हिन्दुस्तान, लखनऊ से जुड़े वैभव और दिलीप

हिंदुस्‍तान, लखनऊ से खबर है कि वैभव सिंह एवं दिलीप गुप्‍ता ने अपनी नई पारी शुरू की है। दोनों को रिपोर्टर बनाया गया है। वैभव दैनिक जागरण, लखनऊ से इस्‍तीफा देकर हिंदुस्‍तान पहुंचे हैं। वे काफी समय से जागरण को अपनी सेवाएं दे रहे थे। दिलीप ‘अमर भारती’ के साथ जुड़े हुए थे।

‘आज तक’ में वीडियो एडिटर रहे संजय विद्यार्थी की सड़क दुर्घटना में मौत

‘आज तक’ से निकाले गए वीडियो एडिटर संजय विद्यार्थी की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी है। वे अपनी बाइक द्वारा पटेल नगर से इंदिरापुरम अपने घर जा रहे थे। ‘आज तक’ ने कल ही उनसे से जबरन इस्तीफा ले लिया था। वे पिछले सात-आठ सालों से ‘आज तक’ में काम कर रहे थे।

सुदर्शन न्यूज के न्यूज रूम में हाथापाई और गालीगलौज

सुदर्शन न्यूज से सूचना मिली है कि पिछले दिनों यहां भरे न्यूज रूम में दो पत्रकारों के बीच हाथापाई और गाली-गलौज हुई. बताया जाता है कि आउटपुट हेड योगेश गुलाटी और सीनियर रिपोर्टर राकेश के बीच विवाद शुरू हुआ जो काफी बढ़ गया. चैनल के मैनेजिंग एडिटर नवीन पांडेय ने बीच-बचाव की कोशिश की पर मामला शांत नहीं हो सका. कहने वाले कह रहे हैं कि आफिस में पुलिस भी आई.

राजस्थान पत्रिका के कई संस्करणों में बड़े पैमाने पर फेरबदल

राजस्थान पत्रिका समूह ने जयपुर शहर में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की रणनीति बनाई है। इसके लिए डेली न्यूज और न्यूज टूडे के साथ राजस्थान पत्रिका से भी चुनिंदा रिपोर्टर को हायपर लोकल प्रोजेक्ट के तहत अहम जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। डेली न्यूज अखबार के स्टार रिपोर्टर परमेश्वर शर्मा का तबादला राजस्थान पत्रिका में किया गया है। परमेश्वर को जयपुर शहर की चारदीवारी परकोटा से निकलने वाले पत्रिका परकोटा का प्रभारी बनाए जाने की सूचना है।

गुजरात के इस बेशर्म टीवी पत्रकार को कोई खाना दो

hello yashwant sir, सर मैं गुजरात से चलने वाले गुजराती चैनल संदेश में कार्यरत हूं। सर हमारे यहां एक पत्रकार ऐसा भी है जो बहुत सीनियर हैं। लेकिन उनकी हरकतों की वजह से चैनल का जूनियर स्टाफ काफी परेशान हैं क्योंकि वो अपने खाने पीने के लिए जूनियर स्टाफ का इस्तेमाल करते हैं। जैसे कि खाना खाना हो तो किसी जूनियर को साथ ले लेते हैं और पैसे बेचारे जूनियर को चुकाने पड़ते हैं।

उत्तराखंड की नंबर एक पत्रिका ‘जनपक्ष आजकल’ बंद होने के कगार पर है

खबर है कि उत्तराखंड की नंबर एक पत्रिका ‘जनपक्ष आजकल’ बंद होने के कगार पर है. अनियमित प्रकाशित हो रही पत्रिका ‘जनपक्ष आजकल’ का पंजीकृत कार्यालय ११/१० राजपुर रोड देहरादून एक माह से ज्यादा से बंद है. कार्यालय में कार्यरत विशेष सवांददाता हरिशंकर सैनी भी देहरादून में कहीं नज़र नहीं आते हैं.  गौर करने वाली बात यह है कि पत्रिका ‘जनपक्ष आजकल’ के कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण पत्रिका को छोड़ कर जा चुके हैं.

नेशनल दुनिया ने विनय कुमार को फरवरी से वेतन नहीं दिया

VINAY

जयपुर। नेशनल दुनिया के एजीएम सर्कुलेशन विनय कुमार झा को संस्थान द्वारा फरवरी 2014 से वेतन नहीं दिया गया है। बेहद तनाव में चल रहे विनय कुमार कुछ दिनो पहले जयपुर हाईवे पर एक कार की टक्कर से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके दाहिने हाथ और पैर में गम्भीर चोटे आईं।

फर्ज़ी स्ट्रिंगर्स यानी ‘मीडिया में दीमक की धमक’

उत्तराखंड में देहरादून सहित जोशीमठ, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, के अलावा अन्य क्षेत्रों में किसी भी नेशनल चैनल का कोई भी ब्यूरो ऑफिस नहीं है। मैं खुद बतौर स्ट्रिंगर काम कर चुका हूँ। मैंने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और ब्यूरो से बढ़ कर काम करके चैनल को महत्वपूर्ण खबरें भी दी। फिर मुझे चैनल के तमाम सेग्मेंट विशेषकर, खौफ, वारदात, स्पेशल रिपोर्ट, धर्म, चलो छुट्टी मनायें के अलावा राजनीति से लेकर हर छोटी बड़ी ख़बरों पर काम करने का मौका मिला। चैनल से विदाई लेने से पहले मैने  “आज तक”  में स्ट्रिंगर न्यूज एजेंट के तौर पर जोशीमठ (चमोली) से कमल नयन कन्नू, रुद्रप्रयाग से मुकेश, टिहरी से अरविन्द और पौड़ी से चौधरी को मैंने ही 2011 में “आज तक” के लिए स्ट्रिंगर बनाया। जिनमें से जोशीमठ के स्ट्रिंगर कमल नयन को मैंने काफी ट्रेनिंग दी। वह आज भी बतौर न्यूज़ एजेंट काम कर रहा है लेकिन अन्य सभी ने मेरे चैनल छोड़ने के वक्त से ही काम करना बंद कर दिया था।

पंजाब में लागू नहीं हुआ मजीठिया, केन्द्रीय श्रम सचिव से हस्तक्षेप की मांग

पंजाब में किसी भी समाचार पत्र संस्थान द्वारा मजीठिया वेज बेर्ड की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया है। पंजाब और चंडीगढ़ की समाचार पत्र और समाचार एजेन्सी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष केके महेन्द्रू ने इस संबंध में भारत सरकार के श्रम और रोज़गार विभाग के सचिव को पत्र लिख कर शिकायत की है। उन्होने लिखा है कि मजीठिया के संबंध में राज्य सरकार और उसके श्रम विभाग को कई पत्र लिखे गए लेकिन राज्य सरकार समाचार पत्र मालिकों के दवाब में इस मसले को गम्भीरता से नहीं ले रही है।

ऑरकुट को बंद करेगा गूगल, काम करने के लिए बेस्ट कंपनी गूगल

गूगल से जुड़ी दो प्रमुख खबरें हैं. गूगल ने सोमवार को कहा कि वह ऑरकुट को बंद कर रहा है और वह यू ट्यूब, ब्लॉगर और गूगल प्लस सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा जो ज्यादा लोकप्रिय साबित हो रहे हैं.  दस वर्ष पुराना ऑरकुट सितंबर से बंद हो जाएगा. गूगल के इंजीनियरिंग निदेशक पॉल गोलघर ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, पिछले दशक में यू ट्यूब, ब्लॉगर और गूगल प्लस ज्यादा लोकप्रिय हुए हैं. ऑर्कुट ब्राजील में आज भी काफी लोकप्रिय है. दो साल पहले ऑर्कुट वहां फेसबुक को टक्कर देता दिखा था. गूगल ने 2011 में गूगल प्लस नाम से सोशल नेटवर्किंग सर्विस लॉन्च की.  इससे यह तय माना जा रहा था कि वह ऑर्कुट को बंद कर सकता है.

फ्लिपकार्ट पर 2719 बेस्ट सेलिंग किताबों में 86 हिंदी की

Shailesh Bharatwasi : भारत में ऑनलाइन ख़रीदारी का प्रचलन बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। लोग मोबाइल, लैपटॉप, टैब, जूते, चप्पल, कपड़े ऑनलाइन ख़रीदने से भले ही एक बार हिचकते हों लेकिन किताबें ख़रीदने में बिलकुल नहीं हिचकते क्योंकि उन्हें लगता है कि किताबों में ये ऑनलाइन कंपनियाँ क्या बेईमानी करेंगी! इसी कारण सभी ईकॉमर्स पोर्टल हर किताब के ऑर्डर पर रु 200-रु 300 का घाटा सहते हुए भी किताबों को ख़ुशी-ख़ुशी बेचते हैं ताकि लोगों को ख़रीदारी के इस नए तरीक़े पर भरोसा जम सके।