राघव बहल ने शुरू किया Quintillion Media, कई पत्रकार जुड़े

राघव बहल ने नेटवर्क18 मुकेश अंबानी को बेचने के बाद अब अपना नया धंधा शुरू किया है. आनलाइन न्यूज बिजनेस का. Quintillion Media नाम से. इसमें नेटवर्क18 में काम कर चुके ढेर सारे पुराने लोगों का रखा गया है. राघव बहल की पत्नी रीतू कपूर Quintillion Media की डायरेक्टर हैं. Quintillion Media के जरिए सबसे पहले मोबाइल न्यूज उपक्रम लांच किया जाएगा. करीब 20 लोगों की एक टीम बनाई गई है जिसमें संपादकीय से लेकर मार्केटिंग तक के लोग शामिल हैं. वेबसाइट लांचिंग अगले साल की पहली तिमाही में हो सकती है. राघव बहल ने नेटवर्क18 से अलग होने के बाद कहा था कि वे हिंदी और अंग्रेजी में रीजनल न्यूज व आनलाइन न्यूज की तरफ काम शुरू करेंगे.

जी न्यूज प्रबंधन ने कई आरोपों के कारण बरेली के संवाददाता दीपक शर्मा को चैनल से हटाया

जी न्यूज प्रबंधन ने बरेली के संवाददाता दीपक शर्मा को चैनल से हटा दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि जी न्यूज़ के सीनियर रिपोर्टर अनुराग चड्ढा के संरक्षण में दीपक जी न्यूज़ का रिपोर्टर बना. बाद में उसने जी न्यूज़ के ब्यूरो चीफ विनीत कुमार का पत्ता कटवा दिया. फिर दूसरे स्टिंगर सुबोध को झूठी शिकायतें कर के हटवा दिया. इस तरह दीपक शर्मा का जिले में एक छत्र राज चल रहा था. दीपक शर्मा पर कई किस्म के आरोप लगे और कई मुकदमे हुए.

लौट के रितेश लक्खी फिर से फोकस न्यूज हरियाणा आए

नोएडा : लौट के बुद्धू घर को आए-यह कहावत रितेश लक्खी पर सही बैठती है। ई टीवी हिमाचल-हरियाणा में बात नहीं बनी तो फिर फोकस न्यूज हरियाणा में लौटने को मजबूर होना पड़ा। लगता है कि वहां दाल न गली, इसलिए घर वापसी कर ली। जो सपने लेकर गए थे, शायद वे पूरे नहीं हुए। इसलिए एक माह भी नहीं टिक पाए और किसी तरह फिर जुगाड़ कर वापस आ गए।

मुलायम के जन्मदिन जश्न के लिए स्कूली बच्चों को घंटों खड़ा रखा, बाल अधिकार आयोग को शिकायत

रामपुर में मुलायम सिंह के जन्मदिन समारोह के लिए स्कूलों की बंदी और बच्चों को मुलायम सिंह के नारे लगाने के लिए घंटों खड़ा रखने को बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ नूतन ठाकुर ने इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी है. शिकायत संख्या 201400001016 पर दर्ज इस ऑनलाइन शिकायत में कहा गया है कि एक नेता, जिन्हें ये बच्चे संभवतः जानते तक नही थे, के लिए नारे लगाने को इन बच्चों को घंटों खड़ा रखना आईपीसी की धारा 342 में अपराध है.

हाई कोर्ट में भारत सरकार ने कहा- ‘सहारा इंडिया परिवार’ कोई कम्पनी नहीं है!

भारत सरकार सहारा इंडिया परिवार तथा सुब्रत राय द्वारा 17 मार्च 2013 को समाचारपत्रों में प्रकाशित पूरे पृष्ठ के विज्ञापन में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बीएन अग्रवाल के सम्बन्ध में की गयी आपत्तिजनक बातों की जांच नहीं कराएगा.

जस्टिस मार्कंडेय काटजू का मजाकिया बयान हाईकोर्ट के जज साहब पर भारी पड़ गया!

Markandey Katju : In a divorce case I was hearing in the Supreme Court I said orally in lighter vein “If you want happiness in life do whatever your wife tells you to do. If she tells you to turn your head to the left, turn it left. If she tells you to turn it right, turn in right. Don’t ask the reason. Just do it.”

CM Okram Ibobi hums Majithia Wage Board tune

IMPHAL : The mandatory tripartite committee comprising of working journalists, publishers and Government representatives has already been formed and the State Government is fully committed to implement the Justice Majithia Wage Board in the State, said Chief Minister Okram Ibobi while speaking at the inaugural function of the three-day National executive meeting of the Indian Journalists Union (IJU) at the banquet hall of 1st Manipur Rifles today.

व्यापार मेला देखने अवश्य जाएं और इस एडवाइजरी पर गौर करें

कुछ संभलकर ही ट्रेड फेयर जाएं क्योंकि जो दिखता है वही सुंदर नहीं है! यह पोस्ट मैं नहीं भी डाल सकता था क्योंकि यह एक सामान्य-सी निजी घुमक्कड़ी है जिसे आप चाहें तो विंडो शापिंग भी कह सकते हैं। लेकिन डाल रहा हूं। दरअसल मुझे इस बात से कभी संतोष नहीं होता कि एक सामान्य दर्शक की भांति एक पत्रकार व्यवहार करे। पत्रकार के कुछ सामाजिक दायित्व होते हैं और चुनौतियां भी। वह महज एक प्रचारक या जस का तस दिखाने वाला, बताने वाला संजय नहीं कि हर धृतराष्ट्र उससे पूछे कि बताओ संजय क्या हुआ कुरुक्षेत्र में।

सड़क हादसे में कन्नौज के पत्रकार अर्पित पाल की मौत

कन्नौज। स्वतंत्र भारत के युवा पत्रकार अर्पित पाल की सड़क हादसे में उस समय मौत हो गई, जब वह बीते 19 नवम्बर को शाम अपनी बहन के यहां बाइक से जा रहे थे। पत्रकारों ने शोक संवेदना व्यक्त तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अधिक से अधिक आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

ग्लोबल थिंकर सूची में शुमार शुभ्रांशु चौधरी पर ‘सीजी नेट’ की को-फाउंडर स्मिता चौधरी ने लगाए कई आरोप

Dear Yashwant ji,

I have been doing what I can, and I would like you to consider writing about this professionally. Clearly I am not going to be a more successful journalist than Shubhranshu, but the alternate platform which I have co founded with Shubhranshu CHoudhary, has been completely taken over by him. He has removed anyone who is able to think- and now he has got this award for being a thinker.

नलिनी सिंह कल स्कर्ट टी शर्ट में दिखीं

Sanjaya Kumar Singh : नलिनी सिंह दूरदर्शन की संभवतः सबसे पुरानी एंकर हैं। 1985 में सच की परछाईं प्रस्तुत करते हुए कैसे कपड़े पहनती थीं ये तो याद नहीं है पर कल स्कर्ट टी शर्ट में थीं। आंखिन देखी भी दूरदर्शन के पुराने कार्यक्रमों में है और कल बहुत दिनों बाद दिख गया। इस कार्यक्रम में मेरी दिलचस्पी कभी रही नहीं और कल तो लगा कि आंखिन देखी असल में अपराध की खबरों की बहुत ही घटिया प्रस्तुति है और टीवी एंकर या रिपोर्टर की आंखिन देखी नहीं, हिन्दी पट्टी के पुलिसियों की आंखिन देखी है – जिसका विवरण बहुत ही फूहड़ ढंग से प्रस्तुत कर दिया जाता है।

 

आजम खान : आह…. वाह….

Shambhu Nath Shukla :  मैं भारतीय मुसलमानों की बौद्घिक क्षमता का कायल रहा हूं। मुझे याद है कि पक्के दक्षिणपंथी रजत शर्मा ने अपने कार्यक्रम ‘आपकी अदालत’ में ओवैसी को फँसाने की बड़ी कोशिशें की पर ओवैसी लगातार अपने दमदार तर्कों और बौद्घिक कौशल के तीर चलाकर उलटे रजत को ही निरुत्तर करते रहे। लेकिन जब मैं आजम खान के बयान सुनता हूं तो लगता है कि एक अनपढ़ और जाहिल आदमी भी उनसे तो बेहतर ही बोलता है। क्या उत्तर भारत के मुस्लिम राजनेता भी अपने हिंदू हमपेशा लोगों की तरह कूढ़मगज हैं। अच्छा ही है परस्पर हमजुल्फ जो हैं।

पी7 न्यूज प्रबंधन अपने कर्मियों को 15 जनवरी तक फुल एंड फाइनल पेमेंट दे देगा, बवाल खत्म

पी7 न्यूज चैनल से सूचना आ रही है कि कल देर रात हड़ताली मीडियाकर्मियों और प्रबंधन के बीच समझौता हो गया. ये समझौता असिस्टेंट लेबर कमिश्नर शमीम अख्तर, सीओ द्वितीय अनूप सिन्हा और सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ. समझौते पर प्रबंधन की तरफ से केसर सिंह, शरद दत्त, विधु शेखर और उदय सिन्हा ने हस्ताक्षर किए. समझौते के मुताबिक प्रबंधन अपने स्टाफर और कांट्रैक्ट पर कार्य करने वाले कर्मियों को नवंबर खत्म होने से पहले अक्टूबर की सेलरी मिल जाएगी. 15 दिसंबर तक नवंबर की सेलरी मिल जाएगी. 30 दिसंबर तक फुल एंड फाइनल पेमेंट का आधा हिस्सा मिल जाएगा. 15 जनवरी को बाकी सारे ड्यूज क्लीयर कर देंगे.

अमित मिश्र, अरूण अशेष और रोहित तिवारी के बारे में सूचनाएं

झारखंड की राजधानी रांची में यूएनआई के वरीय उप संपादक अमित मिश्र अपने पद से इस्तीफा दे कर इनाडू डिजीटल के सीनियर रिपोर्टर बन गये है. इनकी पोस्टिंग रांची में ही की गयी है. श्री मिश्र अविभाजित बिहार में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत  एक ही परिवार की छठी पीढ़ी हैं.

‘पी7 न्यूज’ के बाद अब ‘भास्कर न्यूज’ चैनल की बारी, सेलरी न मिलने से काम बंद

‘भास्कर न्यूज’ नामक चैनल से खबर आ रही है कि यहां कार्यरत कर्मियों ने कई महीने से सेलरी न मिलने के कारण काम बंद कर दिया है. चैनल के अंदर ‘सेलरी नहीं तो काम नहीं’ काा  पोस्टर, वालपेपर लगा दिया गया है. भास्कर न्यूज में सेलरी न मिलने से हड़ताल कई दिनों से चल रही है. भड़ास4मीडिया की एक खुफिया टीम ने चैनल में घुसकर कई तस्वीरें ली जिसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है.

‘ओपन’ मैग्जीन का ये अंक खरीदकर रख लीजिए

Vineet Kumar : ओपन मैगजीन का नेहरू पर ये अंक कई मायने में खास है. एक तो इसलिए भी कि नेहरू पर एक साथ जितनी सामग्री आपको चालीस रूपये में मिल जाएगी, उतनी किसी किताब में कम से कम तीन से चार सौ रूपये में मिलेंगे.

जो चैनल सबसे ज्यादा लोटता है, उसी के पत्रकार की मौत…

Vineet Kumar :  ये कम बड़ी बिडंबना है कि जी न्यूज देश का ऐसा चैनल है जो भाजपा, केन्द्र सहित भाजपा शासित राज्यों के आगे लोटता आया है, उसी चैनल का पत्रकार शिवम भट्ट हरियाणा में पत्रकारों पर हुए हमले और अफरातफरी के बीच मारे गए..

और मीडियाकर्मियों ने अपने हिस्से की स्क्रीन पर कब्जा जमा लिया….

Vineet Kumar : p7 न्यूज चैनल बंद हो गया. ये वही न्यूज चैनल है जिसने लांचिंग में अपने एंकरों से रैम्प पर नुमाईश करवायी, शोपीस एंकरिंग को बढ़ावा दिया. पिछले दिनों इसी ग्रुप की पत्रिका बिंदिया और शुक्रवार के बंद हो जाने पर बेहद जरूर सरोकारी मंच के खत्म होने का स्यापा आपने देखा था. पत्रिका सहित ये चैनल क्यों बंद हो गया, ये बार-बार बताने की जरूरत इसलिए पड़ती है कि एक वेंचर बंद होने के वाबजूद दूसरे के बने रहने के दावे मैनेजमेंट की तरफ से ताल ठोंककर दिए जाते हैं..लेकिन सच आपसे और हमसे छिपा नहीं है.

सहारा के दिल्ली-एनसीआर के दफ्तरों पर छापा, संपादकजी लोग आफिस जाने से हिचक रहे

सहारा समूह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ताजी सूचना है कि आज सुबह आयकर विभाग की टीमों ने सहारा के नोएडा, दिल्ली समेत पूरे एनसीआर के आफिसों पर छापा मारा. नोएडा स्थित सहारा मीडिया से खबर है कि यहां मौजूद लोगों को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा. छापेमारी की सूचना के बाद संपादकजी लोगों को आफिस जाने में पसीने छूट रहे हैं. जब आयकर विभाग के अधिकारी सहारा के दि‍ल्ली के ग्रेटर कैलाश और नोएडा स्थित दफ्तरों में पहुंचे तब यह सूचना पूरे मीडिया जगत में आग की तरह फैल गई. लेकिन ज्यादातर चैनलों ने इस खबर को नहीं दिखाया.

‘पी7 न्यूज’ के निदेशक केसर सिंह को हड़ताली कर्मियों ने बंधक बनाया, चैनल पर चला दी सेलरी संकट की खबर

कई महीनों से सेलरी के लिए लड़ाई लड़ रहे पीएसीएल / पर्ल समूह के न्यूज चैनल पी7 न्यूज के हड़ताली कर्मचारियों के सब्र का बांध आज टूट गया. इन कर्मियों ने अपने ही चैनल पर सेलरी संकट की खबर चलाlते हुए चैनल का प्रसारण रोक दिया. साथ ही कई महीनों की बकाया सेलरी देने की मांग करते हुए चैनल के निदेशक केसर सिंह को उनके केबिन में ही बंधक बना लिया. कर्मचारियों का आरोप है कि केसर सिंह गुपचुप तरीके से चैनल बंद कर भागने और बकाया सेलरी हड़पने की फिराक में थे.

चैनल बंद कर भाग रहे निदेशकों को पी7 न्यूज कर्मचारियों ने घेरा, आफिस में बवाल

नोएडा से खबर है कि पी7 न्यूज चैनल बंद करके भाग रहे निदेशकों को मीडियाकर्मियों ने घेर लिया है. कई महीने से सेलरी न मिलने से नाराज मीडियाकर्मी चैनल के निदेशकों केसर सिंह आदि को उनके केबिन से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं. मीडियाकर्मियों का आरोप है कि चैनल के निदेशकगण सेलरी न देने और बकाया पैसा हड़पने के इरादे से गुपचुप तरीके से चैनल बंद कर फरार होने की तैयारी कर रहे थे.

भड़ास संपादक यशवंत की जेल कथा ‘जानेमन जेल’ पढ़ने-पाने के लिए कुछ आसान रास्ते

भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह के जेल-गमन की खुद यशवंत द्वारा लिखी गई कथा ‘जानेमन जेल’ ऑनलाइन स्टोरों से सीधे ऑर्डर करके घर बैठे प्राप्त की जा सकती है… नीचे दिए गए किसी आनलाइन स्टोर पर क्लिक करें और किताब बुक कर लें…

विधवा से शादी की, बेटा पैदा किया और चंपत हो गया सीपीडब्ल्यूडी का एई

36 साल की ज्योति चंद्रा घूम-घूमकर लोगों से फरियाद कर रही है। इंसाफ मांग रही है और लोगो से ये पूछ रही है कि आखिर उसका कसूर क्या है। ज्योति चंद्रा तीन साल के उस बेटे की मां है, जिसका पिता उसे छोड़कर चला गया है। गाजियाबाद की वैशाली कॉलोनी में रहने वाली ज्योति चंद्रा का दावा है कि दिल्ली में कार्यरत सीपीडब्लूडी के एई बाबू राम चंद्रा ने उसे पहली पत्नी के रहते हुए उससे झूठ बोलकर मंदिर में शादी की और साथ में चार साल तक पति-पत्नी की तरह रहा। मूल रूप से नोएडा सेक्टर बाइस का निवासी बाबू राम चंद्रा से ज्योति की मुलाकात 2008 में तब हुई, जब हिंडन एयरफोर्स डिविजन के ठेकेदार के माध्यम से नोएडा में उसे अस्थायी रूप से चपरासी के लिए रखा गया था। ज्योति का आरोप है कि उसी दौरान बाबूराम चंद्रा ने उसे नौकरी से निकालने का डर दिखाकर दुष्कर्म किया। ज्योति के विरोध के बाद उसने शादी का भरोसा दिलाया और बाद में मंदिर में शादी भी की। बाबू राम चंद्र के संपर्क से ज्योति को 23 मई 2011 को एक बेटा हुआ। ज्योति के बेटे विष्णु चंद्रा की उम्र अभी तीन साल है।

क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटियों द्वारा बिना रिजर्व बैंक लाइसेन्स के किए जा रहे बैंकिंग कारोबार पर रोक

बाड़मेर : राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अम्बवानी एवं न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने बुधवार को एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए क्रेडिट कोआॅपरेटिव सोसायटियों द्वारा बिना रिजर्व बैंक लाइसेन्स के किए जा रहे बैंकिंग कारोबार पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने क्रेडिट सोसायटियों द्वारा ऋण देने एवं एटीएम लगाने जैसे बैंकिंग व्यवसाय करने वाली गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है।

जब तक जमीं रहेगी, दिल में नमीं रहेगी, महफिल सजेगी, लेकिन तेरी कमी रहेगी…

: मुंगेर में ‘कवि मथुरा प्रसाद गुंजन स्मृति सम्मान समारोह- 2014’ सम्पन्न हुआ :  विगत कई वर्षों से बिहार में आयोजित साहित्यिक समारोह में ‘कवि मथुरा प्रसाद गुंजन स्मृति सम्मान समारोह’ का अपना विशिष्ठ स्थान रहा है। 16 नवम्बर 2014 को आयोजित इस सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले कवि-साहित्यकारों ने हिन्दी साहित्य के संवर्द्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर साहित्य जगत का उपकार किया है। इस वर्ष ‘मथुरा प्रसाद गुंजन स्मृति सम्मान’ से सम्मानित होनेवाले रचनाकारों में प्रो डा. पंकज साहा (अध्यक्ष- हिन्दी विभाग, खड्गपुर कालेज, मेदनापुर, प. बंगाल), कवि राजकिशोर राजन (राजभाषा विभाग, मध्यपूर्व रेलवे, हाजीपुर) कैलाश झा किंकर संपादक – कौशिकी (खगड़िया) कवयित्री डा. उत्तिमा केसरी (पूर्णियां), गिरीश प्रसाद गुप्ता (देवघर), फ़ैयाज रश्क (मुंगेर) रहे।

‘स्लीमेन के संस्मरण’ : ब्रिटिश इंडिया के दिनों का वर्णन करते हुए अंग्रेज अफसर स्लीमेन हिंदुस्तानियों को ‘सुखी लोग’ कहते हैं…

पुस्तक ‘स्लीमेन के संस्मरण’ का लोकार्पण पिछले शनिवार 15 नवंबर को जबलपुर स्थित शहीद स्मारक भवन में हुआ. इलाहाबाद के साहित्य भंडार द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का अनुवाद कवि-कथाकार राजेन्द्र चंद्रकांत राय ने किया है. विलियम हेनरी स्लीमेन ब्रिटिश इंडिया में सन 1810 से लेकर 1856 तक कई महत्त्वपूर्ण पदों पर रहे. उनकी ख्याति उत्तर भारत में ठगी प्रथा के उन्मूलन के लिए है.

लखनऊ में चौथा नवगीत महोत्सव : डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने ‘गीत और नवगीत में अंतर’ पर व्याख्यान दिया

लखनऊ : विभूति खण्ड स्थित ‘कालिन्दी विला’ के परिसर में दो दिवसीय ‘नवगीत महोत्सव – 2014’ का शुभारम्भ 15 नवम्बर की सुबह 8 : 00 बजे हुआ। ‘अनुभूति’, ‘अभिव्यक्ति’ एवं ‘नवगीत की पाठशाला’ के माध्यम से वेब पर नवगीत का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु प्रतिबद्ध ‘अभिव्यक्ति विश्वम’ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल अपनी रचनात्मकता एवं मौलिकता के लिए जाना जाता है, बल्कि नवगीत के शिल्प और कथ्य के विविध पहलुओं से अद्भुत परिचय कराता है। ख्यातिलब्ध सम्पादिका पूर्णिमा वर्मन जी एवं प्रवीण सक्सैना जी के सौजन्य से आयोजित यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से लखनऊ में सम्पन्न हो रहा है।

पगड़िया बाबा… खपड़िया बाबा… ऐसे हजारों बाबा अपना खेल रच रहे, खबर आपको केवल रामपाल की है!

Shailesh Bharatwasi : लगभग 15 साल पुरानी बात है। मेरे गाँव, डोमा में एक बाबा आए। पगड़िया बाबा। सर पर पगड़ी बाँधते थे, इसलिए अपनी ख्याति इसी नाम से चाहते थे। बाबा हमारे गाँव में अखंड रामायण पाठ और जग (यानी यज्ञ) करवाने आए थे। उन्हें गाँव के लोगों ने कभी आमंत्रित नहीं किया था, वे ख़ुद ही अपना डेरा जमा लिए थे। हमारे तरफ़ के गाँवों के अधिकाधिक सार्वजनिक आयोजन गाँव के एकमात्र सरकारी प्राथमिक विद्यालय में ही होते हैं।

एबीपी न्यूज सबसे ज्यादा फायदे में, आईबीएन7 का रीलांच फ्लाप होता दिख रहा

46वें हफ्ते की टीआरपी में सबसे ज्यादा एबीपी न्यूज को फायदा होता दिख रहा है. इस चैनल ने पिछले हफ्ते के मुकाबले सबसे ज्यादा टीआरपी में बढ़त हासिल की है. फिर भी यह तीसरे ही पोजीशन पर है. हालांकि लंबी छलांग लगाने के कारण नंबर दो पर तैनात इंडिया टीवी और नंबर तीन पर काबिज एबीपी न्यूज के बीच फासला बहुत कम हो गया है. न्यूज नेशन को भी फायदा मिला है और इस तरह यह चैनल इंडिया न्यूज के बराबर हो गया है.

कर्मचारियों को सरकारी नीतियों की आलोचना का अधिकार देने पर लोक शांति को खतरा : भारत सरकार

केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), लखनऊ बेंच में मेरे द्वारा आईएएस, आईपीएस अफसरों द्वारा सरकारी कार्य और नीतियों की आलोचना पर लगे प्रतिबन्ध को खत्म करने हेतु दायर याचिका में भारत सरकार ने कहा है कि यह रोक लोक शांति बनाए रखने के लिए लगाई गयी है. नवनीत मिश्रा, उपसचिव, डीओपीटी द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार यदि सरकारी सेवकों को सरकार की किसी हालिया नीति अथवा कार्य की आलोचना का अधिकार दे दिया गया तो इससे सरकारी सेवा में कोई अनुशासन नहीं बचेगा.

कृपलानी ने सिद्धांतों की खातिर 57वें कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था

हमारे देश में राज्य श्रेष्ठ मान लिया जाता है, समाज दोयम। शायद यही कारण है कि राजपुरुष प्रधान हो जाते हैं और समाज का पहरुआ गौण। जी हाँ, इस देश में अगर ‘राज्य-समाज समभाव’ दृष्टिकोण अपनाया गया होता तो आज आचार्य जीवतराम भगवानदास कृपलानी उतने ही लोकप्रिय और प्रासंगिक होते जितने कि सत्ता शीर्ष पर बैठे लोग। वह व्यक्ति खरा था, जिसने गांधीजी के ‘मनसा-वाचा-कर्मणा’ के सिद्धांत को जीवन पद्धति मानकर उसे अंगीकार कर लिया। उक्त विचार मशहूर स्वतंत्रता सेनानी आचार्य जे बी कृपलानी की 126वीं जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किए गए।

भास्कर, होशंगाबाद के सैडिस्ट संपादक अतुल गुप्ता ने मेरा जीना हराम कर दिया तो मजबूरन नौकरी छोड़ घर बैठ गया हूं : आशीष दीक्षित

प्रति श्री यशवंत जी

संपादक, भड़ास मीडिया, 

आदरणीय सर,

सादर चरण स्पर्श

सर मैं आशीष दीक्षित होशंगाबाद दैनिक भास्कर में रिपोर्टर के पद पर हूं। सर मैं आपसे अपनी परेशानी शेयर करना चाहता हूं। सर एक घटनाक्रम के बाद मेरा तबादला दूसरे जिले में कर दिया गया और तबादला आदेश कैंसिल कराने के बाद से ही लगातार स्थानीय संपादक द्वारा मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। सर मैं इतना परेशान हो गया हूं कि मैंने नौकरी छोड़ दी है। मैं कोर्ट में याचिका दाखिल कर रहा हूं। इसकी जानकारी अपने आला अधिकारियों को दे चुका हूं। सर पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा मैं आपको दे रहा हूं।

‘साधना न्यूज’ ने निवेश के लिए अब ‘लोकायत’ को फांसा

साधना न्यूज के चक्कर में जो फंसता है, वो बाद में रोता है. बावजूद इसके, फंसने वालों की कमी नहीं है. कुछ महीनों पहले भोपाल की एक पार्टी का काफी पैसा साधना न्यूज में फंस गया था. यही नहीं, निवेश करने वाली पार्टी के लोगों का स्टिंग आपरेशन भी करने की तैयारी साधना वालों ने कर रखी थी ताकि वे जब पैसे मांगें तो उन्हें ये स्टिंग दिखा दिया जाए. इसके लिए एक कालगर्ल को एंकर बनाकर होटल में भेजा गया था. लेकिन निवेश करने वाला एलर्ट हो चुका था, इस कारण बच गया था. बाद में उसका काफी पैसा साधना में फंसा रह गया.

जनसंदेश टाइम्स की छपाई मशीन का गिरा शटर, आनन-फानन में सहारा की मशीन में छपा 5 हजार कापी

वाराणसी से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र जनसंदेश टाइम्स का इन दिनों उल्टी गिनती बड़ी तेजी से शुरू है। बंदी के कगार पहुंच चुके इस समाचार पत्र में पिछले दिनों रात नौ बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रोहनियां प्रिंटिंग प्रेस में पैसे के अभाव में कागज के रील की व्यवस्था नहीं हो सकी। आनन-फानन में दैनिक समाचार पत्र की सहारा से तालमेल कर प्रतियां छापी गयी। हालांकि इस समाचार पत्र के लिए यह कोई नया संकट नहीं है। रील के अभाव में हर दूसरे-तीसरे दिन प्रतियां नहीं छपती। बीते दिनों रात में कंपनी की मैनेजिंग कमेटी ने निर्णय लिया कि अब प्रिटिंग प्रेस, रोहनियां का शटर ही गिरा दिया जाए।

मीडिया में नौकरियां रेफरेंस के आधार पर दी जाती हैं और रेफरेंस आधारित भर्ती प्रक्रिया में सवर्ण लोगों को ज्यादा फायदा मिलता है

: मीडिया में दलित और दलितों के सरोकार : आखिर क्या वजह है कि मीडिया में दलितों के साथ दलितों के सरोकार भी अनुपस्थित हैं? क्या इसके पीछे जातीय आग्रह-पूर्वाग्रह जिम्मेदार नहीं है? आमतौर पर छिटपुट खबरों के अलावा मैन स्ट्रीम मीडिया में दलित सरोकारों के कवरेज के प्रति नकारत्मक रवैया ही देखने को मिलता है। तमाम विकास के दावों के बावजूद जातीय आधार पर भेदभाव बरता जाना आज भी हमारे देश में आम बात है। यह जातीय भेदभाव मीडिया में भी आसानी से देखा जा सकता है। मीडिया में फैसले लेने वाले ऊपर से नीचे 1 से 10 तक पदों पर दलित ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे।

दो मीडियाकर्मियों सुधीर सिंह उजाला और राजेंद्र सिंह जादौन ने अपनी-अपनी वेबसाइट शुरू की

पत्रकार सुधीर सिंह उजाला ने ‘न्यूज फास्ट इंडिया’ नाम से वेबसाइट शुरू की है. सुधीर गाजीपुर जिला के पहराजपुर के मूल निवासी हैं. टीडी कॅालेज, बलिया से उच्च शिक्षा ली. फिर दैनिक जागरण और अमर उजाला में काम किया.  ईटीवी में फोल्क जलवा कार्यक्रम से जुड़े रहे. मैजिक टीवी में प्रोडक्शन और मार्केटिंग का काम देखा. लाइफस्टाइल टीवी पटना के भी हिस्से रहे. अब इन्होंने NewsFastIndia.com नाम से न्यूज पोर्टल की शुरुआत की है.

DD National gains big in the week 45 of TAM ratings

New Delhi : Doordarshan National – ‘Desh ka apna Channel’, has had its biggest gain of 67 TVM in the week-45 ending on 8th November, as per the latest report of TAM. While the other major GEC channels have shed weight in terms of their viewership, Doordarshan National seems to be gaining ground propelled by their massive campaign of channel relaunch.

हाल-ए-हरियाणा लाइव-रिपोर्टिंग : लंका जिताने गये, ‘लंगूर’ बन कर लौटे, क्यों भाई?

मैं एडिटर क्राइम तो बनाया गया, मगर मोदी के साथ ‘सेल्फी-शौकीन-संपादक’ की श्रेणी में कभी नहीं आ सका। एक चिटफंडिया कंपनी के चैनल में करीब दो साल एडिटर (क्राइम) के पद पर रहा। मतलब संपादक बनने का आनंद मैंने भी लिया। सुबह से शाम तक चैनल रिपोर्टिंग सब ‘गाद’ (जिम्मेदारियां), चैनल हेड मेरे सिर पर लाद देते थे। लिहाजा ऐसे में मोदी या किसी और किसी ‘खास या शोहरतमंद’ शख्शियत के साथ ‘चमकती सेल्फी’ लेने का मौका ही बदनसीबी ने हासिल नहीं होने दिया। या यूं कहूं कि, चैनल के ‘न्यूज-रुम’ की राजनीति में ‘नौकरी बचाने’ की जोड़-तोड़ में ही ‘चैनल-हेड’ से लेकर चैनल के चपरासी तक ने इतना उलझाये रखा, कि अपनी गिनती ‘सेल्फी-संपादकों’ में हो ही नहीं पाई। हां, इसका फायदा यह हुआ कि, मेरे जेहन में हमेशा इसका अहसास जरुर मौजूद रहा कि, रिपोर्टिंग, रिपोर्टर, और फील्ड में रिपोर्टिंग के दौरान के दर्द, कठिनाईयां क्या होती हैं? शायद एक पत्रकार (वो चाहे कोई संपादक हो) के लिए सेल्फी से ज्यादा यही अहसास जरुरी भी है।

जी न्यूज संवाददाता शिवम भट्ट की हरियाणा में सड़क हादसे में मौत

एक दुखद खबर हरियाणा से है. जी न्यूज संवाददाता शिवम भट्ट का सड़क हादसे में निधन हो गया है. वे हिसार में रामपाल प्रकरण कवर करने गए हुए थे. सड़क हादसे में जयवीर रावत और रोहित खन्ना घायल हुए हैं. हादसा कैथल के पास हुआ. हादस आज यानि 20 नवंबर की सुबह हुआ. शिवम की उम्र लगभग 24 साल थी. शिवम कई दिनों से हिसार के बबराला में रामपाल प्रकरण को कवर कर रहे थे. कल रात रामपाल की गिरफ्तारी के बाद जी न्यूज की टीम वापस चंडीगढ़ जाने के लिए निकली.

एचटी मैनेजमेंट के खिलाफ ऐतिहासिक जीत, हाईकोर्ट ने 272 एचटी कर्मचारियों को काम पर रखने का आदेश दिया

एक ऐतिहासिक फैसला आया है. हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ लड़ रहे 272 मीडियाकर्मियों को न्याय मिल गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इन 272 कर्मियों को फिर से काम पर रखने का आदेश हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन को दिया है. कोर्ट के पूरे आदेश को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है: goo.gl/b2KE9i

दिल्ली यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ने इस ऐतिहासिक जीत पर कर्मियों को बधाई दी है. डीयूजे की तरफ से जारी प्रेस रिलीज इस प्रकार है….

एक और मीडिया कंपनी ने मजीठिया वेज बोर्ड देने की लिखित घोषणा की

मुंबई से खबर है कि महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े समाचार पत्र समूह श्री अंबिका प्रिंटर्स एंड पब्लीकेशन ने श्रम आयुक्त कार्यालय के आदेश के बाद मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश अपने यहां लागू करने की लिखित रूप से घोषणा की है. इस बाबत कंपनी ने श्रम आयुक्त को सूचना दी है.

थाने का दरोगा है इनका संपादक, इसीलिए ये कर रहे हैं वाहन चेकिंग, देखें आप भी…

: अपनी कमी छिपाने के लिए मीडिया को  राजदार बना रही है यूपी पुलिस : उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी कमी छिपाने के लिए अपनी लापरवाही का राजदार मीडिया कर्मियों को बना रही है। इसका उदाहरण सहारनपुर में देखने को मिला। सहारनपुर के डीआईजी ने यातायात माह की कमजोरी छिपाने के लिए पत्रकारों के जरिए वाहन चैक कराए। यह चैकिंग यातायात पुलिस की मौजूदगी में कुछ तथाकथित (अपना पत्र झोले में लेकर चलने वालों से) पत्रकारों से कराए। ऐसे पत्रकारों का यहां एक गिरोह है जो पुलिस में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए सुबह से शाम तक डीआईजी से लेकर थाने तक का चक्कर काटता है।

तहलका डाट काम के पत्रकार मैथ्यू सैमुअल जेल भेजे गए

दिल्ली की एक अदालत ने समाचार पोर्टल तहलका डॉटकॉम के पत्रकार मैथ्यू सैमुअल की जमानत रद्द कर उन्हें जेल भेज दिया. मैथ्यू पर सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन कर दस्तावेज जुटाने और उन्हें पोर्टल पर जारी करने के आरोप में केस चल रहा है.  सीबीआई कोर्ट के जज जेपीएस मलिक ने मैथ्यू को 21 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि वह जानबूझकर मुकदमे में देरी कर रहे हैं, इसलिए उनकी जमानत अवधि बढ़ाने की जरूरत नहीं है.

यूएनआई चेयरमैन प्रफुल्ल कुमार माहेश्वरी के खिलाफ विजिलेंस जांच, ब्लैकमनी को ह्वाइट करने के आरोप में भी फंसे

समाचार एजेंसी यूएनआई घोटाला प्रकरण में यूएनआई बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार माहेश्वरी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है. प्रफुल्ल माहेश्वरी पर तीन हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. विजिलेंस ने जिन मुद्दों को जांच के दायरे में रखा है उनमें प्रफुल्ल माहेश्वरी द्वारा एनबी प्लांटेशन के नाम पर किया घोटाला प्रमुख है. क्या प्रफुल्ल माहेश्वरी कुछ बड़े बिल्डर और रिएल स्टेट की कंपनियों की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के धंधे में भी शामिल है? इस विषय पर भी जांच हो सकती है.

पत्रकार अमित आर्य का मीडिया सलाहकार और पत्रकारिता छात्र शैलेश तिवारी का धर्मगुरु बनना….

अभिषेक श्रीवास्तव


Abhishek Srivastava : मुझे याद है कि एक गोरे-चिट्टे, सम्‍भ्रान्‍त से मृदुभाषी सज्‍जन थे जो आज से करीब 12 साल पहले बीएजी फिल्‍म्‍स के असाइनमेंट डेस्‍क पर काम करते थे। तब इसका दफ्तर मालवीय नगर में हुआ करता था और Naqvi जी उसके हेड थे। मैं तब प्रशिक्षु के बतौर असाइनमेंट पर रखा गया था। मैं तो ख़ैर 21वें दिन ही असाइनमेंट हेड इक़बाल रिज़वी से झगड़ कर निकल लिया था, लेकिन वे सम्‍भ्रान्‍त सज्‍जन इंडस्‍ट्री में बुलेट ट्रेन की तरह आगे बढ़ते गए। बाद में वे इंडिया टीवी गए, इंडिया न्‍यूज़ हरियाणा के हेड हुए और लाइव इंडिया हरियाणा के हेड बने।

मैनेज आपके मालिक होते हैं और आपको सैलरी उनके हिसाब से मैनेज होने के लिए मिलती है, जर्नलिज्म करने के लिए नहीं

Vineet Kumar : तमाम न्यूज चैनल और मीडिया संस्थान प्रधानसेवक के आगे बिछे हैं..उन्हें देश का प्रधानमंत्री कम, अवतारी पुरुष बताने में ज्यादा रमे हुए हैं लेकिन उनकी ही पार्टी की सरकार की शह पर मीडियाकर्मियों की जमकर पिटाई की जाती है. पुलिस उन पर डंडे बरसाती है..हमने तो जनतंत्र की उम्मीद कभी की ही नहीं लेकिन आपने जो चारण करके जनतंत्र के स्पेस को खत्म किया है, अब आपके लिए भी ऑक्सीजन नहीं बची है..

विधायकों को चेहरा दिखाने के लिए अखबार मालिक बन गया प्रेस फोटोग्राफर

पत्रकारिता और पत्रकारों के गिरते स्‍तर को लेकर अक्‍सर विधवा विलाप होता है. दलाली, चम्‍मचागीरी, धंधेबाजी करने वालों के ठाठ-बाट देखकर जेन्‍यूइन पत्रकार भी चिढ़ते-कूढ़ते रहते हैं. पर क्‍या करिएगा जब, अगंभीर प्रवृत्ति के लोग इस धंधे में मालिक बनकर उतर गए हैं. यहां-वहां से पैसा जुटा नहीं कि सत्‍ता में हनक और धमक दिखाने के लिए अखबार निकाल लेते हैं और पत्रकारों को जैसे मन करता है, वैसे नाच नचाते हैं. जब अखबार मालिक ही विधानसभा के गलियारों में टहलने के लिए फोटोग्राफर बनने पर भी उतारू हो, तो कोई भी क्‍या कर सकता है. 

जेपी शर्मा और उनकी टीम (बाबूलाल धायल, आलोक शर्मा) ने समाचार प्लस छोड़कर ईटीवी राजस्थान ज्वाइन कर लिया

जयपुर से खबर है कि समाचार प्लस राजस्थान चैनल को तगड़ा झटका लगा है. जेपी शर्मा और उनकी टीम ने इस चैनल को अलविदा कह फिर से ईटीवी राजस्थान ज्वाइन कर लिया है. जेपी शर्मा पहले भी ईटीवी राजस्थान में रह चुके हैं. समाचार प्लस राजस्थान को राजस्थान में जमाने का श्रेय जेपी शर्मा और उनकी टीम को जाता है. समाचार प्लस राजस्थान इन दिनों ईटीवी राजस्थान के लिए तगड़ी चुनौती बना हुआ है.

अतुल अग्रवाल को मिल गई नौकरी, ईटीवी हैदराबाद पहुंचे

एंकर अतुल अग्रवाल को फिर से नौकरी मिल गई है. उन्हें हैदराबाद जाना पड़ा है. वहां ईटीवी के साथ नई पारी की शुरुआत की है. भास्कर न्यूज में छेड़छाड़ विवाद के कारण अतुल अग्रवाल को कार्यमुक्त होना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने कई न्यूज चैनलों में बार-बार ट्राई किया लेकिन कहीं उनको मौका नहीं मिला. …

जिया न्यूज दिल्ली में रहेगा या मुंबई जाएगा?

: कानाफूसी : जिया न्यूज को लेकर इसी कंपनी में कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं. सूचना के अनुसार इसे मुंबई ले जाने की तैयारी है, लेकिन इसी मुद्दे पर समूह संपादक एसएन विनोद और प्रबंधन में ठनी हुई है. चर्चा के अनुसार, हाल ही में कुछ गर्मागर्मी भी हुई थी. जहां प्रबंधन चैनल को मुंबई ले जाने की तैयारी में जुटा हुआ है, वहीं विनोद चाहते हैं कि यह दिल्ली से ही प्रसारित हो. देखना है कि वहां किसकी चलती है.

साधना न्यूज में भगदड़, मुकेश कुमार और ब्रजमोहन सिंह को लेकर सूचनाएं

साधना न्यूज की अजीबोगरीब हालत है। यहां एक वरिष्ठ को हटाने के लिए सीधे-सीधे न कहकर उसे ऐसे चैनल का प्रमुख बना दिया, जिसका अस्तित्व ही नहीं है। साधना न्यूज प्रबंधन अपने चैनलों को किसी धनपशु को किराए पर देने के लिए कुख्यात है। जब हरियाणा के चुनाव हुए, तो बिहार-झारखंड चैनल, जिसकी हालत पहले से ही खराब थी, साधना हरियाणा में तब्दील कर दिया गया। पूरा ठेका किसी अन्य समूह को दे दिया गया।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बांटे जा रहे लैपटॉप ने ली संपादक ओमप्रकाश मेहता की नौकरी

मध्य प्रदेश का एक प्रतिष्ठित अखबार है नई दुनिया। इसके संपादक ओमप्रकाश मेहता की हाल ही में संस्थान से विदाई हो गई। कारण रहा, सरकार द्वारा बांटे जा रहे लैपटॉप की सूची में उनका नाम न होना। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मेहता पर राज्य सरकार का मकान के किराए के रूप में कुछ करोड़ रुपए बकाया है, जिन्हें देने में उनकी कोई रुचि नहीं है। हाई कोर्ट में प्रस्तुत बकायादारों की सूची में सबसे उपर उन्हीं का नाम है। हुआ यूं कि सरकार ने स्वतंत्र पत्रकारों को लैपटॉप की सूची से अलग रखा है। मेहता स्वतंत्र पत्रकार की श्रेणी में हैं। उन्होंने इस बारे में जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी से चर्चा की और नाराजगी जताई कि स्वतंत्र पत्रकारों को इस सूची से अलग क्यों रखा गया है।

पत्रकार को पीटने के मामले में दो और पुलिसकर्मी निलंबित

नई दिल्ली : त्रिलोकपुरी इलाके में पिछले दिनों लगे कर्फ्यू के दौरान एक पत्रकार की पिटाई मामले में विवेक विहार थाने के दो और सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जिन पुलिस वालों को सस्पेंड किया गया है उनमें हेड कॉन्स्टेबल मुनेंद्र और सिपाही राजबीर सिंह का नाम शामिल है। इस मामले में विवेक विहार थाने के तत्कालीन एसएचओ राकेश सांगवान को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।

हिदुस्‍तान में रंजीव बने एनई, राजीव बाजपेयी बनाए गए ब्‍यूरो चीफ

हिंदुस्‍तान, लखनऊ से खबर है कि यहां कुछ बदलाव हुए हैं. ब्‍यूरो चीफ के पद पर कार्यरत रंजीव को प्रमोट करके एनई बना दिया गया है. उनकी जगह ब्‍यूरो में वरिष्‍ठ पत्रकार व विशेष संवाददाता राजीव बाजपेयी को नया ब्‍यूरोचीफ बना दिया गया है. पिछले दिनों हुए इन बदलावों के बारे में बताया जा रहा है कि एक महिला से छेड़छाड़ के आरोपों में हटाए गए एनई की खाली जगह पर रंजीव को भेजकर प्रबंधन ने सपा से नजदीकियों की सजा दी है. 

पत्रकार से मारपीट करने तथा अपमानजक होर्डिंग लगाने के आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर

: भूख हड़ताल के बाद दर्ज हुई थी तीन एफआईआर : शाहजहांपुर में एक पत्रकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्‍पणी लिखे होर्डिंग्‍स लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. आरोपी व्‍यापारियों के खिलाफ तीन-तीन एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी में लापरवाही के बाद पत्रकार फिर से आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं. पुलिस के सामने होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को अरेस्‍ट करने की बजाय सेवा करने में लगी रही. गौरतलब है कि अपमानजनक होर्डिंग्‍स लगाए जाने तथा एक पत्रकार पर हमले के खिलाफ पत्रकार जगेंद्र सिंह भूख हड़ताल पर बैठ गए थे, जिसके बाद सिटी मजिस्‍ट्रेट ने कार्रवाई का आश्‍वासन देकर उनका हड़ताल तुड़वाया था. 

आई नेक्‍स्‍ट, रांची के हेड बने शंभूनाथ चौधरी, आज करेंगे ज्‍वाइन

आई नेक्‍स्‍ट, रांची से खबर है कि शंभूनाथ चौधरी को एडिटोरियल हेड बना दिया गया है. वे आज अपनी जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे. शंभूनाथ की आई नेक्‍स्‍ट, रांची के साथ यह दूसरी पारी है. वे इसके पहले भी इस टैबलाइड के संपादकीय प्रभारी रह चुके हैं. रवि प्रकाश के जाने के बाद शंभूनाथ को यह जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. वे फिलहाल खबर मंत्र से स्‍थानीय संपादक के रूप में जुड़े हुए थे. 

यूपी के मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकारों को नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्‍स

: आईएफजेडब्लू की राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन में शिवपाल ने की घोषणा : लखनऊ। एमपी और एमएलए की तर्ज पर अब मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी प्रदेश के राजमार्गों पर लगने वाला टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह सुविधा उत्तर प्रदेश के पत्रकारों को दी जाएगी। यह घोषणा लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने …

बिहार में पीएसीएल के चार ठिकानों पर छापेमारी, बैकडेट में जमा करा रहे थे पैसे

बिहार में ‘जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम’ के तहत पहली बार आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने पर्ल एग्रो टेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के खिलाफ कार्रवाई की है. इओयू ने कंपनी के पूर्णिया, वैशाली, सासाराम और बिहारशरीफ स्थित कार्यालयों पर छापेमारी कर करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद किया और कुछ कार्यालय संचालकों और प्रबंधकों को गिरफ्तार किया. चारों जिलों में कंपनी के नौ निदेशकों सह प्रमोटरों पर एफआइआर दर्ज की गयी है.

अमित त्रिपाठी ने फोकस टीवी ज्वाइन किया

न्यूज एक्सप्रेस चैनल से हटाए गए अमित त्रिपाठी ने नई पारी की शुरुआत फोकस टीवी के साथ कर दी है. उन्हें सीओओ व नेशनल सेल्स हेड बनाया गया है. वे फोकस बांग्ला और फोकस नार्थ ईस्ट चैनलों को देखेंगे. अमित त्रिपाठी टाइम्स नाऊ, सहारा, जूम, इंडिया न्यूज, जी न्यूज जैसे चैनलों में काम कर चुके …

रमेश मिश्र बने नोएडा प्रेस क्लब के निर्विरोध अध्यक्ष, देखें कार्यकारणी की सूची

नोएडा। नवीन ओखला आद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) प्रेस क्लब गठन को लेकर लंबे समय से चल रही जद्दोजहद समाप्त हो गई है। दैनिक जागरण गौतमबुद्ध नगर के ब्यूरो प्रमुख रमेश मिश्र को नोएडा प्रेस क्लब का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। इसके साथ ही उनकी पूरी अन्य पदाधिकारियों को आम सहमति से चुने गये। बताया जाता है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश मिश्र दैनिक जागरण और राष्ट्रीय सहारा पदों पर रहे।

डा. बर्तवाल, विपिन बनियाल, मीनाक्षी राणा के बारे में सूचनाएं

देहरादून :  वरिष्ठ पत्रकार डा. वीरेंद्र बर्तवाल को अब राजसत्ता एक्सप्रेस के अलावा मासिक हिंदी पत्रिका अतुल्य उत्तराखंड के संपादक का दायित्व भी दिया गया है। यह मैगजीन भी उसी न्यूज ट्रस्ट आफ इंडिया समूह की है, जिसका समाचार पत्र राजसत्ता एक्सप्रेस है। डा. वीरेंद्र बर्तवाल की योग्यता और क्षमताओं को देखते हुए एनटीआई ने उन्हें अतुल्य उत्तराखंड का भी दायित्व सौंपा है। अब यह मैगजीन नए रूप-रंग में निकल रही है।

भड़ास पर खबर छपने के बाद कल्पतरु एक्सप्रेस ने राज कमल को फिर से नौकरी पर रखा

कल्पतरु एक्सप्रेस में छंटनी और यहां कार्यरत पत्रकार राज कमल के दुखों को लेकर भड़ास पर खबर छपने के बाद कल्पतरु प्रबंधन ने राज कमल को फिर से नौकरी पर रख लिया है. प्रबंधन के इस कदम की सराहना की जा रही है. हालांकि बाकी निकाले गए पत्रकार अब कल्पतरु समूह की असलियत सामने लाने के लिए लगातार रिसर्च वर्क कर रहे हैं और जल्द ही ढेर सारे डाक्यूमेंट्स के साथ कल्पतरु समूह के गड़बड़झाले का खुलासा मीडिया जगत के सामने करेंगे.

अमित कुमार आर्य, डा. जयपाल सिंह व्यस्त, हरिनारायण सिंह, राहुल सिंह, रंजीत कुमार चंद्रवंशी, शुभ्रांशु चौधरी, पद्मिनी प्रकाश के बारे में सूचनाएं

हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से अमित कुमार आर्य को मुख्यमंत्री का मीडिया सलाहकार नियुक्त किया है जबकि राजकुमार भारद्वाज को मुख्यमंत्री का ओएसडी (मीडिया), दिल्ली नियुक्त किया है. इसके अलावा कैप्टन भूपेंद्र को मुख्यमंत्री का विशेष कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है. अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री का विशेष कार्यकारी अधिकारी, कैंप कार्यालय, करनाल नियुक्त किया गया है जबकि भूपेश्वर दयाल को विशेष कार्यकारी अधिकारी (ओएसडी) शिकायत (सीएम सैल) नियुक्त किया है.

रवि प्रकाश का आई-नेक्स्ट से छूटा साथ, खोलेंगे आलोक सांवल की पोल

दैनिक जागरण के टेबलॉयड अख़बार आई नेक्स्ट से खबर है कि इसके झारखण्ड संपादक रवि प्रकाश अब अखबार से अलग हो गए हैं. रवि प्रकाश ने अपने फेसबुक वॉल पर इस बात का खुलासा करते हुए लिखा है- “सुनो दोस्तों, इस देश के एक सुयोग्य संपादक ने मुझ जैसे अयोग्य पत्रकार को नौकरी से निकाल दिया है। यह पुण्य काम उन्होंने पिछले गुरुवार को किया। अब आगे चलकर यह बताउंगा कि ऐसा उन्होंने क्यों किया।”

मजीठिया वेजबोर्ड चाहिए तो 24 नवंबर से शुरू होने वाले पोस्टकार्ड अभियान में जरूर हिस्सा लें

साथियों! मजीठिया की लड़ाई में आप का साथ मील का पत्थर साबित होगा। यशवंज सर के संदेश के बाद से मेरे पास कई प्रदेशों से नामी अखबारों के पत्रकारों के फोन आने का सिलसिला जारी है। कुछ पत्रकार ने मजीठिया की  लड़ाई के लिए सुझाव भी दे रहे हैं। साथियों, ‘मजीठिया संघर्ष 2014’ महत्वपूर्ण दौर में है। आइए मिलकर इस लड़ाई को लड़ें। आने वाले सोमवार यानी 24 नवंबर 2014 से पोस्ट कार्ड अभियान की शुरुआत की जा रही है। आप को सिर्फ  तीन पोस्ट कार्ड भेजने हैं। यह  पोस्ट कार्ड सुप्रीम कोर्ट के माननीय चीफ जस्टिस, राष्टपति और  प्रधानमंत्री के नाम भेजने हैं।  पोस्ट कार्ड का मजनून इस प्रकार है….

सहारा समूह ने 17,000 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग के लिए फर्जी इनवेस्टर बनाए!

एक बड़ी सूचना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों के हवाले से आ रही है कि सहारा समूह ने मनी लांड्रिंग के लिए ढेर सारे फर्जी निवेशक बनाए. इस आशंका / आरोप की जांच के लिए सेबी ने कहा था जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय सक्रिय हो गया है. सेबी ने ईडी को फर्जी निवेशकों के बारे में अपने पास मौजूद समस्त जानकारी दे दी है. सेबी ने सहारा मामले में जांच की रिपोर्ट भी ईडी को सौंप दी है. सेबी रिपोर्ट के आधार पर पीएमएलए कानून के उल्लघंन का मामला बनाएगी.  ईडी जानबूझ कर बनाए गए फर्जी निवेशकों की जांच कर रहा है.

हरियाणा का एक भी जिला ऐसा नहीं जहां पत्रकारों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज न हुए हों

Kumar Sanjay Tyagi : हरियाणा में पुलिस बर्बरता की सही मायनों में शुरुआत ओपी चौटाला के शासन काल में हुई थी। जो भी पत्रकार चौटाला की निगाह में तिरछा चला, पुलिस के माध्‍यम से उसकी चाल सीधी करा दी गई। इससे पुलिस के भी समझ में पत्रकारों की औकात आ गई। सरकार और नेताओं के पुलिस के दुरूपयोग के सिलसिले के बाद हर‍ियाणा की पुलिस बेकाबू और बर्बर होती चली गई। हरियाणा का एक भी जिला ऐसा नहीं है जहां पत्रकारों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज न हुए हों।

मोदी की चुनावी हवा बनाने में मदद करने वालों के बीच 10,000 करोड़ रुपए बंटेगा!

Anil Singh :  10,000 करोड़ की वेंचर पूंजी असल में है किसके लिए? बजट आने के बाद से ही एक सवाल मन को मथे जा रहा है तो सोचा कि आप सभी मित्रों से साझा कर लूं। बजट में नए उद्यमियों या स्टार्ट अप को वेंचर कैपिटल उपलब्ध कराने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का फंड बनाया गया है। लेकिन मुंबई में फाइनेंस की दुनिया में शुरू से ही चर्चा है कि यह धन मोदी की चुनावी हवा बनाने में मदद करनेवाले लोगों के बीच बांटने के लिए है।

हर दिन लाखों का विज्ञापन चैनलों पर देने वाले खरबपति बाबा की सुरक्षा पर जनता का धन खर्च होगा

Anil Singh : नेताओं को ही नहीं, कलियुगी साधुओं और बाबाओ को भी सुरक्षा की तगड़ी ज़रूरत है तो बाबा रामदेव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Z सुरक्षा देने का फैसला कर लिया है। राजनाथ सिंह ने मन ही मन सोचा – खर्च तो जनधन ही होगा, अपना या अपने पूत का क्या जाता है! कांग्रेस ने बड़ी चोरी की तो भाजपा ने छोटी चोरी की, इसमें क्या बुराई…. इस किस्म के तर्क दे रहे हैं कुछ लोग। मित्र, संत को कभी राजाश्रय या सुरक्षा की ज़रूरत नहीं होती। इसका एक अर्थ तो यही है कि यह बाबा संत नहीं, कुसंत है। दूसरे खरबों की संपत्ति वाला बाबा हर दिन लाखों का विज्ञापन न्यूज़ चैनलों पर दे सकता है तो अपनी सुरक्षा का इंतज़ाम खुद क्यों नहीं कर सकता? आखिर क्यों उस पर हमारा यानी करदाताओं का धन लुटाया जा रहा है?

निजी टीवी चैनल ‘न्यूज चैनल’ की बजाय ‘न्वायज चैनल’ हो गए हैं : प्रसार भारती चेयरमैन

बेंगलूरू। प्रसार भारती के नव नियुक्त चेयरमैन ए. सूर्य प्रकाश ने कहा कि दूरदर्शन एवं आकाशवाणी को स्वायत्तता हासिल करने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रसार भारती एक स्वायत्त निगम है और इसके गठन के बाद पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। सूर्यप्रकाश ने कहा कि प्रसार भारती के 90 फीसदी कर्मचारी केंद्र सरकार के हैं, जबकि शेष विभिन्न मीडिया हाउस से हैं जिन्हें करार पर रखा गया है। जब तक यह स्थिति रहेगी तब तक प्रसार भारती की स्वायत्तता की राह नहीं खुलेगी। इस दिशा में कदम उठाए जाने की जरूरत है मगर यह एक प्रक्रिया है। गुणवत्ता के लिए पेशेवर होना पड़ेगा। यह संभव है और इसे अवश्य करेंगे।

केके उपाध्याय ने सफाई दी- ‘मैं ब्राह्मण युवजन सबा का राष्ट्रीय संरक्षक नहीं हूं’

हिंदुस्तान अखबार लखनऊ के सीनियर रेजीडेंट एडिटर केके उपाध्याय का नाम ब्राह्मण युवजन सभा के लेटरपैड पर राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में दर्ज किया गया है. इस लेटरपैड को फेसबुक पर अपलोड किया गया तो कई लोगों ने सवाल करना शुरू कर दिया. इसके बाद केके उपाध्याय ने खुद सफाई दी कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है, वे किसी जातीय संगठन से नहीं जुड़े हैं. केके उपाध्याय ने अपनी सफाई में जो कुछ कहा है, वह इस प्रकार है….

बाल यौन उत्पीड़न के मामले में मध्य प्रदेश का फोटो पत्रकार अजय साहू गिरफ्तार

राजगढ़ (म. प्र.) : राजगढ़ जिले की पचोर थाना पुलिस ने एक फोटो पत्रकार को बाल यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस ने यह अपराध एक नाबालिग बालक की शिकायत पर दर्ज किया था. यह मामला पचोर पुलिस थाना का है. पुलिस निरीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि 8 सितम्बर की रात्रि को रास्ते चलते समय अजय साहू, जो कि मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की पचोर इकाई का अध्यक्ष है,  ने एक नाबालिग बालक को जबरन एकांत में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकत की थी.

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में मीडिया कंसलटेंट बने समीउर रहमान

समीउर रहमान ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ मीडिया कंसलटेंट के रूप में नई पारी की शुरुआत की है। समीउर रहमान इससे पहले दैनिक अज़ीज़ुलहिंद में एक्ज़िक्युटिव एडिटर थे। सहारा टीवी और प्रिंट दोनों में काम करने के अलावा समीउर रहमान सकाल मीडिया समूह और ई-टीवी में सीनियर रिपोर्टर रह चुके हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पढ़े समीउर रहमान कई मीडिया शिक्षण संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं।

पोर्न वेबसाइट बंद करना है तो दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स जैसी तथाकथित समाचार वेबसाइट को भी इसके दायरे में लाएं

Vineet Kumar : अगर सरकार सचमुच पोर्न वेबसाइट बंद करना चाहती है तो दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स जैसी तथाकथित समाचार वेबसाइट को भी इसके दायरे में लाए. लगभग सारे मीडिया संस्थानों की दूकानदारी इसी के बूते चलती है..त्वचा से जुड़ी समस्या से लेकर सौन्दर्य तक की अंडरटोन वही होती है जिससे सरकार के अनुसार हमारे संस्कार खत्म हो रहे हैं..पोर्न वेबसाइट को रेखांकित करने के साथ-साथ ऐसी वेबसाइट के भीतर की पोर्नोग्राफी एफेक्ट कंटेंट को बहस के दायरे में शामिल करना बेहद जरूरी है.

बेचारे हिसार वाले ‘मीडिया मीठू’… वे अब भी सहला सेंक रहे हैं अपना-अपना अगवाड़ा-पिछवाड़ा…

Yashwant Singh : पहले वो पुलिस के पक्ष में बोलते दिखाते रहे क्योंकि पुलिस ने उन्हें पुचकारा था, अपने घेरे में रखते हुए आगे बढ़ाकर बबवा को बुरा बुरा कहलवाया दिखाया था… जब पुलिस को लगा कि भक्तों-समर्थकों को लतिया धकिया मार पीट तोड़ कर अंदर घुसने और बबवा को पकड़ कर आपरेशन अंजाम तक पहुंचाने का वक्त आ गया है तो सबसे पहले पुचकार के मारे तोते की तरह पुचुर पुचुर बोल दिखा रहे ‘मीडिया मीठूओं’ को लतियाना लठियाना भगाना शुरू किया ताकि उनके आगे के लतियाने लठियाने भगाने के सघन कार्यक्रम के दृश्य-सीन कैमरे में कैद न किए जा सकें… ये सब प्री-प्लान स्ट्रेटजी थी. सत्ताधारी राजनीतिज्ञों से एप्रूव्ड.

शताब्दी और राजधानी का किराया पिछली सरकार के मुकाबले ड्योढ़ा हुआ, सुविधाएं निल, नाश्ते-भोजन की क्वालिटी जस की तस

आज रिजर्वेशन कराया। यकीनन रेलवे कर्मचारियों का मिजाज सुधरा है पर रेलवे का मिजाज बिगड़ा है। शताब्दी व राजधानी का किराया डॉक्टर मनमोहन सिंह के जमाने से करीब-करीब ड्योढ़ा हो गया है। और सुविधाएं निल। नाश्ते व भोजन की क्वालिटी जस की तस है। वही पुराने दो पीस ब्राउन ब्रेड के और उतने ही बासी कटलेट नाश्ते में। मैले कप में घटिया-सी चाय और पनियल सूप।

हरियाणा में आर्यसमाजियों की सरकार है, इसलिए संत रामपाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गयी है

Sanjay Tiwari : झगड़ा आर्यसमाज बनाम कबीरपंथ का है। 2006 के जिस मर्डर केस में संत रामपाल आरोपी बनाये गये हैं, सतलोक आश्रम के बाहर वह झड़प आर्यसमाज के समर्थकों के साथ ही हुई थी। बाबा निजी तौर पर मर्डर में शामिल थे या नहीं, यह अदालत जाने लेकिन जो दुनिया जानती है वह यह कि आर्यसमाजवाले किसी भी कीमत पर कबीरपंथी संत रामपाल और उनके सतलोक आश्रम को बर्दाश्त नहीं कर रहे थे।

संत रामपाल : ….यूं ही कोई इतना लोकप्रिय नहीं हो सकता!

मैं संत रामपाल को नहीं जानता न ही उनके दर्शन और अध्यात्म की उनकी व्याख्या से। पर वे खुद कहते हैं कि वे हिंदू नहीं हैं और खुद को ही परमेश्वर मानते हैं। हिंदुओं के लगभग सभी सेक्ट उनके खिलाफ हैं खासकर आर्य समाज से तो उनकी प्रतिद्वंदिता जग जाहिर है। वे कबीर साहब के आराधक हैं और मानते हैं कि वे इस दुनिया में आने वाले पहले गुरु थे। इसमें कोई शक नहीं कि संत रामपाल अपार लोकप्रिय हैं। उनके भक्त उनके लिए अपनी जान तक दे सकते हैं। संत परंपरा वैदिक अथवा ब्राह्मण परंपरा नहीं है। संत परंपरा श्रावक व श्रमण परंपरा तथा पश्चिम के सेमेटिक दर्शनों का घालमेल है। पर जो व्यक्ति संत की पदवी पा जाता है उसके भक्त उसको ईश्वर अथवा ईश्वर का दूत मानने लगते हैं।

हिसार में पुलिस ने दो दर्जन मीडियाकर्मियों को बर्बर तरीके से पीटा और कैमरा तोड़ा

संत रामपाल प्रकरण कवर करने हरियाणा के हिसार पहुंचे दर्जनों मीडियाकर्मियों को हरियाणा पुलिस ने बुरी तरह पीटा. कई चैनलों के रिपोर्टरों और कैमरामैनों को गंभीर चोटें आई हैं. पुलिस द्वारा आजतक के रिपोर्टर और कैमरामैन को पीटते हुए दृश्य न्यूज चैनलों पर दिखाए जा रहे हैं. ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) ने मीडिया पर जान-बूझकर किए गए अटैक की कड़ी निंदा की है और दोषियों तो दंडित करने की मांग की है. बीईए महासचिव और वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह ने कहा है कि पुलिस ने राजनीतिक आकाओं के इशारे के बाद मीडिया पर हमला किया है ताकि पुलिस कार्रवाई को मीडिया कवर न कर सके और मौकै से मीडिया के लोगों को भगाया जा सके. ओबी वैन से लेकर मोबाइल, कैमरा तक तोड़े क्षतिग्रस्त किए गए हैं. करीब दो दर्जन पत्रकारों और कैमरामैनों को चुन चुन कर पुलिस ने निशाना बनाया है.

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर उपजा ने मनाया समारोह, पत्रकारिता की जीवंतता पर छिड़ी बहस

लखनऊ। राज्य विधानसभा के अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने मीडिया जगत, खासकर अखबारों में काम करने वाले पत्रकारों का आह्वान किया है कि वे अच्छी खबरें लिखकर समाज में सकारात्मक सोच पैदा करें। माता प्रसाद पाण्डेय ने मीडिया काउंसिल की पुरजोर वकालत की। पाण्डेय रविवार को राजधानी में राष्ट्रीय प्रेस दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) और इसकी स्थानीय इकाई ‘लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन’ ने संयुक्त रूप से किया था।

आनंद पांडे संभालेंगे ‘नईदुनिया’ को?

: कानाफूसी : चीफ एडीटर श्रवण गर्ग ‘नईदुनिया’ से बिदा हो गए। अब उनकी जगह कौन लेगा, इस सवाल को लेकर काफी मंथन चल रहा था। ताजा खबर है कि दैनिक भास्कर रायपुर के एडीटर आनंद पांडे को श्रवण गर्ग की कुर्सी सौंपी जा रही है। आनंद पांडे पहले भी ‘नईदुनिया’ में रहे हैं, वे …

‘प्रदेश टुडे’ की हालत खस्ता!

धूम-धड़ाके के साथ कुछ साल पहले भोपाल से शुरू हुए अखबार ‘प्रदेश टुडे’ की हालत इन दिनों खस्ता है। बताते हैं कि अखबार में काम करने वाले पत्रकारों और कर्मचारियों को दो-दो महीने से वेतन भी नहीं मिला! भोपाल ही नहीं जबलपुर, ग्वालियर संस्करणों और ब्यूरो दफ्तरों में भी यही हालत है। इसका असर अखबार के स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। हर दो-तीन महीनों में नेताओं और अभिनेताओं को इकट्ठा करके बड़ा लवाजमा करने वाले ‘प्रदेश टुडे’ के मालिक अभी भी इवेंट तो कर रहे हैं, पर पत्रकारों को वेतन नहीं दे रहे!

भड़ास के जरिए मैंने जिंदगी में पहली बार न्यू मीडिया / सोशल मीडिया की शक्ति का अनुभव किया

जानिब ए मंजिल की ओर अकेला चला था मगर
लोग मिलते गए, कारवां बनता गया!!!

यशवंतजी की ओर से देशभर के पत्रकारों के नाम भड़ास पर पोस्ट हुआ संदेश न्याय की लड़ाई में उबाल ला चुका है। भड़ास के जरिए मैंने जिंदगी में पहली बार न्यू मीडिया / सोशल मीडिया की शक्ति का अनुभव किया। भड़ास की पूरी टीम को मेरा धन्यवाद! धन्यवाद देने का एक बड़ा कारण यह भी है कि मजीठिया के मामले में देश के पत्रकारों को एकजुट होने का मंच भी मिला है। भड़ास के यशवंतजी का मेरे को लेकर लेख आने के बाद मेरे पास पिछले दो दिनों से देशभर से बड़ी संख्या में पत्रकारों के फोन आ रहे हैं। अधिकांश पत्रकार मजीठिया की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं।

यूएनआई में सेलरी संकट, हालत बेहद दयनीय, एक दिसंबर को धरना-प्रदर्शन

संपादक, भड़ास4मीडिया, महोदय, UNI की दुर्दशा से आप भली भांति वाकिफ होंगे. इस मीडिया संस्थान में कार्यरत पत्रकार और गैर-पत्रकार  अत्यंत दयनीय स्थिति मैं हैं. विगत 14 महीने से तनख्वाह उन्हें नहीं दी गयी है. हर महीना सैलरी नहीं मिल रही. पत्रकारों का मनमाने तरीके से तबादला किया जा रहा है. वित्तीय संकट की स्थिति में स्थानान्तरण का बोझ पत्रकार सहन नहीं कर पा रहे हैं. उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गयी है. UNI में   उर्दू के जानेमाने पत्रकार अलमगीर साहब की 8-9 जून को हुई मौत इसका जीता जागता उदाहरण है.

एसपी की पोस्टिंग के लिए 15 लाख देने वाले आईपीएस अधिकारी की जांच हो

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने मलाईदार तैनाती की चाहत रखने वाले एक आईपीएस अफसर को ठगों द्वारा 15 लाख रुपये का चूना लगाने पर पैसा वापस कराने के लिए हजरतगंज पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जांच कराये जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि एक समाचारपत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार कुछ महीने पहले इस अफसर की मुलाकात एक कद्दावर नेता के बंगले में एक बिचौलिए से हुई जिनसे उनकी मनचाहे जिले में तैनाती दिलवाने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा हुआ और अफसर ने 15 लाख रुपये एडवांस दे दिए.

सेबी का आदेश- पीएसीएल नामक कंपनी के पास कोई मान्यता नहीं, जनता पैसा न लगाए

सेबी ने अखबारों में विज्ञापन निकालकर आम जन को आगाह किया है कि वे पी7न्यूज चैनल चलाने वाली कंपनी / समूह ‘पीएसीएल’ नामक कंपनी में एक भी पैसा न लगाएं क्योंकि इस कंपनी के पास किसी तरह का कोई लाइसेंस या मान्यता नहीं है. सेबी का कहना है कि जो कोई भी इस कंपनी में पैसा लगाएगा या लगाए हुए है, वह खुद जिम्मेदार होगा और इसका जोखिम वह खुद झेलेगा. जनहित में जारी विज्ञापन की कटिंग इस प्रकार है…

Secular राजदीप सरदेसाई को Communal मनोहर पर्रिकर पर प्यार आ गया!

Dilip C Mandal : सेकुलर और कम्युनल में क्या रखा है? राजदीप सरदेसाई कट्टर Secular गौड़ सारस्वत ब्राह्मण (GSB) हैं और मनोहर पर्रिकर कट्टर Communal गौड़ सारस्वत ब्राह्मण (GSB). और फिर प्राइड यानी गर्व का क्या है? हो जाता है. राजदीप को पर्रिकर और प्रभु पर गर्व हो जाता है. सारस्वत को सारस्वत पर गर्व हो जाता है. सेकुलर को कम्युनल पर दुलार आ जाता है. वैसे, अलग से लिखने की क्या जरूरत है कि दोनों टैलेंटेड हैं. वह तो स्वयंसिद्ध है. राजदीप भी कोई कम टैलेंटेड नहीं हैं.

कुमार विश्वास के खिलाफ झूठ का ज़हर उगलते अमर उजाला के पत्रकार!

Dr Kumar Vishwas Passport Issue Wrongly reported by Amar Ujala

पत्रकारिता की गिरती साख के कई भागीदार हैं। लेकिन इस पेशे से जुड़े कई ऐसे लोग हैं, जो पत्रकारिता की अर्थी को कन्धा देने के लिए बहुत जल्दी में नज़र आते हैं। पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ ने खबर छापी, कि कवि और आप नेता डा कुमार विश्वास का पासपोर्ट किसी विवाद के कारण गाज़ियाबाद स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जमा करवा लिया गया है। अगले ही दिन पासपोर्ट अधिकारी श्री यादव के हवाले से निर्देश आया, कि पूरा मामला साफ़ है। इसलिए पासपोर्ट वापस निर्गत कर दिया जाएगा। दिनांक 14 नवम्बर को डा कुमार विश्वास को पासपोर्ट निर्गत कर दिया गया।

हिंदुस्तान अखबार ने प्रेस काउंसिल से कहा- आजम खान ने वाकई ‘डंडे की भाषा’ वाला बयान दिया था

30 जनवरी 2013 को यूपी के वरिष्ठ मंत्री आज़म खां द्वारा समाजवादी पार्टी मुख्यालय में कथित रूप से सरकारी अफसरों द्वारा डंडे की भाषा समझने और उन पर चाबुक चलाने की बात कही गयी जो अगले दिन विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई, लेकिन उसके अगले दिन उन्होंने आधिकारिक बयान दे कर इससे इनकार किया और इसे भ्रामक और उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया. मीडिया की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला होने के कारण सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ नूतन ठाकुर ने प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया से इस आज़म के दोनों बयानों की सच्चाई की जांच की मांग की थी.

चिटफंड घोटाले में फंसे पत्रकार कुणाल घोष की फोटो लेते वक्त मीडिया कर्मियों पर लाठी चार्ज

शारदा चिटफंड घोटाले में फंसे सांसद कुणाल घोष की फोटो ले रहे मीडिया पर कोलकाता पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। पुलिस ने मीडिया कर्मियों पर उस समय पर लाठी चार्ज कर दिया जब वह कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के बाहर मीडियाकर्मियों पर लाठी चार्ज किया। दरअसल, पुलिस की ओऱ से अस्पताल में भर्ती कुणाल घोष की फोटो लेने से मना कर रही थी। सांसद कुणाल घोष ने गुरुवार को जेल में आत्महत्या का प्रयास किया था। सांसद घोष सारधा चिटफंड घोटाले के आरोपी हैं और आत्महत्या के समय वह जेल में थे।

रणबीर कपूर ने मीडिया वालों को गालियां दी, पर्स और कैमरा छीना

रणबीर कपूर प्रेमिका कैटरीना कैफ के साथ नए मकान में शिफ्ट हुए हैं. उनके बारे में जानकारी पाने के लिए मीडिया बेचैन है. रणबीर कपूर का जब सामना पत्रकारों से हुआ तो रणबीर ने गालियां दी और कैमरे-पर्स छीन लिए. गौरतलब है कि पिछले दिनों जब एक टीवी चैनल का पत्रकार रणबीर कपूर को अपने कैमरे में कैद करने के लिए उनके नए घर के सामने जा पहुंचा, तो रणबीर का कुछ दूसरा ही रूप उनके सामने आया. दरअसल यहां पत्रकार रणबीर कपूर की एक झलक अपने कैमरे में उतारने के लिए घंटों से खड़े थे. वहीं उल्टा उन्हें अपने कैमरे को रणबीर कपूर की ही गिरफ्त में देना पड़ गया.

इंटरव्यू सिर्फ बहाना था, लोकसभा में पहले से काम कर रहे धीरज सिंह की नियुक्ति तय थी

अमर उजाला और स्टार न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके व कई वर्षों से मुंबई में रहकर अर्थकाम डाट काम का संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंह 10 से 13 अक्टूबर तक दिल्ली में थे. वे लोकसभा टीवी के लिए निकली वैकेंसी के लिए इंटरव्यू देने आए थे. इस पद के लिए कई जेनुइन जर्नलिस्टों ने इंटरव्यू दिया लेकिन यह पद पहले से फिक्स था. अनिल सिंह ने इंटरव्यू के अनुभव और सवाल जवाब को अपने फेसबुक वॉल पर डाला है. वे लिखते हैं-

मोदी सरकार ने जनता के हिस्से के 6000 करोड़ रुपये हड़प लिए!

Anil Singh : बेशर्मी की हद है…. इस सरकार ने एक झटके में लूट लिए 6000 करोड़ रुपये… महंगाई खत्म करने के वादे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार को इतनी भी शर्म नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय वजहों से सस्ते हुए पेट्रोल व डीजल का पूरा लाभ अवाम तक पहुंचने दे। मौका ताड़कर उसने अनब्रांडेड पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 1.20 से बढ़ाकर 2.70 रुपए, ब्रांडेड पेट्रोल पर 2.35 से बढ़ाकर 3.85 रुपए, अनब्रांडेड डीजल पर 1.46 रुपए से बढ़ाकर 2.96 रुपए और ब्रांडेड डीजल पर 3.75 से बढ़ाकर 5.25 रुपए कर दिया। इससे उसे अभी से लेकर मार्च 2015 तक के साढ़े चार महीनों में ही 6000 करोड़ रुपए मिल जाएंगे।

हिंदी अखबार के उप संपादक छोकरे और अंग्रेजी अखबार की कन्या का लव जिहाद!

साल 1988 की बात है। मैं तब जनसत्ता में मुख्य उप संपादक था और उसी साल संपादक प्रभाष जोशी ने जनसत्ता के राज्यों में प्रसार को देखते हुए एक अलग डेस्क बनाई। इस डेस्क में यूपी, एमपी, बिहार और राजस्थान की खबरों का चयन और वहां जनसत्ता के मानकों के अनुरूप जिला संवाददाता रखे जाने का प्रभार मुझे सौंपा। तब तक चूंकि बिहार से झारखंड और यूपी से उत्तराखंड अलग नहीं हुआ था इसलिए यह डेस्क अपने आप में सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा जिम्मेदारी को स्वीकार करने वाली डेस्क बनी। अब इसके साथियों का चयन बड़ा मुश्किल काम था। प्रभाष जी ने कहा कि साथियों का चयन तुम्हें ही करना है और उनकी संख्या का भी।

श्रवण गर्ग और नई दुनिया संबंधी मेरी अपील पर एक साथी इतनी तीखी प्रतिक्रिया देंगे, यह कल्पना न की थी : अवधेश कुमार

: यह पत्रकारिता के व्यापक हित के लिए लिखा गया : मेरी एक सार्थक और सकारात्मक अपील पर, जिसकी आम पत्रकारों ने और स्वयं जागरण एवं नई दुनिया के पत्रकारों ने स्वागत किया, हमारे एक साथी के अंदर इतनी तीखी प्रतिक्रिया पैदा हो जाएगी (जो भड़ास पर प्रकाशित है), यह मेरे कल्पना से परे था। लेकिन उनको अपनी प्रतिक्रिया देने की आजादी है। जीवंत समाज में इस तरह बहस होनी भी चाहिए।  पर यहां निजी स्तर की कोई बात न थीं, न है। यह पत्रकारिता के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिखा गया है। इसमें तो सभी खासकर हिन्दी और भाषायी पत्रकारों को प्रसन्न होना चाहिए था।

टीओआई पर एएमयू द्वारा प्रतिबंध लगाने की संपादकों ने की निंदा

NEW DELHI: Senior editors and two respected organizations of the print industry — the Editors Guild of India and Indian Newspaper Society — have slammed the Aligarh Muslim University’s move to ban TOI on campus, describing it as “intolerant and undemocratic”. They have also called for an immediate review of the ban.

पंजाब केसरी की पत्रकार के इशारे पर होती है शराब की ‘तस्करी’

गिद्दड़बाहा : शायद यह पढ़ कर पाठकों को हैरानी होगी के गिद्दड़बाहा से पंजाब केसरी की विवादित पत्रकार संध्या जिंदल के इशारे पर अवैध शराब की तस्करी होती है लेकिन पूरा समाचार पढ़कर पाठक सारी असलियत जान जाएंगे। जी हां यह वहीं संध्या है जिस पर झूठी शिकायत देकर लोगों को कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग सहित कई केस चल रहे हैं। गिद्दड़बाहा पुलिस ने संध्या के ड्राइवर गुरप्रीत सिंह गोरी के घर से गत दिवस 25 पेटी अवैध शराब बरामद की है। जबकि उसका एक साथी जगसीर सिंह सीरा भागने में कामयाब हो गया।

माखनलाल में मेरी पांच साल की पढ़ाई और आज की विज्ञापनी पत्रकारिता

सम्पादकीय पर विज्ञापन इस कदर हावी है कि लगता ही नहीं कहीं पत्रकारिता हो रही है। ये दौर ऐसा है कि हर कुछ को चाटुकारिता की चाशनी में बार-बार डुबाया जाता है और इसे ही सच्चा बताकर पेश किया जाता है। पत्रकार बनने का सपना लिए हमने 5 साल माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल में गुजारे। काफी गुर भी सीखे। पत्रकारिता की बारीकियों को हमारे गुरुओं ने हमें दम भर सिखाया। इंटर्नशिप ट्रेनिंग के लिए हमें दिल्ली आजतक भी भेजा। लेकिन पढ़ा था कि विज्ञापन और सम्पादकीय दो अलग चीजें होती हैं। लेकिन जब सच्चाई का सामना हुआ तो दिल के टुकड़े हजार भी हुए। हर समय विज्ञापन हावी रहा सम्पादकीय पर।

सुरेंद्र कोली को फांसी पर चढ़ाए जाने की जल्दी वाजिब नहीं

निठारी कांड हमारे समाज का एक बहुआयामीय संकट है। अगर वह मात्रा सुरेंद्र कोली नाम के एक आदमी का अपराध है तो सवाल है कोई आदमी क्यों कर इस हद तक गिर सकता है कि आदमी ही को मारकर खाने लगे। ऐसे उदाहरण तो हैं कि आदमी ने आदमी को खाया, पर ये उदाहरण सामान्यतः भूख से जुड़े हैं। इस संदर्भ में भी जो किस्सा सबसे ज्यादा चर्चित है वह है लातिन अमेरिकी देश उरुगुए की एयर फोर्स की फ्लाट नंबर 571 का एंडीज पर्वत श्रृंखला में 13 अक्टूबर 1972 को दुर्घटनाग्रस्त होना। इसमें कुल 45 यात्री सवार थे। इन में से आधे से ज्यादा तत्काल मारे गए तथा कई और बाद में ठंड आदि से मर गए। पर 72 दिन बाद भी 16 यात्री बचा लिए गए। यह मिरेकल आफ एंडीज यानी एंडीज का चमत्कार कहलाता है। सवाल उठा कि लगभग 11 हजार फिट की ऊंचाई पर जहां खाने को घास तक नहीं थी ये कैसे बचे। जांच करने पर पता चला कि इन बचे लोगों ने अपने मरे हुए साथियों को खाकर अपना जीवन बचाया था। 

सीबी सिंह, नौशाद अली, कौशल, विशाल के बारे में सूचनाएं

वरिष्ठ पत्रकार सीबी सिंह के बारे में खबर है कि वे देशबंधु अखबार से जुड़ गए हैं. देशबंधु अखबार इन दिनों पूरे देश में अपना विस्तार करने में जुटा है और कई प्रदेशों में ब्यूरो आफिस खोल रहा है. यूपी में रतिभान त्रिपाठी को जिम्मा दिया गया तो अब चंडीगढ़ में सीबी सिंह को ब्यूरो चीफ बनाया गया है. सीबी सिंह इंडियन एक्सप्रेस / जनसत्ता अखबार में स्पेशल करेस्पांडेंट के रूप में काम कर चुके हैं.

भारत के न्यूज चैनल पैसा कमाने और दलगत निष्ठा दिखाने के चक्कर में सही-गलत का पैमाना भूल चुके हैं : अजय कुमार

: इलेक्ट्रानिक न्यूज चैनलों का ‘शोर’ : टेलीविजन रेटिंग प्वांइट(टीआरपी) बढ़ाने की चाहत में निजी इलेक्ट्रानिक न्यूज चैनल अपनी साख खोते जा रहे हैं। समाचार सुनने के लिये जब आम आदमी इन चैंनलों का बटन दबा है तो उसे यह अहसास होने में देरी नहीं लगती कि यह चैनल समाचार प्रेषण की बजाये ध्वनि प्रदूषण यंत्र और विज्ञापन बटोरने का माध्यम बन कर रह गये हैं। इन चैनलों पर समाचार या फिर बहस के नाम पर जो कुछ दिखाया सुनाया जाता है, उससे तो यही लगता है कि यह चैनल न्यूज से अधिक  सनसनी फैलाने में विश्वास रखते हैं।

भास्कर न्यूज : दो महीने की सेलरी की जगह ये 5000 रुपये लो और काम चलाओ

: भास्कर न्यूज में मैनेजमेंट और कर्मचारियों में सेलरी के लिए जंग : सही कहते हैं लोग की मीडिया कभी किसी का सगा नहीं होता। इस लाईन में आप कंपनी के प्रति भरोसा दिखाते है लेकिन जब कंपनी ही भरोसा तोड़ दें और वो भी उन कर्मचारियों के लिए  जो अपना काम पुरी लगन और ईमानदारी से करते हो। ऐसा ही कुछ भास्कर न्यूज में हुआ। हाल ही में भास्कर न्यूज नामक एक चैनल आया जिसने अपने आप को दैनिक भास्कर का सहयोगी बताया लेकिन अब धीर-धीरे सारे राज खुलने लगे। भास्कर न्यूज ना ही दैनिक भास्कर का हिस्सा है और ना ही अब इस चैनल के पास पैसा है कि वो अपने कर्मचारियों को सेलरी दे सकें।

हिन्दी दैनिक जन माध्यम के मुख्य सम्पादक और पूर्व आईपीएस मंजूर अहमद का फर्जीवाड़ा

: जन माध्यम के तीन संस्करण चलाते हैं मंजूर अहमद : दूसरे की जमीन को अपने गुर्गे के जरिए बेचा, खुद बने गवाह : ताला तोड़कर अपने पुत्र के मकान पर भी कराया कब्जा, पुलिस नहीं कर रही मुकदमा दर्ज : लखनऊ, पटना व मेरठ से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक समाचार पत्र जन माध्यम मुख्य सम्पादक, 1967 बैच के सेवानिवृत्त आई0पी0एस0 अधिकारी एवं लखनऊ के पूर्व मेयर एवं विधायक प्रत्याशी प्रो0 मंजूर अहमद पर अपने गुर्गे के जरिए दूसरे की जमीन को बेचने व खुद गवाह बनने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। प्रो0 मंजूर अहमद के इस फर्जीवाड़े का खुलासा खुद उनके पुत्र जमाल अहमद ने किया।

व्यापारी नेता ने पत्रकार पर हमला किया

शाहजहांपुर : बीती रात में पत्रकार जितेन्द्र कुमार पर व्यापारी नेता सचिन बाथम ने अपने साथियों के साथ घर जाते समय जानलेवा हमला कर दिया। जितेन्द्र ने सदर बाजार थाने में व्यापारी नेता सचिन बाथम और सुरेन्द्र सेठ के साथ सात आठ अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जितेन्द्र सिंह ने बताया कि रात आफिस बंद करने के बाद जब वह अपने कमरे पर जा रहे थे तो निशात टाकीज के पास देखा कि व्यापारी नेता सचिन बाथम और सुरेन्द्र सेठ के साथ सात आठ लोग जगेन्द्र सिंह के वांटेड के होर्डिंग लगा रहे थे। 

‘पत्रकार पर ईनाम घोषित’ के होर्डिंग लगाने वालों पर एफआईआर

: भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकार, सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट : शाहजहांपुर में पत्रकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी लिखे होर्डिंग्स लगाए जाने से नाराज पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और भूख हड़ताल पर बैठ गए। डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को देकर होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भूख हड़ताल सिटी मजिस्ट्रेट ने पत्रकार को जूस पिलाकर हड़ताल समाप्त कराई।

दैनिक भास्कर के नागपुर कार्यालय पर हमले के खिलाफ प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा

मुंबई : दैनिक भास्कर के नागपुर कार्यालय पर हुए हमले के विरोध में मंत्रालय व विधानमंडल पत्रकार संघ ने राज्य के मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव ने पत्रकारों के प्रतिनिधिमडल को आश्वासन दिया है कि मीडिया पर इस तरह हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।  संघ के अध्यक्ष प्रविण पुरव के नेतृत्व में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

जी न्यूज मेरी इज्जत के साथ खेल रहा है : जिंदल

जी न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सांसद व जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी से मुलाकात की। करीब 20 मिनट की मुलाकात में जिंदल ने बस्सी को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रति भी सौंपी, जिसमें दिल्ली पुलिस को जांच आगे बढ़ाने को कहा गया है। जिंदल का आरोप है कि कोल ब्लाक आवंटन घोटाला मामले में जी न्यूज ने जानबूझकर लगातार उनके खिलाफ गलत खबरे प्रसारित कर उनकी छवि खराब की।

महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हमला रोकने के लिए मसौदा तैयार

मुंबई : राज्य में पत्रकारों व मीडिया कार्यालयों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को नागपुर में एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र के कार्यालय पर हमला हुआ। इस पूरे मामले को राज्य के मुख्य सचिव ने गंभीरता से लिया है। गुरुवार को उन्होंनें पत्रकारों के एक शिष्टमंडल को आश्वासन दिया कि पत्रकारों पर हमला विरोधी कानून का मसौदा जल्द ही मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। राज्य में पिछले 10 महीने में 7 समाचार पत्र कार्यालयों पर हमले हो चुके हैं। इस दरमियान करीब 52 पत्रकारों पर हमले हुए। पिछले सप्ताह ही नवी मुंबई क्षेत्र में एक महिला पत्रकार पर जानलेवा हमला किया गया।

विश्व मीडिया के 90 प्रतिशत भाग पर 6 यहूदी कंपनियो का नियंत्रण

पिछले दिनों ‘विश्व मीडिया पर नियंत्रण किसका’ ‘शीर्षक नामक एक सर्वेक्षण सामने आया था। जो दुनिया भर में मीडिया पर प्रत्यक्ष नियंत्रण करने वाली कंपनियों और उनके मालिकों के संबंध में जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट में पेश किए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व मीडिया के 90 प्रतिशत भाग पर इस समय यहूदीयो का नियंत्रण हैं जो समाचार एजेंसी, समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के मालेकाना अधिकार यहूदियों के पास है और यह संस्था दुनिया भर को सामग्री प्रदान कराती हैं।

पंजाब में ब्लैकमेलिंग में एक गिरफ्तार, यूपी में दरोगा ने की पत्रकार से अभद्रता

पंजाब के रायकोट (भल्ला) से खबर है कि पत्रकारिता की आड़ में तहसील दफ्तर के कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने वाले फर्जी पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. थाना सिटी रायकोट के इंचार्ज जगजीत सिंह ने बताया कि उनको एस.डी.एम. रायकोट मैडम संयम अग्रवाल का फोन आया था कि एक व्यक्ति जो खुद को पत्रकार बता रहा है और तहसील दफ्तर में रजिस्ट्री क्लर्क करमेल सिंह को ब्लैकमेल करके उससे रुपयों की मांग कर रहा है. पुलिस तहसील दफ्तर पहुंची तो तहसील के कर्मचारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति अश्विनी भल्ला वासी धुरी अपने एक अन्य साथी के साथ तहसील में आया और खुद को पत्रकार बताते हुए रजिस्ट्री क्लर्क को ब्लैकमेल करते हुए रुपयों की मांग करने लगा परंतु जब तहसील दफ्तर के कर्मचारियों ने आशंका पडऩे पर जांच की तो पता लगा कि वह एक फर्जी पत्रकार है जिस पर उन्होंने इसकी सूचना एस.डी.एम. को दी.  पुलिस द्वारा उक्त आरोपी को पकड़ कर थाने लाया गया और रजिस्ट्री क्लर्क करमेल सिंह के बयानों के आधार पर उक्त व्यक्ति अश्विनी भल्ला और उसके साथी कुलदीप सिंह वासी धुरी जो मौके से फरार होने में सफल हो गया, के विरुद्ध थाना सिटी रायकोट में मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी गई. 

गदर पार्टी के संस्थापक शहीद करतार सिंह सराभा की 99वीं पुण्यतिथि 16 नवम्बर पर

१८५७ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद में ब्रिटिश सरकार ने सत्ता पर सीधा नियंत्रण कर एक ओर उत्पीड़न तो दूसरी ओर भारत में औपनिवेशिक व्यवस्था का निर्माण शुरू किया। क्योंकि खुद ब्रिटेन में लोकतांत्रिक व्यवस्था थी, इसलिए म्युनिसपैलिटी आदि संस्थाओं का निर्माण भी किया गया, लेकिन भारत का आर्थिक दोहन अधिक से अधिक हो, इसलिए यहां के देशी उद्योगों को नष्ट करके यहां से कच्चा माल इंग्लैंड भेजा जाना शुरू किया गया। साथ ही पूरे देश में रेलवे का जाल बिछाया जाना शुरू हुआ। ब्रिटिश सरकार ने भारत के सामंतों को अपना सहयोगी बना कर किसानों का भयानक उत्पीड़न शुरू किया। नतीजतन उन्नीसवीं सदी के अंत तक आते-आते देश के अनेक भागों में छिटपुट विद्रोह होने लगे। महाराष्ट्र और बंगाल तो इसके केंद्र बने ही, पंजाब में भी किसानों की दशा पूरी तरह खराब होने लगी। परिणामतः बीसवीं सदी के आरंभ में ही पंजाब के किसान कनाडा, अमेरिका की ओर मज़दूरी की तलाश में देश से बाहर जाने लगे। मध्यवर्गीय छात्र भी शिक्षा-प्राप्ति हेतु इंग्लैंड, अमेरिका वे यूरोप के देशों में जाने लगे थे।

सांसद ने पत्रकारों की कीमत लगाई मात्र दो-दो सौ रुपये!

पहले नेता भ्रष्ट हुए. फिर नेताओं ने भ्रष्ट अफसरों को करीब रखकर उन्हें प्रमोट करना और उनके जरिए कमाना शुरू किया. इसके बाद भ्रष्ट नेता और भ्रष्ट अफसर ने मीडिया को भ्रष्ट कर अपने भ्रष्टाचार की पोल को खुलने से रोका, साथ ही भ्रष्टाचार के गठजोड़ को बड़ा किया. ये साबित तथ्य हैं. इसीलिए कहा जाता है कि मीडिया कोई अलग थलग भ्रष्ट नहीं है बल्कि इसे दो भ्रष्ट स्तंभों ने भ्रष्ट करने में अहम भूमिका निभाई है. देश में जब तक राजनीति अच्छी नहीं होगी, राजनीति नहीं सुधरेगी तब तक मीडिया का सुधरना मुश्किल है. इसी का ताजा उदाहरण है एक नेता द्वारा मीडिया वालों को रिश्वत देने का.

मुलायम अपनी आलोचना को कितना सहज लेते हैं, आप इस वाकये से तय कर लें

Chandan Srivastava : मुलायम सिंह यादव ने आईएफडब्लूजे द्वारा आयोजित एक सेमीनार में बोलते हुए कहा कि ”मीडिया ने उनके खिलाफ खबरें छापी पर उन्होंने इसे अपनी सहज आलोचना के रूप में ही लिया.” अब एक वाक्या सुनिये, 2007 के विधानसभा चुनावों का प्रचार चरम पर था. इसी दौरान मुलायम सिंह की एक सभा फैजाबाद के क्षत्रिय बोर्डिंग में आयोजित हुई. मुलायम सिंह की मंच के सामने बनी डी और सभा में मौजूद लोगों के बीच तैयार की गई एक गैलरी में तमाम चैनलों के मीडियाकर्मी मुलायम के भाषण को कवर कर रहे थे. यह वो समय था जब अमिताभ बच्चन द्वारा किए गए विज्ञापन ‘यूपी में है दम, जुर्म यहां है कम’ की जमकर आलोचना हो रही थी. उत्तर प्रदेश अपराधों से कराह रहा था और सरकार जुर्म के कम होने का दावा कर रही थी.

अवधेश कुमार जी, खुद के घर जब शीशे के हों तो दूसरों पर पत्थर नहीं मारते

अवधेश कुमार जी आजकल एक दुविधा में पड़े हैं। प्रतिष्ठत अखबार दैनिक जागरण से संबद्ध नई दुनिया को लेकर। उनकी परेशानी यह है कि जागरण में छपे संपादकीय लेख नई दुनिया में भी छापे जा रहे हैं। पर इसमें कोई गलती इसलिए नहीं कही जा सकती है क्योंकि दोनों ग्रुप एक ही हैं। इसलिए आपस में खबरों आलेखों का आदान प्रदान कर सकते हैं। जैसे आजतक न्यूज चैनल अपने रीजनल चैनल दिल्ली आजतक पर कई बार वही स्टोरी चलाता है जो पहले आजतक पर चल चुकी होती हैं।

जागरण प्रबंधन से अपील, श्रवण गर्ग के बाद नई दुनिया के संपदाकीय पृष्ठ को भी मुक्ति दिलाये

Awadhesh Kumar : आजकल मैं यह देखकर आश्चर्य में पड़ रहा हूं कि आखिर नई दुनिया में जागरण के छपे लेख क्यों छप रहे हैं। जागरण इस समय देश का सबसे बड़ा अखबार है। उसका अपना राष्ट्रीय संस्करण भी है। जागरण प्रबंधन ने नई दुनिया को जबसे अपने हाथों में लिया उसका भी एक राष्ट्रीय संस्करण निकाला जो रणनीति की दृष्टि से अच्छा निर्णय था। पर उस अखबार को जागरण से अलग दिखना चाहिए।

दैनिक भास्कर को औकात दिखाने वाले सीनियर रिपोर्टर रजनीश रोहिल्ला को आप भी सलाम करिए

रजनीश रोहिल्ला


9950954588. ये मोबाइल नंबर रजनीश रोहिल्ला का है. अजमेर में हैं. यहीं से प्रकाशित दैनिक भास्कर अखबार में सीनियर रिपोर्टर हैं. इन्होंने भास्कर प्रबंधन की आंख में आंख डालकर कहा- ”मजीठिया दो”. न मिलना था सो न मिला. उल्टे ट्रांसफर और प्रताड़ना का दौर शुरू. तब फिर रजनीश रोहिल्ला ने भास्कर प्रबंधन की आंख में आंख डालकर कहा- ”तुझे तेरी औकात दिखाउंगा”. ठान लिया तो पूरी कायनात रजनीश रोहिल्ला के लक्ष्य को पाने-दिलाने में जुट गई.

बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाया अरुण पुरी अब ‘पत्रकारीय वेश्यावृत्ति’ पर उतर आया है…

Yashwant Singh : फेसबुक पर लिखने वालों, ब्लाग लिखने वालों, भड़ास जैसा पोर्टल चलाने वालों को अक्सर पत्रकारिता और तमीज की दुहाई देने वाले बड़े-बड़े लेकिन परम चिरकुट पत्रकार इस मुद्दे पर पक्का कुछ न बोलेंगे क्योंकि मामला कथित बड़े मीडिया समूह इंडिया टुडे से जुड़ा है. बुढ़ापे में पैसे के लिए पगलाए अरुण पुरी क्या यह बता सकेगा कि वह इस फर्जी सर्वे के लिए बीजेपी या किसी अन्य दल या कार्पोरेट से कितने रुपये हासिल किए हैं… इंडिया टुडे वाले तो सर्वे कराने वाली साइट के पेजेज को खुलेआम अपने एफबी और ट्विटर पेजों पर शेयर कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि मामला सच है और इंडिया टुडे वालों ने केजरीवाल को हराने के लिए किसी बड़े धनपशु से अच्छे खासे पैसे हासिल किए हैं.

इंडिया टुडे वालों के फर्जी सर्वे की खुली पोल, केजरीवाल ने पूछा- क्या यही है पत्रकारिता?

इंडिया टुडे समूह के फर्जी सर्वे और घटिया पत्रकारिता से अरविंद केजरीवाल नाराज हैं. अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्टवीट करके लोगों से पूछा है कि क्या इसे ही पत्रकारिता कहते हैं? साथ ही केजरीवाल ने एक वीडियो लिंक दिया है जिसमें इंडिया टुडे के फर्जी सर्वे की असलियत बताई गई है. अरविंद केजरीवाल के पेज पर शेयर किए गए लिंक से यू-ट्यूब पेज पर जाने पर एक वीडियो मिलता है. इस वीडियो में दिखाया गया है ‌कि देश का नामी इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा न्यूजफिल्क्स डाट काम नामक एक वेबसाइट के जरिए एक सर्वे कराया रहा है जिसमें लोगों से पूछा गया है कि वह केजरीवाल को कितना नापसंद करते हैं और ये कि क्या आप केजरीवाल को दोबारा मौका देंगे?

दो परम चिटफंडियों सुब्रत राय और कुणाल घोष के दिन और मुश्किल हुए

: कुणाल घोष ने आत्महत्या की कोशिश की तो सुब्रत रॉय के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ : कोलकाता से खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद एवं सारदा घोटाला मामले में आरोपी कुणाल घोष ने शुक्रवार को प्रेसीडेन्सी सुधार गृह (जेल) में नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. घटना के बाद जेल अधीक्षक, डॉक्टर और ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया और पूरे प्रकरण की जांच के लिए गृह सचिव बासुदेव बनर्जी के नेतृत्व में समिति गठित की गयी है. साथ ही घोष के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पश्चिम बंगाल के सुधारगृह सेवा मंत्री एच ए सफवी ने कहा कि घोष ने दावा किया था कि उन्होंने नींद की गोलियों खा ली है. उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद से वह जेल में हैं.

देहरादून में आज तक और आईबीएन7 के रिपोर्टरों दिलीप सिंह राठौर व संजीव शर्मा पर मुकदमा दर्ज

देहरादून से एक बड़ी खबर आ रही है. दो न्यूज चैनलों के स्थानीय रिपोर्टरों पर मुकदमा दर्ज हो गया है. ये दो हैं आजतक के रिपोर्टर दिलीप राठौर और आईबीएन7 के रिपोर्टर संजीव शर्मा. आरोप है कि आज तक के रिपोर्टर ने बीते दिनों मीडिया सेंटर में एक-दूसरे व्यक्ति के साथ मार-पीट व गाली-गलोच कर दी थी.  बीच-बचाव करने आये दूसरे पत्रकारों को भी नहीं बख्शा. इस कारण कई लोग दिलीप से नाराज हो गए. पीड़ित विरेंदर सिंह द्वारा दी गई शिकायत पर धारा चौकी में पुलिस ने आजतक और आईबीएन7 के रिपोर्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.  

चार कैटगरी में पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 16 दिसम्बर

: दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारों से आवेदन मांगे : विजेता पत्रकारों को किया जाएगा पुरस्कृत : पुरस्कार में मिलेगी नकद धनराशि, स्मृति चिह्न, शॉल व प्रशस्ति पत्र भी : गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस आगामी 24 दिसम्बर को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जयंती पर दसवें पत्रकार प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह का आयोजन करेगा। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारों की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। विजेता पत्रकारों को नकद धनराशि, शॉल, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता चार श्रेणियों में होगी। ये हैं- प्रिन्ट, इलेक्ट्रोनिक व न्यूज पोर्टल मीडिया रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कार्टूनिस्ट और फीचर राइटर।

टीआरपी 45वां सप्ताह : जी न्यूज को सर्वाधिक फायदा, इंडिया न्यूज को सबसे ज्यादा नुकसान

45वें हफ्ते की टीआरपी में पोजीशन वाइज कोई बड़ा बदलाव तो नहीं दिखा है लेकिन टीआरपी बढ़ने गिरने को लेकर अगर बात करें तो सबसे ज्यादा फायदा जी न्यूज को हुआ है. पूरे 1.2 की बढ़त ली है. इंडिया न्यूज को सबसे ज्यादा गिरावट झेलनी पड़ी है. 1.7 की लुढ़कने के बावजूद इंडिया न्यूज अब भी न्यूज नेशन से आगे बना हुआ है.

राष्ट्रीय मीडिया के घटिया रवैये से खफा एएमयू की छात्र-छात्राएं सड़क पर उतरीं

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडैंटस यूनियन और वीमेन्स कालिज स्टूडैंटस यूनियन मौलाना आजाद लाइब्रेरी में छात्राओं के अध्ययन के मुद्दे पर राष्ट्रीय मीडिया के द्वारा विश्वविद्यालय के विरूद्ध चलाई जा रही नकारात्मक मुहिम की कठोर शब्दों में निंदा की । उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि मीडिया ने गलत तरीके से देश के एक एतिहासिक तथा विकासुन्मुख विश्वविद्यालय के विरूद्ध तथ्यहीन और नाजायज वक्तव्य जारी किये तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी छवि को धूमिल करने का प्रयत्न किया। छात्रों ने कहा कि वह बताना चाहते हैं कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एक धर्मनिर्पेक्ष संस्था है जो वर्ग, जाति, धर्म, लिंग अथवा नस्ल के भेद-भाव के बिना हर व्यक्ति को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध करा रहा है।

पत्रकार रामिंद्र सिंह की मां का देहांत

अम्बाला : पंजाब केसरी के संवाददाता रमिन्द्र सिंह की माता रणजीत कौर का आज सुबह अचानक देहांत हो गया। लगभग 60 वर्षीय रणजीत कौर पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी और कुछ ही दिनों में पीजीआई चंडीगढ़ में उनका ऑप्रेशन होना था। आज प्रात: अचानक दिल का दौरा पडऩे से उनका निधन हो गया है। रणजीत कौर का अंतिम संस्कार रामबाग अम्बाला छावनी में किया गया। स्वास्थ्य व खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज, एसजीपीसी सदस्य हरपाल सिंह पाली, सुरेश त्रेहन, उमेश साहनी, ब्रहमजीत सिंह खालसा के अतिरिक्त विभिन्न समाचार पत्रों व इलैक्ट्रोनिक मीडिया के संवाददाता तथा समाजिक, धार्मिक और राजनैतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होकर रणजीत कौर के निधन पर शोक व्यक्त किया और रमिन्द्र सिंह सहित अन्य परिजनों को सांत्वना दी।