एन. राम को पुरस्कार, दिवंगत शिवम को पांच लाख की मदद, रिपोर्टर गौरव अरोड़ा पर हमला

तिरूवनंतपुरम से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार और द हिंदू अखबार के पूर्व एडिटर इन चीफ एन राम को पत्रकारिता क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए एन रामचंद्रन फाउंडेशन अवार्ड के लिए चुना गया है. नामी मलयाली पत्रकार एन रामचंद्रन की याद में पुरस्कार की शुरुआत की गयी है. इस साल उनका निधन हो गया था.  फाउंडेशन की विज्ञप्ति में बताया गया है कि पुरस्कार के तहत 50,000 रूपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. यहां पर 25 नवंबर को एक समारोह में राम को देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश एम एन वेंकटचलैया पुरस्कार देंगे.

उधर, चंडीगढ से सूचना है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संत रामपाल गिरफ्तारी की कवरेज करके लौट रहे जी न्यूज के पत्रकार शिवम भट्ट की सड़क दुर्घटना में मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उसके परिवार के लिए पांच लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी जवाहर यादव ने कहा कि दुर्घटना में दो घायलों रोहित खन्ना और जयवीर रावत को भी सरकार एक-एक लाख की मदद देगी तथा इनके उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी.

लुधियाना से सूचना है कि झोलाछाप डॉक्टर संजीव शर्मा के खिलाफ खबर छापने पर एक अखबार के रिपोर्टर गौरव कुमार अरोड़ा पर डाक्टर और उसके भाई ने हमला कर दिया. इनका कैमरा भी लेकर भाग गए. आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं. इंस्पेक्टर जतिंदरजीत सिंह ने कहा कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.  हमले में बुरी तरह से घायल हुए पत्रकार को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना पर जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान वरिंदर सिंह और गुरविंदर ग्रेवाल की अगुआई में बड़ी संख्या में पत्रकार थाना डाबा में जमा हो गए.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

चार कैटगरी में पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 16 दिसम्बर

: दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारों से आवेदन मांगे : विजेता पत्रकारों को किया जाएगा पुरस्कृत : पुरस्कार में मिलेगी नकद धनराशि, स्मृति चिह्न, शॉल व प्रशस्ति पत्र भी : गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस आगामी 24 दिसम्बर को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जयंती पर दसवें पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह का आयोजन करेगा। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारों की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। विजेता पत्रकारों को नकद धनराशि, शॉल, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता चार श्रेणियों में होगी। ये हैं- प्रिन्ट, इलेक्ट्रोनिक व न्यूज पोर्टल मीडिया रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कार्टूनिस्ट और फीचर राइटर।

इसके लिए दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, फरीदाबाद, गुड़गांव, हापुड़, बागपत, मेरठ, बुलंदशहर समेत एनसीआर के पत्रकार अपने आवेदन भेज सकते हैं। डॉ. अलका ने बताया कि आवेदक स्वतंत्र पत्रकार भी हो सकता है।  आवेदक पत्रकार को अपना जीवन वृत्त, एक पासपोर्ट साइज फोटो, आईडी प्रूफ व अखबारों में प्रकाशित हो चुके अपने समाचार आदि मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस वसुंधरा सेक्टर 4सी, गाजियाबाद को भेजने होंगे। आवेदक मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस के सहायक निदेशक चेतन आनंद से भी सम्पर्क कर सकते हैं। आवेदक अपना आवेदन mim@mimcs.com या av.chetan2007@gmail.com पर 16 दिसम्बर तक भेज सकते हैं। देश के चर्चित पांच पत्रकारों का एक निर्णायक मंडल विजेता पत्रकारों का चयन करेगा। इसके बाद 24 दिसम्बर को होने वाले दसवें पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में विजेता पत्रकारों को नकद धनराशि, स्मृति चिह्न, शॉल व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया जाएगा।

प्रेस विज्ञप्ति

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

डॉ अवनीश सिंह चौहान को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का ‘हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान’

04 जून, 1979 को चन्दपुरा (निहाल सिंह), इटावा (उत्तर प्रदेश) में जन्में चर्चित युवा कवि, अनुवादक, सम्पादक डॉ अवनीश सिंह चौहान को उनके नवगीत संग्रह ‘टुकड़ा कागज का’ (प्रकाशन वर्ष – 2013) पर उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का ‘हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान’ प्रदान करने की घोषणा की गयी है। यह सम्मान उन्हें माननीय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी द्वारा 07 दिसंबर 2014 को लखनऊ में प्रदान किया जाएगा। यह राष्ट्रीय सम्मान वर्ष में एक युवा गीतकार को दिया जाता है, जिसकी जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

डॉ चौहान के गीत-नवगीत, आलेख, समीक्षाएँ, साक्षात्कार, कहानियाँ एवं कविताएँ देश -विदेश की हिन्दी व अंग्रेजी की कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।  उनके गीत ‘शब्दायन’ एवं ‘गीत वसुधा’ आदि महत्वपूर्ण समवेत संकलनों में और अंग्रेजी कविताएँ   ‘ए स्ट्रिंग ऑफ़ वर्ड्स’ एवं  “एक्जाइल्ड अमंग नेटिव्स” (2013) आदि में संकलित। आपकी आधा दर्जन से अधिक अंग्रेजी भाषा की पुस्तकें कई विश्वविद्यालयों में पढ़ी-पढाई जा रही हैं। आपने ‘डॉ०बुद्धिनाथ मिश्र की रचनाधर्मिता’ पुस्तक का संपादन किया है। आप वेब पत्रिका ‘पूर्वाभास’ के सम्पादक और भोपाल से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘साहित्य समीर दस्तक’ के सह- सम्पादक हैं। आपको ‘अंतर्राष्ट्रीय कविता कोश सम्मान’; मिशीगन, अमेरिका से बुक ऑफ़ द ईयर अवार्ड; राष्ट्रीय समाचार पत्र ‘राजस्थान पत्रिका का सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार आदि से विभूषित किया जा चुका है। 

प्रेस रिलीज

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

कुलदीप श्रीवास्तव को मॉरीशस सरकार ने दिया कर्मयोगी सम्मान

भारत में भोजपुरी पत्रकारिता में अपनी पहचान बना चुके कुलदीप श्रीवास्तव को भोजपुरी के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए मॉरीशस सरकार ने कर्मयोगी सम्मान से सम्मानित किया है। पिछले 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक मॉरीशस में हुए अंतराष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलन में कुलदीप श्रीवास्तव को विशेष रूप से सरकार ने बुलाया था।

गौरतलब है कि जहां पर देश-विदेश की मीडिया की हुजूम उमड़ी हो, वहां पर कुलदीप श्रीवास्तव ने अपने जूनुन व भोजपुरी की सकारात्मक रिपोर्टिंग के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। भोजपुरी पंचायत के संपादक कुलदीप श्रीवास्वत सहित सभी पत्रकारों को मॉरीशस के सांस्कृत व कला मंत्री मुकेश्वर चुन्नी ने सम्मानित किया। इस दौरान कुलदीप श्रीवास्तव ने आयोजित कार्यक्रम में अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम में भोजपुरी साहित्य, कला व संस्कृति की धूम रही।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार संजय राय का ‘पत्रकार गौरव अवॉर्ड-2014’ के लिए हुआ चयन

पंचकूला। नेशनल जर्नलिस्ट्स वेलफेयर बोर्ड इंडिया द्वारा आगामी 16 नवंबर को भुवनेश्वर के जयदेव भवन में एक समाचार पत्र के संपादक संजय राय को पत्रकार गौरव अवॉर्ड-2014 प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में नेशनल जर्नलिस्ट्स वेलफेयर बोर्ड के महासचिव सनत मिश्रा ने पत्र भेजकर संजय राय को इस अवॉर्ड के लिए चुने जाने और अवॉर्ड लेने के लिए भुवनेश्वर आमंत्रित किया है। इससे पूर्व एन .यु जे राष्ट्रीय कार्यसमिति  सदस्य  संजय राय भुवनेश्वर से करीब 50 किलोमीटर आगे जगतसिंग पुर  जिला मे ओड़िसा जौर्नालिस्ट यूनियन द्वारा नेशनल प्रेस डे पर आयोजित एक संगोष्टी को मुख्या अतिथि के रूप मे सम्बोधित करेंगे एवं मैराथन दौर को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे और पत्रकारों के हौंसलो को बुलंद करेंगे।

पंचकुला के वरिष्ट पत्रकार संजय राय जोकि हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार के साथ-साथ हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य, लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य, इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम न्यूज पेपर्स के सदस्य व पंचकूला प्रेस क्लब के सदस्य और ईशान टाइम्स संपादक भी हैं।

संजय राय विभिन्न मंचों पर पत्रकारों के हितार्थ पत्रकारों की आवाज बुलंद करते रहे हैं। सरकार से पत्रकारों की समस्याओं के साथ-साथ मध्यम और लघु समाचार पत्रों के हितों में राष्ट्रीय स्तर पर केेंद्र सरकार से उनकी मांगों को उठाते रहे हैं। हरियाणा में भी सरकार से समय-समय पर पत्रकारों की समस्याओं को निपटाने के लिए अधिकारियों व मुख्यमंत्री के सम्मुख आवाज बुलंद करते हैं। हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार संजय राय के इन कार्यों को देखते हुए नेशनल जर्नलिस्ट्स वेलफेयर बोर्ड ने पत्रकार गौरव अवॉर्ड-2014 के लिए इनका चयन किया है। संजय राय के हरियाणा से इस पुरस्कार के लिए नामित होने पर सभी संगठनों व पत्रकार जगत में हर्ष की लहर छा गई है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है व इसके लिए प्रविष्टयां आमंत्रित भी की जाती हैं।

संजय राय इस वर्ष प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चुनाव में सदस्य के रूप में दावेदारी पेश का चुके हैं। इस चुनाव में सर्वसम्मति से एनयूजे द्वारा श्री प्रज्ञानंद चौधरी को प्रेस काउंसिल का सदस्य नामित किया गया था। श्री राय आईएनवीसी न्यूज एजेंसी के ट्राईसिटी संपादक भी हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में इनका पिछले 24 वर्षों का अनुभव है। यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्री व उड़ीसा के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदान किया जाएगा।

प्रेस विज्ञप्ति

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

‘स्‍पंदन सम्‍मान 2013’ दिनेश कुशवाह, भालचंद्र जोशी, सुशील सिद्धार्थ समेत कई लोगों को देने की घोषणा

ललित कलाओं के लिए समर्पित स्‍पंदन संस्‍था भोपाल की ओर से स्‍थापित सम्‍मानों की श्रंखला में वर्ष 2013 के सम्‍मानों की घोषणा कर दी गई है। स्‍पंदन कृति सम्‍मान श्री दिनेश कुशवाह को (कविता संग्रह ‘इसी काया में मोक्ष’), स्‍पंदन कृति सम्‍मान श्री भालचन्‍द्र जोशी को (कहानी संग्रह ‘जल में धूप’), स्‍पंदन आलोचना सम्‍मान श्री सुशील सिद्धार्थ को, स्‍पंदन साहित्यिक पत्रिका सम्‍मान श्री ज्ञानरंजन को (‘पहल’ के लिए), स्‍पंदन बाल साहित्‍य सम्‍मान श्री राष्‍ट्रबंधु को, स्‍पंदन प्रवासी कथा सम्‍मान श्रीमती सुधा ओम ढींगरा को तथा स्‍पंदन ललित कला सम्‍मान (गायन के लिए) सुश्री कलापिनी कोमकली को प्रदान किये जाएंगे।

स्‍पंदन सम्‍मान की संयोजक सुश्री उर्मिला शिरीष के अनुसार प्रत्‍येक को सम्‍मान स्‍परूप ग्‍यारह हजार रुपये की राशि, स्‍मृति चिह्न, शॉल तथा श्रीफल, भोपाल में आयोजित सम्‍मान समारोह ( दिसम्‍बर 2014) में प्रदान की जावेगी।

उर्मिला शिरीष
संयोजक स्‍पंदन
ई-115/12, शिवाजी नगर
भोपाल 462016
मोबाइल 9303132118

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

हिंदी संस्थान के पुरस्कार पाने वालों में 80 प्रतिशत से ज्यादा पोंगापंथी और सांप्रदायिक मानसिकता के लोग हैं

Anil Kumar Singh : कँवल भारती की औकात बताने के बाद आज उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंदी संस्थान के पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. चूंकि मायावती की सरकार ने इन पुरस्कारों को बंद कर दिया था इसलिए पूरी कोशिश की गई है कि इस लिस्ट से दलितों का पत्ता पूरी तरह साफ रहे. भाजपा के शासन में पंडित दीनदयाल उपाध्ध्याय के नाम पर पुरस्कार शुरू किया गया था, उसे चालू रखा गया है क्योंकि उससे सपा के समाजवाद को मजबूती मिलने की संभावना है २०१४ में. दो-तीन यादव भी हैं क्योंकि इस समय की मान्यता है कि असली समाजवादी वही हो सकते हैं. खोज-खाज कर एक दो मुस्लिम भी लाये गए हैं क्योंकि उनके बिना समाज वाद २०१४ का ख्वाब भी नहीं देख सकता.

दाल में नमक की तरह दो-चार नामों को छोड़ कर सबके सब मीडियाकर और परजीवी चारणों की परंपरा के पोषक. मायावती ने उचित ही जनता की गाढ़ी कमाई ले उड़ने वाले इन गीदड़ों को पुरस्कृत करना बंद कर दिया था. मजे की बात है इस लिस्ट में ८० प्रतिशत से ऊपर पोंगापंथी और सांप्रदायिक मानसिकता के लोग हैं. आदरणीय लक्ष्मी कान्त वर्मा जी को जब मुलायम सिंह यादव ने हिंदी संस्थान का अध्यक्ष बनाया था तो उन्होंने मेरे कविता संग्रह को छपने के लिए हिंदी संस्थान की तरफ से आर्थिक मदद की पेशकश की थी जिसे मैंने विनम्रता पूर्वक ठुकरा दिया था. दादा दुखी जरूर हुए किन्तु मुझे उनका कोपभाजन नहीं बनना पड़ा था. यह इसलिए बता रहा हूँ कि भाई लोग यह आरोप न लगाने लगें कि इन्हें नहीं मिला तो चिल्ला रहे हैं. चिल्ला इसलिए रहा हूँ कि यह उस जनता के पैसे का दुरुपयोग है जिसे दो जून की रोटी के लिए हड्डी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है.

साहित्यकार अनिल कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.

इसे भी पढ़ें…

हिंदी संस्थान ने लखकों को झूठा-फ्रॉड साबित कर अपनी फोरेंसिक लैबोरोट्री भी खोल ली है…

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

विकास पत्रकारिता पुरस्कार के दावेदारों की सूची में प्रियंका दुबे का भी नाम

ब्रिटेन में विकास पत्रकारिता के लिए दिए जाने वाले एक प्रतिष्ठित पुरस्कार के दावेदारों की सूची में इस बार एक भारतीय महिला फ्रीलांस पत्रकार का नाम भी शामिल है. प्रियंका दुबे का नाम विकासशील देशों के पत्रकारों को दिये जाने वाले ‘थॉमसन फाउंडेशन यंग जर्नलिज्म अवार्ड’ के दावेदारों की सूची में शामिल किया गया है. यह पुरस्कार आगामी 25 नवंबर को प्रदान किया जाएगा. इस सूची में 39 देशों के करीब 100 पत्रकारों के नाम शामिल हैं. प्रियंका ने इस पुरस्कार के लिए अपनी कुछ स्टोरी सौंपी हैं जो ‘तहलका’ पत्रिका और ‘याहू न्यूज -इंडिया’ में प्रकाशित हुई हैं.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

रवीश कुमार को मिलेगा छत्रपति सम्मान-2014

साहित्यिक संस्था संवाद, सिरसा द्वारा छत्रपति सम्मान-2014 एनडीटीवी के कार्यकारी संपादक रवीश कुमार को दिया जाएगा। सम्मान समारोह शहीद पत्रकार छत्रपति की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 22 नवम्बर को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में ‘संवाद’ की एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता ‘संवाद’ के अध्यक्ष परमानंद शास्त्री ने की। इस संबंध में संस्था के सचिव डा. हरविंद्र सिंह ने बताया कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति 21 नवम्बर को शहीद हुए। उनकी स्मृति में ‘संवाद’ द्वारा छत्रपति सम्मान प्रत्येक वर्ष देश की किसी महान शख्सियत को दिया जाता है।

इस बार सम्मान समारोह का आयोजन 22 नवम्बर को होगा। समारोह में एनडीटीवी इंडिया के कार्यकारी संपादक रवीश कुमार को छत्रपति सम्मान-2014 दिया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बठिंडा के केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. चमन लाल करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए स्थान का निर्धारण शीघ्र ही कर लिया जाएगा। इसके अलावा बैठक में विभिन्न सदस्यों को कार्यभार सौंपा गया।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व छत्रपति सम्मान से ब्रिटेन में भारत के पूर्व राजनयिक एवं चिंतक पत्रकार कुलदीप नैयर, प्रख्यात लेखक विष्णु नागर, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाटककार एवं रंगकर्मी प्रो. अजमेर सिंह औलख, ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त मूर्धन्य साहित्यकार प्रो. गुरदयाल सिंह को नवाजा जा चुका है। बैठक में ‘संवाद’ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरभगवान चावला, लेखराज ढोट, डा. राम जी, गुरबख्श मोंगा, अंशुल छत्रपति, पूर्व सरपंच शिवराम सिंह, राजकुमार शेखूपुरिया आदि मौजूद थे

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

हरिवंश को भव्य समागम में 2014 के आचार्य तुलसी सम्मान से सम्मानित किया गया

अध्यात्म साधना केंद्र, छतरपुर (नयी दिल्ली) में जैन परंपरा और सादगी के साथ आयोजित भव्य समागम में प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश को 2014 के ‘आचार्य तुलसी सम्मान’ से सम्मानित किया गया.  अनुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में आयोजित समारोह में गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. इस मौके पर 2013 का ‘आचार्य तुलसी सम्मान’ स्व. भूपतभाई वडोदरीया को प्रदान किया गया. समभाव ग्रुप के संस्थापक पत्रकार वडोदरीया ने गुजरात दंगों के दौरान साहसिक रिपोर्टिग की थी.

अपने आशीर्वचन में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि पत्रकार हवा के समान होते हैं. जैसे हवा सुगंध को वातावरण में फैलाने का काम करती है, वैसे ही पत्रकार सद्विचारों को समाज में फैलाते हैं. एक बेहतर समाज के निर्माण में पत्रकारों का अहम योगदान होता है.  गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने कहा कि आचार्य तुलसी ने आत्मा को न सिर्फ व्याख्यायित किया, बल्कि उसे जीया भी. वे जीवन मूल्यों के सृजन और साधना में आजीवन लगे रहे. सच्चे जीवन मूल्यों को चुन कर उसे आत्मसात करनेवाला साधु बन जाता है. इन मूल्यों को चुनने में पत्रकार और साहित्यकार समाज की मदद करते हैं. इसीलिए आचार्य तुलसी सम्मान के लिए ऐसे पत्रकारों का चयन किया जाता है, जिन्होंने बिना किसी प्रलोभन के निष्पक्ष और सरोकारी पत्रकारिता में अपना जीवन खपाया है. साध्वी कनकप्रभा ने कहा कि आज समाज में नैतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है. ऐसे में पत्रकार और साहित्यकार का दायित्व है कि वे देश और समाज को दिशा देते रहें.

मुनि गुरु सुमेरलाल जी स्वामी ने कहा कि प्रलोभन को ठुकराने वाले व्यक्ति विरले होते हैं. नैतिक मूल्यों के साथ सत्य पर चलनेवाले व्यक्ति आचार्य तुलसी को प्रिय थे. वरिष्ठ पत्रकार एवं सांसद हरिवंश ने कहा कि देश में चरित्र, नैतिकता और जीवन मूल्यों का संकट है. ऐसे वक्त में आचार्य तुलसी के विचार और मागदर्शन देश को नयी दिशा दे सकते हैं. इस मौके पर ‘आचार्य तुलसी सम्मान’ के रूप में उन्हें एक लाख रुपये, शॉल, शील्ड, चांदी का नारियल आदि देकर सम्मानित किया गया.

श्री हरिवंश ने कहा कि वे सम्मान के साथ प्राप्त राशि को फिक्स डिपोजिट के रूप में जमा करा देंगे और हर साल उससे मिलनेवाले ब्याज की राशि को गरीब बच्चों की पढ़ाई एवं इलाज आदि में खर्च करेंगे. समारोह को नवनीत के संपादक एवं नवभारत टाइम्स व धर्मयुग के पूर्व संपादक विश्वनाथ सचदेव, नूतन सवेरा के संपादक व ब्लिट्ज के पूर्व संपादक नंदकिशोर नौटियाल, सांसद अश्विनी कुमार चौबे आदि ने भी संबोधित किया. इससे पहले स्वागत भाषण आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ विचार मंच के अध्यक्ष राजकुमार पुगलिया ने किया.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

ITA अवॉर्ड्स : आजतक ने जीता चार एवार्ड

खबरों के मामले में आपको हमेशा सबसे आगे रखने वाला आपका चहेता आजतक एक बार फिर देश का सर्वश्रेष्ठ न्यूज चैनल चुना गया है. शनिवार को मुंबई में हुए ITA (इंडियन टेलीविजन अकैडमी) अवॉर्ड्स में आजतक को लगातार 14वीं बार बेस्ट न्यूज चैनल का अवॉर्ड मिला. आजतक की झोली में कुल 4 अवॉर्ड्स आए. आजतक के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘सीधी बात’ को बेस्ट टॉक शो का अवॉर्ड मिला. इसके लिए इंडिया टुडे ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल को बेस्ट एंकर का अवॉर्ड दिया गया. आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप को बेस्ट एंकर का अवॉर्ड दिया गया.

आज तक की एंकर अंजना ओम कश्यप ने अवॉर्ड के साथ अपनी तस्वीर ट्वीट की है. उन्होंने अवॉर्ड मिलने पर खुशी जताई है. “@anjanaomkashyap: life’s overwhelming moment ! Feel honoured to get the ITA Award. pic.twitter.com/MiQJZDhKch”you are truly deserved it…..
    — love_you (@fond_care) November 1, 2014

राहुल कंवल इस अवॉर्ड फंक्शन में पहुंच नहीं पाए. उन्होंने ट्वीट किया- Thanks also to all the guests over the years who gave us time and took on the toughest & trickiest of questions. Best Talk Show #SeedhiBaat
    — Rahul Kanwal (@rahulkanwal) November 1, 2014

‘जीतेगा भई जीतेगा’ शो को बेस्ट न्यूज एंड करंट अफेयर्य शो चुना गया और इसके लिए शम्स ताहिर खान को अवॉर्ड मिला. 2001 से आजतक को बेस्ट हिंदी न्यूज चैनल का अवॉर्ड मिल रहा है.

उपरोक्त खबर आजतक की वेबसाइट पर प्रकाशित है. वहीं से साभार.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

इलाहाबाद के पत्रकार शिवाशंकर पांडेय को पत्रकारिता गौरव सम्मान

इलाहाबाद। पत्रकारिता क्षेत्र में विशिष्ट कार्य के लिए शिवाशंकर पांडेय को बायोवेद मर्यादा पुरूषोत्तम पत्रकारिता गौरव सम्मान के लिए चयन किया गया है। पच्चीस साल से पत्रकारिता से जुड़े श्री पांडेय दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिन्दुस्तान अखबारों में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कई साल तक कार्य कर चुके हैं।

स्वतंत्र चेतना, जनमोर्चा और प्रयागराज टाइम्स में पथिक की डायरी, दैनिक जागरण में गांव की ओर, सामर्थ्य पत्रिका में मीडियावाच आदि कॉलम चर्चित रहे। कथादेश, वागर्थ जनसत्ता में कई कहानियां, उपन्यास प्रकाशित हुए। श्री पांडेय को राष्ट्रीय रामायण मेला श्रृंग्वेरपुरधाम के रजत जयंती समारोह में 5 नवंबर को सम्मानित किया जाएगा।  

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

डा. कविता वाचक्नवी को मिलेगा “हरिवंश राय बच्चन लेखन सम्मान एवं पुरस्कार”

लंदन से खबर है कि इंडियन हाईकमीशन द्वारा समग्र एवं सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक अवदान हेतु हरिवंश राय बच्चन के शताब्दी वर्ष पर स्थापित “हरिवंश राय बच्चन लेखन सम्मान एवं पुरस्कार” (2014)  डा. कविता वाचक्नवी को देने की घोषणा की गई है. यह पुरस्कार समारोह 5 दिसम्बर 2014 को इण्डिया हाऊस, लन्दन में आयोजित होगा।

ध्यातव्य है कि डा. कविता वाचक्नवी को भारतीय उच्चायोग द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ अवदान (2011 हेतु)   “आचार्य महावीर प्रसाद पत्रकारिता सम्मान” भी  प्रदान किया जा चुका है।  इंडियन हाई कमीशन, इण्डिया हाऊस, लन्दन द्वारा चार पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। हरिवंश राय बच्चन लेखन सम्मान ( सर्वश्रेष्ठ समग्र लेखन हेतु / व्यक्ति को),  आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान – सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता सेवाओं हेतु / व्यक्ति को), जॉन गिलक्रिस्ट यू॰ के॰ हिन्दी शिक्षण सम्मान ( सर्वश्रेष्ठ हिन्दी शिक्षण हेतु / व्यक्ति को) और फ़्रेडरिक पिंकाट हिन्दी प्रचार- प्रसार सम्मान (संस्था को)। 

पुरस्कार मिलने पर डा. कविता वाचक्नवी ने ईश्वर, अपने माता-पिता-परिवार, अपने शिक्षकों-आचार्यों और सभी सुहृद मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

सुशांत सिंह, हृदयेश जोशी, सुशील बहुगुणा, मीनाक्षी राणा, सुनील तिवारी समेत कइयों को देहरादून में सम्मानित किया गया

देहरादून में ओएनजीसी के एएमएन घोष ऑडिटोरियम में तृतीय यूथ आइकॉन नेशनल मीडिया अवॉर्ड का आयोजन किया गया. इसमें कई कलाकारों, स्तंभकारों, समाज सेवियों व विशेषकर उत्तराखंड आपदा ग्रस्त जनपदों में खासा योगदान देने वाले अधिकारियों व पत्रकारों को सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन से देश-दुनिया में उत्तराखंड के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. वरिष्ठ पत्रकार राम कृपाल सिंह ने कहा कि पत्रकारों के सम्मान के लिए अभी तक इस तरह के आयोजन दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में हुआ करते थे, लेकिन पर्वतीय राज्य में भी शानदार पहल हुई है.

इस दौरान वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री दिनेश धनै के अलावा यूथ अवॉर्ड के अध्यक्ष डा. महेश कुडि़याल, निर्णायक मंडल के वरिष्ठ सदस्य डा. आर के जैन सहित कई गणमान्य मौजूद रहे. इससे पहले यूथ आइकॉन अवॉर्ड के संस्थापक निदेशक शशि भूषण मैठाणी ‘पारस’ ने अपने स्वागत भाषण में संस्था के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. कहा कि उनका उद्देश्य इस आयोजन के जरिए युवाओं को जागरुक व जिम्मेदार बनाना है. संचालन मिस्टर इंडिया व‌र्ल्ड वाइड एवं शुभांकू भट्ट व ज्योतिका लाल ने किया.

सम्मान पाने वालों में कला कौशल से समाज के सम्मुख आपराधिक मानसिकता की नई व्याख्या देने वालों में एंकर सुशांत सिंह, उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए हृदयेश जोशी, विशेष पत्रकारिता सम्मान के लिए सुशील बहुगुणा, युवा लेखिका के तौर पर डा. मीनाक्षी राणा, नवोदित स्तंभकार के तौर पर सुनील तिवारी, क्षेत्रीय भाषा संरक्षण के लिए मोहिनी ध्यानी पटनी, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान के लिए दिनेश बड़थ्वाल, चिकित्सा सेवा के लिए डा. अजीत गैरोला, डा. सुमिता प्रभाकर, उत्कृष्ट लोक सेवा के लिए आईएएस दिलीप जावलकर, आईपीएस जीएस मार्तोलिया, वरिंदर जीत सिंह, कलात्मक व्यवसाय के लिए चंद्र शेखर मेहरवाल, अदम्य साहस के लिए वृज मोहन सिंह बिष्ट, योगेंद्र राणा, कम्यूटर साइंस के लिए हिमांशु चावला, अभिलाश सेमवाल, विज्ञान अनुसंधान के लिए विजय सिंह, नृत्य शैली के लिए डा. प्रियंका सिंह, सहित्य के लिए प्रेम चंद सकलानी, छोटी उम्र में ख्याति पाने वाली मनस्विनी पंत, बेस्ट लिटिल डायमंड मास्टर पार्थ रतूड़ी शामिल रहे. वहीं पत्रकारिता के लिए अजय कुमार, दिनेश मानसेरा, अमिताभ श्रीवास्तव, अवनीश प्रेमी, कैमरामैन मुकेश राजपूत, संदीप गुसांई, सोनू सिंह, मयंक राय, दिलीप सिंह बिष्ट, आफताब अजमत, केदार दत्त आदि शामिल रहे. केदारनाथ त्रासदी के एक वर्ष पूरे होने पर बेहतरीन कवरेज के लिए आई नेक्स्ट देहरादून को भी उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान से नवाजा गया है. कहा गया है कि आई नेक्स्ट ने अपनी बरसी की कवरेज पर सटीक व तथ्यपरक खबरें पाठकों तक पहुंचाई.

xxx

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तृतीय उत्तराखंड यूथ आईकॉन नेशनल मीडिया अवार्ड सेरेमनी का आयोजन रविवार को किया गया। सेरेमनी में विभिन्न क्षेत्रों की 72 शख्सियतों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। गत वर्ष जून में आई आपदा में बेहतरीन काम करने वाले पत्रकारों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। हिमाचल के बस कंडक्टर की आईपीएस बेटी शालिनी अग्निहोत्री और एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी का सम्मान भी खास आकर्षण का केंद्र रहा। दोनों ही बेटियां अपनी-अपनी वजह से अलग पहचान रखती हैं। खुद सीएम हरीश रावत ने भी दोनों बेटियों के योगदान को सराहा। इन्हें मिला सम्मान….

सुशील बहुगुणा: विशेष पत्रकारिता सम्मान
हृदयेश जोशी: लेखन के क्षेत्र में सृजन सम्मान
हृदयेश जोशी: एनडीटीवी
अजय कुमार: न्यूज नेशन
डॉ. मीनाक्षी राणा: युवा लेखिका
देवेंद्र रावत: दैनिक जागरण
पूरण भिलंगवाल: हिंदुस्तान
सुरेंद्र रावत: समाचार प्लस
मोहित डिमरी: राष्ट्रीय सहारा
बद्री नौटियाल: हिन्दुस्तान
संतोष भट्ट: हिन्दुस्तान
शाल सिंह दत्ताल: पत्रकार धारचुला
कृष्णा गर्बियाल: पत्रकार पिथौरागढ
दिनेश मानसेरा: एनडीटीवी नैनीताल
सुशांत सिंह: सावधान इंडिया क्राइम शो के एंकर
अमिताभ श्रीवास्तव: वरिष्ठ पत्रकार
सुनील तिवारी: सर्वश्रेष्ठ नवोदित स्तंभकार
रिजुल अल्पना बख्शी: गायन
डॉ. स्वाती रॉय: चिकित्सक
डॉ. साक्षी नरूला: चिकित्सक
डॉ. प्रियंका सिंह: चिकित्सक
रविंद्र धनकड़: प्रकाशन जगत
लक्ष्मी: एसिड अटैक की पीड़ित
मोहिनी ध्यानी पटनी: क्षेत्रीय भाषा संरक्षण एवं संवर्धन
त्विसा संधू: अभिनय
अवनीश प्रेमी: सहारा समय
मुकेश राजपूत: सहारा समय
आई नेक्स्ट: समाचार पत्र
दिलीप बिष्ट: आई नेक्स्ट
मयंक राय: समाचार प्लस
नेटवर्क 10: न्यूज चैनल
संदीप गुंसाई: साधना न्यूज चैनल
पर्वत जन: पत्रिका
देहरादून टाइम्स: समाचार पत्र
सोनू सिंह: जी न्यूज
राहुल शेखावत: समाचार प्लस
डॉ. सुमिता प्रभाकर: चिकित्सा
प्रेम चंद्र सकलानी: साहित्यकार
आत्म प्रकाश डिमरी: राजकीय शिक्षक
दिनेश बड़थ्वाल: उप प्रधानाचार्य, दून इंटरनेशनल स्कूल
जय प्रकाश पंवार: रचनात्मक कार्य
डॉ. अजीत गैरोला: चिकित्सा
तुषार कुमार: समाज सेवा
सिनमिट कम्यूनिकेशन: सृजनात्मक कार्य
कैप्टन भूपेंद्र: अदम्य साहस
वृज मोहन सिंह बिष्ट: अदम्य साहस
योगेन्द्र राणा: अदम्य साहस
दिलीप जावलकर: उत्कृष्ट लोक सेवा
जीएस मर्तोलिया: उत्कृष्ठ लोक सेवा
वरिंदर जीत सिंह: उत्कृष्ठ लोक सेवा
चन्द्र शेखर मेहरवाल: सृजन सम्मान
हिमांशु चावला: विज्ञान अनुसंधान सम्मान
विजय सिंह: विज्ञान अनुसंधान सम्मान
अभिलाष सेमवाल: विज्ञान अनुसंधान सम्मान
अजय कुमार: समाज सेवा
नवज्योत कौर: न्यूज एंकर, आईबीएन 7
केदार दत्त: दैनिक जागरण
प्रशांत रॉय: ईटीवी
मास्टर पार्थ रतूड़ी: नृत्य
मनस्विनी पन्त: नृत्य

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

निर्वाचन आयोग ने ‘राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए

चंडीगढ़। निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान लोगों को वोट डालने हेतु शिक्षित एवं जागरूक करने के लिए प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया हाउसेज़ से ‘राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार’ के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।

इसके लिए प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया को एक-एक पुरस्कार दिया जाएगा। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि 15 जनवरी को राष्ट्रीय मतदान दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र एवं पट्टिका भेंट दी जाएगी।

यह पुरस्कार किसी भी मीडिया हाउस को उसके द्वारा मतदाताओं को मतदान में भाग लेने के लिए मतदान का महत्व एवं पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित एवं शिक्षित करने में अमूल्य योगदान के लिए दिया जाएगा।

पुरस्कार की योग्यता के विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए एक निर्णायक मंडल द्वारा ‘प्रचार की गुणवत्ता’, उसकी मात्रा, जनता तथा संबंधित लोगों पर इसके प्रभाव के प्रमाण की जांच करेगा। उन्होंने कहा कि भेजी जानी वाली सभी प्रविष्टिïयां संबंधित अवधि के दौरान प्रसारित तथा प्रकाशित होनी चाहिए।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

कमल शर्मा को मिला ‘माणक अलंकरण’ पुरस्कार

पत्रकारिता के क्षेत्र में राजस्थान का प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘माणक अलंकरण’ जन टीवी के कार्टूनिस्ट कमल शर्मा को प्रदान किया गया है। कमल शर्मा को कार्टूनिस्ट की श्रेणी में विशिष्ट पुरस्कार के लिए पिछले वर्ष चयनित किया गया था। जोधपुर में गांधी जयंती पर 32वां माणक अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरिदेव जोशी, पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति सनी सेबिस्टियन, सांसद गजेंद्र सिंह, जसवंत सिंह विश्नोई ने पुरस्कार प्रदान किए। गौरतलब है कि कमल शर्मा पिछले बारह सालों से बतौर कार्टूनिस्ट कार्य कर रहे हैं।

 

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

जेण्डर संवेदनशीलता पर ‘लाडली मीडिया अवार्ड, 2013-14’ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

भोपाल। पॉपुलेशन फर्स्ट द्वारा जेंडर संवेदनशीलता पर छठवें लाडली मीडिया एवं विज्ञापन अवार्ड, 2013-14 उत्तर क्षेत्र, के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। यूएनएफपीए के समर्थन से इन राष्ट्रीय पुरस्कारों में प्रिंट मीडिया, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो, वेब मीडिया से संस्थागत या स्वतंत्र रूप से जुड़े वह सभी प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने न्यूज़ फीचर, खोजपरक रिपोर्ट, संपादकीय, आलेख, विज्ञापन, ई-मैगजीन, ब्लॉग, वेब ग्रुप्स, सोशल मीडिया कैम्पेन, डाक्यूमेंट्री, धारावाहिक, रेडियो नाटक, टॉपिक्स एवं मुद्दों पर आधारित कार्यक्रम के माध्यम से लिंग आधारित भेदभाव को चुनौती देते हुए विभिन्न मुद्दों को उठाया तथा बालिकाओं की सकारात्मक छवि चित्रित की है।

आवेदन के लिए वे सभी प्रविष्ठियां मान्य होंगी, जो 1 जुलाई 2013 से 30 जून 2014 के बीच प्रकाशित, प्रसारित हुई हों। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर, 2014 है। उत्तरी क्षेत्र के पुरस्कार चंडीगढ़, छतीसगढ़. दिल्ली, हरियाणा हिमाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर, मध्यप्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के विज्ञापन तथा मीडिया के प्रोफेशनल्स,/फ्रीलांसर्स को दिए जाते हैं। उत्तरी क्षेत्र का पुरस्कार वितरण समारोह दिसंबर माह में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रस्तावित है। प्रविष्टि फार्म पापुलेशन फर्स्ट की वेवसाइट  www.populationfirst.org से डाउनलोड किया जा सकता है।

लाडली मीडिया अवार्ड की पात्रता के लिए संतुलित प्रस्तुतिकरण के निम्न मापदंड निर्धारित किये गए हैं। इसके तहत कार्यक्रमों और कानूनों का लैंगिंक दृष्टिकोण से विश्लेषण करना, पुरुषों और महिलाओं को केन्द्रित करते हुए लैंगिक रूढि़वादिता को चुनौती देना, जिससे लैंगिक समीकरणों को पुनर्परिभाषित किया जा सके।

उदाहरण के लिए पुरुषों और महिलाओं की बदलती कार्य पद्धति, घरों में पुरूषों और महिलाओं का कार्यवितरण इत्यादि। इसके साथ ही उन सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारकों का विश्लेषण करना, जिससे लैंगिक असमानता और लैंगिक हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। जन्म से पहले लिंग चुनाव के बारे में जागरूकता निर्माण, लैंगिक हिंसा के शिकार लोगों के अनुभवों को बयान करना, जेण्डर को प्रभावित करने वाली आपदा, साम्प्रदायिक दंगे, खेल की घटना, थर्ड जेण्डर के बारे में संतुलित प्रस्तुतिकरण को मापदंड माना गया है।

मप्र-छत्तीसगढ़ की प्रविष्टियों के लिए समन्वयक कुमुद सिंह से संपर्क कर सकते हैं। मप्र-छतीसगढ़ राज्यों के मीडिया प्रोफेशनल्स हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी में अपनी प्रविष्टियां इस पते पर भेजें :- सुश्री कुमुद सिंह, ए-31, फ्लैट नंबर-102, सेवॉय अपार्टमेंट, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, कोहेफिजा, भोपाल- 462001

अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर-9926311225 और ई-मेल sarokarzindagi@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

साधना चैनल की तरफ से छत्तीसगढ़ के नौ रत्नों का सम्मान किया गया

जीवन की गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए ऊंचाईयों को छूने वाले छत्तीसगढ़ के नौ रत्नों का साधना न्यूज ने अपने खास कार्यक्रम छत्तीसगढ़ एचीवर्स अवार्डस में सम्मानित किया है। मंगलवार को रायपुर के होटल ताज गेटवे में साधना न्यूज नेटर्वक की ओर से आयोजित छत्तीसगढ़ एचीवर्स अवार्डस में कुल नौ लोगों का सम्मान हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने सम्मानित लोगों को स्मृतिचिन्ह दिया।

इस मौके पर उन्होंने साधना चैनल के 6ठवें वर्षगांठ पर बधाई देते हुए कहा कि समाज में मीडिया का काफी अहम रोल होता है। अवार्डस समारोह में रगारंग सांस्कृतिकक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों को भरपूर मनोरंजन हुआ। मुंबई की प्रसिद्ध एंकर अमीषा अम्बेकर की टीम ने मनमोहक डांस की प्रस्तुत से दर्शकों को झुमने पर मजबूर कर दिया।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

ईटीवी के सैय्यद हुसैन अख्तर सम्मानित किए गए

Syed Husain Afsar : मेरे लिये यह इन्तेहाई ख़ुशी की बात है कि मेरे शागिर्द सय्यद हुसैन अख्तर (ETV) को उनकी भरपूर मेहनत और सच्ची रिपोर्टिंग का इनाम मिला है. पिछले पार्लियामेंट के चुनाव में इलाहबाद और उसके आसपास के बहुत से शहरों से अपने चैनल के लिये तलाश करके अच्छी और अनूठी खबरों से न केवल etv चैनल की TRP में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा किया बल्कि सय्यद हुसैन अख्तर ने अपने काम की सलाहियत और अपनी गिरफ्त का लोहा भी मनवा लिया….

 

रियासत के सरबराह अखिलेश यादव साहब ने लखनऊ के ताज होटल में उनको सम्मानित किया… मुझे उम्मीद है आइन्दा भी वह अच्छी रिपोर्टिंग और सख्त मेहनत दिखाते हुवे इनाम से सम्मानित किये जाएंगें… मुबारक हो…

सै. हु. अफसर के फेसबुक वॉल से.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

पत्रकार और शिक्षक गोविंद सिंह ने एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि अपने गांव के छात्रों के नाम की

नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, हिंदुस्तान आदि में उच्च पदों पर गरिमामयी सेवाएं दे चुके और आजकल उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह ने पुरस्कार में मिली एक लाख की ईनामी राशि अपने गांव (सौगांव) पिथौरागढ़ के हाईस्कूल में छात्रवृत्ति के लिए दान की है. यह राशि उन्हें हाल में राष्ट्रपति के हाथों मिले गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार के तहत मिली थी. पुरस्कार राशि का इससे बेहतर सदुपयोग कुछ और नहीं हो सकता.

मैं ये सोच रहा हूँ कि यदि ऐसा और भी लोग करें तो कितना अच्छा लगेगा. हर स्कूल से कोई न कोई प्रतिभा तो निकलती ही है या हर आदमी का कहीं न कहीं तो गाँव होता ही है. स्कूलों को सरकार की सदबुद्धि का इंतजार तो है ही, समाज से भी सहयोग की जरूरत है… गोविंद सिंह जी न्यूज और आजतक जैसे चैनलों में काम कर चुके हैं और आजकल के कई नामचीन पत्रकारों के शिक्षक भी रह चुके हैं…

ज्ञात हो कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हिन्दी भाषा के प्रसार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए पिछले दिनों पांच पत्रकारों और दो वैज्ञानिकों सहित 28 लोगों को ‘हिन्दी सेवा सम्मान’ से नवाज़ा… हिंदी पत्रकारिता और रचनात्मक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए 2011 का गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार प्रो. गोविंद सिंह और डॉ. शिवनारायण को दिया गया. वहीं 2010 का गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार और दिलीप कुमार चौबे को दिया गया.  उसी समय प्रो.गोविंद सिंह ने कहा कि वे पुरस्कार में मिली धनराशि से अपने गांव के राजकीय हाई स्कूल सौगाँव, पिथोरागढ़ के गरीब व होनहार बच्चों को छात्रवृत्ति देंगे. उन्होंने यह छात्रवृत्ति अपनी मां के नाम पर शुरू की है. यह हर वर्ष दी जाएगी.

गोविंद सिंह का जन्म 28 जून, 1959 को हुआ. पत्रकारीय स्वतंत्र लेखन 1978 से शुरू किया. 1982 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप में प्रशिक्षार्थी पत्रकार के रूप में शुरुआत की. धर्मयुग और नवभारत टाइम्स में प्रशिक्षण के बाद नवभारत टाइम्स, मुंबई में उप संपादक बने. 1990 से 1999 तक नवभारत टाइम्स दिल्ली में सहायक संपादक रहे.1999 से 2002 तक जी न्यूज और आजतक चैनलों में क्रमशः डिप्टी एडिटर और सीनियर प्रोड्यूसर रहे और उनके अनुसंधान विभागों के प्रभारी के तौर पर कार्य किया. 2002 में ‘आउटलुक’ साप्ताहिक शुरू होने पर वहां बतौर असोसिएट एडिटर जुड़े. 2003 में अमेरिकी दूतावास से प्रकाशित पत्रिका स्पैन के हिन्दी संस्करण के संपादक बने. 2005 से दैनिक अमर उजाला और बाद में हिन्दुस्तान और कादम्बिनी में कार्यकारी संपादक का दायित्व संभाला. दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैम्पस में पिछले 15 वर्षों से विजिटिंग फैकल्टी के तौर पर पत्रकारिता अध्यापन का कार्य भी कर रहे हैं. अगस्त 2011 से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में प्रोफ़ेसर एवं अध्यक्ष के तौर पर कार्यरत हैं.

लेखक दिनेश मानसेरा एनडीटीवी से जुड़े हुए हैं.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

देव श्रीमाली को मिलेगा पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य स्तरीय पत्रकारिता सम्मान

ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार देव श्रीमाली को इस बार का पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य स्तरीय सम्मान मिलेगा। यह सम्मान पाने वाले ग्वालियर चम्बल अंचल के वे पहले पत्रकार हैं। इसकी घोषणा प्रदेश भाजपा के सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रकोष्ठ ने कल शाम भोपाल में की। श्रीमाली को यह सम्मान 25 सितम्बर को पंडित दीन दयाल जयंती पर भोपाल में आयोजित एक समारोह में दिया जायेगा। इसमें 21 हजार रुपये नकद और सम्मान पत्र दिया जाता है।

श्रीमाली बीते तीन दशकों से पत्रकारिता में कार्यरत हैं और जनसत्ता, दैनिक भास्कर, आचरण, हिन्दू संवृद्धि , माया, नवभारत टाइम्स सहित देश की सभी प्रमुख हिंदी पत्र -पत्रिकाओं से जुडे रहे हैं। इसके अलावा एनडीटीवी तथा अन्य न्यूज चैनल से भी सम्बद्ध रहे हैं। वे वर्तमान में इलेक्ट्रोनिक मीडिया के अलावा सांध्य दैनिक इंडिया शाम तक का संपादन भी कर रहे हैं। वे ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान के अध्यक्ष भी हैं।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

रामनाथ गोयनका पाने वालीं प्रियंका इन दिनों ‘तहलका’ से इस्तीफा देकर फ्रीलांस लेखन कर रही हैं

Mohammad Anas : हिंदी पत्रकारिता (प्रिंट) में उल्लेखनीय कार्य हेतु प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवार्ड से Priyanka Dubey को सम्मानित किया गया है। दो बैच सीनियर और बेहद जुझारू एंव स्टोरी के लिए जंगल बीहड़ एक कर देने वाली यह पत्रकार वाकई में आज उस मुकाम पर है जहां अवार्ड वगैरह मायने नहीं रखते। बगिया की चाय हो या स्कूटी के पीछे बैठ कर बड़ी लेक किनारे घूमना, थियेटर या फिर क्लास में धड़ाक से घुस कर ‘अख़बार लिया करो, किताब पढ़ा करो’ की धमकी।

मोटे और गोल चश्में, बेतरतीब से बिखरे बाल, किसी भी चीज़ का कोई नियत स्थान न देनी वाली यह लड़की आज उन चुनिंदा स्टोरी वाली पत्रकार है जिसे करने के लिए लोग दो सौ बार सोचते हैं। इतने अवार्ड मिल चुके हैं इन्हें कि मुझे भी नहीं याद। तहलका मैगजीन से इस्तीफा देकर फ्रीलांस लेखन कर रहीं हैं। एक बार ज़ोरदार तालियों से इनका स्वागत किया जाए।

पत्रकार और एक्टिविस्ट मोहम्मद अनस के फेसबुक वॉल से.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: