हार से खुद सबक लेने के बजाए सपा ने जनता को सबक सिखाने की ठान ली है

लोकतंत्र में हार और जीत होना स्वाभाविक सी प्रक्रिया है जिसे राजनैतिक दलों को मर्यादित रह कर स्वीकार करना चाहिए। न तो जीत के मद में चूर होकर जनता की मूलभूत समस्याओं से मुंह फेरना चाहिए और न ही हारने के बाद जनता की आवाज़ को उठाने से परेहज करना चाहिए। हार और जीत की दोनों चरम स्थितियों को समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में चखा लेकिन न तो विधानसभा में प्रचंड बहुमत से मिली जीत और न ही लोकसभा में हुई हार में समाजवादी पार्टी को जनता का दर्द नज़र आया। जीतने के बाद रेवाड़ियां तो बांटी गई लेकिन गरीब, युवा बेरोजगारों और भ्रष्टाचार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अलबत्ता प्रशासन में वही होने लगा जिसकी कयास चुनाव से पहले और चुनाव जीतने के बाद लोग लगाते रहे।

दिल्ली में बिजली की बढ़ी दरें वापस ली जाएं : आईपीएफ

नई दिल्ली । दिल्ली में बिजली की दरों में की गयी बेइंतहा बढ़ोतरी की आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) की दिल्ली इकाई ने कड़ी निंदा की है। प्रेस को जारी अपनी विज्ञप्ति में दिल्ली आइपीएफ के राज्य प्रवक्ता व राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य लाल देवेन्द्र सिंह चैहान ने कहा कि केन्द्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए और महंगाई से पीड़ित जनता पर और बोझ लादने के इस फैसले को वापस लेने के निर्देश देने चाहिए।

नेटवर्क18 डिजिटल की सीईओ दुर्गा रघुनाथ ने इस्तीफा दिया

नेटवर्क18 डिजिटल की सीईओ दुर्गा रघुनाथ ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होने इसी वर्ष अप्रैल में नेटवर्क18 डिजिटल ज्वाइन किया था और वे इसकी सभी डिजिटल कंटेंट साइटो के संचालन के लिए जिम्मेदार थीं। फर्स्टपोस्ट की सीईओ भी रहीं रघुनाथ 2010 में नेटवर्क18 ग्रुप से जुड़ीं थीं। वे द वॉल स्ट्रीट जर्नल, लाइवमिंट डॉटकॉम के साथ भी काम कर चुकीं हैं।

रोज़गार के विकल्प खुले रखें क्योंकि मीडिया में सिर्फ काम ही आपकी क़ाबिलीयत की कसौटी नहीं है

लोकसभा चुनाव से पहले खुला D-6 टीवी बंद हो गया। CNEB में ताला लगे 2 साल हो गए (अनुरंजन झा और राहुल देव जैसे बड़े-बड़े पत्रकार चैनल में थे)। सुदर्शन टीवी में लात-जूता हो गया। APN NEWS के लॉन्च होने से पहले ही एंकर के शोषण की खबर आई और NEWS30 का तो राम ही मालिक है। इसकी लॉन्चिंग डेट चार बार टल चुकी है, पता नहीं लॉन्च हो भी पाएगा या नहीं। और भी जो B या C ग्रेड चैनल चल रहे हैं या कहें रेंग रहे हैं उनमें कहीं कॉस्ट कटिंग, कहीं बॉस की बदली, कहीं नौकरी जाने का डर….

बीबीसी न्यूज 415 कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगा

BBC

ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन(बीबीसी) के समाचार निदेशक जेम्स हार्डिंग ने घोषणा की है कि लागत में कटौती की कवायद को जारी रखते हुए बीबीसी का समाचार विभाग करीब 415 नौकरियों को समाप्त करेगा। 2010 में लाइसेंस फीस के इस्तेमाल पर रोक लगने के बाद बीबीसी प्रबंधन द्वारा 800 मिलियन पाउन्ड की बचत का निर्णय लिया गया था। नौकरियों को समाप्त करने का निर्णय इसी कवायद का हिस्सा है।

राजस्थान संवाददाता मोहम्मद इकबाल को दि हिन्दू ने मुस्लिम होने के कारण हटाया!

Vineet Kumar : राजस्थान संवाददाता मोहम्मद इकबाल को दि हिन्दू ने राजस्थान से इसलिए हटा दिया क्योंकि वो नहीं चाहता कि जिस राज्य में बीजेपी की सरकार हो वहां कोई मुसलमान संवाददाता हो.. ये वही अखबार है जिसकी पंक्ति दर पंक्ति रंगकर लोग लाट साहब बनते हैं..

मजीठिया से बचने के लिए आई-नेक्स्ट कानपुर के कर्मियों के साथ जागरण प्रबंधन कर रहा बड़ा खेल

Vineet Kumar : जागरण समूह अपने मीडियाकर्मियों के साथ ठेके पर बीड़ी बनानेवाले मजदूरों से भी बदतर व्यवहार कर रहा है. वो अपने मीडियाकर्मियों को इस हालत में लाकर छोड़ दे रहा है कि वो जागरण समूह से इस्तीफा( जो कि जबरदस्ती भी लिए जा रहे हैं) देने के बाद भी अपनी काबिलियत के आधार पर काम करने लायक न रहे.

संपादक से बन गए रिपोर्टर, केबिन भी छिनी

छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर से प्रकाशित होने वाले दैनिक दबंग दुनिया समाचार पत्र के संपादक रमेश कुमार रिपु को बीते दिनों संपादक पद से हटाकर रिपोर्टर बना दिया गया है। संपादक पद से हटाए जाने के बाद संपादक रिपु की केबिन भी छीन कर संस्थान के मार्केटिंग डिर्पाटमेंट को दे दी गई है। केबिन छीन जाने के बाद संपादक ने मैनेजमेंट के सामने मिन्नतें कर सिटी चीफ के केबिन पर कब्जा जमा लिया है।

मिथिलेश सिन्हा 34 साल की लंबी पारी के बाद नवभारत टाइम्स से रिटायर

पत्रकारिता में करीब 34 साल की लंबी पारी खेलने के बाद गुरुवार को नवभारत टाइम्स, मुंबई के असिस्टेंट एडिटर मिथिलेश सिन्हा सेवानिवृत हो गए। तत्कालीन फेमस मनोरंजन और सिनेमा पर आधारित पत्रिका ‘माधुरी’ से नौकरी की शुरुआत करने वाले सिन्हा ने इस दौरान न सिर्फ कई अहम जिम्मेदारियां संभाली बल्कि फिल्मी गलियारों में हर शख्सियत की घटित होने वाली खबरों से देश-दुनिया को रूबरू कराया।

पीएम के साथ विदेश यात्रा कवर करने जाते रहने वाले दर्जनों पत्रकारों को मोदी ने दिखाया ठेंगा

Sumant Bhattacharya : मोदी के ब्राजील दौरे की तमाम खबरों के बीच एक दिलचस्प बात सामने नहीं आ सकी, मोदी ने प्रधानमंत्री के विमान में मुफ्तखोर-चाटुकार पत्रकारों की भीड़ को ले जाने की कांग्रेसी रस्म को खत्म कर दिया, सिर्फ दूरदर्शन, पीटीआई और एएनआई के पत्रकार प्रधानमंत्री के विमान में गए…….अब टुकड़खोर पत्रकारों जाइए अपने पैसों से और पीटिए ढोल, जैसा और जितना मन करे। इसे मैं पत्रकारिता और पत्रकारों के गिरते नैतिक साख के एक भारी संकेत के तौर पर ले रहा हूं, आपका क्या ख्याल है…

वरिष्ठ पत्रकार सुमंत भट्टाचार्य के फेसबुक वॉल से.

वरिष्ठ पत्रकार महरुद्दीन खान को एक डेढ़ हफ्ते में सुरक्षा गारद मिल जाएगी : नवनीत सहगल

शंभूनाथ शुक्ल : उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार हर मोर्चे पर एक्टिव हुई है। कल मुझे मित्रवर Siddharth Kalhans ने बताया कि मैने डॉ. Maheruddin Khan से को परेशान किए जाने से संबंधित जो पोस्ट फेसबुक पर डाली थी उसे स्वयं मुख्यमंत्री जी ने पढ़ी और तत्काल उन्हें सिक्योरिटी मुहैया कराए जाने का आर्डर पास …

सुकेश रंजन ने इंडिया टीवी छोड़ा, न्यूज24 संभालेंगे दीप, न्यूजलोक डाट काम से दिनेश जुड़े, कई अन्य इधर-उधर

न्यूज24 में कई बदलाव होने लगे हैं. अजीत अंजुम के इस्तीफे के बाद चैनल की मालकिन अनुराधा प्रसाद ने एक इनटरनल मेल जारी करके चैनल की जिम्मेदारी दीप उपाध्याय को सौंप दी है. दीप डिप्टी डायरेक्टर न्यूज के पद पर कार्यरत हैं. दीप को चैनल में आए करीब छह महीने हुए हैं. उधर एक अन्य घटनाक्रम के तहत सुकेश रंजन ने इंडिया टीवी को अलविदा कह दिया है. वे न्यूज24 में बतौर एडिटर इनपुट काम करेंगे. सुकेश आईबीएन7 में भी काम कर चुके हैं.

वरिष्ठ पत्रकार महरुद्दीन खान की सोशल मीडिया पर आई खबर को टाइम्स आफ इंडिया ने प्रमुखता से छापा

यह सोशल मीडिया की ताकत है कि जिस खबर को यहां प्रमुखता से उठाया जाता है, उसे बड़े अखबार भी छापने को मजबूर हो जाते हैं. दादरी के पास एक गांव में रह रहे वरिष्ठ पत्रकार महरुद्दीन खान को सिर्फ इसलिए गोली से मारने की धमकी मिल रही है कि वो मुस्लिम हैं. इसी कारण से उनके परिजनों को भी गोली मारी गई. महरुद्दीन खान ने दुखी होकर एक पत्र भड़ास समेत कई वेबसाइटों के पास भेजा.

मजीठिया एरियर के लिए पूर्व कर्मियों ने राजस्थान पत्रिका को दिया नोटिस

जयपुर। राजस्थान पत्रिका के कम्प्यूटर विभाग में डिज़ायनर पद पर रहे विमल सिंह तंवर ने 18 जुलाई 2013 को संस्थान से इस्तीफा दे दिया था। मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों के लागू होने के बाद उन्हे उम्मीद थी कि पत्रिका प्रबंधन उन्हे एरियर व अन्य लाभ दे देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विमल ने पत्रिका के संपादक, मुद्रक व प्रकाशक के नाम नोटिस भेज कर सात दिनों के अन्दर नए वेज बोर्ड के हिसाब से बकाया भुगतान की मांग की है। तय सीमा में भुगतान न होने पर वे न्यायालय की शरण लेंगे।

नेताओं से थोड़ा सम्मान मिलते ही पत्रकारों को आत्म-मुग्धता का रोग लग जाता है

भारतीय राजनीति के अमर सिंह और हाफिज सईद से मुलाकात करके चर्चा में आए वेद प्रताप वैदिक में भला क्या समानता हो सकती है। लेकिन मुलाकात पर मचे बवंडर पर वैदिक जिस तरह सफाई दे रहे हैं, उससे मुझे अनायास ही अमर सिंह की याद हो आई। तब भारतीय राजनीति में अमर सिंह का जलवा …

लुटेरी बिजली कंपनियों से भाजपा की हुई डील, तभी तो दिल्ली में बिजली के दाम में वृद्धि कर दी

भाजपा ने दाम बढ़ाया तो दिल्ली की जनता को केजरीवाल की बिजली बिल के खिलाफ लड़ाई याद आने लगी… मोदी जब अमीरों और पूंजीपतियों के लिए ‘अच्छे दिन’ लाने में जुट गए हैं तो सवाल ये होने लगा है कि क्या गरीबों और नौकरी पेशा के लिए ‘अच्छे दिन’ लाने की औकात सिर्फ केजरीवाल में ही है!… सोशल मीडिया में इसको लेकर बहस शुरू हो चुकी है…

28वें सप्ताह की टीआरपी : जी न्यूज की बुरी हालत, दो नए चैनलों न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज ने पछाड़ा

एक जमाने का मशहूर न्यूज चैनल जी न्यूज इन दिनों बेहद बुरी हालत में है. चैनल की टीआरपी इतनी नीचे गिर गई है कि चैनल के कर्ताधर्ताओं को अब सोचना पड़ेगा. इस साल के 28वें हफ्ते के दर्शक विवरण यानि टीआरपी का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि दो नए न्यूज चैनलों न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज ने जी न्यूज को पटकनी दे रखी है. जी न्यूज अब नंबर चार से नंबर छह पर फिसल चुका है.

सीजीनेट वाले शुभ्रांशु चौधरी को एक्सपोज करेंगी उनकी पत्नी स्मिता चौधरी, पढ़िए मेल

स्मिता और शुभ्रांशु : पुराने दिनों की एक तस्वीरस्मिता और शुभ्रांशु : पुराने दिनों की एक तस्वीर

Dear All,

I am the wife of Shubhranshu Choudhary, who has won many awards for CGNet work which we started together. From 1/4/14 he is absconding after taking away whatever he could take. This in my understanding happened because I filed a complaint about him for Dometic Violence, and all the pretense of being objective, and humble and democratic had to go or he would have to deal with a lot of difficulty in being questioned by peers.

शालीमार पेंट्स में काम फिलहाल बंद

बंगाल में बंद कल कारखानों को खुलवाने के संकल्प के साथ मां मानुष माटी की सरकार सत्ता में आया। बंद कल कारखाने तो खुल नहीं रहे हैं, लेकिन चालू औद्योगिक इकाइयां बंद होने लगी हैं। इसी सिलसिले में नया नाम जुड़ा है शालीमार पेंट्स का। बाजार में रंग बनाने वाली नयी कंपनियों के मुकाबले शालीमार लगातार बेरंग होता रहा और अब उसके बंद हो जाने से एक सदी पुरानी इस कंपनी के शानदार इतिहास का लगभग पटाक्षेप हो गया। कर्मचारी सदमे में हैं और राज्य सरकार की तरफ से कोई पहल अभी हो नहीं पायी है जबकि प्रबंधन का कहना है कि लगातार चार महीने से कारखाना चालू रखने की कवायद के बावजूद, कर्मचारियों को वेतन भुगतान जारी रखने के बावजूद वे आगे काम जारी रखने में असमर्थ है। प्रबंधन के इस आकस्मिक निर्णय से गुस्से में हैं कर्मचारी।

कांठ प्रकरण पर पीपल’स फोरम द्वारा मौके के अध्ययन के बाद जारी ग्राउंड रिपोर्ट

प्रस्तावना- पीपल’स फोरम लखनऊ स्थित एक सामाजिक संगठन है जो मूल रूप से लोकजीवन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व तथा मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करता है. यह अध्ययन आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता सलीम बेग, डॉ नूतन ठाकुर, दानिश खान, अभिषेक सिंह आदि द्वारा किया गया है. इसमें दोनों पक्ष के लोगों के अलावा राजनैतिक व्यक्तियों तथा प्रशासन के जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं अन्य सजग बुद्धिजीवी संवर्गों से वार्ता तथा पूछताछ कर इस पूरे मामले की वस्तुस्थिति को अकादमिक ढंग से समझने का प्रयास किया गया है. साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी सम्बंधित पक्षों के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं. इस अध्ययन की विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार को भी सौंपी जायेगी.

पत्रकार विवेक सत्य मित्रम ने लांच किया ‘एडवाइस अड्डा डाट काम’

Hi Friends!

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पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए उप्र सरकार ने गठित की मीडिया समन्वय समिति

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा, आवास, स्वास्थ एवं परिवहन संबंधी दिक्कतों के निराकरण के लिए सरकार ने मीडिया समन्वय समिति का गठन किया है। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की मांग को पूरा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस समिति के गठन के निर्देश दिए थे। समिति राज्य मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी जिलों के पत्रकारों के आवास, सुरक्षा, स्वास्थ एवं परिवहन संबंधी परेशानियों का निराकरण करेगी।

एआईआर एफएम टॉवर गिरने की घटना के जांच के आदेश

नई दिल्ली। सरकार ने 30 मई को आए तूफान में किंग्सवे कैंप(उत्तर दिल्ली) स्थित ऑल इंडिया रेडियो के 149 मीटर ऊंचे हाई पॉवर एफएम ट्रांसमीटर टॉवर के गिरने की जांच के आदेश दिए हैं। एफएमम ट्रांसमीटर के गिरने से इसका एंटीना और फीडर केबल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस ट्रांसमीटर का उपयोग जिन 5 निजी एफएम संचालकों द्वारा किया जाता है उनकी सेवाएं बुरी तरह बाधित हो गई थी।

भास्कर प्रबंधन की तानाशाही के विरोध में बब्लू कुमार करेंगे भूख हड़ताल

Hunger Strike

दैनिक भास्कर रांची के Ad Scheduling विभाग में एक्ज़ीक्यूटिव पद पर कार्यरत बब्लू कुमार ने ‘मजीठिया नहीं चाहिए’ के घोषणा-पत्र पर साइन करने से इंकार कर दिया था और अन्य साथियों के साथ भास्कर प्रबंधन की शिकायत उप-श्रमायुक्त, रांची के यहां कर दी थी। उप-श्रमायुक्त, रांची ने बब्लू व अन्य की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए भास्कर प्रबंधन के उच्च उधिकारियों को नोटिस जारी कर तलब कर लिया था। इसी बीच 27 जून को बब्लू का तबादला बाड़मेर(राजस्थान) के लिए कर दिया गया और उन्हे 4 जुलाई तक ज्वाइन करने को कहा गया। बब्लू ने बाड़मेर ज्वाइन नहीं किया। बब्लू ने पत्र लिख कर इस पूरे मामले की शिकायत श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव से की है।

क्या दोनो सरकारों की जानकारी में हुई वैदिक-सईद की मुलाकात?

प्रधानमंत्री मोदी के साथ बाबा रामदेव। और बाब रामदेव के साथ प्रताप वैदिक। यह दो तस्वीरे मोदी सरकार से वेद प्रताप वैदिक की कितनी निकटता दिखलाती है। सवाल उठ सकते हैं। लेकिन देश में हर कोई जानता है कि चुनाव के दौर में नरेन्द्र मोदी के लिये बाब रामदेव योग छोड़कर राजनीतिक यात्रा पर निकले थे और वेद प्रताप वैदिक ने सबसे पहले मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने पर लेख लिखा था। तो फिर पाकिस्तान में ऐसी तस्वीरों को किस रुप में देखा जाता होगा। खासकर तब जब कश्मीर को लेकर बीजेपी लगातार गरजती रही हो और संघ परिवार हमेशा कश्मीर के लिये दो दो हाथ करने को तैयार रहता हो। ऐसे मोड़ पर मोदी के पीएम बनने के बाद पाकिस्तान में भी भारत के ऐसे चिंतकों को महत्व दिया जाने लगा, जिनका पाकिस्तान पहले से आना जाना हो और जिनकी करीबी संघ परिवार या कहे मोदी सरकार की विचारधापरा से हो। वेद प्रताप वैदिक इस घेरे में पाकिस्तान के लिये फिट बैठते हैं, क्योंकि बीते एक बरस के दौर में मनमोहन सरकार के खिलाफ लगातार लिखने वाले वैदिक बीजेपी और मोदी के हक में लिख रहे थे।

आर. अनुराधा को याद करते हुए डा. जुल्का बोले- कैंसर जागरूकता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना ज़रूरी

Breast-Cancer-Awareness

नई दिल्ली। कैंसर के चोटी के विशेषज्ञ देश के तमाम स्कूली पाठ्यक्रमों में कैंसर जागरूकता को शामिल करने के हक में हैं। उनका मानना है कि लड़कियों के शरीर और खासकर स्तन में होने वाले बदलावों को भी सिलेबस में शमिल किया जाना चाहिए। ऐसा करके लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं क्योंकि अगर अगर इन बदलावों को समय पर पहचान कर कैंसर के मामलों का इलाज किया जाए तो स्तन कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है।

उलटा पड़ा दांव: ट्राई संशोधन विधेयक में कांग्रेस ने करा ली अपनी ही फजीहत

कांग्रेस ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के संशोधन विधेयक के मुद्दे पर मोदी सरकार को राजनीतिक संकट में डालने का दांव चला था। लेकिन, हड़बड़ी में बनाई गई रणनीति कांग्रेस के गले के लिए फांस बनकर रह गई। राजनीतिक रणनीति के अपने पहले दांव में ही कांग्रेस ने अपनी इतनी फजीहत करा ली कि उसका राज्यसभा का सबसे बड़ा हथियार भी भोंथरा साबित होने लगा है। सरकार के राजनीतिक प्रबंधकों ने उस्तादी की चाल चली, जिसके चलते कांग्रेस का पूरा खेल बिगड़ गया। यहां तक कि इस मुद्दे पर यूपीए में बिखराव हो गया। यह बात जग जाहिर हो गई कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यूपीए के घटक दलों को एकजुट करने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। इस पहले निर्णायक राजनीतिक ‘गोल’ से भाजपा रणनीतिकारों के हौसले बढ़ गए हैं। जबकि, राजनीतिक लामबंदी के खेल में कांग्रेस एक हद तक अलग-थलग पड़ती दिखाई पड़ रही है।

अंबेडकरवादी साहित्य पत्रिका ‘अपेक्षा’ के संपादक व प्रसिद्ध आलोचक डॉ. तेज सिंह का निधन

अंबेडकरवादी साहित्य के मुखपत्र ‘अपेक्षा’ के प्रखर संपादक-आलोचक डॉ. तेज सिंह, 68, का 15 जुलाई को दिल्ली में हृदयाघात से निधन हो गया। आज बुधवार को सुबह 9 बजे गीता कालोनी के शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। डॉ. तेज सिंह का जन्म दिल्ली के गांव घौंड़ली, कृष्णा नगर में 13 जुलाई, 1946 को हुआ था। उनकी शिक्षा दिल्ली के स्कूल व उच्च-शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय व जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में पूरी हुई। डॉ. तेज सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस के हिंदी-विभाग में अनुसंधान वैज्ञानिक, एसोसिएट प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

सरकार निजी एफएम चैनलों को एआईआर न्यूज़ बुलेटिन के प्रसारण की अनुमति देगी

javdekar

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज प्रश्न काल के दौरान लोकसभा को बताया कि सरकार निजी एफएम चैनलों को समाचार प्रसारण की अनुमति देगी। फिलहाल निजी एफएम चैनल ‘एफएम रेडियो फेज़-III’ के अंतर्गत स्वीकृत गाइडलाइन्स के तहत सिर्फ ऑल इंडिया रेडियो के बुलेटिन से ही, उसी फॉरमेट में, समाचार प्रसारित कर पाएंगे। सरकार भविष्य में विचार कर इस नीति में परिवर्तन कर सकती है।

मेरी सामाजिक चेतना का एक बड़ा हिस्सा सदैव राम बहादुर राय का अनुगत रहता है : ओम प्रकाश सिंह

Om Prakash Singh : धन्यवाद संजय जी, पत्रकारिता के उस दौर में हम दोनों ही कई बार भूखे रहते थे। दूसरे भी साथी। मैंने बहुत पत्रकारिता की, अनेक लोगों के साथ काम किया लेकिन भारत स्वराष्ट्र के दौर में जो साथी मिले, वैसे मिले, लेकिन बहुत कम मिले। आप, विकास, तरुण पाठक, जय शंकर तिवारी, अजय पांडे, जेठा जी भूले नहीं भूलते। और भी तकरीबन दर्जन भर साथी। भाई मोहन सिंह जी भी। मेरे अग्रज सुदीप जी भी । मुनीर अहमद मोमिन साहब से तो जस की तस मित्रता आज भी बनी हुई है. कभी बताया नहीं , उस दौरान टी बी से बहुत बुरी तरह जकड उठा था मैं। उसकी गाँठ दाहिने हाथ में कंधे के नीचे अभी भी बनी हुई है।

चांडक ने 300 करोड़ की सप्लाइ की, उसको इ सीबीआइ वाला एप्रूवर बना दिया : लालू प्रसाद यादव

Lalu Prasad Yadav : सोमवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश की अदालत में मेरे द्वारा दिए बयान :- हम तो गंगा की तरह निर्मल हैं. हमको इन लोगों (सीबीआइ) ने वीरप्पन समझ लिया.कहता है लालू ने चारा खाया.जिसने (दीपेश चांडक) मलाई खायी, उसे एप्रूवर बना दिया.वाह रे इंसाफ.हमने केस किया.हम मुद्दई हैंहमें ही मुदालय बना दिया। राजनीतिक विरोधियों ने हमें फंसाया.दिल्ली में मेरी सुनी जाती थी. हम प्रधानमंत्री बनवाते थे. हमारा यह रुतबा विरोधियों को नहीं भाया. हमको बदनाम किया.घर से ससुराल तक कुदाल से खोद डाला. DA(आय से अधिक संपत्ति) का भी केस किया, लेकिन सब हार गए। इन लोगों ने सोचा कहां से एक अहीर का बेटा यहां आ गया है. वह जो चाहता है, वह होता है. इसलिए हमें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया. हम ने कोई अपराध नहीं किया. राजनीति की रोटी, जो एक ही तरफ से पक रही थी, उसे पलट दिया. गरीबों और पिछड़ों की आवाज बना. यही हमारे विरोधियों को रास नहीं आयी और हमें फंसा दिया| अब तो चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी गयी है.

पत्रकारिता की दुनिया में मेरा प्रवेश ओमप्रकाश जी के जरिए हुआ

Sanjay Tiwari : हालांकि मैं उनका सबसे नकारा चेला था फिर भी जिसे पत्रकारिता जैसा कुछ कहते होंगे उस दुनिया में प्रवेश तो ओमप्रकाश जी Om Prakash Singh के जरिए ही हुआ. खांटी समाजवादी पृष्ठभूमिवाले ओमप्रकाश सिंह ने हालांकि बोलकर कभी कुछ सिखाया नहीं लेकिन जो भारत स्वराष्ट्र समाचार उन्होंने शुरू किया था वहां से सालभर भगाया भी नहीं. करीब करीब सालभर पेटपर पलकर उनके साथ काम करते रहे. उसके बाद २२-२३ साल की उम्र में किसी और साप्ताहिक के अति उत्साही संपादक बन गये जिसका सिर्फ दो अंक ही प्रकाशित हो पाया.

मूढ़ताओं के लिए किसी पत्रकार को गिरफ्तार करने की मांग रखना अभिव्यक्ति के काम में खतरनाक अड़ंगा है : ओम थानवी

Om Thanvi : वैदिक जी का हल्ला जरूरत से ज्यादा हो गया। भला उसमें संसद को सर पर उठाने जैसा क्या था? कांग्रेस की यह मांग हास्यास्पद रही कि वैदिक को गिरफ्तार किया जाय। राहुल गांधी ने कहा है, वैदिक संघ के आदमी हैं। वैदिक जी किसी के नहीं हैं, मौका मिले तो हर कहीं हैं। पत्रकार के नाते सरगना सईद से मिलने में कोई हर्ज नहीं था, यह मैं पहले लिख चुका। हां, लौटकर हाफ़िज़ सईद की छवि गांठना, पाकिस्तान में अपने आप को विदेश नीति का विशेषज्ञ, दूत या पूर्व प्रधानमंत्रियों का सलाहकार आदि जाहिर करना या संघ को प्रमाण-पत्र काटना आपत्तिजनक था। मगर इतना नहीं कि संसद ठप्प हो, हर टीवी चैनल पर लाल पहनावे में वैदिक प्रलाप का आयोजन हो।

इन चुनाव परिणामों को कैसे देखें बहुजन?

फारवर्ड प्रेस के ताजा अंक की कवर स्‍टोरी के रूप में प्रकाशित प्रेमकुमार मणि का यह लेख मुख्‍य रूप से भारत के बहुजनों को संबोधित है। श्री मणि हिंदी के प्रमुख चिंतकों में गिने जाते हैं। उनकी पहचान उत्‍तर भारत में समाजिक न्‍याय की राजनीति के एक प्रमुख रणनीतिकार की भी रही है।  उनका यह विरोत्‍तेजक लेख भारतीय राजनीति के कई ऐसे पहलुओं को केंद्र में लाता है, जिन पर हिंदी का बौद्धिक तबका प्राय: बात करने से बचता है। हम चाहेंगे कि आपके वेव पोर्टल के माध्‍यम से भी यह बहस आगे बढे.

– प्रमोद रंजन,  संपादक, फारवर्ड प्रेस

चैनल के मालिक ने संपादक के घर एक बड़ी रकम सुरक्षित रखने को भेजा, पैसा वापस आने पर करोड़ों रुपये गायब मिले !

Mahendra Kumar Srivastava :  संपादक पर आरोप गंभीर !

1. चैनल के मालिक ने संपादक के घर एक बड़ी रकम सुरक्षित रखने को भेजा, पैसा वापस आने पर करोड़ों रुपये गायब मिले !

2. चैनल के कार्यक्रम में मंत्री और सांसद को अतिथि बनाने के नाम पर लाखों रूपये वसूले, कहा गया कि मंत्री और सांसद पैसे मांग रहे हैं ।

महरुद्दीन खां जैसा व्यक्ति हिंदू या मुसलमान नहीं होता, वह तो सिर्फ इंसान होता है

Yashwant Singh : मेहरूद्दीन सर की एक चिट्ठी आई है. आप भी पढ़ें. उनके दर्द को समझें. नीचे अटैच है. वे किन हालात में जी रहे होंगे, ये भी समझें. उनका गांव दादरी के पास है, जो ग्रेटर नोएडा में है. उन्हें गोली से मारने की धमकी दी जा रही है, सिर्फ इसलिए वे जिस …

पूर्व विजेता ने ज़ी सिनेस्टार्स पर लगाया झूठे वादों का आरोप, पुलिस में की शिकायत

Peeyush

पीयूष चोपड़ा के साथ जो हुआ वो टीवी रिएलिटी शो में भाग ले कर बड़ा कैरियर बनाने का सपना देखने वालों के लिए सबक है। पीयूष ज़ी सिने स्टार्स 2007 के विजेता हैं। उनका कहना है कि सात साल के लम्बे इन्तज़ार के बाद भी उन्हे वो नहीं मिला जिसका वादा उनसे किया गया था। ज़ी सिने स्टार्स का विजेता होने के नाते उन्हे एक फिल्म में रोल दिए जाने का वादा किया गया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ज़ी द्वारा शुरू किए जा रहे ज़ी सिनेस्टार्स की खोज के नए सीज़न की ख़बरो को देख के पीयूष को अपने छले जाने का एहसास हुआ। शो के प्रतिभागियों को सच्चाई का एहसास कराने के लिए पीयूष ने शो के निर्माताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है।

जब प्रदीप राय ने अपने घर पर भड़ास के यशवंत और पीड़ित एंकर व प्रोड्यूसर की मीटिंग बुलाई….

खबर है तो चीखेगी, टैगलाइन वाले एपीएन चैनल के एंकर प्रताड़ना मामले में ताजा अपडेट ये है कि प्रदीप राय ने पीड़ित एंकर और भड़ास 4 मीडिया के यशवंत सिंह को अलग-अलग 12.07.14 को बुलाया। सबसे उनका मकसद भी अलग-अलग था। यशवंत ने पीड़ित एंकर को सूचना दी तो उसने भी बताया कि उसे भी बुलाया गया है। तब तय हुआ कि पीड़ित प्रोड्यूसर को भी साथ ले चला जाए। प्रदीप राय चैनेल की एडिटर-इन-चीफ राजश्री राय के पति हैं, और खुद कहते हैं कि उस चैनल का मैं कुछ नहीं, तब फिर किस हैसियत से उन्होंने पीड़ित और पीड़ित की खबर छापने वाले को बुलाकर बात की, पता नहीं।

शिमला की लोकल ख़बरों के ‌‌लिए अमर उजाला ने लॉन्च की वेबसाइट

शिमला। अमर उजाला के न्यूज़ पोर्टल www.amarujala.com के ‘आपका शहर’ सेक्शन में अब ‘शिमला’ भी जुड़ गया है। शहर के लोग लोकल ख़बरें पढ़ने के लिए अब सीधे www.shimla.amarujala.com पर लॉग इन कर सकते हैं। अमर उजाला द्वारा मंगलवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रदेश की सिंचाई और जनस्वास्‍थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स और ‌शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा भी उपस्थित थे।

वरिष्ठ पत्रकार अमरेन्द्र बोस का निधन

बारीपदा(ओडिशा)। प्रख्यात पत्रकार अमरेन्द्र लाल बोस(88) का मंगलवार को निधन हो गया। वे लम्बे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे। अपने 60 साल से भी अधिक के कैरियर में बोस ने टेलीग्राफ, द इंडियन एक्सप्रेस, हिन्दुस्तान स्टैंडर्ड, आनंद बाज़ार पत्रिका, संबाद और ब्लिट्ज के लिए काम किया। इस समय वह टाइम्स ऑफ इंडिया और यूएनआई के लिए लेखन कर रहे थे। बोस के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। उत्तर ओडिशा विवि ने उन्हे डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि प्रदान की थी।

प्रदीप हेजमादी बने ज़ी टीवी के बिज़नेस हेड

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्रईज़ेज़ लिं. (ज़ीईईएल) ने प्रदीप हेजमादी को ज़ी टीवी का नया बिजनेस हेड नियुक्त किया है। प्रदीप ज़ी टीवी के समस्त कार्यपलापों के लिए जिम्मेदार होंगे और सीधे ज़ीईईएल के चीफ कंटेंट एंड क्रिएटिव ऑफिसर भारत रंगा को रिपोर्ट करेंगे। वे इससे पहले टैम मीडिया रिसर्च प्रा. लि. में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (स्ट्रैटेजी ग्रुप एंड मार्केटिंग) थे। वे पिछले 18 सालों से भारतीय माडिया इंडस्ट्री में कार्य कर रहे हैं।

मोदी की अमेरिका यात्रा की तैयारी में जुटे कारोबारी

न्यूजर्सी/नई दिल्ली: भारतीय अमेरिकी समुदाय के उद्योगपति और कारोबारी सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित अमेरिका दौरे के कार्यक्रम की तैयारी में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस से जुड़े अनेक संगठनों ने श्री मोदी की यात्रा पर विचार के लिए बैठकों का आयोजन किया है। शलभ कुमार और अनिल मोंगा जैसे कुछ प्रभावशाली उद्यमियों ने पिछले दिनों इस संबंध में न्यूयॉर्क में भारत के कोंसुलाधीश ज्ञानेश्वर मुले से भेंट की है।

‘न्यूज11’ चैनल के डायरेक्टर अरूप चटर्जी पर धोखाधड़ी का मुकदमा

धनबाद से खबर है कि न्यूज चैनल न्यूज11 के डायरेक्टर अरूप चटर्जी के खिलाफ क्लासिक ऑटोमोबाइल शोरूम के प्रोपराइटर राजन प्रसाद ने 11 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत बैंकमोड़ थाने में दर्ज करायी है। शिकायतपत्र के आधार पर चटर्जी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।  अरूप चटर्जी खुद को आजसू का नेता भी बताता है।

कमल शर्मा का तबादला, प्रियंका और अली मोहम्‍मद का इस्‍तीफा

अमर उजाला, अलीगढ़ से खबर है कि कमल शर्मा का तबादला बरेली के लिए कर दिया गया है. वे सिटी इंचार्ज के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. बताया जा रहा है कि पूर्व संपादक सचिन शर्मा के विरुद्ध दर्ज हुए मामले को हल ना करा पाने के चलते कमल शर्मा को तबादला करके सजा दी गई है. वे काफी समय से अमर उजाला से जुड़े हुए हैं.

एक शहर के कागजी संगठन और प्रेस कांउसिल आफ इंडिया

प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के अस्तित्व को लेकर वैसे भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। टीवी समाचारों के इस धधकते दौर में केवल प्रिंट मीडिया पर आने वाली खबरों को संज्ञान में लेने की ताकत रखने वाली इस संस्था को खत्म कर एक नयी संस्था मीडिया काउंसिल या किसी और नाम के साथ बनाने की जरुरत उठती रही है। देश भर के श्रमजीवी पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन आईएफडब्लूजे ने सबसे पहले इस मांग को उठाया और आज तक कायम है।

हिंदुस्तान अखबार में कानाफूसी : शशि शेखर जाएंगे, हेमंत शर्मा आएंगे!

केंद्र में भाजपा की सरकार बन जाने के बाद मीडिया में उथल पुथल जारी है. सेठ लोग भाजपा फ्रेंडली संपादकों की तलाश कर रहे हैं और कांग्रेस के जमाने के संपादकों को विदाई दे रहे हैं. ताजी कानाफूसी हिंदुस्तान अखबार में हो रही है. इस अखबार की मालकिन शोभना भरतिया का कांग्रेस प्रेम जगजाहिर है. पर वह अखबार को सत्ता के बदले सियासी दौर में सत्तानुकूल करने की कवायद में लग गई हैं. इसी के तहत चर्चा जोरों पर है कि शशि शेखर विदा होने वाले हैं और उनकी जगह हेमंत शर्मा एडिटर इन चीफ होकर आएंगे. हेमंत शर्मा इन दिनों इंडिया टीवी में प्रमुख पद पर हैं और रजत शर्मा के काफी करीबी हैं.

पी साईनाथ और प्रवीन स्वामी ने ‘द हिन्दू’ से इस्तीफा दिया

‘द हिन्दू’ से एक बड़ी ख़बर आ रही है, वरिष्ठ संपादकों पी. साईनाथ और प्रवीन स्वामी ने इस्तीफा दे दिया है। प्रवीन स्वामी के बारे में सूचना है कि उन्होने इंडियन एक्सप्रेस ज्वाइन कर लिया है। उन्हे नेशनल एडिटर, स्ट्रैटिजिक एंड इंटरनेशनल अफेयर्स बनाया गया है। वे सीधे चीफ एडिटर राज कमल झा को रिपोर्ट करेंगे। वहीं पी साईनाथ के बारे में सूचना है कि वे फिलहाल कुछ ग्रामीण प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे उसके बाद ही किसी संस्थान से जुड़ने पर विचार करेंगे।

तालिबान नेताओं का इंटरव्यू लेने गए पाकिस्तानी पत्रकार को चार साल की सजा

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पाकिस्तान के एक पत्रकार को तालिबान नेताओं से साक्षात्कार के लिए अवैध रूप से अफगानिस्तान में घुसना महंगा पड़ गया। उसे चार वर्ष की सजा सुनायी गई है। कराची स्थित एआरवाई न्यूज़ के पत्रकार फैजुल्ला खान को अप्रैल में अफगानिस्तान के पूर्वी नंगरहार प्रांत में गिरफ्तार किया गया था। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने बताया कि खान पर अवैध रूप से देश में घुसने और जासूसी करने का भी आरोप था। लेकिन तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सुनवाई करते हुए जासूसी के आरोप तो हटा लिये लेकिन अवैध रूप से अफगानिस्तान में प्रवेश करने के जुर्म में उसे चार साल कैद की सजा सुनायी।

राजस्थान के पत्रकारों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन, शीघ्र कार्यवाही की मांग

परम सम्माननीया श्रीमती वसुन्धरा राजे जी,
मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार

विषय:-राजस्थान के पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण बाबत।

आदणीय महोदया,
                   वन्देमातरम। राजस्थान के आम चुनावों में आपने जिस गति और तीव्रता से आम जनता को सम्बोधित व प्रभावित किया तथा राजस्थान की जनता ने आपको अपना अभूतपूर्व मत व समर्थन देकर वीरभूमी राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर सुशोभित किया, यह इतिहास की एक चिरस्मरणीय घटना है। तत्पश्चात एक और जय-जयकारी घटना ने जन्म लिया, आपके नेतृत्व में पार्टी ने उत्साह और उमंग के साथ लोकसभा चुनावों में शत प्रतिशत सफलता अर्जित कर विजय पताका फहराते हुए जय-जय राजस्थान के  गगनभेदी नारों से विपक्षियों में हाहाकार मचा दिया। राज्य की बागडोर अब आपके हाथों में है, आने वाली पीढी युगों युगों तक आपके नेतृत्व को याद करे और राजस्थान के सर्वांगीण विकास को आप असली जामा पहनाएं इसी आशा और विश्वास के साथ प्रिन्ट मीडिया जर्नस्टि एसोसिएशन राजस्थान आपको आपके सुनहरे भविष्य के लिए बधाई देता है।

Nominations to 12th PCI in the category of working journalists are subject to HC verdict

To
The Editor
Bhadas4Media Web Portal

Our attention has been drawn to an item published in your portal, which says that the IFWJ led by Mr. K. Vikram Rao and IJU led by Mr. Suresh Akhouri are not recognized by the Press Council of India. To provide authenticity to the news item you have also reproduced the photocopy of the notification of the Press Council of India of 30th April 2014.  However, we must categorically state that the Press Council has no business to recognize or derecognize any organization. This news item is bound to create confusion among your readers because it is based on half-truths. Needless to say, that half-truths are more dangerous than even total lies. The fact is that this notification of the Press Council of India is meaningless as the Hon’ble High Court of Delhi has made it clear to the Press Council of India and to the Government of India that any selection from the category of working journalists would be subject to the verdict of High Court. The Hon’ble High Court has obviously found that the notification of the Press Council is erroneous.

यूपी के झांसी में राजनैतिक गुंडागर्दी और इसमें डीएम-एसएसपी की मिलीभगत के खिलाफ फेसबुक पर अभियान

मऊरानीपुर(झाँसी) के उप-निदेशक कृषि, विनोद कुमार राय के साथ उनके विभाग के एक कर्मचारी एवं विधायक के पति द्वारा की गई गुण्डागर्दी और इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फेसबुक पर “जस्टिस फॉर विनोद राय” https://www.facebook.com/justiceforvinodrai नाम से एक अभियान शुरू कर दिया है.

गोइन्का साहित्य पुरस्कारों की घोषणा, हिन्दी पत्रकारिता के लिए विष्णु नागर सम्मानित

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने वर्ष 2014 के लिए पुरस्कारों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के ‘गोइन्का व्यंग्य साहित्य सारस्वत सम्मान’ से वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. हरि जोशी विभूषित किये जायेंगे। व्यंग्य विधा के लिए ‘स्नेहलता गोइन्का व्यंग्यभूषण पुरस्कार’ सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार श्री यज्ञ शर्मा को उनकी कृति ‘सरकार का घड़ा’ एवं व्यंग्य साहित्य में उनके समग्र योगदान के लिए घोषित किया है। महिला साहित्यकारों के लिए ‘रत्नीदेवी गोइन्का वाग्देवी पुरस्कार’ सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती ममता कालिया को उनकी कृति ‘दुक्खम सुक्खम’ एवं साहित्य में समग्र योगदान के लिए घोषित किया है।

संसद में तकरार: वैदिक के बहाने सरकार के ‘हिडेन’ एजेंडे का सवाल!

वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक इन दिनों खासी चर्चा में आ गए हैं। पिछले दिनों वैदिक ने पाकिस्तान यात्रा के दौरान लाहौर में कट्टरवादी संगठन जमायत-ए-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद से मुलाकात की थी। उन्होंने इस मुलाकात की फोटो अपने फेसबुक अकाउंट पर खुद अपलोड की है। इसके बाद राजनीतिक हल्कों में खासी सनसनी बढ़ गई। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने पत्रकार वैदिक और भारत के मोस्टवॉन्टेड आतंकी हाफिज सईद के मुद्दे को तूल देने की कोशिश शुरू कर दी है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को राज्यसभा में कांग्रेस के नेताओं ने हंगामा करने को कोशिश की। इसके चलते दो बार सदन को कुछ-कुछ देर के लिए स्थगित भी करना पड़ा। विपक्षी सदस्य इस मामले में सरकार की नीयत पर सवाल उठाते रहे। यह कहते रहे कि हाफिज से मुलाकात के पीछे उच्च स्तर पर सरकार की भूमिका जरूर रही है। ऐसे में, वे चाहते हैं कि सरकार इस सच्चाई को देश के सामने रखे कि आखिर उसे चुपचाप मुंबई आतंकी हमले के सबसे बड़े साजिशकर्ता से संवाद शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

मुस्लिम होने के कारण बुजुर्ग ईमानदार पत्रकार महरुद्दीन खान को गांव न छोड़ने पर गोली मारने की धमकी

दादरी (ग्रेटर नोएडा)। काफी सोच विचार के बाद तय किया कि जो हमारे परिवार के साथ हो रहा है सब लिख कर ही दिया जाए। अब लग यही रहा है कि गांव छोड़ना ही पड़ेगा क्योंकि गांव के कुछ साम्प्रदायिक और अपराधी तत्वों ने घोषणा कर दी है कि उन्हे इस गांव में मुसलमान का …

पत्रकार ओंकार सिंह का एक पैर गैंगरिन की वजह से काट दिया गया

Saurabh N Sharma : अभी अभी पता चला है कि मेरे पुराने वरिष्‍ठ साथी ओंकार सिंह जी का गैंगरिन की वजह से एक पैर काट दिया गया। फिलहाल वह गाजियाबाद में अपने भतीजे के पास हैं। यह एक दुखद घटना है। ओंकार जी ने संभवत: अपने करियर की शुरूआत बरेली अमर उजाला से की थी और तब मेरी वहीं उनके साथी पत्रकार अमिताभ सक्‍सेना (जो अब इस दुनिया में नहीं है) जी के साथ मुलाकात हुई थी।

मोदी के सलाहकारों ने एक न्यूज चैनल के जरिए वैदिक जी को एक्सपोज करवा दिया : ओम थानवी

Om Thanvi : मुझे ऐसा शुबहा होता है कि बाबा रामदेव का हाथ सर पर लेकर वैदिकजी मोदी के दरबार में अपनी “कूटनीतिक योग्यता” का डंका पीट रहे थे कि कहीं राजदूत बना दिए जाएं; लेकिन मोदी या उनके सलाहकारों ने एक टीवी चैनल के जरिए उनको खुद एक्सपोज करवा दिया। न रहा बांस, न बजी बांसुरी। बाद को रही-सही कसर अपने बड़बोलेपन और प्रचार की भूख में वैदिकजी ने खुद पूरी कर दी। इतनी कि कोई उम्मीद लेकर कहीं उठने -बैठने लायक भी नहीं रह गए।

जनसत्ता के संपादक ओम थानवी के फेसबुक वॉल से.

अमित शाह के बेटे की शादी की तस्वीरें रिलायंस के पीआरओ ने मीडिया को मेल की

Nachiketa Journalist : कल भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र की सगाई थी. इस समारोह में तीन केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अरुण जेटली और राजनाथ सिंह के अलावा गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण अडवाणी मौजूद थे. बड़े उद्योग घराने रिलायंस और अदानी समूह के उच्च अधिकारी भी मेहमानों में शामिल थे. इस पेज तीन में प्रमुख समाचार बनने की घटना की तस्वीरे अख़बारों को किसने ईमेल की होंगी इसका अंदाज़ लगायीए तो जरा.

के. विक्रम राव और सुरेश अखौरी के पत्रकार संगठनों को मान्यता नहीं मिली, देखें सूची

The attached copy of the Notification of Pres Council of India Notifying Unions / Associations as representative bodies of the Working Journalists other then Editors and others for the purposes of the XII th three year term of the Council. 

‘सुदर्शन न्यूज’ चैनल के आफिस के भीतर हुए बवाल का वीडियो भड़ास के पास, आप भी देखें

पिछले दिनों सुदर्शन न्यूज के आफिस के अंदर कर्मियों में आपस में लड़ाई हो गई. इस बवाल का वीडियो भड़ास के पास है. इस वीडियो से साफ जाहिर है कि कर्मचारियों में काफी असंतोष है और प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों में दो गुट बनाकर एक दूसरे से लड़ाया जा रहा है. पुराने कर्मियों को साइड लाइन किया जा रहा है और नए लोगों को पूरा अधिकार देकर पुराने लोगों को प्रताड़ित कराया जा रहा है ताकि ये लोग नौकरी छोड़कर चले जाएं.

हरियाणा के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को नहीं देना होगा टोल टैक्स

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने अब मान्यता प्राप्त पत्रकारों को राज्य सरकार के टोल बैरियरों पर मुफ्त आने जाने की सुविधा देने की घोषणा की है। अब पत्रकारों को टोल बैरियरों पर कोई भी टोल टैक्स नहीं देना होगा। सरकार के इस फैसले पर प्रदेश के पत्रकारों ने खुशी जताई है और मुख्यमंत्री का आभार जताया है। हरियाणा पत्रकार संघ के प्रदेश सचिव डा. राजकुमार गोयल का कहना है कि कईं राज्यों में पत्रकारों को यह सुविधा प्राप्त थी लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा अभी तक यह सुविधा प्रदान नहीं की गई थी। इसको लेकर कईं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे जा चुके थे लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा था।

पंजाब केसरी के पत्रकार ने नकली ट्रैवल एजैंट बन मारी ठगी

जालंधर : विभिन्न अपराधों के लिए बदनाम पंजाब केसरी के पत्रकारों की लिस्ट में अब जाली ट्रैवल एजैंसी का मामला भी जुड़ गया है। फतेहगढ़ साहिब में पंजाब केसरी के पत्रकार सुरेश शर्मा पर अब टीचर के बेटे को विदेश भेजने के नाम पर 10 लाख ठगने का आरोप लगा है । टीचर का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर वह उन्हें धमका रहा है कि यदि पैसे मांगे तो वह उनके परिवार को झूठे मामले में फंसा देगा। पीड़िता ने एस.एस.पी. फतेहगढ़ साहिब के पास लिखित शिकायत दर्ज करवाई है।

रफीक खान बने एडिटर, सतीश श्रीवास्तव को साथ लाए, राहुल शर्मा न्यूज11 में एंकर बनकर पहुंचे

जबलपुर से खबर है कि पीपुल्स समाचार में रफीक खान को संपादक बनाया गया है. रफीक पहले राज एक्सप्रेस और हरिभूमि जैसे अखबारों में काम कर चुके हैं. पीपुल्स समाचार, जबलपुर में राजेश पाण्डेय, गीत दीक्षित, जितेन्द्र रिछारिया, अभि मनोज जैसे लोग संपादक रह चुके हैं. रफीक खान को संपादक बनाए जाने को लेकर कई लोगों में आक्रोश भी है. रफीक अपने साथ सतीश श्रीवास्तव को लेकर पीपुल्स में आए हैं.

चुनावी चैनल ‘डी6 टीवी’ बंद, दर्जनों बेरोजगार, मालिक अशोक सहगल ने खरीदी डस्टर कार

दिल्ली में 19 फरवरी से ‘डी6 टीवी’ की शुरुआत हुई थी….. करीब छब्बीस लोगों के साथ इस चैनल की शुरुआत हुई थी…. कानाफूसी थी कि चैनल में कपिल सब्बल का पैसा लगा है और उन्हीं को जिताने के लिए ये चैनल शुरू किया गया है… चैनल से जुड़ने वाले मीडियाकर्मियों से कहा गया कि ये एक वैब चैनल है, आगे चलकर इसे सैटेलाईट करने की योजना है… उस दौरान ये चैनल  सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए खोला गया था…  इस बात को कई कर्मचारी जानते थे और कइयों को यह बिलकुल ज्ञान नहीं था कि यह चुनावी चैनल है… बताया जाता है कि इस चैनल के मालिक को चुनाव के दौरान एक खास एजेंडे पर काम करना था और जहां से जितना मिले उतने धन की उगाही कर लेनी थी… इस चैनल के मालिक अशोक सहगल ने इस चैनल से जुड़े लोगों से बड़े-बड़े वादे किये… इस चैनल को चलाने के लिए कई तरह के लालच प्रलोभन सपने कर्मियों को दिखाए बताए दिए गए… लेकिन अफसोस चुनाव के बाद मालिक ने बिना किसी पूर्व सूचना के 14 कर्मचारियों को निकाल दिया…

कांग्रेस-मुक्त भारत बना, अब दाग-मुक्त संसद बनाएं, बस एक आरटीआई लगाएं

सुजीत कुमार सिंह 'प्रिंस'हमारा देश एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। मतदाताओं ने कांग्रेसमुक्त भारत बना दिया है। लेकिन संसद दागदार हो गयी है। 186 सांसदों पर गंभीर आरोप हैं जिनमें बलात्कार, हत्या, अपहरण, दंगा, महिलाओं पर हिंसा जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। यहां तक कि मोदी सरकार के मंत्रियों में से लगभग एक तिहाई लोग भी दागदार हैं। पिछली लोकसभा में दागी सांसदों की संख्या 162 थी। अब संसद को दागमुक्त करना हमारा दायित्व है। मोदी सरकार ने स्पीडी ट्रायल द्वारा ऐसे सांसदों के मामलों को एक साल के भीतर निपटाने की बात कही है। संभव है कि दागी सांसदों को बेदाग बताने के लिए जांच एजेंसियों को प्रभावित किया जाये, गवाहों को खरीदा और पीड़ित पक्ष को धमकाया जाये। इसलिए, दागी सांसदों के मामलों पर जागरूक नागरिकों की निगरानी जरूरी है।

वेद प्रताप वैदिक पर दाग दूसरे हैं, हाफिज सईद से मुलाक़ात कोई दाग नहीं, कोई अपराध नहीं

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एक समय मैं फ़िल्मी हिरोइनों  के इंटरव्यू बहुत करता था। उन के बारे में लिखता भी बहुत था । तो हिरोइनों से मिलने को ले कर घर में पत्नी फुदक-फुदक पड़ती थीं । कहतीं कि क्या आप के अखबार में और कोई नहीं है यह काम करने के लिए ? अब देख रहा हूं  कि वेद प्रताप वैदिक के हाफिज सईद से मिलने को ले कर उसी  तरह चैनल और कांग्रेस के लोग उचक रहे हैं । उन की आपत्तियां भी वैसी ही हैं जैसी मेरी पत्नी की तब हुआ करती थीं । सौतिया  डाह की भी एक हद होती है । कांग्रेस अपनी पूरी मूर्खता से इस मामले में अपनी फजीहत करवाने पर पिल पड़ी है । रही बात चैनलों की तो उन के पास कोई मुद्दा नहीं होता , एक आग होती है टी आर पी की जिस में झुलसे बिना उस का गुज़ारा नहीं होता । तो चैनलों को एक विवाद मिल गया है । जब तक दूसरा नहीं  मिलता यह चलेगा क्या, दौड़ेगा। पत्रकारीय सौतिया डाह अपनी जगह है । कि हाय, हम क्यों नहीं मिल लिए हाफिज सईद से सो अलग । और जो मिल लिए होते तो आप देखते कि  कैसे चीख-चीख कर ब्रेकिंग न्यूज चलाते । कि  यह देखिए , वह  देखिए ।  गोया  सारे दर्शक गधे और बहरे हैं । लेकिन जैसा कि  वैदिक कूद कह रहे हैं इन पत्रकारों की पीड़ा को कि , ‘ हाय हुसेन हम न हुए ! ‘ और तो और वैदिक की हाफ़िज़ सईद की मुलाक़ात को यासीन मालिक की हाफ़िज़ सईद से मुलाक़ात की तुलना की जा रही है । वैदिक का पासपोर्ट  ज़ब्त करने और उन की गिरफ्तारी की बात कांग्रेस कर रही है । यह तो और हास्यास्पद है ।

मजीठिया के लिए धर्मशाला (हि.प्र.) के अमर उजाला कर्मी पहुंचे लेबर कोर्ट

मजीठिया वेज बोर्ड लागू न किए जाने के खिलाफ एक लड़ाई हिमाचल प्रदेश में भी लड़ी जा रही है। ये अलग बात है कि इस लड़ाई में सिर्फ अमर उजाला के पत्रकार बंधु ही आगे आए हैं। असंतुष्ट अमर उजाला कर्मियों ने धर्मशाला स्थित लेबर निरीक्षक के पास इस संबंध में शिकायत की है। इसकी सुनवाई की तिथि 24 जुलाई रखी गई है।

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डीटीएच और केबल टीवी पर दूरदर्शन का प्रसारण अनिवार्य होगा

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अहमदाबाद। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि उनका मंत्रालय राष्‍ट्रीय टीवी चैनल दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो को निजी टीवी चैनलों की तर्ज़ पर पॉपुलर करने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य करेगा। उन्होने कहा कि दूरदर्शन और ऑल इण्‍डिया रेडियो को ऑडीएंस की पहली पसन्‍द बनाना ही उनका लक्ष्‍य है।

पंजाब केसरी के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज, खबर न छापने के लिए रुपए मांगने का आरोप

जयपुर। पंजाब केसरी के मालिकान और एक रिपोर्टर के खिलाफ एक्सटॉर्शन और मानहानि का मुक़दमा दर्ज किया गया है। दुर्गापुर सूर्या नगर निवासी और ‘चीलगाड़ी’ रेस्तरां चेन के मालिक देव प्रकाश मीणा ने गांधी नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि पंजाब केसरी के मालिक विजय कुमार एवं आदित्य के इशारे पर अख़बार में 23 जून से 03 जुलाई तक उनके खिलाफ झूठी एवं मनगढ़ंत ख़बरें छापी गई।

ममता किरण की कविताओं में आधुनिक जीवन से जुड़े प्रश्न हैं, जीवन की दौड़ में गुम होती संवेदनाएं हैं

MAMTA KIRAN

ममता किरण की कविताएं अतीत राग सरीखी है। लोक लय में वह परिवेश से जुड़ी हमारी सनातन परम्पराओं को कविताओं में गहरे से सहेजती है तो आधुनिकता में छीजते जा रहे जीवन मूल्यों पर प्रहार भी करती है। महत्वपूर्ण यह है कि उनकी कविताएं अतीत राग में जीवन से जुड़े उदात्त भावों को गहरे से संजोए है। कविता में स्त्री की व्यंजना वह नदी रूपी उस संस्कृति से करती हैं जिसमें सबके लिए देने को कुछ न कुछ है। कविता पंक्तियां देखें, ‘स्त्री मांगती है नदी से/ सभ्यता के गुण/ जलाती है दीप आस्था के/ नदी में प्रवाहित कर/ करती है मंगल कामना सबके लिए/ और…/ अपने लिए मांगती है…/ सिर्फ नदी होना..’ इस ‘नदी होने’ की व्यंजना में ही ममता किरण कवयित्री के अपने होने की जैसे शब्द दर शब्द तलाश करती है।

आजकल ये जो फेसबुक है, वह बिना लाइसेंस के सबके पास है : शिवमूर्ति

बहुत कम ही लेखकों के साथ ऐसा होता है कि वे जितना अच्छा लिखते हैं, उतना ही अच्छा बोलते भी हैं। शिवमूर्ति ऐसे ही रचनाकार हैं। जो पढ़ने बैठिए तो लगता है कि एक ही सांस में पूरा खत्म कर लें और जो सुनिए तो बस सुनते ही चले जाइए। उनका कहा रोचक भी होता है और विचारपूर्ण भी। किस्से-कहानी, लोकगीत-दोहा-चौपाई, कहावतें-मुहावरों का तो विपुल भण्डार है उनके पास। चुटकी और व्यंग्य का खिलंदड़ा अन्दाज़ और हंसी-हंसी में बड़ी बात कह देने का कौशल। शनिवार को सुपरिचित साहित्यकार अखिलेश के नए उपन्यास ‘निर्वासन’ पर चर्चा के लिए लखनऊ में आयोजित संगोष्ठी में उनको सुनना हर बार की तरह अविस्मरणीय अनुभव तो रहा। इस बहाने सोशल मीडिया, समकालीन साहित्यिक परिदृश्य, हिन्दी साहित्य पर विदेशी प्रभाव को लेकर उनकी जो टिप्पणियां सुनने को मिलीं वे भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। 

मुंबई में टाइम्स समूह को छोड़ किसी ने नहीं दिया मजीठिया (देखें आरटीआई)

मुंबई। मजीठिया से बचने के लिए अखबार मालिकान अन्य तिकड़मों के साथ ही अपने स्थायी कर्मचारियों की कम संख्या दिखाकर मुंबई के श्रम विभाग को धोखा दे रहे हैं। एक पत्रकार ने पिछले दिनों सूचना के अधिकार के तहत श्रम विभाग से जानकारी मांगी थी कि मुंबई के कौन-कौन से समाचार पत्रों में मजिठिया को लागू किया गया है। श्रम विभाग से जो जानकारी मिली है उससे चौंकाने वाली सच्चाई सामने आयी। मुंबई में टाइम्स समूह को छोड़कर किसी भी समाचार पत्र ने मजीठिया लागू नहीं किया है।

आखिरकार झुके शैलेंद भदौरिया, ड्राफ्ट आए और कर्मचारियों को वेतन मिला

मेरठ : नेशनल दुनिया में कर्मचारियों के तीन से चार माह के वेतन न मिलने के संदर्भ में पिछले डेढ़ माह से कर्मी लेबर कमिश्नर के पास दौड़ लगा रहे थे। मुकदमें, सम्मन और तमाम नोटिसों के बाद प्रबंधन द्वारा आनन-फानन में चेक जारी कर दिया गया। इन्हें कैश होने के पहले ही मेल व मैसेज कर चेक जमा करने से मना कर दिया और तीन दिन में ड्राफ्ट देने की बात कही। ड्रॉफ्ट आए और कर्मचारियों को वेतन मिला। कुछ कर्मचारियों का वेतन अभी भी बाकी है, उनके ड्रॉफ्ट आने बाकी हैं।

विहिप के वरिष्ठ नेता आचार्य गिरिराज किशोर का निधन

Awadhesh Kumar : आचार्य गिरिराज किशोर का जाना… विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठतम नेताओं में शुमार आचार्य गिरिराज किशोर के निधन पर भारत में अपने नजरिए से प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जाएगी। ये वहीं गिरिराज किशोर हैं जिन्हें राबड़ी देवी के मुख्यमंत्रीत्व काल में लालू प्रसाद यादव ने पटना हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया और उन्हें वापस लौटना पड़ा। उस समय का प्रदेश भाजपा नेतृत्व इसके खिलाफ कुछ बोला ही नहीं। हालांकि प्रदेश भर में संघ परिवार के अन्य संगठनों ने उसका विरोध किया।

मोदी के बजट की असलियत और अमेरिकी न्यौते की खासियत समझिए पुण्य प्रसून बाजपेयी से

बजट में ऐसा क्या है कि दुनिया मोदी की मुरीद हो रही है। और बजट के अगले ही दिन दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक देश के राष्ट्रपति का न्यौता दुनिया के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश के पीएम को मिल गया। असल में मौजूदा वक्त में भारत दुनिया के सबसे बड़े बाजार का प्रतीक है। और मोदी के बजट ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, रक्षा उपक्रम, इनर्जी सिक्यूरटी के लिये जिस तरह दुनिया को भारत आने के लिये ललचाया है उसने मनमोहन इक्नामिक्स से कई कदम आगे छलांग लगा दी है। वजह भी यही है कि ओबामा मोदी की मुलाकात का इंतजार समूची दुनिया को है। और खुद अमेरिका भी इस सच को समझ रहा है कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां आने वाले वक्त में रेलवे में 5 से 10 लाख करोड़ का निवेश होना है। सड़क निर्माण में 2 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश होना है। बंदरगाहों को विकसित करने में भी 3-4 लाख करोड़ लगेंगे।

डीएनए इंग्लिश अखबार नहीं झेल सका अमित शाह के खिलाफ राणा अय्यूब का लेख, वेबसाइट से डिलीट किया, सोशल मीडिया में आक्रोश

नयी दिल्‍ली : मशहूर पत्रकार राणा अय्यूब के लेख को डीएनए न्‍यूज पेपर की वेबसाइट से हटाये जाने को लेकर सोशल मीडिया में जोरदार हंगामा शुरू हो गया है. कहा जा रहा है कि भारत में सभी को बोलने का अधिकार दिया गया है. राणा के लेख को दबाया जाना अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को चुनौती देना है. इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने भी न्‍यूज पेपर की आलोचना की है.

‘न्यूज एक्सप्रेस एमपी-सीजी’ चैनल का साफ्ट लांच

साईं प्रसाद मीडिया की तरफ से मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़ के लिए न्यूज एक्सप्रेस एमपी-सीजी न्यूज चैनल लांच किया गया है. बीते रोज भोपाल में न्यूज एक्सप्रेस के एमपी-सीजी चैनल के हेड एसपी त्रिपाठी के नेतृत्व में कई विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में चैनल की साफ्ट लांचिंग की गई. इस मौके पर साईं प्रसाद मीडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शशांक भापकर, न्यूज एक्सप्रेस के रीजनल चैनलों की लांचिंग के प्रभारी और साईं प्रसाद मीडिया में वरिष्ठ पद पर कार्यरत प्रसून शुक्ला आदि मौजूद थे.

वैदिक जी की जगह किसी मुस्लिम हिंदुस्तानी पत्रकार की मीटिंग हाफिज सईद से हुई होती तो उसे अब तक आतंकी घोषित किया जा चुका होता

Zafar Irshad : सीनियर पत्रकार वेद प्रकाश वैदिक जी दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी हाफिज सईद से मिल कर आये, तो इसे सौहार्दपूर्ण मुलाकात कहा जा रहा है…. अभी कोई मुस्लिम हिंदुस्तानी पत्रकार सईद से मिलने गया होता, तो अब तक वो देश का सबसे बड़ा आतंकवादी घोषित हो चुका होता..मुंबई से लेकर दिल्ली तक के बम धमाकों में उसके और उसके परिवार खिलाफ सबूत निकल आते, और वो और उसका परिवार हाई सिक्योरिटी जेल में बंद होता..अब वैदिक जी तो दोनों देशों के बीच आपसी रिश्ते मज़बूत करने गए थे, इस लिए उनके इस नेक काम को सराहा जा रहा हैं…

पुनीत परींजा, रजत गुप्ता, उपेंद्र पांडेय, हेमंत त्यागी, वैभव कुमार, मोहित बहल के बारे में सूचनाएं

न्यूज नेशन चैनल के चंडीगढ़ ब्यूरो चीफ पुनीत परींजा ने इस्तीफा दे दिया है. प्रबंधन को भेजे अपने ईमेल में उन्होंने कुछ बेहद जरूरी वजहों के कारण चैनल को अलविदा कहने की बात कही है. पुनीत प्रिंसिपल करेस्पांडेंट के रूप में काम देख रहे थे.

पेड न्यूज : चुनाव आयोग ने अशोक चव्हाण को नोटिस भेजकर पूछा- क्यों न आपको अयोग्य घोषित कर दिया जाए

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पेड न्यूज मामले में आज नोटिस जारी करके 20 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। आयोग ने कारण बाताओ नोटिस में चव्हाण को 20 दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश देते हुए पूछा है कि क्यों न उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाए। चव्हाण पर साल 2009 के विधानसभा चुनावों के दौरान भोकर सीट पर चुनाव लड़ते हुए पेड न्यूज का आरोप है। हालांकि इस वक्त वो लोकसभा सांसद हैं।

और वह एक बेबस एंकर बिना किसी जुर्म के जिबह कर दी जाती है….

Ram Janm Pathak : खबर है तो चीखेगी… खबर है तो दिखेगी। यही है उस क्षेत्रीय चैनल (राष्ट्रीय चैनल ?) का मोटो यानी आदर्श वाक्य। अच्छा है। लेकिन खबरों का यही एक आदर्श नहीं होता। असल में खबर होगी तो केवल दिखेगी ही नहीं, बल्कि चिल्लाएगी, चीखेगी मुंडेर पर चढ़ कर। सात परदों से निकल कर बाहर आ जाएगी। जितना दबाओगे, उतना भड़केगी।

कौन है ये टकरू… मोदी ने इसकी कुर्सी क्यूँ छीनी….

Deepak Sharma : भारत में कारपोरेट और ब्यूरोक्रेट की साठगाँठ के एक बड़े चेहरे है राजीव टकरू. 1979 बैच के गुजरात काडर के IAS अफसर राजीव टकरु कुछ दिन पहले तक देश के सबसे ताकतवर अधिकारियों में से एक थे. अम्बानी परिवार और चिदंबरम के आशीर्वाद से वो देश के रेवेन्यु सेक्रेटरी बने. प्रधान मंत्री …

पत्रकार भूखे मर रहे हैं और उनके नेता शादी की सालगिरह पर आलीशान जश्न मना रहे हैं

HEMANT Anniv

जीवन के कुछ पल ऐसे होते हैं हमेशा के लिए यादगार बन जाते हैं। लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में पत्रकारों के नेता हेमन्त तिवारी ने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह धूमधाम से मनायी। प्रदेश के कई आलाधिकारियों और मंत्रियो ने पहुंचकर उनको मुबारकबाद दी और गिफ्ट भी दिया, जैसा फेसबुक पर अपलोड की गई फोटुओं में नजर आ रहा है। पत्रकार की तरक्की देखकर खुशी हुई। वहीं कुछ दल्ले पत्रकारों की मौजूदगी भी दूध में मेगनी की तरह नजर आई।

मोदी का रेल बजटः देश बेचने की दिशा में पहला कदम

अभी ज्यादा समय नहीं गुजरा है जब पूरा देश नरेन्द्र मोदी के ‘देश नहीं बिकने दूँगा’ वाले थीम साँग को कोरस में गाते हुए नमोमय हो गया था। और उसी के प्रतिफलस्वरूप राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बरास्ता भाजपा ऐतिहासिक रूप से देश की सत्ता पर कब्जा जमाने में सफल हो गया। हालिया लोकसभा आमचुनाव के परिणामों ने साबित कर दिया कि नमो के ‘देश नहीं बिकने दूँगा’ थीम साँग ने देश की जनता को सम्मोहित कर दिया था। अमेरिकी पीआर एजेंसी द्वारा प्रायोजित देशभक्ति की लहर के बीच उनकी ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ कैच लाइन ने तब ऐसा जोर मारा कि नमोमय हो गये मतदाता ने देश का स्वर्णिम भविष्य लाने का जिम्मा उन्हें सौंप दिया। मगर उनकी सरकार के पहले ही रेल बजट में उनकी मंशा स्पष्ट हो गई कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर देश की जनता की खून-पसीने की गाढ़ी कमाई से बनी रेलवे में निजीकरण की शुरूआत करते हुए देश बेचने के अभियान का श्री गणेश कर दिया है। तो इसका अर्थ यह हुआ कि जिस नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश भर में घूम-घूम कर अपनी 56 इंच चैड़ी छाती को फुलाकर कहा था कि उसकी प्राथमिकता देश है, उसके गरीब-गुरबा हैं, महिलाएं हैं, किसान हैं, मजदूर हैं, युवा हैं और न जाने क्या-क्या हैं, वह कोई और था, यह वाला नरेन्द्र मोदी तो कतई नहीं था।

सिविल सेवा परीक्षा से सी-सैट हटाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हिन्दी भाषी छात्र

C-SAT2

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में सी-सैट की परीक्षा का हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं के छात्र विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के मुखर्जी नगर में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हिन्दी भाषी छात्रों का प्रदर्शन कई दिन से जारी है। नीलोत्पल निडाल और पवन कुमार पांडेय सी-सैट हटाने की मांग को लेकर 9 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में धरने में शामिल हो रहे छात्रों का कहना है कि किसी अन्य भारतीय भाषा के माध्यम से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अंग्रेजी की वजह से किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए।

प्रसिद्ध हास्य कवि हुल्लड़ मुरादाबादी का निधन

मुंबई । हिन्दी के प्रसिद्ध हास्य कवि और व्यंग्यकार हुल्लड़ मुरादाबादी का दिल का दौरा पडने से आज यहों कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी कृष्णा चड्ढा, पुत्र नवनीत, पुत्री सोनिया और मनीषा हैं। हुल्लड़ मुरादाबादी के पुत्र नवनीत ने बताया कि उनका निधन अपराह्न लगभग चार बजे हुआ।

कक्षा 11 का छात्र बना कला पत्रिका का मुख्य संपादक, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज

नई ‌दिल्ली। दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड के कक्षा 11 के छात्र साहिल बंसल ने सबसे कम उम्र के मुख्य संपादक के तौर पर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है। साहिल ने हाल ही में इंकस्पायर नाम की कला पत्रिका शुरू है जिसके संस्थापक, सीईओ, मुख्य संपादक वे ही हैं। साहिल ने बताया कि इंकस्पायर के लिए 60 लोग काम करते हैं जिनमें अधिकांश स्कूल जाने वाले किशोर हैं। इंकस्पायर की टीम ने अब तक 600 लोगों को जोड़ा है जिनमें फोटोग्राफर, ग्राफिक डिज़ाइनर, संगीतकार प्रमुख हैं।

आम बजट में प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी, सुधार के वायदे भूल गई सरकारः आरटीई फोरम

नई दिल्ली, 12 जुलाई, 2014। राइट टू एजुकेशन (आरटीई) फोरम, जो कि 10,000 से भी अधिक नागरिक समाज समूहों का एक साझा राष्ट्रीय मंच है, ने नये केन्द्रीय बजट 2014-15 के तहत सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के लिए अपेक्षित एवं पर्याप्त धन राशि के आवंटन में कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। नये बजट की घोषणाओं में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए कुल बजट में लगभग 12.3 फीसदी की मामूली  वृद्धि के बावजूद समग्र बजटीय आवंटन में शिक्षा क्षेत्र की हिस्सेदारी को कम कर दिया गया है जो कि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुधार के लिए मौजूदा सरकार द्वारा निरंतर किये जा रहे तमाम वायदों की असलियत बयान करता है।

विधायक के पति की गुण्डागर्दी के आगे नतमस्तक झांसी प्रशासन, न्याय के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

झांसी के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सपा नेताओं के सामने घुटने टेक देने का एक मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने मऊरानीपुर के उप-निदेशक कृषि, विनोद कुमार राय की खुलेआम पिटाई और मामले में बरती गई प्रशासनिक लापरवाही के लिए उप्र के मुख्यमंत्री से, डीएम एलबी पाण्डेय और एसएसपी शिव सागर सिंह को निलंबित किये जाने की मांग की है। अपने कर्तव्यों का जानबूझ कर पालन नहीं करने और गंभीर आपराधिक मामले में ताकतवर अभियुक्तों की सीधी मदद करने के आरोप में दोनो उच्च अधिकारियों पर मुक़दमा चलाये जाने की भी मांग की है।

यशवंत की प्रोफाइल बदल गई लेकिन शराब पीकर बहक जाना नहीं छूटा

Vikas Mishra : यशवंत सिंह.. वही यशवंत भड़ासी। मीडिया पर आधारित मशहूर पत्रिका ‘मीडिया विमर्श’ में जिन मीडिया के नायकों की फेहरिस्त है, उनमें से एक नाम यशवंत का भी है। मीडिया में यशवंत की एक हैसियत तो यही है कि मीडिया में नौकरी करते हुए बहुत कम लोगों की हिम्मत होगी, जो सार्वजनिक रूप से ये कह सके कि हां, यशवंत मेरे दोस्त हैं, या यशवंत को मैं अच्छी तरह जानता हूं। वजह….एक तो यशवंत का उद्दंडता के स्तर तक जा पहुंचने वाला बिंदास स्वभाव और दूसरे यशवंत का कर्मक्षेत्र।

रांची के भास्कर कार्यालय में हंगामा, लेबर कोर्ट में की गई शिकायत से मुकरने के लिए कर्मचारियों पर डाला जा रहा दबाव

रांची से एक बड़ी ख़बर आ रही है कि दैनिक भास्कर के ऑफिस में मजीठिया को लेकर हंगामा मचा हुआ है। भास्कर की अन्य यूनिटों की तरह रांची भास्कर कर्मियों से भी मजीठिया नहीं चाहिए के घोषणा-पत्र पर जोर-जबरदस्ती कर साइन करा लिए गए थे। जिन कर्मियों ने साइन करने से इंकार किया उनको तबादले और नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। प्रबंधन की धमकियों के सामने न झुकते हुए एडिटोरियल और मार्केटिंग के 34 लोगों ने इसकी शिकायत लेबर कोर्ट में की जिस पर कार्यवाही करते हुए कोर्ट ने भास्कर के सभी उच्च अधिकारियों को 10 जुलाई को सुनवाई के लिए तलब कर लिया। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को है।

मजीठिया के लिए गुजरात भास्कर कर्मी पहुंचे हाई कोर्ट, 14 जुलाई को होगी सुनवाई

गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने दिए मजीठिया पर सोमवार को सुनवाई के आदेश चीफ रिपोर्टर सहित 10 रिपोर्टरों ने लगाई है याचिका अहमदाबाद। सुब्रत राय सहारा की तर्ज पर बहुत जल्दी देश के सबसे बड़े अखबार समूह के मालिक सुधीर अग्रवाल उनके पिता रमेशचंद्र अग्रवाल भाई पवन अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल पर भी कानून …

मोदी सरकार के पहले बजट से ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री निराश

मोदी सरकार के पहले बजट में ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री के लिए कोई राहत भरी ख़बर नहीं है। इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि सरकार डिजिटल हेडएंड व सेट-टॉप बॉक्सों (एसटीबी) पर कस्टम ड्यूटी घटाएगी और सेवा कर की दर को भी कम करेगी। डिजिटलीकरण के बाकी बचे दो चरणों को देखते हुए, जिसमें बड़ी मात्रा में एसटीबी की आवश्यकता होगी ये उम्मीद जायज भी थी। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। इंडस्ट्री की ओर से डिजिटल हेडएंड व सेट-टॉप बॉक्सों पर कस्टम ड्यूटी में करीब 10 प्रतिशत की कटौती की मांग की गई थी।

अब ऑनलाइन व मोबाइल विज्ञापन भी सर्विस टैक्स के दायरे में

वित्त मंत्री अरुण जेटला ने अपने बजटय भाषण में ऑनलाइन और मोबाइल विज्ञापनों को सेवा कर(सर्विस टैक्स) के दायरे में लाने की घोषणा की है। डिजिटल मीडिया के ये दोनो क्षेत्र अभी भी अपने विकास के शुरुआती चरणों में हैं। उभरते उद्योगों को समर्थन देने के उद्देश्य से इन दोनों क्षेत्रों को दो साल पहले प्रिंट माडिया के साथ सेवा कर की निषेध सूची में डाल दिया गया था। लेकिन अपने पहले ही बजट भाषण में वित्त मंत्री ने ऑनलाइन व मोबाइल विज्ञापनों पर 12.36 प्रतिशत सेवा कर लगाये जाने की घोषणा की है। रेडियो और टेलिविज़न विज्ञापन पर पहले से ही सेवा कर लग रहा है।

ज़रूरी है लोगों का मीडिया-साक्षर होना

क्या आपका बच्चा टीवी और इंटरनेट से घंटो चिपका रहता है? वह प्रतिदिन इन पर कितने घंटे बिताता है? क्या आपको पता है वह इंटरनेट पर क्या-क्या देखता है, टीवी पर कौन-कौन से प्रोग्राम उसके फेवरट हैं। ऑनलाइन चैटिंग और व्हाट्सएप्प पर वह किससे और क्या क्या बातें करता है?

विधायक से रिश्वत मांगने और झूठी ख़बर छापने पर भास्कर ब्यूरो चीफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

धौलपुर। दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ पर कानून का शिकंजा कस गया है। ब्यूरो चीफ के खिलाफ धौलपुर की बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव ने खबर नहीं छापने के नाम पर 2 लाख रूपये की रिश्वत मांगने की शिकायत थाना निहालगंज पुलिस से की थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने 27 …

आम बजट : ‘अच्छे दिनों’ के लिए शुरु हुई आधी-अधूरी कोशिश!

आम बजट लाने के पहले ही वित्तमंत्री अरुण जेटली ने काफी पहले से यह भूमिका बना ली थी कि देश की आर्थिक गाड़ी कितनी मुश्किलों में फंसी हुई है? क्योंकि, यह स्थिति कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कारनामों के चलते बनी है। एनडीए सरकार को जो आर्थिक हालात विरासत में मिले हैं, वे काफी खस्ता हैं। ऐसे में, रातों-रात आर्थिक गाड़ी सही पटरी पर लाना संभव नहीं है। स्थितियां दुरस्त करने के लिए शुरुआती दौर में बतौर इलाज कुछ कड़वे ‘डोज’ देने पड़ सकते हैं। इस तरह की टिप्पणियां करके वित्तमंत्री ने पहले से ही लोगों को मनोवैज्ञानिक ढंग से तैयार कर दिया था कि वे बजट में ज्यादा लोकप्रिय फैसलों की उम्मीद न पालें। ऐसे में, लोग कयास लगाने लगे थे कि कहीं रेल मंत्री सदानंद गौड़ा की तरह जेटली भी बजट में राहत पैकेज देने के बजाए कड़वे डोज ही देते नजर न आएं। इस आशंका के बावजूद गुरुवार को बजट में वित्तमंत्री ने नए टैक्स प्रावधानों के जरिए मध्यवर्ग को राहत पहुंचाने की कोशिश की है। उन्होंने पहले ही बजट में लोकसभा चुनाव के समय किए गए प्रमुख वायदों को भी कुछ न कुछ निभाने की रस्म अदायगी जरूर की है। इसके जरिए उन्होंने यह आभास कराने की कोशिश की है कि चुनावी दौर में ‘अच्छे दिनों’ का वायदा महज एक राजनीतिक झांसाभर नहीं है।

फोटो जर्नलिस्ट का मकान प्राधिकरण ने गिरा दिया और अमर उजाला आगरा प्रबंधन सोता रहा

आगरा में अमर उजाला के फोटो जर्नलिस्ट का मकान आगरा विकास प्राधिकरण ने तोड़ दिया लेकिन अमर उजाला ने अपने कैमरामैन की तनिक भी सहायता नहीं की.  जानकारी के अनुसार ताजगंज में अमर उजाला के छायाकार सत्येन्द्र का मकान है. इन्होंने अपने घर के सामने  एक तीन मंजिला अवैध निर्माण की शिकायत आगरा विकास प्राधिकरण में करायी थी. लेकिन इसके बदले में छायाकार का मकान ही ढहा दिया गया.

पत्रकार हरिशंकर शर्मा का तीसरा पुत्र भी नहीं रहा

शिवपुरी। इसे ईश्वर का अन्याय नहीं तो और क्या कहें। वरिष्ठ पत्रकार हरिशंकर शर्मा के घर का आखिरी चिराग भी बुझ गया। उनके दो पुत्रों का पहले ही असामायिक निधन हो गया था। उनके सबसे छोटे पुत्र अमर शर्मा ने ग्वालियर में इलाज के दौरान दम तोड़ा। उनका अंतिम संस्कार आज मुक्तिधाम शिवपुरी में शोकाकुल माहौल में किया गया। उनके निधन पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

पत्रकार चारुदत्ता देशपांडे की मौत के मामले में सीबीआइ जांच होगी

जमशेदपुर : टाटा स्टील के कारपोरेट कम्यूनिकेशन के पूर्व चीफ चारुदत्ता देशपांडे की मौत के मामले की सीबीआइ जांच के आदेश दे दिये गये हैं. महाराष्ट्र सरकार ने चारुदत्ता देशपांडे की आत्महत्या के मामले में शुक्रवार को इस मामले को सीबीआइ जांच के लिए पत्र भेजा. राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने गुरुवार को मृतक के परिजनों और मुंबई प्रेस क्लब के आग्रह और लगातार दबाव के बाद यह फैसला लिया. पूर्व पत्रकार और टाटा स्टील के कारपोरेट अफेयर्स एंड कम्यूनिकेशन के पूर्व चीफ चारुदत्ता देशपांडे (57) का शव 28 जून 2013 को उनके महाराष्ट्र के वसई स्थित आवास से फांसी पर लटका हुआ बरामद किया गया था. इसके बाद इस मामले की पहले मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने की. इसकी जांच में जब कुछ नहीं हुआ तो पूरे मामले की जांच वसई थाने की पुलिस को दे दी गयी. डीसीपी रैंक के अधिकारी ने इस मामले की जांच की.

न्यूज एक्स के एडिटर इन चीफ जहांगीर पोचा का हार्ट अटैक से मृत्यु

वरिष्ठ पत्रकार जहांगीर पोचा हमारे बीच नहीं रहे. आज सुबह गुड़गांव में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. जहांगीर पोचा न्यूज X चैनल के एडिटर इन चीफ थे. आज शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. जहांगीर पोचा इंडी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के को-फाउंडर थे. न्यूज एक्स चैनल इसी कंपनी का है. इससे पहले जहांगीर पोचा बिजनेस वर्ल्ड के एडिटर थे. दो हजार तीन से दो हजार सात तक बोस्टन ग्लोब के एशिया कॉरेस्पॉन्डेंट थे. इसके अलावा करीब एक दशक तक वो आईटी इंडस्ट्री से जुड़े रहे.

मजीठिया लागू कराने को लेकर भास्कर के तीन कर्मचारियों ने उठाया झंडा

भास्कर के सीओओ ने कहा घोषणा पत्र साइन कीजिए वरना ट्रांसफर, संस्पेंशन, डिस्मिसल कुछ भी हो सकता है

अजमेर। मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने को लेकर अजमेर दैनिक भास्कर में बवंडर मचा हुआ है। पिछले महीने, जून की शुरूआत में भास्कर प्रबंधन ने मजीठिया की सिफारिशें लागू नहीं करने को लेकर अपने कर्मचारियों से एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करवाने का अभियान शुरू किया था। ज्यादातर, बल्कि सही अर्थों में लगभग सभी ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए। लेकिन संपादकीय विभाग के तीन कर्मचारियों रजनीश रोहिल्ला, नागौर के डिप्टी मैनेजर मार्केटिंग संदीप शर्मा और मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव जितेंद्र सिंह राठौड़ ऐसे रहे जिन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस किया।

उप्र में गठित जांच आयोगों की सूचना नहीं देगी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार अब तक उसके द्वारा गठित  जांच आयोगों के सम्बन्ध में सूचना देने से लगातार इनकार कर रही है. आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के गृह विभाग से स्वतंत्रता के बाद अब तक प्रदेश सरकार द्वारा कमीशन ऑफ़ इन्क्वायरी एक्ट 1952 की धारा तीन में गठित जांच आयोग, उनके अध्यक्ष और सदस्य, गठन की तिथि, कार्यकाल बढ़ाए जाने और उनके द्वारा प्रेषित अंतरिम या अंतिम जांच रिपोर्ट के बारे में सूचना मांगी थी.

न्यूज24 से अजीत अंजुम का इस्तीफा, इंडिया टीवी ज्वाइन करेंगे

खबर है कि अजीत अंजुम ने न्यूज24 से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. चर्चा है कि अजीत अंजुम एक अगस्त से इंडिया टीवी ज्वाइन करेंगे. उनका पद न्यूज24 में मैनेजिंग एडिटर का था. संभवतः इसी पद पर वे इंडिया टीवी के हिस्से बनेंगे. इंडिया टीवी पिछले काफी समय से बेहद बदनाम हो चला है. कोई बड़ा नाम इसका हिस्सा नहीं बनना चाहता. वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नकवी ने भी इंडिया टीवी का हिस्सा बनने के बाद इसके प्रबंधन द्वारा गैर-पत्रकारीय और धंधेबाजी भरा खेल खेलने के कारण इस्तीफा देकर खुद को अलग कर लिया.

ये लाइव इंडिया नहीं, ये है चिट फंड इंडिया

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रांची (झारखण्ड) के चुटिया थाने की पुलिस ने लाइव इंडिया को संचालित करने वाली चिट फंड कम्पनी ‘समृद्ध जीवन’ पर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। पिछले महीने ‘समृद्ध जीवन’ का ऑफिस सील कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में ‘समृद्धि जीवन’ की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी को गिरफ्तार भी किया था और इसकी खबर मीडिया में छाई रही।

अपने मतदाता वर्ग के गुस्से से डरी हुई है मोदी सरकार

भाजपा की जीत के बाद उसके वादों और इरादों को लेकर बहुतेरे सवाल उठे, ऐसा किसी भी नई सरकार के बनने के बाद होता है। जहां तक सवाल है सरकार के कामकाज का तो एक महीने में उसका आंकलन करना थोड़ी जल्दबाजी होगी पर उसके नीति-नियंताओं द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का ‘मंत्रोचार’ और कार्यसंस्कृति नीतिगत बदलाव के स्पष्ट संकेत दे रही है।

अखिलेश के निर्वासन के बहाने कुछ बतकही, कुछ सवाल

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अखिलेश के उपन्यास ‘निर्वासन’ पर प्रभात रंजन की राय है कि वह अपठनीय है और कि चुके हुए लेखक हैं अखिलेश। वह लिखते हैं, ‘ प्रकाशक द्वारा लखटकिया पुरस्कार के ठप्पे के बावजूद अखिलेश का उपन्यास ‘निर्वासन’ प्रभावित नहीं कर पाया। कई बार पढ़ने की कोशिश की लेकिन पूरा नहीं कर पाया। महज विचार के आधार पर किसी उपन्यास को अच्छा नहीं कहा जा सकता है। साहित्य भाषा के कलात्मक प्रयोग की विधा है। ‘निर्वासन’ की भाषा उखड़ी-उखड़ी है। ‘पोलिटिकली करेक्ट’ लिखना हमेशा ‘साहित्यिक करेक्ट’ लिखना नहीं होता है। सॉरी अखिलेश! एक जमाने में आप को पढ़ कर लिखना सीखा। लेकिन आज यही कहता हूँ- आप चुक गए हैं! (और हाँ! एक बात और, 349 पृष्ठों के इस उपन्यास की कीमत 600 रुपये? क्या यह किताब सिर्फ पुस्तकालयों के गोदामों के लिए ही है, पाठकों के लिए नहीं)।

जनता की आंख में धूल झोंकने वाली यह सरकारें सिरे से जनता की दुश्मन हैं!

Parliament-Budget-Session-inflation-issue

यह सरकारें सिरे से जनता की दुश्मन होती हैं। चाहे वह किसी भी की हों। सब जनता की आंख में धूल झोंकने का नायाब काम करती हैं। एक शब्द है सब्सिडी। जिस को कम करने का धौंस देना इन का प्रिय काम है। मैं कहता हूं कि कल करना हो तो आज क्या अभी कर दो। पेट्रोल से, डीजल से हर किसी चीज़ से। एक पैसे की सब्सिडी मत दीजिए। लेकिन साथ ही यह जो पेट्रोल और डीजल पर अनाप-शनाप टैक्स लगा रखा है वह भी खत्म कर दीजिए। बताइए कि वाहन खरीदते समय एकमुश्त रोड टैक्स भी लेंगे, पेट्रोल और डीजल पर भी किसिम-किसिम के टैक्स सेंट्रल टैक्स, स्टेट टैक्स, सेज टैक्स, सर्विस टैक्स, हैं टैक्स, ट्रेड टैक्स अलाना-फलाना के अलावा रोड टैक्स भी लेंगे तिस पर करेला और नीम चढ़ा टोल टैक्स भी लेंगे। मानो जनता न हो गई गाय हो गई कि सुई लगा-लगा कर दूध निकालेंगे, खून पिएंगे। एक ही टैक्स कितनी बार लेंगे?

वसुंधरा राज में मीडिया महारथी बनने को आतुर भू-माफिया

राजस्थान में भाजपा की सरकार पदासीन होते ही भू-कारोबारी और जमीन माफिया के लोग मीडिया महारथी बनने को आतुर नजर आ रहे हैं। जयपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों से जमीनों से जुड़े कारोबारियों का नए अखबारों के प्रकाषन और नये न्यूज चैनलों के साथ मीडिया क्षेत्र में पदार्पण होना इस बात का पर्याप्त सबूत है कि अपने काले कारनामों को छिपाने तथा प्रषासन पर अपनी धौंस जमाने के लिए ही वे ऐसा कर रहे हैं, न कि आमजन के बीच सरोकारी पत्रकारिता करना उनका कोई उद्देष्य है। भू-कारोबारियों के साथ ही वे षिक्षण संस्थान और निजी विष्वविद्यालय भी अखबार-चैनलों के साथ मीडिया जगत में प्रवेष कर चुके हैं, जिनके बारे में अक्सर कोई न कोई नेगेटिव स्टोरी अखबार और चैनलों में दिखाई दे रही थी, लेकिन अब वे भी पत्रकारिता का चोगा पहनकर ‘‘चोर-चोर मौसेरे भाई’’ की कहावत को सिद्ध करने में जुटे हैं।

APN में महिला पत्रकार के चरित्र हनन की कोशिश

APN बस नाम भर का मीडिया चैनल है, यहां कर्मचारी कम रिश्तेदारी ज्यादा है, हिटलरशाही ज्यादा है, चमचागिरी ज्यादा है। हर तीसरा शख्स मैडम राजश्री राय के खानदान से ताल्लुक रखता है, या फिर उनके केबिन के बाहर खड़ा रहता है मक्खनबाजी करने के लिए, और जो लोग ऐसा नहीं करते, उनके लिए तरह-तरह की प्रताड़नाएं हैं। अगर आज की बात करें तो एपीएन में इन दिनों सिर्फ गपबाजी हो रही है। एक महिला और उसके सहकर्मी पर भद्दे भद्दे अनर्गल आरोप लगाए गए, इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया, पुरुष सहकर्मी ने दबाव में इसलिए इस्तीफा दे दिया ताकि महिला सहकर्मी की बदनामी न हो। लेकिन महिला उनके दबाव के आगे नहीं झुकी और वो प्रबंधन के खिलाफ लड़ रही है।

महिला आयोग को रजत शर्माओं अनीता शर्माओं ने फिक्स कर घर की दुकान बना दिया है!

Amit Bhaskar : तनु शर्मा के केस में आया नया मोड़। आपसे अनुरोध है की इस नोटिस को शेयर करके वायरल करें ताकि महिला आयोग का असली चेहरा सबके सामने आये और तनु शर्मा इस जंग में अकेली न पड़े। जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है, इंडिया टीवी के अधिकारियों का हौसला बढ़ता जा रहा है और उनकी सबसे बड़ी ताकत बन रही है इस खबर का ज्यादा से ज्यादा लोगों को पता न होना। आपके हिसाब से महिला आयोग का काम क्या होता है? पीड़ित महिला के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़े रहना? आरोपियों के मनोबल को न बढ़ने देना? आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करना? यही न?

यूपी के सरकारी सूचीबद्ध स्वतंत्रत पत्रकारों को पिछले वर्ष किन-किन संस्थाओं से लेखन कार्य के लिए कितना पैसा प्राप्त हुआ?

लखनऊ के राकेश श्रीवास्तव नामक सज्जन ने उत्तर प्रदेश राज्य सूचना निदेशालय से आरटीआई के जरिए कुछ मौजू सवाल पूछे हैं. विभाग इनका जवाब क्या देता है, यह देखने लायक होगा. राकेश जी से अनुरोध है कि आरटीआई का जो भी जवाब आए, उसे भड़ास के पास भी पहुंचाएं ताकि उसे प्रकाशित कर चौथे खंभे के सरकारी मिलीभगत और खोखलेपन का सच सामने लाया जा सके. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

पत्रकारिता की कब्र खोदकर कफनचोरों ने किया यूपी प्रेस क्लब पर कब्जा

आज से लगभग छह दशक पूर्व 1956 में पत्रकारों के जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यूपी प्रेस क्लब की स्थापना की गयी थी, वे उद्देश्य अब कहीं नजर नहीं आते। प्रेस क्लब को जिस राह पर चलाने के लिए पत्रकारिता जगत से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ पत्रकारों ने जी-तोड़ मेहनत की अब वही प्रेस क्लब वर्तमान मठाधीशों की भोग-विलासिता के चलते अपनी राह से भटक चुका है। जिस प्रेस क्लब में किसी समय देश-विदेश की राजनीति और खबरों को लेकर चर्चाओं का दौर चला करता था वहीं अब शाम होते ही जाम से जाम टकराते हैं। ज्ञात हो प्रेस क्लब के गठन के समय लखनऊ की एक तत्कालीन प्रतिष्ठित शराब निर्माता कम्पनी के मालिक कैप्टन वीआर मोहन ने प्रेस क्लब में बार का प्रस्ताव रखते हुए साधन उपलब्ध कराने की पेशकश की थी।

नेशनल दुनिया के मालिक ने जारी किए फर्जी चेक

: तीन माह के बकाए वेतन के लिए जारी किए थे चेक : मेरठ से खबर है कि नेशनल दुनिया के मालिक ने कर्मचारियों को तीन माह के बकाया वेतन का जो चेक दिया था, वह बाउंस हो गया.  अखबार मालिक शैलेंद्र भदौरिया ने कोर्ट द्वारा टाइट किए जाने के बाद ये चेक कर्मचारियों को सौंपे थे. हालांकि कर्मचारियों को पहले से ही आशंका थी कि चेक बाउंस हो सकते हैं. नेशनल दुनिया मेरठ के कर्मचारियों ने बकाया वेतन का भुगतान न होने पर डिप्टी लेबर कमिश्नर से शिकायत की थी. श्रम विभाग ने अखबार के मालिक शैलेंद्र भदौरिया व स्थानीय संपादक सुभाष सिंह को नोटिस पर नोटिस जारी किया. ये दोनों नोटिसों की अनदेखी करते रहे.

तनु शर्मा के परिजनों को भी परेशान करने लगा इंडिया टीवी प्रबंधन

DCW Notice to Amit K Tripathi

इंडिया टीवी की एंकर रहीं तनु शर्मा के मामले में अपनी गर्दन बचाने के लिए आरोपियों ने चाल चलनी शुरू कर दीं है। तनु की तहरीर पर इंडिया टीवी की अनीता शर्मा और एमएन प्रसाद पर उसको प्रताड़ित करने, धमकाने और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। अब तनु पर दवाब बनाने के लिए उसके परिजनों को निशाना बनाया जा रहा है। अनीता शर्मा ने तनु के ब्रदर-इन-लॉ अमित कुमार त्रिपाठी के खिलाफ दिल्ली महिला आयोग में शिकायत की है। अमित का कहना है कि ये सब पीड़िता तनु को परेशान करने तथा उसके मनोबल को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। इंडिया टीवी प्रबंधन तनु को नौकरी से निकाल उसके खिलाफ एफआईआर तो पहले ही दर्ज करा चुका है अब आरोपियों के द्वारा उसके परिजनो को लपेटा जा रहा है।

भास्कर लुधियाना से मोहित का इस्तीफा, हिन्दुस्तान से जुड़े वैभव

दैनिक भास्कर लुधियाना यूनिट में तैनात सीनियर रिपोर्टर मोहित बहल ने इस्तीफ़ा दे दिया है। पहले स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट राजेश शर्मा, फिर एजीएम अजीत कुमार और अब मोहित के रूप में एक महीने में भास्कर लुधियाना में यह तीसरा विकेट गिरा है।

हर भारतीय तक पहुंचेगा इंटरनेट, केन्द्र सरकार शुरू करेगी ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पश करते हुए कहा कि इंटरनेट से संपन्न और वंचितों के बीच के अंतर को कम करने के लिए एक सेतु की अत्यंत आवश्यकता है। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया’ नामक पैन इंडिया कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।

केन्द्र सरकार शुरू करेगी पूर्वोत्तर के लिए नया 24×7 चैनल ‘अरुण प्रभा’

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में 2014-15 का आम बजट पश करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई अस्मिता को सशक्त माध्यम मुहैया कराने की दृष्टि से 24 घंटे का चैनल ‘अरुण प्रभा’ शुरू किया जाएगा। उन्होनें कहा कि यह इसलिए ज़रूरी है क्योंकि देश की विविधता के प्रति अधिक जागरूकता पैदा करने तथा सांस्कृतिक पहचान की अभिव्यक्ति के लिए टेलीविजन एक सशक्त और प्रभावशाली माध्यम है।

सामुदायिक रेडियो केन्द्रों के लिए 100 करोड़ रुपए की नई योजना

community radio india

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में 2014-15 का आम बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सामुदायिक रेडियो केन्द्रों के विकास को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए की एक नई योजना शुरू की जा रही है। यह योजना लगभग 600 नए और मौजूदा सामुदायिक रेडियो केन्द्रों के लिए धन उपलब्ध कराएगी। देश में सामुदायिक रेडियो केन्द्रों की स्थापना के लिए अब तक लगभग 400 मंजूरियां दी गई हैं।

11 जुलाई के बाद से अपडेट नहीं होगी ‘हिन्दुस्तान टाइम्स ऑनलाइन डॉटकॉम’

जैसा की सभी प्रबुद्ध पाठकगणों को जानकारी है कि एचटी मीडिया लिमिटेड ने दिल्ली हाई कोर्ट में दुर्भावनावश निराधार आरोप लगाते हुए हिन्दुस्तान टाइम्स ऑनलाइन को तुरंत प्रभाव से बंद करने की याचिका प्रस्तुत की थी। इसके लिए पहले कोई लिखित नोटिस भी हिन्दुस्तान टाइम्स ऑनलाइन को नहीं दिया गया था। 2 जुलाई को हमारी अनुपस्थिति में एचटी मीडिया लिमिटेड भारी भरकम वकीलों की फ़ौज़ की मदद से माननीय दिल्ली हाई कोर्ट से एक अंतरिम आदेश पारित करवाने में सफल हुआ। एस आदेश को हिन्दुस्तान टाइम्स ऑनलाइन शीघ्र ही दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने जा रहा है। यहाँ हम बताना चाहेंगे की हिंदुस्तान टाइम्स ऑनलाइन ने कभी भी हिंदुस्तान टाइम्स का नाम अपने फायदे के लिए नहीं लिया है, हमारा लोगो, भाषा, रंग सब कुछ एचटी मीडिया लिमिटेड से अलग है। 

टीआरपी 27वां हफ्ताः न्यूज़ नेशन की टीआरपी में उछाल जारी, आज तक और इंडिया टीवी को नुकसान

सत्ताईसवें हफ्ते की टीआरपी आ गईं हैं। इस हफ्ते सर्वाधिक फायदा न्यूज़ नेशन को हुआ है। लगातार बढ़त बनाए रखने के चलते ये ज़ी की गर्दन तक पहुंच चुका है। आज तक की बढ़त थम गई है, 15+ और 25+ दोनो ही कौटेगरी में इसकी पतन हुआ है लेकिन ये पहली पोज़ीशन पर कायम है। न्यूज़24 नीचे गिर कर आठवें नंबर पर पहुंच गया है। इंडिया न्यूज़ और आईबीएन अपनी धीमी बढ़त का सिलसिला बनाए हुए हैं। आईबीएन सातवें नंबर पर पहुंच गया है। बाकी की जानकारी के लिए नीचे दिए टीआरपी के ताज़ा आंकड़ों को देखे…

संघ का मिशन शुद्धीकरणः एक बिसात पर मोदी, दूसरी पर अमित शाह

जिस खामोशी से अमित शाह बीजेपी हेडक्वार्टर में बतौर अध्यक्ष होकर घुसे हैं उसने पोटली और ब्रीफकेस के आसरे राजनीति करने वालो की नींद उडा दी है। अध्यक्ष बनने के बाद भी खामोशी और खामोशी के साथ राज्यवार बीजेपी अध्यक्षों को बदलने की कवायद अमित शाह का पहला सियासी मंत्र है। इतना ही नहीं बीजेपी मुख्यालय के छोटे छोटे कमरो में कुर्सी पकड़े नेताओं की कुर्सी भी डिगेगी और समूचे संगठन को भी फेंटा जायेगा। इसीलिये नरेन्द्र मोदी के असल सिपहसलाहर अमित शाह को अध्यक्ष बनाया गया है। असल में आरएसएस और मोदी के टारेगट बेहद साफ हैं। बीते दस बरस में बीजेपी भोथरी हुई और दिल्ली का राजनीति ने जब हिन्दुत्व को आतंकवाद से जोड़ा तो भी दिल्ली के कद्दावर बीजेपी नेताओ की खुमारी नहीं टूटी। ऐसे में टारगेट साधने के लिये बीजेपी संगठन को पैना बनाना जरुरी है, क्योंकि विस्तार संघ का करना है। यह छोटे छोटे संवाद दिल्ली के झंडेवालान से लेकर नागपुर के महाल तक के हैं।

मीडिया के चमकते परदे का सच

इंडिया टीवी की एंकर तनु शर्मा ने गत 22 जून को इंडिया टीवी के दफ्तर के सामने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इसके पहले तनु शर्मा ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर आत्महत्या करने बाबत एक स्टेटस भी लिखा था। तनु ने फेसबुक पर लिखा- ”अंतिम बार फेसबुक पर लास्ट गुडबाय टू ऑल ऑफ यू, आइ एम कमिटिंग सुसाइड। थैंक्स टू इंडिया टीवी, प्रसाद एमएन…अनिता शर्मा एंड रितु धवन। बहुत मज़बूत हूँ मैं, सारी जिंदगी मेहनत की, स्ट्रगले किया, हर परेशानी से पार पाने की कोशिश करते करते यहाँ तक पहुंची। लेकिन आज बहुत मजबूर महसूस कर रही हूँ। अपने सपनों को टूटते देखना, जिंदगी को एक ही झटके में सड़क पर देखना इतना भी आसां नहीं होता.जो लोग सारी जिंदगी अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए मेहनत करते है और जी जान लगा देते हैं उनके लिए एक सुबह अपने बिखरे सपनो के साथ उठाना मौत से कम नहीं। इंडिया टीवी ने जो कुछ किया मेरे साथ किया वो एक भयानक सपने से कम नहीं। प्रसाद सर मैं आपको कभी माफ़ नहीं करुँगी। अनीता शर्मा आपके लिए तो शब्द ही नहीं हैं एक औरत होकर भी आप ऐसा कर सकती हो। अफ़सोस रहेगा मरने के बाद भी कि मैंने इंडिया टीवी ज्वाइन किया और ऐसे लोगो के साथ काम किया जो विश्वास घात करते है, षड्यंत्र करते हैं।”

हिन्दुओं को ख़तरा सांई बाबा की भक्ति से नहीं नकली शंकराचार्यों से है

आजकल यह बात जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानन्द जी के हवाले से बड़ी चर्चा में है और इस संबंध में अनेक प्रकार के विचार सामने आ रहे हैं। इस विषय पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए कि वास्तव में धर्म का वास्तविक स्वरूप क्या है और क्या उसको किसी से खतरा संभव है? इसके साथ ही इस पर भी बहस की जा सकती है कि सांई बाबा की भक्ति से किसी भी धर्म को किस तरह हानि संभव है?

दैनिक जागरण, बिहारः चौपाल की आड़ में विज्ञापन का खेल

खबर की आड़ में विज्ञापन यानी पेड न्यूज कैसे छापी जाती है और ग्रामीण पाठकों की आंखों में धूल झोंक कर उन्हें मुर्ख कैसे बनाया जाता है यह कोई दैनिक जागरण से सीखे। दैनिक जागरण, बिहार के जिला संस्करणों में इन दिनों ‘चौपाल’ नाम से छप रहा कालम इसका उदाहरण है। इसमें कॉलम में छपने के लिए पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को स्थानीय संवाददाता को 2500 रुपये देकर 500 अखबार अनिवार्य रुप से बुक कराने होते हैं। इसके एवज में उनके फोटो के साथ गांव की समस्याएं छपती हैं। यह समस्याएं कम चापलूसी भरी खबरें ज्यादा लगती हैं। इसके पीछे अखबार प्रबंधन की नीति अन्य अखबारों की तुलना में जागरण के प्रसार में अप्रत्याशित उछाल दिखाना है। साथ ही पाठकों का दायरा भी बढ़ाना है। लेकिन दीगर बात यह है कि भले ही ‘चौपाल’ के कारण अखबार का छपना ज्यादा हो रहा है लेकिन प्रसार नहीं बढ़ रहा। क्योंकि रिपोर्टर अखबारों का बंडल मंगा कर घर पर ही कबाड़ में फेंक देते हैं या फिर रद्दी में बेंच दिया जा रहा है। इधर, चौपाल की आड़ छप रहे विज्ञापनों से पाठक भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।