चंदौली में जमीन पर कब्जा दिलाने में दो पत्रकार गए जेल

चंदौली में पत्रकारिता का रौब गाठ कर दलित के जमीन पर जबरिया कब्ज़ा दिलाने के प्रयास में दो पत्रकारों को खानी पड़ी जेल की हवा। मामला धीना थाना क्षेत्र के एवती गांव का है, जहाँ ग्राम प्रधान ओम प्रकाश यादव के तहरीर पर पुलिस ने खुद को इलेक्ट्रानिक मीडिया का पत्रकार बता कर ग्रामीणों को सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ उसकाने व अभद्र व्यवहार के आरोप में चार लोगों को जेल भेज दिया गया। पांचवां व्‍यक्ति मौके का फायदा उठाकर वह से खिसक लिया।

मुफलिसी में जीवन गुजारने वाले चंदौली के वरिष्‍ठ पत्रकार दीनानाथ वर्मा का इलाज के अभाव में निधन

मुगलसराय। नगर के वरिष्ठ पत्रकार दीनानाथ वर्मा का लम्बी बिमारी के बाद गुरुवार की प्रातः मनोहरपुर स्थित कांशीराम शहरी आवास स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। श्री वर्मा के निधन की खबर सुनते ही पत्रकारों में शोक की लहर व्याप्त हो गयी। वे अपने पीछे पत्‍नी और दो पुत्र छोड़ गये। दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुआ।। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र ने दी। दैनिक जागरण, हिंदुस्‍तान समेत कई समाचार पत्रों में अपना योगदान दे चुके दीनानाथ वर्मा अपने तेवर व स्वाभिमान के लिये जाने जाते रहे हैं। 80 के दशक से उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और फिर किसी दूसरे क्षेत्र की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। वह अपने तेवर व स्वाभिमान के कारण हमेशा मुफलिसी में रहे। लाख समस्या रही हो उन्होंने कलम से समझौता नहीं किया। कई बार इसके लिए उन्हें प्रताड़ित भी होना पड़ा लेकिन उन्होंने लेखनी को नहीं छोड़ी।

मानिए न मानिए, अनुराग कश्‍यप नाम का ये आदमी संदिग्‍ध है

Abhishek Srivastava : अतिरिक्‍त काबिलियत और कलाकारी को छोड़ दें, तो अनुराग कश्‍यप के किसी भी उद्यम में मुझे पता नहीं क्‍यों उनकी नीयत पर संदेह होता है। मसलन, 14 जुलाई से सोनी टीवी पर शुरू हुए ”युद्ध” नाम के धारावाहिक को लें जो अमेरिकी धारावाहिक ”बॉस” की नकल है और अपनी आज़ादी वाले दिन से ठीक आधा घंटा पहले यानी 14 अगस्‍त की रात साढ़े ग्‍यारह बजे खत्‍म हो जाएगा। दो महीने में यह सीरियल क्‍या तीर मारेगा यह तो नहीं मालूम, लेकिन बड़ी स्‍टार कास्‍ट की खिचड़ी और सस्‍पेंस थ्रिलर के बहाने यह प्रोग्राम टीवी देखने वाले मध्‍यवर्ग के दिमाग में शायद कुछ धारणाएं रोपना चाह रहा है।

भ्रष्ट अफसर के कहने पर ईमानदार पत्रकार को नौकरी से निकाल दिया महेंद्र मोहन गुप्ता ने!

दैनिक जागरण में एक ईमानदार पत्रकार की नौकरी ले ली गई. मामला लखनऊ का है. पारितोष मिश्रा ने यूपीटीयू के करप्शन को लेकर लगातार खबरें लिखी. यूपीटीयू के रजिस्टार यूएस तोमर ने पारितोष को भांति भांति के प्रलोभन दिए पर पारितोष झुके नहीं. दैनिक जागरण में पारितोष की यूपीटीयू में करप्शन को लेकर खबरें छपती रही और इन खबरों का असर ये हुआ कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक जांच कमेटी बना दी.

प्रेस क्लब मुंबई के चुनावों में गुरबीर पैनल की हवा निकालेंगे मयूर पारीख!

मुंबई – मुंबई प्रेस क्लब के चुनाव 26 जुलाई शनिवार को होने जा रहे हैं। इस बार के चुनावों में पिछले 11 सालों से एकछत्र राज करने वाले गुरबीर सिंह पैनल का गुलाल उड़ रहा है। अतिथि देवो भव: कहने वाली हमारी भारतीय संस्कृति में गुरबीर के कार्यकाल में प्रेस क्लब टोल नाका बन चुका है। यहाँ मेंबर के साथ आने वाले लोगों से प्रति व्यक्ति 50 रुपए गेस्ट फ़ीस ली जाती है। खाने के दाम तो बढे ही ऊपर से टैक्स बोनस में है। प्रेस क्लब पत्रकारों से ज्यादा कॉर्पोरेट मेंबर्स का पक्का ठीहा बन गया है। ये मेंबर्स अपना स्थाई अड्डा समझ कर दिल फेंक कर जाम से जाम छलकाते हैं। पत्रकारों के बैठने की जगह हो या न हो, इन मेंबर्स के ठेंगे से है।

गाज़ा पट्टी के मज़लूमों पर इस्राइल का कहर

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एडोल्फ हिटलर 1933 में र्जमनी की सत्ता में आया था। उसने यहूदियों को इंसानी नस्ल का हिस्सा नहीं माना। 1939 में र्जमनी द्वारा दूसरा विश्व युद्ध भड़काने के बाद हिटलर ने यहूदियों को जड़ से मिटाने के लिए अंतिम हल यानी ‘फाइनल सोल्यूशन’ के तहत एक-एक यहूदी को मारने का बीड़ा उठाया था। यहूदियों का कत्लेआम करने के लिए उन्हें विशेष कैंपों में लाया जाता और बंद कमरों में जहरीली गैस छोड़कर उन्हें मार डाला जाता। दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद जो दस्तावेज सामने आए हैं, उनसे पता चलता है कि हिटलर दुनिया में एक भी यहूदी को जिंदा नहीं देखना चाहता था। दस्तावेज कहते हैं कि छह साल में नाजियों ने लगभग 60 लाख यहूदियों को मार डाला, जिनमें 15 लाख बच्चे भी थे। हालांकि इसका कोई सटीक जवाब आज तक नहीं मिल पाया है कि हिटलर को यहूदियों से इतनी नफरत क्यों थी? लेकिन माना जाता है कि र्जमनी यह मानते थे कि यहूदियों की हर हाल में र्जमनों की मुखालफत करने की नीति रही है, इसलिए यहूदियों को खत्म कर दिया जाए, तो सभी समस्याओं का हल हो जाएगा। हिटलर ने यहूदियों के साथ जो किया, उसके लिए हिटलर को कभी माफ नहीं किया गया। हिटलर को जालिम और यहूदियों को मजलूम माना जाता है।

मुकेश बने मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के सम्भागीय उपाध्यक्ष

पन्ना। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पन्ना जिले में हुए सम्मेलन में श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया की अनुशंसा पर युवा पत्रकार मुकेश विश्वकर्मा को सागर सम्भाग के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया। मुकेश को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये सम्मानित भी किया गया। उपस्थित पत्रकारो ने उनको बधाई एंव शुभकामनाये दीं।

अनूप, संदीप का न्यूज़ टुडे से इस्तीफा, लोकसभा टीवी से जुड़ेंगे अभिलाष

राजस्थान पत्रिका के जूनियर अखबार न्यूज टुडे में कायर्रत वरिष्ठ संवाददाता अनूप सोनी ने इस्तीफा दे दिया है। वे पिछले नौ वर्षों से संस्थान से जुड़े हुए थे। वरिष्ठ उपसंपादक संदीप चौरे ने भी न्यूज़ टुडे से इस्तीफा दे दिया है।

सिडकुल भूमि घोटालाः भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में दीपक आजाद का साथ दें

अमूमन व्यावसायिक मीडिया बाजार के दबाव में ऐसी खबरें अब नहीं देता, लेकिन उस सुबह उमर उजाला ने जिन वजहों से भी छापी हो, यह खबर छाप दी कि सिडकुल हरिद्वार और पंतनगर में जमीन के एक बड़े घोटाले के बाबत हाईकोर्ट ने सरकार से आख्या माँगी है। इस खबर को पढ़ते ही मैंने दीपक …

शिवसेना के संवेदनहीन ‘माननीय’

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शिवसेना, शुरुआत से ही अपनी मुस्लिम विरोध की राजनीतिक मानसिकता के लिए जानी जाती रही है। मुंबई से प्रकाशित होने वाले इनके मुखपत्र ‘सामना’ में अक्सर विवादित और भड़काऊ किस्म के लेख और संपादकीय टिप्पणियां प्रकाशित होती रहती हैं। ताजा मामला शिवसेना की बेलगाम और संवेदनहीनता की राजनीति समझने के लिए शायद काफी हो। बात पिछले दिनों की है। शिवसेना के सांसद राजन विचारे और उनके साथ के कई और सांसदों के समूह ने यहां महाराष्ट्र सदन में जमकर दादागीरी की। सदन की कैंटीन में रोटी की गुणवत्ता को लेकर शिवसेना के माननीय राजन विचारे को गुस्सा आ गया, तो उन्होंने सबके सामने ही कैंटीन के प्रबंधक अरशद जुबैर को अपशब्द कहने शुरू किए। कर्मचारी सांसदों के गुस्से से सहम गए थे। लेकिन, शिवसेना के माननीय गालियां बके जा रहे थे। इतना ही नहीं सांसद विचारे ने तो अरशद के मुंह में रोटी ही ठूंस दी। जबकि, वे रोजे से थे।

एक रोटी पर इतना बवाल… आखिर क्यों?

VICHARE

मुस्लिम समुदाय के पवित्र रमजान माह में महाराष्ट्र सदन में शिवसेना के सांसद द्वारा रोजेदार व्यक्ति के मुंह में कथित तौर पर रोटी ढूंसने के मामले ने संसद में तो हंगामा मचाया ही, घटना की व्याख्या ने इसे सांप्रदायिक रंग भी दे दिया| दरअसल बात पूरी तरह से महाराष्ट्र सदन में अव्यवस्था को लेकर थी| उपेक्षा और सदन में खाने-पीने की व्यवस्था से नाराज सेना सांसदों ने १७ जुलाई को सदन के प्रेस हॉल में बैठक की और उसके बाद ये लोग मैनेजर के साथ पब्लिक डाइनिंग हॉल में पहुंच गए| रोटी की गुणवत्ता से नाराज सांसदों ने आईआरसीटीसी के रेजिडेंट मैनेजर अरशद को एक रोटी खाने के लिए मजबूर किया, जबकि वह रोजे से था| घटना के बाद अगले दिन १८ जुलाई को सांसदों के दुर्व्यवहार के विरोध में कैटरिंग का जिम्मा संभाल रही आईआरसीटीसी ने सदन में अपनी सेवाएं बंद कर दी|

कमाई के हिसाब से क्लास वन की श्रेणी में आते हैं एचटी मीडिया के अख़बार फिर भी नहीं दिया मजीठिया

To,Shri D. C. Goswami,The Hon’ble Minister,Labour Resources Department,Government of Bihar,Patna, Bihar. Sub : Deplorable plight of the working journalists and non journalists employees of the HT Media Ltd. and Hindustan Media Ventures Ltd. Newspaper Establishment in the state of Bihar and Contravention of the order of the Hon’ble Supreme Court of India by the said …

‘न्यायाधीश’ पत्र समूह के संस्थापक-संपादक डॉ. रघुबीरचंद जिन्दल का निधन

इलाहाबाद। ‘न्यायाधीश’ पत्र समूह के संस्थापक एवं संपादक डॉ. रघुबीरचन्द जिन्दल का आज गुरुवार सुबह दिल्ली स्थित महराजा अग्रसेन हास्पिटल में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। हिन्दी पत्रकारिता को नई दिशा देने वाले डॉ. जिन्दल पिछले तीन माह से बीमार चल रहे थे। दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में उपचार के दौरान कोई सुधार न होने पर उन्हें महाराजा अग्रसेन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को सुबह उन्होंने अन्तिम सांस ली।

बब्लू प्रकरणः मामला लटकाने के लिए श्रम विभाग के नोटिसों को रिसीव नहीं कर रहा रांची भास्कर प्रबंधन

NOTICE 21.07.2014

दैनिक भास्कर रांची के एड शेड्यूलिंग विभाग में एक्ज़ीक्यूटिव पद पर कार्यरत बब्लू कुमार के मामले में रांची भास्कर प्रबंधन द्वारा केस को लम्बा लटकाने का प्रयास किया जा रहा है। मजीठिया सिफारिशों के संबंध में बब्लू द्वारा अन्य भास्कर कर्मियों के साथ रांची उप-श्रमायुक्त के यहां शिकायत की गई थी। उप-श्रमायुक्त द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए भास्कर प्रबंधन के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए उसके उच्च अधिकारियों को वार्ता के लिए तलब किया गया था। लेकिन भास्कर द्वारा उप-श्रमायुक्त द्वारा भेजे गए नोटिस को न तो रिसीव किया और न ही नियत तिथि पर वार्ता के लिए उपस्थित हुए।

मुंबई प्रेस क्लब चुनावः प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी

After the withdrawal of candidates on July 23, 2014 the following are the valid candidates for each post and the election required on July 26, 2014 as per the election notification. PRESIDENT: The following nominations are valid for the election to the one post of President for the year 2014-2016 1. Akolkar Prakash 2. Mishra …

अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ज़रूरी है कि पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए

बदायूं से लेकर बेंगलोर तक पुनः बर्बरता का प्रदर्शन हुआ है। चाहे 6 वर्ष की शहरी अबोध कन्या हो या ग्रामीण महिला, इन सब के साथ क्रूरतापूर्ण दुष्कर्म की घटनाएँ भारत सहित विश्वभर में खबर बन रही हैं। इतनी की, बड़े-बड़े राजनेता भी कह रहे हैं की समाज को आत्ममंथन की जरूरत है। ये लोग …

कोई ये क्यों माने कि भारत स्त्रियों का भी देश है?

ज़माना लोगों से मिलकर बनता है। लोग घरों से निकलते हैं। घर जोड़ियों से बनते हैं, जोड़ियाँ स्त्री और पुरुष से मिलकर बनाती हैं। औरतें घरों में बंद रखते-रखते, कामकाज और बच्चों के बहाने बाहर रहते-रहते पुरुष को एकाधिकार महसूस होने लगा और वह स्त्री को दूसरा पहिया या आधा विश्व समझने की बजाय पुरुष …

जस्टिस काटजू के खुलासे ने करायी कांग्रेस की फजीहत

कांग्रेस नेतृत्व को इधर लगातार झटके पर झटके लगता जा रहे हैं। ताजा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू के सनसनीखेज खुलासे का है। इसको लेकर पिछले दो दिनों से संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। अन्नाद्रमुक के सांसदों ने खास तौर पर नाराजगी के तेवर दिखाए। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कह दिया है कि उनकी सरकार राष्ट्रीय न्यायिक आयोग गठित करने के लिए संकल्पवान है। कोशिश की जाएगी कि उच्च स्तर पर न्यायपालिका में नियुक्तियों और पदोन्नतियों के मामले में ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता बरती जाए। ताकि, इस तरह के आरोपों और प्रत्यारोपों की स्थिति से बचा जा सके। इस मामले को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ही किरकिरी हुई है। इस प्रकरण में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को चुप्पी साधनी पड़ी। उन्होंने मीडिया से यही कहा कि उनके पास इस मामले में कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। क्योंकि, इस प्रकरण में तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री एचआर भारद्वाज पहले ही अपना बयान दे चुके हैं। सो, वे नहीं समझते कि उन्हें इस मामले में अब कुछ और कहने की जरूरत रह गई है। कांग्रेस नेतृत्व इस प्रकरण में अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए तमाम कोशिश कर रहा है। लेकिन, बात बन नहीं पा रही। क्योंकि, इस खुलासे से साफ हो गया है कि सत्ता बचाने के लिए मनमोहन सरकार ने किस हद तक राजनीतिक सौदेबाजी को स्वीकार किया था?

अपने बुने झूठ के जाल में फंस गया था 4रीयल न्यूज़

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इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए आज की सबसे बड़ी ख़बर ओमेगा ब्रॉडकास्ट प्रा. लि द्वारा संचालित 4रीयल न्यूज़ चैनल पर ताला लगना है। चैनल के लीगल रिपोर्टर धर्मेंन्द्र मिश्रा ने कानून का सहारा लेकर 4रीयल न्यूज़ को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। जानकारी के मुताबिक धर्मेंन्द्र ने 4रीयल न्यूज़ चैनल से जुड़ी कुछ गोपनीय जानकारी हासिल कर ली थीं। इस वजह से पूरे चैनल में भूचाल आ गया था। हालात यहां तक पहुंच गए कि चैनल के मालिक और सभी ज़िम्मेदार अधिकारियों के सर पर जेल जाने का ख़तरा मंडराने लगा था।

ग्राहकों तक आंकड़े पहुंचाने के लिए टैम ने लॉन्च किया मोबाइल एप्प

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टेलीविज़न दर्शक संख्या के आंकड़े प्रकाशित करने वाली टैम मीडिया रिसर्च ने अपने ग्राहकों (ब्रॉडकास्टरों, मीडिया एजेंसियों और विज्ञापनदाताओं) के लिए कहीं पर भी आसानी से आंकड़े उपलब्ध करवाने के लिए एक मोबाइल एप्प लॉन्च किया है।

अगस्त में आएंगी मीडिया नियंत्रण पर ट्राई की सिफारिशें

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भारतीय दूरसंचार विनियामक प्रधिकरण ‘ट्राई’ मीडिया नियंत्रण और स्वामित्व से संबंधित अपनी सिफारिशों को अगस्त के अंत तक पेश कर सकता है। सिफारिशो के जारी करने के संबंध में पूछे गए प्रशन के जवाब में ट्राई के चेयरमैन राहुल खुल्लर ने बताया अगले दो सप्ताह में सिफारिशों को जारी किया जा सकता है। थोड़ा समय और लगेगा लेकिन अगस्त के अंत तक हर हाल में सिफारिशों को जारी कर दिया जाएगा।

फीस वृद्धि के खिलाफ Galgotias College of Engineering and Technology के छात्रों ने किया मेन गेट पर कब्जा

ग्रेटर नोएडा में स्थित Galgotias College of Engineering and Technology के आंदोलनकारी छात्रों ने आज कालेज के मुख्य द्वार पर कब्जा जमा लिया और हर किसी को आने जाने से रोक दिया. ये छात्र कालेज प्रशासन द्वारा अचानक फीस वृद्धि के नाम पर बड़ी रकम ऐंठने का विरोध कर रहे थे. छात्रों की मांग बिना शर्त फीस वृद्धि वापस लेने की है. छात्रों ने सुबह से ही कालेज के सामने इकट्ठा होकर नारेबाजी शुरू कर दी थी. पहले छात्र गेट के सामने सड़क के दूसरे छोर पर बैठकर नारेबाजी कर रहे थे. बाद में मेन गेट पर आकर गेट बंद कर वहां कब्जा जमा लिया और बैठ गए.  छात्रों ने ‘गलगोटिया की मनमर्जी है, इसके स्कूल कालेज फर्जी हैं’ जैसे नारे भी लगाए. फीस वृद्धि के खिलाफ गलगोटिया इंजीनियरिंग कालेज के छात्रों के आंदोलन को चौतरफा समर्थन मिल रहा है.

मीडिया के शिकार होते जा रहे डॉ. कृष्णमोहन के मामले का सच

डॉ. कृष्णमोहन और किरण का मुद्दा स्त्री-पुरुष के साथ दो इंसानों का भी है. सीमित समझ की पतित मीडिया ने इसे पीड़ित स्त्री बनाम प्रताड़क पुरुष बना दिया है. यहाँ तक कि प्रशासन भी मक्कार मीडिया के दबाव में कार्र्वाई करने की बात, अप्रत्यक्ष तौर पर, स्वीकार रहा है. इससे शायद ही किसी को गुरेज होगा कि सबको न्याय मिले पर ऐसा भी क्या भय खाना कि आप दूसरे की गर्दन देकर अपनी गर्दन बचाएँ. ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि सच सामने हो.

न्यूज एक्सप्रेस से विनोद कापड़ी देंगे इस्तीफा, न्यूज24 जाएंगे!

एक बड़ी गासिप नोएडा फिल्म सिटी में तैर रही है. अभी सेक्टर 63 में बैठ रहे विनोद कापड़ी जल्द ही फिल्म सिटी में बैठे नजर आ सकते हैं. चर्चा के मुताबिक विनोद कापड़ी जल्द ही न्यूज24 चैनल ज्वाइन करेंगे जिसका आफिस फिल्म सिटी में है. विनोद कापड़ी नोएडा सेक्टर 63 स्थित न्यूज एक्सप्रेस में फिलहाल एडिटर इन चीफ के रूप में कार्यरत हैं. न्यूज24 से जुड़े लोगों का कहना है कि अजीत अंजुम के जाने के बाद विनोद कापड़ी का आना तय माना जा रहा है.

दुर्योधन, दुशासन, रावण, कंस का साझा घोषणापत्र

हे भारतभूमि के वीर बलात्कारियों

हम चारों का आपको सादर प्रणाम

अब टीवी चैनलों पर जब आपके सुकृत्यों के बखान के साथ हम लोग अपना नाम सुनते हैं तो हमें बड़ी शर्म आती है, लेकिन थोड़ा गौरव भी होता है। शर्म इस नाते क्योंकि हम युगों पुराने विलेन होकर भी, तमाम शक्तियों से लैस होकर भी वो नहीं कर पाए, वहां तक नहीं पहुंच पाए, जहां तक आप पहुंच गए। गौरव इस बात का होता है कि आप जैसे महावीरों की उपमा हम लोगों के नाम से दी जाती है। वो भी तब जबकि हमारे युग में कानून नाम की कोई चिड़िया नहीं होती थी। जो हम कहते-करते थे वही कानून होता था, लेकिन आप महारथियों के युग में तो कानून नाम का प्राणी भी है, फिर भी आपके प्रचंड तेज के आगे ये कानून हमेशा घुटने के बल बैठा मिलता है। बलि-बलि जाऊं।

सुदर्शन न्यूज चैनल से राजीव शर्मा, आलोक नंदन, योगेश गुलाटी और राय तपन भारती समेत कई मीडियाकर्मी कार्यमुक्त

सुदर्शन न्यूज चैनल से खबर है कि यहां कार्यरत चार सीनियर्स के साथ लगभग दो दर्जन कर्मचारियों को चैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. बाहर किए गए लोगों में ज्यादातर लोग वही हैं जिन्हें मैनेजिंग एडिटर नवीन पाण्डेय ने नियुक्त किया था. यह बात अलग है कि उनमें से कईयों को ऑफर या अपाइंमेंट लेटर भी नहीं दिए गए थे. कर्मचारियों को चैनल से बाहर करने का काम मालिक सुरेश चव्हाणके ने आरपी सिंह नाम के सीओओ के हाथों करवाया. यह वही आरपी सिंह हैं जिन्हें खुद सुरेश चव्हाणके ने करीब छह महीने पहले निकाल दिया था. उस वक्त चैनल नोएडा के सेक्टर चार से संचालित होता था. फिलहाल जिन लोगों का कार्यमुक्त किया गया है, उनमें राजीव शर्मा, आलोक नंदन, योगेश गुलाटी और राय तपन भारती हैं.  इसके अलावा आउटपुट-इनपुट के शिफ्ट इंचार्जों समेत कई कर्मचारी बाहर किए गए हैं.

मेरे पहले मनीऑर्डर की कहानी

यह बहुत पुरानी बात नहीं है जब मैं 24 साल का एक नौजवान था। मेरे पास नेचुरोपैथी अस्पताल से पास किए कोर्स का प्रमाण पत्र, किताबों से मुंह तक भरा खाकी रंग का एक थैला, आधी भरी गुल्लक और दो आंखों में अनगिनत सपने थे। मैं जब बहुत छोटा था तब से ही सुंदर और आकर्षक बिल्कुल नहीं था। यह बात मुझे तब मालूम हुई जब एक दिन मैंने आईना देखा। यही वजह थी कि मेरा कभी कोई दोस्त नहीं बना। मेरे पापा के पास ज्यादा पैसे भी नहीं थे, इसलिए हमारे संयुक्त परिवार के कई बड़े लोगों को मुझसे कोई लगाव नहीं था। जब मैं एक अंकल के घर टीवी देखने जाता तो वे उसे फौरन बंद कर देते। कुछ लोगों को मेरा स्कूल जाना भी पसंद नहीं था। मैं एक ऐसा उपेक्षित बच्चा था जिससे बहुत कम लोग स्नेह रखते थे, इसलिए वह ज्यादातर लोगों से दूर ही रहना चाहता था। ऐसे समय में मैंने किताबों को ही मेरी सबसे अच्छी दोस्त बना लिया। मेरी इन दोस्तों की संख्या आज भी बढ़ती जा रही है और मुझे उनके लिए एक बक्सा खरीदना पड़ा। मुझे छुट्टियां बिल्कुल पसंद नहीं हैं क्योंकि ये बेहद उबाऊ होती हैं और मुझे हर वक्त कोई काम करना पसंद है।

मजीठिया वेतन बोर्ड अवार्ड क्रियान्वयन के लिए रायपुर के जनसंपर्क कायार्लय ने संपादकों को नोटिस भेजा

रायपुर से खबर है कि जिला जनसंपर्क कार्यालय रायपुर के उप संचालक ने रायपुर के अखबारों मैग्जीनों के संपादकों को एक नोटिस जारी किया है. इसमें कहा गया है कि मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों के संबंध में की गई कार्यवाही से शीघ्र अवगत कराएं.

संदीप चौधरी ने आईबीएन7 से इस्तीफा दिया, दैनिक भास्कर पंजाब से पुनीत और अनुज गए, अमरेंद्र ने पत्रिका ज्वाइन किया

खबर है कि आईबीएन7 के एंकर संदीप चौधरी ने अपने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि उन्होंने बातचीत में इस्तीफा देने से इनकार किया है लेकिन भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि संदीप चौधरी इस्तीफा दे चुके हैं. कुछ का कहना है कि उन्हें आईबीएन7 से कार्यमुक्त किया गया है. यह भी बताया जा रहा है कि संदीप नई पारी की शुरुआत न्यूज24 के साथ करेंगे. अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी है कि संदीप न्यूज24 में किस पोजीशन पर जा रहे हैं.

मजीठिया के लिए लगाएं एक्सक्यूशन आफ डिक्री

मजीठिया वेतन बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है लेकिन प्रेस मालिक का फैसला नहीं आया। अब पत्रकार सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का प्रकरण दर्ज कराना चाहते हैं जो उचित है। अवमानना का प्रकरण हर वह व्यक्ति दायर करा सकता है जो फैसले की परिधि में आता है। चूंकि सुप्रीम कोर्ट में सभी पत्रकार कोर्ट की अवमानना का प्रकरण दायर नहीं कर सकते है इसलिए बेहतर होगा कि निचली कोर्ट में निर्णयों के निष्पादन का मामला दायर करें। जिसे अंग्रेजी में एक्सक्यूशन आफ डिक्री (Execution of Decrees) कहते हैं। जिसे दायर करना बड़ा आसान है और इसमें खास बात यह है कि इसकी प्रक्रिया कोर्ट के फैसले के बाद होने वाली प्रक्रिया के समान शुरू होती है। अर्थात् यदि लेबर कोर्ट में एक्सक्यूशन आफ डिक्री लगाया जाता है तो प्रेस मालिकों को नोटिस जारी होगी, उल्लंघन करने पर आरआरसी जारी हो सकती है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित पत्रकारों ने दिवंगत पत्रकार संजय कुमार गुप्ता को दी श्रद्धांजलि

रांची : दुमका सूचना केन्द्र में मंगलवार को शोक सभा कर दुमका के पत्रकारों ने पत्रकार संजय कुमार गुप्ता को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। शोक सभा में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झामुमो के केन्द्रीय महासचिव विजय कुमार सिंह, राजनीतिक सलाहकार हिमांशु चौधरी, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के उपनिदेशक विजय कुमार,जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी प्रभात शंकर, सहित विभिन्न प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकार शामिल हुए।

वयोवृद्ध पत्रकार आरडी सपरा पंचतत्व में विलीन

सोनीपत : वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध पत्रकार आरडी सपरा का मंगलवार को निधन हो गया है। सेक्टर 15 स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नेत्रदान को समर्पित दृष्टि सेवा समिति के सचिव नरेंद्र भूटानी के प्रेरणा से उनके दोनों पुत्रों राकेश सपरा व अनिल सपरा ने अपनी बहन अलका व संगीता से विचार-विमर्श के बाद अपने पिता के नेत्रदान के प्रति सहमति दी। तत्पश्चात डा. श्राफ चैरिटी आई अस्पताल दिल्ली की टीम द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। सपरा दृष्टि के 722वें नेत्रदाता बन गए है। हालाकि सपरा के परिजन उनका देहदान कराने के भी इच्छुक थे, लेकिन मृत्यु में अधिक समय होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका।

लुधियाना में पत्रकार की हत्या कर झाड़ियों में फेंका शव

लुधियाना : अज्ञात हमलावरों ने सोमवार देर रात समराला निवासी पत्रकार सत प्रकाश कालड़ा की हत्या कर दी और फरार हो गए। मंगलवार सुबह 11 बजे किसी व्यक्ति ने गांव सलौदी में बस स्टॉप के पास झाड़ियों में एक शव पड़ा होने की सूचना दी। शव पर केवल एक बनियान थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जानकारी मिलते ही एसएसपी खन्ना हर्ष बंसल समेत पुलिस के उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।

ट्विटर जल्द ही नॉर्मल फोन और डीटीएच टीवी पर भी

अब ट्विटर पर सक्रिय रहने के लिए स्मार्टफोन या कंप्‍यूटर की जरूरत नहीं पड़ेगी. ट्विटर जल्द ही नॉर्मल फोन और डीटीएच टीवी पर भी ट्वीट पढ़ने की सुविधा देने का मन बना रही है. ट्विटर फेसबुक को टक्कर देने और अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए यह प्लान लाएगी. ट्विटर इस बारे में जल्दी ही मोबाइल कंपनी से बात कर रही है. ट्विटर इंडिया के मार्केटिंग डॉयरेक्टर ऋषि जेटली ने बताया कि कंपनी ने रिलांयस, वोडाफोन और एयरटेल डीटीएच से करार कर लिया है. हम दूसरी कंपनियों से भी बात कर रहे हैं.

डीटीएच लाइसेंस बीस साल के लिए मिलेगा

टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने नए डीटीएच लाइसेंस पर सिफारिशें जारी कर दी हैं। ट्राई ने डीटीएच लाइसेंस 10 साल से बढ़ाकर 20 साल करने की सिफारिश की है। इसके अलावा डीटीएच कंपनियों के लिए क्रॉस-होल्डिंग पॉलिसी को बदलने का प्रस्ताव है।  नया डीटीएच लाइसेंस हर 10 साल में रिन्यू करने और सेटटॉप बॉक्स पोर्टेबल बनाने का भी प्रस्ताव है।

चोरी करना पाप नहीं है, केवल समस्या है : कंवल भारती

Kanwal Bharti : “चोरी करना पाप है”, यह हर धर्म ने कहा है. चोरी कौन करता है? चोरी वह करता है, जिसके पास कुछ नहीं होता है. वह चोरी वहां करता है, जहाँ सब कुछ होता है. यह सच उस काल का है, जब सारे संसाधनों पर वर्ग विशेष का कब्ज़ा हो चुका था और कुछ लोगों के पास जिंदा रहने के लिए कुछ भी नहीं बचा था.

पी7 के देहरादून रिपोर्टर किरन कान्त शर्मा अस्पताल में भर्ती

देहरादून में खबर की कवरेज के दौरान पत्रकार किरन कान्त की हालत अचानक ख़राब हो गयी. उनके कमर के एक हिस्से में अचानक दर्द हुआ जिसके बाद उनके साथियों ने उन्हें दून के अस्पताल में भर्ती कराया है. वहां उनका इलाज जारी है. उन्हें एडमिट रहने और आराम करने की सलह दी गई है. किरन …

लखनऊ की निर्भया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो किडनियां कैसे आ गई? वो तो एक पहले ही पति को दान कर चुकी थी

Awanish Sharma : साहेब ने साझा करने को मना किया है .. लेकिन ये तो सच है .. सो बस सनद के लिए बोल रहा हूँ।

वो… मोहनलालगंज (लखनऊ ) वाले मामले में मरी महिला ने अपनी एक किडनी अपने स्वर्गवासी पति को दान किया था .. और आपके 6 डाक्टरों वाली पोस्टमार्टम टीम ने दोनों किडनी सलामत की रिपोर्ट बनाई है। उसके किडनी दान की तस्दीक पी. जी. आई. ने भी कर दिया है। रिपोर्ट में बाकी सब सही होगा न साहेब …!! मनो पूछ रहा था .. वो क्या है कि महिला के शव को सुरक्षित रखने के दावे के बाद भी उसी रात उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया .. सो दुबारा चांस भी नहीं है। बाकी .. साहेब हमको आप पर पूरा भरोसा है ……. 

(अवनीश शर्मा के फेसबुक वॉल से.)

ढोंगी सतपाल महाराज और सात्विक मोरारी बापू

Rajiv Nayan Bahuguna : आजकल बीमार होने के फलस्वरूप अपने माता -पिता के साथ हूँ। जबरन धार्मिक चैनल सुनने-देखने पड़ते हैं। कई तरह के रंगे सियार सुबह सुबह हुंक कर मेरा खून खौलाते हैं। सबसे ज्यादा क्रोध मिश्रित आश्चर्य मुझे अपने प्रदेश के सतपाल महाराज को देख-सुन कर होता है। वह अमल-धवल वस्त्र पहन कर आपसी भाईचारे, इमानदारी और सादगी का उपदेश देते हैं। खुद सम्पत्ति विवाद में अपने सगे भाई से लोहा ले चुके हैं, फेक नाम से अपनी पत्नी के मंत्री रहते गरीबों के लिए नियत अनुदान हड़प चुके हैं और अपने आत्मज की शादी में धन का अँधाधुंध भोंडा प्रदर्शन कर चुके हैं।

4रीयल न्यूज़ पर लगा ताला, सैकड़ों मीडियाकर्मी बेरोजगार, ऑफिस में धरना शुरू

अंतत: 4रीयल न्यूज़ टीवी चैनल का भी शटर गिर गया. धूमधाम से शुरू हुआ यह न्यूज चैनल सीईओ यश मेहता के जाने के बाद अचानक बंद हो गया. हालांकि नए सीईओ और एडिटर इन चीफ के रूप में मुकेश कुमार ने कुछ समय पहले ही काम संभाला लेकिन चैनल प्रबंधन का विश्वास चैनल चलाने के प्रति डगमगा गया और उसने चैनल से तौबा करने की घोषणा कर दी. चंडीगढ़ में बैठने वाले 4रीयल न्यूज के प्रबंधन ने चैनल चलाने को लेकर अनिच्छा जाहिर की और चैनल पर ताला लगवा दिया. इस अचानक उठाए गए कदम से 4रीयल न्यूज में कार्यरत सैकड़ों मीडियाकर्मी हतप्रभत हैं. ये लोग चैनल में धरने पर बैठ गए हैं. प्रबंधन से तीन-तीन महीने की सेलरी डिमांड की जा रही है.

In the light of Amitabh Thakur’s claims Lucknow Nirbhaya case should be probed by CBI

To,

1- Sri Akhilesh Yadav, The Chief Minister of Uttar Pradesh, Lucknow.

cmup@nic.in, cmup@up.nic.in

2-  Sri Alok Ranjan, The Chief Minister of Uttar Pradesh,Lucknow.

csup@up.nic.in

3-  Sri  A. L. Banerjee, D.G.P. of U.P. Police.

uppcc@up.nic.in, dgp@up.nic.in, dgpolice@sify.com

Sub. : Demand for a C.B.I. Probe in Mohanlalganj-Lucknow Rape & Murder Case  and punishment to defaulter Police Personnel

Sir,

This refers to media reports on claims of A.D.G. Ms. Sutapa Sanyal led Uttar Pradesh police teams and Counter claims of Mr. Amitabh Thakur, a Senior IPS officer of Uttar Pradesh regarding  Mohanlalganj rape and murder case in Lucknow.

अंदरूनी राजनीति के चलते हिमाचल में फिसड्डी नंबर वन बना दैनिक जागरण

हिमाचल प्रदेश में पाठकों को जोड़ने में अब तक फिसड्डी सबित हुआ दैनिक जागरण इन दिनों सत्ता के तीन धड़ों में बंटा हुआ बताया जा रहा है। हालांकि अंदरूनी राजनीति व मतलब की पत्रकारिता के मामले में अव्वल दैनिक जागरण में यह बात कोई नई नहीं है। मगर जिस तरह से हिमाचल में फ्लाप होने के बावजूद यहां की हालत बनी हुई है उससे विश्व का नंबर वन ग्रुप होने का दावा करने वाले इस अखबार के अच्छे दिन आते नहीं दिख रहे।

प्रेस फोटोग्राफर पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने कोतवाली में दिया धरना

Murena dharna

मुरैना। नईदुनिया के फोटो जर्नलिस्ट गिर्राज राजौरिया पर हमला कर कैमरा व अन्य सामग्री लूटने वाले बदमाशों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पत्रकारों ने शहर कोतवाली में शनिवार साढ़े पांच घंटे तक धरना दिया। साढ़े पांच घंटे के बाद चंबल संभाग के आईजी डीसी सागर धरना स्थल पर पहुंचे। आईजी ने सभी पत्रकारों को आश्वासन दिया कि राजौरिया के साथ लूट करने वाले बदमाशों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा और कैमरा बरामद किया जाएगा। इसके लिए टीम बनाई गई हैं और बदमाशों पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया जा रहा है।

इलाहाबाद के दलित परिवार को इंसाफ की दरकार, कहां सो रहे ‘तारनहार’

इलाहाबाद। यूपी में कमजोर तबके का भगवान ही मालिक है। अखिलेश सरकार का ‘सबके लिए न्याय’ का सरकारी नारा गरीब-दलितों की झोपड़ियों तक पहुंचने के पहले ही दम तोड़ दे रहा है। ताजा उदाहरण इलाहाबाद के नवाबगंज इलाके का है। दलित के उत्पीड़न और उसके बाद शासन-प्रशासन और सरहंगों की मिलीभगत की बेशर्म भूमिका वाली …

खारीवाल ने खुद ‘दंबग दुनिया’ से जुड़ने की ‘भड़ास’ की खबर को सच बताया!

भड़ास पर प्रसारित खबर ”प्रवीण खारीवाल ‘दबंग दुनिया’ के प्रधान संपादक बने” की पुष्टि खुद प्रवीण खारीवाल ने कर दी! दरअसल, खारीवाल प्रधान संपादक ही नहीं, समूह के सीईओ बनाए गए हैं। भोपाल से प्रकाशित सांध्य दैनिक ‘प्रदेश टुडे’ पर २२ जुलाई को प्रकाशित कॉलम ‘सूरमा की फैंक’ (कॉलम संलग्न) में खारीवाल ने ‘दबंग दुनिया’ के मालिक और गुटका किंग किशोर वाधवानी से अपने इस समझौते का उल्लेख किया है। फर्क सिर्फ इतना है कि एक दूसरे की पोल-पट्टी छुपाने के लिए हुए इस समझौते को जबरन जस्टीफाई करने की कोशिश की गई है!

मोटरसाइकल से भारत भ्रमण अभियान पर निकले वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर

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जौनपुर। उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ, बेबाक और साहसिक पत्रकार द्वारा मोटरसाइकिल से भारत भ्रमण अभियान की शुरूआत की गयी है। पत्रकार महोदय 1 अगस्त को लेह और 15 अगस्त से व्यापक राष्ट्र भ्रमण प्रारंभ करने के उपरांत 26 जनवरी 2015 को अपनी यात्रा का समापन लखनऊ में करेंगे। वैसे तो पत्रकार महोदय वर्तमान में सूबे की राजधानी लखनऊ से पत्रकारिता को अंजाम दे रहे हैं लेकिन एक समय था जब वे शिराज-ए-हिन्द जौनपुर की धरती पर कई वर्षों तक वाराणसी से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक के सिपाही के रूप में अपनी लेखनी से सभी वर्गों के लोगों की आंखों की किरकिरी बने रहे।

TISS Ast. Prof, victim of brutal attack; still awaiting justice

It’s five years, victim of brutal attack Ms. Shamim Modi, an assistant professor with TISS, Mumbai, and a known social and political activist, is still awaiting justice from Mumbai High Court. After CB, CID Mumbai Crime Branch failed to solve the conspiracy, as desired  by the Mumbai High Court in its earlier order of October 2010,   Ms. Shamim Modi, through her lawyer, Mihir Desai, has  approached the Mumbai High Court; but the court is yet to act on her four year old writ petition no 2545/2010, in which she has  demanded CBI investigation against the ex Revenue Minister of M. P. Mr. Kamal Patel of BJP and his business associates Natwar Pate for hatching out the conspiracy and against  the involvement of then Senior Police Inspector of Manikpur Police Station of Vasai, district Thane, Mr. Ashok Pawar in the crime, under whose jurisdiction the crime  occurred.

रंगदारी मामले में एफआईआर के बाद भी हरिद्वार के दैनिक जागरण प्रभारी को गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस

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हरिद्वार। दैनिक जागरण के प्रभारी अनूप सिंह और उनके सहारनपुर निवासी साथी अमित के खिलाफ थाना खानपुर क्षेत्र में मामला दर्ज हुआ है। इन दोनो पर एक फार्म हाउस पर कब्जा करने की नीयत से पुलिस पर दबाव बनाने, झूठे तथ्य पेश करने और धमका कर दस लाख मांगने का आरोप है। पुलिस ने अनूप और अमित के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी और 387 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि अनूप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। लोगों का कहना है जबसे अनूप ने हरिद्वार में दैनिक जागरण के प्रभारी का दायित्व संभाला है, तब से उनकी माली हालत में निरंतर इज़ाफा हो रहा है। माल कहां से आ रहा है ये समझने वाली बात है।

उद्योगपति कैलाश चंद्र लोहिया ने ‘पूर्वांचल प्रहरी’ के मालिक पर ठोंका 100 करोड़ का मुकदमा

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गुवाहाटी। जाने-माने उद्योगपति कैलाश चंद्र लोहिया ने जीएल पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित हिंदी दैनिक ‘पूर्वांचल प्रहरी’ और असमिया दैनिक ‘आमार असम’ में प्रकाशित अवमाननापूर्ण, भ्रामक तथा झूठी खबरों के सिलसिले में शनिवार को इसके मालिक घीसालाल अग्रवाल और संबंधित अन्य लोगों पर 100 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 31 जुलाई तय की है। इसके साथ ही अदालत ने जीएल पब्लिकेशंस को अपने अखबारों में अगली तारीख तक कैलाश लोहिया के खिलाफ किसी भी तरह के समाचार प्रकाशित करने पर रोक लगा दी है।

हिन्दुस्तान मुगलसराय ने छापी कांवरियों पर आतंकी हमले की आशंका की फर्जी ख़बर

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मुगलसराय- बनारस से छपने वाले हिन्दुस्तान अखबार ने 20 जुलाई को एक ऐसी घटना की खबर प्रकाशित कर दी जो हुई ही नहीं थी। ये कारनामा है मुगलसराय हिन्दुस्तान में रेलवे बीट कवर कर रहे पत्रकार का। छपी खबर के अनुसार गृह मंत्रालय द्वारा कांवरियों पर आतंकी हमले की आशंका के मद्देनज़र जारी हुए हाई एलर्ट के बाद मुगलसराय जंक्शन पर जीआरपी और आरपीएफ ने 19 जुलाई को चेकिंग अभियान चलाया था। अखबार ने इसकी फोटो भी छाप दी जिसमे आरपीएफ और जीआरपी के एसएचओ के साथ जवान चेकिंग कर रहे हैं।

जिन न्यूज़ सप्लाई एजेन्ट्स के भरोसे चल रहा पंजाब केसरी उन्ही का कर रहा शोषण

पंजाब का एक समाचार पत्र कर्मचारियों के शोषण का केन्द्र बनता चला जा रहा है। मीडियाकर्मियों के साथ इस संस्थान से जुड़ने वाले अधिकांश लोग व्यवसायी वृत्ति के है जो समाचारों के नाम पर केवल लेन-देन व विज्ञापनों का करोबार करते है। पिछलें दिनों समाचार से जुड़ी अंबाला की एक सहायक संपादक को इसलिये निकाल दिया गया क्योंकि वो विज्ञापनों के मामले में मालिकों की अपेक्षा पर खरी नहीं उतरी। उसे भी सहायक संपादक के बजाए न्यूज सप्लाई एजेंट (एनएसए) का पत्र दिया गया था। एनएसए के नाम पर समाचार पत्र लोगों का भरपूर शोषण कर रहा है। उन्हें अपना कर्मचारी नहीं बल्कि एनएसए दिखाकर ये समाचार पत्र पत्रकारिता के सभी आयोगों से बच रहा है। जिसके कारण इस समाचार पत्र पर आयोगों की मार नहीं पड़ रही है।

फीस वृद्धि के खिलाफ Galgotia Engg College के गरीब छात्रों का धरना

क्या यही अच्छे दिन हैं? ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया इंजीनियरिंग कालेज के गरीब छात्र धरने पर हैं क्योंकि कालेज प्रशासन ने फीस काफी बढ़ा दी है. फीस की तगड़ी मार झेल पाने में गरीब छात्र असमर्थ हैं. इंजीनियरिंग में प्रवेश और किताब, हास्टल के नाम पर पहले ही कर्ज के बोझ तले दबे इन छात्रों के लिए फीस वृद्धि किसी बड़े आघात से कम नहीं है. कालेज प्रबंधन की तरफ से कालेज के भीतर मोदी की तस्वीर लगाया हुआ है.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने पंजाब केसरी के पत्रकार के.एम. शर्मा को दिया एक करोड़ का नोटिस

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के खिलाफ पिछले दो माह से पंजाब केसरी जालंधर में समाचार प्रकाशित करा रहे अलीगढ़ के पत्रकार के.एम. शर्मा को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की ओर से वकील बी.एस. कमठानिया ने एक करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस दिया है। इससे पूर्व एएमयू के कंट्रोलर जावेद अख्तर ने के.एम. शर्मा के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर खबर छपने पर स्वयं जिम्मेदार होने की धमकी भी दी है।  पंजाब केसरी जालंधर के पत्रकार के.एम. शर्मा पिछले दो माह से आरटीआई से जानकारी लेकर तथ्यों के आधार पर एएमयू में वीसी के भ्रष्टाचार की पोल खोलने के समाचार प्रकाशित करा रहे थे।

मजीठिया न देने पर जागरण के मालिक संजय गुप्ता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मामला दर्ज

नई दिल्ली : जागरण प्रकाशन लिमिटेड (जेपीएल) के सीईओ और दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने का मामला मंगलवार को दायर हो गया है। कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज इस मामले में कहा गया है कि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का आदेश दैनिक जागरण के सीईओ और प्रधान संपादक संजय गुप्ता नहीं मान रहे हैं। यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का खुला उल्लंघन और अदालत की अवमानना है।

मजीठिया से बचने के लिए भास्कर के मालिकान बन गए जल्लाद, हर वक्त धमकाते फिर रहे (पढ़िए कुछ उदाहरण)

मजीठिया वेज बोर्ड जहां एक ओर प्रिंट मीडिया कर्मियों के लिए आशाओं का आसमान लेकर आया है वहीं मालिकों के हाथ में आतंकी-उग्रवादी-बदमाशी-दमन-उत्पीड़न का आयुध औजार बन गया है। दैनिक भास्कर के मालिकान और उनके कारकून-कारिंदे इस हथियार को उठाए पैशाचिक नृत्य कर रहे हैं। हर कर्मचारी को धमकाते हुए खौफनाक आलाप ले रहे हैं। उनके सुर के बोल हैं— खबरदार, अगर मजीठिया पाने के लिए एक भी शब्द निकाला तो तुम्हारा इतनी दूर, ऐसे इलाके में तबादला कर दिया जाएगा कि तुम्हारा वहां रहना, गुजारा कर पाना मुहाल हो जाएगा। तुम्हारे खिलाफ ऐसा माहौल, ऐसे हालात बना-पैदा कर दिए जाएंगे कि तुम्हारा कंपनी में बने रहना दुश्वार हो जाएगा। तुमको इतना तंग किया जाएगा कि तुम दूसरों का क्या, अपने बारे में भी सोचना-समझना भूल जाओगे। बेहतर है कि चुप्पी मार के, सिर झुकाकर शांति से काम करो और जो कहा जाता है करो। इसी में तुम्हारी भलाई-बेहतरी है। समझ गए न!

आईएएस अधिकारी को ब्लैकमेल कर चालीस लाख रुपये मांग रहा था लखनऊ का टीवी जर्नलिस्ट!

एक बड़ी लेकिन अपुष्ट खबर लखनऊ से आ रही है. लखनऊ के एक टीवी जर्नलिस्ट की शिकायत उसके दिल्ली में बैठने वाले एडिटर इन चीफ से की गई है. शिकायत करने वाला यूपी कैडर का एक आईएएस अधिकारी है. शिकायती पत्र के साथ आईएएस अधिकारी ने एडिटर इन चीफ को उनके टीवी  जर्नलिस्ट के आडियो टेप भी सौंपे हैं जिसमें वो चालीस लाख रुपये मांग रहे हैं.

तिहाड़ जेल से बाहर की दुनिया भी देख सकेंगे सुब्रत रॉय, बेल नहीं पर डील के लिए बाहर जाने की अनुमति

Subrat Roy

सहारा मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को ज़मानत देने से इंकार कर दिया। लेकिन रॉय को थोड़ी राहत देते हुए कोर्ट ने उन्हें न्यूयॉर्क और लंदन के होटल बेचने या गिरवी रखने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि रॉय को पैरोल नहीं दिया जा रहा है लेकिन वो अपने होटलों के सौदे की बातचीत पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) में जब और जहां चाहें कर सकते हैं।

क्या मार्कण्डेय काटजू पर्सनैलिटी डिसॉर्डर के शिकार हैं?

Awadhesh Kumar : काटजू के खुलासे का अर्थ…  मार्कण्डेय काटजू को मैं अंग्रेजी में कहूं तो पर्सनैलिटी डिसॉर्डर का शिकार मानता हूं। हालांकि वे आक्रामक होकर कई बार अपने तरीके से जो उन्हें सच लगता है बोल जाते हैं, जिनसे अनेक सहमत होना कठिन भी होता है। इस समय उन्होंने एक न्यायाधीश के बारे में जो विस्फोट किया है वह अंदर से हताश और चिंतित कांग्रेस के लिए भारी पड़ गया है। इससे भाजपा सरकार की मदद भी हो गई है, क्योंकि कांग्रेस ने अपनी नासमझ राजनीति से एक महीने के भीतर ही सरकार पर हमला आरंभ कर दिया है तथा संसद को बाधित कर रहे हैं।

लक्ष्मण ने नभाटा मुंबई से दिया इस्तीफा, अमर उजाला में चंद्रभान व प्रदीप का तबादला

करीब साढ़े तीन साल तक मुंबई की नंबर एक हिंदी अखबार “नवभारत टाइम्स” (NBT) के लिए पत्रकारिता करने वाले मेहनती और जुझारु पत्रकार लक्ष्मण सिंह ने आख़िरकार गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। मुंबई से प्रकाशित होने वाले दैनिक अख़बार ” नवभारत ” से 2010 में पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री सिंह NBT के लिए बीएमसी कवर किया करते थे। यहाँ उन्होंने कई सारे खुलासे किए और दर्जनों जनहित से जुड़ी ख़बरें लिखी, जिनके प्रकाशन से मुम्बईकर को काफी फायदा हुआ। वरिष्ठ सवांददाता के पोस्ट पर कार्यरत लक्ष्मण सिंह की अगली पारी मुंबई से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी अखबार “मिड-डे” से शुरू हो रही हैं। उनके जाने से नवभारत टाइम्स को एक और झटका लगा है, क्यूंकि नवभारत टाइम्स में इन दिनों अनुभवी पत्रकारों का टोटा पड़ गया है। जिसका असर अखबार के रीडरशिप पर पड़ रहा है और संपादक को इसकी फ़िक्र तक नहीं है।

हिन्दुस्तान, नंदन, कादम्बिनी और लाइवहिन्दुस्तानडॉटकॉम के जरिए पहली तिमाही में मुनाफा 12 प्रतिशत बढ़ाया

हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड (एचएमवीएल) को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुनाफा 12 प्रतिशत बढ़कर 33.90 करोड़ रुपये हुआ। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 30.30 करोड़ रुपये था। पहली तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 18 प्रतिशत बढ़कर 222.60 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कुल राजस्व 188.70 करोड़ रुपये था। इसी प्रकार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान विज्ञापन राजस्व 17 प्रतिशत बढ़कर 155.50 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 132.60 करोड़ रुपये था।

‘लिंकदेन’ में खुद के बारे में विस्तार से लिख रखा है मिलिता दत्त मंडल ने

राज्यसभा टीवी चैनल में प्रोड्यूसर पद पर कार्यरत मिलिता दत्त मंडल की मौत से उनके जानने वाले स्तब्ध हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि मिलिता दुर्घटनावश बालकनी से गिरीं या उन्हें फेंका गया. बताया जा रहा है कि उनका अपने पति से विवाद हुआ था. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. मिलिता के बैकग्राउंड के बारे में विस्तार से जानकारी ‘लिंकदेन’ पर उपलब्ध है. लिंकदेन से ही पता चलता है कि मिलिता एनडीटीवी में एसोसिएट प्रोड्यूसर रह चुकी हैं और करीब साढ़े पांच वर्षों तक एनडीटीवी में काम किया.

राज्यसभा टीवी में कार्यरत महिला पत्रकार मिलिता दत्त मंडल बालकनी से गिरीं, मौत

गाजियाबाद से खबर है कि थाना इन्द्रापुरम की वैशाली कालोनी के सेक्टर पांच में रहने वाली एक महिला पत्रकार अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल से संदिग्ध हालात में गिर गई. अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई. यह महिला पत्रकार राज्य सभा टीवी चैनल में प्रोड्यूसर थी. उम्र तीस साल बताई जाती है. नाम मिलिता दत्त मंडल. ये टीवी पत्रकार वैशाली के महागुन सोसायटी में अपने पति के साथ रहती थीं. कल रात 11 बजे वो दफ्तर से घर लौटी थीं.

रंगमंच के क्षेत्र में दिए जाने वाले सभी प्रकार के अनुदानों का मामला राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय को सौंपने का निर्णय!

मित्रों, एकाधिक विश्वस्त सूत्रों के अनुसार संस्कृति विभाग, भारत सरकार ने रंगमंच के क्षेत्र में दिए जाने वाले सभी प्रकार के अनुदानों (प्रोडक्शन ग्रांट, इंडीविजुअल ग्रांट, सैलरी ग्रांट और बिल्डिंग ग्रांट आदि) का मामला राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय को सौंपने का निर्णय किया है और हस्तांतरण की यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इससे पहले भी उसने इसी तरह के एक आत्मघाती निर्णय के अंतर्गत भारत रंग महोत्सव के आयोजन का काम विद्यालय को सौंप दिया था जिसका दूरगामी प्रभाव अत्यंत विनाशकारी साबित हो चुका है और यह वार्षिक आयोजन आज भ्रष्टाचार, फिजूलखर्ची, ताक़त के बेजा इस्तेमाल और पक्षपात का पर्याय बन चुका है।

प्रवीण खारीवाल ‘दबंग दुनिया’ के प्रधान संपादक बने

ये खबर खबरनवीसों के लिए चौंकाने वाली हो सकती है क्योंकि पिछले करीब 6 महीने से इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल एंड कंपनी और ‘दबंग दुनिया’ के मालिक किशोर वाधवानी के बीच जंग चल रही थी। ‘दबंग दुनिया’ ने प्रेस क्लब के कथित कारनामों और चंदाखोरी के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी थी। करीब रोज ही प्रेस क्लब और खासकर प्रवीण खारीवाल को लेकर कोई न कोई खबर अखबार में छपती ही थी! उधर, प्रेस क्लब ने भी गुटका किंग और ‘दबंग दुनिया’ के मालिक किशोर वाधवानी को अपने निशाने पर लेकर प्रशासन के सामने शिकायतों का अम्बार लगा दिया था! ‘भड़ास’ पर भी इस झगड़े से जुडी ख़बरें प्रकाशित हुई थी।

तीखे सवाल पूछे जाने पर मैडम सुतापा माइक सिकेरा की तरफ बढ़ाती हैं और सिकेरा एसएसपी प्रवीण कुमार की ओर

Sanjay Sharma : शुरुआती दौर में लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे का खुलासा पहली दृष्टि में ही फर्जी लग रहा है. एक ऐसा अनजान राजीव नाम का शख्स जिसे मृत महिला कभी नहीं मिली, उसके कहने पर रात दस बजे महिला घर से निकलती है. जो शख्स कभी नहीं मिला वो हेलमेट लगाए था. महिला ने उसका चेहरा देखने की भी जरूरत महसूस नहीं की. उसने मोटर साइकिल पर बैठने को कहा और इतनी रात को वो बिना उसका चेहरा देखे बैठ गई. कई किलोमीटर दूर जाकर एक सुनसान स्कूल में हेलमेट उतारने पर महिला ने देखा- अरे यह तो गार्ड रामसेवक है.  राजीव नाम का शख्स कहीं दुनिया में ही नहीं है…

उलझे सवालों के बीच फर्जी खुलासा कर गई लखनऊ पुलिस

Anil Singh : फर्जी खुलासों का माहिर एसएसपी क‍मजोर स्क्रिप्‍ट लिखकर बचा ली अपनी नौकरी … लखनऊ की पूरी पुलिस मशीनरी मिलकर भी मोहनलालगंज गैंगरेप मर्डर की सही कहानी तैयार नहीं कर पाई। खुलासे के दबाव में जो स्क्रिप्ट तैयार की गई है, उसमें कई छेद हैं। जिस राजीव नाम के शख्स के इर्दगिर्द खुलासे की कहानी रची गई है, वो राजीव कौन है इसका पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। खुलासे की कहानी से साबित हो रहा है कि या तो पुलिस किसी को बचा रही है या फिर एसएसपी फर्जी खुलासे के अपने पुराने रिकार्ड पर चलकर दरिंदगी की शिकार हुई महिला को न्याय से वंचित कर दिया है।

लखनऊ में पत्रकार संजय शर्मा की पत्नी का पर्स लूट ले गया हेल्मेट लगाए बाइकसवार

Sanjay Sharma : मेरी पत्नी यूपी सरकार से बहुत नाराज हैं. पिछले दो घंटे से मेरी भी क्लास हो रही है कि तुम लोग कुछ करते नहीं हो. मोहतरमा शाम को लगभग साढ़े सात बजे बाजार से लौटीं और घर के बाहर गाडी लॉक करके मुड़ी ही थीं कि पीछे से बिना नंबर वाली काली पल्सर मोटर साइकिल से हेलमेट लगाये एक साहब उनसे पर्स छीन कर गायब हो गए. मैं भागा भागा घर पहुंचा.

केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का शिष्टाचार

Awadhesh Kumar : एक केन्द्रीय मंत्री का शिष्टाचार… कई बार कोई भी अपने विनम्र और सभ्य व्यवहार से कैसे किसी का दिल जीतता है या अपना मुरीद बना लेता है इसका उदाहरण मुझे हाल के दो कार्यक्रमों में देखने को मिला। लाल बहादूर शास्त्री संस्कृत विद्यापीठ में पूर्वांचल के सांसदों का एक अभिनंदन समारोह था। वहां रेल राज्यमंत्री श्री मनोज सिन्हा भी आए। वे गाजीपुर से भाजपा के सांसद हैं। एक-एक व्यक्ति से जिस तरह वे बातें कर रहे थे, लगा ही नहीं कि कोई केन्द्रीय मंत्री वहां बैठा है।

मनोज सिन्हा


 

मोहनलालगंज की घटना के पीछे कोई बहुत बड़ा रहस्य छिपा है… पुलिस और रामसेवक दोनों को जुडिशियल के सामने घेरा जाए…

Anil Kumar Upadhyaya : सुतापा सान्याल? पुलिस के लायक नहीं हैं ये. खुद ही किसी हेल्मेटधारी राजीव का नाम ले रही हैं, खुद ही कह रही हैं कि राजीव महिला को रात दस बजे किसी फार्म हाउस ले जाने के लिये कह कर ले जा रहा था.  किसलिये मैडम किसलिये? साढ़े चार हजार रुपये महीने की तनखाह पर अपनी किडनी तक दान कर चुकी महिला पर रामसेवक पाल कौन से पैसे की गद्दारी का आरोप लगा रहा है.  लिखा ना मैंने अपने जिगर के टुकड़े बच्चों के लिये एक माँ कुछ भी कर सकती है.  सास – ससुर – ननद अब बड़े खैरख्वाह बन रहे हैं, लेकिन उनके ही बेटे को अपनी किडनी तक देने वाली का वक्त पर तो साथ दिया नहीं. 

18 साल पत्रकारिता करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि मीडिया में सबसे ज्‍यादा भ्रष्‍ट-बेर्इमान लोग हैं

Saurabh Sharma : 18 साल की पत्रकारिता करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि सबसे ज्‍यादा भ्रष्‍ट और बेर्इमान लोग अगर कहीं हैं तो वो मीडिया में ही हैं। मालिक लोग अपने रिपोर्टर से अनाप शनाप काम करवाते हैं, उन्‍हीं के जरिये बड़े बड़े लोगों से मिलते हैं, सेटिंग करते हैं और रिपोर्टर मालिक के नाम का फायदा उठाकर अपना उल्‍लू सीधा करते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो क्‍यों जी न्‍यूज के दो संपादकों को सजा हुई। उन्‍होंने नवीन जिंदल से सौ करोड़ रुपये की ब्‍लेकमेलिंग की थी, लेकिन फंस गए। अखबारों में तो इससे भी ज्‍यादा बुरा हाल है।

अंदरुनी राजनीति से दुखी सौरभ शर्मा का दैनिक जागरण, मेरठ से इस्तीफा

मेरठ में दैनिक जागरण के साथ कई वर्षों से वरिष्ठ पदों पर कार्यरत पत्रकार सौरभ शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है. सौरभ का स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा था. इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा भेजा. सूत्रों का कहना है कि सौरभ आफिस की अंदरुनी राजनीति से बहुत दुखी थी. खासकर संपादकीय प्रभारी मनोज झा की रीति-नीति के चलते वे अलग-थलग पड़ गए थे.

‘न्यूज़ फर्स्ट’ टीवी में वैकेंसी, करें आवेदन

जल्द लांच होने जा रहे लाइव वेब न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ फर्स्ट’ टीवी को अनुभवी और योग्य पत्रकार व तकनीकी सक्षम व्यक्तियों की जरूरत है। चैनल के लिए प्रोड्यूसर कम एंकर( मेल-फीमेल), पैनल, एसोसिएट, असिस्टेंट प्रोड्यूसर, ऑनलाइन-ऑफलाइन वीडियो एडिटर, ग्राफिक्स आर्टिस्ट,  साउंड रिकॉर्डिस्ट, पीसीआर, एमसीआर और सर्वर रूम के लिए तकनीकि व्यक्ति, और स्टूडियो के लिए कैमरापर्सन कम लाइटमैन और मेकअप आर्टिस्ट की ज़रूरत है। साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सभी ज़िलों के लिए संवाददाता, कैमरापर्सन और विज्ञापन प्रतिनिधि की ज़रूरत है।

वर्तमान समय पत्रकारों के लिए अघोषित आपातकाल के समान है

वर्तमान समय पत्रकारों के लिए अघोषित आपातकाल के समान है। अब समाचार वहीं मिलेगे जो एजेंसी या पीआरओ देगा। बाकी खबर लीक करने वाले विभीषणों की खैर नहीं। कुछ दिनों पहले मेरी खूफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से चर्चा हो रही थी। बातों-बातों में उन्होंने पूछा अब आप लोगों को कैसा लग रहा है। मैं बेरूखी भरे शब्दों में कहा कि यार कोई खबर नहीं मिलती। अब तो मोदी के पीआरओ मोदी रेखा ना लांघने की सलाह देते है। फिर क्या था अधिकरी ने सख्त लहजे से कहा कि मोदी सिर्फ राजनेता नहीं है उसे राजनेता समझने की भूल मत करना। नहीं तो मोदी किसी को कहीं का नहीं छोड़ता। वाकही में खैर चाहते हो तो मोदी रेखा मत लांघना, रूटीन में जो चल रहा है मिल रहा है वहीं करते रहो। चूंकि उक्त अधिकारी हमारे अच्छे मित्र भी है इसलिए बाद में आवाज हलकी कर लिए और मित्रत्रा की दुहाई देकर दिल पर ना लेने की बात कहीं। पर सच्चाई तो यही है।

आईबीएन लोकमत से निखिल वागले और न्यूज एक्सप्रेस से नवीन कुमार का इस्तीफा

खबर है कि ‘आईबीएन लोकमत’ से निखिल वागले ने इस्तीफा दे दिया है. वे महाराष्ट्र के चर्चित पत्रकार हैं. ‘आईबीएन लोकमत’ नेटवर्क18 समूह का मराठी न्यूज चैनल है. नेटवर्क18 समूह को मुकेश अंबानी ने खरीद लिया है. इसी के बाद से इस ग्रुप में शीर्ष पदों पर काबिज पुराने लोग एक-एक कर विदा हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े समाचार पत्र समूह में भी उठी मजीठिया की मांग

मुंबई। टाइम्स आफ इंडिया द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू करने के बाद अब महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े समाचार पत्र समूह श्री अंबिका प्रिंटर्स एंड पब्लीकेशन में भी मजीठिया वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की मांग उठने लगी है। इस समूह द्वारा मराठी दैनिक पुण्यनगरी और दैनिक मुंबई चौफेर सहित मुंबई में रहने वाले उत्तर भारतीयों का मुखपत्र माने जाने वाला समाचार पत्र ‘यशोभूमि’ और कनार्टक के लोगो का मुखपत्र माने जाने वाला समाचार पत्र ‘कर्नाटक मल्ला’ सहित मराठी समाचार पत्र ‘आपला वार्ताहर’ का प्रकाशन किया जाता है।

दिल्ली में सरकार गठन को लेकर जारी है भाजपा की ‘तोल-मोल’ की रणनीति

राष्ट्रीय राजधानी में जोड़-तोड़ के जरिए सरकार गठन के मुद्दे पर भाजपा नेतृत्व खासे राजनीतिक ऊहापोह में फंस गया है। इस प्रकरण में पार्टी के नेतृत्व में आपसी मतभेद गहराने लगे हैं। एक धड़े का दबाव है कि विधानसभा चुनाव में दोबारा जाने का जोखिम नहीं लिया जाए। क्योंकि, यहां पर भाजपा के खिलाफ लामबंदी करने के लिए कांग्रेस का नेतृत्व टीम केजरीवाल के साथ हाथ मिला सकता है। ये लोग मिलकर मोदी सरकार और पार्टी के खिलाफ अनर्गल प्रलाप अभियान तेज कर सकते हैं। इसका नकारात्मक असर केंद्र सरकार की छवि पर पड़ने का खतरा। ये लोग स्थानीय मुद्दों को बढ़ा-चढ़ा कर भाजपा के खिलाफ राजनीतिक माहौल खराब करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इस जोखिम को देखते हुए ‘जुगाड़’ की सरकार का गठन ज्यादा लाजिमी नहीं रहेगा। लेकिन, पार्टी का यह प्रभावशाली धड़ा सरकार गठन के विकल्प के खिलाफ खड़ा हो गया है। इस गुट को संघ के कई वरिष्ठ नेताओं का साथ भी मिल गया है। इसी के चलते नई सरकार की संभावनाओं को लेकर दुविधा की स्थिति बन गई है। लेकिन, इससे भी तोल-मोल की रणनीति पर एकदम विराम नहीं लगा है।

अपने फुल एंड फायनल पेमेंट के लिए नीरज ने आईएनएक्स मीडिया को भेजा लीगल नोटिस

आईएनएक्स प्रा. लि. में सीनियर मैनेजर (इंजीनियरिंग) रहे नीरज तिवारी ने संस्थान की एचआर हेड शिखा रस्तोगी के दवाब में 18 अक्टूबर, 2012 में इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के समय नीरज से कहा गया था कि उनके सभी बक़ायों का फुल एंड फायनल सेटेलमेंट कर दिया जाएगा। लेकिन आज डेढ़ वर्ष से अधिक हो जाने के बाद भी कंपनी ने नीरज का बक़ाया भुगतान नहीं किया है। इस दौरान नीरज काफी आर्थिक परेशानियों से भी गुज़रे और कई बार कंपनी के अधिकारियों से अपनी बक़ाया धनराशी के भुगतान के बारे में बात की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आर्थिक, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद नीरज ने 11 जुलाई को अपने अधिवक्ता के मार्फत आईएनएक्स प्रा. लि. को एक लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस द्वारा बक़ाया एवं तयशुदा धनराशी और 5 लाख रुपए मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ती की मांग की गई है। इसके साथ ही बक़ाया धनराशी पर इस्तीफे की तारीख से 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज की भी मांग की गई है। नीरज द्वारा दिए गए नोटिस पर आईएनएक्स की तरफ से अभी तक कोई कार्यवाई नहीं की गई है और न ही नीरज से संपर्क किया गया है। नीरज का कहना है यदि नोटिस में दी गई समय सीमा के अन्दर आईएनएक्स ने उनका बक़ाया भुगतान नहीं किया तो वे कोर्ट जाएंगे।

सच तो ये है हम एक निर्लज्ज और बेहया समाज हैं . .

“मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है ” महान दार्शनिक अरस्तु के ये शब्द कभी-कभी विचलित कर देते हैं। यह समाज हमें, कभी दिल्ली का सामूहिक दुष्कर्म दिखाता है कभी बंगाल में खुले मंच पर हो जाने वाला बलात्कार। और कभी मुंबई का एक जघन्य अपराध। सच तो यह है कि ये घटनाएँ पूरे देश में हो रही हैं। कहीं मीडिया की पहुँच है, कहीं बिल्कुल नहीं है। मनुष्य के रूप में ऐसे हैवान अपना गुनाह भी स्वीकार करते हैं किन्तु अगर कुछ नहीं मिलता तो वह है- इंसाफ़! और देश के पुरोधा राजनीतिक दल इसे हर बार राजनैतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करते हैं। जब तक लाश ना बिछे हमारे इस समाज को तृप्ति नहीं मिलती। और हम दिन भर बैठकर “सुपर पॉवर इंडिया” के सपने देखते रहते हैं। देश का मीडिया अंत तक “प्राइम टाइम शो ” चलाता रहता है। टीवी चैनलों में प्रवक्ता लगातार अपनी बातें दोहराकर अंत तक पार्टी का रुख़ ही साफ़ करते रहते हैं। सरकारें नए क़ानून की बातें करती रहती हैं।

वकील ने पुलिस से सांठ-गांठ कर कब्जाया पत्रकार का मकान

यह कहानी है एक पत्रकार की। पहले अखबार में थे अब सरकार में। सरकार उन्हें पत्रकार नहीं जनसंपर्क अधिकारी कहती है। रेलवे जैसे भारी भरकम महकमे में हैं। पाला पड़ गया एक वकील से और माल के साथ माजना भी गंवा बैठे। आगे बात बढ़ाने से पहले स्पष्ट कर दें कि घटना पूरी तरह सच्ची है। पत्रकार चूंकि सरकारी है, इस खबर के कारण भविष्य में उन्हें अब और कोई परेशानी ना हो लिहाजा किसी व्यक्ति और जगह का नाम जानबूझकर नहीं दिया जा रहा है।

भोपाल में पत्रकार कोटे के मकानों की बंदरबांट, मानहानि याचिका पर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

हाईकोर्ट जबलपुर ने भोपाल में पत्रकार कोटे के सरकारी मकानों के आवंटन में हो रहीं धांधलियों पर पेश अवमानना याचिका पर सरकार से चार सप्ताह मे जवाब मांगा है। इस मुददे पर दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए के आदेश का सरकार ने पालन नहीं किया। सरकार की इस हीलाहवाली पर पिटीशनर श्रीप्रकाश दीक्षित ने अवमानना की याचिका दायर की थी। उनके मुताबिक गृह विभाग ने उन्हें जो प्रतिवेदन दिया है उसमें हाईकोर्ट के आदेश के विपरीत किसी भी प्रकरण की न तो विधि सम्मत समीक्षा की है और न समुचित कार्यवाही ही की है। कार्यवाही की गई या कार्यवाही की जा रही है के स्थान पर कार्यवाही की जाएगी जैसे टालमटोल वाले शब्दों का उपयोग कर भ्रमित करने की कोशिश की गई है। इसी पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

दुमका के पत्रकार संजय गुप्ता का निधन

दुमका, झारखण्ड। ‘राष्ट्रीय खबर’ के युवा पत्रकार संजय गुप्ता(34) का शनिवार को बेगुसराय(बिहार) के एक अस्पताल में ऑपरेशन के बाद निधन हो गया। ऐसा माना जा रहा है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी जान चली गयी। संजय पिछले आठ वर्षों से वह पत्रकारिता से जुड़े हुए थे। संजय कुमार के परिवार में उनकी मां, पत्नी, दो छोटे बच्चे, एक भाई और बहन हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संजय कुमार की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। 

झारखंड सरकार पत्रकारों को आवासीय भू-खंड देगी

हजारीबाग, झारखण्ड। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि पत्रकारों का स्वास्थ्य बीमा होगा और उन्हें घर बनाने के लिए भू-खंड भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री शनिवार को प्रमंडलीय कार्यक्रम के तहत हजारीबाग में थे। मीडिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सामूहिक पत्रकार बीमा योजना के तहत 950 पत्रकारों का बीमा कराया गया। मुख्यमंत्री ने प्रमंडल के सभी सात जिलों के दो-दो पत्रकारों को बीमा योजना का पत्र सौंपा।

अदालत से पत्रकार वैदिक के खिलाफ देशद्रोह के मुक़दमे की मांग

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मुरादाबाद। पाकिस्तान में मुंबई हमले के मास्टर माइंड आतंकवादी हाफिज मुहम्मद सईद से मिल कर चर्चा में आए पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शुक्रवार को वाद दायर कर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई। अदालत ने सुनवाई की तारीख़ पहली अगस्त तय की है।

लखनऊ निर्भया कांडः झूठी कहानी बता अपनी गर्दन बचा रही पुलिस, दोबारा जांच की मांग

मैंने अपने पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। हमने गहराई से तथ्यों को जानने और समझने की कोशिश की। हमने जो जाना और समझा उसके अनुसार हम पूर्णतया आश्वस्त हैं कि पुलिस द्वारा बताई गयी कहानी सही नहीं है। पुलिस की कहानी पूरी तरह झूठी है और मौके पर मिले घटना के परिस्थितिजन्य सबूतों से मेल नहीं खाती। क्योंकि अन्य बातों के अलावा यह किसी भी प्रकार संभव नहीं है कि एक अकेला व्यक्ति एक युवती के साथ, पूरी तरह खुले स्थान में और कुछ आवासों के बगल में, पहले रेप का प्रयास कर, फिर उसे निर्वस्त्र करने और हत्या कर देने का पूरा काम उस घटनास्थल पर कर सकता है।

आरएसएस-भाजपा विरोधी पहले विरोध के लिए कठिन मेहनत करते थे, अब बौद्धिक आलस्य के कारण सिर्फ गाली देते है: प्रो. राकेश सिन्हा

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भारत नीति प्रतिष्ठान ने 19 जुलाई, 2014 को दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में एक सेमिनार का आयोजन किया। इस अवसर पर दो मोनोग्राफ ‘Western Media and Indian Democracy’ और ‘सामाजिक क्रांति का दर्शन’ का विमोचन भी किया गया।

आकस्मिक घटना नहीं थी चौरी चौरा विद्रोह का विद्रोह; इसी से जन्मा भगत सिंह, चन्द्रेशेखर आज़ाद का क्रांतिकारी आन्दोलन

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इस साल फरवरी के विश्व पुस्तक मेले में इस किताब को खरीदने के बाद, मैं जल्द पढ़ने को उत्सुक था, हालांकि मैं इसे जुलाई माह में पढ़ने का संयोग प्राप्त कर सका। इस से पहले मैंने शाहिद अमीन की पुस्तक- इवेन्ट, मेटाफर एण्ड मेमोरी, चौरी चौरा 1922-1992 को पढ़ा था जो पहले ही पर्याप्त चर्चा में रही है और इतिहास की ‘सबाल्टर्न स्टडीज’ के रूप में लिखी गई है। जब मैं जून 2010 में गोरखपुर- चौरी-चौरा-देवरिया-मगहर-लुम्बिनी की यात्रा पर था, कुछ अन्य पुस्तकें भी पढ़ना चाहता था लेकिन तब उन्हें हासिल नहीं कर पाया। उन पुस्तकों के संदर्भ इस किताब में दिए गए हैं। चौरी चौरा मुझे बहुत ज्यादा आकर्षित करता रहा है। यही कारण है कि शाहिद अमीन की किताब पढ़ने के बाद मैंने इस जगह का दौरा किया। मेरी रुचि स्वतंत्रता संग्राम के दो समानांतर धाराओं, भगत सिंह और चन्द्रशेखर आजाद के बारे में जानना था। इन दोनों का, चौरी चौरा थाने की हिंसक घटना के बाद सत्याग्रहियों द्वारा 23 पुलिसकर्मियों को जिंदा जला देने और उस हिंसा के बहाने महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस ले लेने से मोहभंग हो गया था। यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसने एक वैकल्पिक क्रांतिकारी आंदोलन को जन्म दिया। इसलिए इतिहास के एक छात्र होने के नाते, इस क्रांतिकारी आंदोलन को और अधिक गौर से जानना आवश्यक हो गया था। वर्ष 2009 में शाहिद अमीन की किताब ने भी मुझे प्रभावित किया था लेकिन सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने शायद उनसे भी ज्यादा परिश्रम किया है और यहां तक की आंदोलन के बाद, चौरी चौरा के लोगों के संघर्ष को और अधिक सजगता से प्रकाश में लाया है। इस किताब में इस क्षेत्र और आंदोलन का व्यापक अध्ययन शामिल किया गया है। दोनों लेखकों ने इस विद्रोह पर लेखन करने की प्रेरणा, उस क्षेत्र विशेष का हिस्सा होने के नाते पायी है। शाहिद देवरिया जनपद के रहने वाले हैं तो कुशवाहा करीबी जनपद कुशीनगर के। अध्येता के रूप में शाहिद इतिहासकार हैं जबकि कुशवाहा एक हिन्दी लेखक हैं। इसलिए दोनों लेखकों के संदर्भ, इस पुस्तक को पढ़ने के लिए जरूरी बना देते हैं।

हाई कोर्ट जजों पर कंटेम्प्ट केस अनुमति याचिका पर सुनवाई पूरी, महाधिवक्ता ने फैसला सुरक्षित किया

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इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सुनील अम्बवानी और जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय के विरुद्ध सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर द्वारा दायर अवमानना याचिका पर शनिवार (19 जुलाई) को यूपी के महाधिवक्ता विनय चन्द्र मिश्र के समक्ष सुनवाई हुई जिन्होंने सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया।

मीडिया पर भड़के सलमान, बोले खुद के फोटोग्राफर रखूंगा

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मुंबई। सलमान खान का गुस्सा इन दिनों मीडिया पर उतर रहा है। कुछ दिन पहले फोटोग्राफरों ने उनकी तस्वीरें नहीं लेने की ठानी है। इस पर सलमान खान ने भी कड़े शब्दों में उन्हें चेतावनी दे दी है। कोई उनकी तस्वीर ना लेना चाहे तो न ले उन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता।

व्यक्ति नोटिस देकर बोला, मैं अभी जिंदा हूं, तब नईदुनिया ने छापा खंडन

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इंदौर। नईदुनिया के संभागीय पृष्ठ पर एक बस दुर्घटना के संबंध में गलत तथ्य के साथ ख़बर प्रकाशित हो गई थी। गत सोमवार पुणे से इंदौर आ रही बस खलटांका के पास पलट गई जिसमें सभी यात्री घायल हो गए। नईदुनिया में प्रकाशित ख़बर में इंदौर निवासी कमलकांत बाबूलाल शर्मा को दुर्घटना में मृत बताया गया। बाबू लाल शर्मा ने अगले दिन नईदुनिया को कानूनी तौर पर नोटिस थमा दिया। प्रधान संपादक श्रवण गर्ग ने धार ब्यूरो चीफ प्रेम विजय पाटिल को ग़लत ख़बर प्रकाशित करने लिए जमकर फटकार लगाई।

सुशील राणा को डर है जागरण प्रबंधन कहीं उन्हे किसी झूठे केस में न फंसा दे

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आई-नेक्स्ट (जागरण प्रकाशन लि.) के कर्मचारी रहे सुशील राणा को प्रबंधन ने मजीठिया से बचने की अपनी चालबाजियों के चलते अन्य कर्मियों की तरह एडिटोरियल से हटा कर प्रोडक्शन में भेज दिया था। इतना ही नहीं उन्हे डिमोट करके आर्ट डायरेक्टर से चीफ ग्रैफिक डिज़ाईनर बना दिया गया। राणा ने जब प्रबंधन के इस कदम का विरोध किया तो उनसे जबरिया रिलीविंग लैटर साइन करा कर नौकरी से निकाल दिया गया। राणा जागरण प्रबंधन की इस तानाशाही के सामने झुके नहीं और पूरे मामले की शिकायत 30 जून, 2014 को श्रम आयुक्त, कानपुर के यहां कर दी। श्रम आयुक्त ने जागरण प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए वार्ता के लिए बुलाया। मामले की सुनवाई 17 जुलाई को थी।

इलाहाबाद के गांव में दलित युवक को जिंदा दफनाने की कोशिश, विधायक के फोन पर छोड़े गए आरोपी

इलाहाबाद। यूपी में सरहंगों के आगे कानून व्यवस्था बौनी और पुलिस असहाय साबित हो रही है। ताजा मामला इलाहाबाद जिले के गंगापार के नवाबगंज क्षेत्र के भगौतीपुर गांव का है। दबंगों ने एक मजदूर किशोर को पहले पेड़ में बांधकर मार पीटकर अधमरा किया। बाद में उसे जिंदा दफन करने की कोशिश की गई। श्रृंग्वेरपुर पुलिस चैकी के दरोगा पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और किशोर की जान बचाई। पुलिस को देख चार युवक वहां से भागने लगे। पुलिस ने तीन लोगो को घेरकर पकड़ लिया। भुक्तभोगी युवक के पिता ने नवाबगंज थाने में इस अमानवीय घटना के बारे में पुलिस को तहरीर दी है।

मुख्यमंत्री जी, जो व्यक्ति गंभीर अपराध में लिप्त हैं आप उसे उत्तराखंड पुलिस का मुखिया कैसे बना सकते हैं?

मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत के नाम खुला पत्र

प्रति,
    श्रीमान मुख्यमंत्री,
    उत्तराखंड शासन,
    देहरादून.

आदरणीय मुख्यमंत्री जी,
                           उम्मीद है कि आप शीघ्र स्वस्थ होंगे. मैं आपका ध्यान एक बेहद गंभीर मसले की ओर एक बार फिर आकर्षित करना चाहता हूँ.

महोदय, दिनांक 17 जुलाई, 2014 को राज्य सभा में केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रश्न के उत्तर में यह स्वीकार किया कि उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक श्री बी.एस. सिद्धू ने देहरादून के बीरगीरवाली में आरक्षित वन भूमि को खरीदने का षड़यंत्र रचा और इस भूमि पर खड़े साल के पेड़ भी काटे. केंद्रीय मंत्री का संसद के उच्च सदन में दिया गया यह वक्तव्य बेहद गंभीर और चिंताजनक है. सरकारी जमीन खुर्द-बुर्द करने का षड़यंत्र रचने वाला और पेड़ काटने वाला व्यक्ति आखिरकार किसी भी राज्य में पुलिस का मुखिया कैसे रह सकता है?

नईदुनिया के फोटो जर्नलिस्ट पर हमला, कैमरा व नकदी लूटी

मुरैना। नईदुनिया के फोटो जर्नलिस्ट गिर्राज राजौरिया पर शुक्रवार दोपहर दो अज्ञात बदमाशों ने हमला कर कैमरा व नकदी लूट ली। हमले में राजौरिया गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय वे शहर के औद्योगिक क्षेत्र में खबर के लिए फोटो खींचने के लिए गए थे। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस मौके पर देरी से पहुंची। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट व डकैती का मामला दर्ज किया है।

खबर छपने से गुस्साए व्यक्ति ने पत्रकार पर चलार्इ गोली

मलोट। स्थानीय अखबार में छापी गई एक खबर को लेकर संबंधित पत्रकार व वैद्य के बीच झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि वैद्य ने पत्रकार पर गोली चला दी। इस मामले में पुलिस ने वैद्य को हिरासत में ले लिया है। घायल पत्रकार को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है।

लखनऊ की जनता में लखनऊ पुलिस के प्रति विश्वास की कमी : पीपल’स फोरम

आज पीपल’स फोरम की ओर से आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर तथा सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर द्वारा मोहनलालगंज में बलात्कार की घटना का मौके पर जा कर अध्ययन किया गया. इसमें अन्य बातों के अलावा यह पाया गया कि गाँव के चौकीदार द्वारा पुलिस को घटना की सूचना बहुत देरी से दी गयी, पुलिस को सूचना मिलने से पहले यह सूचना पत्रकारों को मिली और गाँव में लोगों ने पुलिस को इस घटना में कोई अधिक मदद नहीं किया.

हिन्दुस्तान बरेली के फोटोग्राफर और क्राइम रिपोर्टर को युवकोंं ने पीटा

Man-Hit

बरेली (उप्र) से सूचना है कि शुक्रवार रात सिटी ऑफिस से घर जा रहे हिन्दुस्तान के फोटोग्राफर दीप तिवारी की मोटरसाइकल सवार तीन युवकों ने पिटाई कर दी। अपने साथी को पिटता देख बचाने पहुंचे क्राइम रिपोर्टर अवनीश पांडे को भी युवकों द्वारा पीटा गया। घटना के बाद दीप और अवनीश ने युवकों के खिलाफ थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई है।

फेसबुक पर बन गया पेज- ”Justice for Nirbhaya Lucknow : Suspend SSP Praveen Kumar”

: रेपिस्टों-हत्यारों को फांसी दिलाने और लखनऊ के एसएसपी प्रवीण कुमार को सस्पेंड कराने के लिए फेसबुक पर बना पेज : घंटे भर में सैकड़ों लोगों ने लाइक किया : लखनऊ की निर्भया कांड की दिल दहला देने वाली तस्वीरें चीख चीख कर कह रही हैं कि रेपिस्टों को फांसी दो, लखनऊ में लॉ एंड आर्डर देख रहे एसएसपी प्रवीण कुमार को सस्पेंड करो. इन दो मांगों को लेकर एक फेसबुक पेज बनाया गया है. पेज का नाम है- ”Justice for Nirbhaya Lucknow : Suspend SSP Praveen Kumar”. इस पेज के बनते ही घंटे भर के भीतर सैकड़ों लोगों ने इसे लाइक कर लखनऊ की निर्भया को न्याय दिलाने का अभियान तेज कर दिया है.

लखनऊ निर्भया कांड : सोशल मीडिया पर एसएसपी प्रवीण कुमार को सस्पेंड करने की मांग उठी

कायदे से देखा जाए तो एक नौकरीपेशा महिला की गैंगरेप के बाद जघन्य तरीके से हत्या के असली अपराधी लखनऊ के लॉ एंड आर्डर कंट्रोल करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार हैं. जब बिल क्लिंटन जैसे शख्स के आने को लेकर चहुंओर पुलिस सुरक्षा मुस्तैद थी तो यह घटना कैसे हो गई. लोग कह रहे हैं कि आईपीएस प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिसिंग कभी जनपक्षधर नहीं रही है. यह शख्स हमेशा सत्ता और नेताओं के इशारों पर काम करता है और इसकी इसी ‘खासियत’ के कारण यह मायावती राज में भी प्रमुख पदों पर था और अब सपा राज में नोएडा, मुजफ्फरपुर के बाद लखनऊ का पुलिस कप्तान बना बैठा है. छोटे-मोटे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर मामले को शांत कराने में तत्पर यूपी सरकार अगर सचमुच चाहती है कि इस जघन्य निर्भया कांड के लिए न्याय दिया जाए तो दो काम तत्काल अनिवार्य है. पहला लखनऊ के एसएसपी प्रवीण कुमार को सस्पेंड करो, इनके क्रियाकलापों की जांच कराओ और रेपिस्टों को पकड़ कर ट्रायल कोर्ट के जरिए शीघ्र से शीघ्र फांसी पर लटकाओ. ये सारी बातें फेसबुक पर की जा रही हैं. आइए देखते हैं फेसबुक पर लखनऊ निर्भया कांड को लेकर क्या बातें हो रही हैं.

पैसा कमाने का धंधा है चैनल लाईसेंस की जमाखोरी, कार्यवाही के लिए सूचना-प्रसारण मंत्री को लिखा पत्र

सेवा में,                                                         श्री प्रकाश जावड़ेकर जी,       मंत्री(स्वतंत्र प्रभार),सूचना-प्रसारण मंत्रालय,       भारत सरकार,        नई दिल्ली।         15-07-2014 विषयः-चैनलों के लाईसेंस की जमाखोरी के संबंध में । महोदय,        आपके मंत्रालय द्वारा दी गई सूचना के अनुसार 30-06-2014 तक भारत में अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए न्यूज़ (373) और नॉन-न्यूज़ (295) को मिलाकर कुल 668 लाईसेंस …

लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है श्रीनगर(गढ़वाल) का यह मेडिकल कॉलेज

श्रीनगर( गढ़वाल, उत्तराखण्ड)। शहर से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित श्रीकोट में राज्य सरकार द्वारा एक मेडिकल कॉलेज खोला गया है जिसे वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान का बड़ा सा नाम भी दिया गया है। लेकिन लोगों के बेहतर इलाज के लिए खोला गया यह मेडिकल कॉलेज लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। घटना जुलाई महीने की ही है, हाथ पर लगी चोट के लिए इस मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती हुए सुरेश को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के करामाती डॉक्टरों ने हाथ की चोट के दर्द से नहीं बल्कि दुनिया से ही मुक्त कर दिया। यह अनोखा मेडिकल कॉलेज है जहां आदमी हाथ पर लगी चोट का इलाज कराने के दौरान मर जाता है।

भाजपा अध्यक्ष के रूप में अमित शाह की पहली परीक्षा उत्तराखण्ड उपचुनाव में होगी

Amit Shah

भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह को चुनाव रणनीति का माहिर माना जाता है। ऐसा माना जाता है, कि 16 वीं लोकसभा के चुनाव में उनकी बनाई रणनीति के चलते ही भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी कामयाबी मिली। पार्टी व उसके सहयोगी सूबे की 80 में से 73 सीटें जीतने में सफल रहे। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उत्तराखंड की तीन सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं। शाह के दिशा निर्देशन में इन तीन सीटों के चुनाव परिणाम उनके चुनाव कौशल को परखेंगे। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नज़रिए से इस उपचुनाव से कोई बडा उलटफेर राज्य की सियासत में नहीं होने वाला है लेकिन इससे आगामी कुछ महीनों में चार राज्यों हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर व झारखण्ड में होने वाले विधान सभा चुनावों की तस्वीर कुछ हद तक साफ हो जायेगी। क्योंकि इन राज्यों में लोकसभा चुनाव में पार्टी को जनता की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इससे यह अनुमान भी लगाना आसान होगा कि मोदी लहर का जनता पर अब कितना और किस हद तक प्रभाव है।

पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी की चपेट में आए कवरेज करने गए पत्रकार

जम्मू। आरएस पुरा सैक्टर में कवरेज के लिए गए पत्रकार पाकिस्तान द्वारा की गई गोलाबारी की चपेट में आ गए। हालांकि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी से बचने के लिए करवरेज के लिए गई मीडिया टीम को सीमा के साथ सटे गांव में जाकर अपनी जान बचानी पड़ी। अरनिया सैक्टर के गांव काकू दे कोठे में यह घटना उस समय हुई जब पत्रकार सीमा रेखा के निकट कवरेज का प्रयास कर रहे थे।

डॉ राघवेंद्रसिंह तोमर बने मध्य प्रदेश कांग्रेस आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के महासचिव

मन्दसौर, मध्यप्रदेश। कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण यादव ने मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी एवं सोशल मीडिया सेल का पुनर्गठन किया है। मन्दसौर जिला कांग्रेस महामंत्री डॉ. राघवेंद्रसिंह तोमर को नई कार्यकारणी में फिर से मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी एवं सोशल मीडिया सेल का महासचिव बनाया गया है। यह जानकारी मन्दसौर जिला कांग्रेस प्रवक्ता शिवभानु सिंह बघेल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी है।

आसाम के वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा का निधन

गुवाहाटी। वरिष्ठ पत्रकार और यूनाईटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया के गुवाहाटी और रांची के भुतपूर्व ब्यूरो चीफ सतीश चंद्र शर्मा(68) का गुरुवार को निधन हो गया। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे शर्मा राजधानी के इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती थे। उनका अंतिम संस्कार नवाग्रह शमशान घाट पर किया गया। उनके परिवार में एक पुत्र पंकज शर्मा, पत्रकार ‘द टेलिग्राफ’, और पुत्री अरुंधति दास हैं।

एसएफआई में सक्रिय रह चुके पत्रकार सुरेश बाफना आखिर कैसे सुमित्रा महाजन के ओएसडी हो सकते हैं!

Awadhesh Kumar : सुमित्रा महाजन के संभावित ओएसडी सुरेश बाफना (नई दुनिया के पत्रकार) का विरोध शुरू… भाजपा एवं संघ से सहानुभूति रखने वाले पत्रकारों के बीच इस बात की चर्चा गरम है कि नई दुनिया के सुरेश बाफना लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ औपचारिक तौर पर जुड़ने जा रहे हैं। इसे लेकर कई पत्रकारों में मैंने रोष देखा है। तर्क यह है कि एक एसएफआई में सक्रिय रहा आदमी आखिर कैसे सुमित्रा महाजन का सहयोगी हो सकता है? उनकी चिंता यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रियों को ओएसडी एवं सहयोगी बनाने के लिए तो मापदंड बना दिया है कि किसी को पद देने से पहले उसकी आईबी जांच होगी, पर सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष होने के बाद सरकार के नियंत्रण एवं प्रधानमंत्री के नेतृत्व से परे हो गईं हैं। वे तो स्वतंत्र हैं।

रिलायंस से टक्कर लेने वाले वरिष्ठ पत्रकार परंजय गुहा ठाकुरता ने किया भड़ास को री-लांच (देखें तस्वीरें और वीडियो)

क्या आप उस पत्रकार को जानते हैं जिसने रिलायंस और अंबानीज की नींद उड़ा रखी है? क्या उस पत्रकार को आप जानते हैं जिसने रिलायंस के लूट की कहानी सैकड़ों पन्नों में दर्ज की और इन पन्नों के किताब की शक्ल में छप कर सामने आते ही अंबानीज के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी? क्या उस पत्रकार को जानते हैं जिसे डराने के लिए अंबानी ब्रदर्स मुकेश और अनिल ने सौ-सौ करोड़ जुर्माने हर्जाने की नोटिस भेज रखी है और उस कानूनी नोटिस के दायरे में इस पत्रकार के करीबियों को भी लपेट लिया है? चलिए बता देते हैं. उस पत्रकार का नाम परंजय गुहा ठाकुरता है. रिलायंस की लूट को बेनकाब करने वाली इन्हीं की किताब ने तहलका मचा रखा है. किताब अभी तो अंग्रेजी में है लेकिन जल्द हिंदी में आने वाली है.

तनु शर्मा प्रकरण से फिर खड़ा हुआ सवालः खुद कितनी सुरक्षित हैं महिला पत्रकार?

‘बहुत मजबूत हूं मैं। सारी जिंदगी मेहनत की। संघर्ष किया। हर परेशानी से पार पाने की कोशिश करते-करते यहां तक पहुंची लेकिन आज बहुत मजबूर महसूस कर रही हूं। अपने सपनों को टूटते देखना, जिंदगी को एक ही झटके में सड़क पर देखना इतना भी आसां नहीं होता। जो लोग सारी जिंदगी अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए मेहनत करते है और जो जान लगा देते है उनके लिए एक सुबह अपने बिखरे सपनों के साथ उठना मौत से कम नहीं। इंडिया टीवी ने जो कुछ किया मेरे साथ वो एक भयानक सपने से कम नहीं। प्रसाद सर, मैं आपको कभी माफ नहीं करूंगी। अनीता शर्मा, आपके लिए तो शब्द ही नहीं है। एक औरत होकर भी आप ऐसा कर सकती है। अफसोस रहेगा कि मैंने इंडिया टीवी ज्वाइन किया और ऐसे लोगों के साथ काम किया जो विश्वासघात करते हैं, षड्यंत्र करते हैं।’ इंडिया टीवी की एंकर तनु शर्मा ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखे गए सुसाइड नोट में अपने साथ हुए मानसिक उत्पीड़न की दास्तान को कुछ इस तरह बयां किया। वह चैनल में दो वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को लेकर तनाव में थी। उसने 22 जून को इंडिया टीवी कार्यालय के बाहर नशीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि समय रहते अस्पताल पहुंचाने के कारण उसकी जान बचा ली गई।

फर्जीफिकेशन के आरोपी मास्साब-पत्रकार को निजी चैनलों की निगरानी समिति से हटाने की मांग

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने निजी टीवी चैनलों पर निगरानी के लिए बनी समिति में शामिल एक दागी पत्रकार-शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग जिलाधिकारी से की है। बीते 8 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी टीवी चैनलों की निगरानी समिति बनाई गयी। इसके बनते ही समिति में शामिल लोगों का विरोध होने लगा। बता दें कि ये शिक्षक कम पत्रकार महोदय अपने आप को वार्ता न्यूज ऐजेंसी का संवाददाता बताते हैं। हैं या नहीं ये तो वार्ता ही जाने और अगर हैं तो वार्ता एजेंसी को भी सावधान हो जाना चाहिए इस धूर्त और धोखेबाज शिक्षक कम पत्रकार से। बात दें कि अगर किसी प्रेस वार्ता में इन्हें नहीं बुलाया जाता तो यो भड़क उठते है कि किसी अखबार को मत बुलाओ मुझे बुला लोगे तो भी सब काम हो जायेगा।

राजस्थान के न्यूज़ चैनल बहस कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को नहीं देते मानदेय

राजस्थान में चलने वाले न्यूज़ चैनल भी दिल्ली के राष्ट्रीय चैनलों की तरह खबरों पर आने वाली लागत को कम करने के लिए घटनाओं-मुद्दों पर बहसों के कार्यक्रम चलाते हैं। लेकिन वे प्रतिभागियों को (जो न केवल वरिष्ठ और सम्माननीय हैं, बल्कि विशेषज्ञ भी हैं) मानदेय का भुगतान नहीं करते। इनमें ईटीवी और ज़ी मरुधरा जैसे प्रतिष्ठित चैनल भी शामिल हैं। समाचार प्लस, फर्स्ट इंडिया न्यूज़ और न्यू़ज़ इंडिया जैसे चैनल इनकी आड़ लेकर मासूम बहाना बनाकर शोषण करते हैं। वे भूल जाते हैं कि डीडी राजस्थान तो अपने कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बुलाकर शायद 2500 रुपए का मानदेय देता है और दिल्ली के सारे चैनल शायद 3000 रुपए मानदेय देते हैं। तो भैया सवाल यह है कि घर का पैट्रोल फूंककर ये कथित विशेषज्ञ बहस में जाते ही क्यों हैं।

रूदौली सीएचसी के डॉक्टर ने पत्रकारों से की अभद्रता, सीएमओ ने डॉक्टर को हटाया

भेलसर (फैजाबाद)। रुदौली सीएचसी का निरीक्षण करने आए सीएमओ से मीडियाकर्मियों ने अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं के संबंध में कई सवाल किए। पत्रकारों द्वारा सीएचसी की अव्यवस्थाओं के बारे में सवाल पूछने पर चिकित्सक डॉ. विजय सिंह सीएमओ के सामने ही पत्रकारों पर भड़क उठे। उन्होंने पत्रकारों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज भी की। इस बात पर सीएचसी अधीक्षक व सीएमओ मौन साध गए लेकिन स्थानीय पत्रकारों को यह बात नागवार गुजरी।

दैनिक भास्कर व दैनिक सवेरा के पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप में मामला दर्ज

यमुनानगर। खनन माफिया से जुड़े लोगों से पैसे लेने के लिये यमुनानगर में कई पत्रकार बदनाम है। जिनकी औकात कभी साईकिल की नहीं रही वह आजकल दो-दो कारों से घूमने लगे हैं। इतना ही नहीं कई पत्रकारों ने तो महिलाओं को बतौर अपनी पीए रखने का चलन शुरू कर दिया है। इन आरोपों प्रत्यारोपों के बीच ख़बर है खिजराबाद के एसएचओ ने एक व्यक्ति की शिकायत पर दो पत्रकारों के विरुद्ध ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। बताया जाता है कि पुलिस को लंबे समय से इस संबध में शिकायतें मिल रही थीं। मामला पत्रकारों से जुड़ा था इसलिए पुलिस अब तक थोड़ा ढिलाई बरत रही थी। लेकिन जब मामला ज्यादा बढ़ने लगा तो पुलिस ने दो पत्रकारों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया।

अगर हफ्ते भर में चैनलों पर ‘चमकता उत्तर प्रदेश’ का विज्ञापन शुरू हो जाए तो समझना लखनऊ के निर्भया कांड की खबर बिक गई

पंकज कुमार झा : आप गौर कीजियेगा. अगर सप्ताह भर के भीतर टीवी चैनलों में चमकता उत्तर प्रदेश का विज्ञापन शुरू हो जाय तो समझ लीजियेगा कि लखनऊ के निर्भया कांड की खबर बेच ली गयी है. करीब दो घंटा तक टाटा स्काय के लगभग हर चैनल पर घूमता रहा. कभी भी मुझे लखनऊ दरिंदगी की कोई खबर नहीं दिखी. आपको दिखी क्या? बलात्कार जैसी चीज़ों पर लिखने से बचता हूं, लेकिन निर्भया जैसी ही घटना लखनउ में हुई है (दुर्भाग्य ये कि निर्भया भी उत्तर प्रदेश से ही थी) लेकिन कहीं विरोध के वैसे स्वर नहीं दिख रहे हैं. चित्र आप सबने देखा ही होगा. क्या कहूं, क्या किया जाय? शब्द नहीं है मेरे पास. सर पर मानो वही खून नाच रहा हो. उफ़.

(पत्रकार और बीजेपी एक्टिविस्ट पंकज कुमार झा के फेसबुक वॉल से.)

‘आई विटनेस न्यूज’ में एचआर हेड ने प्रोग्रामिंग हेड पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, शिकायत थाने में दर्ज

गुड़गांव से सूचना आ रही है कि हरियाणा केंद्रित न्यूज चैनल आई विटनेस न्यूज में एचआर हेड ने चैनल के प्रोग्रामिंग हेड संदीप पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. महिला ने सुशांत लोक थाने में शिकायत दर्ज करा दी है. खबर है कि प्रोग्रामिंग हेड संदीप ने चैनल से इस्तीफा देकर गोपाल कांडा के साथ जुड़ गए हैं.

इंदौर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा-राज्यसभा का दौरा किया

: पूर्व प्रधानमंत्री सहित अनेक केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की : इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास के दौरान लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही देखी और विशिष्ठजनों से मुलाकात की। इंदौर प्रेस क्लब के ५० सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार एवं मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही देखी। लोकसभा में स्पीकर दीर्घा से स्पीकर की कुर्सी पर इंदौर की लोकप्रिय सांसद सुमित्रा महाजन को देखना सुखद क्षण रहा। प्रतिनिधिमंडल ने संसद परिसर में स्थित संसदीय लायब्रेरी और म्यूजियम भी देखा।

दूसरी बार भी न्यूज एक्सप्रेस में टिक नहीं पाए एसएन विनोद, अब दूसरी बार जिया न्यूज पहुंचे

वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं. कभी यहां तो कभी वहां. पर इससे बड़ी बात ये कि वे अब एक ही डाल पर बार-बार बैठने-उड़ने लगे हैं. न्यूज एक्सप्रेस से इस्तीफा देने के बाद एसएन विनोद जिया न्यूज पहुंचे थे. जिया न्यूज से इस्तीफा देकर फिर न्यूज एक्सप्रेस आए. अब खबर मिल रही है कि उन्होंने फिर से न्यूज एक्सप्रेस छोड़ दिया है. वे फिर जिया न्यूज पहुंच गए हैं.

एपीएन प्रबंधन ने स्ट्रिंगरों के साथ किया धोखा, ज्वायनिंग टाइम और स्टोरी नंबर में की कटौती

प्रिय यशवंत सर , सादर चरण स्पर्श. एपीन में संवाददाताओं की हालत की खबर छाप कर आपने सही किया. आपका तहे दिल से शुक्रिया.  सर कृपा करके मेरा नाम प्रकाशित ना करें. आपकी मेहरबानी होगी. मैं एपीएन की कुछ और कहानी बता रहा हूं. जब आपने स्ट्रिंगरों को पैसा न दिए जाने की खबर छापी तो भड़ास की खबर के बाद एपीएन प्रबंधतंत्र ने संवाददाताओं को नॉएडा आफिस बुलाया. वो भी 10-10 जिले करके. पूरे दिन बैठा कर ढकोसलेबाजी हुई. वहां गये रिपोर्टर के आगे बड़ा कैमरा लगा दिया गया, जैसे आज ही ये स्टार बना दिए जाएंगे. दोपहर में खाना तो दिया मगर उसके बाद निवाला ही छीन लिया.

सुरेंद्र धीमान अमर उजाला हिमाचल के नए स्टेट ब्यूरो, राजेश मंढोत्रा डिमोट कर धर्मशाला भेजे गए

अमर उजाला हिमाचल के स्टेट ब्यूरो का कार्यभार देख रहे राजेश मंढोत्रा को हटाकर चंडीगढ़ से सुरेंद्र धीमान को स्टेट ब्यूरो के पद पर भेजे जाने की सूचना है। पूर्व संपादक गिरीश गुरुरानी के समय पदोन्नत किए गए राजेश मंढोत्रा को करीब पांच साल बाद इस पद से डिमोट करके जिला ब्यूरो प्रमुख के पद पर धर्मशाला ज्वाइन करने के आदेश जारी किए गए हैं। चीफ सब से प्रमोशन किए जाने के बजाए जिला ब्यूरो में भेजे जाने पर राजेश मंढोत्रा आहत बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि उन्हें अंदरूनी राजनीति का शिकार बनाया गया है। शिमला डेस्क से धर्मशाला ब्यूरो में दिसंबर माह में डेपुटेशन पर भेजे गए सुनील चड्ढा के साथ भी अन्याय किया गया है। अपनी पारिवारिक दिक्कत के चलते गुहार लगाने पर उन्हें घर के नजदीक धर्मशाला भेजा गया था, मगर उनकी डेपुटेशन जारी रखी गई।

आर. अनुराधा ने अपने आखिरी इंटरव्यू में कहा था- ”मुझे रसोईघर में होना सख़्त नापसंद है…”

Dilip C Mandal : ”मुझे रसोईघर में होना सख़्त नापसंद है… I hate being in the kitchen…” अनुराधा ने ये शब्द एक अमेरिकी संस्था के लिए टीवी डाक्यूमेंट्री बनाने वाले को दिए इंटरव्यू में कहे थे। यह शायद उनका आख़िरी टीवी साक्षात्कार था। यहाँ अनुराधा उस पारंपरिक भारतीय नारी की छवि को तोड़ती है, जिससे उम्मीद की जाती है कि वह तभी आदर्श कहला सकती है जब वह खाना पकाए, घर वालों की सेवा करें। करियर और जीवन में कामयाबी हो चुकी कई महिलाएँ भी उम्मीद का यह बोझ सर से उतार नहीं पाती। उनका बेबसी भरा तर्क होता है कि पति को अपने हाथ का बनाकर खिलाने में मन को सुख मिलता। यह बात और है कि पति खाना बनाकर अक्सर ऐसा कोई सुख नहीं लेना चाहते।

भड़ास को परंजय गुहा ठाकुरता के साथ-साथ आप भी करिए री-लांच

Yashwant Singh : भड़ास Bhadas4media की रीलांचिंग प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है. वरिष्ठ पत्रकार परांजय गुहा ठाकुरता के हाथों इसकी शुरुआत होगी. अभी कई कमियां हैं वेबसाइट में, जिसे दूर करने में लगे हैं, लेकिन मोटामोटी जो हम लोग चाहते थे, वह नई वेबसाइट में है. एक तो यह पिक्टोरियल है. बड़ी बड़ी तस्वीरें तुरंत ध्यान खींचती हैं. सोशल मीडिया के बटन आर्टकिल के साथ है जिससे आप तुरंत आर्टकिल को एफबी या ट्विटर या गूगल प्लस पर शेयर कर सकते हैं. सबसे बड़ी बात कि हम इस टेंपलेट के जरिए जूमला के लैटेस्ट वर्जन का यूज करने लगे हैं.

मजीठिया लागू कराना राज्य सरकार का दायित्व, उपजा महामंत्री ने उप्र शासन को लिखा पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन(उपजा) के महामंत्री रमेश चंद जैन ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू किए जाने के संबंध में उप्र श्रम विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट के अंतर्गत इससे संबंधित कानूनों को लागू कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के संबंधित अभिकरणों की है। इसलिए राज्य सरकार को चाहिए कि वो सुप्रीम कोर्ट के मजीठिया पर आए निर्णय को अपने अधिकारियों की देखरेख में लागू करवाए और इस बात को सुनिश्चित कराए कि सभी कर्मचारियों को वेज बार्ड की सिफारिशो के अनुरूप वेतन-भत्ते आदि की मिल रहे हैं या नहीं।

बीजेपी को देश की गलियों तक पहुंचाना चाहता है संघ

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को मोदी सरकार के प्रति नहीं बल्कि संघ परिवार के प्रति जवाबदेह होना है। इसी पाठ को पढ़ने के लिये अमित शाह शुक्रवार को नागपुर में सर-संघचालक मोहन भागवत के सामने बैठेगें। और नागपुर के महाल स्थित संघ के मुखिया के निवास पर अमितशाह को यही पाठ पढ़ाया जायेगा कि आरएसएस की राजनीतिक सक्रियता ने नरेन्द्र मोदी को पीएम के पद पर पहुंचा दिया। अब संघ की सक्रियता बीजेपी को सबसे मजबूत संगठन के तौर पर खड़ा करना चाहती है। अमित शाह के लिये संघ जिस नारे को लगाना चाहता है वह दिल्ली से गली तक का नारा है। जनसंघ के दौर में सरसंघचालक गुरु गोलवरकर ने गली से दिल्ली तक का नारा लगा था।

रेवाड़ी जिला अस्पताल के नेत्र विभाग को कवर करने गए पत्रकारों से कर्मचारी ने की बदसलूकी

रेवाड़ी, 18 जुलाई। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में कवरेज करने गए कुछ पत्रकारों के साथ वहां मौजूद कर्मचारी ने न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि उनके कैमरों को भी तोड़ने की कोशिश की। यही नहीं पत्रकारों को अस्पताल में न घुसने की हिदायत देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कभी कोई पत्रकार अस्पताल में घुसेगा तो उसके साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाएगा। नेत्र विभाग के उक्त कर्मचारी ने पत्रकारों को कोई भी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

तब वैदिक जी ने बिना शर्म मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 12 लाख रुपये ले लिए थे

JD Shukla

पत्रकारिता एक ऐसा व्यवसाय है जिसे न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका के बाद चैथा महत्वपूर्ण स्तम्भ माना गया है। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल इसके विपरीत हो गयी है। पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यवसायिक स्पर्धा अपने मूल पेशे को भूल कर धन और पद अर्जन में लग गयी है और इसका जीता जागता प्रमाण स्वनाम धन्य पत्रकार श्री वेद प्रकाश वैदिक हैं। श्री वैदिक कभी डॉ. राममनोहर लोहिया पर थिसिस लिखा करते थे। और अपने को प्रखर समाजवादी प्रचारित करते थे और इसी प्रचार के बल पर जब पहली बार उत्तर प्रदेश में श्री मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने और अयोध्या का मंदिर-मस्जिद विवाद शुरू हुआ तो श्री वैदिक ने मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से 12 लाख रुपये लेने में जरा भी शर्म नहीं महसूस की जबकि यह कोष गरीबों, मजबूरों के लिए बनाया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तेहरान की एक दीवार पर बना चित्र

iran black hand

ईरान की राजधानी तेहरान में एक मुख्य सड़क से लगी दीवार पर बनायी गयी यह ग्रैफिटी सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। इसमें एक महिला के हाथ में बर्तन धोने वाले लिक्विड की बॉटल को फुटबॉल विश्वकप ट्रॉफी की तरह दिखाया गया है। महिला के कपड़े ठीक वैसे ही हैं जैसे कपड़े ईरान की फुटबॉल टीम पहनती है। किसी कलाकार ने विरोधस्वरूप ये ग्रैफिटी बनाई है। इसमें ब्लैक हैंड लिखा है जो बनाने वाले गुमनाम कलाकार की पहचान हो सकता है। ईरान में ग्रैफिटी पर प्रतिबंध है।