लोकसभा टीवी के एक्जाम में कौन-कौन मीडियाकर्मी हुए पास, देखें पूरी लिस्ट

पिछले साल दिसंबर महीने में लोकसभा टीवी चैनल में रिक्त विभिन्न पदों के लिए हुए एक्जाम का रिजल्ट आ गया है. नीचे वो लिस्ट है जिसमें आधिकारिक रूप से उत्तीर्ण हुए मीडियाकर्मियों की जानकारी दी गई है. इंग्लिश के एंकर कम प्रोड्यूसर समेत तीन पदों के लायक कोई प्रत्याशी नहीं पाया गया, इसकी भी जानकारी दी गई है. 

धन्य है यह ‘गभिलाश झांडेकर’ जो तीन सवाल पूछ कर 100 नंबर के साथ न्याय कर देता है!

Sarjana Sharama : मौका परस्तों की दसों उंगलियां घी में सिर कड़ाही में… ना लेफ्ट ना राईट, ना कांग्रेस ना बीजेपी, बस ‘तेलपूत’ बन जाइए यानि जिसका राज उसको तेल लगा के हो गए उसके पूत। फिर देखो, मज़े ही मज़े हैं। मध्यप्रदेश के राजे रजवाड़े कांग्रेसी नेताओं का मीडिया रिलेशन और पब्लिक रिलेशन देखने वाले मध्यप्रदेश के औसत दर्जे के एक पत्रकार हैं, मान लीजिए उनका नाम है- गभिलाश झांडेकर।

आशीष जोशी लोकसभा टीवी के नए सीईओ / एडिटर , देखें किस पत्रकार को कितना नंबर मिला

लोकसभा टीवी के एडिटर इन चीफ और सीईओ पद के लिए हुए इंटरव्यू का नतीजा आ गया. आशीष जोशी टापर साबित हुए. उन्हें नया सीईओ / एडिटर इन चीफ घोषित कर दिया गया है. आशीष को सीमा गुप्ता की जगह लेना है जिनका कार्यकाल 23 नवंबर 2016 को खत्म हो गया. आशीष जोशी का मीडिया करियर कुल 17 साल का है. वे आजतक,  जी न्यूज, डीडी न्यूज, आईबीएन7 आदि में रहे हैं.

आशीष जोशी

लोकसभा टीवी पर अब आरएसएस को महान बताने का कार्यक्रम चलता रहता है…

Dilip Khan : लोकसभा टीवी मुझे साल भर पहले तक अच्छा लगता था। मैं दूसरों को सजेस्ट करता था कि देखा करो। लेकिन इन दिनों ये चैनल बीजेपी भी नहीं बल्कि संघ का मुखपत्र बन गया है। जब-तब RSS को इस पर महान बताने का कार्यक्रम चलता रहता है।

लोकसभा टीवी को एडिटर इन चीफ और सीईओ की जरूरत, 28 नवंबर तक कर सकते हैं अप्लाई

सीमा गुप्ता लोकसभा टीवी की एडिटर इन चीफ और सीईओ हुआ करती थीं. उनका कांट्रैक्ट खत्म हो रहा है. दो साल के लिए कोई नया सीईओ और एडिटर इन चीफ लोकसभा टीवी को चाहिए. इसके लिए विज्ञापन निकाला गया है. आखिरी डेट 28 नवंबर 2016 है. राहुल देव, अभिलाष खांडेकर समेत कई बड़े नाम इन दिनों चर्चा में हैं जो नए एडिटर इन चीफ और सीईओ पद के लिए दावेदार हैं. पिछली बार सीमा गुप्ता ने कई वरिष्ठों को दरकिनार कर सीईओ / एडिटर इन चीफ का पद हथियाया था. तब भड़ास ने पहले ही बता दिया था कि जबरदस्त सिफारिश के कारण सीमा गुप्ता ही सेलेक्ट की जाएंगी.

लोकसभा टीवी में संपादक पद पर चयनित श्याम किशोर के बारे में जानिए

लोकसभा टीवी के एडिटर पद के लिए चयनित श्याम किशोर सहाय भले ही टीवी पत्रकारिता का चर्चित चेहरा न रहे हों लेकिन पत्रकारिता में लगभग 18 वर्ष का अनुभव रखने वाले संजीदा, सौम्य और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े सृजनशील पत्रकार रहे हैं. स्वभाव से वो लो प्रोफाइल रहना पसंद करते हैं. उन्होंने 1993-96 में दिल्ली विवि से इतिहास में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. पढाई के दौरान जॉकिर हुसैन कॉलेज की हिन्दी पत्रिका के संपादक रहे और साहित्य अकादमी, दिल्ली ने पत्रिका को सम्मानित भी किया.

भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ रहा लोकसभा टीवी

कहने को तो लोकसभा टीवी एक संसदीय चैनल है। लेकिन सच्चाई यही है इसकी शुरुआत से आज तक इस संसदीय चैनल में भाई भतीजावाद का ही बोल-बाला रहा है। जिसके चलते अपनी स्थापना के दस साल के बाद भी भारी भरकम बजट वाला ये चैनल अपनी पहचान को तरस रहा है। इस चैनल की कहीं कोई चर्चा नहीं है, कार्यक्रमों के लिए ये नहीं जाना जाता। जबकि महज़ चार साल पहले जन्मा राज्यसभा टीवी थोड़े समय में ही अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।

लोकसभा टीवी में वैकेंसी, करें अप्लाई

लोकसभा टीवी में कंसल्टेंट, चीफ प्रोड्यूसर पद के लिए वैकेंसी निकली है. चैनल को योग्य चीफ प्रोड्यूसर यानि कंट्रोलर आफ प्रोग्राम्स की तलाश है. मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन / इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातक की डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले वो लोग अप्लाई करें जिन्हें 15 सालों का टीवी या फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव हो. साथ ही कम से कम 5 साल का अनुभव प्रोग्राम प्रोडक्शन या डॉक्यूमेंट्री प्रोडक्शन में हो या फिर स्टूडियो ऑपरेशन व लाइव कवरेज के संचालक रहे हों.

लोकसभा टीवी में फिक्स थीं सारी नियुक्तियां! RTI से खुलासा, हड़कंप

हमेशा विवादों में रहने वाली लोक सभा tv ने एक बार फिर नया कारनामा कर दिखाया है। ताजा मामला लोकसभा tv मेँ नियुक्तियों को लेकर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का है। इस मामले मेँ लोकसभा tv की सीईओ सीमा गुप्ता और वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव का नाम भी सामने आ रहा है। आरोप है कि एक अनाधिकृत इंटरव्यू पैनल बनाकर लोकसभा टीवी में भर्ती में भ्रष्टाचार का ये खेल रचा गया। जिस इंटरव्यू के आधार पर सीमा गुप्ता ने लोगों को नियुक्त किया है, वो इंटरव्यू ही नियमों के खिलाफ था। बताया जा रहा है कि एंकर, प्रोड्यूसर, मार्केटिंग और तकनीकी विभागों में मोटी तनख्वाह पर जिन लोगों को नियुक्त किया गया है, उनकी नियुक्ति पहले से फिक्स थी। इसके लिए सारी तैयारियां पहले ही कर ली गयी थीं।

लोकसभा टीवी में फिर चला जुगाड़ का जादू

: राज्यसभा टीवी और लोकसभा टीवी यानि चोर चोर मौसेरे भाई : 18 जुलाई 2015 की सुबह महादेव रोड स्थित लोकसभा टीवी कार्यालय पर ठीक आठ बजे से भीड़ जुटने लगी थी… हालांकि वो ईद का दिन था.. लेकिन देखते ही देखते तक़रीबन 150 लोग वहां इंटरव्यू देने आ पहुंचे… गार्ड ने बताया कि एंकर पद के इंटरव्यू एक दिन पहले यानी 17 जुलाई को लिये जा चुके हैं…. मौजूद कैंडिडेट्स को सांप सूंघ गया.. लोकसभा टीवी की वेबसाईट के अनुसार एंकर और कापी एडिटर पद के लिये इंटरव्यू 18 तारीख को मुक़र्रर किया गया था… देखें लिंक: https://goo.gl/y4eFDL

लोकसभा टीवी : सबसे कम सेलरी प्रोडक्शन स्टाफ की, सबसे ज्यादा काम इन्हीं से करवाया जाता है..

सरकारी चैनल यूँ भी अपने काम के रवैये को लेकर बदनाम है और उनमे होने वाली भर्तियां कैसे होती हैं यह आप सभी जानते हैं.. लोकसभा टीवी को लगभग 10 साल हो गए है लेकिन सीमित संसाधनों में लोगों ने अच्छा काम किया है.. मगर भर्ती प्रक्रिया हमेशा सवालों के घेरे में रही है और कार्य प्रणाली भगवन भरोसे.. बहुत से लोग हैं जो वहां पिछले 9-10 साल से प्रोडक्शन असिस्टेंट या असिस्टेंट प्रोड्यूसर का काम कर रहे हैं.. तजुर्बा अच्छा खासा है लेकिन नियमों के अभाव में शोषण के शिकार हैं..

देखिए सुमित्रा महाजन जी क्या हो रहा है लोकसभा टीवी में…

अगर मैं आपसे ये कहूं कि सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के सामने सदन में मंत्री जी से सवाल पूछ रही हैं तो शायद आप मुझे पागल या दिवालिया बता दें…. लेकिन ये मैं नहीं कह रहा हूं बल्कि ऐसा दिख रहा है लोक सभा टीवी की आधिकारिक वेबसाईट पर.. वेबसाईट पर डाले गए ‘हाउस हाइलाइट’ के कार्यक्रम में साफ-साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से सुमित्रा महाजन लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के सामने तबके मंत्री अजित सिंह से जवाब मांग रहीं है. यह लिंक जरुर देखे…

http://loksabhatv.nic.in/House.aspx?catid=12

अंधेर नगरी चौपट राजा… टका सेर भाजी टका सेर खाजा, जैसी कहावत लोकसभा टीवी के अधिकारियो पर बिल्कुल सटीक बैठती है… यूपीए कार्यकाल को खत्म हुए साल भर से अधिक का समय हो गया है लेकिन खुलेआम वेबसाइट पर ऐसी चीजें बनी रहना अंधेरगर्दी को बखूबी दर्शाता है…. मजेदार बात है कि वही सुमित्रा महाजन आज लोकसभा अध्यक्ष हैं लेकिन उनका ही चैनल उन्हें अध्यक्ष मानने को तैयार नहीं….. इतना ही नहीं जो एंकर आज लोकसभा टीवी का हिस्सा नहीं हैं उन्हीं के कार्यक्रम आज वेबसाइट पर मौजूद हैं…

Lok Sabha TV को किसने बना दिया ‘जोक सभा’ टीवी?

लोकसभा टीवी अब पूरी तरह से ‘जोकसभा’ टीवी का रूप ले चुका है। ये चैनल अब काम के लिए कम और विवादों के लिए ज्यादा जाना जाता है। चाहे लोकसभा टीवी के पत्रकारों का शिकायती पत्र लोकसभा के महासचिव तक पहुँचने का मामला हो, या फिर पूर्व राष्ट्रपति कलाम के असामयिक निधन पर लोकसभा टीवी के सोये रहने का मामला हो। इन दिनों सोशल मीडिया और वेब मीडिया पर आलोचकों की टीआरपी में ये चैनल नंबर वन बना हुआ है।

लोकसभा टीवी में काम करने वाली महिला पत्रकार ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पत्र लिखा तो बर्खास्त कर दी गई

नीचे वो पत्र दिया जा रहा है जिसे लोकसभा के सेक्रेट्री जनरल को लिखने के कारण लोकसभा टीवी की प्रस्तोता यानि एंकर अर्चना शर्मा चैनल से बर्खास्त कर दी गई. बर्खास्त किया चैनल की सीईओ सीमा गुप्ता ने जो पहले से ही अर्चना को टारगेट की हुईं थी. सीईओ की दबंगई और अनैतिकता की हर कोई निंदा कर रहा है. सीईओ सीमा गुप्ता आए दिन न्यूज रूम में मीडियाकर्मियों को धमकाती रहती हैं. पढ़िए वो पत्र जिसे लिखने के कारण एंकर अर्चना को नौकरी से हाथ धोना पड़ा. ज्ञात हो कि लोकसभा टीवी में सीईओ के उपर सेक्रेट्री जनरल होता है और उसके उपर लोकसभा अध्यक्ष. अर्चना ने ये पत्र सीईओ से निराश होने के बाद सेक्रेट्री जनरल को लिखा था.

लोकसभा टीवी के इंप्लाइज को ही नहीं पता कि आज कोई टेस्ट है

लोकसभा टीवी के लिए आज ओपन स्किल टेस्ट था. लेकिन खुद लोकसभा के इंप्लाइज को ही नहीं मालूम था कि आज कोई टेस्ट है. यह टेस्ट अब कैंसल कर दिया गया है. बोला गया है कि अगले वीक यह टेस्ट होगा. वहीं कुछ प्रतिभागियों ने बताया कि लोकसभा टीवी से जुड़े लोगों का कहना है …

राज्यसभा टीवी में नौकरी की ख्वाहिश रखने वाले बहुत लोगों को मायूस होना पड़ा…

नौकरी पाने की ख्वाहिश थी. राज्यसभा टीवी में काम करने की सपना था. इन्टरव्यू में खुद को साबित करने की चुनौती थी. हिन्दी और अंग्रेजी के लिए कुल जमा 4 पोस्ट थी. इंटरव्यू देने पहुंचा. कॉफी की चुस्कियों के बीच कुछ पुराने दोस्तों का भरत-मिलाप हुआ और इसके साथ मीडिया का वर्ग विभेद भी मिटता दिख रहा था. किसी चैनल के इनपुट एडिटर भी प्रोड्यूसर बनने के लिए सूट पहनकर आए थे. ऐसे में सीनियर प्रोड्यूसर के प्रोड्यूसर बनने पर सवाल उठाना गलत होगा.

राज्यसभा टीवी में नौकरी की ख्वाहिश रखने वाले बहुत लोगों को मायूस होना पड़ा…

नौकरी पाने की ख्वाहिश थी. राज्यसभा टीवी में काम करने की सपना था. इन्टरव्यू में खुद को साबित करने की चुनौती थी. हिन्दी और अंग्रेजी के लिए कुल जमा 4 पोस्ट थी. इंटरव्यू देने पहुंचा. कॉफी की चुस्कियों के बीच कुछ पुराने दोस्तों का भरत-मिलाप हुआ और इसके साथ मीडिया का वर्ग विभेद भी मिटता दिख रहा था. किसी चैनल के इनपुट एडिटर भी प्रोड्यूसर बनने के लिए सूट पहनकर आए थे. ऐसे में सीनियर प्रोड्यूसर के प्रोड्यूसर बनने पर सवाल उठाना गलत होगा.

इंटरव्यू सिर्फ बहाना था, लोकसभा में पहले से काम कर रहे धीरज सिंह की नियुक्ति तय थी

अमर उजाला और स्टार न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके व कई वर्षों से मुंबई में रहकर अर्थकाम डाट काम का संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंह 10 से 13 अक्टूबर तक दिल्ली में थे. वे लोकसभा टीवी के लिए निकली वैकेंसी के लिए इंटरव्यू देने आए थे. इस पद के लिए कई जेनुइन जर्नलिस्टों ने इंटरव्यू दिया लेकिन यह पद पहले से फिक्स था. अनिल सिंह ने इंटरव्यू के अनुभव और सवाल जवाब को अपने फेसबुक वॉल पर डाला है. वे लिखते हैं-

लोकसभा टीवी का हाल : 100 नंबर का इंटरव्यू पांच मिनट में, केवल तीन सवाल पूछे

लोकसभा टीवी के लिए डॉयरेक्टर प्रोग्रामिंग की पोस्ट के लिए मैंने आवेदन दिया था। अक्तूबर महीने में 11 तारीख को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। मेरा रोल नंबर 8 था लेकिन 8 तक के रोल नंबर में से केवल चार लोग ही आए थे। इंटरव्यू बोर्ड में तीन लोग थे जिनमें से दो सरकारी अफसर और एक पत्रकार थे जिन्हें मैंने नहीं देखा कभी और उनका नाम भी पता नहीं है। पत्रकारिता जगत में कोई जाना-पहचाना नाम भी नहीं है उनका। तीन में से दो सरकारी अफसर चुप रहे। एक व्यक्ति ने ही तीन सवाल पूछे….

तो क्या लोकसभा चैनल के संपादक का पद फिक्स था?

एक बात सच है कि सफेदपोश पॉवर के सामने मौजूदा समय में अनुभव, हुनर व ज्ञान की कीमत बहुत कम आंकी जा रही है। लोकसभा सभा चैनल के संपादक का पद पिछले कुछ माह से रिक्त है उसको भरने के लिए सरकार द्वारा आवेदन मांगे गए। मीडिया के कई धुरंधरों ने इसके लिए आवेदन भी किया। लेकिन उसके बाद अंदरखाने जो खेल खेला गया, वह किसी तमाशे से कम नहीं था।

भड़ास की खबर सच हुई, सीमा गुप्ता बन गईं लोकसभा टीवी की सीईओ और एडिटर इन चीफ (देखें किस पत्रकार को कितना नंबर मिला)

भड़ास ने बहुत पहले बता दिया था कि पीएमओ की तरफ से अघोषित आदेश सीमा गुप्ता को लोकसभा टीवी का सीईओ और एडिटर इन चीफ बनाने का है. वही हुआ भी. इसके लिए इंटरव्यू बोर्ड में ऐसे लोगों को रखा गया जिनका टीवी का कोई अनुभव नहीं था. खासकर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अपने खासमखास अभिलाष खांडेकर को चयन बोर्ड का काम निपटाने के लिए तैयार कर रखा था. ढेर सारे वरिष्ठ लोगों में अनजाने से नाम सीमा गुप्ता को सीईओ और एडिटर इन चीफ चुना गया. पारदर्शिता के नाम पर जीत कर आई मोदी सरकार की इस करनी से लोगों को कांग्रेस के दिनों की याद आ गई.

लोकसभा चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ पद के लिए इंटरव्यू लेने वाले पैनल में किसी का बैकग्राउंड टीवी का नहीं!

अजीब समय है. जो लोग इंटरव्यू लेने के लिए बैठे मिले, उनके पास टीवी का कोई ज्ञान नहीं है. पर वे एक टीवी चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ की तलाश में दर्जनों लोगों का इंटरव्यू लेते रहे. जी हां. पिछले दिनों लोकसभा टीवी के नए सीईओ और एडिटर इन चीफ पद के लिए जो इंटरव्यू बोर्ड बैठा उसमें प्रिंट मीडिया में लंबे समय से कार्यरत अभिलाष खांडेकर (जो इंदौर की सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के काफी करीबी माने जाते हैं) और भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना भी शामिल थे. जो तीसरा शख्स था वह नौकरशाह था और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जुड़ा हुआ था.

लोकसभा चैनल के एडिटर इन चीफ कम सीईओ पद के लिए किस-किस ने किया है अप्लाई, पढ़ें पूरी लिस्ट

लोकसभा चैनल के एडिटर इन चीफ कम सीईओ के लिए इन दिनों भर्ती प्रक्रिया चल रही है. कुल 44 पत्रकारों ने अप्लाई किया है. इन सभी का इंटरव्यू 30 सितंबर को होना है. सूत्रों का कहना है कि भले ही सब कुछ ट्रांसपैरेंट दिखाने की कोशिश की जा रही हो लेकिन एडिटर इन चीफ बनेगा वही जिसके नाम पर ‘उपर’ से यानि पीएमओ की तरफ से अघोषित इशारा कर दिया जाए. और, इशारा उसी किसी एक नाम की तरफ होगा जिसका टीवी में ठीकठाक बैकग्राउंड हो और फेमिली बैकग्राउंड संघ से जुड़ा रहा हो. चर्चा है कि सीमा गुप्ता के नाम पर लगभग सहमति बनती दिख रही है.

निजी न्यूज चैनल पैसे देकर ही दिखा सकेंगे लोकसभा टीवी का कंटेंट, पढ़िए पत्र और रेट लिस्ट

निजी न्यूज चैनलों पर अक्सर लोकसभा टीवी के फुटेज दिखाए जाते हैं. खासकर तब जब लोकसभा से जुड़ी कोई खबर हो. अब तक निजी न्यूज चैनल लोकसभा टीवी का नाम लोगो देकर कंटेंट फ्री में अपने यहां दिखा देते थे. लेकिन अब इसका पैसा लगेगा.