यूट्यूब खबरिया चैनलों की बाढ़, जहां देखो डंडे पर माईक लगाकर मीडिया वाले बने बैठे हैं…

फर्जी चैनलों की बाढ़, सरकारी अंकुश नहीं, शातिर मालिक सैलरी नहीं देते… यूट्यूब खबरिया चैनलों की बाढ़ आई हुई है, जहा देखो डंडे पर माईक का डंडा लगाकर कथित शातिर मालिक जनता, सरकार, पुलिस प्रशासन को बेवकूफ बना रहे हैं… हालांकि सरकार ने इन्हें किसी तरह की परमिशन नहीं दी हुई है लेकिन फिर भी …

ये Google भी ‘गोदी’ हो गया भइया… सत्ता कहने वाले Youtube चैनलों की खैर नहीं!

Yashwant Singh : ये गूगल भी ‘गोदी’ हो गया भइया. ये गूगल भी बिक गया भइया. अखबार वाले और टीवी वाले तो पहले से ही बिके हुए हैं. रही बात गोरमेंट की तो वो तो आने के पहले से बिकी हुई है, अडानी-अंबानी के हाथों. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

मोदी सरकार पर सवाल उठाने वाले YouTube चैनलों पर Google गिरा रहा ग़ाज़!

प्रिंट मीडिया और टीवी न्यूज चैनलों के बाद अब गूगल भी बिक गया. आनलाइन दुनिया का बादशाह कहे जाना वाला गूगल अब मोदी सरकार के कदमों में लोट चुका है. मोदी सरकार संरक्षित बीजेपी आईटी सेल वालों की निशानदेही पर चुन-चुन कर उन यूट्यूब चैनलों पर ग़ाज़ गिराई जा रही है जो मोदी सरकार के …

गूगल वाले विशुद्ध रूप से चोट्टे और ठग हैं… देखिए उनका कारनामा

Yashwant Singh : गूगल वालों की चोट्टई की हद. मेल भेजे हैं कि भड़ास के यूट्यूब चैनल पर विज्ञापन बंद किया जा रहा है. कारण कुछ नहीं बताए. एकदम तानाशाहों वाली शैली है. पर मजेदार ये देखिए कि विज्ञापन बंद करने की सूचना देने के बाद भी विज्ञापन चलाए जा रहे हैं और उसका पइसा …

गूगल वाले बिना कारण बताए किसी भी यूट्यूब चैनल का विज्ञापन बंद कर देते हैं!

Yashwant Singh : गूगल मुर्दाबाद. इन सालों ने भड़ास के यूट्यूब चैनल पर विज्ञापन बंद कर दिया. अचानक. बिना कोई कारण बताए. ये भी नहीं बताए कि किस वीडियो पर किस किस्म की आपत्ति है. ये तो सरासर चिरकुटई है. आपकी मोनोपोली है तो इसका मतलब ये नहीं कि आप पागलों जैसे फैसले करने लगेंगे. …

IPS Ajay Pal Sharma का ये वीडियो भड़ास के यूट्यूब चैनल पर बना नंबर वन, 32 लाख बार देखा गया

Yashwant Singh : जैसे आदमी को कुछ पता नहीं होता कि उसकी तकदीर, भाग्य, नियति में क्या लिखा-छिपा है… वैसे ही यूट्यूब पर चैनल चलाने वालों को पता नहीं होता कि व्यूवर किस वीडियो को सिर माथे पर लेकर उसे सरताज बना देगा और किन अच्छे खासे वीडियोज को ठुकरा कर किनारे लगा देगा…भड़ास के …

भड़ास4मीडिया की खबरें अब यूट्यूब पर भी मिलेंगी, करें चैनल को सब्सक्राइब

अगले कुछ दिनों में भड़ास4मीडिया की खबरें वीडियो फार्मेट में यूट्यूब पर भी मिला करेंगी. इसके पीछे तीन कारण हैं. अगर कोई बड़ी खबर है और उसे तुरंत शेयर करना है तो यूट्यूब के जरिए लाइव उसे ब्राडकास्ट कर दिया जाए. बाद में इत्मीनान से उसे भड़ास4मीडिया पर लिखा-पढ़ा जाए. दूसरा कारण है यूट्यूब के जरिए लाइव ब्राडकास्ट के एक बेहतरीन विकल्प का इस्तेमाल बढ़ाना ताकि इस माध्यम से उन खबरों को सामने लाया जाए जिसे आम तौर पर टीवी / चैनल वाले इग्नोर करते हैं.

अलीगढ के लड़के को मिला Youtube से सिल्वर प्ले बटन

सर मेरा नाम बबलू राघव है. मैं एक यूट्यूबर हूँ. जाहरवीर नगर बरौला बाई पास का रहने वाला हूँ. यूट्यूब पे मेरा चैनल है जिसका नाम है ‘टेक्निकल राघव’. इस चैनल के 2 लाख 92 हजार सब्सक्राइबर हैं. करीब 2 करोड़ व्यू हैं. यूट्यूब पर मेरे चैनल के एक लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर होने के उपलक्ष्य में यूट्यूब ने मुझे सिल्वर प्ले बटन अवार्ड से नवाजा है. यूट्यूब की शुरुआत मैंने आज से एक साल पहले की थी.

यशवंत ने निदा फ़ाज़ली को कुछ इस तरह दी श्रद्धांजलि (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : निदा फ़ाज़ली साहब के न रहने पर उनकी वो नज़्म याद आती है जिसे उन्होंने अपने पिता के गुजर जाने पर लिखा था… ”तुम्हारी कब्र पर मैं, फ़ातेहा पढ़ने नहीं आया, मुझे मालूम था, तुम मर नहीं सकते.” इस नज़्म को आज पढ़ते हुए खुद को मोबाइल से रिकार्ड किया. इसी नज़्म की ये दो लाइनें:

तुम्हारी मौत की सच्ची खबर, जिसने उड़ाई थी, वो झूठा था,
वो तुम कब थे? कोई सूखा हुआ पत्ता, हवा मे गिर के टूटा था।

यूट्यूब की तरह फेसबुक भी वीडियो अपलोड करने वालों को देगा कमाई करने का मौका

जैसे यूट्यूब पर लोग वीडियो अपलोड करके पैसे कमाते हुए, उसी तरह फेसबुक पर भी ओरिजनल वीडियो अपलोड करने वाले कमाई कर सकते हैं. फेसबुक एक नया फीचर जोड़ने जा रहा है. इसके तहत अगर आप अपनी टाइमलाइन या फेसबुक पेज पर कोई वीडियो अपलोड करते हैं तो फेसबुक उस पर एड चलाएगा और इससे होने वाली आमदनी को आपके साथ शेयर भी करेगा. वीडियो ओरिजनल होना चाहिए और उस पर किसी का कॉपीराइट नहीं होना चाहिए.

इंडिया टुडे वालों के फर्जी सर्वे की खुली पोल, केजरीवाल ने पूछा- क्या यही है पत्रकारिता?

इंडिया टुडे समूह के फर्जी सर्वे और घटिया पत्रकारिता से अरविंद केजरीवाल नाराज हैं. अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्टवीट करके लोगों से पूछा है कि क्या इसे ही पत्रकारिता कहते हैं? साथ ही केजरीवाल ने एक वीडियो लिंक दिया है जिसमें इंडिया टुडे के फर्जी सर्वे की असलियत बताई गई है. अरविंद केजरीवाल के पेज पर शेयर किए गए लिंक से यू-ट्यूब पेज पर जाने पर एक वीडियो मिलता है. इस वीडियो में दिखाया गया है ‌कि देश का नामी इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा न्यूजफिल्क्स डाट काम नामक एक वेबसाइट के जरिए एक सर्वे कराया रहा है जिसमें लोगों से पूछा गया है कि वह केजरीवाल को कितना नापसंद करते हैं और ये कि क्या आप केजरीवाल को दोबारा मौका देंगे?