यशवंत सीख रहे वीडियो एडिटिंग, देखें उनकी पहली वीडियो स्टोरी

Yashwant Singh : प्रिंट मीडिया का आदमी रहा हूं. कंपोजिंग, एडिटिंग, रिपोर्टिंग, पेज मेकिंग आदि में एक दशक तक जीता-मरता रहा. फिर वेब मीडिया में आया तो यहां आनलाइन लिखने-पढ़ने, खबर-फोटो अपलोड करने के अलावा एचटीएमएल, कोडिंग से लेकर टेंपलेट्स, माड्यूल्स, प्लगइन, सर्वर आदि तक सीखने-जानने की कोशिश करते एक दशक बिता दिया. अब विजुवल मीडिया को सीखने की बारी है. वैसे भी स्मार्टफोन और फ्री डाटा के कारण विजुवल मीडिया में जबरदस्त क्रांति का दौर है. सो इसमें कदम रखते हुए अब वीडियो एडिटिंग सीख रहा हूं.

इसी क्रम में आज एक ऐसी वीडियो स्टोरी तैयार की जिसमें आपको कई सारे बुनियादी तकनीकी ज्ञान नजर आ जाएंगे… वीडियो काटना, वीडियोज मर्ज करना, बैकग्राउंड म्यूजिक, यूट्यूब चैनल का लोगो, फोटो स्लाइड्स, वायसओवर, वायस पिच एडिटिंग आदि देख पाएंगे, इसी एक वीडियो में… ये लर्निंग किसी इंस्टीट्यूट में नहीं बल्कि एक मेरे ही जैसे सीखने को आतुर मित्र के पिछले दो महीने में दिन-रात एक कर आनलाइन सर्च और खुद की समझ के जरिए हासिल ज्ञान के मुझ तक हस्तांतरण के माध्यम से हुई. वीडियो लिंक कमेंट बाक्स में है. देख कर बताइएगा, तकनीकी रूप से कैसा बन पाया है ये वीडियो… और हां, आप भी सीखते-सिखाते रहिए… कभी प्रकृति नेचर से सीखिए तो कभी तकनीकी को जानिए-बूझिए. जय जय… शुक्रिया… वीडियो ये रहा…

भड़ास के एडिटर यशवंत की एफबी वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर आए ढेर सारे कमेंट्स पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें:  

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अलीगढ के लड़के को मिला Youtube से सिल्वर प्ले बटन

सर मेरा नाम बबलू राघव है. मैं एक यूट्यूबर हूँ. जाहरवीर नगर बरौला बाई पास का रहने वाला हूँ. यूट्यूब पे मेरा चैनल है जिसका नाम है ‘टेक्निकल राघव’. इस चैनल के 2 लाख 92 हजार सब्सक्राइबर हैं. करीब 2 करोड़ व्यू हैं. यूट्यूब पर मेरे चैनल के एक लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर होने के उपलक्ष्य में यूट्यूब ने मुझे सिल्वर प्ले बटन अवार्ड से नवाजा है. यूट्यूब की शुरुआत मैंने आज से एक साल पहले की थी.

तब यूट्यूब से रूपये कमाने की बात का लोग मजाक उड़ाते थे. अब लोग मुझसे सीखने आते हैं. मेरी हर महीने की इनकम यूट्यूब से 30 से 40 हजार है। मैं अलीगढ में इस स्मार्ट वर्क के बारे में बहुत लोगों को सिखाता हूं. अब मैं एप्प बनाना भी सीख गया हूँ और उससे अच्छी इनकम कर रहा हूं. मैं अब अलीगढ में लोगो को ये सिखाना चाहते हैं की वो अपने मोबाइल से हर महीने बहुत अच्छी इनकम कर सकते हैं.

बबलू राघव
8279631185
technicalraghav11@gmail.com


ये वीडियो देखें :

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इस चोट्टिन महिला को देखिए जरा, क्या सफाई से पर्स मार गई

आगरा के थाना एत्माउद्दौला इलाके में ज्वैलरी के शो रूम से एक महिला का पर्स चोरी हो गया…. पर्स चोरी की वारदात शो रूम में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गयी…. जेवरात खरीदने आई महिला का दूसरी महिला पर्स चोरी करके ले गयी….

दो महिलायें जेवरात खरीदने के लिए देख रहीं थीं… तभी नकाबपोश महिला घुसी और वो भी जेवरात देखने के बहाने पहले से बैठी महिला का पर्स चोरी करके भाग गयी…. तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि नकाबपोश महिला ने पर्स पर पहले एक पॉलीथिन रख दिया… उसके बाद धीरे से पर्स समेत पॉलीथिन लेकर भाग गयी…. देखें वीडियो…

आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

इसे भी देख सकते हैं…

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इसे कहते हैं एक शराबी का बुरा दिन आना (देखें वीडियो)

बेचारा. पहले तो गिर गया. दाएं बाएं नहीं बल्कि गहरे नाले में. उसे निकालने फायर ब्रिगेड वाले आए और अंदर घुसे. उसे निकालने से पहले नाले में ही फायर ब्रिगेड कर्मियों ने जमकर पीटा. जब उसे बाहर निकाल दिया गया तो अब बारी पुलिस वालों की थी. इसे ही कहते हैं एक शराबी का बुरा दिन. इस महान शराबी का नाम है सुखवीर. मामला आगरा में थाना लोहामंडी क्षेत्र के नालबंद चौराहे का है. यहीं पर गहरे नाले में सुखवीर नाम यह शराबी नशे की हालत में गिर गया था.

इसकी सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुँच गयी.. फायर ब्रिगेड कर्मचारी नाले में घुस गये और पहले तो नाले के अंदर ही सुखवीर की जमकर पिटाई करने लगे… किसी तरह से उसको बाहर निकाला तो पुलिस वालों ने पीट दिया… वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह से नाले के अंदर गिरे हुए शख्स को पीटा जा रहा है और उसके बाद बाहर पीटा जा रहा है. फायर आफिसर विजय प्रकाश त्रिपाठी ने घटनाक्रम के बारे में बयान दिया है जिसे इस वीडियो में देख सुन सकते हैं.

आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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आ गया ‘मेरा प्याला’, यानि ‘मधुशाला’ के आगे की कहानी, सुनिए-देखिए

हरिवंश राय बच्चन ‘मधुशाला’ रच गए और वह जन-जन में लोकप्रिय हो गया. ‘मधुशाला’ के आगे की कहानी ‘मेरा प्याला’ नाम से मेरठ के शायर बिजेंद्र सिंह परवाज़ ने रचा है. ‘मेरा प्याला’ नाम से उनकी ग़ज़लों-गीतों की किताब सन 2004 में आ गई थी लेकिन इस पर लोगों ने ध्यान नहीं दिया. बिजेंद्र सिंह परवाज़ साहब भी खेमेबंदी से अलग रहकर फक्कड़ जीवन जाने वाले शख्स हैं, सो उन्होंने भी ज्यादा इसके प्रचार-प्रसार पर ध्यान नहीं दिया.

परवाज़ ने भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह को अपनी ग़ज़लों-गीतों की किताब ‘मेरा प्याला’ भेंट दिया था. दिवाली पर साफ-सफाई के दौरान यशवंत को जब यह रचना दिखी तो उन्होंने फौरन मोबाइल से रिकार्ड कर यूट्यूब पर अपलोड कर दिया ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग सुनें-गुनें. ‘मधुशाला’ की तर्ज पर रचित ‘मेरा प्याला’ में कुल 337 चौपाई हैं. इनमें से कुछ चुनिंदा को यशवंत ने गाया और वीडियो के रूप में अपलोड किया. इस बारे में खुद भड़ास के एडिटर यशवंत ने अपनी फेसबुक वॉल पर जो लिखा है, उसे पढ़िए–

Yashwant Singh :  ”जब अमीरी में मुझे ग़ुरबत के दिन याद आ गए, कार में बैठा हुआ पैदल सफ़र करता रहा।” ये अदभुत दो लाइनें जिनने रची हैं, उन्हीं की तस्वीर नीचे है, जिन्हें विजेन्द्र सिंह ‘परवाज़’ कहते हैं.

आजकल परवाज़ साब मोहननगर (गाजियाबाद) में रहते हैं, अपने डाक्टर पुत्र के पास. परवाज़ जी ने मधुशाला के आगे की कड़ी ‘मेरा प्याला’ नाम से सन 2004 में रच कर उसकी एक प्रति उन्हीं दिनों भेंट की थी. आज साफ-सफाई के दौरान इस किताब के दिखने पर मैंने इसे पढ़ना-गाना शुरू कर दिया… सुनिए ‘मेरा प्याला’ की कुछ लाइनें… वीडियो लिंक ये रहा : https://www.youtube.com/watch?v=krJtHWgDVLQ

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ये हैं मोहम्मद हुसैन, ये हैं हनुमानजी के भक्त (देखें वीडियो)

सुलहकुल की नगरी आगरा के रहने वाले मुहम्मद हुसैन लगभग 15 साल से पांच वक्त की नमाज के साथ बजरंगबली यानि हनुमान जी की खिदमत कर देश और दुनिया में अमन चैन का पैगाम दे रहे है. उनका कहना है कि हिन्दू मुस्लिम सभी भाई हैं और इन्हें आपस में भाई की तरह ही रहना चाहिए.  मोहम्मद हुसैन पेशे से इलेक्ट्रिशियन हैं और थाना ताजगंज क्षेत्र के विभव नगर में रहते हैं. मोहम्मद हुसैन लगभग पंद्रह सालों से विभव नगर पुलिस चौकी के पास बने हनुमान मंदिर की देख रेख कर रहे हैं.

उनका अकीदा है कि जिस तरह वो हनुमान जी का ख्याल रखते हैं उसी तरह हनुमान जी भी उनका खयाल रखते हैं. यही वजह है कि इतने लम्बे समय से वो बजरंगबली की खिदमत में लगे हुए हैं. मोहम्मद हुसैन के मुताबिक पंद्रह साल पहले इस जगह सिर्फ एक मूर्ति रखी थी. तब से ही मोहम्मद हुसैन बजरंगबली की खिदमत में लगे और समय के साथ साथ बजरंगबली से उनका रिश्ता बहुत गहरा हो गया. धीरे धीरे मंदिर भी अब पूरा बनकर तैयार हो गया है. मोहम्मद हुसैन खुद मेहनत करके मंदिर के निर्माण में शामिल रहे और अब भी मंदिर में लाइटिंग का काम खुद कर रहे हैं.

मोहम्मद हुसैन बजरंगबली की खिदमत के साथ खुदा की इबादत करना कभी नहीं भूले. जितनी शिद्दत से वो बजरंगबली की खिदमत करते हैं उतनी ही फिक्र से खुदा की इबादत करते हैं. मुहम्मद हुसैन पांच टाइम नमाज पढकर खुदा के सामने सजदे कर देश और दुनिया में अमन चैन की दुआ मांगते हैं. उनका कहना है कि हिन्दू मुस्लिमों को एक साथ मिलजुलकर रहना चाहिए. जिस तरह मैं खुदा की इबादत के साथ बजरंगबली की सेवा करता हूँ, उसी तरह सभी को आपस में भाई चारे के साथ रहना चाहिए.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मोहम्मद हुसैन बिना किसी लालच के हनुमान जी के मंदिर में लगभग 15 साल से लगातार आ रहे हैं और हनुमान जी की सेवा कर रहे हैं.  स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि मोहम्मद हुसैन एक नेक दिल इंसान हैं. जिस तरह देश और प्रदेश में हिन्दू मुस्लिमों को आपस में लड़ाने की साजिशें की जा रही हैं, उन राजनैतिक ताकतों के मुंह पर मोहम्मद हुसैन की हनुमान जी के प्रति सेवाभाव बहुत बड़ा तमाचा है और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाने वाले लोगों के लिए एक बहुत अच्छी मिसाल है. देखें वीडियो…

आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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कंगना राणावत ने किस बड़े न्यूज चैनल को चोर कहा?

रजत शर्मा को दिए एक इंटरव्यू में अभिनेत्री कंगना राणावत ने खुलासा किया कि उन्होंने ऋतिक रोशन प्रकरण को लेकर जब पूरी जानकारी एक बड़े न्यूज चैनल को दी तो उसने यह कह कर खबर चलाने से मना कर दिया कि उनके चैनल का डील ऋतिक रोशन की कंपनी से है. ये बड़ा चैनल कौन है?

देखें वीडियो…

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सट्टेबाज महिला से पैसे ले रहे हैं कोबरा पुलिस के ये दो सिपाही (देखें वीडियो)

आगरा पुलिस के दो सिपाही एक सट्टेबाज महिला से पैसे ले रहे हैं। महिला अपने पति के साथ सट्टा चलाती है। कोबरा पुलिस के दोनों सिपाही उससे पैस वसूल रहे हैं। मामला थाना जगदीशपुरा के नगला बेर का है। मनोज और उपलेश नामक इन सिपाहियों के संरक्षण में ही सट्टे का धंधा नगला बेर में फल फूल रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद एक बार फिर से खाकी दागदार हो चुकी है। वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

-आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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इस मुफ्तखोर सिपाही की करतूत देखिए, पिटाई के बाद ऑटो भी पंचर कर दिया (देखें वीडियो)

आगरा : थाना एत्माउद्दौला के रामबाग चौराहे पर ओवरलोडिंग हो जाने पर मुफ्त बैठने वाले सिपाही को मना करना ऑटो चालक को भारी पड़ गया। ऑटो चालक ने न सिर्फ उसकी पिटाई की बल्कि सूजे से उसकी गाड़ी के तीनों पहिये भी पंचर कर दिए। वहां मौजूद लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बना कर वायरल कर दिया।

जानकारी के अनुसार आगरा दिल्ली हाइवे पर रामबाग फ्लाई ओवर के नीचे ऑटो स्टैंड है। यहां मोहन नामक ड्राइवर आज ऑटो नम्बर यूपी 80 ct 9058 से सवारी लेकर जा रहा था। मोहन के मुताबिक उसी समय एक अमित कुमार नाम का सिपाही आया जो अपने को ताजगंज थाने का बता रहा था। सिपाही जबरन ऑटो पर बैठने लगा। ऑटो में पांच सवारियां बैठ चुकी थीं। एक उसका हेल्पर भी साथ जाना था। उसने सिपाही को ले जाने से मना कर दिया।

ऑटो चालक के मना करने पर भी सिपाही जबरन बैठने लगा तो उसने फिर से मना किया। बस इसी से सिपाही का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। पहले उसने ऑटो चालक को थाने चलने की धमकी देकर समझाने की कोशिश की। न मानने पर उसकी पिटाई की। फिर सवारियां उतरवा कर सूजे से तीनों पहिये पंचर कर दिये। ऑटो चालकों का पुलिस द्वारा शोषण कैमरा में कैद हो गया और थोड़ी ही देर में वायरल हो गया। इस सम्बंध में एसओ एत्माउद्दौला हुकुम सिंह ने जानकारी न होने और कोई शिकायत न आने की बात कही है। बता दे कि हर चौराहे पर ऑटो चालकों से पुलिस की वसूली सभी अधिकारियों को पता है पर इस पर कभी कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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इस गरीब महिला ने नसबन्दी के बाद भी एक बच्चे को जन्म दिया (देखें वीडियो)

आगरा : जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिये सरकार भले ही लाखों करोड़ों का बजट जारी करती हो लेकिन इसे लागू करने वाले सरकारी कारकून ही सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। लापरवाही का आलम ये है कि बिना जांच किये नसबन्दी की जाती है तो वहीं नसबन्दी के बाद भी महिला गर्भवती हो जाती है और बच्चे को जन्म भी देती है। लेकिन महिला को न तो नसबन्दी कराने पर मिलने वाली मुआवजा राशि दी जाती है और न ही लापरवाह चिकित्सकों पर कोई शिकंजा कसा जाता है।

ताजा मामला आगरा जनपद ब्लाक बाह क्षेत्र के हरलालपुरा गांव में सामने आया है। यहां एक दम्पत्ति ने सरकारी अस्पताल के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाये हैं। दम्पत्ति का कहना है कि अस्पताल के स्टाफ ने बिना जांच करे नसबंदी का आपरेशन कर डाला। इसके सात महीने बाद एक और बच्चा हो गया। अब यह दम्पत्ति इस नए मेहमान का भरण पोषण करने में सक्षम नहीं है।

ऐसा बताया गया है कि पत्नी सोनम पति दशरथ के तीन बेटे हैं। इनका भरण पोषण वह मजदूरी से करते हैं। दम्पत्ति का कहना है कि वे बच्चा नहीं चाहते थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह में 05.12.2016 को सोनम ने नसबन्दी कराई थी। नसबन्दी के करीब आठ माह बाद उसी स्वास्थ्य केंद्र पर सोनम ने एक और बेटे को जन्म दिया। सोनम का आरोप है कि बिना जांच किये सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने नसबन्दी का आप्रेशन कर दिया। इसकी शिकायत समुदाय स्वास्थ्य केंद्र पर की गई तो डॉक्टर और कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी और परिसर से भगा दिया।

पीड़ित दम्पत्ति का ये भी आरोप था कि डाक्टरों ने नसबन्दी कराने पर मिलने वाली धनराशि के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी थी और न ही किसी तरह का कोई मुआवजा दिया। पीड़ित दम्पत्ति के कई बार अस्पताल के चक्कर काटने के बाद निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने लापरवाही करने वाले स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डाक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने और नसबन्दी करने पर मुआवजा दिए जाने की मांग की है। वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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राजदीप सरदेसाई को अपमानित कर मुकेश अंबानी ने पूरे चौथे खंभे की औकात बता दी (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : देश के सबसे धनी आदमी मुकेश अंबानी का देश के सबसे वरिष्ठ पत्रकारों में से एक राजदीप सरदेसाई ने इंटरव्यू किया. राजदीप बातचीत की शुरुआत मुकेश को देश के सबसे प्रभावशाली / ताकतवर शख्स के रूप में बताते हुए करते हैं और इस पर प्रतिक्रिया मांगते हैं तो इसका जवाब मुकेश अंबानी बहुत घटिया और अहंकारी तरीके से देता है. मुकेश अंबानी का जवाब और उसका अहंकार देख सुन कर एक समझदार आदमी सिर्फ स्तब्ध ही हो सकता है.

इन बनियों की नजर में पत्रकार और मीडिया की औकात कुछ नहीं होती है, क्योंकि ये पूंजी के बल पर मीडिया मालिकों को ही खरीद लेते हैं या फिर पूरे मीडिया हाउस का अधिग्रहण कर लेते हैं. ऐसे में जाहिर है ये किसी की परवाह क्यों करें, खासकर पत्रकार की. लेकिन ये इतने भद्दे, घृणित, जाहिल, असंस्कारी और उद्दंड हो सकते हैं, इसका अंदाजा कतई नहीं था. इस वीडियो में इंटरव्यू का वो वाला हिस्सा भी है जिसमें राजदीप सरदेसाई को मुकेश अंबानी नीचा दिखाने के लिए ‘मैं आपको सीरियसली नहीं लेता हूं’ टाइप की बात कहता है. वीडियो के शुरू और लास्ट में मेरा थोड़ा-सा भाषण है, क्योंकि वीडियो देखकर मन में भड़ास इकट्ठी हो गई तो सोचा एक नया वीडियो बनाकर इसे निकाल ही दूं.

ध्यान रखें, जो जब बुरा करे, उसे खूब गरियाइए, दौड़ा दौड़ा कर गरियाइए, लेकिन इस वीडियो में तो सिर्फ और सिर्फ मुकेश अंबानी की नीचता व अहंकार दिख रहा है. हां, राजदीप जरूर अपनी शालीनता और पेशे की गरिमा बनाए रखते हैं और बिलकुल रिएक्ट नहीं करते हैं. सच में राजदीप सरदेसाई को सैल्यूट करने का मन करता है. मुकेश अंबानी ने अपनी नीचता इस इंटरव्यू के जरिए दिखा दी है.

वीडियो देखने के लिए लिंक नीचे क्लिक करें :

https://www.youtube.com/watch?v=FArsyPA4fHs

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं…

उरूज बानो Is vedio me volume bahut kam h sir..dono ki batcheet samjh nhi aa rahi

Dushayant Shaarma यशवन्त जी, जो जिस लायक होगा उसी हिसाब से डील होगी. सीधी सी बात है मुकेश अंबानी खरीददार है और राजदीप बिकायु है, अब आप इन दोनों से और क्या उम्मीद कर सकते हैं. इस लिए आप जैसे हैं वैसे ही मस्त रहिये

Yashwant Singh मुकेश अंबानी ने तो मोदी जी को भी खरीद लिया है, जियो का विज्ञापन करते हैं, मतलब मोदी जी भी बिकाऊ हैं?

Yashwant Singh आपको पता होना चाहिए कि आईबीएन7 और सीएनएन आईबीएन जब बिक गया था तो राजदीप वगैरह ही थे जो अंबानी के दबाव को खारिज करके खबरें दिखाते थे जिसके कारण उन्हें चैनल से निकाल दिया गया. किसी को यूं ही बिकाऊ नहीं कहना चाहिए वरना भक्तों दासों की कैटगरी में आएंगे. अंबानी देश के बड़े उद्योगपति हैं, उन्हें देश के एक बड़े पत्रकार का सम्मान करना चाहिए था, भारतीय संस्कार यह सिखाता है. वैसे भी जो पेड़ जितना फलदार होता है, उतना झुकता भी है.

Dushayant Shaarma थोड़ा असहमत हूँ भाई, सिर्फ मोदी का विरोध करने से कोई न्यूट्रल पत्रकार कैसे हो सकता है. पत्रकार वो है जो अच्छी बातों की तारीफ करे और गलत बात का विरोध करे. लेकिन राजदीप उन पत्रकारों की श्रेणी में है जो सिर्फ मोदी विरोध को असली पत्रकारिता समझते हैं. माफ़ कीजियेगा मैं आपसे इस मामले में असहमत हूँ

Manmohan Bhalla जब चैनल न्यूज़ की जगह व्यूज़ दिखाने लगें तो वास्तविकता की सार्थकता लुप्त होने लगती है ।।।।।  लेकिन दुर्भाग्य से यही सब आज की पत्रकारिता का स्वरूप बन चुका है

सुबोध खंडेलवाल पूरे इंटरव्यू में मुझे कही भी मुकेश अंबानी अहंकारी नजर नहीं आए उलटा राजदीप अति उत्साही दिखते रहे। यदि कोई किसी पत्रकार को सीरियसली नहीं लेता तो इसमें मीडिया के अपमान की बात कहाँ से आ गई? आपने एक सवाल किया सामने वाले ने इसका जवाब दिया। अब उसका जवाब कैसा हो क्या ये भी सवाल पूछने वाला तय करेगा यशवंत भाई? और वैसे भी राजदीप का सिर्फ ब्रांड बड़ा है उनका वैचारिक स्तर देखना हो तो राज ठाकरे के इंटरव्यू देख लीजिए। दो साल पहले पूछे गए सवाल दो साल बाद दोहरा रहे थे। दोनों इंटरव्यू में राज ठाकरे गरियाते रहे और राजदीप मिमियाते रहे

Yashwant Singh हम मीडिया के आदमी हैं और मुकेश अंबानी जैसा अगर हमारे किसी साथी का अपमान करेगा तो उसकी ऐसी की तैसी.

सुबोध खंडेलवाल गुरु महाराज आप जिस पत्रकार के अपमान की बात कर रहे हो पहले उससे तो पूछ लो उसे अपमान लगा या सम्मान लगा? और अपमान लगा तो खुद अपनी बौद्धिकता से उस पूंजीपति को वही जवाब क्यों नहीं दिया ?

Yashwant Singh सुबोध खंडेलवाल ha ha ha, बात तो सही कही आपने

अविनाश विद्रोही यशवंत भाई एक बात बताओ अम्बानी क्यों न बतमीजी करे देश का सबसे शक्तिशाली यानी प्रधान मंत्री तक उस से पूछ कर फैंसला लेता है लगभग 18 चैनल के करीब उसके अपने है और बाकियों पर उसके विज्ञापन ,किस की इतनी ओकात है आज के समय में जो मुकेश अंबानी के खिलाफ एक भी खबर चलाए या उसके विरुद्ध आवाज़ बुलंद करे ,अहंकार आना स्वाभविक है ।

Prafulla Nayak इसके लिए ऑफर किसका था।
अम्बानी का या पत्रकार का।
इस पर ही पूरा किस्सा निर्भर है
कि इंटरव्यू देने अम्बानी गये थे या इसके लिए पत्रकार साहब कई महीनों से प्रयासरत थे।
वैसे यह भी याद होगा पीएम् मोदी की पहली यूएस यात्रा के दौरान इनके क्या सवाल थे और जनता का क्या मूड था।
वो वीडियो भी यू ट्यूब पर है।

Yashwant Singh हम मीडिया के आदमी हैं और मुकेश अंबानी जैसा अगर हमारे किसी साथी का अपमान करेगा तो उसकी ऐसी की तैसी.

Prafulla Nayak पर जवाब अधूरा है बॉस

Yashwant Singh स्टैंड लेना सीखिए. वीडियो देखिए. मुकेश अंबानी की हरकत निंदनीय है. बाकी अपने घर का झगड़ा हम लोग लड़ते सुलझाते रहेंगे. अंबानी की साकानाकामाका.

Prafulla Nayak गये यह थे
या या यह इन्हें बुलाया गया था?
स्टैंड अपनी जगह है।
साइड में।

Yashwant Singh गांड़ मराने गए थे. बस. अगर वीडियो देख के समझ नहीं आ रहा कि एक पत्रकार इंटरव्यू ले रहा तो आपसे बतियाना बेकार. बाई द वे, आप पत्रकार हो या नहीं? अगर नहीं हो तो आपको नहीं समझ आएगा.

Prafulla Nayak कौन गया था
अपनी लाल कराने बॉस।
नाराज़ मत होइए।

Yashwant Singh अप्रासंगिक सवाल. पत्रकार एसाइनमेंट पर ही जाता है. आपको अगर बेसिक समझ नहीं है तो क्या बात की जाए.

Prafulla Nayak साहब, हम अनपढ़
आप ज्ञानी
लेकिन बेसिक आप बता नहीं रहे हैं।
One वे।
यातायात।

Ankit Mathur भाई साहब नब्बे प्रतिशत मीडिया हाउस के मालिकाना हक प्राप्त करने के पष्चात अगर एक अदना से पत्रकार को दिये गये साक्षातकार में अहंकार झलका देता है अम्बानी तो क्या गलत करता है! आखिर मालिक है!

Suneet Upadhyay फेसबुक पर अम्बानी की ऐसी तैसी लिखने वालों को भी कौन सीरियस लेता है 🙂

Pawan Kumar Upreti इसमें अंबानी की क्या गलती है यशवंत भाई, जनता के बीच में चौड़ा होकर घूमने वाले पत्रकार नेताओं के तलवे चाटते फिरेंगे, दलाली करेंगे, सिर्फ अपना हित सोचेंगे, चाहे पत्रकारिता में बाकी मर रहे हों, ऐसे में वे अपने संपादक और मालिकानों की गालियां सुनने को अभिशप्त रहेंगे, जैसा लगभग सभी मीडिया संस्थानों में हो रहा है।

Yashwant Singh हम मीडिया के आदमी हैं और मुकेश अंबानी जैसा अगर हमारे किसी साथी का अपमान करेगा तो उसकी ऐसी की तैसी.

Awadhesh Mishra में आपकी बात से बिलकुल भी सहमत नहीं हूँ यशवंत भाई .. ये आपके बिचार हो सकते है .

सुबोध खंडेलवाल यशवंत भाई ये वो ही राजदीप है जिन्होंने यूपीए सरकार के समय आईबीएन चैनल में कैश फॉर वोट का स्टिंग आपरेशन करके ऐनवक्त पर स्टोरी ड्रॉप कर दी थी। क्यों की थी ये आप भी जानते हो, समझते हो। फिर भी याद दिलाता हूँ यूपीए सरकार ने लेफ्ट की समर्थन वापसी के बाद कुछ भाजपा सांसदों को पैसा देकर सदन से गैर हाजिर रहने का सौदा किया था। भाजपा सांसदों ने इस पूरी पेशकश और सौदेबाजी का स्टिंग ऑपरेशन राजदीप और आशुतोष से करवाया था। ये तय हुआ था कि सदन की कार्रवाई शुरु होने के पहले आईबीएन इसका प्रसारण करेगा लेकिन राजदीप की निष्ठा मीडिया के सिद्धांतों और लोकतंत्र के प्रति नहीं नोट की थैलियों की तरफ झुक गई। चैनल ने स्टिंग दिखाया ही नहीं। फिर सरकार को बेनकाब करने के लिए भाजपा सांसदों ने सदन में उनको दी गई नोटों की गड्डियां लहराई थी। इसके बाद भी आप चाहे तो राजदीप का प्रशंसा गान जारी रख सकते है। मुझे आपसे और आपको मुझसे असहमत होने का पूरा अधिकार है।

Yashwant Singh हम मीडिया के आदमी हैं और मुकेश अंबानी जैसा अगर हमारे किसी साथी का अपमान करेगा तो उसकी ऐसी की तैसी.

सुबोध खंडेलवाल Haahaahaa यदि मैं आपको कह दू कि मैं आपको सीरियसली नहीं लेता तो क्या इसका मतलब ये है कि मैंने आपका अपमान कर दिया ? मतलब ये जरूरी है कि हर आदमी राजदीप को सीरियसली ले ? या ये जरूरी है कि अंबानी उन्हें सीरियसली ले ? आपके लिए महत्वपूर्ण क्या है ? ये कि मुकेश अंबानी उन्हें सीरियसली ले या ये कि वो ईमानदारी से पत्रकारिता करे। राजदीप ने इंटरव्यू की शुरुआत ही तलवे चाटने से की । ये क्यों कहा कि मेरे साथ देश के सबसे पावरफुल व्यक्ति है ? ये कहकर राजदीप ने खुद को छोटा और मुकेश अंबानी को बड़ा दिखाने का अति उत्साह दिखाया । यदि राजदीप में सेन्स ऑफ़ ह्यूमर और प्रेजेंस ऑफ़ माइंड होता तो वो अंबानी को करारा जवाब दे सकते थे पर वो तो अंबानी के पास बैठकर गदगद हो रहे थे।ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।

Mahesh Gupta यशवंत जी इसमें किसी की जाति से क्या लेना देना है जो आप जाति पर गालि दे रहे है

Yashwant Singh बनिया जाति को नहीं बल्कि बनियाटिक प्रवृत्ति यानि बनियावाद को गरियाया जा रहा है.

Mahesh Gupta आपने साफ शब्दों मे बनिया जाति का उल्लेख कर उनको बेइज्जत करने का घृणित कार्य किया है

सुबोध खंडेलवाल यशवंत भाई अपनी सृजनात्मकता से व्यापार करने और दूसरों को रोजगार देने वाला हर इंसान बनिया है। चाहे वो रिलायंस वाला मुकेश अंबानी हो या भड़ास वाले यशवंत भाई।

Aanand Singh अम्बानी ने कहा कि वह नहीं मानते कि वह सबसे ताक़तवर हैं। तो इसमें क्या अहंकार है?

Yashwant Singh लगता है कोई आप दूसरा वीडियो देख आए. वह अगर यही कह रहा है तो फिर तो ये पूरी पोस्ट ही बेकार है. धन्य हैं.

Aanand Singh मैंने कहा सुनाई या तो ठीक से नहीं दे रहा है यशवंत जी।

Aanand Singh या तो साफ़ सुनाई नहीं दे रहा! आप मूल बातचीत की यथावत लिंक दीजिए न!

Yashwant Singh उस बातचीत में भी इतना ही है. बाकी तो दूसरे सवालों का सामान्य जवाब है. ताकतवर वाले सवाल के जवाब में अंबानी कह रहा कि मैं तुम्हें सीरियसली नहीं लेता.

Aanand Singh मैंने दोबारा सुना । वह पहले प्रश्न का यह उत्तर देते हैं कि मैं नहीं मानता । और मैं आपको सीरियसली लेता नहीं। इसका अभी फ़िलहाल आशय इतना ही है कि जो बात आप कह रहे हैं उसे नहीं मानता । आपके इस प्रश्न को मैं गंभीर प्रश्न नहीं मान रहा। मेरी धन्यता…

Yogesh Garg पूँजी को सलाम कर रहे है राजदीप फिर कैसा अपमान?

पूजन प्रियदर्शी सीरियसली नहीं लेते तो इंटरव्यू भी नहीं देते।

सुबोध खंडेलवाल गुरु महाराज यशवंत जी आप जिस पत्रकार के अपमान की बात कर रहे हो पहले उससे तो पूछ लो अंबानी की बात उसे अपमानजनक लगी या सम्मानजनक ? और यदि अपमानजनक लगी तो तो खुद अपनी बौद्धिकता और प्रखरता से उस पूंजीपति को वही जवाब क्यों नहीं दिया ? वैसे राजदीप की बॉडी लैंग्वेज तो ऐसी लग रही थी मानो अंबानी के पास बैठकर उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है

Sunil Bajpai ::पत्रकार ::
हम तो भइया सब करते हैं।
पत्रकार कहलाते।
बिना सुरा के हम ना रहते
कच्ची भी पा जाते
हम तो भइया सब करते हैं।
पत्रकार कहलाते -१

ऐसा कोई भ्रष्ट नहीं है।
जो ना मुझको पास बुलाये।
कुत्तों सा दुत्कारे मुझको
लेकिन बोतल रोज दिलाये।।
कसम ईश की खाकर कहते
तलवे चाटे जाते।
हम तो भइया सब करते हैं।
पत्रकार कहलाते -२

पहले तो हालत खराब थी।
और ना थी पहचान
जबसे पत्रकार कहलाया
आलीशान मकान
इसी लिए तो हम भी जमकर
भ्रष्टों की महिमा गाते।
हम तो भइया सब करते हैं।
पत्रकार कहलाते -३

ऐसा कोई लाभ नही है
जो है नही उठाया
तलवे चाट चाट कर उनके
लाखों माल कमाया।।
बिना सुन्दरी के सच मानों
हम भी ना सो पाते।।
हम तो भइया सब करते हैं।
पत्रकार कहलाते- ४

अगर आप से लाभ मिले तो
जो चाहो कर देंगे।
रातों को रंगीन करो तो
मां – बहने भी देंगे – 5

इसीलिए तो सब कुछ पाकर
उढ़े गगन में जाते।
हम तो भइया सब करते हैं।
पत्रकार कहलाते -७

सुनील बाजपेयी

Thakur Sujan Singh Sikarwar Yashwant Singh bhai rajdeep ka itna paksh lena aap per sak ho raha h…. Rajdeep koi dudh ka dhula nhi h

Surendra Mahto Kushwaha Rajdeep jaise ke kiye shalinta waise hi hai jaise pakistaniyo ke hamdardi….kahe ka shalinta jo khaate india ka hai aur din bhar secular ke aad me india ko aur hindu ko girane ka ek v mouka nhi vhhodate hai…god job Ambani

Maninder Singh Sumit awasthi amish devgan sudhir chowdhry rohit sardana deepak chourasiya mukesh ambani ke puppet hai

Kamal Kumar Singh इसको तो मै भी सीरियसली नहीं लेता,मै कौन सा आमिर या घमण्डु हु।  😀

Yashwant Singh सुधीर चौधरी को सीरियसली लेने वाले राजदीप को क्यों लेंगे? हालांकि मेरा कहना है कि पत्रकारिता को बेहद उदात्तता से देखना चाहिए. कोई भाजपाई विचार का है, कोई कांग्रेसी, तो कोई वामी तो कोई आपिया तो कोई व्यापारी विचार का है तो कोई दलाल टाइप है. राजनीति में जो जो लक्षण दिखते मिलते हैं वो सब मीडिया में भी है, इसलिए किसी एक को पूरा खारिज या पूरा स्वीकार करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए. सबकी अच्छाइयों बुराइयों का तार्किक विश्लेषण करना चाहिए और जिसका जो अच्छा हो उसकी तारीफ, जो बुरा हो उसकी आलोचना की जानी चाहिए.

Kamal Kumar Singh हा हा हा। क्या हुआ सुधीर आपके जमात का नहीं ? वो पत्रकार नहीं ? 😀

Yashwant Singh यही तो कह रहा हूं कि सुधीर के साथ भी अगर मुकेश अंबानी ने ऐसी हरकत की होती तो भी मैं मुकेश अंबानी को गरियाता. बात स्टैंड लेने की है. लेकिन आप बता रहे हैं कि मैं भी राजदीप को सीरियसली नहीं लेता. यह दिखाता है कि आपकी भक्त टाइप सोच में अंबानी ने जो हरकत की वो कुछ नहीं, हां आपके जो पूर्वाग्रह हैं राजदीप के प्रति वो यथावत कायम है, अभिव्यक्त हो रहा है.

Kamal Kumar Singh आप चाहे कितना नाराज हो ले, सच तो ये है स्युडो लोगो का चेहरा बेनकाब होने के बाद कोइ भी उन्हें सीरियसली नहीं लेता। मैं भी नहीं। मै कौनसा अम्बानी का पोंछ हु भैया? :D…हाँ , सिरियस मैं सुधीर को भी नहीं लेता। रोहित सरदाना को जरूर लेता हूँ।

Mahesh Singh यशवंत जी मेरे हिसाब से अम्बानी ने कोई गलती नहीं की और कही से वे अशालीन नहीं दिखे बल्कि मुझे सरदेसाई जी या तो जरुरत से ज्यादा चापलूसी या महिनी करते नजर आये जो एक धूर्त आदमी करता है

Dhyanendra Tripathi यशवंत भाई, आप नि:संदेह एक प्रखर मीडिया विश्लेषक और उसकी निगहबानी करने वाले स्वयंसेवक भी है, पर पूरी विनम्रता के साथ कहना चाहता हूं कि मुकेश जी इस साक्षात्कार में कहीं से अहंकारी नज़र नहीं आ रहे. हॉं .. राजदीप जी के सवाल पर उनका ये कहना कि वो उन्हे सीरियसली नहीं लेते का निहितार्थ और भावार्थ शायद उनकी निर्दोषिता को इंगित करता है. वो राजदीप जी से ये कहना चाहते हैं कि वो सबसे ताकतवर शख्सीयत नहीं हैं. यह कहने में उनका लहजा जो भी रहा हो उससे आप कुछ भी निष्कर्ष निकाल सकते हैं पर इसमें अहंकार वाली बात कतई तौर पर नहीं है. मुकेश जी शायद बातचीत में इतने धूर्त और अभिजात नहीं बन पाये हैं कि उनके जवाब बड़े रेटोरिक हों. हॉं जो देश का सबसे धनवान व्यक्ति है, उसमें कुछ खास और अलग तो होगा ही और वो सामने भी आयेगा. आप एक बार उनसे मिल लीजिये, दावा है कि आप का नजरिया बदल जायेगा.. गरियाने के त्वरित नतीजे पर हर बार पहुंचना न्यायसंगत नहीं भाई..

Mahesh Singh यसवंत जी यदि सरदेसाई जी आपको कहे की you are the father of journalism तो आप क्या उत्तर देगे

Yashwant Singh तो मैं कहूंगा ये आपका अनुचित विश्लेषण है, लेकिन इतनी ज्यादा महानता बख्शने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद 😀

Mahesh Singh निःसंदेह

Nakul Chaturvedi राजदीप में न जाने कौन सी बात ख़ास लगती है आपको.. राजदीप के इंटरव्यू की शुरुआत ही ओछी थी… बाकी का फिर क्या हाल होगा.. इतना समझदारों को समझ आता है..

Yashwant Singh ये इंटरव्यू का तरीका होता है नकुल जी. पता नहीं आप पत्रकार हैं या नहीं. इंटरव्यू का एक तरीका यह होता है कि हलके फुलके सवाल से शुरू करें और गंभीर सवाल की तरफ जाएं. शुरुआत हलके फुलके से इसलिए की जाती है ताकि माहौल टेंस न रहे, इंटरव्यू देने वाला सहज फील करे. बाकी राजदीप का जितना विरोध मैंने किया है, वो आपने न तो पढ़ा होगा न सुना होगा, इसलिए कोई सफाई नहीं दूंगा. सोच तब गड़बड़ होती है जब हम अपने पूर्वाग्रह के चश्मे से लगातार चीजों को देखते रहते हैं. अगर अंबानी ने ये हरकत सुधीर चौधरी के साथ की होती तो भी मैं इसी तरह से अंबानी को गरियाता क्योंकि मसला मीडिया जैसे चौथे खंभे के प्रतीक किसी वरिष्ठ पत्रकार को पूरी तरह नान सीरियस बताकर पूरे पेशे की गरिमा को खारिज करने का है.

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बहुत उदार और उदात्त है यूपी पुलिस, थाने से भाग जाने देती है लफंगों को (देखें वीडियो)

यूपी की बहादुर पुलिस खुद भले चोर बदमाश न पकड़ पाए लेकिन जब कोई दूसरा पकड़ कर पुलिस को सौंपता है तो पुलिस वाले पूरी उदारता बरतते हुए उसे चले जाने देते हैं… शायद इसीलिए कहा जाता है चोर पुलिस मौसेर भाई.. नीचे कमेंट बाक्स में दिए गए एक वीडियो को देखिए…

लड़की बात रही है कि फीमेल बाथरूम में वीडियो बनाने वाले एक युवक को पकड़ कर पुलिस को सौंपा गया लेकिन पुलिस ने उस युवक को भाग जाने दिया… मामला आगरा का है…. धन्य है हमारी यूपी पुलिस.. एक सैल्यूट तो बनता ही है जी, इस अदभुत उदात्तता और मानवीयता के लिए…

देखें वीडियो…

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दुनियादारी की हाय हाय में कुछ पल संगीत, भजन, बुद्धत्व, मोक्ष, मुक्ति के नाम…

Yashwant Singh : आज मोबाइल से फोटो वीडियो डिलीट कर रहा था तो एक वीडियो बचा लिया. यह वीडियो मैंने अपने मोबाइल से इंदौर में बनाया था. मौका था वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र शाह की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम का. इस वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड किया.

आपके लिए पेश है… ”जरा हलके गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाला…”. इस कबीर भजन को मालवा की मिठास में लपेट कर परोस रहे हैं भेरु सिंह चौहान… दुनियादारी की हाय हाय में कुछ पल संगीत, भजन, बुद्धत्व, मोक्ष, मुक्ति के नाम… सुनें यह प्यारा कबीर भजन… नीचे दिए वीडियो पर क्लिक करें…

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

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काक्रोच क्लब आफ इंडिया में तब्दील हो गया पीसीआई! (देखें वीडियो)

प्रेस क्लब आफ इंडिया को अगर काक्रोच क्लब आफ इंडिया भी कह लें तो कोई बुरा न मानेगा क्योंकि एक तो वैसे ही होली नजदीक है और दूजे प्रेस क्लब की टेबल पर सरेआम काक्रोच घूमते टहलते और आपके खाने में मुंह मारते मिल जाएंगे. सबकी दुर्व्यवस्था की खोज खबर रखने वाले पत्रकारों के अपने ही क्लब का क्या हाल है, इसे देखने लिखने वाला कोई नहीं.

पिछले दिनों भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह जो प्रेस क्लब आफ इंडिया के सदस्य भी हैं, क्लब पहुंचे और खाने-पीने का आर्डर किया तो देखा कि एक काक्रोच बार-बार टेबल के बीच में आकर उन्हें सलामी देकर वापस नीचे चला जा रहा है. कई बार जान-बूझ कर अनदेखा करने के बावजूद जब काक्रोच जिद पर अड़ा रहा कि वीडियो बनाकर न्यूज छापो तो यशवंत को मजबूरन अपना मोबाइल कैमरा आन करना पड़ा और गवाह के बतौर क्लब के एक वेटर को सामने खड़ा करके सवाल करना पड़ा ताकि कोई यह न कह सके कि वीडियो फेक है.

हालांकि खुद के घर की गंदगी को दबाने, तोपने, ढंकने की जिम्मेदारी घर के सदस्यों पर रहती है और घर की बात घर में ही रह जाए टाइप भावना जोर मारती रहती है, लेकिन जब गंदगी इतनी हो जाए कि बदबू आने लगे तो इसे दुनिया समाज के सामने लाना जरूरी हो जाता है ताकि गंदगी और बदबू की सफाई के लिए कोई अभियान चल सके.

भड़ास के एडिटर यशवंत ने फेसबुक पर कुछ यूं लिखा है :

Yashwant Singh : प्रेस क्लब इंडिया या काक्रोच क्लब आफ इंडिया! परसों प्रेस क्लब गया. खाने-पीने का आर्डर किया. अचानक एक छोटे जीव ने ध्यान खींचा. एक प्यारा-सा काक्रोच बार-बार टेबल के बीच में आकर मुझे सलामी देकर वापस नीचे चला जाता, इठलाते हुए. कई बार अनदेखा किया. पर नटखट और पब्लिसिटी का भूखा यह चुलबुल काक्रोच जिद पर अड़ा रहा कि हे यशवंत, वीडियो बनाकर मेरी न्यूज छापो, दुनिया को मेरे अस्तित्व और विकास के बारे में बताओ. आखिरकार मुझे मजबूरन अपना मोबाइल कैमरा आन करना पड़ा. गवाह के बतौर क्लब के एक वेटर को सामने खड़ा करके इस प्राणी के क्लब में ठाठ से वास करने के बारे में जानकारी हेतु सवाल किया. आप भी देखें वीडियो..

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

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भुलक्कड़ नितिन गडकरी (देखें वीडियो)

BALLIA में नितिन गडकरी भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र तिवारी की सभा में प्रत्याशी का नाम बार बार वीरेंद्र तिवारी लेते रहे। और, देखिए, भाषण के आखिर में कितना हवाई टाइप का वादा करते हैं गड़करी। इसी को कहते हैं चुनावी भाषण। कुछ भी बोल जाइए, कुछ भी पेल जाइए।

बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र तिवारी के समर्थन में आज केंद्रीय मंत्री भारत सरकार नितिन गडकरी फेफना विधानसभा के बलिया के गड़वार क्षेत्र में पहुंचे। यहाँ उन्होंने अपने बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र तिवारी के लिए विशाल जनसभा की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने बीजेपी उम्मीदवार का नाम बार बार भूलते नजर आये। उपेंद्र तिवारी की जगह बार बार विरेंद्र तिवारी संबोधित कर रहे थे। मंत्री जी एक ही बार नहीं बल्कि कई बार अपने उम्मीदवार का नाम सही नहीं ले पाये। मैदान में बैठी जनता भी काफी आश्चर्य चकित थी।

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

https://youtu.be/qbeaqlx4fS0

बलिया से संजीव कुमार की रिपोर्ट.


ये भी देखें….

पूरे भाषण में आलू आलू करते रहे लेकिन आलू का भाव नहीं बता पाए नितिन गडकरी, देखें वीडियो : https://youtu.be/-qI6pSh9sEE

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आगरा में कवरेज कर रहे पत्रकार फरहान खान के साथ पुलिस ने की हाथापाई (देखें वीडियो)

आगरा की पुलिस ने पत्रकारों को भी नही बख्शा. थाना एत्माउद्दोला ट्रांस यमुना के चौकी इंचार्ज ने की टीवी चैनल के पत्रकार से की हाथापाई. वर्दी के रोब में धमकाते हुये कहा कि तुझे लौटकर देखता हूं. पूरा नजारा हुआ कैमरे में कैद. आगरा के पत्रकार फरहान खान थाना एत्मादौला पर कवरेज करने के लिए गये थे. तभी अचानक वहां चौकी इंचार्ज मनोज भाटी आ गए और कवरेज कर रहे पत्रकार से हाथापाई शुरू कर दी. भद्दी भद्दी गालियां दी.

पत्रकार को आगे देख लेने की धमकी दे डाली. इस दौरान वहां काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई. दरअसल तीन दिन से लगातार थाना एत्माउद्दौला पुलिस की कार्यशैली की खबर दिखाने को लेकर नाराज थे चौकी इंचार्ज. संबंधित वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

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लड़कियों ने मजनू का यूं भगाया भूत (देखें वीडियो)

ताजनगरी में सरेराह युवतियों ने एक मजनू पर से प्यार का भूत उतार दिया. जमकर की मजनू की पिटाई. लाइव पिटाई कैमरे में हुई कैद. मामला आगरा के थाना एत्मादपुर के बरहन चैराहे के पास का है. एक युवक को चार लड़किया मिल कर मार रही हैं. युवक कई दिनों से एक युवती को परेशान कर रहा था. उससे आये दिन छेड़छाड़ करता था.

जब युवती का धैर्य जवाब दे गया तो युवती ने अपनी सहेलियों के साथ मिल युवक के सिर से आशिकी का भूत उतार दिया. वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

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नारद राय ने बसपा की रैली में सपा को जिताने की अपील कर दी (देखें वीडियो)

राय साहब अपने पुराने घर को नहीं भूल पा रहे हैं… बलिया में बसपा की रैली में सपा को जिताने की अपील कर दी. नारद राय हाल में ही सपा को छोड़कर बसपा में शामिल हुए. वे बसपा की चुनावी रैली में मंच से बोल गए कि सपा को जिताएं.

जुबान फिसलने की चर्चा यूं रही कि लोग नए नए दलबदलू की इस हरकत पर मौज-मजा लेते दिखे. देखें वीडियो..

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सेलरी और बकाया न मिलने पर मीडिया हाउस की पोल खोलते हुए बनाया वीडियो (देखें)

Yashwant Singh : ये मुझे ठीक तरीका लग रहा है. जो संस्थान आपकी सेलरी और बकाया मारे हो, उस संस्थान के गेट पर जाकर अगल बगल घूमते हुए और उसकी पोल खोलते हुए वीडियो बना लीजिए. उसके बाद भड़ास को भेज दीजिए. भड़ास तो बैठा ही है ऐसी खबरों और वीडियोज को जगह देने के लिए. तो आइए, इस क्रम की शुरुआत करने वाले वीडियो को देखते हैं.

इस वीडियो में नेशनल दुनिया नामक अखबार का जिक्र है और इसके मालिक शैलेंद्र भदौरिया का भी उल्लेख है. भदौरिया ने अखबार तो कई जगह से खोले और बंद किए, कुछ जगहों पर अभी चला भी रहा है लेकिन सेलरी देने के नाम पर इसकी नानी मरती है. परेशान हाल मीडियाकर्मी ने जो वीडियो बनाकर अपनी भड़ास निकाली है, उसे देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

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अखिलेश यादव पितृ हंता मुगल शासकों सरीखे! (देखें वीडियो)

आगरा में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन कराने कलेक्ट्रेट आए सांसद राम शंकर कठेरिया ने यूपी के सीएम अखिलेश यादव की तुलना पिता के हत्यारे मुगल शासकों से कर दी. सांसद कठेरिया ने मुगल शासकों को उदाहरण देते हुए हुए बोले कि मुगल काल में शासक लोग सत्ता पाने के लिए अपने पिता तक की हत्या कर देते थे और राजपाठ पर कब्जा कर लेते थे. ठीक इसी तरह सीएम अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह को अपमानित करते हुए उनकी राजनीतिक हत्या कर पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हथिया लिया.

देखें वीडियो >>

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पति ने बना ली पत्नी की अश्लील क्लीपिंग (देखें वीडियो)

आगरा में एक पति ने ही पत्नी को बदनाम करने की ठान ली। पत्नी के कमरे में cctv कैमरे लगा दिए और उसकी अश्लील क्लीपिंग को नेट पर अपलोड करने की धमकी भी दे दी। ये आरोप लगाया है खुद पत्नी ने। यही नहीं, जब पत्नी ने विरोध किया तो उसके साथ जमकर मारपीट की। अब पीड़िता ने आगरा एसएसपी से गुहार लगाई है। आगरा एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को कारवाही के आदेश दिए है।

थाना एत्माउदोला के गढ़ी चांदनी की रहने वाली सोनी (बदला हुआ नाम) ने आगरा एसएसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका पति से विवाद चल रहा है। कोर्ट के आदेश पर कुछ दिन पहले पति ने उसके रहने की व्यवस्था की। शांति विहार, गढ़ी चांदनी में किराए का घर दिला दिया। इस घर की एक चाबी पति के पास रहती है। वह अपने कमरे में कपड़े बदल रही थी कि तभी उसकी निगाह कमरे में लगे कैमरे पर गई। यह देख उसके पैरों तले जमीन निकल गई। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसकी क्लिपिंग बन चुकी थी।

तत्काल ही उसने ससुरालियों को वहां बुला लिया। शिकायत पर पति ने बोला कि कैमरा जानबूझ कर लगाए थे, ताकि तेरी क्लिपिंग लोगों को दिखा कर तुझे बदनाम कर सकूं। नेट पर डाल लोगों को दिखाऊंगा। पति की बात सुन वह दंग रह गई। विरोध पर ससुरालियों ने उसे बेरहमी से पीटा। चीख पुकार सुन पड़ोसी आ गए। उन्होंने उसे बचाया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि वह उस दिन के बाद से थाना एत्मादुद्दौला के चक्कर लगा रही है लेकिन पुलिस ने तहरीर लेना तक उचित नहीं समझा। एसएसपी ने शिकायत को गंभीरता से लिया।

सर्किल ऑफिसर बीएस त्यागी का कहना है कि cctv की dbr कब्जे में ले ली गयी है। उसकी जाँच की जा रही है। पुलिस ने पति से पूछताछ की तो उसने बताया कि पत्नी के द्वारा आत्महत्या जैसा कोई कदम न उठाया जाए, इससे बचने के चलते cctv कैमरे लगवाए।

देखें वीडियो : https://www.youtube.com/watch?v=sihhEIUhDvE

आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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आजतक वाली श्वेता सिंह की मूर्खता का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, आप भी देखें

टीवी जर्नलिस्ट कई बार ऐसी मूर्खता कर जाते हैं कि उसे देख गुस्सा के साथ साथ जोरदार हंसी भी आती है. ताजा मामला श्वेता सिंह का है जो आजतक न्यूज चैनल की एंकर और रिपोर्टर हैं. खुद को बेहद काबिल मानने वाली इस महिला एंकर ने ऐसी मूर्खता की है कि लोग खूब मजे ले लेकर वीडियो देख रहे हैं और हंस रहे हैं. कायदे से आजतक प्रबंधन को इस गल्ती के लिए श्वेता सिंह को बर्खास्त कर देना चाहिए, साथ ही उस रिपोर्टर को भी जिसने ये फर्जी सूचनाएं श्वेता तक पहुंचाईं.

वैसे आजकल जिस तरह से आजतक विशुद्ध भगवा रंग में रंगा हुआ है, वह बहुतों को चिंतित कर रहा है. लगता है चैनल के मालिक अरुण पुरी को ठीकठाक सरकारी डोज दे दी गई है या चैनल के प्रबंध संपादक सुप्रिय प्रसाद को मोदी सरकार ने कायदे से ओबलाइज कर दिया है जिसके कारण वह भी अर्णव गोस्वामी के नक्शेकदम पर चल पड़े हैं और पूरे चैनल को भगवा रंग में रंगने लगे हैं. तभी तो आजतक चैनल को नोटबंदी के कारण बैंककर्मियों की पीड़ा तो खूब दिखाई दे रही है लेकिन आम जन की पीड़ा कतई नहीं दिखाई दे रही.

आजतक की एक महिला एंकर अंजना ओम कश्यप तो भाजपा प्रवक्ता की तरह बार बार कहती रहती हैं लाइव कि बस कुछ दिन और इंतजार कर लें, सब ठीक हो जाएगा. वे नोटबंदी के दिन से ही इस निर्णय के पक्ष में अटल अडिग दिख रही हैं और अपने पूर्वाग्रह को केंद्र में रखकर बहस विमर्श संचालित करती हैं जिससे पूरा शो मोदी परस्त हो जाता है. यहां तक कि दूसरे पार्टियों के लोगों को इसी चैनल पर लाइव कहते देखा गया है कि आजतक भगवा रंग में रंग चुका है.

लगता है जैसे आजतक के सभी एंकरों की ट्रेनिंग खुद मोदी ने ली हो. अगर इन पत्रकारों में थोड़ी भी पत्रकारिता जिंदा हो तो एक बार फिर से पत्रकारिता की किताबें पढ़कर समझ लेना चाहिए कि आखिर पत्रकारिता किसके लिए की जाती है, सत्ता भी भाषा बोलने के लिए ये आम जनता की पीड़ा दिखाने बताने के लिए. सोशल मीडिया पर वायरल श्वेता सिंह के वीडियो को डाउनलोड कर भड़ास के एफबी पेज पर अपलोड कर दिया गया है. इसे देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :

https://www.facebook.com/bhadasmedia/videos/1070955059669585

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ग्रामीणों के दर्द को तुम क्या जानो मोदी बाबू (देखें वीडियो)

हाथरस : पांच सौ तथा एक हज़ार रुपये के नोट बंद करने के मोदी सरकार के फैसले से यूपी के हाथरस जिले में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अपने पुराने नोट बदलने के लिए और उन्हें जमा करने के लिए छः-सात किलोमीटर चलकर बैंकों पर आ रहे है जहां पहले से ही लंबी लाइनें लगी है। इन लाइनों में धक्का मुक्की के बाद भी ग्रामीणों को अपने नोट बदलने तथा जमा करने में सफलता नहीं मिल पा रही है।

हाथरस का अहवरंपुर गांव यूँ तो आदर्श गांव है। बीजेपी के क्षेत्रीय सांसद राजेश दिवाकर ने इसे गोद लिया हुआ है पर गांव में न तो कोई बैंक है न एटीएम और न डाकघर इसलिए इस गांव के ग्रामीणों को भी अपने नोट जमा करने और बदलने के लिए छः-सात किलोमीटर दूर शहर को ही जाना पड़ता है। अलबत्ता ग्रामीणों की इस परेशानी को कुछ लोग भुनाने में भी लग गए है। ये लोग जरूरतमंद ग्रामीणों को पुराने एक हज़ार के नोट के बदले में 700 रुपया देते हैं। गांव के लोग ही यह बात बता रहे हैं। वह तो यह भी बताते हैं कि ये लोग बड़े तथा पैसे वाले लोग हैं और मज़बूरी में उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का दर्द सुनने जानने के लिए नीचे दिए गए वीडियो लिंक्स पर क्लिक करें :

https://youtu.be/827H0edO4rE

https://youtu.be/tAXxURcXvhE

https://youtu.be/KbXk8TXnnPk

https://youtu.be/8CqVIAVtOvA

https://youtu.be/TeXPnPS8fH4

https://youtu.be/fZLBdLOJ960

https://youtu.be/bvLvq5GcbZs

https://youtu.be/EOo3IyWXo3k

हाथरस से विनय ओसवाल की रिपोर्ट. संपर्क : 9837061661

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बेवकूफ औरत (देखें वीडियो)

भारत में बेवकूफों की कमी नहीं है. खासकर औरतों की. ऐसी ही एक बेवकूफ औरत ने आगर में पुलिस वालों के पास जाकर अपने प्रेमी से मिलवा देने की गुहार लगाई ताकि प्रेमी को देखकर वह करवा चौथ का व्रत तोड़ सके. हाथों में मेहँदी और मांग में सिन्दूर लगाये एक महिला कल पुलिस अधिकारियों की चौखट पर माथा रगड़ती नजर आई. महिला रो रो कर अधिकारियों से पति से मिलाकर करवाचौथ का व्रत पूरा करवाने की गुहार लगा रही थी.मूल रूप से मोदीनगर गाजियाबाद की रहने वाली कामना (बदला हुआ नाम) के पति की मौत २०१४ में हो गयी थी. इसके बाद कामना गाजियाबाद में एक इन्वर्टर कम्पनी में नौकरी करने लगी.

नौकरी के दौरान कामना की मुलाक़ात आगरा के मयंक सोनी से हुई. अकेलापन झेल रही कामना और मयंक के बीच प्रेम संबंध विकसित हुआ और दोनों ने शारीरिक सम्बन्ध बना लिए. उसके बाद कामना के जोर देने पर मयंक ने उससे शादी कर ली और फिर तहसील से शादी का रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया.  कामना ने बताया की मयंक इस समय इंटेक्स कम्पनी में इंजीनियर है और आगरा में ही रह रहा है. उसने आज करवा चौथ का व्रत रखा है और वो पुलिस अधिकारियों के आगे गुहार लगा रही है कि उसे उसके चाँद का दीदार करा दो. कामना पहले एसपी सिटी सुशील घुले के पास पहुंची तो वो नहीं मिले. फिर आईजी सुजीत पांडे से मुलाक़ात की. आईजी ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है.

देखें संबंधित वीडियो :

https://youtu.be/TQCQyJ0vFF4

https://youtu.be/u4GGCsHow6Y

-आगरा से फरहान खान की रिपोर्ट.

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अश्लील वीडियो क्लिप कांड में मुम्बई के 27 पत्रकारों पर पुलिस की गाज़

मुम्बई। एक महिला पत्रकार के अश्लील एमएमएस को वायरल करने के आरोप में नागपुर पुलिस ने मुम्बई के 27 पत्रकारों पर शिकंजा कसा है। इन पत्रकारों पर आरोप है कि इन्होंने महाराष्ट्र विधान सभा के बजट सत्र में यह वीडियो क्लिप आपस में बांटी थी। पुलिस ने इन पत्रकारों को आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में बुलाया था। अब सबको अगले माह नागपुर की अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। इन पर सायबर अपराध की धरा ५९ और ६० के तहत मामला दर्ज हुआ है।

बताया जाता है कि दैनिक भास्कर में कार्यरत आशुतोष शर्मा ने 2012 में नागपुर की एक महिला पत्रकार को शादी का वायदा कर उसके साथ सम्बन्ध बनाये। इसी दौरान उसने महिला के साथ अंतरंग क्षणों की वीडियो क्लिप बना ली और उसे एक पोर्न साइट में अपलोड कर दिया। कुछ लोगों का कहना है कि यह वीडियो क्लिप दोनों की सहमति से बने थे। आशुतोष के बारे में बताया जाता है कि वह यह सब करने के बाद मुंबई से भाग गया। बाद में वह नोयडा में एक मार्केटिंग कंपनी में काम करने लगा। सूत्रों के मुताबिक उसने किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली। एक रोज उसकी पत्नी ने उस वीडियो क्लिप को पति के लैपटॉप में देखा तो जाने उसे क्या सूझा कि उसने इस वीडियो क्लिप को पति के फेसबुक से उस महिला पत्रकार को खोज कर दे दिया।

वह महिला पत्रकार 2013 में मुम्बई के एक हिंदी दैनिक में रिपोर्टर के बतौर काम करने लगी। विधानसभा का नागपुर सत्र कवर करने के बाद वह जब दफ्तर लौटी तो उसके लैपटॉप में उसका जीमेल खुला रहा और जीमेल ड्राइव से किसी ने वह क्लिप निकाली। बाद में बजट सेशन में वह वीडियो वायरल कर दी गयी। पीड़िता ने इस सिलसिले में कई लोगों पर शक जताया।

पुलिस ने पोर्नसाइट से क्लिप डिलीट करवाने के बाद कनाडा से वायरल वीडियो की पूरी रिपोर्ट मंगाई जिसमें यह सिद्ध हुआ कि फ़रवरी २०१६ तक क्लिप को सिर्फ ६५० लोगों ने देखा था लेकिन उसके बाद इसे एक लाख साठ हज़ार लोगों ने देखा। जिन सताईस लोगों के मोबाइल से सर्वधिक ट्रेफिक वेबसाईट में गया, उन्हें पुलिस ने आरोपित किया है। इनमें कुछ के नाम हैं यदु जोशी, विक्रांत जोशी, प्रफुल्ल सालुंखे, कमलेश सुतार, तुषार शेट्टे, मुर्तजा मर्चेन्ट, श्रीकांत जाधव, श्रीनारायण तिवारी, आदर्श मिश्र, ओमप्रकाश चौहान, हितेंद्र झा, ओपी तिवारी, चन्दन शिरवाले, नेहा पूर्व, गिरिराज सावंत, सोनू श्रीवास्तव, शशिकांत सांडभोर, दीपक कैटिके, राहुल जाधव आदि।  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को बिना किसी दबाव के कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। इसी के बाद इन पत्रकारों पर गाज़ गिरी है. अन्वेषण अधिकारी ब्राह्मणकर मामले की तफ्तीश कर रहे हैं.  

वहीं खबर का एक और पहलू ये है कि पत्रकारों के पास कई किस्म के वीडियोज आते रहते हैं. यदा कदा आपस में ये वीडियोज शेयर भी करते हैं. साथ ही उनके जानने वाले जब वीडियोज के बारे में बात करके मांगते हैं तो उन्हें दे भी देते हैं. ऐसे में वीडियो बांटने के आरोप में एक साथ 27 पत्रकारों को आरोपी बनाना कितना सही है या कितना गलत है, यह मामला न्यायालय में तय होगा. बताया जाता है कि जिस शख्स ने क्लिप बनाया था वह इन दिनों नागपुर में जेल में है. इस प्रकरण में मुंबई के 27 पत्रकारों के नाम आने से मीडिया जगत में हलचल है.

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झूठ पकड़े जाने पर जी न्यूज़ ने चुपचाप दोनों वीडियो हटा दिया!

Shikha : रहिमन जूता राखिये , कांखन बगल दबाए, जाने कब किस मोड़ पर, जी न्यूज़ रिपोर्टर मिल जाए…. मोदी के जबर भक्त और संघियों के आँखों के तारे, तारेक फतह ने ईराक के दो आइसिस वीडियो अपनी वेबसाइट पर चलाया यह कहते हुए कि यह कश्मीर की विडियो हैl वीडियो वायरल हुए तो जी न्यूज़ के दलालों ने भी वह विडियो उठा लिया और प्राइम टाइम पर चला दिया, साथ ही youtube पर भी अपलोड कर दियाl

जब सोशल मीडिया पर तारेक फ़तेह का झूठ पकड़ा गया तब उसने वह वीडियो हटा ली और बाद में जी न्यूज़ ने भी youtube से उन दोनों विडियो को हटा दियाl लेकिन कोई “disclaimer” नहीं, कोई माफ़ी नहीं, बस चुपचाप जहर फैलाकर मकसद पूरा कर लियाl बेशर्मी से झूठ फैलाओं और जब सवाल पूछा जाए तो चुपचाप सबूत मिटाकर बेशर्मी से निकल आओl कोई जवाबदेही नहीं, कोई ज़िम्मेदारी लेने वाला नहींl न जाने कब वो दिन आएगा जिस दिन इन दलालों को जनता इनके दफ्तरों में घुस घुसकर जूतों से आरती उतारेगीl

कामरेड शिखा की एफबी वॉल से.

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दैनिक जागरण में कितने यादव हैं, सीएम अखिलेश ने सरेआम पूछ लिया (देखें वीडियो)

Mahendra Yadav : मिस्टर दैनिक जागरण ! आप बताते क्यों नहीं कि दैनिक जागरण में कितने यादव हैं? जागरण फोरम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ये सवाल किया है तो जवाब तो बनता है न! चलिए, ब्राह्मण कितने हैं, ठाकुरों को कितनी जगह मिली है, कायस्थों को कितनी सीटें मिली हैं, बनियों को कितनी मिली है, कितने अल्पसंख्यक हैं, कितने आदिवासी हैं…कितने ओबीसी हैं..यही बता दीजिए..

सुनील यादव : सुने हैं कि आज फिर से किसी दलाल अखबार वाले ने यह सवाल उठाया कि यूपी पुलिस में यादव कितने हैं? उसका प्रत्युत्तर भी ठीक मिला कि तुम्हारे अखबार में यादव कितने हैं? पर उन हरामखोरों के लिए मैं एक बात लिखना चाहूँगा जिनके पेट में यूपी पुलिस में यादवों कि संख्या पर मरोड़ उठने लगती है ….उनको यह लगता है कि सपा सरकार ने यादवों को सर्वाधिक यूपी पुलिस में ठूस दिया है तो ….सुनो…..बसपा सरकार के समय की पुलिस भर्ती का रिजेल्ट उठा के देख लो और बहुत पीछे के उन गैर सपा सरकारों के पुलिस भर्ती का रिजेल्ट उठा के देखों …यह देखो की सपा सरकार में इन सरकारों की अपेक्षा कम यादव भर्ती क्यों हुए? .केवल बकलोली से निष्कर्ष नहीं निकलता शारीरिक दक्षता वाली भर्तियों के रिजेल्ट उठाओ उसे गौर से देखों फिर समझ में आएगा असली मामला क्या है? असली मामला दलाली का नहीं है असली मामला गरीब गुरबों के श्रम का है …जिसे तुम बार बार लतियाते रहते हो …यह घनघोर श्रम के अपमान का मामला है। आज पहली बार आपका यह तमाचा भरा जवाब मुझे खुश कर गया शुक्रिया….

Yashwant Singh : दैनिक जागरण ने यादवीकरण का सवाल पूछ कर चौका मारना चाहा तो अखिलेश यादव ने दैनिक जागरण में यादवों की संख्या पूछ कर छक्का मार दिया. दैनिक जागरण की तरफ से लखनऊ में जागरण फोरम नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें शिरकत कर रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से दैनिक जागरण के नेशनल ब्यूरो चीफ प्रशांत मिश्रा ने सवाल यूपी में थानों के यादवीकरण पर किया तो अखिलेश ने पलट कर पूछ लिया कि बताओ दैनिक जागरण में कितने यादव हैं?

संबंधित वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

https://www.youtube.com/watch?v=iTtX0D-bCA4

महेंद्र, सुनील और यशवंत की एफबी वॉल से.

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वेद प्रताप वैदिक बोले- अरनब गोस्वामी बहुत नीच आदमी है (देखें वीडियो)

वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार हैं. काफी सुलझे हुए पत्रकार माने जाते हैं. भाषा और विचार के स्तर पर संतुलित माने जाते हैं. लेकिन अरनब गोस्वामी को लेकर उनका गुस्सा ऐसा फूटा कि उन्होंने अरनब गोस्वामी को ना जाने क्या क्या कह दिया, वह भी पूरी मीडिया के सामने. उपर दिए गए तस्वीर पर क्लिक करिए और वीडियो देखिए.

टाइम्स नाऊ के एडिटर इन चीफ अरनब गोस्वामी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से किसी वरिष्ठ पत्रकार ने इतना गुस्सा पहली बार जाहिर किया है. इस वीडियो को लेकर लोगों में तरह तरह की चर्चाएं हैं :  https://www.youtube.com/watch?v=mUrI5Fp-YyM

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यशवंत ने निदा फ़ाज़ली को कुछ इस तरह दी श्रद्धांजलि (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : निदा फ़ाज़ली साहब के न रहने पर उनकी वो नज़्म याद आती है जिसे उन्होंने अपने पिता के गुजर जाने पर लिखा था… ”तुम्हारी कब्र पर मैं, फ़ातेहा पढ़ने नहीं आया, मुझे मालूम था, तुम मर नहीं सकते.” इस नज़्म को आज पढ़ते हुए खुद को मोबाइल से रिकार्ड किया. इसी नज़्म की ये दो लाइनें:

तुम्हारी मौत की सच्ची खबर, जिसने उड़ाई थी, वो झूठा था,
वो तुम कब थे? कोई सूखा हुआ पत्ता, हवा मे गिर के टूटा था।

पूरी नज़्म यूट्यूब पर डाल दिया. अच्छा तो नहीं पढ़ पाया लेकिन बस दिल कर रहा था कि इसे पढ़ूं और निदा साहब को श्रद्धांजलि दूं.

असल में निदा साहब नहीं गए हैं. हमारे और आपके भीतर से क्रिएटिविटी का थोड़ा थोड़ा हिस्सा खत्म हो गया है. एक आदमी इतना अच्छा इतना सारा लिख सकता है, यकीन नहीं होता. कमाल की संवेदना और समझ वाले शख्स थे निदा साहब.

यकीन नहीं होता, बस गर्व होता है कि हम सब उस दौर में थे जब निदा साहब सशरीर मौजूद थे. मैं उनसे भले न मिला और न उन्हें देखा हो पर लगता है जैसे बेहद करीबी थे हम. संवेदना और समझ की उदात्तता हो तो जुड़ाव, प्रेम, अपनापा जैसी चीजें निजी मुलाकातों का मोहताज नहीं होतीं.

इसी सोच और भाव से लबरेज होकर मैंने निदा साहब की रचना का आज दोपहर पाठ किया. रिकार्ड किया. और, यूट्यूब पर डाला. आप भी सुनिए.

लिंक ये है:

https://goo.gl/URuIP5

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.


इसे भी पढ़ सुन सकते हैं:

वीरेन दा की कविता ‘इतने भले न बन जाना साथी’ का यशवंत ने किया पाठ, देखिए वीडियो

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तीसरे रीटेक में निदा फ़ाज़ली बिफर गए और कुर्सी से उठते हुए चिड़चिड़ाकर बोले- मैं नहीं करता…

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स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में चाकू के बल पर एसी बोगी में कइयों से लूट, नाटकीय ढंग से गिरफ्तार हुआ लुटेरा (देखें वीडियो)

मुजफ्फरपुर से चलकर गाजीपुर, बनारस, इलाहाबाद, कानपुर होते हुए नई दिल्ली को आने वाली ट्रेन स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 12561 के AC बोगी में बीती रात एक लुटेरा घुस आया और पूरे 40 मिनट तक चाकू के बल पर लोगों के मोबाइल वगैरह छीनता लूटता रहा. ट्रेन बनारस से इलाहाबाद पहुंच गई पर कोई पुलिस सहायता नहीं मिली. RPF के सिपाही भी नहीं आए. लुटेरे ने विरोध करने वाले एक पैसेन्जर को चाकू मारकर घायल भी कर दिया.

Swatantrata senani express के बोगी नंबर B1 में ये वारदात रात में करीब 1 बजे से 2 बजे के बीच तक होती रही. लेकिन रेलवे की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया. काफी देर बाद जब सुरक्षा बल आए तो लुटेरा गायब हो गया. चलती ट्रेन में लुटेरा कहां गायब हो गया, यह सवाल सबकी जेहन में था. तभी टिकट चेकिंग शुरू कर दी गई ताकि बेटिकट यात्रियों की पड़ताल कर उसमें से लुटेरे को तलाशा जा सके.

चेकिंग के दौरान एक शख्स बेटिकट निकला लेकिन वह अपना परिचय पुलिस वाले के रूप में देता रहा. बाद में जब उससे कड़ाई की गई तो उसने चोरी की घटना को कुबूल कर लिया और चोरी के सभी मोबाइल टायलेट के कमोड में मिल गए. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोच में उपस्थित गाजीपुर के यात्री कुंवर रुपेंद्र बहादुर सिंह रिंकू ने चोर को पकड़े जाने का वीडियो बना लिया जिसे आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं.

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी कोच में बीती रात चाकू के बल पर कई घंटे तक लूटपाट करता रहा लुटेरा, सुरक्षा बल आए तो पहचान बदल कर गायब हो गया, दुबारा टेकिट चेकिंग के दौरान खुद को सिपाही बताता रहा लेकिन इस तरह कर लिया गया गिरफ्तार, देखें वीडियोhttps://youtu.be/wUDJi_FFSp4

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