भाजपा की बेशर्मी, मीडिया की नंगई, केजरीवाल की चुनौती के मायने

सरकारी उद्घाटन, जनता का पैसा और चुने हुए नेता जो फिर चुने जाने के लिए लार टपकाते रहते हैं मनमानी करने से भी नहीं चूकते। उद्घाटन जैसे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जैसी हस्ती को नहीं बुलाने की बेशर्मी केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली नरेन्द्र मोदी की भाजपा सरकार ने ही शुरू की है। उनकी नजर में …

ऐसा शीर्षक सिर्फ नभाटा में दिखा…

सबरीमला मंदिर विवाद हिन्दी अखबारों में नहीं के बराबर छपा है। सूचनाएं जरूर छपी हैं पर हाल के दिनों में सुप्रीमकोर्ट द्वारा 10 से 50 साल की महिलाओं को भी मंदिर प्रवेश की इजाजत दिए जाने के बाद से मामला गर्म है और इसपर राजनीतिक रोटियां भी सेकीं जा रही हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह …

पांच बड़ी खबरों के बावजूद आज भी छाई हुई है संत सम्मेलन की खबर

पत्रकारिता, खबर, राजनीति की सामान्य समझ के लिहाज से आज पांच बड़ी खबरें हैं और दिल्ली के अखबारों के लिहाज से इनकी प्राथमिकता इस प्रकार होनी चाहिए। 1) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को सीआईसी की नोटिस। विलफिल डिफॉल्टर के नाम क्यों नहीं बताए 2) सबरीमाला मंदिर कवरेज के लिए महिला पत्रकारों को न भेजने …

संत सम्मेलन से माहौल और मंदिर पर हिन्दी अखबार फॉर्म में

राम मंदिर निर्माण पर दिल्ली से अयोध्या तक काम शुरू हो गया है। इस क्रम में फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किए जाने की भी संभावना है। दिल्ली में संत समागम, इंडियन एक्सप्रेस में राम माधव का विशेष इंटरव्यू, गोविन्दाचार्य द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखना, बाबा रामदेव का भी बोल पड़ना और “धर्मादेश” आने …

अकबर पर बलात्कार के नए आरोप से मीटू अभियान हिन्दी अखबारों में भी कवर होने लगा!

पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री, भाजपा नेता और राज्य सभा सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और कई पत्र-पत्रिकाओं में रह चुके एमजे अकबर पर नया आरोप बलात्कार का लगा है। खास बात यह है कि अकबर ने इसे सहमति से संबंध बनाना या विवाहेत्तर मामला कहा है और पहली बार अकबर की पत्नी बचाव में सामने …

“ना सिर्फ राहुल गांधी, कोई भी नरेन्द्र मोदी से बेहतर करेगा”

भाजपा का टिना फैक्टर यानी देयर इज नो आल्टरनेटिव टू नरेन्द्र मोदी – मीडिया का बनाया हुआ है। और मीडिया ही उसे बनाए हुए है। आइए देखें कैसे। पार्टी और भक्त कह रहे हैं, मीडिया फैला रहा है कि नरेन्द्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है पर असल में पार्टी के पास स्मृति ईरानी का …

नायडू-राहुल मिलन पर द टेलीग्राफ में प्रकाशित खबर और शीर्षक सबसे अलग, आप भी पढ़ें

आज दो नवंबर के अखबारों में सबसे बड़ी राजनीतिक खबर यह है कि तेलुगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू कल राहुल गांधी से मिले। तेलंगाना में मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की और भाजपा के खिलाफ दूसरे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन बनाने पर काम कर रहे हैं। हिन्दी अखबारों …

सरकार के खिलाफ दो में से एक ही खबर पहले पेज पर है

आज की खबरों में सबसे प्रमुख है, सरकार, आरबीआई और उर्जित पटेल का विवाद और पटेल  इस्तीफा दे सकते हैं जैसी खबर के साथ रिजर्व बैंक के मामले में पहली बार धारा सात लागू किया जाना। इस पर कांग्रेस और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण है। दैनिक भास्कर ने इस विवाद …

‘कालापानी’ दिए गए सीबीआई अधिकारी के आरोप हिन्दी अखबारों में नहीं हैं

कोलकाता के अंग्रेजी दैनिक, द टेलीग्राफ ने शॉकिंग एंड सॉरडिड (चौकाने वाला और घृणित) शीर्षक से सात कॉलम की लीड छापी है। इस खबर के मुताबिक, सीबीआई के एक अधिकारी, अजय कुमार बस्सी, जिनका तबादला ‘जनहित’ में पोर्ट ब्लेयर कर दिया गया था, ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत अपील दायर की है जिसमें उन्होंने …

“भगवान राम को फिर तारीख” से लेकर “मंदिर पर कोर्ट को जल्दी नहीं” तक !!

अखबारों में छपी खबरों के लिहाज से देखें तो आज फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिन है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित भूमि पर सुनवाई जनवरी तक टालने का फैसला दिया है। कुछ साल पहले तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीका-टिप्पणी नहीं होती थी। पर अब उसपर भी चर्चा होती …

खबरों का संकट और छह साल पुराने बयान पर बवाल

घटना प्रधान खबरों का संकट आज के अखबारों में भी दिख रहा है। अंग्रेजी अखबारों में इंडियन एक्सप्रेस ने आज, “सरकार बनाम आरबीआई” फ्लैग शीर्षक से जो खबर लीड बनाई है उसका मुख्य शीर्षक है, “छोटी फर्मों को कर्ज देना आसान करने, उधार देने के नियमों में छूट के लिए आरबीआई पर दबाव”। उपशीर्षक है, …

राकेश अस्थाना बचे हुए लग रहे हैं लेकिन मामला तोते उड़ने का ही है

जेटली के बयान को इतनी प्रमुखता मिलने का राज कुछ तो होगा सीबीआई में राकेश अस्थाना को सरकार ने विशेष निदेशक के रूप में बैठाया था। अस्थाना पर आरोप थे, इसके बावजूद। आलोक वर्मा (तकरीबन) कायदे से चुने गए थे। अस्थाना ने उनपर आरोप लगाया। फिर दोनों लड़ने लगे। अब दोनों पर आरोप थे। दोनों …

कांग्रेस और राहुल गांधी पहले पन्ने पर, सबके तोते उड़े ही प्रमुख खबर

सीबीआई पर सरकार की आधी रात की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की खबर और इसके विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन की खबर सभी अखबारों में पहले पन्ने पर है। खास बात यही है कि कांग्रेस और राहुल गांधी अखबारों के पहले पन्ने पर आ गए हैं और सरकारी गति से चलने वाली जांच को दो …

सरकार ने अपना अनाड़ीपन दिखा दिया

दो मातहतों में झगड़ा हो तो सबसे उचित यही होता है कि दोनों को पहले झगड़ा निपटाने के लिए कहा जाए और इसके लिए उन्हें पद से हटाना पहली जरूरत है। अगर झगड़े का कारण भ्रष्टाचार का आरोप हो और झगड़ने वाले ऐसे आरोंपों की जांच करने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित कही जाने वाली …

खबर एक, छापने का अंदाज अलग, दैनिक जागरण तो प्रभावित पक्ष बन गया

जबरन छुट्टी पर भेजे गए, कथित रूप से हटाए गए और फिर इनकार किए जाने की खबरों के बीच सीबीआई के जैसे भी प्रमुख मानिए, आलोक वर्मा के घर पर (सरकारी) जासूसी के आरोप का अपना महत्व है और सरकार ने भले ही उसे रूटीन जांच बताकर खारिज कर दिया पर ऐसी जांच होती है …

सीबीआई की खबरों में सवाल ज्यादा जवाब कम हैं फिर भी जवाब पहले!

आज के अखबारों में तो सीबीआई की ही खबर सबसे प्रमुख होनी थी। ऐसी खबरों के साथ कोई विवाद नहीं रहता है तो सभी अखबार एक से लगते हैं। खबरों में खेल समझने के लिए आज जैसे दिन दिलचस्प और खास महत्व के होते हैं। आइए देखें अखबारों ने इस खबर को कैसे प्रकाशित किया …

श्रीमान स्वच्छ की नाक के नीचे गंदे खेल और दैनिक जागरण की खबर !!

सीबीआई का मामला दिलचस्प होता जा रहा है। दो बड़े अधिकारियों की लड़ाई के बहाने उसके चौंकाने वाले कारनामे बाहर आ रहे हैं और इसका असर सीबीआई के साथ-साथ भारत की साख पर भी पड़ेगा। यही नहीं, सीबीआई सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन है तो आरोपों के छींटे वहां तक भी जाएंगे ही। कृपया हमें …

जेटली पर राहुल के आरोप की खबर नहीं ही दी अखबारों ने

आज के अखबारों में सरकार के खिलाफ खबर छापने की होड़ दिख रही है। सीबीआई पर सीबीआई के छापे की खबर को सबने खूब प्रमुखता से छापा है क्योंकि इसे रोकने का कोई फायदा नहीं है। बदले में में राहुल गांधी के आरोप गोल कर गए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि वित्त मंत्री …

सीबीआई में घूसखोरी के भयंकर खुलासे को अखबारों ने भ्रष्टाचार के सामान्य मामले की तरह पेश किया!

इंडियन एक्सप्रेस ने आज पहले पेज पर छह कॉलम में सीबीआई की खबर छापी है जो कल ही सोशल मीडिया पर खूब घूम रही थी। सीबीआई के नंबर वन बनाम नंबर टू के इस मामले में एक्सप्रेस के शीर्षक का हिन्दी होगा, सीबीआई में एक दूसरे पर कीचड़ फेंके गए, दर्जन भर से ज्यादा शिकायतों …

एक अच्छी खबर का उदाहरण जिसे टेलीग्राफ ने प्रेस ट्रस्ट के हवाले से प्रकाशित किया है

आज के अखबारों में छपी अमृतसर रेल हादसे की खबर पर आप मेरी पोस्ट, ‘अमृतसर रेल हादसे का दोषी तलाश रहे हैं अखबार वाले‘ पढ़ चुक होंगे होंगे। हादसे की खबर और आज उसका फॉलो अप हिन्दी के अखबार या अखबारों में पढ़ने के बाद इस विषय पर टेलीग्राफ में आज प्रकाशित इस खबर को …

अब अमृतसर हादसे का दोषी तलाश रहे हैं अखबार वाले

नवजोत कौर सिद्धू, ट्रेन का ड्राइवर, फाटक वाला और आयोजन समिति निशाने पर … आज के अखबारों में अमृतसर रेल हादसे का फॉलो अप प्रमुखता से छपा है। इसमें मुख्य बात यह है कि हादसे के कारण अमेरिका यात्रा छोड़कर लौटे रेल मंत्री की कोई सूचना कहीं प्रमुखता से नहीं है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा …

अमृतसर हादसे का ठीकरा सिद्धू की पत्नी पर फोड़ने की कोशिश

आज की खबरों में अमृतसर का ट्रेन हादसा सबसे महत्वपूर्ण है। पहले ऐसे हादसों में मृतकों की संख्या अक्सर अलग छपती थी पर इस बार खासियत है कि सबों (ज्यादातर) ने मृतक की संख्या 61 बताई है। हादसा दुर्घटना ही लगता है पर कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर मुख्य अतिथि …

संघ प्रमुख ने मांग की और ज्यादातर अखबारों ने बजा दिया भोंपू

यह नहीं बताया कि विजयादशमी पर पिछले पांच साल के भाषणों में नहीं था राम मंदिर का जिक्र चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की मंदिर बनाने की मांग अंग्रेजी-हिन्दी के सभी अखबारों में लीड है। आइए, देखते हैं हिन्दी अखबारों ने इसे कैसे किस शीर्षक से छापा है और …

अकबर का इस्तीफा और अंग्रेजी अखबारों के शीर्षक, सब अलग, सब दिलचस्प

आज की खबरों में निश्चित रूप से अकबर के इस्तीफे की खबर सबसे महत्वपूर्ण है। वैसे तो सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला कम महत्वपूर्ण नहीं है पर उत्तर भारत और उसमें भी हिन्दी भाषियों के अखबार में इसे कम महत्व दिया जाना समझ में आता है। हालांकि, यह मामला टीआरपी का ही …

अकबर के खिलाफ गवाही की पेशकश की खबर फिर पी गए कई अखबार

भारत में मीटू अभियान के दूसरे दौर के ज्यादातर हमले झेलते हुए केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पूरी मजबूती से राज्य मंत्री की कुर्सी संभाले हुए हैं। उन्होंने सबसे पहले आरोप लगाने वाली सिर्फ एक पत्रकार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया है। समझा जा रहा था कि यह बाकी पत्रकारों को डराने धमकाने के लिए …

चड्ढी पहने खड़ा था अकबर, जबरन जकड़ कर चूम लिया!

पत्रकार तुशिता पटेल बोलीं- तुझसे अदालत में भी निपट लेंगे अकबर! प्रिया रमानी ने लिखा है कि अकबर ने कुछ “किया” नहीं। इसी आधार पर अकबर कह रहे हैं कि कुछ किया नहीं तो यह सब (मीटू) काहे का। अवमानना हो गई। प्रिया रमानी के खिलाफ अदालत में अवमानना का मामला दाखिल किए जाने से …

‘गोदी मीडिया’ छाप अखबारों ने अकबर के बचाव में लिखना जारी रखा, देखें आज का कवरेज

मोदी सरकार के लिए छवि निर्माण और ‘ब्रांडिंग’ में हिन्दी अखबारों की भूमिका… मीटू अभियान के तहत लगाए जाने वाले आरोपों पर कई दिनों तक चुप रहने वाले हिन्दी अखबारों ने विदेश मंत्री एमजे अकबर के स्वदेश लौटने पर उनके बचाव और उनकी कार्रवाइयों को प्रमुखता से छापना शुरू कर दिया है। कल अदालत जाने …

अकबर असल में अवमानना कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं!

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री का खंडन पढ़ रहा था और यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि 97 वकीलों की लॉ-फर्म की ताकत एक महिला पर क्यों? या बाकी पर क्यों नहीं? हिन्दी अखबारों में छपा नहीं और शिकायत अंग्रेजी में है तो शायद आपने पढ़ा न हो या ध्यान नहीं दिया हो – …

अकबर पर लगे आरोप न बताने वाले अखबारों ने उनका जवाब छाप ‘गोदी मीडिया’ का धर्म निभाया

केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ आरोप नहीं छापने वाले हिन्दी अखबारों ने आज उनका जवाब पूरे विस्तार से और पूरी प्रमुखता से छापा है। नवभारत टाइम्स में आज पहला पेज पूरा विज्ञापन है पर मास्टहेड के बगल में ईयर पैनल में अकबर की फोटो के साथ लिखा है, दरबार में बने रहेंगे अकबर, जवाब …

विनोद दुआ पर मीटू के आरोप से मैं सहमत नहीं हूं

यह लड़की से ठीक से बात न करने, अश्लील चुटकुला सुनाने, चेहरा देखकर लार टपकाने का मामला हो सकता है। यौन शोषण का भी माना जा सकता है पर बार-बार कोशिश नहीं की गई है और ना बार-बार जबरदस्ती गई है इसलिए मीटू नहीं है। मीटू बहुत गंभीर है और भयंकर किस्म का यौन शोषण …