ञापन को ऐमजॉन ने साइट से हटा दिया है। ऐमजॉन ने बयान जारी कर कहा है, ‘मैगजीन अब बिक्री के‍ लिए वेबसाइट पर अब उपलब्‍ध नहीं है’। बता दें कि ‘दबिक’ मैगजीन में जेहाद, फोटो रिपोर्ट, करेंट इवेंट और आईएसआईएस से जुड़ी खबरें प्रकाशित की जाती हैं। इस मैगजीन में महिलाओं को गुलाम बनाने और उनसे रेप करने को जायज ठहराया गया है। कहा यह भी जा रहा है कि इस मैगजीन में कुछ लेख आतंकी संगठन द्वारा बंधक बनाए गए अमेरिकी पत्रकार जॉन केंटली के भी लेख शामिल हैं। 

वेबसाइट पर यह पत्रिका करीब दो सप्ताह तक बिक्री के लिए उपलब्ध थी। जिसमें फ्री डिलीवरी से लेकर खरीद के एवज में कुछ उपहार देने का भी ऑफर दिया गया था। बीबीसी के अनुसार वेबसाइट पर पेपरबैक फॉर्म में आईएस की मैगजीन ‘दबिक’ की चार अलग-अलग कॉपियां ऑफर की जा रही थीं। गौरतलब है कि अल-हयात आंतकी संगठन आईएस का ही एक मीडिया आर्म है, जो इसके प्रचार के लिए वीडियो और न्‍यूजलेटर बनाता है। खबर के अनुसार दबिक को अमेजन पर एक सामयिक पत्रिका के रूप में लिस्‍ट किया गया है। पत्रिका का नाम सीरिया के एक छोटे गांव के नाम पर रखा गया था, जिसे 2014 में लॉन्‍च किया गया था।

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ISIS ने हैक कर ली हरियाणा सरकार की वेबसाइट

नई दिल्ली। आईएसआईएस ने हरियाणा सरकार की वेबसाइट हैक उस पर अपना झंडा लगा दिया है। हरियाणा शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एसईआरटी) की वेबसाइट पर हैकर ने आईएसआईएस का झंडा लगाने के बाद लिख दिया ‘वी आर एवरीवेयर’। गुड़गांव पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज़ कर ली है। 

 

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पैगंबर मोहम्मह और अबु बकर बगदादी का कार्टून छापने वाली मैग्जीन के आफिस पर आतंकी हमला

पेरिस में ‘शार्ली एब्दो’ नामक एक व्यंग्य मैग्जीन के आफिस पर आतंकियों ने हमला कर दिया. कुल ग्यारह लोगों के मरने की खबर है. मरने वालों में दो पुलिसवाले भी शामिल हैं. मैग्जीन के कार्यालय पर एके-47 धारी नकाबपोश लोगों के एक समूह ने हमला किया. ‘शार्ली एब्दो’ नामक व्यंग्यात्मक मैगजीन में साल 2012 में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छपा था. हाल ही में मैग्जीन ने आतंकी संगठन आईएस के चीफ अबु बकर अल-बगदादी का भी कार्टून छापा था.

मैग्जीन ने ईसा मसीह, ईसाइयत और फ्रांस के नेताओं पर भी करारे व्यंग्य व कार्टून छापे हैं. पत्रिका अपने तीखे कार्टूनों की वजह से पहले भी चर्चा और विवादों में रही है. काले रंग के नकाब पहने कई हमलावर एके-47 लेकर इमारत में घुसे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी. हमलावर ‘पैगंबर का इंतकाम पूरा हुआ’ चिल्ला रहे थे.  आशंका है कि हमला इस्लाम से जुड़े विवादास्पद कार्टूनों को लेकर नाराज लोगों ने किया होगा.

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It seems that CIA is America’s official ISIS!

Mukesh Yadav : CIA Torture Report is American Shame! This torture report will be available in a book form soon! This brutal torture programme exposed American values and their double standards on human rights! CIA’s torture techniques leave dark stains on American history forever! It seems that CIA is America’s official ISIS!

Now this torture report is out in the public and surprisingly former president George W. Bush accepted earlier that he is totally aware of what’s going on in CIA! And now it’s a clear case for Obama administration to prosecute not only CIA officials but also Mr. Bush for committing crime against humanity? Otherwise America must be ready to live with a tag that calls – America a modern Barbaric Nation! SHAME on American torture techniques!

स्प्रीचुवल जर्नलिस्ट Mukesh Yadav के फेसबुक वॉल से.

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आईएसआईएस ने इराकी टीवी पत्रकार समेत 13 की हत्या की

समारा (इराक) : इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने उत्तरी बगदाद के विभिन्न शहरों एवं गांवों में एक इराकी समाचार कैमरामैन और 12 अन्य की हत्या कर दी। इस बात की जानकारी अधिकारियों, मारे गए लोगों के संबंधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दी।

पत्रकार के संबंधियों ने कहा कि जिहादियों ने कल स्थानीय ख़बरिया चैनल समा सलाहेद्दीन के लिए काम करने वाले 37 वर्षीय कैमरामैन राद अल-अजवी, उसके भाई और दो अन्य नागरिकों की तिकरित शहर के पूर्व में स्थित समारा गांव में गोली मारकर हत्या कर दी।

गर्वनर राइद इब्राहिम ने भी बताया कि शुक्रवार को तिकरित शहर में आतंकवादियों ने राद अल अज्जावी की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि वह और जानकारी देने में अक्षम हैं।

संबंधी ने कहा, ‘वे उसके घर आए और उसे एवं उसके भाई को ले गए। उसने कुछ गलत नहीं किया था। उसका अपराध सिर्फ यह था कि वह एक कैमरामैन था। वह बस अपना काम कर रहा था।’ उसने कहा, ‘गांव के कुछ लोगों ने उस पर सरकार के लिए काम करने का आरोप लगाया और इसकी जानकारी जिहादियों को दे दी होगी। वह हमेशा अपना कैमरा अपने साथ रखता था।’

सीरिया-इराक की सीमा के आर पार बड़े हिस्सों पर कब्जा कर चुका इस्लामिक स्टेट समूह सीरिया में कई पत्रकारों की सिर काटकर हत्या कर चुका है। उसका कहना है कि ये हत्याएं अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के इराक और सीरिया में हवाई हमले का जवाब हैं।

प्रेस की स्वतंत्रता के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) रिपोर्टर्स विदाउट बॉडर्स ने पिछले महीने कहा था कि आतंकवादियों ने सुन्नी आतंकी समूह में शामिल होने से इनकार करने के लिए तीन बच्चों के पिता अल अज्जावी को मारने की धमकी दी थी।

एनजीओ ने कहा कि अल अज्जावी का सात सितंबर को अपहरण किया गया था।

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आईएसआईएस ने ब्रिटेन के बंधक पत्रकार एलन हेनिंग का भी सर कलम किया

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चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में ब्रिटेन के बंधक पत्रकार एलन हेनिंग का सिर कलम करते हुए दिखाया गया है। उत्तरी इंग्लैंड के रहने वाले हेनिंग को पिछले साल सीरिया में बंधक बनाया गया था। हेनिंग की पत्नी बारबारा ने इसी हफ्ते रिहाई के लिए अपील की थी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरॉन ने वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आईएसआईएस के हाथों एलन हेनिंग का कत्ल दर्शाता है कि ये आतंकवादी कितने बर्बर हैं। डेविड ने ये भी कहा कि हम इन कातिलों को पकड़ने और सजा देने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले ब्रिटेन के बंधक डेविड हेन्स का सिर कलम किए जाने का वीडियो आईएसआईएस ने जारी किया था। आईएसआईएस अमेरीकी पत्रकारों जेम्स फॉली और स्टीवेन सोटलोफ के सिर कलम किए जाने का वीडियो भी जारी कर चुका है। अमेरिका ने भी ब्रिटेन के पत्रकार की हत्या को दुखद बताया है।

 

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जिहादियों ने अपहृत अमरीकी पत्रकार जेम्स फोले का सर कलम किया, विडियो जारी

 

आईएस ने दूसरे अमेरिकी पत्रकार स्टीवन सॉटलॉफ का भी सिर कलम कर दिया

 

ब्रिटिश जर्नलिस्ट जॉन कैंटली भी है आईएसआईएस के कब्जे में

 

बंधक बनाए गए ब्रिटिश पत्रकार के पिता ने आईएसआईएस से की बेटे को छोड़ने की अपील

 

 

 

 

 

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बंधक बनाए गए ब्रिटिश पत्रकार के पिता ने आईएसआईएस से की बेटे को छोड़ने की अपील

आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाए गए ब्रिटाश पत्रकार जॉन केंटली के पिता ने अपने बेटे की रिहाई की भावुक अपील की है। जॉन केंटली का 2012 में सीरिया में इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने अपहरण कर लिया था। अस्पताल में भर्ती जॉन केंटली के पिता पॉल केंटली ने कहा कि दो साल में पहली बार उन्होंने अपने बेटे को देखा इससे उन्हें काफी सुकून मिला है लेकिन वो असहाय हैं।

paul cantlie

पॉल केंटली ने अपील की कि जॉन को उन लोगों के लिए जिसे वो प्यार करते हैं और उन लोगों के लिए जो जॉन को प्यार करते हैं उनके लिए रिहा कर दिया जाए। हाल ही में उनका एक वीडियो सामने आया था और उस वीडियो में वो नारंगी रंग के कपड़े में कह रहे है कि वो एक क़ैदी हैं।

इस्लामिक स्टेट अब तक तीन बंधकों की हत्या के वीडियो जारी कर चुका है। इनमें से दो अमरीकी पत्रकार और एक ब्रितानी सहायता कर्मी था। हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ अभियान की घोषणा की थी लेकिन उन्होंने ये भी कहा था कि अमरीकी सैनिक किसी ज़मीनी युद्ध में शामिल नहीं होंगे।

 

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