मतदाताओं को जोखिम में डालने वाली वीर रस की यह खबर किसके लिए?

यह नवभारत टाइम्स में आज पहले पेज पर टॉप में प्रकाशित खबर है। ठीक है यह नक्सली क्षेत्र से बहुत दूर दिल्ली में छपी है (वहां के एडिशन में क्या है मुझे नहीं पता) पर क्या नक्सलियों को इस तरह चिढ़ाने और चुनौती देने की जरूरत है? यह उन्हें चिढ़ाना नहीं तो और क्या है? …

खबर तो यह भी है कि मतदान करने के निशान मिट गए !!

दैनिक भास्कर में आज यह फोटो पहले पेज पर प्रमुखता से छपी है। खबर यह है कि नक्सलियों के खौफ से इस महिला ने मतदान करने के बाद लगाए जाने वाले निशान को पत्थर से मिटा दिया। मतदान के बाद लगाया जाने वाला निशान मतदान करने के सबूत के साथ-साथ एक नागरिक के रूप में …

सरकार पर ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ का नया इल्जाम, अखबारों ने प्रमुखता नहीं दी

छत्तीसगढ़ में आज विधानसभा चुनाव के पहले चरण की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री रमन सिंह के राजनादगांव विधानसभा क्षेत्र समेत 18 सीटों पर मतदान है। इनमें 12 बेहद संवेदनशील बस्तर क्षेत्र में है। अंतिम चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा इस दिन बाकी 72 सीटों के लिए मतदान होना है। रमन सिंह का मुकाबला अटल …

सरकारी विज्ञापन का दावा और स्वाभाविक सवाल का जवाब नहीं

आज के अखबारों में उत्तर प्रदेश से संबंधित दो विज्ञापन हैं। एक उत्तर प्रदेश सरकार का दूसरा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का। दूसरा विज्ञापन केंद्र सरकार के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के मिशन का है। इस विज्ञापन में घोषणा की गई है, “12 नवंबर 2018, निर्मल गंगा की ओर से एक …

मुंह में छुरी बगल में राम …

आपने पढ़ा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने शहरी नक्सलियों माओवादियों के बारे में गलत बयानी की। यह भी कि हिन्दी अखबारों ने उनके आरोप को जस का तस छाप दिया। कुछ ने राहुल गांधी के जवाब को साथ छापा। यह अखबारों का ही काम था कि वे यह भी बताते कि नक्सलियों के …

खबरों की दुनिया में नोटबंदी और जीएसटी पर रघुराम राजन की टिप्पणी

केंद्र सरकार के पांच साल पूरे होने वाले हैं और पूर्ण बहुमत से चुनकर आई सरकार को फिर से चुनाव मैदान में उतरना है। तैयारियां शुरू हैं और नाम बदलने के साथ मंदिर-मूर्ति की चर्चा भी चल रही है। देश में चुनावी माहौल बनाने में अखबारों की बड़ी भूमिका है और खबरों का खेल इसमें …

जब प्रधान मंत्री झूठ बोलें, गलत आरोप लगाएं तो मीडिया की भूमिका

आज के द टेलीग्राफ में चार कॉलम की लीड खबर का शीर्षक हिन्दी में लिखूं तो यह होगा, “प्रधानमंत्री ने ‘शहरी माओवादियों’ के एयरकंडीशन जीवन का खुलासा किया”। अगर आप कल के भाषणों से वाकिफ हों तो इस शीर्षक से समझ जाएंगे कि दूसरे अखबारों में इस खबर का शीर्षक क्या होगा। आदर्श पत्रकारिता के …

अखबारों ने बताया “सुप्रीम कोर्ट का आदेश धुंआ” पर ये नहीं कि क्यों

दीवाली पर पटाखे चलाने की सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी का असर नहीं हुआ और पटाखे देर रात तक चले। हालांकि, दीवाली के दिन छुट्टी होने के कारण अगले दिन अखबार नहीं आया और मैं समझ रहा था कि यह खबर नहीं छपेगी या अंदर के पन्नों पर होगी। पर ऐसा नहीं हुआ और हिन्दी के …

नोटबंदी की दूसरी बरसी पर अखबारों में कुछ नया नहीं, सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप

देश की दशा और अखबार … नोटबंदी की दूसरी बरसी कल थी और आज सभी अखबारों में इसकी चर्चा है। कुछ खास नहीं, अरुण जेटली का बचाव और राहुल गांधी व मनमोहन सिंह के आरोप। सिर्फ इंडियन एक्सप्रेस ने इसपर एक्सक्लूसिव खबर छापी है। बाकी अखबारों में रूटीन सूचना या आरोपों और जवाब से विविधता …

छुट्टी के दिन खबरों का खेल, नोटा पर भ्रम फैलाने वाली सूचना

बुधवार को दीवाली थी इस कारण आज अखबार नहीं आए हैं। सोशल मीडिया पर आज एक ‘खबर’ ने ध्यान खींचा। इसके मुताबिक चुनाव आयोग ने नियमों में संशोधन कर नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) के तहत पड़ने वाले वोट को वैध कर दिया है और चुनाव रद्द करने का प्रावधान किया है। इसके अनुसार …

अयोध्या में दीये जलाने का रिकार्ड और दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध

बगैर पटाखों की दीवाली पर अखबारों में कुछ खास नहीं आज ज्यादातर अखबारों में फैजाबाद के अयोध्या बनने की खबर है। प्रस्तुति अलग है पर मूल सूचना यही है कि सरयू किनारे तीन लाख एक हजार 152 दीये जले और यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड है। इसके साथ यह भी खबर है कि राम …

भाजपा की बेशर्मी, मीडिया की नंगई, केजरीवाल की चुनौती के मायने

सरकारी उद्घाटन, जनता का पैसा और चुने हुए नेता जो फिर चुने जाने के लिए लार टपकाते रहते हैं मनमानी करने से भी नहीं चूकते। उद्घाटन जैसे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जैसी हस्ती को नहीं बुलाने की बेशर्मी केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली नरेन्द्र मोदी की भाजपा सरकार ने ही शुरू की है। उनकी नजर में …

ऐसा शीर्षक सिर्फ नभाटा में दिखा…

सबरीमला मंदिर विवाद हिन्दी अखबारों में नहीं के बराबर छपा है। सूचनाएं जरूर छपी हैं पर हाल के दिनों में सुप्रीमकोर्ट द्वारा 10 से 50 साल की महिलाओं को भी मंदिर प्रवेश की इजाजत दिए जाने के बाद से मामला गर्म है और इसपर राजनीतिक रोटियां भी सेकीं जा रही हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह …

पांच बड़ी खबरों के बावजूद आज भी छाई हुई है संत सम्मेलन की खबर

पत्रकारिता, खबर, राजनीति की सामान्य समझ के लिहाज से आज पांच बड़ी खबरें हैं और दिल्ली के अखबारों के लिहाज से इनकी प्राथमिकता इस प्रकार होनी चाहिए। 1) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को सीआईसी की नोटिस। विलफिल डिफॉल्टर के नाम क्यों नहीं बताए 2) सबरीमाला मंदिर कवरेज के लिए महिला पत्रकारों को न भेजने …

संत सम्मेलन से माहौल और मंदिर पर हिन्दी अखबार फॉर्म में

राम मंदिर निर्माण पर दिल्ली से अयोध्या तक काम शुरू हो गया है। इस क्रम में फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किए जाने की भी संभावना है। दिल्ली में संत समागम, इंडियन एक्सप्रेस में राम माधव का विशेष इंटरव्यू, गोविन्दाचार्य द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखना, बाबा रामदेव का भी बोल पड़ना और “धर्मादेश” आने …

अकबर पर बलात्कार के नए आरोप से मीटू अभियान हिन्दी अखबारों में भी कवर होने लगा!

पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, भाजपा नेता और राज्य सभा सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और कई पत्र-पत्रिकाओं में रह चुके एमजे अकबर पर नया आरोप बलात्कार का लगा है। खास बात यह है कि अकबर ने इसे सहमति से संबंध बनाना या विवाहेत्तर मामला कहा है और पहली बार अकबर की पत्नी बचाव में सामने …

“ना सिर्फ राहुल गांधी, कोई भी नरेन्द्र मोदी से बेहतर करेगा”

भाजपा का टिना फैक्टर यानी देयर इज नो आल्टरनेटिव टू नरेन्द्र मोदी – मीडिया का बनाया हुआ है। और मीडिया ही उसे बनाए हुए है। आइए देखें कैसे। पार्टी और भक्त कह रहे हैं, मीडिया फैला रहा है कि नरेन्द्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है पर असल में पार्टी के पास स्मृति ईरानी का …

नायडू-राहुल मिलन पर द टेलीग्राफ में प्रकाशित खबर और शीर्षक सबसे अलग, आप भी पढ़ें

आज दो नवंबर के अखबारों में सबसे बड़ी राजनीतिक खबर यह है कि तेलुगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू कल राहुल गांधी से मिले। तेलंगाना में मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की और भाजपा के खिलाफ दूसरे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन बनाने पर काम कर रहे हैं। हिन्दी अखबारों …

सरकार के खिलाफ दो में से एक ही खबर पहले पेज पर है

आज की खबरों में सबसे प्रमुख है, सरकार, आरबीआई और उर्जित पटेल का विवाद और पटेल  इस्तीफा दे सकते हैं जैसी खबर के साथ रिजर्व बैंक के मामले में पहली बार धारा सात लागू किया जाना। इस पर कांग्रेस और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण है। दैनिक भास्कर ने इस विवाद …

‘कालापानी’ दिए गए सीबीआई अधिकारी के आरोप हिन्दी अखबारों में नहीं हैं

कोलकाता के अंग्रेजी दैनिक, द टेलीग्राफ ने शॉकिंग एंड सॉरडिड (चौकाने वाला और घृणित) शीर्षक से सात कॉलम की लीड छापी है। इस खबर के मुताबिक, सीबीआई के एक अधिकारी, अजय कुमार बस्सी, जिनका तबादला ‘जनहित’ में पोर्ट ब्लेयर कर दिया गया था, ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत अपील दायर की है जिसमें उन्होंने …

“भगवान राम को फिर तारीख” से लेकर “मंदिर पर कोर्ट को जल्दी नहीं” तक !!

अखबारों में छपी खबरों के लिहाज से देखें तो आज फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिन है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित भूमि पर सुनवाई जनवरी तक टालने का फैसला दिया है। कुछ साल पहले तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीका-टिप्पणी नहीं होती थी। पर अब उसपर भी चर्चा होती …

खबरों का संकट और छह साल पुराने बयान पर बवाल

घटना प्रधान खबरों का संकट आज के अखबारों में भी दिख रहा है। अंग्रेजी अखबारों में इंडियन एक्सप्रेस ने आज, “सरकार बनाम आरबीआई” फ्लैग शीर्षक से जो खबर लीड बनाई है उसका मुख्य शीर्षक है, “छोटी फर्मों को कर्ज देना आसान करने, उधार देने के नियमों में छूट के लिए आरबीआई पर दबाव”। उपशीर्षक है, …

राकेश अस्थाना बचे हुए लग रहे हैं लेकिन मामला तोते उड़ने का ही है

जेटली के बयान को इतनी प्रमुखता मिलने का राज कुछ तो होगा सीबीआई में राकेश अस्थाना को सरकार ने विशेष निदेशक के रूप में बैठाया था। अस्थाना पर आरोप थे, इसके बावजूद। आलोक वर्मा (तकरीबन) कायदे से चुने गए थे। अस्थाना ने उनपर आरोप लगाया। फिर दोनों लड़ने लगे। अब दोनों पर आरोप थे। दोनों …

कांग्रेस और राहुल गांधी पहले पन्ने पर, सबके तोते उड़े ही प्रमुख खबर

सीबीआई पर सरकार की आधी रात की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की खबर और इसके विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन की खबर सभी अखबारों में पहले पन्ने पर है। खास बात यही है कि कांग्रेस और राहुल गांधी अखबारों के पहले पन्ने पर आ गए हैं और सरकारी गति से चलने वाली जांच को दो …

सरकार ने अपना अनाड़ीपन दिखा दिया

दो मातहतों में झगड़ा हो तो सबसे उचित यही होता है कि दोनों को पहले झगड़ा निपटाने के लिए कहा जाए और इसके लिए उन्हें पद से हटाना पहली जरूरत है। अगर झगड़े का कारण भ्रष्टाचार का आरोप हो और झगड़ने वाले ऐसे आरोंपों की जांच करने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित कही जाने वाली …

खबर एक, छापने का अंदाज अलग, दैनिक जागरण तो प्रभावित पक्ष बन गया

जबरन छुट्टी पर भेजे गए, कथित रूप से हटाए गए और फिर इनकार किए जाने की खबरों के बीच सीबीआई के जैसे भी प्रमुख मानिए, आलोक वर्मा के घर पर (सरकारी) जासूसी के आरोप का अपना महत्व है और सरकार ने भले ही उसे रूटीन जांच बताकर खारिज कर दिया पर ऐसी जांच होती है …

सीबीआई की खबरों में सवाल ज्यादा जवाब कम हैं फिर भी जवाब पहले!

आज के अखबारों में तो सीबीआई की ही खबर सबसे प्रमुख होनी थी। ऐसी खबरों के साथ कोई विवाद नहीं रहता है तो सभी अखबार एक से लगते हैं। खबरों में खेल समझने के लिए आज जैसे दिन दिलचस्प और खास महत्व के होते हैं। आइए देखें अखबारों ने इस खबर को कैसे प्रकाशित किया …

श्रीमान स्वच्छ की नाक के नीचे गंदे खेल और दैनिक जागरण की खबर !!

सीबीआई का मामला दिलचस्प होता जा रहा है। दो बड़े अधिकारियों की लड़ाई के बहाने उसके चौंकाने वाले कारनामे बाहर आ रहे हैं और इसका असर सीबीआई के साथ-साथ भारत की साख पर भी पड़ेगा। यही नहीं, सीबीआई सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन है तो आरोपों के छींटे वहां तक भी जाएंगे ही। कृपया हमें …

जेटली पर राहुल के आरोप की खबर नहीं ही दी अखबारों ने

आज के अखबारों में सरकार के खिलाफ खबर छापने की होड़ दिख रही है। सीबीआई पर सीबीआई के छापे की खबर को सबने खूब प्रमुखता से छापा है क्योंकि इसे रोकने का कोई फायदा नहीं है। बदले में में राहुल गांधी के आरोप गोल कर गए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि वित्त मंत्री …

सीबीआई में घूसखोरी के भयंकर खुलासे को अखबारों ने भ्रष्टाचार के सामान्य मामले की तरह पेश किया!

इंडियन एक्सप्रेस ने आज पहले पेज पर छह कॉलम में सीबीआई की खबर छापी है जो कल ही सोशल मीडिया पर खूब घूम रही थी। सीबीआई के नंबर वन बनाम नंबर टू के इस मामले में एक्सप्रेस के शीर्षक का हिन्दी होगा, सीबीआई में एक दूसरे पर कीचड़ फेंके गए, दर्जन भर से ज्यादा शिकायतों …