जगेंद्र हत्याकांड : ‘कुत्ता प्रदेश’ की कहानी, एक आईएएस अफसर की जुबानी… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ प्रेस क्लब आफ इंडिया में आज हुई सभा में सबसे शानदार रहा आईएएस Surya Pratap Singh यानि एसपी सिंह को सुनना. एसपी भाई को एफबी टीवी अखबारों में पढ़ता देखता रहा हूं लेकिन मिलने-सुनने का मौका आज मिला. ग़ज़ब का बोले. बोले क्या झकझोर दिया. उनका आधे घंटे का वीडियो अपलोड करने वाला हूं. तब तक कुछ तस्वीरें. एक तस्वीर में एसपी सिंह जी के साथ संगम पांडेय जी भी हैं, मुड़ मुड़ के ना देख मुड़ मुड़ के वाली फोटो में. संगम पांडेय जी जानी मानी साहित्यिक पत्रिका हंस के पूर्व संपादक रहे हैं. उनसे जमाने बाद मुलाकात हुई. संगम भाई जब भी मिलते हैं, उन्हें देर तक पकड़ कर रखता हूं, बतियाता हूं. ये एक ऐसे पत्रकार लेखक समालोचक शख्सियत हैं कि मिलने पर इनसे अध्यात्म से लेकर ब्रह्मांड तक ढेरों बात बहस तर्क-कुतर्क मैं करता हूं और वो न सिर्फ इसे इंज्वाय करते हैं बल्कि कई ऐसे पढ़ने जानने सीखने के सूत्र छोड़ जाते हैं जिनसे मैं आगे के दिनों में खोजता जूझता लड़ता सोचता पढ़ता रहता हूं. फोटो देखने के पहले ये एक वीडियो देखिए, प्रेस क्लब आफ इंडिया से लेकर मुलायम सिंह यादव के दिल्ली वाले बंगले तक पर हुए प्रदर्शन का:  https://www.youtube.com/watch?v=W-F0x9D0m_U

जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ अलीगढ़ में जुलूस निकाला, राज्यपाल को ज्ञापन

अलीगढ़ : बुधवार सुबह लगभग 11.00 बजे सेंटर पाइन्ट चैराहे पर मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, रीजनल इलैक्ट्रानिक मीडिया, अलीगढ़ इलैक्ट्रोनिक मीडिया, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन व गणेश शंकर विद्यार्थी प्रैस क्लब के पदाधिकारी, शहर के पत्रकारों ने जगेंद्र हत्याकांड पर जुलूस निकाल कर कड़ा विरोध प्रकट किय। 

सीतापुर में कैंडिल मार्च निकाल कर जगेन्द्र को श्रद्धांजलि

सीतापुर : पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्या कांड के विरोध में मंगलवार देर शाम पत्रकारों, समाज सेवियों व व्यापारियों ने लालबाग चैराहे से शहीद लालबाग पार्क तक कैंडिल मार्च निकाला। निर्ममता से मारे गए पत्रकार जगेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। पत्रकारों ने कहा कि लगातार हमले हो रहे हैं और सरकार खामोश है। ऐसे वक्त में सभी पत्रकारों को एकजुट रहने की जरूरत है। 

सरकार बहादुर ने दो कौड़ी के पत्रकारों के लिए मशीनरी टाइट कर दिया!

Ved Ratna Shukla : वर्मा जी को राम-राम कहलवा भेजिएगा… सरकार बहादुर कहिए तो आपके चरणों में लोट जाऊं… क्या धांसू काम किया है. मन कर रहा है नाचूं! सरकार बहादुर ने दो कौड़ी के पत्रकारों के लिए मशीनरी टाइट कर दिया. गजब! महिलाओं के लिए भी हेल्पलाइन शुरू की थी आपने. यकीन मानिए तबसे महिलाएं रातभर पैदल, स्कूटी से अकेले-दुकेले घूम रही हैं एकदम निश्चिंत-महफूज. आपके इकबाल से उनकी तरफ अब कोई आंख उठाकर देखता भी नहीं. वो कहते हैं न कि यही तो रामराज है. हालांकि मोहनलालगंज.

पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड में नया मोड़, बाहुबलियों के दबाव में मुकर गई चश्मदीद महिला गवाह

‘पत्रकार जगेंद्र सिंह को किसी ने नहीं जलाया, उसने ही खुद को आग के हवाले किया। इस प्रकरण में कोई हत्यारा नहीं है और न ही कोई दोषी है। सब निर्दोष हैं, न राममूर्ति वर्मा का इसमें कोई हाथ है, और न ही उनके करीबी गुफरान का, बस यही सच है, जो मैं कह रही हूं।’ ये कहना किसी और का नहीं बल्कि जगेंद्र की एक महिला सुपरिचित का है। 

जगेंद्र हत्याकांड : ताकतवर आरोपियों की साजिश-दर-साजिश, अब महिला बनी मोहरा

दुनिया भर में चर्चित शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेन्द्र हत्या कांड को ‘हत्या और आत्म हत्या’ के बीच उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावशाली नामजद आरोपी, पुलिस और कुछ मीडिया संस्थान शर्मनाक तरीके से दिवंगत पत्रकार का चरित्र हनन तक करने लगे हैं, जबकि बड़ा कारण हत्या, आत्म हत्या और चरित्र नहीं, बल्कि मृत्यु है। बड़ी बात यह नहीं है, जगेन्द्र मरे कैसे? बड़ी बात यह बात है कि जगेन्द्र मरे क्यों?

सरकार के इशारे पर पत्रकार की लाश पर दूकानें खोल दीं बड़े पत्रकारों ने

पत्रकारों की लड़ाई नहीं, पत्रकारिता को कलंकित करने में जुटे हैं बड़े नेता। इन नेता जी की जिम्‍मेदारी मानी जाती है कि वे कम से कम अपनी बिरादरी के लोगों के प्रति थोड़ी संवेदनशीलता और संवेदना रखेंगे और पत्रकारों पर होने वाले अन्‍याय-अत्‍याचार पर अपनी आवाज निकालेंगे। लेकिन खुद को बड़ा पत्रकार मानने-कहलाने वाले यह पत्रकार-अगुआ लोग न सिर्फ इस मसले पर चुप्‍पी साधे हुए हैं, बल्कि जागेन्‍द्र की लाश को खरीदने-बेचने की गुपचुप कवायद में भी जुटे हैं। जागेन्‍द्र सिंह के जिन्‍दा-दाहकाण्‍ड वाले हौलनाक हादसे के बाद इन इस पत्रकार-शिरोमणि ने ठीक वही स्‍टैण्‍ड लिया, जो सरकार के इशारे पर यूपी पुलिस कर रही है। बजाय इसके कि जिन्‍दा जागेन्‍द्र को मौत की नींद सुलाने वाले अपराधियों पर यह पत्रकार-नेता आंदोलन करते और हुंकारें भरते, इन लोगों ने पूरे मामले की आग पर ही पानी फेर दिया। पत्रकारिता को कलंकित करते इन पत्रकारों ने इस मामले में जो करतूत की है, उससे बड़े से बड़ा दलाल भी शरमा जाएगा।

जगेंद्र हत्याकांड : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से सीबीआई जांच की गुजारिश

वाराणसी : सोशल मीडिया जर्नलिस्ट अवनिन्द्र कुमार सिंह ने पत्रकार जगेंद्र सिंह मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल राम नाइक और उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को पत्र लिख कर मांग की है कि सीबीआई जांच कराई जाए, तभी ऐसे क्रूरतम कृत्य की सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

जगेंद्र हत्याकांड पर मुख्यमंत्री की हठधर्मिता और शिवपाल का बयान शर्मनाक

शाहजहांपुर : पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव से मदद मिलने के बजाय सरकार अपनी हठधर्मिता पर उतारू है। सपा के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह ने जो बयान जगेंद्र की हत्या को लेकर दिया, वह शाहजहांपुर ही नहीं, पूरे देश को शर्मसार करने वाला है। 

महीना वही, मरने वाले का जज्‍़बा वही, मारने वाले की हैवानियत भी वही

उत्‍तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जून 2015 में एक पत्रकार को जिंदा जलाकर मार दिया जाता है। लोगों को पता था कि ऐसा हो सकता है, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। हत्‍या के बाद बेशर्मी की हद देखिए कि पत्रकार बिरादरी ने जगेंद्र को कलमकार मानने से ही इनकार कर दिया। अपनों की बेरुखी एक जुनूनी को ले डूबी। 

बिना जांच कार्रवाई पर अड़े पत्रकारों को यूपी सरकार का ठेंगा …

जाइये, नहीं करते राज्यमंत्री को बर्खास्त, नहीं भेजते जेल… अब जो करना है, मीडिया कर ले। कुछ ऐसे ही भाव थे प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा व सरकार में नम्बर दो के दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के। सोशल मीडिया पर खिलने वाले पत्रकार के मामले में एनडीटीवी वाले रवीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र लिखा और कहा कि अगर राज्यमंत्री पर कार्रवाई करें तो संबंधित पत्र के साथ मेरा पत्र नत्थी कर दें। 

जगेंद्र हत्याकांड पर पीएम, सीएम से बात करेंगे राज्यपाल, अखिलेश अपनो की करतूत से विचलित

यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने पत्रकार जगेंद्र सिंह के परिजनों को भरोसा दिया है कि वह घटना की विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहराइच में गत दिवस संकेतों में कहा कि हमारी सरकार के कुछ लोग गलत काम कर रहे हैं। उधर, जगेंद्र सिंह का परिवार पिछले कई दिनो से धरने पर बैठा है लेकिन आरोपी मंत्री के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट तलब कर ली है। मामले की अगली सुनवाई आगामी 24 जून को होगी।

जगेन्द्र हत्याकांड पर लखनऊ में पत्रकार संगठन ऐसे खामोश क्यों?

पूरे उत्तर प्रदेश में, लगभग हर जनपद में पत्रकार संगठन मौत के घाट उतारे गए पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवार का साथ दे रहे हैं तथा आन्दोलनरत हैं, परन्तु लखनऊ के कई पत्रकार संगठन बिलकुल मौन हैं। सहायता करना तो दूर, यहां तक कि जगेन्द्र सिंह में ही कमियां गिनाते फिर रहे हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि पति/पिता की मृत्यु का दर्द उसकी निर्बल विधवा तथा अनाथ हुए बच्चे ही जान सकते हैं और आज उत्तर प्रदेश के माहौल में यह दिन किसी अन्य का भी आ सकता है। पिछले दस दिनों में तीन पत्रकारों पर हमले हुए हैं, यह अच्छा संकेत नहीं है।

जगेंद्र सिंह : पत्रकारों के लिए सबक, पत्रकारिता के लिए आदर्श

लगभग दो-ढाई वर्ष पुरानी बात होगी. फेसबुक पर किसी ने एक समाचार का लिंक शेयर किया कि काकोरी कांड के अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह की पौत्रवधू की झोपड़ी गाँव के दबंगों ने जला दी है. कड़कड़ाती सर्दी में खुले आसमान के नीचे शहीद के वंशज रात गुजारने को मजबूर हैं . समाचार पढ़कर धक्का लगा . समाचार का स्रोत थे शाहजहांपुर समाचार के नाम से फेसबुक पर सक्रिय जगेन्द्र सिंह . मैं उन दिनों किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम के संयोजन में व्यस्त था पर मैंने सोशल मीडिया पर मुहिम चलायी और मेरी उस मुहिम में जगेन्द्रसिंह, सिराज फैसल खान, अमित त्यागी,  भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ अधिकारी श्रीकांत मिश्र कान्त आदि जुड़े. 

झारखंड में पत्रकारों का धरना, जगेंद्र के परिजनों को 50 लाख देने की मांग

कोडरमा (झारखण्ड) : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या को लेकर कोडरमा जिले के पत्रकारों ने समाहरणालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया। इसके पहले सूचना भवन स्थित पत्रकार सदन में पत्रकारों ने शोक सभा भी की और पत्रकार जगेन्द्र सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। धरना प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने गजेन्द्र की हत्या के आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा और पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर उन्हें जेल भेजने, मृतक पत्रकार के परिजनों को 50 लाख रुपया मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। 

शोक सभा और धरना में शामिल पत्रकार

जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ सड़क पर उतरे जौनपुर के पत्रकार, धरना-प्रदर्शन

जौनपुर : जनपद के पत्रकारों ने शाहजहांपुर के साथी जगेन्द्र सिंह की गत दिवस की गयी निर्मम हत्या के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जहां पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घूमकर प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, वहीं पुतला फूंकने के बाद मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित 4 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट धर्मेन्द्र सिंह को सौंपा। 

 

जौनपुर कलेक्ट्रेट में धरना-सभा को सम्बोधित करते वरिष्ठ पत्रकार कैलाशनाथ : छाया-कुमार कमलेश

जगेन्द्र सिंह हत्याकांड पर हाईकोर्ट का आदेश, प्रदेश सरकार 24 जून तक प्रगति रिपोर्ट सौंपे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता को पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में चल रही जांच प्रगति के बारे में 24 जून तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति श्रीनारायण शुक्ल और न्यायमूर्ति प्रत्यूष कुमार की अवकाश कालीन पीठ ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया. यह याचिका ‘‘वी द पीपुल’’ नामक सामाजिक संगठन के महासचिव प्रिंस लेनिन की तरफ से दाखिल की गयी है. इस याचिका में उन्होंने अदालत से जगेन्द्र सिंह की कथित हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने तथा मृतक पत्रकार के परिजनों को समुचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रदेश सरकार को आदेश देने का आग्रह किया है.

इस बहस का क्‍या मतलब क‍ि जगेन्‍द्र ने आत्‍मदाह किया या उसे फूंका गया!

Kumar Sauvir : अब इस बहस का क्‍या मतलब क‍ि शाहजहांपुर के पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह ने आत्‍मदाह किया, या फिर उसे फूंक डाला गया था। खास तौर पर तब, जबकि बुरी तरह झुलसे जागेन्‍द्र ने लखनऊ के सिविल अस्‍पताल में अपना जो मृत्‍यु-पूर्व बयान कई लोगों के मोबाइल पर दर्ज कराया था, उसमें उसने साफ-साफ कहा था कि उसे जिन्‍दा फूंकने की कोशिश की गयी थी। मगर अब इस काण्‍ड को दबाने और उन्‍हें दोषियों को जेल भेजने की कवायद करने के बजाय, जो लोग इस मामले का खुलासा करने में जुटे हैं, उन्‍हें सपा-विरोधी मानसिकता से ग्रसित होने का आरोप लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं, शाहजहांपुर और बरेली से लेकर लखनऊ तक पत्रकारों का एक खेमा इस मामले पर पुलिस और प्रशासन की दलाल-बैसाखी बन कर बाकायदा खुलेआम पैरवी में जुटा हुआ है। इन लोगों का मकसद सिर्फ यह है कि इस बर्बर दाह-काण्‍ड पर राख डालने की कोशिश की जाए। इसके लिए नये-नये तरीके-तर्क बुने जा रहे हैं।

पत्रकार जगेंद्र के हत्यारे मंत्री की गिरफ्तारी न होने पर बनारस में प्रोटेस्ट मार्च और हस्ताक्षर अभियान

वाराणसी। ‘इस समय आदमी के लिए सबसे बड़ा अपराध है, निरपराध होना, जो निरपराध होंगे मारे जायेंगे?’ सोचने पर विवश करने वाली कविता के इन पंक्तियों के साथ शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह के हत्या के विरोध में मंगलवार की शाम शहर के पत्रकारों, रंगकर्मियों, अध्यापकों, बुद्धिजीवियों ने संयुक्त रूप से दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क से लहुराबीर स्थित शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क तक ‘वक्त नहीं चुप रहने का’ विरोध मार्च निकाल कर हस्ताक्षर अभियान चलाया।

ये तीन वीडियो अखिलेश, मुलायम, रामगोपाल और शिवपाल के लिए हैं… जाग जाइए वरना जनता का श्राप लगेगा…

(यूपी के शाहजहांपुर जिले के पत्रकार जगेंद्र के हत्यारे मंत्री को बर्खास्त कराने और जेल भिजवाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर मीडियाकर्मियों के प्रदर्शन का एक दृश्य)


Yashwant Singh : नीचे दिए गए तीन वीडियो खासकर अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव के लिए हैं जिनके आंखों पर सत्ता का नशा चढ़ा हुआ है, जिनके चेहरे पर ताकत का अहंकार पुता हुआ है, जिनके चाल-ढाल में अमरता की अदा लिपटी हुई है, जिनके बयानों में नश्वरता का नक्शा खिंचा होता है. इनके हाथ में यूपी की सत्ता क्या आ गई है, जैसे ये मनुष्येतर हो गए हैं. जैसे ये अपने आप में हर शख्स के भाग्य नियंता हो गए हैं, जिनको चाहेंगे जीने का हक देंगे, जिनको चाहेंगे जिंदा जलवा डालेंगे. ऐसी सोच समझ वाले अहंकारियों का संपूर्ण नाश होता है एक न एक दिन.

लखनऊ के पत्रकारों की जुबान खामोश क्यों है?

(यूपी के शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की एक तस्वीर. वरिष्ठ पत्रकार रुबी अरुण समेत कई महिला पत्रकारों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया.)

Kumar Sauvir : यकीन मानिये कि मुझे कत्‍तई कोई भी जानकारी नहीं है कि आप दलाल-बेईमान हैं या फिर ईमानदार। लेकिन आज मैं दावे के साथ कहना चाहता हूं कि हमारी पूरी की पूरी न सही, लेकिन अधिकांश पत्रकार-बिरादरी सिर्फ दलाली ही करती है। बेईमानी तो इनके रग-रग में रच-बस चुकी है। गौर कीजिए ना कि शाहजहांपुर के जांबाज, लेखनी-सैनानी और जुझारू पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह ने सत्‍य-उद्घाटन के लिए अपनी जान दे दी, मगर सत्‍य के सामने सिर नहीं झुकाया। नतीजा, मंत्री राममूर्ति वर्मा के इशारे पर उसके पालतू पुलिस कोतवाल, पत्रकार और अपराधियों ने उसे जिन्‍दा फूंक डाला।

दिल्‍ली पहुंची जगेंद्र को इंसाफ दिलाने की मांग, जंतर-मंतर पर पत्रकारों का विशाल प्रदर्शन

: प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपा, अभिव्यक्ति की आजादी को सुरक्षा देने की मांग : सपा कार्यालय ने नहीं स्वीकार किया ज्ञापन, कहा लखनऊ जाओ : नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों और शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की नृशंस हत्या के विरोध में सोमवार को दिल्‍ली जंतर-मंतर पर करीब दो सौ पत्रकारों ने प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पत्रकारों ने उत्‍तर प्रदेश  सरकार और केंद्र सरकार से मांग की कि पत्रकारों पर हो रहे राजनीतिक हमलों पर लगाम लगाई जाए और जगेंद्र सिंह हत्याकांड के दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो. वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाजों को दबाने की ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. प्रदर्शन के बाद पत्रकारों की ओर से उनकी सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी को सुनिश्चित करने को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सौंपा गया जबकि समाजवादी पार्टी के कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करने से इनकार कर दिया और ज्ञापन सौंपने गए पत्रकारों से कहा कि ज्ञापन सौंपना है तो लखनऊ जाओ.

हत्यारे मंत्री को हटाए जाने तक अखिलेश सरकार का कवरेज न करें मीडियाकर्मी

Mukesh Yadav : जंतर मंतर पर प्रदर्शन के साथ साथ यह निर्णय भी हो ही जाना चाहिए कि जब तक जगेंद्र का हत्यारोपित यूपी सरकार का मंत्री हटा नहीं दिया जाता, कोई भी मीडिया माध्यम अखिलेश यादव सरकार की कवरेज नहीं करेगा। इसके लिए तमाम मीडिया संगठनों पर दबाव बनाया जाए। साथ ही वेस्टेड इंटरेस्ट वाले एडिटर्स गिल्ड और एनबीए को बाध्य किया जाए कि वे जगेंद्र प्रकरण में शामिल उक्त मंत्री के हटने तक यूपी सरकार की कवरेज रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी करें। क्योंकि ध्यान रहे अखिलेश सरकार तो हर रोज अपनी विदाई की पटकथा खुद ही लिख रही है। इस पटकथा को सूबे की पीड़ित जनता जल्दी ही साकार कर देगी। लेकिन ये लालची मीडिया संगठन, जिनके लिए पत्रकारों की सुरक्षा कोई मुद्दा ही नहीं है, कहीं नहीं जाने वाले। इसलिए इन्हें एक्सपोज करने का भी यह एक उचित अवसर है। इस क्रूर व्यवस्था में, जहाँ सच के लिए कोई जगह ही नहीं है, अगर आज इतना भी हो जाए तो एक उम्मीद बंधती है! बाकि इस भ्रष्ट सिस्टम में सत्य के दीवानों के लिए जगेंद्र होना ही नियति है।

साहसी और बेबाक पत्रकार जगेंद्र की यही खासियत उन्हें उनके बलिदान की वजह बनी…

Arvind Pathik : लगभग दो ढाई वर्ष पुरानी बात होगी. फेसबुक पर किसी ने एक समाचार का लिंक शेयर किया कि काकोरी कांड के अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह की पौत्रवधु की झोपडी गाँव के दबंगों ने जला दी है. कड़कड़ाती सर्दी में खुले आसमान के नीचे शहीद के वंशज रात गुजारने को मजबूर हैं. समाचार पढकर धक्का लगा. समाचार का स्रोत थे ‘शाहजहांपुर समाचार’ के नाम से फेसबुक पर सक्रिय जगेन्द्र सिह. मैं उन दिनों किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम के संयोजन में व्यस्त था पर मैंने सोशल मीडिया पर मुहिम चलायी और मेरी उस मुहिम में जगेन्द्र सिंह, सिराज फैसल खान, अमित त्यागी, भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ अधिकारी श्रीकांत मिश्र ‘कान्त’ आदि जुड़े.

जगेंद्र हत्याकांड : 19 जून को दिल्ली चलो, मुलायम के बंगले पर होगा विरोध प्रदर्शन

(पत्रकार जगेंद्र के हत्यारे मंत्री को बर्खास्त करने और जेल भेजने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को संबोधित करते प्रेस क्लब आफ इंडिया के महासचिव नदीम अहमद काजमी)

पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार दिए जाने के कुकृत्य के खिलाफ पूरे देश में उबाल है. दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद अब तय किया गया है कि 19 जून को शाम पांच बजे से प्रेस क्लब आफ इंडिया में एक बैठक का आयोजन किया जाएगा. इस बैठक के बाद एक विरोध मार्च निकाला जाएगा जो मुलायम सिंह यादव के दिल्ली स्थित आवास तक जाएगा.

जगेन्द्र हत्याकांड की जांच में आई PCI टीम के गठन पर सवाल उठे

लखनऊ : जगेन्द्र सिंह हत्याकांड की जांच में आई PCI (प्रेस काउंसिल आफ इंडिया) की टीम के गठन पर ही सवाल उठ रहे हैं. इसके एक सदस्य है रिटायर्ड फोटोग्राफर एस एन सिन्हा जिनकी अध्यक्षता वाली इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन ने डेढ़ वर्ष पूर्व शाहजहांपुर में अपना सम्मलेन कराया था. इसमें अभियुक्त मंत्री राम मूर्ति वर्मा ने सहायता और शिरकत करी थी. दूसरी सदस्य सुमन गुप्ता हैं, जो दैनिक जनमोर्चा से जुड़ी हैं.

धरनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं जगेंद्र सिंह की पत्नी सुमन

शाहजहांपुर (उ.प्र.) के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड के आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सपरिवार धरने पर बैठीं सुमन धरना स्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। आनन-फानन में पास के डॉक्टरो की टीम बुलाकर उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। पल्स रेट डाऊन होने से उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन परिवारवाले राजी नहीं हुए और धरनास्थल पर ही इलाज करने की जिद पर अड़े रहे। उधर, मंत्री के विरोधी एवं सपा से निष्कासित पूर्व विधायक और देवेंद्र पाल सिंह भी धरने पर बैठ गए हैं।

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में बदायूं के पत्रकारों ने किया धरना-प्रदर्शन

बदायूं : मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर पत्रकारों ने पहले शाहजहांपुर निवासी पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या पर गुस्से का इजहार किया, फिर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने जगेंद्र हत्या कांड को बड़ी खबर के रूप में छापा

विश्व के सबसे प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार ‘द न्यूयार्क टाइम्स’ ने जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर विस्तार से समाचार प्रकाशित किया है। समाचार अंग्रेजी में पढ़ें –

जगेंद्र का पूरा परिवार धरने पर बैठा, शिवपाल ने कहा – जांच पूरी होने से पहले मंत्री को नहीं हटाएंगे

लखनऊ : कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव से शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार डालने के आरोपी पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा को हटाये जाने की सम्भावना के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि जांच पूरी हुए बगैर किसी भी मंत्री को नहीं हटाया जाएगा। उधर न्याय पाने के लिए पत्रकार जगेंद्र सिंह का पूरा परिवार धरने पर बैठ गया है।