उत्तर प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं पत्रकार

ये उत्तर प्रदेश है। यहाँ कानून नहीं, बल्कि राजनेताओं, मंत्रियों, किस्म-किस्म के माफिया, अपरााधियों, भाड़े के हत्यारों का राज  चलता है। आजकल इस राज्य में गुण्डागर्दी अपने चरम पर है और पूरी तरह ‘जंगलराज’ कायम है।

यूपी : मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा- गद्दारों को बीस-बीस जूते मारो

बस्ती : समाजवादी पार्टी में जनता को गाली देने वाले मंत्री पार्टी आलाकमान के लिये सिरदर्द बनते जा रहे हैं। पंडित सिंह के बाद अब बाहुबली मंत्री ने भाषा की मर्यादा लांघी है। प्रदेश सरकार में पशुधन प्रसार और लघु सिंचाई मंत्री राजकिशोर सिंह ने अपने ही क्षेत्र की जनता के लिये अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसकी आडियो क्लिप उस वक्त किसी ने बना ली और कुछ ही घंटों में मंत्री जी की यह अभद्र टिप्पणी वाट्सअप पर वायरल हो गई। 

बिना जांच कार्रवाई पर अड़े पत्रकारों को यूपी सरकार का ठेंगा …

जाइये, नहीं करते राज्यमंत्री को बर्खास्त, नहीं भेजते जेल… अब जो करना है, मीडिया कर ले। कुछ ऐसे ही भाव थे प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा व सरकार में नम्बर दो के दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के। सोशल मीडिया पर खिलने वाले पत्रकार के मामले में एनडीटीवी वाले रवीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र लिखा और कहा कि अगर राज्यमंत्री पर कार्रवाई करें तो संबंधित पत्र के साथ मेरा पत्र नत्थी कर दें। 

मजीठिया वेतनमान: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी श्रम विभाग के भी सख्त निर्देश जारी

गोरखपुर : राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्यों की तरह अब उत्तर प्रदेश शासन ने भी मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन का सख्त निर्देश जारी कर दिया है।  श्रम आयुक्त शालिनी प्रसाद ने प्रदेश के समस्त श्रम अधिकारियों को आदेशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्र के समाचार पत्र प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर तत्काल इस संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। आदेश में कहा गया है कि समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान वहां कार्यरत पत्रकारों और गैर पत्रकारों की संख्या, उनके मौजूदा वेतनमान आदि के सम्बन्ध में पूरी जानकारी रिपोर्ट में दें। निरीक्षण के लिए जिलाधिकारियों से स्वीकृति लेना आवश्यक नहीं है। मजीठिया वेतनमान से संबंधित क्षेत्रीय स्तर पर कोई रिपोर्ट दर्ज कराई गई हो तो श्रम आयुक्त ने उसके भी त्वरित निस्तारण का आदेश दिया है। 

यूपी : मीडिया सलीब पर और इंसाफ मुजरिमों की मुट्ठी में !

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि उनके मंत्रियों को फंसाया जा रहा है, साथ ही कहना है कि सरकार पर दबाव बनाये रखने के लिए विरोधी दलों के नेता आये दिन मंत्रियों के त्याग पत्र मांगते रहते हैं। आरोप यह भी है कि समाजवादी पार्टी पर मीडिया हमलावर रहता है। समाजवादी पार्टी के नेताओं की इस दलील का आशय यह है कि उनकी सरकार में सब कुछ ठीक है एवं सभी मंत्री संवैधानिक दायरे में रह कर ही कार्य कर रहे हैं, जिन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट होना शेष है कि समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान के दायरे में रहने की बात करते हैं, या समाजवादी पार्टी का कोई और संविधान है?

यूपी के आला पुलिस अफसरों ने खाकी को चुल्लू भर पानी में डुबोया

उत्तर प्रदेश में खाकी अपनी करतूतों के चलते अक्सर ही शर्मसार होती रहती है, लेकिन जब भ्रष्टाचार के आरोप विभाग के मुखिया पर ही लगे तो हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। खाकी पर अबकी से उसके दो ‘हाकिमों’ (पूर्व पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) के कारण दाग लगा है। दोनों डीजीपी ने अपनी तैनाती के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग को धंधा बना लिया।

उनकी डिग्रियां भी जाली हो सकती हैं मगर उन्हे शर्म क्यों नहीं आती !

क्यों नहीं सभी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों व नौकरशाहों की डिग्रियों का सत्यापन करके देखा जाये? हो सकता है, काफी लोगों की डिग्री फर्जी निकले। कुछ तो नेता व मंत्रियों के फर्जी डिग्री के मामले आज कल चर्चा में भी है, यहां तक कि तमाम ऐसे लोग विदेशी डिग्री भी लिए फिरते हैं। लोक सेवा आयोग, इलाहाबाद के अध्यक्ष, अनिल यादव की डिग्री/मार्कशीट का सत्यापन कराया जाये, हो सकता है कि अवश्य फर्जी निकले ! आम आदमी क्या करे, उसे तो जेल में डालना आसान है, इन बड़ों को कौन पकड़े?

यूपी का इतिहास पत्रकारों की लाश पर नहीं लिखने देंगे, हर पत्रकार जगेंद्र बनेगा

उत्तर प्रदेश  में पत्रकारों पर हमले बढ़ रहे हैं। पहले शाहजहाँपुर के जगेंद्र सिंह को जिन्दा जला कर मार दिया गया। फिर कानपुर में पत्रकार दीपक मिश्रा को पांच गोलियां मारी गयीं। साफ़ है कि अगर पहली घटना में अखिलेश सरकार तुरंत कार्यवाही करती तो कानपुर की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती। पहली घटना  में आरोपी मंत्री और पुलिस कर्मियों पर प्रभावी कार्यवाही न होने से माफिया के हौसले और बढ़ गए और उन्होंने एक और पत्रकार को  निशाना बना दिया। अब जगेंद्र की तरह दीपक मिश्रा के हमलावर भी गिरफ्तार नहीं हुए।

यूपी में पत्रकारों की जान को खतरा, जगेन्द्र हत्याकांड पर कैंडल मार्च

मुगलसराय : उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में नगर के पत्रकारों ने गुरुवार की शाम एक कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च लाल बहादुर शास्त्री पार्क से आरम्भ होकर जीटी रोड होता हुआ सुभाष पार्क पहॅुचा, जहां दिवंगत पत्रकार जगेंद्र सिंह को श्रद्वांजलि अर्पित की गयी। 

जगेंद्र हत्याकांड से यूपी के पत्रकारों में रोष, सीबीआई जांच की मांग

गाजीपुर (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर यहां विरोध प्रकट करते हुए पत्रकारों ने कचहरी कैम्प कार्यालय पर शोकसभा की। बैठक में पत्रकारों ने इसे चौथे स्तम्भ पर करारा आघात करार दिया। पत्रकारों ने राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और कोतवाल श्रीप्रकाश राय के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की मांग के साथ ही घटना की जांच सीबीआई से कराने, परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने, नौकरी के साथ 50 लाख रूपये का मुआवजा एवं जगेंद्र के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिए जाने की मांग की है। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में प्रभारी जिलाधिकारी को ज्ञापन देते गाजीपुर के पत्रकार

यूपी : फिल्म उद्योग की भरपूर संभावनाएं, विलेन पटकथा का टेंशन नहीं

बचपन में कई हिन्दी फिल्मों में मजबूर आम आदमी, सच के पहरेदारों और ईमानदार चरित्रों को जालिम नौकरशाह, हैवान नेता और बिकी हुई पुलिस के हाथों मरते देखा है। तब केवल फिल्मों की कहानी समझकर 3 घंटे बाद भूल जाते थे । लेकिन आज हालात दूसरे हैं। फिल्में देखने की जरूरत ही नहीं है । रोजाना अखबारों के पन्ने, टी.वी, मोबायल की स्क्रीन पर नयी फिल्मों के चित्र और पहले से ज्यादा हिला देने वाली स्टोरी दिखायी देती है। 

खनन माफिया पर कार्रवाई न कर यूपी सरकार ने बढ़ाया राम मूर्ति जैसों का मनोबल

लखनऊ : रिहाई मंच ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया और प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा, कोतवाल श्रीप्रकाश राय व अन्य द्वारा शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह को जिंदा जलाने की घटना ने प्रदेश में गुंडा और माफिया की सरकार होने को फिर से पुष्ट कर दिया है। मंच ने कहा है कि राम मूर्ति जैसे लोगों की जगह मंत्रालय नहीं बल्कि जेल में है। मंच ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए राम मूर्ति सिंह को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

 

दिवंगत पत्रकार सुरेन्द्र प्रताप यादव के आश्रितों को मंत्री गोप ने दी एक लाख की मदद

बाराबंकी (उ.प्र.) : दिवंगत पत्रकार सुरेन्द्र प्रताप यादव के छप्परनुमा घास-फूस के महल के नीचे पहुंचे प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री अधीर हो उठे। उन्होंने स्व. यादव की पत्नी व बच्चों को सपा की ओर से एक लाख की मदद दी तथा कहा कि पूरा सपा परिवार दुःख की इस घड़ी में उनके साथ है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी परिवार को सहायता दी जायेगी क्योंकि पत्रकारों के सुख दुःख के प्रति प्रदेश की सपा सरकार प्रतिबद्ध है। 

राम मंदिर नहीं, राम राज्य की बात हो

हिन्दुस्तान में मंडल-कमंडल की सियासत ने कई सरकारों की आहूति ली तो कई नेताओं को बुलंदियों पर पहुंचा दिया।मंडल के सहारे वीपी सिंह ने अपनी सियासी जमीन मजूबत की।समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव,राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव ने भी इस मुद्दे से खूब राजनैतिक रोटियां सेंकीं।राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के विवाद में मुलायम ने खुल कर मुसलमानों की पैरोकारी की जिसकी सहारे लम्बे समय तक मुलायम उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज रहे आज भी अगर सपा का जनाधार मजबूत है तो इसके पीछे अयोध्या आंदोलन की जड़े ही हैं। उधर कमंडल(राम मंदिर आंदोलन) के सहारे भाजपा भी लगातार बढ़ती गई।कमंडल के सहारे ही लाल कृष्ण आडवाणी,कल्याण सिंह,उमा भारती,विनय कटियार, जैसे नेता उभर कर सामने आये।1992 में जब तक विवादित ढांचा गिरा नहीं दिया गया तब तक यह नेता लगातार चमकते रहे,लेकिन विवादित ढांचा गिरते ही इन नेताओं की सियासत पर भी ग्रहण लग गया।विवादित ढ़ांचा गिरते ही इन नेताओं के ही नहीं भारतीय जनता पार्टी के भी बुरे दिन आ गये।

प्रदेश के पत्रकारों की ठेकेदारी कर रही यूनियन के पास कितने पत्रकार ?

जहां शासन कमजोर होता है, वहां पर कोई भी उसकी छाती पर चढ़ बैठता है… पत्रकारों के स्वयंभू नेताओं के मामले में भी कुछ ऐसी ही स्थति है… श्रमजीवी पत्रकार संघ में राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का कार्यकाल आजीवन है…. इस कारण लगभग सभी पत्रकार इस यूनियन का साथ छोड़ चुके हैं…. कांग्रेस के ज़माने में इस यूनियन को लखनऊ के चाइना मार्किट में दफ्तर उपहार में मिल गया था, जिसकी कीमत अब करोड़ों में है…

इस लोकतंत्र में छंछूदर हमारे सिर पर नाचे, पूँजीवादी जूतों से आम आदमी ख़ूनमख़ून

आज एक सप्ताह पुराने अखबार देखे। पहला समाचार- ‘हम फिर 2017 चुनाव जीतकर वापस आयेंगे : अखिलेश यादव’। दूसरा समाचार – ‘मई 10, 2015 – लखनऊ के कृष्णानगर में 18 माह की दूधमुही बच्ची के साथ बलात्कार, खून बहते हुए गंभीर हालत में लोकबन्धु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, बच्ची के मां कचरा बीनकर सड़क के किनारे ही जीवन बिताती है’….

UP : राज्यमंत्री पंडित सिंह मामले की सीबीसीआईडी जांच कराये जाने की मांग

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने राज्य मंत्री विनोद उर्फ़ पंडित सिंह मामले की सीबीसीआईडी जांच कराये जाने की मांग की है.

यूपीः तेज हुई पंचायत चुनावों की रस्साकशी

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ने लगी है। 2017 के विधान सभा चुनाव से पूर्व पंचायत चुनाव तमाम उन राजनैतिक दलों के आकाओं लिये अपनी ताकत नापने का पैमाना बन सकता है जो 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों बुरी तरह पिटने के बाद भी 2017 में यूपी की सत्ता हासिल करने का सपना देख रहे हैं।लोकसभा चुनाव में बुरी तरफ ‘पिटे’ सपा-बसपा,कांगे्रस और अन्य छोटी-छोटी राजनैतिक पार्टियों के लिये भी पंचायत चुनाव अमर बूटी साबित हो सकते हैं।पंचायत चुनाव की बिसात गांव की चैपालों पर सजती है और इसकी गूंज घर के भीतर तक सुनाई देती है।

उत्तर प्रदेश में 17 एडिश्नल एसपी बदले, सुभाषचन्द्र बने नए एटीएस एसएसपी

उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच जिलों के एसपी समेत 15 आईपीएस के तबादले कर दिए हैं। लखनऊ के एसएसपी की नियुक्ति पर ऊहापोह बना हुआ है। प्रदेश में कुल 17 एडिश्नल एसपी के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। सुभाष चन्द्र दुबे को एटीएस का एसएसपी नियुक्त किया गया है। 

आईपीएस अमिताभ ठाकुर की मुख्यमंत्री से गुहार, मिलने का समय मांगा

आये दिन लगे रहे मुकदमों से आजिज आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ अवैध खनन के परिवाद के बाद लगातार उनको प्रताड़ित करने और फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अपने प्राणों की रक्षा की गुहार लगाई है.

सोशल मीडिया से निपटने के लिए यूपी सरकार मेरठ और लखनऊ में स्थापित करेगी दो लैबोरेट्रीज

लखनऊ : अखिलेश यादव सरकार सोशल मीडिया पर लखनऊ और मेरठ में दो लैबोरेट्रीज स्थापित करने जा रही है। पुलिस इनके माध्यम से सोशल मीडिया कंटेंट पर नजर रखेगी। 

यूपी : अगले 48 घंटों में 48 से ज़्यादा IAS-IPS अफसरों के तबादले की संभावना

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अमले में एक बार फिर बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी चल रही है। सूबे के समाजवादी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अगले 48 घंटों में 48 से ज़्यादा IAS और IPS अफसरों का तबादला करने जा रहे हैं। 

अब बताइए, कितने जूते मारेंगे आप समाज में जातिवाद का जहर घोलने वालो को !

मीडिया अब दलाली का दूसरा नाम है। यहाँ फर्जी खबरें भी बनायी जा रही हैं, दलितों और पिछड़ों पर झूठी एफआईआर करवाने की तो फर्जी न्यूज़ छप रही है, मेधा और मेरिट को लेकर!

यूपी में सपा को बाहर से कम, पार्टी के अंदर से ज्यादा चुनौती

उत्तर प्रदेश का सियासी पारा धीरे-धीरे चढ़ता जा रहा है। 2017 फतह करने के लिये तमाम सियासतदां एयरकंडिशन ड्राइंग रूम से निकल कर सड़क पर पसीना बहा रहे हैं। डिजिटल इंडिया और नये दौर की राजनीति में भले ही धरने-प्रदर्शनों का रंग फीका पड़ चुका हो, लेकिन आज भी इसकी बानगी दिख जाती है। पुराने, जिन्हें घाघ नेता की संज्ञा दी जाती है, आज भी अपनी सियासत चमकाने के लिये धरना-प्रदर्शन को अपना अचूक हथियार मानते हैं। 

बसपा काल के भ्रष्टाचार पर सपा राज में चुप्पी

सपा-बसपा नेता भले ही जनता के बीच अपने आप को एक-दूसरे का कट्टर दुश्मन दिखाते रहते हों लेकिन लगता तो यही है कि अंदर खाने दोनों मिले हुए हैं,जिस तरह से बसपा शासनकाल के तमाम भ्रष्ट मंत्रियों और अधिकारियों के प्रति अखिलेश सरकार लचीला रवैया अख्तियार किये हुए है।वह संदेह पैदा करता है।सपा कोे  सत्ता हासिल किये तीन वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन उसने अभी तक पूर्ववर्ती बसपा सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाफ जांच की इजाजत लोकायुक्त को नहीं दी है। आधा दर्जन से ज्यादा पूर्व मंत्रियों और लगभग दो दर्जन लोकसेवकों के खिलाफ लोकायुक्त की विशेष जांच रिपोर्टों पर कार्रवाई न होने से सीएम अखिलेश पर उंगली उठने लगी हैं।

IAS, IPS ट्रान्सफर पर PIL के लिए IPS अमिताभ ठाकुर ने शासन से अनुमति मांगी

लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश में आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और पीपीएस अधिकारियों और थानाध्यक्षों के अल्प अवधि के कार्यकाल में ही अत्यंत तीव्र गति से स्थानांतरण के सम्बन्ध में जनहित याचिका दायर किये जाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है.

न्यूज नेशन यूपी के स्ट्रिंगर भुखमरी के कगार पर, तीन माह से सैलरी नहीं

लखनऊ : इस समय न्यूज नेशन यूपी के स्ट्रिंगरों की हालत खराब है। समय पर चैनल प्रबंधन मीडिया कर्मियों को सैलरी नहीं दे रहा है। ऊपर से विज्ञापन के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। जो विज्ञापन के आर्डर ले आने से मना कर रहा है, उसको नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। इस हालात से पूरे यूपी में न्यूज नेशन के स्ट्रिंगर परेशान हैं।

उस रात सत्ता की एक बड़ी हवेली में मेरे खिलाफ रचा गया षडयंत्र !

मैं पिछले दो दिन से ओला वृष्टि प्रभावित फैजाबाद व अम्बेडकरनगर में आत्महत्या करने वाले अथवा सदमे से मरे किसानों के परिवारों से मिलने व जनपद में हुए नुकसान का जायजा लेने आया हुआ हूं। इन जनपदों का मैं ‘नोडल अधिकारी’ भी हूँ। किसान के साथ प्रदेश में जो छलावा हो रहा है, इसके बारे में अलग से फोटो के साथ लिखूंगा। जब मैं ऐसी गर्मी में गाँव-गाँव व खेत-खेत घूम रहा था, तो मेरे पास एक फोन आया कि आप उधर किसानों के दुःख दर्द बाँट रहे हैं, इधर लखनऊ में कल रात सत्ता की एक बड़ी हवेली में आपके खिलाफ षडयंत्र रचा गया है। उन्होंने बताया कि “आप के खिलाफ भ्रष्ट इंजीनियर विभाग के कुछ अधिकारियों को एक बड़ी हवेली में बुलाकर आपको बदनाम करने के लिए साजिश रची गयी। उनमें से कई भ्रष्ट इंजीनियर, जो आपकी सख्ती से कुपित थे व ‘आका’ के बुरे दिनों के साथी भी रहे हैं, ने आपके खिलाफ ‘आका’ की उपस्थिति व निर्देश पर एक शिकायती रिपोर्ट बनाई ताकि आप की छवि को ख़राब करते हुए प्रताड़ित किया सके, सबक सिखाया जा सके। उन्ही इंजीनियरों ने आपका ट्रान्सफर भी कराया गया था। उन्होंने ये भी बताया कि इन विभागों के राजनैतिक मुखिया भी बहुत ख़राब छवि के हैं, पता नहीं क्यों ‘आका’ उन्हें इतना मुंह लगाते हैं?”

यूपी के लोकायुक्त ने किया सरकारी हेलीकाप्टर से एमपी का निजी दौरा, राज्यपाल से शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज लोकायुक्त एन के मल्होत्रा द्वारा मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गाँव में एक धार्मिक कार्यक्रम में निजी हैसियत से भाग लेने के लिए सरकारी लाव-लश्कर और हेलीकाप्टर का इस्तेमाल करने के सम्बन्ध में राज्यपाल राम नाइक से शिकायत की है.

यूपी में ‘टाइम इन्फार्मेशन सर्विसेज’ कंपनी का महाठगी अभियान

 

लखनऊ : श्रीनगर, आलमबाग, लखनऊ निवासी सुशील अवस्थी का कहना है कि यूपी की टाइम इन्फार्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लि. कंपनी अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए आम जनता को ठग रही है। इस कंपनी का पता है – बख़्शूपुर, जमनिया रोड, ग़ाज़ीपुर (यूपी)। इस कंपनी का CIN नंबर है- U74120UP2011PTC045400. यह कंपनी भारत सरकार की स्वावलम्बन पेंशन योजना का अपने व्यावसायिक लाभ के लिए बेज़ा इस्तेमाल कर रही है। सुशील अवस्थी बताते हैं कि वह तमाम उच्चाधिकारियों, कंपनी से संबंधित विभाग और सरकार से अपनी फरियाद सुनाने के साथ पुलिस में कंपनी की करतूतों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा चुके हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जानबूझकर मीडिया भी इसके कारनामों पर रहस्यमय ढंग से खामोशी साध बैठा है।