आचार संहिता की चर्चा नहीं और मार्गदर्शक मिसाइल को ‘ठंडा’ करना…

भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रखी हैं और चुनाव आयोग उनसे अपने ढंग से निपट रहा है। वैसे तो यह खास बात है पर मीडिया की जो हालत है उसमें यह कोई मुद्दा ही नहीं है। इसी का असर हुआ है कि आचार संहिता के उल्लंघन में …

आज के अखबारों में खबरें छोड़कर कांग्रेस के घोषणापत्र पर चर्चा

आज के ज्यादातर अखबारों में कांग्रेस के घोषणा पत्र पर चर्चा को लीड बनाया है। संभवतः यह पहला मौका है जब कांग्रेस के घोषणापत्र से विपक्ष को इतनी परेशानी है और इसे अखबारों में इतना महत्व मिल रहा है। कांग्रेस ने कहा है कि वह सेना को मिले विशेष अधिकार और राष्ट्रद्रोह के कानून को …

आज प्रधानमंत्री की रैलियों के बावजूद अखबारों में कांग्रेस का घोषणा पत्र छाया हुआ है

आइए देखें किसने घोषणा पत्र में क्या देखा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल बिहार और उड़ीशा के चुनावी दौरे पर थे। गया, जमुई और भवानीपटना में कम से कम तीन रैलियां तो की हीं पर खबर आज सिर्फ अमर उजाला में पहले पन्ने पर है। आज लगभग सभी अखबारों में कांग्रेस के घोषणापत्र की खबर प्रमुखता …

प्रधानमंत्री का हिन्दुत्व कार्ड खेलना और टेलीग्राफ का शीर्षक, ‘हे नमो !’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल वर्धा में हिन्दुओं के प्रतिनिधि की तरह बात की और अपने विरोधी व प्रतिद्वंद्वी राहुल गांधी के अमेठी के साथ वायनाड से भी चुनाव लड़ने पर टिप्पणी करते हुए कहा, जहां हिन्दू अधिक हैं, वहां चुनाव नहीं लड़ सकते, इसलिए वहां भागे जहां बहुतायत में अल्पसंख्यक हैं। यही नहीं, समझौता …

आज इंडियन एक्सप्रेस की खबर और शीर्षक हिम्मत की पत्रकारिता के उसके आदर्श के अनुकूल है

अब पाकिस्तान मुद्दा नहीं है, ‘अपनी मौत मरेगा’ – आपको अपने अखबार से पता चला? आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल अपने “मैं भी चौकीदार” कार्यक्रम को संबोधित किया। रविवार को अपने इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। अपने अंदाज में पांच साल के काम का हिसाब …

भाजपा के युवा उम्मीदवार ने मीडिया को रोकने का आदेश लिया, अखबारों ने स्टे की खबर ही नहीं दी!

इंडियन एक्सप्रेस ने आज पहले पन्ने पर एक बड़ी और मीडिया के लिए गंभीर खबर छापी है। खबर के मुताबिक बेंगलुरु दक्षिण से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार, 28 साल के तेजस्वी सूर्या को स्थानीय अदालत से अस्थायी स्थगनादेश मिला है और उनके खिलाफ “अवमानना वाली” खबरें नहीं छापी जा सकती हैं। अदालत ने 49 …

बेहद गरीबों के लिए ‘न्याय’ योजना का समर्थन और विरोध

देश के सर्वाधिक गरीबों की आय 12,000 रुपए प्रतिमाह करने और जिनकी आय इतनी नहीं है उन्हें हर साल अधिकतम 72,000 रुपए देने की राहुल गांधी की ‘न्याय’ योजना के बारे में कल (शनिवार, 30 मार्च 2019) को दैनिक भास्कर में इलेक्शन एनालिसिस के तहत सुधीर चौधरी की टिप्पणी छपी है – “न्याय योजना : …

केवल तीन लोग किसी लड़की से प्यार नहीं करते- डेड बॉडी, इंपोटेंट और संघी!

दैनिक जागरण की ‘खबर’ और खबर लेने वाले अंदाज में चंचल का जवाब… गौतम शर्मा जी ने किसी जागरण के हवाले से एक खबर का हवाला दिया कि चंचल किसी लड़की के साथ गेस्ट हाउस में थे अव्वल तो हम इसका जवाब यूं दे सकते हैं कि – कम्बख्त अखबार ! खबर ये नहीं होती …

प्रधानमंत्री और सेनाप्रमुख एक ही बात बोल रहे हैं, एक को नभाटा ने छापा दूसरे को एचटी ने!

आज के हिन्दुस्तान टाइम्स में पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने पर वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ की फोटो के साथ एक खबर है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, तीन कॉलम में तीन लाइन का इसका शीर्षक हिन्दी में कुछ इस तरह होगा, बालाकोट के सबूत हवा में तैर रहे हैं, पाकिस्तान देखना नहीं चाहता है। बेमौसम …

जेएनयू राष्ट्रदोह मामले में डीसीपी को समन

जेएनयू राष्ट्रदोह मामले में डीसीपी को समन किया गया। आप जानते हैं कि राष्ट्रद्रोह के इस मामले में कन्हैया अभियुक्त है और चार्जशीट कई साल बाद खुलेआम चुनौती देने पर दाखिल की गई थी। जनवरी में चार्जशीट दाखिल हुई तो पता चला कि इसके लिए राज्य सरकार से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। इससे …

समझौता ब्लास्ट में एनआईए की कार्रवाई पर अदालत की टिप्पणी आपके अखबार में है?

समझौता ब्लास्ट, एनआईए की जांच और मुख्य अभियुक्त असीमानंद को जानिए इंडियन एक्सप्रेस में समझौता ब्लास्ट से संबंधित खबर बढ़ने के बाद आज मैंने अखबार नहीं पढ़े। समझौता ब्लास्ट और असीमानंद के बारे में जानकारी जुटाई है। सूचनाएं मुख्य रूप से बीबीसी और आजतक के पोर्टल से हैं। बाकी जगह जहां से ली है उसका …

इंडियन एक्सप्रेस में खबर है, “परीक्षण का निर्णय राजनीतिक है, विज्ञान का मामला नहीं”

फिर भी अखबार परीक्षण के समर्थन में लगता है, नहीं मानता कि जांच में कुछ होगा अचानक राष्ट्र को संबोधित करने की घोषणा और फिर यह बताना कि अब हम सैटेलाइट को भी मार गिरा सकते हैं – आचार संहिता लागू होने के बाद एक अलग तरह का नाटक है। खास कर वर्ल्ड थियटर डे …

यूजीसी कराएगा ‘योगाभ्यास’ – आपको खबर दिखी क्या?

सतर्क चौकीदार, आचार संहिता उल्लंघन के मामले और अखबार आज द टेलीग्राफ में पहले पन्ने पर एक खबर छापी है कि चुनावों की इस गहमा-गहमी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों को दो मई से योग गतिविधियां शुरू करते हुए 50 दिनों तक निरंतर योग अभ्यास करने के निर्देश …

दिलचस्प और अनूठे प्रयोग करने वाला अखबार इंदौर का ‘प्रजातंत्र’

देश में टेलीविजन समाचार शुरू होने के बाद अखबारों को बदल जाना चाहिए था पर अखबार कुछ खास नहीं बदले या कहिए नहीं के बराबर बदले। यह जरूर हुआ कि पहले जो लोग अखबार नियम से और गंभीरता से पढ़ते थे उनलोगों ने अखबार पलट कर छोड़ देना शुरू किया। धीरे-धीरे खबरों के लिए अखबारों …

दैनिक जागरण की खबर में संपादकीय मिलावट

राहुल गांधी की न्याय योजना के बारे में मैं नहीं जानता। मैंने घोषणा से संबंधित प्रेस कांफ्रेंस नहीं देखी। इस योजना के बारे में मेरी राय इतनी भर है कि यह चुनावी घोषणा है और अखबारों को अगर यह व्यावहारिक लगता है तो जैसे बताया गया वैसे छाप देना चाहिए। अगर कोई सवाल हैं तो …

पाकिस्तान के मामले में हस्तक्षेप पर टेलीग्राफ की खबर भारत सरकार के दो चेहरे दिखाती है

ट्वीटर पर उसके मंत्री ने कहा, ‘मोदी का भारत’ नहीं है पाकिस्तान पर यहां के अखबार इसे पचा गए आज के अखबारों में पाकिस्तान में दो लड़कियों का अपहरण कर उनका धर्म बदलने और इसके विरोध में वहां बड़ी संख्या में एक समुदाय के लोगों के प्रदर्शन की खबर और उसपर भारत की विदेशमंत्री सुषमा …

इंडियन एक्सप्रेस का शीर्षक, हिन्दुस्तान की लीड और टेलीग्राफ की सूचना – मौजा ही मौजा

आज के इंडियन एक्सप्रेस में पहले पन्ने पर एक खबर है जिसके शीर्षक का अनुवाद होगा, राहुल केरल की सीट चुन सकते हैं, अमेठी से भगा दिए गए : स्मृति। इस खबर के साथ “एक्सप्लेन्ड एक्सप्रेस” भी है जिसमें बताया गया है कि इसका उद्देश्य राहुल गांधी को एक ऐसे नेता के रूप में पेश …

अखबारों ने येदुरप्पा की डायरी वाली खबर क्यों दबाई?

भाजपा की ईमानदारी के दावे खबरें न छपने, जांच न होने तक ही? आज के अखबारों में मुझे दो खबरों का इंतजार था। एक तो कल पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर आयोजित समारोहों का भारत सरकार द्वारा बायकाट किया जाना और फिर रात में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का यह ट्वीट की …

पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस का बायकाट और पीएम मोदी का शुभकामना संदेश साथ-साथ!

अखबारों में प्रधानमंत्री के संदेश की दबी-छिपी चर्चा आज के अखबारों में जो बड़ी खबरें हैं उनमें एक है – सरकार ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम का बायकाट किया। यह बायकाट इतना गंभीर था कि द टेलीग्राफ ने प्रेस ट्रस्ट की खबर छापी है जिसके मुताबिक, दिल्ली में पाकिस्तान स्थित उच्चायोग में आयोजित समारोह …

मोदी ने कहा, स्वतंत्र प्रेस के लिए खतरा है कांग्रेस; जवाब में कांग्रेस, लोकतंत्र का ‘क्रूर मजाक’ है

होली पर अंग्रेजी में आप मोदी जी को पढ़ना चाहें तो लिंक ये रहा : https://www.telegraphindia.com/india/congress-a-threat-to-free-press-says-modi/cid/1687235 अगर कांग्रेस का जवाब पढ़ने का मन हो तो इसे देखिए (चाहें तो दोनो देखिए) : https://www.telegraphindia.com/india/cruel-joke-on-democracy-responds-congress/cid/1687236 आप सबको होली मुबारक। कल (ज्यादातर) अखबार नहीं आएंगे इसलिए अखबारों पर टिप्पणी एक दिन और नहीं होगी। हालांकि, नोट कर लीजिए …

बहुत गंभीर है चौकीदारों से सुरक्षित bjp.org का हैक होना

डिजिटल इंडिया का ढिंढोरा पीटने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के काम करने के पांच साल पूरे हुए इस दौरान पार्टी ने जोरशोर से आधार की सुरक्षा का दावा किया और नेटबैंकिंग का प्रचार किया। इन दिनों मैं भी चौकीदार अभियान चल रहा है। डिजिटल खतरों से बचाव का काम भी इसी दौरान इसी …

अच्छे पेड न्यूज का उदाहरण देखना हो तो आज ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में नितिन गडकरी का इंटरव्यू पढ़ें!

इसमें पाठक के लिए वह नहीं है जो होना चाहिए था जबकि चुनावी दल के लिए उपयोगी है मतदाताओं को अखबारों के जरिए लुभाने या सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में अखबारों के बिछ जाने तथा तामाम कायदे कानूनों के साथ चुनावी नैतिकता को भी ताक पर रख दिए जाने के अपने उदाहरणों के तहत आज …

परिकर की प्रशंसा में भाजपा की निन्दा न हो जाए, इसका दिल से ख्याल रखे हैं अखबार!

मनोहर परिकर देश के आम राजनीतिज्ञों से अलग, पढ़े-लिखे, ईमानदार दिखने और साधारण रहन सहन वाले राजनेता तथा मुख्यमंत्री थे। भारतीय राजनीति में देश के रक्षामंत्री की कुर्सी तक पहुंचे तो लगा था कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईमानदार सरकार देने के दावे का असर है। पर गोवा में सरकार बनाने की बात …

लोकपाल की ‘नियुक्ति’ का बाजा बजाते आज के अखबार!

समझा जाता है कि चुनाव से पहले सरकार ने देश के पहले लोकपाल और आठ अन्य सदस्यों के नामों की मंजूरी दे दी है। यह घोषणा अभी नहीं हुई है पर सूत्रों के हवाले से आज के अखबारों में इस आशय की खबरें प्रमुखता से हैं। खबरों के मुताबिक, लोकसभा में लोकपाल बिल पास होने …

पद्म पुरस्कार के लिए राष्ट्रपति जी का आभार और ऐसे?

इस विज्ञापन को देखने के बाद मैं आज अखबार नहीं पढ़ पाया। विज्ञापन देखते ही मुझे याद आया, “पहले होती थी सिफारिश, अब ऐसा नहीं चलेगा” और इसके साथ “नामुमकिन अब मुमकिन है” भी। कहने की जरूरत नहीं है कि यह सब गोदी मीडिया के कारण ही मुमकिन है। आइए देखें कैसे। पद्म पुरस्कारों के …

पेड न्यूज के बाद बिकी हुई पत्रकारिता, पढ़िए कैसे

सरकार नहीं चाहती है कि रफाल सौदे पर निर्णय लेने की प्रक्रिया पर टीका टिप्पणी हो तो शासकीय गुप्त बात अधिनियम से लेकर तमाम बहाने बना रही है। खोजी पत्रकारिता करते हुए द हिन्दू ने खबरें छाप दीं तो उसे कानून का डर दिखाया गया और चोर साबित करने की कोशिश भी की गई। जब …

आज तो ‘गलती गोपाल की’ खबर ही दिलचस्प है!

ज्यादातर अखबारों ने रूटीन शीर्षक ही लगाए हैं रफाल मामले में सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कल फिर एक अनूठी दलील दी गई। यह दलील अपने आप में और फिर किस मुकदमे के सिलसिले में दी गई – यह सब दिलचस्प है। पर आज के अखबारों में अजहर मसूद को वैश्विक आतंकवादी नहीं …

आज अजहर मसूद की खबर जोरदार ‘पैकिंग’ में देखने लायक छपी है

राजस्थान पत्रिका हिन्दी का अकेला (मैं जो देखता हूं उनमें) अखबार है जिसमें मसूद अजहर की खबर पहले पन्ने पर सिंगल कॉलम है। दूसरी खबर के साथ सिर्फ आठ लाइन में। नवोदय टाइम्स (लीड का शीर्षक) मसूद पर फिर चीनी अड़ंगा; अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने पर लगाई रोक; मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित …

प्रियंका के भाषण की रिपोर्टिंग में देखिए गोदी मीडिया की ‘आजादी’

कांग्रेस ने कल साबरमती आश्रम से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की। गांधी के गुजरात में कल तीन गांधी थे। दैनिक भास्कर ने लिखा है कि 58 साल बाद कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक गुजरात में हुई। अमर उजाला ने लिखा है कि महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी ने पहली सभा मोदी के गढ़ में …

पुलवामा का ‘साजिशकर्ता’ कश्मीर में मारा गया – मतलब साजिश स्थानीय थी!

आज ज्यादातर अखबारों में पहली खबर कश्मीर में जैश के एक आतंकवादी को मारे जाने की है। इसके मुताबिक, सुरक्षा बलों ने सोमवार को दावा किया कि 14 फरवरी के पुलवामा हमले के मुख्य साजिशकर्ता को इतवार रात के एक ऑपरेशन में मार डाला गया। इससे इस आत्मघाती हमले में स्थानीय हाथ होने का संकेत …