अखिलेश यादव की जान को ‘मीडिया’ से हो सकता है खतरा! (देखें वीडियो)

ये आगरा गए अखिलेश यादव की मीडिया से खड़े-खड़े बातचीत का वीडियो है. मीडिया वालों की संख्या और बाइट पाने के लिए उनमें मची धमा चौकड़ी इशारा कर रही है कि अगर समय रहते कुछ नहीं किया गया तो अखिलेश यादव समेत कई वीवीआईपीज की जान को खतरा हो सकता है. मीडिया के वेश में कोई भी आतंकी संगठन या बदमाश या असमाजाकि तत्व या विरोधी पार्टी के लोग घुसपैठ कर जानमाल का नुकसान कर सकते हैं.

नेटवर्क18 ग्रुप ने बिहार-झारखंड का संपादक प्रभाकर कुमार को बनाया

प्रभाकर कुमार की तैनाती नेटवर्क18 समूह ने बिहार-झारखंड के संपादक के रूप में की है. इस ग्रुप के न्यूज चैनलों ईटीवी बिहार झारखंड,  न्यूज18इंडिया और सीएनएन-आईबीएन के बिहार-झारखंड के कामकाज को प्रभाकर देखेंगे. प्रभाकर की संपादक के रूप में नियुक्ति की घोषणा आज आधिकारिक रूप से नेटवर्क 18 के ग्रुप एडिटर राजेश रैना और एडिटर इन चीफ राहुल जोशी ने की.

मनीष शर्मा दैनिक जागरण गाजिबाद के नए ब्यूरो चीफ, सतीश शर्मा जी मीडिया के हिस्से बने

खबर है कि दैनिक जागरण गाजियाबाद में ब्यूरो चीफ के पद से राज कौशिक को हटा दिया गया है. नया ब्यूरो चीफ मनीष शर्मा को बनाया गया है. मनीष मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं और जागरण से पहले हिंदुस्तान अखबार में कार्यरत हुआ करते थे.

जैन मुनि को भी झांसा देने से नहीं चूके अजमेर के फर्जी पत्रकार!

अजमेर। कभी आदर्श पत्रकारिता की पहचान रहा राजस्थान का अजमेर शहर अब पत्रकारिता के पतन का वायस बन गया है। अब यहां सिर्फ सम्बन्धों को पाला-पोसा जा रहा है। पत्रकार खुद फर्जी पत्रकारों की जमात खड़ी कर रहे हैं। बुधवार को तब हद हो गई जब प्रख्यात जैन मुनि प्रसन्न सागर महाराज ने अजमेर में मंगल प्रवेश करने के बाद प्रेस वार्ता की। बाकी पत्रकारों की तरह देश के एक बड़े अखबार का स्थानीय चीफ रिपोर्टर खुद भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचा और अपने पड़ोसी (प्रोपर्टी डीलर) को भी फर्जी पत्रकार बनाकर साथ ले गया। उस रिपोर्टर ने अपने पड़ोसी को बाकायदा पत्रकार बताते हुए मुनि श्री से मिलवाया और उनसे बतौर गिफ्ट चांदी का सिक्का भी दिलवाया।

इन दोनों बड़े अखबारों में से कोई एक बहुत बड़ा झुट्ठा है, आप भी गेस करिए

हिंदुस्तान और दैनिक जागरण अखबारों ने एक रोज पहले पन्ने पर लीड न्यूज जो प्रकाशित की, उसके फैक्ट में जमीन-आसमान का अंतर था. हिंदुस्तान लिख रहा है कि यूपी में सड़कों के लिए केंद्र ने पचास हजार करोड़ रुपये का तोहफा दिया वहीं दैनिक जागरण बता रहा है कि सड़कों के लिए राज्य को दस हजार करोड़ रुपये मिलेंगे. आखिर दोनों में से कोई एक तो झूठ बोल रहा है.

नहीं रहे लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार केसी खन्ना

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) के दशकों पुराने सहयोगी केसी खन्ना का निधन हो गया है। अंग्रेजी दैनिक दि पॉयनियर के उप समाचार संपादक रहे केसी खन्ना आईएफडब्लूजे की राष्ट्रीय कार्यकारिणी व यूपी प्रेस क्लब की गवर्निंग बाड़ी के सदस्य रहे थे। दिवंगत पत्रकार केसी खन्ना की रस्म पगड़ी …

आज़म खान की वक़्फ़ लूट का पर्दाफाश करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सीबीआई जांच आदेश के बाद नए खुलासे किए

अभिषेक उपाध्याय

Abhishek Upadhyay : आज़म खान के मामले में सीबीआई जांच के आदेश हो गए। करीब दो माह पहले तीन किस्तों में आज़म खान की वक़्फ़ लूट का पर्दाफाश किया था। आज़म बुरी तरह बौखला गए थे। पूरे रामपुर में इंडिया टीवी के पोस्टर लगाकर गालियां दीं। प्रेस कॉन्फेंस कर धमकी दी। आज़म के ख़िलाफ़ जो मामले सामने आए थे, उनका शिकार मुसलमान ही थे। वही मुसलमान जिनकी मसीहाई का दावाकर आज़म सालों साल सत्ता की मलाई खाते रहे।

एमपी के चर्चित सोशल एक्टिविस्ट सचिन कुमार जैन को ‘अशोका फेलोशिप’

Sandip Naik : मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में लम्बे समय से सामाजिक मुद्दों और विशेषकर वंचित समुदाय के मुद्दों और बच्चों के कुपोषण पर बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर रहे Sachin Kumar Jain को देश की सबसे प्रतिष्ठित “अशोका फेलोशिप” से नवाज़ा गया है।

आईएएस से वीआरएस लेकर भाजपा नेता बने सूर्य प्रताप सिंह ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को ‘झुट्ठा’ करार दिया

Surya Pratap Singh : यूपी की 63% सड़कें गड्ढामुक्त का भी सच जानना है तो ….केवल एक सड़क ही देख लो, जिसका सीधा सम्बन्ध दो VIP क्षेत्रों से है …. क्यों शर्म नहीं आती, झूठ बोलने में? लोक निर्माण विभाग के मंत्री और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के लोकसभा की सड़क जो प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की ‘बनारस-इलाहाबाद’ लिंक मार्ग है, को ही देख लो… स्थानीय लगभग 100 से गाँवो के लिये यह लिंक रोड मुख्यमार्ग है।

यूपी के मुख्यमंत्री निवास पर संवाददाता सम्मेलन की यह तस्वीर हो रही वायरल

Dilip Mandal : यह बीजेपी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन नहीं है. यूपी के मुख्यमंत्री निवास पर हुए संवाददाता सम्मेलन की ताजा तस्वीर है. ये सब निष्पक्ष पत्रकार हैं. इनका बताया हुआ जानकर हम अपने विचार बनाते हैं. आपके प्रिय चैनल का रिपोर्टर भी यहीं है. भारतीय मीडिया एक पोंगापंथी सवर्ण पुरुष है. यूपी के मुख्यमंत्री निवास पर संवाददाता सम्मेलन की वायरल हो रही तस्वीर. पहचानिए अपने प्रिय चैनल और अखबार के पत्रकार को. वह यहीं कहीं है. गौर से देखिए. यूपी के सीएम निवास पर संवाददाता सम्मेलन की तस्वीर.

इंडिया टीवी और इंडिया न्यूज चैनलों की हालत नहीं सुधर रही

कई हफ्तों से इंडिया टीवी और इंडिया न्यूज की हालत टीआरपी में पतली है। इंडिया टीवी कभी नम्बर दो का चैनल हुआ करता था। आजकल इसे चौथे नंबर पर घिसटना पड़ रहा है। वहीं इंडिया न्यूज कभी चार या पांच नंबर पर हुआ करता था लेकिन अब इसे बहुत नीचे सात नंबर पर सिमटना पड़ रहा है।

विशाल शुक्ल को गिरीश स्मृति ग्रामीण पत्रकारिता पुरस्कार मिला

आईआईएमसी एलुमनाई को मिला ‘श्री गिरीश स्मृति ग्रामीण पत्रकारिता सम्मान’…  हाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में शाहजहांपुर के रहने वाले युवा पत्रकार विशाल शुक्ल को श्री गिरीश स्मृति ग्रामीण पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया गया है। उक्त सम्मान श्री गिरीश स्मृति न्यास द्वारा प्रत्येक वर्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली युवा प्रतिभाओं को दिया जाता है। विदित हो कि विशाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई देश के शीर्ष पत्रकारिता संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (आईआईएमसी) से की है। 

शर्मनाक : यूपी के पत्रकार भगवा रंग में रंगे (देखें तस्वीर)

कुछ लोग ठीक कहते हैं कि आजकल की बाजारू पत्रकारिता के दौर में किसी पत्रकार के लिए कलर महत्वपूर्ण नहीं है. उसके लिए महत्वपूर्ण है सत्ता सिस्टम से नजदीकी. अगर यह काम हो रहा है तो वह किसी भी रंग में रंगने को तैयार हैं. यही कारण है कि जब मायावती यूपी में सीएम होती हैं तो ज्यादातर पत्रकार नीले रंग से रंगे होते हैं. सपा का दौर होता है तो पत्रकार अचानक से समाजवादी विचारधारा के नजदीक खुद को मानने लगते हैं. अब भाजपा की सरकार यूपी में है तो पत्रकारों का रंग भगवा हो गया है.

देश के 745 अखबारों ने नहीं लागू किया मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश

सबसे ज्यादा पंजाब और झारखण्ड में ठुकराया गया सुप्रीम कोर्ट का आदेश, महाराष्ट्र चौथे, उड़ीसा पांचवे स्थान पर फिसड्डी, मध्य प्रदेश के एक भी अख़बार ने नहीं लागू किया वेज बोर्ड

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश को देश भर के 745 अखबार मालिकों ने खुलेआम हवा में उड़ा दिया और दम्भ के साथ सुप्रीमकोर्ट की ओर मुंह करके अट्टाहास कर रहे हैं। ये जता रहे हैं, देख लो सुप्रीमकोर्ट, तुम नहीं, हम सबसे बड़े हैं। माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवमानना करने के मामले में नंबर वन पर है पंजाब।

Dainik Jagran INEXT does a blank cover to fight Hunger

Initiates a year-long campaign by publishing a blank front page representing the plate of 20 crore Indians who sleep hungry every day. #BlankForHunger is buzzing on social media.

NEW DELHI : The bi-lingual newspaper, Dainik Jagran INEXT published a blank cover page to highlight the state of hunger in the country. The innovative campaign titled #BlankForHunger started on World Hunger Day, May 28, 2017. The year-long social initiative will now move to the next phase, which will involve a reality check on wastage of food in parties, events, hotels and restaurants on a daily basis.

एवार्ड लेते समय यशवंत ने योगी के कान में क्या कहा, देखें वीडियो

योगी के हाथों पुरस्कार लेने पर वामपंथी खेमे के कुछ पत्रकारों द्वारा विरोध किए जाने का यशवंत ने कुछ यूं दिया विस्तार से जवाब…

Yashwant Singh : लोकमत अखबार के यूपी के संपादक आनंदवर्द्धन जी का एक दिन फोन आया. बोले- ”हर साल की तरह इस बार भी लोकमत सम्मान का आयोजन करने जा रहे हैं हम लोग. हमारी जूरी ने ‘जनक सम्मान’ के लिए आपको चुना है क्योंकि भड़ास4मीडिया एक बिलकुल अनोखा प्रयोग है, मीडिया वालों की खबर लेने-देने के वास्ते जो भड़ास4मीडिया की शुरुआत हुई है, उसके लिए आप सम्मान योग्य हैं.”

राजद विधायक नीरज यादव ने प्रभात खबर के पत्रकार को गंदी-गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी दी (सुनें टेप)

यह शख्स है विधायक नीरज यादव. यह कटिहार के बरारी से विधायक है. इस विधायक ने पत्रकार को फोन पर जिस तरह से धमकी दी है, वह बताता है कि नेता हमेशा चाहते हैं कि पत्रकार उनके अनुकूल रहे. अगर पत्रकार ने तटस्थ होकर या विरोध में कुछ लिख दिया तो नेता न सिर्फ आपा खो देता है बल्कि जान से मारने की धमकी भी देने लगता है. वह यह भी भूल जाता है कि वह जिस फोन पर यह धमकियां दे रहा है, उसी फोन में दूसरे साइड पर गाली सुनने वाले शख्स ने काल रिकार्डिंग के एप्प लगा रखे हैं जो उनकी सारी हरकत को दुनिया के सामने लाने की क्षमता रखता है.

एक आदिवासी की हत्या का प्रशासनिक जश्न बनाम विरोध की खबरों का दम घोंटा जाना

रूपेश कुमार सिंह


झारखंड के गिरिडीह जिला के पीरटांड़ प्रखंड के मधुबन थाना अंतर्गत जैन तीर्थावलम्बियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ पर्वत की तलहटी में स्थित आदिवासी गांव ढोलकट्टा के समीप 9 जून 2017 को माओवादियों व सीआरपीएफ कोबरा के बीच मुठभेड़ होती है और उसी दिन शाम में पुलिस दावा करती है कि मुठभेड़ में एक दुर्दांत माओवादी को मार गिराया गया है, साथ ही उसके पास से एक एसएलआर व गोली समेत कई चीजें दिखाई जाती है।

यशवंत को ‘जनक सम्मान’ दिए जाने का वीडियो देखें

लखनऊ में लोकमत अखबार की तरफ से लोकमत सम्मान का आयोजन किया गया जिसमें सृजन कैटगरी का ‘जनक सम्मान’ भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह को दिया गया. यह सम्मान सीएम योगी ने अपने हाथों से प्रदान किया. इससे संबंधित वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें : संबंधित खबरें… मुख्यमंत्री योगी ने भड़ास …

संजय श्रीवास्तव, विपिन चौबे और निशि भाट ने अपने-अपने संस्थानों से दिया इस्तीफा

पत्रिका डॉट कॉम से पत्रकार संजय श्रीवास्तव अब नेटवर्क18 समूह की रीजनल वेबसाइट्स के कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी संभालेंगे. पत्रिका डाट काम से इस्तीफा देकर संजय ने सीनियर न्यूज एडिटर के बतौर नेटवर्क18 समूह ज्वाइन कर लिया है. संजय दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, इंडिया टीवी, आजतक, सहारा टीवी, न्यूज नेशन आदि में भी काम कर चुके हैं.

पीड़ित पर ही एफआईआर! ये यूपी में क्या हो रहा है सरकार…

आधी रात कैन्टीन का ताला तोड़ समान लूट ले गये प्रबन्ध समिति के लोग… वाराणसी। कहीं लूट कहीं हत्या तो कहीं चोरी। नामजद चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी तो दूर, उल्टे रसूख और पैसे की ताकत से पीड़ित पर ही हो जा रही है एफआईआर दर्ज। यही है प्रधानमंत्री मोदी जी …

केन्द्र सरकार ने मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर 16 जून को बैठक बुलाई

देश भर के कामगार आयुक्तों को हाजिर होने का निर्देश… आखिरकार केंद्र सरकार नींद से जग गई लेकिन बहुत देर बाद… देश भर में हजारों प्रिंट मीडियाकर्मी इन दिनों केंद्र सरकार की थू थू करने में लगे हैं, सोशल मीडिया पर… मीडिया मालिकों को कानून और न्याय की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट देने वाली …

मोदी सरकार पर राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक गुलाब कोठारी का हमला- ”झूठ बोलने के लिए मीडिया को खरीदने का काम चल रहा है”

राजस्थान पत्रिका समूह के मालिक गुलाब कोठारी ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ बोलने के लिए मीडिया और लोगों को खरीदने का काम चल रहा हैं. गुलाब कोठारी ने ये बात मुंबई में 14वें अंतरराष्ट्रीय कंसर्न्ड कम्यूनिकेटर अवॉर्ड (सीसीए) समारोह में कही. पत्रिका समूह को सामाजिक सरोकार के श्रेष्ठ रचनात्मक विज्ञापनों के लिए इस समारोह में पुरस्कृत किया गया. कोठारी ने कहा कि आजादी को 70 साल हो गए हैं लेकिन हम आज भी सच को सुनना ही नहीं चाहते हैं. सरकार मीडिया हाउस को शॉर्टलिस्ट कर जनता तक झूठी बातें पहुंचा रही है. झूठ को सच बताकर रखने की कोशिश में लोगों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है. क्योंकि यदि झूठ को सौ बार बोला जाए तो वह सच मान लिया जाता है और आज यही हो रहा है.

रिवर फ्रंट के हर काम को वित्तीय स्वीकृति देने वाले चीफ सेक्रेटरी राहुल भटनागर पर मेहरबानी क्यों?

रिवर फ्रंट की शुरुआत के पहले चरण में वित्तीय मंजूरी की शुरुआत जिसने की वे थे प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर, जब परियोजना में दो गुने से ज्यादा रुपये की धनराशि देने की फाइल चली तो वित्तीय स्वीकृति देने वाले अधिकारी थे प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर, पिछले नौ महीनों से रिवर फ्रंट की मॉनीटरिंग करने वाले चीफ सेक्रेटरी हैं राहुल भटनागर, मजे की बात ये कि अब जब रिवर फ्रंट के घोटालों की बात हो रही है तो भी घोटालेबाजों के सबसे बड़े अफसर हैं राहुल भटनागर, सरकार के इस फैसले पर लोग उठा रहे सवाल कि जो सबसे बड़ा दोषी, वह कैसे रह सकता है चीफ सेक्रेटरी के पद पर और कैसे करवा सकता है निष्पक्ष जांच…

दागी आईएएस अधिकारी राहुल भटनागर

हिंदुस्तान, दिल्ली के कई मजबूत विकेट गिरे, देखें लिस्ट

खबर है कि शशि शेखर और प्रताप सोमवंशी ने जिन लोगों को खूब जमकर प्रमोशन दिया और अपने प्यारे बच्चे की तरह आगे बढ़ाया, उन लोगों ने ठेंगा दिखाते हुए हिंदुस्तान अखबार को अलविदा कह दिया है और दैनिक भास्कर की नैया पर सवार हो गए हैं. दैनिक भास्कर ने पिछले दिनों दिल्ली एनसीआर के अपने ज्यादातर स्टाफ को हटा दिया और अब नई भर्तियां कर रहा है. दिल्ली में दैनिक भास्कर रीलांच किया जाना है. दैनिक भास्कर ने हिंदुस्तान दिल्ली के कई पत्रकारों को अपने साथ जोड़ा है.

दीन दयाल उपाध्याय का न तो राष्ट्र निर्माण में कोई उल्लेख करने लायक योगदान है और न ही उन्होंने कोई मौलिक दर्शन दिया!

मुगलसराय का नाम बदलने का औचित्य बताये योगी सरकार, कारपोरेट हितों के लिए कर्ज माफी से इंकार कर रही सरकार… मुगलसराय, 14 जून 2017 । योगी व मोदी सरकार को मुगलसराय स्टेशन का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर करने का औचित्य जनता को बताना चाहिए। दीन दयाल उपाध्याय का न तो राष्ट्र निर्माण में कोई उल्लेख करने लायक योगदान है और न ही उन्होंने कोई मौलिक दर्शन ही दिया, उनका पूरा दर्शन गांधी व उपनिषद से लिया हुआ है। यह बातें मुगलसराय स्थित कार्यालय पर चंदौली, सोनभद्र व मिर्जापुर के कार्यकर्ताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए स्वराज अभियान के राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य श्री अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहीं।

मेरठ के पत्रकार प्रमोद चौधरी का 42 साल की उम्र में निधन

दैनिक जागरण समेत कई अखबारों में काम कर चुके मेरठ के पत्रकार प्रमोद चौधरी का निधन हो गया. उनकी उम्र मात्र 42 साल थी. प्रमोद चौधरी पिछले 3 वर्षों से वीट एलर्जी की समस्या से रोग ग्रस्त थे. पत्रकार प्रमोद चौधरी का दिनांक 8 जून 2017 को निधन हुआ. प्रमोद चौधरी का मेरठ में पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहद सराहनीय योगदान रहा है. गांव हो या फिर शहर, पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने खुद को साबित किया है.

उमेश कुमावत टीवी9 मराठी के मैनेजिंग एडिटर बने, अचलेंद्र का तबादला

एबीपी न्यूज के सीनियर रिपोर्टर उमेश कुमावत ने इस्तीफा देकर ‘टीवी9 मराठी’ के साथ मैनेजिंग एडिटर के रूप में नई पारी की शुरुआत की है. लंबे समय से एबीपी न्यूज से जुड़े उमेश ‘जी न्यूज’ और ‘आजतक’ में भी काम कर चुके हैं. उमेश कुमावत मुंबई के तेजतर्रार पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं.

छत्तीसगढ़ में ‘देशबंधु’ के अलावा बाकी सभी अखबार हुए नपुंसक, सरकार विरोधी विज्ञापन छापने से किया इनकार, कांग्रेस ने की शिकायत

मीडिया वाले खुद भक्ति में इतने ली हो गए हैं कि उन्हें यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि वे कितने पतित होंगे. छत्तीसगढ़ में अखबार वालों ने कांग्रेस के उस विज्ञापन को ही छापने से मना कर दिया जिसमें भाजपा सरकार के शासनकाल को लेकर सवाल उठाए गए थे. सिर्फ देशबंधु अखबार ने विज्ञापन छापा. बाकी सभी अखबार नपुसंक साबित हो गए. इस प्रकरण से ये भी पता चलता है कि भाजपा सरकारें किस तरह मीडिया का मुंह बंद करते हुए गला दबाए रहती हैं. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर अखबारों की इस भक्तिपूर्ण हरकत की शिकायत की है.

नेशनल हेराल्ड अखबार 20 जून को होगा लांच, नीलाभ मिश्र देख रहे इस अखबार का डिजिटल वेंचर

‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार फिर लांच होगा. बीस जून को. यह अखबार कांग्रेस पार्टी का मुखपत्र है. नेशनल हेराल्ड दिल्ली एनसीआर में हर हफ्ते छपेगा यानि वीकली होगा. फिलहाल इस अखबार का एक स्मारक एडिशन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की मौजूदगी में बेंगलुरु में लांच किया गया है.

रंजन राजन की जगह सचिन शर्मा बनाए गए प्रभात खबर पटना के नये संपादक

ईटीवी भोपाल के रिपोर्टर सचिन शर्मा को प्रभात खबर पटना का नया संपादक बनाया गया है। सचिन शर्मा पहले इलाहाबाद में अमर उजाला के प्रभारी थे। प्रभात खबर के नये प्रधान संपादक आशुतोश चतुर्वेदी जनवरी माह तक अमर उजाला में ही थे। इस नियुक्ति को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गयीं हैं।

चैनल मालिक के खिलाफ जांच की कार्रवाई को मीडिया पर हमले का रंग देने का प्रयास क्यों?

प्रेस क्लब आफ इंडिया में बीते दिनों वरिष्ठ, कनिष्ठ, नामचीन, गुमनाम, बूढ़े, जवान
पत्रकारों का जमावड़ा लगा था। अवसर था एनडीटीवी के मालिक प्रणव राय के
यहां मारे गए सीबीआई छापे के विरोध का। मंच पर विराजमान थे एक से बढ़ कर
एक पत्रकारिता के अपने जमाने के दिग्गज अरुण शौरी, एच.के.दुआ, फली एस
नॉरीमन, कुलदीप नैय्यर, राज चेनप्पा, शेखर गुप्ता, ओम थानवी और प्रणव राय।
इन सभी ने एक स्वर में एक बैंक घोटाले की जांच के सिलसिले में एनडीटीवी
के मालिक प्रणव के यहां मारे गए छापे को प्रेस की आजादी पर हमला करार दे
दिया। इन्होंने साफ साफ कहा कि मोदी राज ने एक बार फिर आपातकाल की याद
दिला दी है और अब वक्त आ गया है कि मीडिया को एकजुट होकर विरोध करना
चाहिए सरकार की मीडिया विरोधी नीति का।

हिस्ट्रीशीटर अपराधी रोहन सिंह बन गया ‘वीरअर्जुन’ अखबार का पत्रकार!

मथुरा । धर्म की नगरी मथुरा के गोवर्धन कस्बे में बेशकीमती आश्रम को कब्जाने की नीयत से भू-माफियाओं ने ना केवल आश्रम पर धावा बोला बल्कि आश्रम में रह रही साध्वी को भी जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश कर इलाके में सनसनी फैला दी। इस मामले में आरोपी एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को भी बनाया गया है जो आजकल वीर अर्जुन अखबार का पत्रकार बनकर घूम रहा है। वीर अर्जुन अखबार में बाकायदे इस अपराधीके नाम से खबरें तक प्रकाशित होती हैं।

वेतन देने में देरी करो, माहौल ख़राब करो और बिना छंटनी किए ही छंटनी का काम कर लो…

वेतन देने में देरी करो, माहौल ख़राब करो और बिना छंटनी किए ही छंटनी का काम कर लो… यूपी-उत्तराखंड का चैनल ‘के न्यूज’ का प्रबंधन फिलहाल इसी फॉर्मूले पर काम कर रहा है। चैनल प्रबंधन पिछले तीन सालों से वादा कर रहा है कि मार्च महीने में कर्मचारियों को इंक्रीमेंट देगा। तीसरे साल का मार्च बीत गया और कर्मचारियों का इंक्रीमेंट कौन कहे वेतन तक नहीं दे पाया प्रबंधन।

इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत और उनके परिजनों को ‘भक्त’ देने लगे धमिकयां!

Rana Yashwant : इस देश में एक कौम पैदा की जा रही है जो पूरी तरह से नंगा है और आप पर अपनी सारी सड़ांध, लिजलिजापन और गंध लिए कभी भी हमला बोल देती है. ये सोशल मीडिया पर होता है और फोन के जरिए भी. मुझे अभी एक कॉल आया एक नंबर से. (ये …

राहुल गांधी ने नेशनल हेराल्ड के संपादक को कहा- आप मेरी और कांग्रेस पार्टी की खुलकर आलोचना करें!

Amitaabh Srivastava : एक ऐसे समय में जब केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों पर मीडिया की आज़ादी का गला घोंटने और उसे पालतू बनाने के आरोप लग रहे हैं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी का नेशनल हेराल्ड के संपादक को यह कहना कि आप कांग्रेस पार्टी , उसके विचारों, मेरे और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ खुल कर अपनी आलोचनात्मक राय रखने के लिए आज़ाद हैं क्योंकि ये हमारे लिए ज़रूरी है कि हम उस पर गौर करें, मायने रखता है, भले ही यह किसी राजनैतिक रणनीति का हिस्सा क्यों न हो.

भाजपा के छद्म राष्ट्रवाद की बदौलत देश में लागू हुआ अधिनायकवादी निजाम का अघोषित आपातकाल!

बात 2-3 साल पहले की है, उन दिनों उत्तराखंड के हल्द्वानी, नैनीताल, रानीखेत, अल्मोड़ा, बागेश्वर आदि शहरों में कार चोरों का एक गिरोह नई-नई कारों की चोरी करने में सक्रिय था। कार के ऑटोमेटिक लॉक को चुटकी में तोड़ कर उड़ा ले जाने में माहिर गिरोह से परेशान लोगों का पुलिस-प्रशासन पर भारी दबाव था। पुलिस का कहना था कि लोग सावधान रहें और अपने वाहनों की सुरक्षा खुद करें क्योंकि ताला लगाने के बावजूद वाहन चोरी हो सकता है। अपनी बात की पुष्टि और जन-जागरण के लिए पुलिस ने ताला लगे वाहन को चोर कैसे उड़ा ले जाते हैं, इसका एक लाइव डेमो देने को हल्द्वानी में एक सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किया। जिसकी अखबारों में पूर्व-घोषणा करके अधिक से अधिक लोगों को यह तमाशा देखने का न्यौता भी दिया गया।

ये इंटर्न नहीं आसां, बस इतना समझ लीजै, ‘ट्रांसलेशन’ का दरिया है, ‘टाइपिंग’ कर जाना है…

पत्रकारिता दिवस बीते कुछ ही रोज हुए हैं… हम उस दिन केवल पत्रकारों की बात करते हैं… लेकिन हम भूल रहे हैं कि इसी जमात का एक हिस्सा है इंटर्न.. इनकी बात आज तक न लिखी गयी और न सुनी गयी… इनकी बात तो बस ऑफिस के अंदर तक ही रह गई.. ये जमात धीरे धीरे बढ़ती जा रही है… आज इंटर्न ही वे गुलाम हैं जो रोज वक़्त पर आते हैं और वक़्त के बाद जाते हैं… इनको पैसे तो दूर की बात, कई बार इज़्ज़त तक सही से नहीं मिलती है… आज इनकी संख्या इतनी है कि आप इंटर्न के लिए नया चैनल लांच कर सकते हैं..

दैनिक भास्कर कार्यालय में फिर पहुंची पुलिस, संपादक से की ढाई घंटे तक पूछताछ

दैनिक भास्कर हिसार के कर्मचारियों के हक की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ने वाले उप सम्पादक जनक राज अटवाल पर सम्पादक हिमांशु और एच आर प्रभारी अभिषेक गर्ग का उत्पीड़न लगातार बढ़ता जा रहा है। असंवैधानिक तरीके से दोनों लोगों द्वारा भेदभाव किये जाने के बावजूद जनक राज ने चट्टान की तरह अपने हौसले बुलंद रखते हुए अपने हक की लड़ाई जारी रखने का फैसला लिया और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित अन्य कई आयोगों को इस भेदभाव की शिकायत की।

अख़बार मालिकानों और मैनेजमेंट का नया खेल शुरू हो गया है…. संदर्भ : मजीठिया वेज बोर्ड

Ratan Bhushan : साथियों, अख़बार मालिकानों और मैनेजमेंट का नया खेल शुरू हो गया है। उन्होंने अब फैसले का समय नजदीक आते देख मजीठिया के केस से जुड़े कुछ अहम् लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।उनकी मंशा अब साफ है कि आंदोलनकारियों का हिसाब अगर कर दिया जाय, तो क्या वे टी ओ आई के लोगों की तरह अपना केस वापस ले लेंगे? अब हम बात यह है कि ऐसा क्यों किया जा रहा है? यह बात मैनेजमेंट के लोगों द्वारा की गई बातचीत से स्पष्ट होती है कि जैसे जैसे माननीय सुप्रीम कोर्ट से आर्डर के आने की तारीख नजदीक आ रही है, जिसकी जुलाई में किसी भी तारीख को आने की संभावना है, वैसे वैसे मालिकानों के हाथ पांव फूल रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने भड़ास संपादक यशवंत समेत 18 विभूतियों को किया सम्मानित (देखें तस्वीरें)

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगीत नाटक अकादमी में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारम्भ अपरान्ह 3 बजे गोमती नगर, विपिन खण्ड स्थित संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट …

दैनिक जागरण के फोटोग्राफर उत्तम राय चौधरी की पत्नी का निधन

वाराणसी के दैनिक जागरण संस्करण में फोटोग्राफर पद पर कार्यरत उत्तम राय चौधरी की पत्नी डाक्टर आरसी गांगुली का ४० वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। वे अपने पीछे दो बेटे और पति को छोड़ गयी हैं। बताते हैं कि वे कुछ दिनों से थायराईड और सुगर के रोग से ग्रस्त थीं। इसी बीच उन्हें सिर में चोट लग गयी थी। उन्हें वाराणसी के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सिटी स्कैन में पता चला कि उनके सिर के एक हिस्से में रक्त जमा हो गया है।

मुजफ्फरनगर में ‘समाचार टुडे’ के एडिटर इन चीफ, एंकर, रिपोर्टर, कैमरामैन पर जानलेवा हमला

मुजफ्फरनगर स्थित समाचार टुडे ऑफिस के नीचे कुछ लोगों का आपस में विवाद हो गया था. उसी वक्त एंकर मनीष वर्मा, रिपोर्टर विकास सैनी और कैमरामैन अक्षय ठाकुर ऑफिस से नीचे उतर रहे थे। चूंकि मामला ऑफिस के पास का था तो जाहिर है हमारी टीम ने उन लोगों को आपस में झगड़ा करने से रोका। बस ये ही हमारी टीम का सबसे बड़ा गुनाह बन गया। उसी वक्त आरोपी सागर द्वारा फोन करके बुलाए गए 15-20 लड़के हथियारों से लैस होकर मौके पर आ गए और आते ही समाचार टुडे की टीम पर टूट पड़े।

पच्चीस वर्ष में भी राष्ट्रीय सहारा अखबार में तबादला नीति नहीं बन सकी

सेवा में,

श्रीमान सुब्रत राय सहारा जी

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कार्यकर्ता

सहारा इण्डिया परिवार

सहारा शहर, गोमती नगर

लखनऊ

विषय :- पच्चीस वर्ष में भी राष्ट्रीय सहारा में तबादला नीति नहीं बन सकी

महोदय,

संज्ञान में लें कि राष्ट्रीय सहारा हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सहारा इण्डिया परिवार का एक मीडिया उपक्रम है। संभवत: संचालन ढ़ाई दशक से भी अधिक अवधि से है। इन पच्चीस वर्ष में भी प्रबंधन मीडिया कर्मियों की तबादला नीति नहीं बना सका।

Letter to Chief Justices of Indian High Courts for simplification of procedural laws to cut delays in judgments

To

All the Hon’ble

Chief Justices of Indian High Courts

Sir,

SIMPLIFICATION OF PROCEDURAL LAWS TO CUT DELAYS IN JUDGMENTS

I wish to invite your kind attention to the fact that it is pretended that the procedural laws of the land pose greatest challenge to timely justice to litigants.  The Code of Civil Procedure and Code of Criminal Procedure are the laws of Central Legislature and State Governments are also empowered to amend the codes according to their needs. Both the Codes are originally creation of British India.

मोदी सरकार की नीतियों से देश का बहुत कुछ बर्बाद हो गया

तीन साल पहले उन दिनों जब ‘अच्छे दिन’ का नारा दिया गया था, किसान, नौजवान सब खुश थे क्योंकि घोटालेबाज कांग्रेस सरकार के जाने और नई मोदी सरकार के आने की उम्मीद सबको लगने लगी थी। लेकिन मोदी सरकार ने जो कुछ था ठीकठाक उसे भी तबाह कर डाला। सवाल यह उठता है कि ये देश सिर्फ कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं या भक्तों भर का है जो क्षण क्षण में देशद्रोही, उपद्रवी का प्रमाण पत्र बांटते फिरते हैं या ये सवा सौ करोड़ वासियों का देश है जहाँ 80 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। 60 करोड़ लोग भूखे हैं। लेकिन भक्त मण्डली ये भजन करती है कि गरीब निक्कमे हैं, काम नहीं करते। फ्री में खाना चाहते हैं। अरे भैय्या आपके पास ऐसा कौन सा काम है जो सवा सौ करोड़ वासियों को रोजग़ार देने का वादा करते हैं। जो वादा सरकार नहीं कर पा रही है वह भक्त मंडली कर रही है।

किसानों को छींक भी आ जाए तो सरकारें कांपने लगती हैं

सरकार को केवल किसानों की चिंता है…  लगता है कोई और तबका इस देश में रहता ही नहीं…

श्रीगंगानगर। पटाखा फैक्ट्री मेँ आग से दो दर्जन से अधिक व्यक्ति मारे गए। एमपी मेँ सरकारी गोली से आंदोलनकारी 6 किसानों की मौत हो गई। दो दर्जन से अधिक संख्या मेँ मारे व्यक्तियों का जिक्र कहीं कहीं है और किसानों के मरने का चप्पे चप्पे पर। राजनीतिक गलियारों मेँ। टीवी की डिबेट मेँ। अखबारों के आलेखों मेँ। संपादकीय में। बड़े बड़े कृषि विशेषज्ञ लेख लिख रहे है। उनकी इन्कम का लेख जोखा निकाला जा रहा है। उनके कर्ज माफ करने की चर्चा है। उस पर चिंतन और चिंता है। कुल मिलाकर देश का फोकस किसानों पर है।
लगता है कोई और तबका इस देश मेँ रहता ही नहीं।

मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, क्या मेरे हक में वो फैसला देगा?

मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, क्या मेरे हक में वो फैसला देगा? मैं रवीश सर की इस बात से सहमत हूं कि प्रोपोगेंडा ही एजेंडा है और अरविन्द सर की इस बात से भी सहमत हूं कि सब मिले हुए है। आपको इन दोनों कथनों का अर्थ जानने के लिए पहले वकील फली एस नरीमन के बारे में जानने की जरुरत है। फली एस नरीमन देश के मशहूर कानूनविद और सुप्रीम कोर्ट के वकील है। वे एक बार पद्म भूषण और एक बार पद्म विभूषण से भी सम्मानित हो चुके है। यूं तो अलावा नरीमन साहब की कई उपलब्धियां हैं। पर आपको इतना जान लेने की जरुरत है कि वे राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और भोपाल गैस त्रासदी में यूनियन कार्बाइड के पक्ष की वकालत कर चुके हैं।

दैनिक भास्कर, पंजाब से दीपक धीमान का इस्तीफा

पंजाब में नंबर एक अखबार होने का दावा करने वाले समाचार-पत्र दैनिक भास्कर के पूर्व सीपीएच संपादक दीपक धीमान ने इस्तीफा दे दिया है। रविवार को इस्तीफे की खबर के बाद से ही धीमान के चम्मचों में हड़कंप मच गया है। मिल रही खबरों के मुताबिक चम्मचों ने भी अब अपना बोरिया-बिस्तरा गोल करने की तैयारी कर ली है।

जनवादी पत्रकारिता की बात करें

फ़िरदौस ख़ान


ख़बरों और विचारों को जन मानस तक पहुंचाना ही पत्रकारिता है. किसी ज़माने में मुनादी के ज़रिये हुकमरान अपनी बात अवाम तक पहुंचाते थे. लोकगीतों के ज़रिये भी हुकुमत के फ़ैसलों की ख़बरें अवाम तक पहुंचाई जाती थीं. वक़्त के साथ-साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान के तरीक़ों में भी बदलाव आया. पहले जो काम मुनादी के ज़रिये हुआ करते थे, अब उन्हें अख़बार, पत्रिकाएं, रेडियो, दूरदर्शन और वेब साइट्स अंजाम दे रही हैं. पत्रकारिता का मक़सद जनमानस को न सिर्फ़ नित नई सूचनाओं से अवगत कराना है, बल्कि देश-दुनिया में घट रही घटनाओं से उन पर क्या असर होगा, यह बताना भी है.

राष्ट्रभक्ति किसी की जागीर नहीं है

गोविंद गोयल


श्रीगंगानगर। जनाब! जिसे आप राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभक्ति कहते हो ना, वो व्यक्तिपूजा है। खास व्यक्ति की चापलूसी है। पता नहीं आपने किस  किताब मेँ पढ़ ली, क्या मालूम कहाँ से सुन ली, देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभक्ति की ये नई  परिभाषा। जिसमें श्री नरेंद्र मोदी जी की जय घोष, उनकी सरकार की जय जय कार, बीजेपी की प्रशंसा को ही देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभक्ति माना गया है। उनकी कार्यशैली, उनकी सरकार की नीतियों की आलोचना देशद्रोह हो चुका है। राष्ट्रद्रोह की श्रेणी मेँ मान लिया जाता है मोदी जी और उनकी सरकार की आलोचना को।

बाबू मोशाय प्रणय रॉय, शीशे​ के घर में रहने वाले दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते

इंद्र वशिष्ठ कृपया क्या कोई बता सकता है कि मीडिया मालिक/संपादक द्वारा शोषित, पीड़ित, प्रताड़ित, नौकरी से निकाले गए पत्रकारों को न्याय दिलाने, मजीठिया वेतन बोर्ड लागू कराने के लिए या बीमारी से जूझ रहे किसी पत्रकार के लिए प्रेस क्लब और एडिटर गिल्ड ने कभी कोई पहल की है। जैसे धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश …

हिन्दुस्तान, हरदोई के रिपोर्टर त्रस्त, तारिक इकबाल मनमानी में मस्त!

हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान अखबार चाहे जितनी भी बड़ी मीडिया कंपनी का प्रोडक्ट हो, इससे जुड़े पत्रकार फिलहाल बदनसीबी झेल रहे हैं। हरदोई में हिन्दुस्तान अखबार कई सालों से जनाब तारिक इकबाल के हवाले है। उनको जिला प्रभारी का वेतनमान आज तक नसीब नहीं हो रहा है। शहरी रिपोर्टर के अलावा तहसील, ब्लाक और कस्बाई रिपोर्टरों को मानदेय उनके अनुरूप नहीं दिया जा रहा है। तमाम लोगों को मानदेय आज तक नसीब नहीं हुआ तो कुछ का मानदेय मिलने के बावजूद बन्द है। ऐसे में कानपुर संपादक की लापरवाही से हरदोई हिन्दुस्तान से जुड़े लोग घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं।

दोधारी तलवार पर योगी सरकार

अजय कुमार, लखनऊ


उत्तर प्रदेश की जनता ने जिस जानदार-शानदार तरीके  से भारतीय जनता पार्टी को विधान सभा चुनाव में बहुमत दिलाया था, उससे बीजेपी और खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊपर अपेक्षाओं का बोझ बढ़ गया था। मोदी पर इस लिये क्योंकि उन्हीं (मोदी) के फेस को आगे करके बीजेपी ने चुनाव लड़ा था। मोदी ने चुनाव प्रचार के दोरान प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था और किसानों की बदहाली को बड़ा मुद्दा बनाया था। बीजेपी जब चुनाव जीती तो तेजतर्रार योगी आदित्यनाथ को इस आश्य के साथ सीएम की कुर्सी पर बैठाया गया कि वह जनता की कसौटी पर खरे उतरेंगे। तीन माह का समय होने को है,मगर आज यही दो समस्याएं योगी सरकार और बीजेपी आलाकमान के लिये परेशानी का सबब बनी हुई हैं। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक में पार्टी नेताओं/प्रवक्ताओं को जनता और मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देना पड़ रहा है।

कम उपस्थिति वाले सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ

उत्तर प्रदेश सरकार ने कम उपस्थिती वाले स्कूलों को बंद करने का फैसला सरकारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध है। यह प्रदेश की पहले से ही जर्जर प्रारंभिक सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और बदतर बनाएगा। सरकार का यह फैसला नागरिकों को कल्याणकारी राज्य देने के संवैधानिक दायित्वों से मुंह चुराना है। निजी विद्यालयों और कारपोरेट शिक्षा प्रणाली के पक्ष में लिए गए इस निर्णय से छात्राएं और दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी जैसे समाज के वंचित वर्ग की बुनियादी शिक्षा पर विपरीत प्रभाव पडेगा।

स्वराज अभियान के लोग नौगढ़ में वनभूमि से बेदखली को लेकर हुए सक्रिय

चंदौली : स्वराज अभियान की टीम ने जिलाधिकारी चंदौली को वनाधिकार कानून के अनुपालन और वन भूमि पर बसे आदिवासियों व वनाश्रितों की बेदखली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के संदर्भ में पत्रक दिया है। स्वराज अभियान के नेता अधिवक्ता धमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में गयी टीम ने दिए पत्रक में जिलाधिकारी अवगत कराया कि नौगढ़ तहसील में वन भूमि पर पुश्तैनी बसे आदिवासियों और वनाश्रितों को बेदखल करने की अवैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

‘नेशनल दुनिया’ अखबार के कर्मी न्याय के लिए आज भी भटक रहे, मालिक शलैंद्र भदौरिया पूरे तंत्र को मुंह चिढ़ा रहा

सेवा में,
उप श्रमायुक्त
श्रम विभाग
गौतमबुद्ध नगर, नोएडा
(उत्तर प्रदेश)

विषय- कर्मचारियों को एसबी मीडिया प्रा. लि. प्रबंधन द्वारा श्रमिकों के प्रति अनियमितताएं एवं वेतन भुगतान न होने के संबंध में ज्ञापन

महोदय,

मुनाफ़े की अंधी हवस ने ली एक और मज़दूर की जान

टप्पूकड़ा (राजस्थान)  की सनबीम कंपनी में सुरक्षा इन्तेज़ामों की अनदेखी के चलते हुई 23 वर्षीय मज़दूर की मौत!

8 मई 2017 की सुबह करीब 5 बजे राजस्थान के टप्पूकड़ा की सनबीम कंपनी में काम करने वाले एक मज़दूर पप्पू की मशीन में दब जाने से मौत हो गयी। पप्पू आजमगढ़ ज़िले का रहने वाला था। सनबीम कंपनी हीरो, हौंडा आदि कंपनियों के दुपहिया वाहनों के लिए पार्ट्स बनाने का काम करती है, जिनका निर्यात भी किया जाता है। पप्पू की मौत हाई प्रेशर डाई कास्टिंग मशीन में दब जाने से हुई। हाई प्रेशर डाई कास्टिंग मशीन पर इंजन से जुड़ें पुर्जों का उत्पादन किया जाता है। मुनाफ़ा कमाने और उत्पादन बढ़ाने की अंधी हवस के चलते हाई प्रेशर डाई कास्टिंग मशीन से सुरक्षा उपकरणों को हटा दिया गया था (सेफ्टी बाईपास), सेंसर्स को ऑफ कर दिया गया था और स्वचालित तंत्र की बजाय पप्पू से हाई प्रेशर डाई कास्टिंग मशीन जैसी ख़तरनाक मशीन पर मैन्युअल काम करवाया जा रहा था।

मऊ के वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन सिंह का निधन

मऊ। जनपद से प्रकाशित प्रथम हिन्दी दैनिक अखबार पूर्वांचल सन्देश के सम्पादक, वरिष्ठ पत्रकार व जनसंघ के पूर्व प्रचारक अर्जुन सिंह का 86 वर्ष की उम्र में गुरुवार की देर रात्रि निधन हो गया। वे काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। स्व. अर्जुन सिंह का पार्थिव शरीर बाल निकेतन स्थित भाजपा कार्यालय के बगल …

बजरंद दल वाले स्टिंग पर वीएचपी ने रिपब्लिक टीवी के संपादक अरनब गोस्वामी को लिखा पत्र, पढ़ें

To,
Mr Arnab Goswami
Republic TV
Mumbai

Sub: Contents shown on Republic TV  with the intention to malign Bajrang Dal’s image.

Dear Arnab,

This has reference to the fake sting operation telecasted on your news channel ‘Republic Tv’ under the caption of ‘Hindu Fringe Exposed’ on 5th June 2017 with prime time debate No. 2 at 10.10 PM ( https://www.youtube.com/watch?v=f-8rMhrNk-c ) and its repeat telecasts thereafter, with a sole intent to defame, malign and tarnish the image of our youth wing ‘Bajrang Dal’. Your channel Republic Tv, under the garb of ‘sting’ has attempted to portray our dedicated self-less nationalist cadres in bad light.

प्रेस क्लब आफ इंडिया : पत्रकारों की नौकरी जाने पर चुप्पी, मालिकों के यहां छापे पड़ते ही विरोध प्रदर्शन

संदीप ठाकुर


प्रेस क्लब आफ इंडिया ने एनडीटीवी के मालिक प्रणव रॉय और राधिका रॉय के
यहां पड़े सीबीआई छापे के विरोध में शुक्रवार यानी 9 जून यानि आज प्रोटेस्ट
मीटिंग बुलाई है। क्लब का मानना है कि सीबीआई की कार्रवाई देश के चौथे
स्तंभ यानी मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। क्या वाकई ऐसा है। सीबीआई
का छापा क्या किसी खबर को लेकर मारा गया था या फिर प्रणव राय की कई
कंपनियों में से एक कंपनी की करतूत की जांच के सिलसिले में मारा गया था।
आगे लिखने से पहले चंद उदाहरण…

‘जी हिंदुस्तान’ चैनल के संपादक बनाए गए ब्रजेश कुमार सिंह

ZMCL management appoints Mr. Brajesh Kumar Singh as Editor, Zee Hindustan… With the intent to expand news base of the group and to provide one more National News platform, with more focus on Rural India and State Capitals, Zee Media Corporation Ltd launched Zee Hindustan. ZMCL’s clear editorial intent is to have a channel which focuses on State’s affairs with a defined motto that States make the Nation.

दो बड़े अंग्रेजी अखबारों के संपादक दिवाकर अस्थाना और पीआर रमेश ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में जुटे हैं! (देखें सुबूत)

टाइम्स आफ इंडिया के एक संपादक हैं, दिवाकर अस्थाना. ये हर किसी को ‘बाबू’ कह कर बुलाते हैं. एक रोज (31 मई, शाम चार बजे) इन्होंने गलती से एक मैसेज टाइम्स आफ इंडिया के पत्रकारों के लिए बने ह्वाट्सअप ग्रुप पर पोस्ट कर दिया. इस मैसेज की शुरुआत भी बाबू संबोधन से हुई थी लेकिन आगे जो कुछ लिखा गया था, उसे पढ़कर ह्वाट्सअप ग्रुप से जुड़े सारे पत्रकारों की आंखें फटी की फटी रह गई.

महिला पत्रकार की पीड़ा- ”मेरा पति मुझे दूसरे मर्दों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है!”

मैं ऋपसी उप्पल एक पत्रकार हूं और जम्मू की रहने वाली हूं…मेरी शादी पुरोला के रहने वाले राजेन्द्र उप्पल से 2009 में हुई थी….शादी के पहले साल इन्होंने देहज के लिए मुझे परेशान किया तो मेरे मम्मी पापा ने इन्हें 5 लाख कैश दिए और फिर इनकी बहन ने मेरे पापा से मेरे गहने औऱ जो घरेलू वस्तुए होती हैं वो ली….

खबरचोर आजतक डिजिटल को योरस्टोरी डाट काम ने भेजा लीगल नोटिस, एक करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा

To,
The Editor In Chief
AajTak Digital
Delhi

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कानपुर प्रेस क्लब यानि फर्जी मेम्बरों का जमावड़ा

कानपुर प्रेस क्लब हथियाने वालों ने बनाये फर्जी पत्रकार…. कराई फर्जी वोटिंग… अंगूर बेचने वाला, वकील, दर्जनों मुकदमों में केस लड़ रहे लोग, प्रॉपर्टी डीलर, गुमटी मार्केट के कई दुकानदार, पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट, व्हाट्सअप पर ग्रुप बनाकर खुद को पत्रकार बताने वाले, चैनल के बाहर वाहनों का स्टैंड चलाने वाला, रिसेप्शन की जिम्मेदारी सँभालने वाला, चपरासी, चाय वाले आदि अब पत्रकार बन चुके हैं. ये सब कानपुर प्रेस क्लब के सदस्य हैं. मेम्बरशिप लिस्ट में इन लोगों का नाम चढ़ाकर इन्हें पत्रकारों के हर एक वो अधिकार सौंप दिए गए हैं, जिससे वह अपने आपको किसी से भी पत्रकार कह सकता है लेकिन पत्रकारिता नहीं कर सकता है.

ईटीवी एमपी-सीजी के संपादक प्रवीण दुबे ने 7 स्ट्रिंगरों को हटाया

मध्य प्रदेश में लगातार टीआरपी में नीचे आते चैनल ईटीवी में इन दिनों उठापठक का दौर जारी है. जब से ये चैनल शुरू हुआ है तबसे इसकी टीआरपी 6 भी नहीं हुई. प्रवीण दुबे के आने के बाद भी चैनल सुधरता नहीं दिख रहा है. प्रवीण दुबे ने चैनल को पटरी पर लाने के चक्कर में मध्य प्रदेश के 7 जिलों के स्ट्रिंगरों को नौकरी से हटा दिया है. ये जिले हैं- राजगढ़, धार, रीवा, पन्ना, सागर, कटनी आदि.

अवैध खनन में पत्रकारों की संलिप्तता सामने आई, पढ़ें पुलिस की ये जांच रिपोर्ट

यूपी के शामली में सीओ झिझाना ने बड़े बैनर के नाम से अवैध खनन कराने वाले टीवी व अखबार के पत्रकारों के खिलाफ विभाग को अपनी रिपोर्ट भेजी है। इसमे सीओ झिझाना ने जाँच के दौरान आजतक व इण्डिया टीवी के स्ट्रिंगर शरद मालिक व दैनिक जागरण के स्थानीय संवादसूत्र को खनन में सम्मलित होना बताया है। ये दोनों पत्रकार स्थानीय खनन माफिया के साथ सालों से खनन का अवैध कारोबार करते हैं। पूर्व की सपा सरकार में इसी कारोबार से उक्त पत्रकारों ने अच्छी खासी रकम भी बनाई है।

हिन्दी पत्रकारिता को वेब ने वैश्विक बना दिया है : प्रो. ओम प्रकाश सिंह

आजमगढ़। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शहर के नेहरू हाल में आजमगढ़ पत्रकार परिसंघ द्वारा ‘पत्रकारिता के बदलते आयाम और चुनौतियाँ’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, काशी विद्यापीठ वाराणसी के निदेशक प्रो.ओेम प्रकाश सिंह ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता को वेब ने वैश्विक बना दिया है। लेकिन प्रिंट मीडिया से चुनौती भी मिल कर रही है। हिन्दी पत्रकारिता ने बहुत लंबी यात्रा तय कर ली है। आज के दिन हमें आत्ममंथन करने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि आज के समाज में ईमानदारी, नैतिकता और आदर्श की गिरावट आयी है। जिससे पत्रकारिता भी अछूती नहीं है, ऐसे में आज समस्त समाज को चिंतन करने की जरूरत है।

यूपी में होमगार्ड डंडे नहीं, इंसास राइफल के साथ आएंगे नजर!

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड के जवानों के दिन बहुरने वाले हैं। होमगार्ड के जवान अब डंडे के साथ नहीं जल्द ही इंसास राइफल के साथ नजर आएंगे। पंजाब की तर्ज पर नेपाल बॉर्डर पर भी  उनकी तैनाती के लिए खाका खींचा जा रहा है। सूबे के खाद्य प्रसंस्करण, होमगार्ड व सैनिक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर आजमगढ़ सर्किट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रदेश के होमगार्डों के मनोबल को ऊंचा करने का हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा. होमगार्ड के जवानों को समय से ड्यूटी मिले इसके लिए दूसरी संस्थाओं में प्राइवेट सिक्योरिटी की जगह उनकी तैनाती प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी.

…जब अफसर-बाबू ऐसे होंगे तब न्याय कैसे होगा?

गाजीपुर। अफसर-बाबुओं की मुट्ठी गर्म कर मनमर्जी तरीके से दूसरों की संपत्ति पर अपना नाम चढ़वा लेने का खेल तहसील स्तर पर जारी है। फर्जीवाड़े के इस खेल का शिकार अगर कोई बनता है, तो वो है पीड़ित व्यक्ति क्योंकि अपनी ही संपत्ति को वापस पाने के लिए तहसील से लेकर न्यायालय तक दौड़ने में न जाने कितने साल गुजर जाते हैं, और कितनी जोड़िया चप्पलें घिस जाती हैं, लेकिन बावजूद इसके इंसाफ नहीं मिलता। तहसील स्तर पर इस तरह के मामले कदम-कदम पर नजर आयेंगे। सूबे में सरकार भले ही बदल गयी हो, लेकिन कार्य-संस्कृति की बयार आज भी वही है। न्याय पाने के लिए कल भी अर्जियां दौड़ रही थीं, आज भी दौड़ रही हैं।

CSAB Male 22+ कैटगरी में मोदी भक्त चैनल ‘जी न्यूज’ लगातार दूसरे सप्ताह नंबर वन

वैचारिक आधार पर न्यूज चैनलों के ध्रुवीकरण के बाद जी न्यूज का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. पिछले हफ्ते भी यह चैनल CSAB Male 22+ कैटगरी में नंबर वन था, आजतक को दो नंबर पर धकियाते हुए, इस हफ्ते भी नंबर वन है, आज तक को दो नंबर पर पड़े रहने को मजबूर करते हुए. हालांकि CS15+ कैटगरी में आजतक पिछले हफ्ते भी नंबर एक था और जी न्यूज नंबर दो, इस हफ्ते भी आजतक नंबर एक है और जी न्यूज नंबर दो.

पत्रकार ब्रजेश राजपूत पर हमले का प्रयास

मंदसौर से खबर है कि नेशनल न्यूज चैनल एबीपी न्यूज के मध्यप्रदेश के पत्रकार ब्रजेश राजपूत पर आज मंदसौर जिले के बरखेडापंत में कुछ लोगों ने हमले का प्रयास किया. श्री राजपूत और उनके कैमरामैन ने स्वयं को किसी तरह भागकर सुरक्षित बचाया. 

जी पुरवइया का रिपोर्टर चोरी का लैपटाप खरीदने में हुआ अंदर

बिहार के किशनगंज से खबर है कि ज़ी पुरवइया का रिपोर्टर चोरी का लैपटॉप खरीदने के कारण जेल चला गया है. रिपोर्टर का नाम अमित कुमार सिंह है. चोरी का लैपटाप खरीदने के जुर्म में पुलिस ने अमित को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है.

कर्मचारियों के ड्यूटी टाइम को लेकर सम्पादक और एचआर में ठनी

कर्मचारी परेशान, किसकी बात सुनें और किसकी न सुनें… मुम्बई से एक बड़ी खबर आ रही है। यहाँ श्री अम्बिका प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशंस के कार्मिक प्रबंधक और इसी कंपनी के समाचार पत्र दैनिक यशोभूमि के संपादक आनंद राज्यवर्धन के बीच कर्मचारियों के ड्यूटी टाइम को लेकर ठन गयी है। इन दोनों की लड़ाई में कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। कर्मचारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे सम्पादक द्वारा बताए गए ड्यूटी टाइम पर आयें या कार्मिक प्रबंधक ज्ञानेश्वर रहाणे के बताए ड्यूटी टाइम पर।

नया आदेश संपादक का…

एल.जे.ए. के जिलाध्यक्ष बने भारत सिंह, आशीष मौर्य महामंत्री हुए

लखनऊ । लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (एल.जे.ए.) सम्बद्ध यू.पी. जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) के सम्पन्न हुए चुनाव में जिलाध्यक्ष पद पर भारत सिंह एवं महामंत्री पद पर आशीष मौर्य को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। निर्वाचन अधिकारी के. के. वर्मा ने बताया कि एल.जे.ए. की जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का निर्वाचन आपसी सहमति से निर्विरोध सम्पन्न कराया गया।

भड़ास के यशवंत “जनक सम्मान” से 10 जून को लखनऊ में होंगे सम्मानित

लोकमत सम्मान 2017 : विजेताओं पर ज्यूरी बैठक सम्पन्न

लखनऊ। हिंदी दैनिक लोकमत के स्थापना दिवस पर प्रति वर्ष आयोजित होने वाले लोकमत सम्मान हेतु विजेताओं के नामों का चयन कर लिया गया है। रविवार 4 जून को आयोजित ज्यूरी की बैठक में जनरल आरपी साही (ए.वी.एस.एम.), पद्मश्री डॉ॰ मंसूर हसन, पद्मश्री परवीन तलहा, रैमेन मैग्सेसे पुरस्कृत संदीप पांडेय, पूर्व आईएएस एसपी सिंह,  श्री सीवी सिंह और श्री पवन सिंह चौहान ने देश भर से आए हज़ारों नामों में से चयनित हर श्रेणी में 5-5 नामों में से एक-एक नाम का चयन किया।

वरिष्ठ पत्रकार राखी चक्रवर्ती का कैंसर से निधन

टाइम्स ऑफ इंडिया, कोलकाता की असिस्‍टेंट एडिटर राखी चक्रवर्ती का निधन हो गया. वे फेंफड़े के कैंसर से पीड़ित थीं. 45 साल की राखी के घर में दो बहनें और अभिभावक हैं. राखी साहसी पत्रकारों में शुमार की जाती थीं.

देश के सभी बड़े न्यूज चैनलों में अंबानी का पैसा लगा है!

Pushya Mitra : एनडीटीवी वाले मामले से और कुछ हुआ हो या न हो, मगर यह जरूर पता चल गया कि देश के टॉप टेन चैनलों में से शायद ही कोई बचा हो जिसमें अम्बानी का ठीक ठाक पैसा न लगा हो (NDTV में भी प्रणव-राधिका के तमाम शेयर अंबानी के पास गिरवी हैं)। इस हिसाब से राष्ट्रवादी हो, बहुराष्ट्रवादी हो या साम्यवादी हो। तकरीबन हर न्यूज़ चैनल अंततः अम्बानी न्यूज़ ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि कोई चीख कर बातें करता है तो कोई मृदुल स्वर में। कोई राष्ट्रवादियों को शेयरिंग कंटेंट उपलब्ध कराता है तो कोई उदारवादियों को।

सभी चैनलों औऱ अखबारों के मालिक चोर हैं, सबके घर छापा पड़ना चाहिए!

Ramesh Chandra Rai : एनडीटीवी के मालिक के घर छापे पर हाय तौबा मची है। दरअसल सभी चैनलों औऱ अखबारों के मालिक चोर है। इसलिए सभी अखबार और चैनल मालिकों के घर छापा पड़ना चाहिए ताकि उनकी काली कमाई का पता चल सके। यह सभी पत्रकारों का उत्पीडन करते हैं। मोदी सरकार ने गलती यही की है कि एक ही घर पर छापा डलवाया है। यह पक्षपात है इसलिए हम इसकी निंदा करते हैं। सभी के यहां छापा पड़ता तो निंदा नहीं करता। दूसरी बात जितने लोग एक चैनल मालिक के यहां छापे पर चिल्ला रहे हैं वे लोग पत्रकारों के उत्पीड़न पर आज तक नहीं बोले हैं। कई पत्रकारों की हत्या कर दी गयी कई नौकरी से निकाल दिए गए औऱ उन्होंने आत्महत्या कर ली, उनका परिवार आज रोटी के लिए मारा मारा घूम रहा है लेकिन किसी ने आवाज़ नहीं उठाई। जहां तक पत्रकारिता की स्वतंत्रता की बात है तो पत्रकार नहीं बल्कि मालिक स्वतन्त्र हैं। आज पत्रकारों की औकात नही है कि मालिक की मर्जी के खिलाफ कुछ लिख सके।

मैं रवीश कुमार, एनडीटीवी पर पेश है प्राइम टाइम, प्रायोजक हैं ‘पतंजलि’!

Samar Anarya : बस सनद रहे कि रवीश कुमार का आज का शानदार प्राइम टाइम भी पतंजलि प्रायोजित है! बोले तो लड़ाई बहुत मुश्किल है, बहुत बहुत मुश्किल। Gentle Reminder: Even today’s gallant Prime Time of Ravish Kumar is sponsored by Patanjali. The battle is going to be difficult, very very difficult.

एनडीटीवी पर छापे के पक्ष में पोस्ट और कमेंट लिखने वाले आदमी नहीं, पाजामा हैं!

Sheetal P Singh : वित्त मंत्रालय के अनुसार देश में करीब 5500 willful defaulters हैं जिन से बैंकों को करीब साठ हजार करोड़ रुपये वसूलने हैं। माल्या के अलावा। प्रणव राय के उपर यह राशि 43 करोड़ बताई गई है जिसे वे अदा कर चुके हैं सिर्फ़ ब्याज पर यह FIR दायर है। बाकी किसी पर होमगार्ड तक नहीं पहुंचा। क्या यह तथ्य जानने के बाद भी आप सीबीआई की रेड के लिए पक्ष में पोस्ट लिख सकते हैं, कमेन्ट कर सकते हैं? आप आदमी हैं कि पाजामा?

मोदी सरकार में हिम्मत होती तो प्रणव रॉय अपनी दाढ़ी के बाल नोचते हुए तिहाड़ की रोटी तोड़ रहे होते!

Dayanand Pandey : एनडीटीवी पर आयकर और सीबीआई के संयुक्त छापे पर बहुत हाहाकार मचा हुआ है। यह व्यर्थ का हाहाकार है। जैसे सभी मीडिया घराने चोर और डाकू हैं, काले धन की गोद में बैठे हुए हैं, एनडीटीवी भी उनसे अलग नहीं है। एनडीटीवी भी चोर और डाकू है, अपने कर्मचारियों का शोषण करता है, क़ानून से खेलता है, काले धन की गोद में बैठा हुआ है। वह सारा कमीनापन करता है जो अन्य मीडिया घराने करते हैं। एनडीटीवी में चिदंबरम का ही काला धन नहीं बल्कि पोंटी चड्ढा जैसे तमाम लोगों का भी काला धन लगा है। सरकार से टकराना भी एनडीटीवी की गिरोहबंदी का हिस्सा है, सरोकार का नहीं। सरकार से टकराने के लिए रामनाथ गोयनका का डीएनए चाहिए जो आज की तारीख में किसी एक में नहीं है। अलग बात है कि आखिरी समय में व्यावसायिक मजबूरियों में घिर कर रामनाथ गोयनका भी घुटने टेक कर समझौता परस्त हो गए थे। इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की धार रामनाथ गोयनका के जीवित रहते ही कुंद हो गई थी। अब तो वह धार भी समाप्त है।

भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने वाले आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह योगी राज में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे!

Surya Pratap Singh : सौ घंटे की क़ैद ….और उनकी आँखें बंद! अब तक 100 से अधिक घंटे हो गए, मेरे घर पर हमले को। न कोई गिरफ़्तारी और न कोई मेरे परिवार की माक़ूल सुरक्षा। एक अदद सिपाही दिया है, उसे अपने साथ बाहर ले जाऊँ, तो घर पर परिवार असुरक्षित. मैं अपने घर में क़ैद होकर रह गया हूँ। मैं पीठ दिखाकर मरने वाला कायर नहीं और न ही बिना लड़े पराजय स्वीकार करने वाला हूँ, लेकिन लोकतंत्र में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की होती है.

बनारस के वरिष्ठ पत्रकार रत्न शंकर व्यास का निधन

Ak Lari : वरिष्ठ पत्रकार रत्न शंकर व्यास का निधन। वह ‘आज’ अखबार से जुड़े थे। वह ‘आज’ अखबार में संपादक रहे लक्ष्मी शंकर व्यास के बड़े पुत्र थे। अवस्था करीब 76 साल थी। रिटायर्ड होने के बाद ‘आज’ अखबार में संम्पादकीय लेखन का दायित्व निभा रहे थे। जानकारी के अनुसार रत्न शंकर जी तीन दिन से कार्यालय नहीं आ रहे थे। अस्वस्थ थे। घर पर ही इलाज चल रहा था।

कैंसर से पीड़ित वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्रपाल सिंह का निधन

Jaishankar Gupta : करीब चार दशकों की दोस्ती को एक झटके में तोड़ कर धर्मेंद्रपाल सिंह का इस तरह असमय चले जाना भारी दुख दे गया। 1980 में हमारी मुलाकात लोदी एस्टेट में स्थित असली भारत के दफ्तर में हमारी मुलाकात हुई थी। हम वहां संवाददाता सह उप संपादक थे। धर्मेंद्र हिन्दुस्तान अखबार में कार्यरत थे लेकिन हमारे संपादक, पूर्व सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रहे अजय सिंह से करीबी के कारण धर्मेंद्र वहां आते जाते या कहें सलाहकार सहयोगी की भूमिका में थे। 1997 में जब हम हिन्दुस्तान से जुड़े तब वह वहां वरिष्ठ और पुराने सहयोगी के रूप में मिले। कुछ बातों को लेकर मतभेद भी होते थे लेकिन मनभेद कभी नहीं हुए। कम मिलते थे लेकिन निजी रिश्तों में प्रगाढ़ता में कमी कभी नहीं आई। कैंसर से वह जूझ रहे थे। और कुछेक अवसरों पर और खासतौर से आपरेशन के बाद तो लगा कि उन्होंने अपराजेय कहे जानेवाले कैंसर को परास्त कर दिया है लेकिन कल रात वह इस लड़ाई को हार गए। मन बोझिल और सदमें में है। अपने बेलौस ठहाकों के लिए मशहूर मित्र को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि। शोक की इस घड़ी में हमारी सहानुभूति और संवेदना सुषमा जी और उनके परिवार के साथ है।

रंगदार संपादक और राष्ट्रवादी शोर : टीवी जर्नलिज्म आजकल….

मोदी के राज में कानून का डंडा बहुत सेलेक्टिव होकर चलाया जा रहा है…

Nitin Thakur : एनडीटीवी प्रमोटर पर छापे के दौरान ‘ज़ी’ अजीब सी खुशी के साथ खबर चला रहा था. शायद उन्हें इस बात की शिकायत है कि जब उनकी इज्ज़त का जनाज़ा निकल रहा था तब उनका साथ किसी ने नहीं दिया. ज़ी का दर्द एक हद तक सही भी है. तब सभी ने चौधरी और अहलूवालिया का स्टिंग बिना ऐसे कुछ लिखे चलाया था कि “ये पत्रकारिता पर हमला है”. अब ज़ी हर बार जश्न मनाता है. जब एक दिन के एनडीटीवी बैन की खबर आई तो भी.. जब छापेमारी की खबर आई तो भी. उसे लगता होगा कि कुदरत ने आज उसे हंसने का मौका दिया है तो वो क्यों ना हंसे. बावजूद इसके सच बदल नहीं सकता कि उनका मामला खबर ना दिखाने के लिए संपादकों द्वारा रंगदारी की रकम तय करने का था और ये सब एक बिज़नेसमैन की वित्तीय अनियमितता का केस है जिसमें बैंक का कर्ज़ ना लौटाना प्रमुख है.

अखबार मालिक और CA के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, जबरन वसूली की एफआईआर दर्ज

लखनऊ : सरकार से धोखाधड़ी कर जेबी अखबार कूटचक्र के नाम पर जबरन धन उगाही करने वाले राजधानी लखनऊ के हज़रतगंज निवासी महेंद्र अग्रवाल और कूटरचित रिकॉर्ड बनाकर इस अखबार का सर्कुलेशन प्रमाणित करने का फर्जीवाड़ा करने वाले गोमतीनगर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट आलोक श्रीवास्तव आखिरकार कानून की गिरफ़्त में फंस ही गए हैं। राजधानी लखनऊ के थाना हज़रतगंज में इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं 419, 420, 467, 468, 471, 384 में प्रकरण अपराध संख्या 431 बीते 01 जून को दर्ज हुआ है जिसकी विवेचना थाना हज़रतगंज के उपनिरीक्षक कृष्णा नन्द तिवारी द्वारा की जा रही है।

सुधीर चौधरियों और रवीश कुमारों की बातों पर भरोसा क्यों न करें, बता रहे हैं यशवंत सिंह

Yashwant Singh : सुधीर चौधरियों और रवीश कुमारों की बातों पर भरोसा मत करिए. ये पेड लोग हैं. ये दोनों अपने-अपने मालिकों के धंधों को बचाने-बढ़ाने के लिए वैचारिक उछल कूद करते हुए आपको बरगलाएंगे, भरमाएंगे, डराएंगे, अपने पक्ष में खड़े होने के लिए उकसाएंगे और इसके लिए देर तक व दूर तक ब्रेन वाश करते चलते जाएंगे…

मोदी सरकार इतनी डरपोक है कि पत्रकारों के न्याय के लिए आगे नहीं आई

जैसे हैं कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद, वैसे ही निकले नरेंद्र मोदी…. पत्रकार का दर्द कौन सुने…. उसे तो अंदर बाहर हर ओर से गाली और शोषण का शिकार होना है… पत्रकार बिकाऊ है या कपिल सिब्बल व सलमान ख़ुर्शीद… यह सोचने की बात है… भारत सरकार तो ऐसी है जो ना अपना भला बुरा जानती है, ना समाज का और ना ही देश का। मैं बात करना चाहूंगा पत्रकारिता की। पत्रकार वही है जो कम वेतन में काम करने को तैयार हो। बाकि ना उसकी शैक्षणिक योग्यता देखी जाती है ना अक्षर ज्ञान। नतीजन कोई भी पत्रकार बन सकता है।

‘इंडिया न्यूज़ पंजाब’ चैनल कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथों हुआ लांच

चंडीगढ़ : इंडिया न्यूज़ पंजाब चैनल की कल चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथों लांचिंग हुई। इंडिया न्यूज़ पंजाबी भाषा में आईटीवी नेटवर्क का पहला समाचार चैनल है। आईटीवी नेटवर्क के संस्थापक और प्रमोटर कार्तिकेय शर्मा ने लॉन्च के अवसर पर कहा, “यह पंजाब क्षेत्र में हमारी पहली शुरुआत है. हम पंजाब के क्षेत्रीय समाचारों को व्यवस्थित करके पंजाबी न्यूज़ जगत में क्रांति लाएंगे. हम पंजाबी में प्रासंगिक और प्रभावपूर्ण क्षेत्रीय सामग्री को प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
आईटीवी नेटवर्क के तीन राष्ट्रीय समाचार चैनल, चार क्षेत्रीय समाचार चैनल, दो अखबार और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स हैं.

भड़ास के यशवंत ने एनडीटीवी छापे पर क्या लिखा, ये पढ़ें

Yashwant Singh : हां ठीक है कि ये लोकतंत्र पर हमला है, अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार है, मीडिया का गला घोंटने की कोशिश है.. लेकिन पार्टनर ये भी तो बता दीजिए कि जो आरोप लगे हैं आईसीआईसीआई बैंक के 48 करोड़ रुपये के फ्राड करने का, उस पर आपका क्या मत है.

एनडीटीवी पर छापे के बाद रवीश कुमार ने क्या लिखा फेसबुक पर, पढ़ें

Ravish Kumar : तो आप डराइये, धमकाइये, आयकर विभाग से लेकर सबको लगा दीजिये। ये लीजिये हम डर से थर थर काँप रहे हैं। सोशल मीडिया और चंपुओं को लगाकर बदनामी चालू कर दीजिये लेकिन इसी वक्त में जब सब ‘गोदी मीडिया’ बने हुए हैं , एक ऐसा भी है जो गोद में नहीं खेल रहा है। आपकी यही कामयाबी होगी कि लोग गीत गाया करेंगे- गोदी में खेलती हैं इंडिया की हज़ारों मीडिया। एन डी टी वी इतनी आसानी से नहीं बना है, ये वो भी जानते हैं। मिटाने की इतनी ही खुशी हैं तो हुजूर किसी दिन कुर्सी पर आमने सामने हो जाइयेगा। हम होंगे, आप होंगे और कैमरा लाइव होगा । ये एन डी टी वी का बयान है-

संबित पात्रा को शो से बाहर निकालने का मजा एनडीटीवी को तो चखाना ही था!

Shrikant Asthana : सत्तारूढ़ दल के बड़बोले प्रवक्ता को कार्यक्रम से बाहर करने पर सरकारी तंत्र को एनडीटीवी को मजा तो चखाना ही था। प्रणव राॅय ने अगर कोई गड़बड़ न की हो तो भी परेशान तो किए ही जा सकते हैं। मीडिया हाउस चला रहे हैं तो इतने के लिए तैयार रहना भी चाहिए।

एनडीटीवी के मालिकों के यहां छापे की खबरें जी न्यूज जोरशोर से दिखा रहा

सुभाष चंद्रा जी ग्रुप के मालिक हैं. भाजपा कोटे से सांसद हैं. मोदी जी के भक्त हैं. कोल गेट से संबंधित खबरें दबाने के लिए कांग्रेसी नेता नवीन जिंदल से रिश्वत मांगने के आरोपी हैं. उनके जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी भी इसी मामले में आरोपी हैं और जेल जा चुके हैं. जी न्यूज मोदी सरकार के प्रबल समर्थक चैनल की तरह काम करता है. ऐसे में मोदी सरकार को लेकर आलोचनात्मक रुख रखने वाले एनडीटीवी के मालिकों के यहां पड़े छापे के बाद इससे संबंधित खबरें जी न्यूज पर जोरशोर से प्रसारित की जा रही हैं.

नक्सलबाड़ी अर्द्धशताब्दी समारोह की रपट

तेभागा और तेलंगाना के बाद नक्सलबाड़ी किसान आंदोलन ने समाज, राजनीति और संस्कृति पर काफी असर पैदा किया। इसे ‘वसन्त का बज्रनाद’ के नाम से भी जाना जाता है। बीते 25 मई को इस आंदोलन ने पचास साल पूरे किए। इतना लम्बा समय बीत जाने के बाद भी उस आंदोलन की राजनीतिक व वैचारिक उष्मा संघर्षशील जन समुदाय और प्रगतिशील व जनवादी बौद्धिकों द्वारा आज भी महसूस की जाती है। वर्तमान चुनौतियों के संदर्भ में नक्सलबाड़ी को याद करने, उसकी दशा-दिशा और उसके सांस्कृतिक प्रभाव पर विचार करने के लिए जन संस्कृति मंच की ओर से ‘नक्सलबाड़ी अर्द्धशताब्दी समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थानीय जयशंकर प्रसाद सभागार, कैसरबाग, लखनऊ  में हुआ। इसके मुख्य अतिथि थे जाने माने वामपंथी चिन्तक कामरेड जयप्रकाश नारायण तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता जन संस्कृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर ने की। समारोह का आरम्भ शहीद वेदी पर पुष्पांजलि से हुआ। दो सत्रों में बंटे इस कार्यक्रम में कविता पाठ के साथ परिसंवाद का आयोजन था।

राजगीर बंद की खबरों को दैनिक हिंदुस्तान ने नहीं छापा

बिहार शरीफ। राजगीर के मलमास मेला सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर आहूत शुक्रवार को राजगीर बंद की खबरों को दैनिक भास्कर, दैनिक प्रभात खबर तथा दैनिक जागरण ने विस्तार से प्रकाशित किया. वहीं दैनिक हिंदुस्तान में एक भी लाइन की खबर नहीं छपी. बताया जाता है कि बंद में सभी प्रकार के दुकानदारों का संपूर्ण सहयोग रहा। यहां तक कि फुटपाथ दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद रखी।

‘औरतखोर’ का लोकार्पण

डूंगरपुर। बहुत सा श्रेष्ठ साहित्य भी विभिन्न कारणों से पाठकों तक पहुँच नहीं पाता. आनंद कुरेशी जैसे कथाकार को भी व्यापक हिन्दी पाठक वर्ग तक पहुंचाने के लिए हम सबको प्रयास करने होंगे. हिन्दी के प्रसिद्ध लेखक असग़र वजाहत ने डूंगरपुर के दिवंगत लेखक आनंद कुरेशी के ताजा प्रकाशित कहानी संग्रह ‘औरतखोर’ के लोकार्पण समारोह में कहा कि डूंगरपुर आकर उन्हें साहित्य की ऎसी गोष्ठियों की अर्थवत्ता का फिर से गहरा अहसास हुआ है. श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य के भी अनेक स्तर होते हैं आवश्यक नहीं कि लोकप्रिय समझे जाने वाले साहित्य का पाठक आगे जाकर गंभीर साहित्य का पाठक नहीं हो सकता.

क्या एएनआई वाले खबर के नाम पर पैसा लेते हैं?

ANI न्यूज़ एजेंसी खबरें बनाने के लिए भी पैसा लेती है… इसका खुलासा कल सहारनपुर में उनके एक रिपोर्टर ने कर दिया.. दरअसल ANI ने सहारनपुर में अभी अमित विश्वकर्मा नाम के एक रिपोर्टर को नियुक्त किया है.. कल कुछ व्यपारियों ने अपनी समस्या बताते हुए उससे खबर बनाने की प्रार्थना की…

सीबीआई और आईटी रेड पर एनडीटीवी ने भावुक और आदर्शवादी बयान जारी किया, आप भी पढ़ें…

बैंक फ्राड मामले के आरोपी एनडीटीवी के मालिक-मालकिन प्रणय राय और राधिका राय ने अपने यहां सीबीआई-आईटी रेड के बाद एक बयान एनडीटीवी की तरफ से जारी करवाया है जिसमें भावुक और आदर्शवादी बातें कही गई हैं.

प्रणय और राधिका राय द्वारा ICICI बैंक को 48 करोड़ का चूना लगाने के कारण पड़े छापे

एनडीटीवी के को-फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन प्रणय रॉय के घर पर सीबीआई और आईटी रेड पड़ने के बाद पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है. सीबीआई की टीम प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय से बैंक फ्रॉड के मामले में भी पूछताछ कर रही है. इनके खिलाफ केस भी दर्ज हो गया है. सीबीआई की टीम ने दिल्ली और देहरादून के चार ठिकानों पर छापे मारे हैं.

एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय के घर पर इनकम टैक्स छापा

एक बड़ी खबर एनडीटीवी ग्रुप से आ रही है. चैनल के मालिक प्रणय राय के ठिकानों पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है. सीबीआई ने इस बात की पुष्टि की है. इस बाबत समाचार एजेंसी एएनआई ने जो ट्विटर पर न्यूज फ्लैश जारी किया है उसमें कहा गया है कि प्रणय राय के दिल्ली स्थित घर पर इनकम टैक्स विभाग ने रेड किया है और इसकी पुष्टि केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने की है.

इंटरनेशनल मीडिया फाउंडेशन की आड़ में चल रहा वेश्यावृत्ति का धंधा!

पत्रकार और पत्रकारिता दोनों ही शब्द विश्वसनीयता का प्रतीक हैं मगर कुछ फर्जी संस्थान इसकी आड़ में गन्दा खेल चला रहे हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट में इंटरनेशनल मीडिया फाउंडेशन नामक संगठन की आड़ लेकर कुछ लोग लड़कियों-महिलाओं को फंसाने का कुकृत्य कर रहे हैं। एक युवती ने इस बाबत शिकायत की है और सबूत सहित बताया है कि इंटरनेशन मीडिया फाउंडेशन नामक संस्था, जो कि शायद ग्रेटर नोएडा से संचालित होता है, की आड़ लेकर उसे एक शख्स ने प्ले ब्वॉय से दोस्ती कराने का आफर दिया। उस संवाद के सभी सबूत नीचे दिए जा रहे हैं। संवाद के कुछ अंश इस देखिए…

रवीश कुमार ने यूट्यूब पर शुरू किया ‘ऋषि संदेश’, एनडीटीवी से नौकरी जाने की अफवाह

एनडीटीवी और रवीश कुमार एक दूसरे के पर्याय हो चुके हैं. लेकिन लगता है कि यह नाता टूटने वाला है. चर्चा है कि मोदी राज की गाज रवीश कुमार पर गिरने वाली है. इसको लेकर बातें काफी दिनों से चल रही है. फिलहाल रवीश कुमार के एक नए कदम से उनके एनडीटीवी से हटाए जाने की अफवाहों को बल मिल गया है. रवीश ने यूट्यूब पर एक चैनल शुरू किया है ‘ऋषि संदेश’ नाम से. इस बारे में अभी केवल प्रोमो रिलीज किया गया है जिसमें रवीश खुद अपने नए कामकाज यानि स्टार्टअप के बारे में बता रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि अगर रवीश कुमार की नौकरी खतरे में नहीं है तो वो ‘स्‍टार्ट-अप’ क्यों शुरू कर रहे हैं.

एक कामरेड ने हिंदुत्व की यूं की व्याख्या

हिन्दुत्व हिन्दू धर्म नहीं है… भारत में फासीवाद के दो प्रमुख स्रोत माने जाते हैं: कारपोरेट वित्तीय पूंजी और हिन्दुत्व। हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व में बुनियादी फ़र्क है। यह फ़र्क समझना फासीवाद विरोधी संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। हिन्दू धर्म हिन्दू शास्त्रों पर आधारित है। वहीं हिन्दुत्व विनायक दामोदर सावरकर, माधव सदाशिव गोलवलकर और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचार पर आधारित है। हिन्दू धर्म पुरातन है, हिन्दुत्व आधुनिक फासीवादी राजनीतिक विचार है। हिन्दू धर्म को मानना न मानना राष्ट्रवादी होने की शर्त नहीं है, जबकि हिन्दुत्व यानि हिन्दू राष्ट्र न मानने वाला नागरिक दोयम दर्जे का नागरिक होने के लिए अभिशप्त है।

दैनिक मध्य प्रदेश जनसंदेश में तीन महीने से सेलरी नहीं बंटी

भोपाल के दैनिक मध्य प्रदेश जनसंदेश से खबर है कि अखबार के कर्मचारियों को पिछले मार्च महीने से मई महीने तक यानि तीन महीने की सैलरी नहीं मिली। इसके चलते अखबार में काम करने वाले पत्रकारों एवं अन्य कर्मचारियों को रोटी के लाले पड़े हुए हैं। अखबार के मालिकानों को इस बात की चिंता नहीं है कि जो कर्मचारी उनके लिए दिन रात एक करके अखबार निकाल रहे हैं उन्हें समय पर सैलरी दी जा सके। भोपाल एडीशन के कई कर्मियों ने श्रम मंत्रालय में सेलरी न दिए जाने की शिकायत करने का मन बना लिया है।

मेरे शहर में एक पत्रकार भाई ने मिसाल पेश की

पत्रकार ने खुद खून देकर बचाई असहाय बच्ची की जान… गोपालगंज। कोई चाहे किसी भी पेशे से जुड़ा हो, लेकिन पहले वह इंसान होता है। इसकी एक मिसाल आज सदर अस्पताल में देखने को मिली। पत्रकार एवं प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के सदस्य जय प्रकाश मिश्र ने खून के लिए परेशान असहाय बच्ची नूरजहाँ को खून देकर जान बचाई। इसकी चर्चा कोई क़ौमी एकता को लेकर कर रहा है तो कोई पत्रकारिता के दूसरे पहलू के रूप में कर रहा है।

शादी के बाद लड़की के दलित होने की जानकारी मिलने पर पति ने किया सुसाइड

भारत में जाति-सीमा को लांघना दो राष्ट्रों की सीमाओं का लांघना है… पंजाब के संगरूर में एक 22 वर्षीय यवुक ने अपनी शादी के महज एक हफ्ते बाद केवल इस कारण आत्महत्या कर ली। क्योंकि उसे शादी के बाद पता चला कि उसकी पत्नी दलित जाति की है। पंजाब के संगरूर निवासी किसान मनप्रीत सिंह की शादी गत 21 मई, 2017 को धूमधाम से हुई थी। सुसाइड नोट से ज्ञात हुआ है कि मनप्रीत सिंह की शादी एक बिचौलिए के माध्यम से हुई थी। जिसने उसका रिश्ता एक दलित की बेटी से करवा दिया, इस बात का खुलासा 28 मई को तब हुआ, जब मनप्रीत अपनी ससुराल गया। दलित पत्नी पाकर वह आत्मग्लानि और अपराधबोध से इस कदर व्यथित हो गया कि ससुराल से लौटकर उसने आत्महत्या कर ली।

शर्मनाक : जिस पत्रकार की हत्या हुई, उसे ‘नई दुनिया’ ने पहले वितरक कहा, अब मुंह सिला

फिर उजागर हुआ नई दुनिया का संवेदनहीन चेहरा…  पिपलियामंडी के युवा पत्रकार कमलेश जैन हत्याकांड के मामले में प्रादेशिक अखबार नई दुनिया ने आज फिर अपने अखबार में अपना संवेदनहीन रवैया उजागर किया है! पत्रकार कमलेश नई दुनिया के पत्रकार थे और उनकी उस वक्त गोली मारकर हत्या की गयी थी जब वो अपने कार्यालय में लैपटॉप पर नई दुनिया के लिए रिपोर्ट तैयार कर रहे थे. हत्या के ठीक अगले दिन नई दुनिया अखबार ने अपने समाचार में कमलेश को अपना पत्रकार मानने से ही इनकार कर दिया और उन्हें अपने अखबार का 12 साल पुराना वितरक घोषित कर दिया.

मीट शाप लाइसेंस के लिए पैसे मांगते नगर निगम के बाबू का हो गया स्टिंग (देखें वीडियो)

योगी सरकार ने आते ही अवैध बूचड़खाने और मांस की दुकानों पर रोक लगा दी। इस रोक से बड़ी संख्या में मांस कारोबारी सड़क पर आ गए। फिर मांस की दुकानों के लाइसेंस के लिए लोग नगर निगम के चककर लगाने लगे। कल तक जिस विभाग में काम नहीं था, अचानक वो काम के बोझ से दबने लगा। इसी का फायदा उठाकर नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय में तैनात बाबू दुकानों के लाइसेंस देने के लिए पैसे की डिमांड करने लगे।

मोदी की नई विज्ञापन नीति : छोटे अखबार वाले अगर चोर हैं तो बड़े वाले पूरे डकैत हैं!

Sanjay Sharma : केंद्र सरकार की प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति 2016 को लेकर लघु और मध्यम अखबारों के प्रकाशक लगातार लड़ाई लड़ रहे है। इस लड़ाई के तहत हम लोगों के द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई याचिका दायर की जा चुकी है। मध्य प्रदेश में बीते वर्ष योजित एक याचिका के बाद DAVP के कुछ अधिकारी लघु और मध्यम अखबारों को फर्जी साबित करने और नीति को सही ठहराने के प्रयास में जुटे है।

India lost third journalist to assailants this year, JFA expresses serious concern

Guwahati: Journalists’ Forum Assam (JFA) expressed shock and serious
concern over the murder of three journalists in five months (since 1
January 2017) in the country and reiterated its old demand for a
comprehensive national action plan to safeguard the scribes and ensure
justice to the victims.

ग्रेच्युटी लूट के खिलाफ हिण्डालकों रेनूसागर के मजदूरों ने हासिल की जीत

सोनभद्र के अनपरा, ओबरा, रेनूसागर, शक्तिनगर, बीजपुर जैसे विद्युत उत्पादन गृहों, हिण्डालकों, हाईटेक कार्बन, सीमेन्ट कारखाने, बिरला कैमीकल्स जैसे उद्योगों में कार्यरत संविदा श्रमिकों की ग्रेच्युटी की लूट हो रही है। इन उद्योगों में नियमों और कानूनों का उल्लंधन करके स्थायी प्रकृति के कामों में संविदा श्रमिकों से काम कराया जाता है। यह संविदा श्रमिक अपनी पूरी जिन्दगी एक ही स्थान पर काम करते है। इन्हें सेवानिवृत्ति, मृत्यु या छटंनी पर ग्रेच्युटी का एक पैसा नहीं मिलता है। गौरतलब है कि ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972 की धारा 4 के अनुसार पांच वर्ष की सेवा अवधि पूरा होने पर ही श्रमिक ग्रेच्युटी भुगतान का लाभ प्राप्त कर सकता है।

‘एनडीटीवी 24×7’ की एंकर ने लाइव डिबेट में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को शो से जाने के लिए कह दिया

Vineet Kumar : ये संबित पात्रा का अपमान नहीं, टीवी में भाषा की तमीज बचाने की कोशिश है… कल रात के शो में निधि राजदान (NDTV 24X7) ने बीजेपी प्रवक्ता और न्यूज चैनल पैनल के चर्चित चेहरे में से एक संबित पात्रा से सवाल किया. सवाल का जवाब देने के बजाय संबित ने कहा कि ये एनडीटीवी का एजेंडा है, चैनल एजेंडे पर काम करता है. निधि राजदान को ये बात इतनी नागवार गुजरी कि उसके बाद आखिर-आखिर तक सिर्फ एक ही बात दोहराती रही- ”प्लीज, आप इस शो से जा सकते हैं. आप प्लीज ये शो छोड़कर चले जाएं. ये क्या बात हुई कि आपसे कोई सवाल करे तो आपको वो एजेंडा लगने लग जाए.”

योगी राज को आइना दिखाने वाले पूर्व आईएएस और भाजपा नेता सूर्य प्रताप सिंह के घर पर भगवाधारी गुंडों का हमला!

Surya Pratap Singh : मुझे मार के क्या मिलेगा, किसी को! कल रात मेरे घर पर हथियारधारी गुंडों ने दो बार धावा बोला… शराब के नशे में धुत्त भगवा गमछाधारी, राइफ़ल व बंदूक़ों के साथ, अराजक तत्वों ने रात १०.३० बजे और फिर रात १.३० बजे हमला करने की कोशिश की। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने भी फ़ोन नहीं उठाये। पूर्व सरकार में ये होता तो मुझे दुःख नहीं होता। वर्तमान सरकार को बनवाने में कहीं न कहीं हम सब का भी role है। दुःख इस बात का है कि योगी सरकार में भी मेरे जैसे पूर्व आईएएस अधिकारी के साथ यह सब हो रहा है।

सहारा के पत्रकार रमेश अवस्थी और उनके बेटे सचिन अवस्थी ने किया पुरस्‍कार घोटाला!

बाप-बेटे ने नेशनल मीडिया क्‍लब नामक संगठन के माध्यम से पत्रकारिता दिवस के मौके पर योगी के नाम की आड़ लेकर उन लोगों को भी सम्मानित बता दिया जो सम्मान लेने गए ही नहीं…

लखनऊ में नेशनल मीडिया क्लब नाम की एक संस्‍था ने ऐन हिंदी पत्रकारिता दिवस के दिन उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नाम का इस्‍तेमाल करते हुए कुछ वरिष्‍ठ पत्रकारों को बदनाम करने का काम किया है। इस संस्‍था ने 30 मई को एक ऐसा भयंकर पुरस्‍कार घोटाला किया है जिसमें 60 साल की उम्र पार कर चुके ऐसे पत्रकारों को पुरस्‍कार दिलवा दिया गया जिन्‍हें न तो अब तक पुरस्‍कार मिलने की ख़बर है, न ही वे वहां सशरीर मौजूद थे और जिन्‍होंने पुरस्‍कार की पेशकश पर अपनी सहमति तक नहीं दी थी।

रासविहारी ने एनयूजे (आई) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया

पत्रकार रास बिहारी ने नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. इस बाबत उन्होंने जो पत्र संगठन के सेक्रेट्री जनरल को लिखा है, वह इस प्रकार है-

चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने अपने फोटोग्राफर की 15 दिन में ही कर दी छुट्टी

चौथी दुनिया साप्ताहिक अखबार में कर्मचारियों को डर के साये में काम करना पड़ रहा है। उन्हें पता नहीं है कि कौन-सा दिन उनका आखिरी दिन हो जाए। अखबार के संपादक संतोष भारतीय की जुबान पर हमेशा दो वाक्य रहते हैं, पहला- ”डफर कहीं का”। दूसरा- ”अगर ऐसा नहीं करोगे तो बाहर का रास्ता खुला है”। वहां काम करने के लिए काम आने से अधिक जरूरत संतोष भारतीय को खुश करना हो गया है।

विभूति नारायण चतुर्वेदी राष्ट्रीय सहारा बनारस के संपादक बनाए गए

बनारस से खबर है कि विभूति नारायण चतुर्वेदी को राष्ट्रीय सहारा अखबार का नया संपादक बनाया गया है. विभूति अभी तक डिप्टी एडिटर के रूप में सहारा मीडिया के नोएडा स्थित मुख्यालय में ‘सहारा समय राजस्थान’ के चैनल हेड हुआ करते थे. प्रबंधन ने उन्हें बनारस भेजते हुए बड़ी जिम्मेदारी दी है.

बंसल न्यूज की बेवफाई से दुखी मनोज सैनी, संजय सिंह सेंगर और संदीप मिश्रा का इस्तीफा

अपनी कर्मठ टीम के बूते तेजी से ऊपर उठे बंसल न्यूज़ चैनल के अब बुरे दिन शुरू हो गए हैं। जिन लोगों के दम पर बंसल न्यूज़ ने ग्रोथ की थी, उनमें से कई लोग चैनल छोड़ चुके हैं। भोपाल डेस्क और आफिस से कई लोगों ने रिजाइन कर चैनल की कमर तोड़ दी थी। उसके बाद रही सही कसर इंदौर ब्यूरो ने पूरी कर दी। 1 जून से इंदौर ब्यूरो हेड मनोज सैनी, सीनियर रिपोर्टर संजय सिंह सेंगर और कैमरामैन संदीप मिश्रा ने भी चैनल छोड़ दिया।

आइसिन मज़दूरों का दमन मोदी सरकार के श्रमिक विरोधी चेहरे का एक और घिनौना उदाहरण

Dear Sir/Ma’am
Please find the attached press release about the protest demonstration against the brutal lathicharge and arrest of more than 550 workers of Aisin company (Rohtak, IMT Haryana).  On 31 May 2017, more than 550 struggling Aisin Workers were brutally lathicharged by Haryana Police. The workers had been struggling for the last 30 days after the Aisin Management had terminated 20 workers without any prior notice or reason to persecute the workers who had been raising their voice against their oppression. The Management didn’t like the fact that the workers were unionizing themselves to fight for their labour rights. Please find the attached press release and pictures and consider them for publication.
Regards
Sunny
Bigul Mazdoor Dasta

‘आजतक’ के सुप्रिय प्रसाद से भिड़ने को आतुर है ‘जी न्यूज’ के सुधीर चौधरी!

टीआरपी की जंग रोचक हो चली है. भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों का चमचा चैनल कहा जाने वाला जी न्यूज सफलता का नित नया प्रतिमान गढ़ रहा है. उग्र दक्षिणपंथी विचारधारा को लेकर चल रहा जी न्यूज टीआरपी चार्ट में नंबर दो पर पहले ही आ गया था, अब वह इस हफ्ते अचानक बढ़िया छलांग लगाकर आजतक चैनल की गर्दन तक पहुंच गया है. लोग कहने लगे हैं कि जी न्यूज वाले सुधीर चौधरी अब आजतक वाले सुप्रिय प्रसाद से लोहा लेना को तत्पर हो गए हैं.

मजीठिया वेज बोर्ड : हे पत्रकार साथियों! बर्खास्तगी, तबादले की धमकी से ना डरें और ना ही दें जबरन इस्तीफा

साथियों, हम सभी जहां बेसब्री से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं और वहीं समाचार पत्र प्रबंधन लगातार कर्मचारियों के उत्‍पीड़न पर लगा हुआ हैं और दूसरों के हक की आवाज उठाने वाली हमारी कौम आज अपने हक के‍ लिए ढंग से आवाज तक भी नहीं उठा पा रही है। इसके पीछे …

गायत्री प्रजापति की मदद करने कै आरोपी सीओ अवनीश मिश्र और सीओ अमिता सिंह के खिलाफ होगी कार्रवाई!

लखनऊ से एक बड़ी खबर आ रही है. खनन माफिया गायत्री प्रजापति की मदद करने के आरोपी अफसरों की जांच पूरी हो गई है. जांच रिपोर्ट में सीओ हजरतगंज अवनीश मिश्रा और सीओ बीकेटी अमिता सिंह को दोषी ठहराया गया है. सीओ से हाल में ही एडिशनल एसपी बने अवनीश मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस अफसरों द्वारा गायत्री प्रजापति की मदद किए जाने को लेकर जांच का काम एसपी उत्तरी अनुराग वत्स को दिया गया था.

यूपी में मुख्य सचिव की कुर्सी पर आसीन राहुल भटनागर के ‘खेल’ से बड़े अफसरों की नींद हराम

राहुल भटनागर यूपी की नौकरशाही में हड़कंप का कारण बने हुए हैं. अखिलेश राज में वर्षों तक वित्त सचिव और फिर बाकी समय में मुख्य सचिव की कुर्सी पर आसीन रहकर हर एक प्रोजेक्ट को मजूरी देने वाले राहुल भटनागर अब अलग अलग प्रोजेक्ट्स के लिए अलग अलग नौकरशाहों के सिर तलाश कर उन्हें बलि का बकरा बना रहे हैं और खुद को साफ-पाक बताने वाली रिपोर्ट बनवाने में सफल हो जा रहे हैं. इसी कड़ी में एक बड़ा मामला सामने आ रहा है कि जिस गोमती रिवर फ्रंट को लेकर करप्शन समेत कई किस्म के आरोप लगाए जा रहे हैं और उसके लिए ढेर सारे लोगों को जिम्ममेदार बताया जा रहा है उसी लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट में मौजूदा अफसरों ने अनोखा खेल कर दिया है.